नरसिंहपुर जिले में गुरुवार को पोषण पखवाड़ा के अंतर्गत रेलवे अस्पताल और रेलवे स्टेशन परिसर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान रेलवे चिकित्सक डॉ. आरआर कुर्रे और उनकी टीम ने लोगों को संतुलित आहार, स्वास्थ्य देखभाल तथा पोषण के महत्व के प्रति जागरूक किया। कई स्थानों पर स्वास्थ्य शिविर लगाकर कुपोषित बच्चों की पहचान की गई। इन बच्चों को पोषण आहार और आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई गईं। इसके अतिरिक्त, गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाकर उन्हें उचित आहार और देखभाल संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। डॉ. कुर्रे ने बताया कि शरीर के लिए कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा, विटामिन, खनिज और जल जैसे पोषक तत्व अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्बोहाइड्रेट ऊर्जा प्रदान करता है, प्रोटीन शरीर के निर्माण में सहायक होता है, वसा ऊर्जा का स्रोत है, जबकि विटामिन और खनिज रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करते हैं। पोषण पखवाड़ा का मुख्य विषय जीवन के पहले छह वर्षों में बच्चों के मस्तिष्क विकास को अधिकतम करना था। अभियान के तहत इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि शुरुआती 1000 दिन बच्चे के मस्तिष्क, शारीरिक विकास और संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। वैज्ञानिक तथ्यों के अनुसार, मानव मस्तिष्क का लगभग 85 प्रतिशत विकास पहले छह वर्षों में ही पूरा हो जाता है। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से भी विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। डॉ. कुर्रे ने इस अवसर पर कहा कि ऐसे अभियान सभी के सहयोग से ही सफल हो सकते हैं। उन्होंने टीम वर्क के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि लोगों को जागरूक करने से जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ रह सकेंगे, जिससे एक स्वस्थ समाज और देश का निर्माण संभव होगा।














































