Punjab Land Registry Bribe | Ex-Cricketer Claims 28 People Took Bribe; Social Media Account Suspende

पूर्व क्रिकेटर पुलकित ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए रिश्वत मांगे जाने का खुलासा किया। पंजाब में जमीनों के रजिस्ट्रेशन अब ऑनलाइन होते हैं। सरकार का दावा है कि रजिस्ट्री ऑनलाइन अपलोड की जाती है और वेरिफिकेशन के बाद खरीदार किसी सब रजिस्ट्रार दफ्तर में जाकर फोटो करवा सकता है। . सरकार के इस दावे की पोल पुलकित नाम के एक पूर्व क्रिकेटर ने खोली है। पुलकित ने अपने सोशल मीडिया एकाउंट (X) पर लिखा कि पंजाब में एक जमीन खरीदी और उसकी रजिस्ट्री करवाई। रजिस्ट्री करवाने के लिए तहसीलदार समेत 28 लोगों को रिश्वत देनी पड़ी। पोस्ट के आखिर में उसने शेमफुल लिखा। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि पंजाब में उन्होंने कहां और कब जमीन खरीदी। पुलकित शर्मा ने पोस्ट में सुखबीर बादल, हरसिमरत बादल, आम आदमी पार्टी (AAP) और सीएम भगवंत मान को टैग किया। अकाली दल के वरिष्ठ नेता सुखबीर बादल ने पुलकित शर्मा की पोस्ट को रीट्वीट भी किया और सरकार के दावों पर सवाल खड़े किए। पुलकित की इस पोस्ट को सोशल मीडिया पर बहुत से लोगों ने शेयर किया है। जब पोस्ट वायरल होने लगी तो 18 अप्रैल को पुलकित शर्मा का X अकाउंट सस्पेंड कर दिया गया। पुलकित ने जिस अकाउंट से पोस्ट की थी, वह ब्लूटिक अकाउंट था। हालांकि, अभी इस पर सरकार की ओर से कोई रिएक्शन नहीं दिया गया है। उधर, AAP के सोशल मीडिया जालंधर के इंचार्ज प्रिंस शर्मा ने X हैंडल पर लिखा- यह नैरेटिव ज़ोर-शोर से फैलाया जा रहा है, लेकिन तथ्य इसका समर्थन नहीं करते। क्रिकेटर पुलकित शर्मा ने अपना X (ट्विटर) अकाउंट खुद डिलीट किया था- इसे सरकार ने ‘सस्पेंड’ नहीं किया था। पुलकित के एकाउंट को सस्पेंड कर दिया गया है। उनकी यूजर आईडी सर्च करने पर अब यह दिखाई दे रहा है। वकील ने कहा चूक हुई तो फाइल अटक जाएगी पुलकित शर्मा ने पंजाब के सब रजिस्ट्रार दफ्तरों में चले नेक्सेस का पर्दाफाश किया है। उनका कहना है कि वकील ने रजिस्ट्री करवाने से पहले ही कह दिया था कि यहां अलग-अलग स्तर पर अलग-अलग रेट हैं। सभी को देना पड़ेगा। अगर न दें तो वे फाइल अटका देंगे और आपकी रजिस्ट्री लेट होती जाएगी। फिर उन्हें सभी के हिस्से की रिश्वत तय फीस के साथ देनी पड़ी। पुलकित शर्मा ने खुद को बताया फॉर्मर नेशनल क्रिकेटर पुलकित शर्मा का X पर @Pulkits77 के नाम से एकाउंट था। एकाउंट की प्रोफाइल में उन्होंने खुद को फॉर्मर नेशनल क्रिक्रेटर लिखा। इनलाइन हॉकी के स्टेट गोल्ड मेडलिस्ट के अलावा खुद को विदेशी यूनिवर्सिटी से पोस्टग्रेजुएट बताया था। इसके अलावा उन्होंने खुद को फिटनेस, आईआर एंड टेक एक्सपर्ट लिखा है। पुलकित शर्मा कहां से क्रिकेट खेलते रहे, इस बारे में उन्होंने कोई जानकारी नहीं दी है। पुलकित शर्मा ने अपने X एकाउंट पर क्रिकेट में जीते मेडल और सर्टिफिकेट का यह फोटो पोस्ट कर रखा था। पुलकित ने ये 2 बातें लिखीं… हर किसी का अपना तय रेट: पुलकित शर्मा ने X पर लिखा- मैंने हाल ही में पंजाब में एक जमीन की रजिस्ट्री पूरी की है। तहसीलदार और 28 अन्य लोगों को जो रिश्वत हमें देनी पड़ी, उसकी रकम बहुत ज्यादा थी। वकील ने कहा कि हर किसी का अपना तय रेट है। अगर एक भी कदम चूक जाएं, तो आपकी फाइल अटक जाएगी। कानूनी चीज के लिए भी रिश्वत देनी पड़ी: पुलकित ने लिखा- मैंने जो जमीन खरीदी, वह पूरी तरह व्हाइट (कानूनी और पारदर्शी) है। इतनी पारदर्शी चीज के लिए भी मुझे पंजाब प्रशासन के भ्रष्ट लोगों को रिश्वत देनी पड़ी। पंजाब में निवेश करना जैसे अपराध बन गया है। शर्मनाक… 17 अप्रैल को पुलकित ने सोशल मीडिया पर यह पोस्ट लिखा था। सुखबीर बादल ने रीट्वीट किया अकाली दल के नेता वरिष्ठ नेता और पूर्व डिप्टी CM सुखबीर बादल ने सोशल मीडिया पर पुलकित का पोस्ट रीट्वीट किया। इसके साथ उन्होंने लिखा- मुख्यमंत्री भगवंत मान और उनके भ्रष्ट सहयोगियों पर लानत है। राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी पुलकित शर्मा को भी पंजाब में एक साफ-सुथरी जमीन की रजिस्ट्री कराने के लिए तहसीलदार और 28 अन्य लोगों को रिश्वत देने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने लिखा- AAP के मंच पर किए जाने वाले ऑन-द-स्पॉट कार्रवाई के ड्रामे अब पूरी तरह बेनकाब हो चुके हैं। तय रेट, जानबूझकर देरी, फाइलों को जानबूझकर अटकाना, यही AAP का असली काम करने का तरीका है। यह गहराई तक फैली लूट निवेशकों को दूर भगा रही है और पंजाब के भविष्य को बर्बाद कर रही है। इसे तुरंत ठीक करें, वरना अपनी विफलता स्वीकार करें और इस्तीफा दें। सुखबीर बादल ने पुलकित के पोस्ट को रीट्वीट किया। पंजाब में रजिस्ट्री करवाने की यह प्रकिया पंजाब में जमीन खरीदने वाले को रेवेन्यू डिपार्टमेंट के पोर्टल पर पुरानी रजिस्ट्री, फर्द, बेचने वाले का आधार कार्ड, खरीदने वाले का आधार कार्ड, दो गवाहों के आधार कार्ड अपलोड करने होते हैं। इसके साथ एनआरसी भी अपलोड करनी होती है। दस्तावेज अपलोड होने के बाद सब-रजिस्ट्रार यानी तहसीलदार या नायब तहसीलदार के पास जाते हैं। वे दस्तावेजों की जांच करते हैं। अगर दस्तावेज सही पाए जाते हैं तो वह अप्रूवल दे देते हैं। उसके बाद रजिस्ट्री करवाने वाले को मैसेज जाता है। रजिस्ट्री करवाने वाला फिर अपॉइंटमेंट लेकर किसी भी सब-रजिस्ट्रार दफ्तर में जाकर फोटो करवाकर रजिस्ट्री करवा सकता है। अगर तहसीलदार या नायब तहसीलदार दस्तावेजों पर ऑब्जेक्शन लगाता है तो उस ऑब्जेक्शन को दूर कर पूरी प्रक्रिया दोबारा अपनानी पड़ती है। AAP बोली- खुद अकाउंट डिलीट किया AAP के सोशल मीडिया जालंधर के इंचार्ज प्रिंस शर्मा ने X हैंडल पर लिखा- यह नैरेटिव ज़ोर-शोर से फैलाया जा रहा है, लेकिन तथ्य इसका समर्थन नहीं करते। क्रिकेटर पुलकित शर्मा ने अपना X (ट्विटर) अकाउंट खुद डिलीट किया था- इसे सरकार ने ‘सस्पेंड’ नहीं किया था। अगर उनके आरोपों में कोई सच्चाई होती, तो वह पोस्ट करने के बाद गायब होने के बजाय सबूत पेश करते। बिना सबूत के भ्रष्टाचार के आरोप लगाना आसान है, लेकिन उन पर कायम रहना ही असली बात होती है। बिना किसी आधार के ऐसे आरोप लगाना केवल अनावश्यक डर और भ्रम पैदा करता है। भगवंत मान और AAP सरकार को निशाना बनाने से पहले ज़मीनी हकीकत देखना ज़रूरी है- भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई
Indore Bail Not Cancelled | Social Media Post No Proof

इंदौर3 घंटे पहले कॉपी लिंक शादी का झांसा देकर दुष्कर्म के आरोप में दर्ज प्रकरण में आरोपी दीपक विश्नोई की अग्रिम जमानत निरस्त करने की मांग को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि आरोपी द्वारा व्हाट्सएप स्टेटस लगाने मात्र से पीड़िता या साक्ष्य प्रभावित होने का कोई ठोस आधार प्रस्तुत नहीं किया गया। दरअसल 25 वर्षीय पीड़िता ने जून 2025 में थाना बाणगंगा में देवास निवासी दीपक विश्नोई के खिलाफ वर्ष 2020 से 2024 के बीच शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने की एफआईआर दर्ज कराई थी। आरोपी की ओर से एडवोकेट मनीष यादव और पं. करण बैरागी ने हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर कर तर्क दिया था कि दोनों पक्षों के बीच पैसों का लेन-देन विवाद है और इसी कारण पांच वर्ष पुराने घटनाक्रम को आधार बनाकर झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। बचाव पक्ष ने कोर्ट के समक्ष दोनों के विवाह से संबंधित फोटो भी प्रस्तुत किए थे। तर्कों से सहमत होकर कोर्ट ने पिछले साल में आरोपी को अग्रिम जमानत का लाभ दिया था। इसके बाद पीड़िता ने जमानत निरस्ती के लिए आवेदन प्रस्तुत कर आरोप लगाया कि जमानत मिलने के बाद आरोपी ने व्हाट्सएप स्टेटस पर द्विअर्थी शायरी पोस्ट कर उसे प्रभावित करने का प्रयास किया है, इसलिए जमानत निरस्त की जाए। इस पर आरोपी पक्ष के एडवोकेट ने जवाब में कहा कि संबंधित स्टेटस आरोपी के निजी मोबाइल पर लगाया गया था, जिसमें पीड़िता का नाम तक उल्लेखित नहीं है। मात्र किसी के द्वारा अपने मोबाइल पर स्टेटस लगाने से यह सिद्ध नहीं होता कि वह पीड़िता को प्रभावित करने का प्रयास है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जस्टिस सुबोध अभ्यंकर ने जमानत निरस्ती आवेदन खारिज करते हुए आदेश में उल्लेख किया कि आरोपी द्वारा स्टेटस लगाए जाने से पीड़िता या साक्ष्य किस प्रकार प्रभावित हो सकते हैं, यह स्पष्ट नहीं किया गया। साथ ही कहा कि पीड़िता आरोपी का स्टेटस देखने के लिए बाध्य नहीं है। इन परिस्थितियों में जमानत निरस्त करने का कोई आधार नहीं बनता। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Successful People Comparison Anxiety; Social Media Self Worth

Hindi News Lifestyle Successful People Comparison Anxiety; Social Media Self Worth | Working Professional Stress 4 घंटे पहले कॉपी लिंक सवाल- मैं 26 साल की वर्किंग प्रोफेशनल हूं। मेरी प्रॉब्लम ये है कि मैं हर वक्त अपनी तुलना सक्सेसफुल लोगों से करती रहती हूं। फिर चाहे वो सेलिब्रिटीज हों या मेरे आसपास के लोग। मैं हर सफल व्यक्ति के पैरलल खुद को रखकर उससे कंपैरिजन करने लगती हूं। कई बार मैं देर रात तक उन्हें सोशल मीडिया पर स्टॉक करती रहती हूं, उनके वेकेशन के फोटोज देखती रहती हूं। सोचती हूं कि सब कितने खुश, कितने सक्सेसफुल हैं और मेरा जीवन कितना बोरिंग है। इससे मेरी सेल्फ वर्थ भी कम हो रही है। मैं क्या करूं? एक्सपर्ट- डॉ. द्रोण शर्मा, कंसल्टेंट साइकेट्रिस्ट, आयरलैंड, यूके। यूके, आयरिश और जिब्राल्टर मेडिकल काउंसिल के मेंबर। जवाब- आप जो महसूस कर रही हैं, वह बहुत रियल और कॉमन है, खासतौर पर आज के सोशल मीडिया दौर में। अच्छी बात यह है कि ये कोई स्थायी समस्या नहीं है। यह एक समझने और बदलने योग्य पैटर्न है। मैं साइकोलॉजी के कुछ टूल्स और फ्रेमवर्क्स की मदद से आपको एक प्रैक्टिकल रोडमैप देने की कोशिश करूंगा। आपकी स्थिति की क्लिनिकल अंडरस्टैंडिंग सबसे पहले हम आपकी सिचुएशन को मनोविज्ञान के नजरिए से समझने की कोशिश करेंगे। आप ट्रिगर महसूस करती हैं। फिर आप सोशल मीडिया स्क्रॉल करती हैं। वहां आप दूसरों की ‘सक्सेस’ और उनकी ‘हैप्पी लाइफ’ देखती हैं। ये देखकर मन में ऑटोमैटिक ये ख्याल आते हैं- “सब मुझसे आगे हैं।” “मैं कुछ खास नहीं कर रही।” “मेरा जीवन बिल्कुल बोरिंग है।” साइकोलॉजिकल एनालिसिस: ऐसा क्यों हो रहा है? मनोविज्ञान में एक कॉन्सेप्ट है, सोशल कंपैरिजन थ्योरी। यह थ्योरी कहती है कि हम खुद को समझने के लिए दूसरों से तुलना करते हैं। लेकिन समस्या तब होती है, जब यह तुलना “अपवर्ड कंपैरिजन” बन जाती है। यानी हम हमेशा सिर्फ हमसे बेहतर, अमीर, सुंदर या सफल लोगों से ही तुलना करते हैं। अपवर्ड कंपैरिजन का प्रभाव अपवर्ड कंपैरिजन के कुछ ऐसे साइकोलॉजिकल प्रभाव हो सकते हैं- खुद को कमतर महसूस करना। यह सोचना कि “मैं पीछे रह गई।” हमेशा असंतुष्ट रहना। सोशल मीडिया की झूठी दुनिया सोशल मीडिया पर आप कुछ लोगों की जो जिंदगी देख रही हैं, वो उनकी पूरी लाइफ नहीं है। वो सिर्फ उतनी ही है, जो वो आपको दिखाना चाहते हैं। इसलिए हमें ये बात याद रखनी चाहिए- लोग सोशल मीडिया पर सच पोस्ट नहीं करते। लोग सोशल मीडिया पर अपना बेस्ट पोस्ट करते हैं। ज्यादा सोशल मीडिया यूज के नुकसान सोशल मीडिया का बहुत ज्यादा इस्तेमाल इसलिए खतरनाक है क्योंकि मेंटल, इमोशनल और हेल्थ संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। इससे सिर्फ सेल्फ वर्थ ही कम नहीं होती बल्कि नींद, भूख जैसे बेसिक हेल्थ पैरामीटर्स पर भी इसका नेगेटिव प्रभाव पड़ता है। डिटेल नीचे ग्राफिक में देखें- डोपामिन लूप और स्टॉकिंग बिहेवियर सोशल मीडिया पर बार-बार किसी की फोटो, वीडियो और लाइफ अपडेट को देखते हुए हम एक तरह के डोपामिन लूप में फंसते जाते हैं। यह एक तरह का बिहेवियरल लूप बन जाता है- सोशल मीडिया पर फोटो देखना। फोटो से और जिज्ञासा होना। प्रोफाइल को आगे स्क्रॉल करना। और ज्यादा फोटो-वीडियो देखना। फिर अपनी लाइफ से तुलना करना। तुलना से दुख महसूस होना। फिर अपने लिए वैलिडेशन ढूंढना। इसके लिए और ज्यादा स्क्रॉल करना। एक बिहेवियरल लूप में फंसते जाना। सेल्फ वर्थ: सेल्फ एसेसमेंट टेस्ट यहां मैं आपको एक सेल्फ एसेसमेंट टेस्ट दे रहा हूं। नीचे ग्राफिक्स में कुल 9 सवाल हैं। आपको इन सवालों को ध्यान से पढ़ना है और 0 से 3 के स्केल पर इसे रेट करना है। जैसेकि पहले सवाल के लिए आपका जवाब अगर ‘बिल्कुल नहीं’ है तो 0 नंबर दें और अगर आपका जवाब ‘बहुत ज्यादा’ है तो 3 नंबर दें। अंत में अपने टोटल स्कोर की एनालिसिस करें। नंबर के हिसाब से उसका इंटरप्रिटेशन भी ग्राफिक में दिया है। अगर आपका टोटल स्कोर 0 से 8 के बीच में है तो ये सामान्य हल्का प्रभाव है। लेकिन अगर आपका स्कोर 19 से 27 के बीच है तो कंपैरिजन स्केल पर आपका स्कोर बहुत ज्यादा है। आप बहुत ज्यादा तुलना करती हैं और आपकी सेल्फ वर्थ कम है। ऐसे में आपको एक्टिव कदम उठाने की जरूरत है। 2. संभावित डायग्नोस्टिक फॉर्मुलेशन यह कोई स्पष्ट मानसिक बीमारी नहीं है। यह सिर्फ लो सेल्फ एस्टीम और गलत कंपैरिजन पैटर्न में फंसने का मामला है। हालांकि अगर यह पैटर्न ज्यादा बढ़ जाए और एडिक्टिव स्टेज तक पहुंच जाए तो ये जोखिम हो सकते हैं- एडजस्टमेंट डिफिकल्टीज माइल्ड डिप्रेसिव सिंपटम्स CBT आधारित सेल्फ हेल्प प्लान यहां मैं आपको कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी पर आधारित एक सेल्फ हेल्प प्लान दे रहा हूं। स्टेप 1 अवेयरनेस सबसे पहली और जरूरी चीज है सजग होना। जब भी मन में तुलना की भावना आए तो उसे अटेंशन दें। इस बात को नोट करें। जैसेकि आपने इंस्टाग्राम देखा और आपके मन में ख्याल आया कि ‘सब खुश हैं और मैं ही दुखी हूं’ तो इस बात को नोट करें। नोटिस करना ही बदलाव की दिशा में पहला कदम है। स्टेप 2 अपनी सोच को चुनौती देना अपने मन में आने वाले नकारात्मक ख्यालों को चुनौती दें। नेगेटिव ख्याल– “सब खुश हैं, मैं ही दुखी और अकेली हूं।” पॉजिटिव रीफ्रेमिंग– “लोग सिर्फ अपनी खुशी ही शेयर करते हैं, अपने स्ट्रगल शेयर नहीं करते।” नेगेटिव ख्याल– “सब आगे निकल रहे हैं। मैं ही पीछे रह गई हूं।” पॉजिटिव रीफ्रेमिंग– “हर सक्सेस की अपनी अलग टाइमलाइन होती है।” स्टेप 3 व्यवहार में बदलाव 1. सोशल मीडिया से जुड़े नए नियम अपने लिए सोशल मीडिया रूल बनाएं। दिन में सिर्फ दो बार सोशल मीडिया देखेंगी। हर बार सिर्फ 20 मिनट देखेंगी। रात 9 बजे के बाद सोशल मीडिया से दूर रहेंगी। 2. सोशल मीडिया का पैसिव नहीं, एक्टिव उपयोग आप सोशल मीडिया को सिर्फ दूसरों की जिंदगी देखने के लिए यूज नहीं करेंगी। यह पैसिव यूज है। आप उसका एक्टिव यूज करेंगी। सिर्फ देखने की बजाय खुद अर्थपूर्ण बातचीत या जानकारी डालेंगी। 3. कंपैरिजन डिटॉक्स एक्सरसाइज जब भी मन में दूसरों से तुलना का ख्याल आए तो खुद से पूछें- “क्या मैं पूरी कहानी देख पा रही हूं?” क्या मैं अपनी पूरी जिंदगी की तुलना किसी के
Now the Trump family will bet on betting, Donald Trump, Taj Mahal casino, Truth Predict, Trump Media Group’s New Platform

Hindi News International Now The Trump Family Will Bet On Betting, Donald Trump, Taj Mahal Casino, Truth Predict, Trump Media Group’s New Platform वॉशिंगटन30 मिनट पहले कॉपी लिंक अप्रैल 1990 में डोनाल्ड ट्रम्प ने ‘ताजमहल’ कैसिनो खोला था। हालांकि अब ट्रम्प परिवार सट्टे से कमाई का नया रास्ता प्रेडिक्शन मार्केट में देख रहा है। वॉशिंगटन में इन दिनों ‘प्रेडिक्शन मार्केट’ (भविष्यवाणी बाजार) को लेकर सियासी और कानूनी पारा चढ़ा हुआ है। विवाद की जड़ में है ट्रम्प मीडिया ग्रुप का नया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ प्रेडिक्ट’ और डोनाल्ड ट्रम्प जूनियर का ‘काल्शी’ व ‘पॉलीमार्केट’ जैसी दिग्गज कंपनियों से जुड़ना। इन डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर लोग चुनाव से लेकर खेल तक, भविष्य की घटनाओं पर पैसा लगाते हैं। आलोचकों का मानना है कि सरकारी रेगुलेशन वाले इस सेक्टर में राजनीतिक परिवार की मौजूदगी पारदर्शिता पर बड़े सवाल खड़े करती है। पारंपरिक कैसिनो बनाम डिजिटल मार्केट के इस बढ़ते बाजार ने पुराने खिलाड़ियों की नींद उड़ा दी है। दिलचस्प बात यह है कि अप्रैल 1990 में डोनाल्ड ट्रम्प ने ‘ताजमहल’ कैसिनो खोला था, जिसे उन्होंने ‘दुनिया का आठवां अजूबा’ करार दिया था। तीन दशक बाद ट्रम्प परिवार कैसिनो कारोबार से बाहर है और अब खेल सट्टे से कमाई का नया रास्ता प्रेडिक्शन मार्केट में देख रहा है। कैसिनो और स्पोर्ट्सबुक ऑपरेटरों का आरोप है कि ये प्रेडिक्शन कंपनियां बिना लाइसेंस के ‘ऑनलाइन सट्टेबाजी’ चला रही हैं। विवाद तब और गहरा गया जब कमोडिटी फ्यूचर ट्रेडिंग कमीशन (सीएफटीसी) ने इन प्लेटफॉर्म्स को राज्यों के कड़े जुआ कानूनों से छूट देने की दिशा में कदम बढ़ाए। इससे नेवादा और न्यूजर्सी जैसे राज्यों में कानूनी जंग छिड़ गई है, जहां स्पोर्ट्स बेटिंग पर सख्त पाबंदियां हैं। ‘आर्टेमिस एनालिटिक्स’ के मुताबिक, दुनियाभर में इन प्लेटफॉर्म्स पर हर हफ्ते लगभग 41,000 करोड़ रुपए से ज्यादा का दांव लग रहा है। इस साल फरवरी में ‘सुपर बाउल’ के दिन जहां ‘काल्शी’ ने 1 अरब डॉलर की ट्रेडिंग का दावा किया, वहीं नेवादा के पारंपरिक कैसिनो में सट्टेबाजी 10 साल के निचले स्तर पर पहुंच गई। साफ है कि डिजिटल बाजार अब पारंपरिक गेमिंग उद्योग को निगल रहा है। विवादों के बीच ट्रम्प जूनियर के प्रवक्ता ने सफाई दी है कि वे न तो खुद ट्रेडिंग करते हैं और न ही सरकार में किसी कंपनी की पैरवी। वहीं, व्हाइट हाउस ने भी स्पष्ट किया है कि प्रशासन के सभी फैसले केवल जनहित को ध्यान में रखकर लिए जाते हैं। फिलहाल, यह मामला अदालतों और रेगुलेटरी फाइलों के बीच उलझा हुआ है। इनसाइडर ट्रेडिंग पर लगेगी लगाम, इस साल 6 बिल पेश हुए इस बीच अमेरिकी कांग्रेस में सख्ती के संकेत हैं। इस साल कम से कम छह बिल पेश हुए हैं, जिनमें इनसाइडर ट्रेडिंग पर रोक, चुनावी बाजारों पर नियंत्रण और सीएफटीसी की शक्तियां बढ़ाने जैसे प्रावधान शामिल हैं। एक द्विदलीय प्रस्ताव में स्पोर्ट्स, युद्ध, आतंकवाद और हत्या से जुड़े दांव पर प्रतिबंध की मांग की गई है। कुल मिलाकर, प्रेडिक्शन मार्केट का तेजी से बढ़ता दायरा अब नियमन, पारदर्शिता और राजनीतिक हितों के टकराव के बड़े सवाल खड़े कर रहा है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Political Ads on Social Media Need Certificate

Hindi News National Election Commission Strict: Political Ads On Social Media Need Certificate नई दिल्लीकुछ ही क्षण पहले कॉपी लिंक चुनाव आयोग (ECI) ने आगामी विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। अब सोशल मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफॉर्म पर किसी भी पॉलिटिकल एड से पहले मीडिया सर्टिफिकेशन एंड मॉनिटरिंग कमेटी (MCMC) से परमिशन लेना जरूरी होगा। यह निर्देश पांच राज्यों असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में होने वाले चुनावों और छह राज्यों के उपचुनावों के लिए लागू होगा। आयोग के मुताबिक बिना प्रमाणन के कोई भी राजनीतिक विज्ञापन टीवी, रेडियो, सार्वजनिक स्थानों पर ऑडियो-वीडियो डिस्प्ले, ई-पेपर, बल्क SMS/वॉयस मैसेज, इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जारी नहीं किया जा सकेगा। पेड न्यूज और सोशल मीडिया पर निगरानी चुनाव आयोग ने MCMC को पेड न्यूज के मामलों पर कड़ी निगरानी रखने और आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उम्मीदवारों को अपने नामांकन पत्र में अपने सभी आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट की जानकारी देना भी अनिवार्य होगा। खर्च का पूरा हिसाब देना होगा जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 77(1) और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत, राजनीतिक दलों को चुनाव खत्म होने के 75 दिनों के भीतर पूरा खर्च विवरण देना होगा। इसमें इंटरनेट और सोशल मीडिया पर विज्ञापन, कंटेंट तैयार करने और अकाउंट संचालन से जुड़े सभी खर्च शामिल होंगे। फेक न्यूज, भ्रामक जानकारी और दुष्प्रचार पर नियंत्रण के लिए 19 मार्च को आयोग ने सभी चुनावी राज्यों के अधिकारियों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के प्रतिनिधियों के साथ बैठक भी की। फोटो AI जनरेटेड। 5 राज्यों में अप्रैल में चुनाव अप्रैल में असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव होने हैं। बंगाल में दो फेज 23 और 29 अप्रैल को वोटिंग होगी। तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में सिंगल फेज में चुनाव होंगे। तमिलनाडु में 23 अप्रैल, केरल, असम और पुडुचेरी में 9 अप्रैल को मतदान होगा। पांचों राज्यों का रिजल्ट 4 मई को आएगा। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने 15 मार्च को इसका ऐलान किया था। पांच राज्यों-केंद्र शासित प्रदेश में 17.4 करोड़ मतदाता हैं। यहां 824 सीटों पर चुनाव होने हैं। 2021 में इन सभी पांच राज्यों के चुनाव का ऐलान 26 फरवरी को किया गया था। पिछली बार बंगाल में 8 चरणों में चुनाव हुए थे। ——————————————— ये खबर भी पढ़ें… ममता का ऐलान- SC-ST महिलाओं को हर महीने ₹1700 देंगे, बाकी को ₹1500 मिलेंगे, TMC घोषणापत्र में पक्के घर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रमुख ममता बनर्जी ने विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी का घोषणा पत्र जारी किया। ममता ने लक्ष्मी भंडार योजना के तहत महिलाओं को हर महीने मिलने वाली सहायता राशि 500-500 रुपए बढ़ाने का वादा किया है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Neemuch BJP Appoints New Media & IT Team

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नीमच जिला इकाई ने गुरुवार शाम को अपनी नई टीम का ऐलान कर दिया है। जिलाध्यक्ष वंदना खंडेलवाल ने संगठन के कामकाज में तेजी लाने के लिए मीडिया, आईटी और सोशल मीडिया विभागों में नई नियुक्तियां की हैं। . पार्टी ने संचार और डिजिटल मोर्चे को मजबूत करने के लिए अनुभवी कार्यकर्ताओं को कमान सौंपी है- मीडिया विभाग मनोज महेश्वरी को जिला मीडिया प्रभारी बनाया गया है, जबकि शुभम शर्मा सह प्रभारी की जिम्मेदारी संभालेंगे। आईटी सेल विकास नामदेव को जिला आईटी सेल का प्रभारी नियुक्त किया गया है। उनके साथ निशांत अंब और केतन खंडेलवाल सह प्रभारी होंगे। सोशल मीडिया आदित्य लसोड को जिला प्रभारी बनाया गया है, वहीं अमन दीवान और नितिन श्रीमाल को सह प्रभारी बनाया गया है। बड़े नेताओं की सहमति से हुआ चयन ये नियुक्तियां प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, संभाग प्रभारी सुरेश आर्य और जिला प्रभारी सुभाष पटेल के मार्गदर्शन में की गई हैं। पार्टी का मकसद सरकार की योजनाओं और अपनी विचारधारा को डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए हर घर तक पहुंचाना है। नई सूची जारी होते ही कार्यकर्ताओं ने पदाधिकारियों को बधाई देना शुरू कर दिया है। भाजपा नेताओं को भरोसा है कि इस नई और ऊर्जावान टीम से जिले में पार्टी का प्रचार-प्रसार और ज्यादा मजबूत होगा।
Rahul Gandhi: Films, Media Used for Propaganda

इडुक्की3 घंटे पहले कॉपी लिंक राहुल गांधी ने शुक्रवार को केरल के इडुक्की में एक कॉलेज में छात्रों से बात की। कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि फिल्म केरल स्टोरी-2: गोज बियॉन्ड को ज्यादा लोग नहीं देख रहे हैं और यह अच्छी खबर है। उन्होंने कहा कि फिल्मों, टीवी और मीडिया का इस्तेमाल तेजी से प्रोपेगैंडा के रूप में किया जा रहा है। केरल में इडुक्की के कुट्टिकनम स्थित मैरियन कॉलेज में शुक्रवार को छात्रों से बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने यह टिप्पणी की। एक छात्र ने फिल्मों के प्रोपेगैंडा के रूप में इस्तेमाल किए जाने पर सवाल पूछा था। इस पर गांधी ने कहा- अच्छी खबर यह है कि केरल स्टोरी खोखली लगती है और लोग इसे देखने नहीं जा रहे हैं। इससे यह भी पता चलता है कि बहुत से लोग केरल और उसकी परंपराओं व संस्कृति को ठीक से नहीं समझ पाए हैं। उन्होंने कहा कि आज फिल्मों, टेलीविजन और मीडिया को तेजी से नफरत फैलाने का हथियार बनाया जा रहा है। इनका इस्तेमाल लोगों को बदनाम करने, उन्हें खत्म करने और समाज में फूट डालने के लिए किया जाता है, ताकि कुछ लोगों को फायदा हो और दूसरों को नुकसान हो। मैरियन कॉलेज की छात्रा ने राहुल से फिल्मों से जुड़ा सवाल किया। राहुल की छात्रों से संवाद की 5 बड़ी बातें… यूनिवर्सिटी में RSS के लोग- देश की शिक्षा व्यवस्था पर एक खास विचारधारा का दबाव बढ़ रहा है। अगर आप यूनिवर्सिटी के वाइस-चांसलर देखें तो उनमें से कई की नियुक्ति इसलिए हुई है क्योंकि वे आरएसएस या किसी खास विचारधारा से जुड़े हैं। शिक्षा को किसी एक सोच तक सीमित नहीं होना चाहिए। AI और डेटा पर चिंता जताई- भारत अभी अमेरिका और चीन के स्तर तक नहीं पहुंचा है। यदि भारत AI के क्षेत्र में मजबूत बनना चाहता है, तो उसे अपने डेटा पर नियंत्रण रखना होगा। अमेरिका को वैश्विक डेटा तक व्यापक पहुंच है, जबकि चीन अपना डेटा खुद नियंत्रित करता है, जिससे AI में उसकी स्थिति मजबूत होती है। जंग का दुनिया पर असर- ऊपर से देखने पर वेस्ट एशिया में चल रहा तनाव अमेरिका और इजराइल बनाम ईरान का संघर्ष लगता है, लेकिन बड़े जियोपॉलिटिकल खिलाड़ी अमेरिका, चीन और रूस हैं। मिडिल ईस्ट वैश्विक ऊर्जा उत्पादन का केंद्र है और वहां होने वाले संघर्षों का असर पूरी दुनिया पर पड़ता है। शतरंज और मार्शल आर्ट पसंद- मैं ज्यादा फिल्में नहीं देखता। मुझे शतरंज खेलना और मार्शल आर्ट करना पसंद है। फिट रहने के लिए तैरता हूं, दौड़ता हूं और एक्सरसाइज करता हूं। राहुल ने कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल और डीन कुरियाकोस के साथ केरल के पारंपरिक मार्शल आर्ट कलारीपयट्टू के कुछ स्टेप्स भी आजमाए। केरल को समझने के लिए समय चाहिए- मैंने पांच साल तक केरल के वायनाड का प्रतिनिधित्व किया, लेकिन इसके बावजूद राज्य को पूरी तरह से समझने की प्रक्रिया में हूं। वायनाड में आया भूस्खलन बड़ी त्रासदी थी। इसके बावजूद लोगों ने एक-दूसरे की मदद की, जो केरल के समाज की ताकत को दिखाता है। —————————————- ये खबर भी पढ़ें… राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि केस रद्द, कर्नाटक चुनाव में 40% कमीशन वाले विज्ञापन का मामला कर्नाटक हाईकोर्ट ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि केस को रद्द कर दिया। यह मामला 2023 के विधानसभा चुनाव से पहले ‘40% कमीशन’ वाले कांग्रेस के विज्ञापनों को लेकर भाजपा नेता की शिकायत पर दर्ज हुआ था। ‘करप्शन रेट कार्ड’ वाले इस विज्ञापन को राहुल गांधी ने भी सोशल मीडिया पर शेयर किया था। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Ayesha Khan Sexual Comments & Rape Threats On Social Media

12 घंटे पहले कॉपी लिंक एक्ट्रेस आयशा खान ने हाल ही में बताया कि सोशल मीडिया पर अक्सर उन्हें बॉडी को लेकर सेक्शुअल कमेंट्स मिलते हैं और लगभग हर दिन उन्हें रेप की धमकियां भी दी जाती हैं। मोजो स्टोरी की समिट में आयशा ने कहा कि हाल ही में उन्होंने फिल्म धुरंधर के गाने शरारत की शूटिंग से जुड़ा एक अनुभव शेयर किया था। उन्होंने बताया था कि उस गाने की शूटिंग उन्होंने पीरियड्स के दौरान की थी। इसके बाद सोशल मीडिया पर उन्हें काफी ट्रोल किया गया। आयशा ने कहा कि उन्हें लगा कि उनके पीरियड्स पर होना अचानक एक नेशनल जोक बन गया है। एक्ट्रेस ने कहा कि सोशल मीडिया पर लोग उनके कपड़ों को लेकर भी कमेंट करते हैं। उन्होंने कहा, “मैं इंस्टाग्राम पर लगभग हर दिन अपनी बॉडी को लेकर सेक्शुअल कमेंट्स का सामना करती हूं। अगर मैं नॉर्मल टॉप पहनती हूं तो लोगों को समस्या होती है। अगर मैं स्कर्ट पहनती हूं तो भी लोगों को दिक्कत होती है। मुझे कुछ पोस्ट करने से पहले भी सोचना पड़ता है।” उन्होंने कहा कि कई बार इस तरह की बातें उन्हें इमोशनली परेशान करती हैं। उनके मुताबिक अगर किसी को कपड़े पहनने या फोटो पोस्ट करने से पहले सोचना पड़े, सिर्फ इसलिए कि लोग उसे सेक्शुअल तरीके से देखेंगे, तो यह एक दुखद स्थिति है। आयशा खान फिल्म ‘धुरंधर’ के गाने ‘शरारत’ में नजर आईं, जिसके लिए उन्हें काफी सराहना मिली। गलत कमेंट्स से डर लगता है: आयशा आयशा ने कहा कि कुछ दिनों में वह इन बातों को नजरअंदाज कर देती हैं, लेकिन कई बार ऐसे कमेंट्स ज्यादा परेशान करते हैं, खासकर जब लोग हिंसा की बात करते हैं। उन्होंने कहा, “जब लोग लिखते हैं कि अगर उनके पास ताकत होती तो वह कुछ भी कर सकते थे, तो यह डराने वाला होता है। क्योंकि यह असली लोग हैं जो हमारे आसपास ही रहते हैं।” लगभग हर दिन रेप की धमकियां भी मिलती हैं: आयशा समिट के दौरान आयशा से पूछा गया कि क्या उन्हें ऑनलाइन रेप की धमकियां मिलती हैं? इस पर उन्होंने कहा, “हां, लगभग हर दिन। मैं अभी अपना फोन खोलकर दिखा सकती हूं। यह अब बहुत नॉर्मल हो गया है।” उन्होंने कहा कि इंटरव्यू और सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग के सवाल अक्सर उठते हैं, लेकिन इस पर ज्यादा कार्रवाई नहीं होती। उनके मुताबिक यह कोई नई समस्या नहीं है। यह काफी समय से चली आ रही है। आयशा ने यह भी कहा कि यह समस्या सिर्फ उनके साथ नहीं है। पब्लिक लाइफ में रहने वाली लगभग हर महिला को इस तरह की ट्रोलिंग और धमकियों का सामना करना पड़ता है। एक्ट्रेस ने बताया- उनके साथ रेप की कोशिश हुई आयशा ने अपने जीवन की एक निजी घटना का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उनके साथ एक बार रेप की कोशिश भी हो चुकी है। उन्होंने कहा, “मैंने पहले भी एक इंटरव्यू में इसके बारे में बात की है। मैं इस विषय पर ज्यादा नहीं जाना चाहती। कुछ दिन ऐसे होते हैं जब यह घटना फिर याद आ जाती है और मन को परेशान करती है।” आयशा खान एक्ट्रेस, मॉडल और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं, जिन्हें रियलिटी शो ‘बिग बॉस 17’ से पहचान मिली। आयशा ने कहा कि ऑनलाइन धमकियों के असल जिंदगी में सच हो जाने का डर भी उन्हें रहता है। उन्होंने कहा कि जब कोई महिला सफर कर रही होती है या किसी फिल्म के सेट पर काम कर रही होती है, तब भी उसे याद रहता है कि ऐसे कमेंट करने वाले लोग असल में आसपास ही मौजूद हो सकते हैं। आयशा ने एक घटना का भी जिक्र किया जो शूटिंग के दौरान हुई थी। उन्होंने बताया कि वह एक फिल्म की शूटिंग कर रही थीं और उस दिन उनके पिता भी सेट पर मौजूद थे। उसी समय उन्होंने इंस्टाग्राम खोला। वहां एक ऐसा मैसेज दिखा जो उन्हें लंबे समय से मिल रहा था। उसमें वॉइस नोट भी थे। बाद में उन्हें पता चला कि वह मैसेज सेट पर काम करने वाले एक स्पॉट बॉय का था। उन्होंने तुरंत अपने पिता और प्रोडक्शन टीम को इसकी जानकारी दी। इसके बाद उस व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की गई। आयशा ने कहा कि इस घटना से उन्हें यह एहसास हुआ कि ऑनलाइन ट्रोलिंग और धमकियां कभी-कभी असल जिंदगी के बहुत करीब भी हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति पब्लिक लाइफ में है और सोशल मीडिया अकाउंट पब्लिक है, तो वह हमेशा लोगों की नजर में रहता है। ऐसे में ट्रोलिंग और गलत कमेंट्स का खतरा भी बढ़ जाता है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Valsad Asaram Visit | Supporters Block Media, Cover Faces

वलसाड32 मिनट पहले कॉपी लिंक समर्थकों ने मीडियाकर्मियों को कैमरों को ढंकने की कोशिश की। दुष्कर्म के केस में आजीवन उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम मंगलवार को गुजरात के वलसाड पहुंचे। यहां वे अपने साधकों से घर-घर जाकर मुलाकत करने नजर आए। हालांकि, उनके समर्थकों ने मीडिया को इस कार्यक्रम को कवर करने से रोक दिया। कुछ लोगों ने मीडियाकर्मी का मोबाइल फोन छीनने की भी कोशिश की। हालांकि, समर्थकों ने मीडिया को कवरेज करने से क्यों रोका, इसका सही कारण पता नहीं चल पाया है। इस पूरी घटना को दिव्य भास्कर डिजिटल टीम ने कैमरे में कैद कर लिया। आसाराम ने सरदार हाइट्स बिल्डिंग, पालीहिल, प्रमुख पार्क, भाकगाडावाड़ा, रामजी मंदिर के पीछे, कोसंबा रणछोड़जी मंदिर इलाकों का दौरा कर साधकों से मुलाकात की।ॉ सरदार हाइट्स बिल्डिंग में साधकों से मुलाकात करते हुए आसाराम। समर्थकों ने मीडियाकर्मियों के कैमरों को रूमालों से ढंकने की कोशिश की। कुछ समर्थकों ने मीडियाकर्मियों को कार्यक्रम कवर करने से मना किया। कुछ समर्थकों ने कैमरे को अपनी कैप से ढंकने की भी कोशिश की। 6 महीने की जमानत मिली है रेप केस में सजा काट रहे आसाराम को राजस्थान हाईकोर्ट के बाद गुरुवार को गुजरात हाईकोर्ट से भी जमानत मिल गई। कोर्ट ने मेडिकल ग्राउंड पर 6 महीने के लिए जमानत देते हुए सजा स्थगित कर दी है। गुजरात हाईकोर्ट में आज सुनवाई के दौरान आसाराम उर्फ आशुमल (86) के वकील देवदत्त कामत ने कोर्ट को बताया- आसाराम 13 साल से जेल में बंद है। हिरासत प्रमाण-पत्र के अनुसार उसने छूट सहित कुल 12 साल, 11 महीने और 27 दिन की सजा काट ली है। जबकि वास्तविक हिरासत अवधि 11 साल, 6 महीने और 3 दिन की है। राजस्थान हाईकोर्ट के फैसले के आधार पर दी जमानत वकीलों के पक्ष सुनने के बाद गुजरात हाईकोर्ट ने राजस्थान हाईकोर्ट के फैसले के आधार पर आसाराम को 6 महीने की जमानत दी है। दोनों अदालतों ने उनकी गंभीर स्वास्थ्य स्थिति और उम्र को ध्यान में रखते हुए राहत प्रदान की है। आसाराम को पॉक्सो एक्ट के तहत विशेष न्यायालय, जोधपुर ने 25 अप्रैल 2018 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। उस पर नाबालिग से रेप और अन्य संगीन आरोप थे। करीब 12 साल की कैद के बाद पहली बार 7 जनवरी 2025 को उसे मेडिकल कारणों से अंतरिम जमानत मिली थी। आसाराम 2 मामलों में गुनहगार जोधपुर कोर्ट: आसाराम को जोधपुर पुलिस ने इंदौर के आश्रम से साल 2013 में गिरफ्तार किया था। इसके बाद से आसाराम जेल में बंद था। पांच साल तक लंबी सुनवाई के बाद 25 अप्रैल 2018 को कोर्ट ने आसाराम को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। गांधीनगर कोर्ट: आसाराम के खिलाफ गुजरात के गांधीनगर में आश्रम की एक महिला ने रेप का मामला दर्ज करवाया था। कोर्ट ने 31 जनवरी 2023 को इस मामले में आसाराम को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। ———————— आसाराम का सूरत में भव्य स्वागत:ढोल-नगाड़ों से वेलकम, हाथों में दीपक लिए हजारों लोग सड़कों पर खड़े थे दुष्कर्म के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम शुक्रवार को 13 साल बाद सूरत पहुंचा। यहां आश्रम में अनुयायियों ने उनका ढोल-नगाड़ों से भव्य स्वागत किया। आश्रम में लोग हाथों में दीपक लेकर दर्शन के लिए खड़े हुए थे। आसाराम को हाल ही में स्वास्थ्य कारणों से गुजरात हाईकोर्ट ने सशर्त जमानत दी है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Haryanvi singer Masoom Sharma Jind Show Controversy Brother Vikas Apologized Former Sarpanch Media Statement Masoom Comes And Apologizes Satelment

जींद के मुआना गांव में मासूम शर्मा के भाई विकास ने पूर्व सरपंच राजेंद्र शर्मा से माफी मांगी। हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा और पूर्व सरपंच राजेंद्र शर्मा के बीच हुआ विवाद शांत नहीं हुआ। शनिवार शाम जींद में मासूम शर्मा के बड़े भाई विकास ने पूर्व सरपंच से माफी मांगी और कहा कि मासूम शर्मा बाहर है। इसलिए उसकी जगह मैं आया हूं। इस विवाद को आगे नहीं बढ़ा . इस पर पूर्व सरपंच राजेंद्र शर्मा ने कहा कि मैं अकेला समझौता नहीं करूंगा। मासूम शर्मा को यहां आकर माफी मांगनी पड़ेगी। उस दिन वह स्टेज पर बटेऊ बना हुआ था। उसे नखरा कम करके आना पड़ेगा और पूरी पंचायत के सामने माफी मांगनी होगी। इससे पहले कोई पंचायत नहीं होगी। दैनिक भास्कर एप की टीम से बातचीत में पूर्व सरपंच राजेंद्र शर्मा ने बताया कि विकास ने अपने फोन से मासूम शर्मा से बात कराई। मासूम ने बाहर होने की बात कही। मैंने उसे कहा कि जिस तरह उस दिन स्टेज पर ये बातें बोली थीं, उसी तरह यहां आकर लाइव माफी मांगनी पड़ेगी। 18 फरवरी को जींद में कार्यक्रम के दौरान सरपंच को स्टेज से उतरने की कहते मासूम शर्मा। पहले पढ़िए मासूम शर्मा के भाई विकास ने क्या कहा… प्रोग्राम का स्टेज छोटा था: मासूम शर्मा के बड़े भाई विकास ने बताया कि प्रोग्राम का स्टेज काफी छोटा था। जब मासूम ने सिंगिंग शुरू की तो वहां काफी लोग आ गए। इस दौरान स्टेज पर खड़े पूर्व सरपंच राजेंद्र दिखाई नहीं दिए। इसके बाद मासूम ने सभी से स्टेज खाली करने की अपील की। मासूम की कोई ऐसी मंशा नहीं थी: विकास ने आगे कहा कि स्टेज के नीचे खड़े कुछ लोग जोर-जोर से हूटिंग कर रहे थे, इसी दौरान मासूम ने सरपंच जी को वहां से हटने के लिए कहा। इसी दौरान कुछ देर के लिए वहां विवाद हो गया, लेकिन मासूम की कोई ऐसी मंशा नहीं थी। विवाद को बढ़ाना नहीं चाहिए: उन्होंने कहा कि अगर मासूम की इस बात से किसी कोई ठेस पहुंची हो तो मैं उसका बड़ा भाई होने के नाते पूरे हरियाणा के सरपंचों से, सरपंच प्रतिनिधियों से और यहां बैठे सभी लोगों से माफी मांगता हूं। ये विवाद ज्यादा नहीं बढ़ना चाहिए। 18 फरवरी को कार्यक्रम के दौरान मासूम शर्मा और पूर्व सरपंच के समर्थकों में धक्का-मुक्की भी हुई थी। पूर्व सरपंच राजेंद्र शर्मा ने मामले में क्या कहा… मासूम के शब्द सरपंचों को चुभे: मुआना गांव के पूर्व सरपंच राजेंद्र शर्मा ने कहा कि शादी की एनिवर्सरी प्रोग्राम में विवाद हुआ। मासूम ने उस दौरान जो शब्द कहे, वो प्रदेश और देश के सरपंच प्रतिनिधियों को चुभे। इस मामले में कई भाइयों ने पंचायत कर मेरा साथ दिया। इस मामले में किसी की कोई गलती नहीं है। मैं अकेला समझौता नहीं कर सकता: राजेंद्र शर्मा ने कहा कि इस मामले में हमारा समझौता हो गया है, लेकिन मासूम के साथ समझौता उसके आने के बाद ही होगा। क्योंकि आज मैं अकेला समझौता नहीं कर सकता। आज जो सरपंच, मंत्री मेरे साथ खड़े रहे, आज अगर समझौता कर लिया तो वहीं इसे गलत ठहराएंगे। खुद आकर मासूम को माफी मांगनी पड़ेगी: उन्होंने कहा कि 25-26 फरवरी को मासूम आ जाएगा, इसके बाद साथ में बैठकर सार्वजनिक रूप से सारा मामला हल करेंगे। हम आगे के लिए कोई भी विवाद नहीं रखना चाहते, ये रिश्तेदारी का मामला है। इस मामले में जिसे भी ठेस पहुंची हो, उनके सामने मासूम माफी मांगेगा। जब तक मासूम नहीं आ जाता तो तब तक कोई पंचायत न करें। मैं सभी 36 बिरादरियों के सरपंचों, मंत्रियों के साथ हूं। यहां मैं अकेला समझौता नहीं करूंगा। मासूम के साथ फोन पर बात हुई: पूर्व सरपंच ने कहा कि मासूम शर्मा के साथ फोन पर बात हुई है। अब दिल से समझौता होगा। मासूम को सबके सामने माफी मांगनी पड़ेगी। मासूम के बयान से सब प्रतिनिधियों को ठेस पहुंची है। आमने-सामने हम दानों लाइव आएंगे। मासूम स्टेज पर बटेऊ की तरह नखरे कर रहा था। नखरा कम कर आना पड़ेगा। उसे अब साला बनकर आना पड़ेगा। पूर्व सरपंच राजेंद्र शर्मा ने विवाद के बाद कहा था कि मासूम जब तक माफी नहीं मांगेगा, तब तक समझौता नहीं होगा। 18 फरवरी को जींद में हुआ था विवाद विवाद 18 फरवरी को जींद में मासूम शर्मा के बहनोई धर्मवीर आर्य की 25वीं सालगिराह के दौरान हुए कार्यक्रम में हुआ। मासूम शर्मा स्टेज पर आए तो भीड़ देख भड़क गए। उन्होंने वहां खड़े पूर्व सरपंच राजेंद्र शर्मा को यहां तक कह दिया था कि मेरे गाने के प्रोग्राम के बीच में कोई सरपंच हो, कोई एमएलए हो, कोई मंत्री हो, मैं किसी ने कुछ नहीं मानता। आप चाहे सरपंच हो मेरा परफॉर्मेंस नीचे बैठकर देखो। मासूम शर्मा का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद विवाद बढ़ गया। पूर्व सरपंच ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मासूम शर्मा को पंच का चुनाव लड़ने की चुनौती दे डाली और कहा कि मासूम को पैसे देकर कहीं भी नचवा लो। अगर माफी नहीं मांगी तो महापंचायत बुलाई जाएगी। ———————————— ये खबर भी पढ़ें :- हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा की मुश्किलें बढ़ीं:दोस्त मुकेश जाजी ने गलती मानी, सरपंचों ने किया बहिष्कार हरियाणवी सिंगर मासूम का शर्मा जींद शो में पूर्व सरपंच राजेंद्र शर्मा के साथ हुआ विवाद लगातार तूल पकड़ता जा रहा। अब उनके करीबी दोस्त और हरियाणवी कलाकार मुकेश जाजी ने भी मासूम शर्मा की गलती मानी है। मुकेश जाजी ने इसका एक वीडियो भी जारी किया है। पढ़ें पूरी खबर…







