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Iran Football Team Shifts Base Camp to Mexico Amid Middle East Tensions

Iran Football Team Shifts Base Camp to Mexico Amid Middle East Tensions

Hindi News Sports Iran Football Team Shifts Base Camp To Mexico Amid Middle East Tensions फीनिक्स9 मिनट पहले कॉपी लिंक ईरान फुटबॉल टीम ने फरवरी में अमेरिका के एरिजोना में वर्ल्ड कप की तैयारियां करनी शुरू कर दी थी। ईरान ने अपना बेस कैंप अमेरिका से मैक्सिको में ट्रांसफर कर दिया है। ईरान फुटबॉल महासंघ के अध्यक्ष मेहदी ताज ने शनिवार को यह जानकारी दी। हालांकि, अभी तक फीफा ने इसकी पुष्टि नहीं की है। ईरान को एरिजोना के टक्सन में ट्रेनिंग शिविर लगाना था, लेकिन मिडिल-ईस्ट में युद्ध और सुरक्षा चिंताओं के कारण इसे कहीं और ट्रांसफर करने की चर्चा थी। टक्सन के कीनो स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के अधिकारियों ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की। ईरानी महासंघ का कहना है कि टीम अब सैन डिएगो के दक्षिण में स्थित मैक्सिको के तिजुआना में ठहरेगी। वर्ल्ड कप 11 जून से 19 जुलाई तक चलेगा। अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको इसकी मेजबानी कर रहे हैं। वर्ल्ड कप टीमों को बेस कैंप के लिए FIFA से मंजूरी लेनी होती है मेहदी ताज ने कहा, ‘वर्ल्ड कप में भाग लेने वाले सभी देशों को अपने बेस कैंप के लिए फीफा से मंजूरी लेनी होती है। सौभाग्य से फीफा और वर्ल्ड कप के अधिकारियों के साथ इस्तांबुल में हुई बैठकों के बाद हमारी टीम के बेस कैंप को अमेरिका से मैक्सिको में स्थानांतरित करने का हमारी मांग स्वीकार ली है।’ ईरान का पहला मेच न्यूजीलैंड से होगा ईरान वर्ल्ड कप में ग्रुप-जी का अपना पहला मैच 15 जून को कैलिफोर्निया के इंग्लेवुड में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेलेगा। इसके 6 दिन बाद वह इसी स्थान पर बेल्जियम से भिड़ेगा। टीम ग्रुप चरण के अपने अंतिम मैच में 26 जून को सिएटल में मिस्र का सामना करेगी। ईरानी टीम ने 7वीं बार फीफा वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई किया है। टीम अब तक सिर्फ 3 मैच जीत सकी है। पहले वर्ल्ड कप खेलने से इंकार किया था ईरान ने पहले अमेरिका की मेजबानी में कोई भी मैच खेलने से इनकार कर दिया था। वहां के खेल मंत्री अहमद दुन्यामाली ने कहा था कि फुटबॉल टीम 2026 फीफा वर्ल्ड कप में हिस्सा नहीं ले सकती। उनका कहना था कि अमेरिकी-इजराइली हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता की हत्या के बाद ऐसी परिस्थितियों में टूर्नामेंट में भाग लेना संभव नहीं है। बाद में फीफा के मनाने पर वह तैयार हो गया। पढ़ें पूरी खबर ——————————————————— स्पोर्ट्स से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… गुरिंदरवीर 100m में भारत के सबसे तेज धावक, 10.09 सेकेंड में रेस पूरी रांची के बिरसा मुंडा स्टेडियम में शनिवार को भारतीय एथलेटिक्स के लिए ऐतिहासिक दिन रहा। पंजाब के 25 साल स्प्रिंटर गुरिंदरवीर सिंह ने एथलेटिक्स फेडरेशन प्रतियोगिता में पुरुषों की 100 मीटर दौड़ को महज 10.09 सेकेंड में पूरा किया और नया नेशनल रिकॉर्ड बनाया। पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

अमेरिका का चीन से आ रहे ईरानी जहाज पर कब्जा:होर्मुज पार करने की कोशिश कर रहा था, ईरान बोला- जल्द जवाब देंगे

अमेरिका का चीन से आ रहे ईरानी जहाज पर कब्जा:होर्मुज पार करने की कोशिश कर रहा था, ईरान बोला- जल्द जवाब देंगे

अमेरिका ने ईरान के एक मालवाहक जहाज को अपने कब्जे में ले लिया है। राष्ट्रपति ट्रम्प के मुताबिक टॉस्का नामक यह जहाज होर्मुज स्ट्रेट को पार करने की कोशिश कर रहा था। इसे अमेरिकी डेस्ट्रॉयर USS स्प्रूअन्स ने रोका। ट्रम्प के मुताबिक, जहाज ने चेतावनियों को नजरअंदाज किया, जिसके बाद अमेरिकी मरीन ने उसे रोक लिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “इस वक्त जहाज हमारे कब्जे में है। हम पूरी तरह इसे कंट्रोल में लेकर देख रहे हैं कि इसके अंदर क्या है।” दूसरी तरफ, ईरान के हजरत खातम अल-अनबिया सैन्य मुख्यालय ने कहा कि अमेरिका ने सीजफायर का उल्लंघन किया और ओमान की खाड़ी में ईरान के एक व्यापारिक जहाज पर फायरिंग की, जिससे उसका नेविगेशन सिस्टम खराब हो गया। तस्नीम मीडिया के मुताबिक यह जहाज चीन से ईरान जा रहा था। ईरान ने इसे समुद्री डकैती करार दिया और कहा कि वे जल्द इसका जवाब देंगे। हमले से पहले टॉस्का की आखिरी लोकेशन पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स भारतीय जहाजों पर फायरिंग: ईरान ने होर्मुज में 2 भारतीय जहाजों पर फायरिंग की। 14 जहाज रोके गए, 13 लौटे। भारत ने राजदूत को तलब कर विरोध जताया। होर्मुज स्ट्रेट फिर बंद: ईरान ने अमेरिका पर सीजफायर उल्लंघन का आरोप लगाते हुए स्ट्रेट दोबारा बंद किया। दूसरी बैठक पर संशय: ईरान ने इस्लामाबाद में होने वाले शांति वार्ता के दूसरे दौर में शामिल होने से इनकार कर दिया है। ईरान ने अमेरिका की मांगों और को इस फैसले का मुख्य कारण बताया है। जेडी वेंस का दौरा टला: पाकिस्तान में दूसरे दौर की वार्ता में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का दौरा टल गया है। ट्रम्प ने इंटरव्यू के दौरान बताया कि सुरक्षा चिंताओं के चलते वेंस इस्लामाबाद नहीं जाएंगे। ट्रम्प की चेतावनी: ट्रम्प ने कहा है कि ईरान के पास शांति समझौते के लिए यह आखिरी मौका है। उन्होंने कहा कि वह पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा की तरह वही गलती नहीं दोहराएंगे।

अमेरिका का चीन से आ रहे ईरानी जहाज पर कब्जा:होर्मुज पार करने की कोशिश कर रहा था, ईरान बोला- जल्द जवाब देंगे

अमेरिका का चीन से आ रहे ईरानी जहाज पर कब्जा:होर्मुज पार करने की कोशिश कर रहा था, ईरान बोला- जल्द जवाब देंगे

अमेरिका ने ईरान के एक मालवाहक जहाज को अपने कब्जे में ले लिया है। राष्ट्रपति ट्रम्प के मुताबिक टॉस्का नामक यह जहाज होर्मुज स्ट्रेट को पार करने की कोशिश कर रहा था। इसे अमेरिकी डेस्ट्रॉयर USS स्प्रूअन्स ने रोका। ट्रम्प के मुताबिक, जहाज ने चेतावनियों को नजरअंदाज किया, जिसके बाद अमेरिकी मरीन ने उसे रोक लिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “इस वक्त जहाज हमारे कब्जे में है। हम पूरी तरह इसे कंट्रोल में लेकर देख रहे हैं कि इसके अंदर क्या है।” दूसरी तरफ, ईरान के हजरत खातम अल-अनबिया सैन्य मुख्यालय ने कहा कि अमेरिका ने सीजफायर का उल्लंघन किया और ओमान की खाड़ी में ईरान के एक व्यापारिक जहाज पर फायरिंग की, जिससे उसका नेविगेशन सिस्टम खराब हो गया। तस्नीम मीडिया के मुताबिक यह जहाज चीन से ईरान जा रहा था। ईरान ने इसे समुद्री डकैती करार दिया और कहा कि वे जल्द इसका जवाब देंगे। हमले से पहले टॉस्का की आखिरी लोकेशन पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स भारतीय जहाजों पर फायरिंग: ईरान ने होर्मुज में 2 भारतीय जहाजों पर फायरिंग की। 14 जहाज रोके गए, 13 लौटे। भारत ने राजदूत को तलब कर विरोध जताया। होर्मुज स्ट्रेट फिर बंद: ईरान ने अमेरिका पर सीजफायर उल्लंघन का आरोप लगाते हुए स्ट्रेट दोबारा बंद किया। दूसरी बैठक पर संशय: ईरान ने इस्लामाबाद में होने वाले शांति वार्ता के दूसरे दौर में शामिल होने से इनकार कर दिया है। ईरान ने अमेरिका की मांगों और को इस फैसले का मुख्य कारण बताया है। जेडी वेंस का दौरा टला: पाकिस्तान में दूसरे दौर की वार्ता में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का दौरा टल गया है। ट्रम्प ने इंटरव्यू के दौरान बताया कि सुरक्षा चिंताओं के चलते वेंस इस्लामाबाद नहीं जाएंगे। ट्रम्प की चेतावनी: ट्रम्प ने कहा है कि ईरान के पास शांति समझौते के लिए यह आखिरी मौका है। उन्होंने कहा कि वह पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा की तरह वही गलती नहीं दोहराएंगे।

ईरान की ग्लोबल सप्लाई रोकने की धमकी, कच्चा-तेल $110 पार:भारत के आयात बिल पर ₹16,000 करोड़ का बोझ बढ़ेगा, बढ़ सकती है महंगाई

ईरान की ग्लोबल सप्लाई रोकने की धमकी, कच्चा-तेल $110 पार:भारत के आयात बिल पर ₹16,000 करोड़ का बोझ बढ़ेगा, बढ़ सकती है महंगाई

अमेरिका और ईरान के बीच बयानबाजी बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतें आज फिर 110 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की ईरान को नर्क बनाने धमकी देने के बाद ईरान ने ग्लोबल सप्लाई ठप करने की बात कही है। इससे आज एक बैरल ब्रेंट क्रूड की कीमत $1.71 की बढ़कर $110.74 पर पहुंच गई है। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर यह तनाव इसी तरह जारी रहा, तो कच्चे तेल की कीमतें $150 प्रति बैरल पहुंच सकती हैं। इसके अलावा, अगर कच्चे तेल की कीमत में $1 की बढ़ोतरी सालभर बनी रहती है, तो भारत का सालाना आयात बिल करीब ₹16,000 करोड़ बढ़ जाएगा। 38 दिन में इंडियन बास्केट 71% महंगा भारत की चिंता: महंगाई और रुपए पर सीधा असर पड़ेगा भारत अपनी जरूरत का लगभग 90% कच्चा तेल आयात करता है। इसलिए यह स्थिति चिंताजनक है। ईरान ने होर्मुज रूट को लगभग बंद कर दिया है। दुनिया का करीब 20% तेल और गैस इसी रास्ते से गुजरता है। इसके बंद होने से न सिर्फ कच्चा तेल, बल्कि एल्युमीनियम, फर्टिलाइजर और प्लास्टिक की कीमतों में भी भारी तेजी आने लगी है। तेल की कीमतें 10 डॉलर बढ़ने से 0.60% बढ़ेगी महंगाई रेटिंग एजेंसी केयरएज ग्लोबल के मुताबिक, कच्चे तेल की कीमतों में हर 10 डॉलर प्रति बैरल बढ़ोतरी से भारत में रिटेल महंगाई 60 बेसिस पॉइंट्स (0.60%) तक बढ़ सकती है। भारत अपनी तेल जरूरतों के लिए काफी हद तक पश्चिम एशिया पर निर्भर है, ऐसे में वहां के हालात बिगड़ने से भारत के करंट अकाउंट डेफिसिट, GDP ग्रोथ और रुपए की वैल्यू पर भी दबाव बढ़ेगा। ट्रम्प का अल्टीमेटम- मंगलवार रात 8 बजे तक का समय ट्रम्प ने ईरान को बास्टर्ड कहते हुए होर्मुज स्ट्रेट नहीं खोलने पर बड़ा हमला करने की धमकी दी। उन्होंने कहा कि अगर ईरान ने होर्मुज नहीं खोला तो वो उसे नरक बना देंगे। इसके साथ ही उन्होंने ईरान में पावर प्लांट और पुलों पर हमला करने की बात कही। ट्रम्प ने रविवार को सोशल मीडिया पर लिखा कि ईरान में मंगलवार को पावर प्लांट डे और ब्रिज डे एक साथ होगा यानी हमला होगा। ईरान होर्मुज स्ट्रेट खोले दे, नहीं तो नरक जैसे हालात में पहुंच जाएगा। ईरान का पलटवार: पूरा क्षेत्र युद्ध की आग में जल जाएगा ट्रम्प के बयान के बाद ईरान ने धमकी दी है कि अगर अमेरिका और इजराइल के हमले बढ़े तो वह ग्लोबल सप्लाई चेन को ठप कर देगा। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक ईरान ने कहा है कि वह होर्मुज के अलावा दूसरे समुद्री रास्तों को भी निशाना बना सकता है। ईरानी सुप्रीम लीडर के सलाहकार अली अकबर वेलायती ने कहा कि किसी भी बड़ी कार्रवाई का जवाब सिर्फ सैन्य स्तर पर नहीं, बल्कि वैश्विक ऊर्जा और व्यापार पर असर डालकर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सिर्फ स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ही नहीं, बल्कि बाब-अल-मंदेब जैसे अहम समुद्री रास्ते भी खतरे में आ सकते हैं। OPEC+ ने लिया उत्पादन बढ़ाने का फैसला बाजार में तेल की कीमतों को स्थिर रखने के लिए सऊदी अरब और रूस सहित आठ OPEC+ देशों ने रविवार को एक वर्चुअल मीटिंग की। इसमें फैसला लिया गया कि मई 2026 से तेल उत्पादन में रोजाना 2.06 लाख बैरल की बढ़ोतरी की जाएगी। यह कदम पिछले साल घोषित की गई अतिरिक्त कटौती में बदलाव के तहत उठाया गया है। संगठन का कहना है कि वे बाजार की स्थितियों पर करीबी नजर रख रहे हैं और जरूरत पड़ने पर उत्पादन में और बदलाव किए जा सकते हैं।

Ram Kapoor Dubai Burj Khalifa Home Renovation Risk Amidst Tensions

Ram Kapoor Dubai Burj Khalifa Home Renovation Risk Amidst Tensions

45 मिनट पहले कॉपी लिंक मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और युद्ध जैसे हालातों के बीच टीवी और बॉलीवुड एक्टर राम कपूर अगले हफ्ते दुबई जाने की तैयारी कर रहे हैं। दरअसल, दुबई के बुर्ज खलीफा में राम कपूर का अपना एक घर है, जिसका काम लंबे समय से अधूरा पड़ा है। वहां के मौजूदा हालात सफर के लिए सुरक्षित नहीं माने जा रहे हैं, लेकिन काम पूरा करने की मजबूरी और डेडलाइन के दबाव की वजह से राम कपूर यह जोखिम उठा रहे हैं। ‘काम पूरा करने के अलावा कोई और चारा नहीं बचा‘ टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में राम कपूर ने अपने इस फैसले की वजह बताई। उन्होंने कहा, “पिछली बार हम वहां करीब एक हफ्ते के लिए गए थे। मुझे लगा था कि मुंबई वापस आकर थोड़े दिन इंतजार करूंगा और जब हालात शांत होंगे तब काम शुरू करवाऊंगा। लेकिन अब मेरे पास कोई और चारा नहीं बचा है। ऐसा नहीं लग रहा कि हालात जल्द ठीक होंगे, बल्कि ये और बिगड़ते जा रहे हैं। अगर ऐसा ही रहा तो मैं और देर नहीं कर सकता। मुझे तय टाइमलाइन के हिसाब से काम पूरा करना ही होगा।” राम कपूर ‘कसम से’ और ‘बड़े अच्छे लगते हैं’ में रोल के लिए फेमस हैं। बुर्ज खलीफा की डेडलाइन बनी वजह राम कपूर ने बताया कि दुबई जाने की जल्दबाजी इसलिए है क्योंकि बुर्ज खलीफा में उनके घर का रिनोवेशन का काम रुका हुआ है। उन्होंने कहा, “हमें काम पूरा करने के लिए जरूरी परमिशन और एक तय समय-सीमा मिली थी, जो अब खत्म होने वाली है। मैं समय बढ़ाने की गुजारिश कर सकता हूं, लेकिन पता नहीं ये युद्ध वाले हालात कब तक चलेंगे। दुबई में मेरे जितने भी जान-पहचान वाले हैं, वे भी अपनी जिंदगी सामान्य तरीके से जीने की कोशिश कर रहे हैं। स्थिति अच्छी नहीं है, लेकिन मैं घबरा नहीं रहा हूं।” अकेले करेंगे सफर, पत्नी गौतमी भारत में रुकेंगी इस बार राम कपूर के साथ उनका परिवार नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि वे मंगलवार को अकेले ही फ्लाइट से रवाना होंगे और करीब दो हफ्ते वहां रुकेंगे। पत्नी गौतमी की चिंता पर राम ने कहा, “गौतमी को फिक्र तो होती है, लेकिन वह समझती है कि यह काम जरूरी है। मेरे बच्चे भी काफी समझदार हैं, वे अपनी मां को ही दिलासा दे रहे हैं। मैंने गौतमी को समझाया है कि जहां मेरा घर है, वह दुनिया की सबसे सुरक्षित इमारतों में से एक है।” मिडिल ईस्ट में तनाव की स्थिति ईरान-इजराइल युद्ध और मिडिल ईस्ट का तनाव पिछले कुछ समय से ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव ने मिडिल ईस्ट में युद्ध जैसी स्थिति पैदा कर दी है। कई देशों ने अपने नागरिकों को प्रभावित इलाकों में न जाने की सलाह दी है। अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भी प्रभावित हो रही हैं और सुरक्षा को लेकर कड़े इंतजाम किए गए हैं। इसी वजह से कई सेलिब्रिटीज ने अपने विदेशी दौरे रद्द कर दिए हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Iran War Fears: Crude Oil Hits $100, Rupee Crosses 92

Iran War Fears: Crude Oil Hits $100, Rupee Crosses 92

Hindi News Business Iran War Fears: Crude Oil Hits $100, Rupee Crosses 92 | FPIs Exit Indian Market मुंबई1 घंटे पहले कॉपी लिंक फरवरी में FPI ने बाजार में 22,615 करोड़ रुपए का निवेश किया था, जो पिछले 17 महीनों का सबसे ऊंचा स्तर था। भारतीय शेयर बाजार में फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टमेंट (FPIs) की बिकवाली लगातार जारी है। मार्च के शुरुआती दो हफ्तों में विदेशी निवेशकों ने घरेलू इक्विटी बाजार से 52,704 करोड़ रुपए निकाले हैं। यह बिकवाली ऐसे समय में हुई है, जब मिडल ईस्ट में तनाव बढ़ रहा है और कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया है। इससे पहले फरवरी महीने में FPIs ने बाजार में 22,615 करोड़ रुपए का निवेश किया था, जो पिछले 17 महीनों का सबसे ऊंचा स्तर था। लेकिन मार्च की शुरुआत से ही विदेशी निवेशक हर ट्रेडिंग दिन पर नेट सेलर्स बने हुए हैं। कच्चे तेल और रुपए ने सेंटिमेंट बिगाड़ा बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस भारी बिकवाली के पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारण हैं। एंजेल वन के सीनियर फंडामेंटल एनालिस्ट वकारजावेद खान के मुताबिक, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज रूट में सप्लाई प्रभावित होने के डर से ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर चला गया है। इससे निवेशकों ने जोखिम वाले एसेट्स से पैसा निकालकर सुरक्षित विकल्पों में लगाना शुरू कर दिया है। इसके अलावा डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपए के 92 के स्तर के पार पहुंचना और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी ने भी दबाव बनाया है। भारत की जगह चीन के बाजार में पैसा लगा रहे निवेशक जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार ने कहा कि पिछले 18 महीनों में भारतीय बाजार ने विकसित और अन्य उभरते बाजारों के मुकाबले कम रिटर्न दिया है। इस वजह से विदेशी निवेशकों का रुझान भारत के प्रति कम हुआ है। उनके अनुसार, दक्षिण कोरिया, ताइवान और चीन इस समय भारत की तुलना में ज्यादा आकर्षक लग रहे हैं, क्योंकि हालिया गिरावट के बाद वहां वैल्युएशन सस्ता है और कॉर्पोरेट अर्निंग की संभावनाएं बेहतर दिख रही हैं। साल 2025 में IT-FMCG सेक्टर में सबसे ज्यादा बिकवाली हुई साल 2025 में अब तक सेक्टर-वार देखें तो IT सेक्टर पर सबसे ज्यादा मार पड़ी है। IT सेक्टर: करीब 74,700 करोड़ रुपए निकाले गए। इसकी वजह रेवेन्यू ग्रोथ में कमी और ग्लोबल टेक खर्चों में गिरावट है। FMCG सेक्टर: शहरी खपत में कमी और मार्जिन के दबाव के चलते 36,800 करोड़ रुपए की निकासी हुई। पावर और हेल्थकेयर: इन सेक्टर्स से 24,000 से 26,000 करोड़ रुपए की बिकवाली की गई। ऑयल एंड गैस-मेटल्स जैसे सेक्टर्स में निवेश बढ़ाया हालांकि, निवेशकों ने टेलीकॉम, ऑयल एंड गैस, मेटल्स और केमिकल्स जैसे सेक्टर्स में अपना निवेश बढ़ाया है, जो यह दर्शाता है कि पैसा अब डोमेस्टिक वैल्यू और कमोडिटी शेयरों की ओर शिफ्ट हो रहा है। बैंकिंग शेयरों में गिरावट से घरेलू निवेशकों के लिए मौका विदेशी निवेशकों की फाइनेंशियल और बैंकिंग शेयरों में की गई बिकवाली ने इन सेक्टर की वैल्युएशन को काफी नीचे ला दिया है। जानकारों का कहना है कि जहां विदेशी निवेशक बाहर निकल रहे हैं। वहीं घरेलू निवेशकों के लिए ये शेयर अब आकर्षक कीमतों पर उपलब्ध हैं। मार्च के सेकंड हाफ के लिए बाजार का रुख अभी भी सतर्क बना हुआ है। चौथी तिमाही में बिकवाली की रफ्तार कम हो सकती है विशेषज्ञों का कहना है कि अगर चौथी तिमाही (Q4) के नतीजे, खासकर बैंकिंग और कंजम्पशन सेक्टर में उम्मीद से बेहतर रहते हैं, तो बिकवाली की रफ्तार कम हो सकती है। लेकिन अगर जियोपॉलिटिकल तनाव और बढ़ता है या तेल की कीमतें और ऊपर जाती हैं, तो बाजार पर दबाव जारी रहेगा। विदेशी पोर्टफोलियो निवेश यानी FPI क्या है? विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (FPI) वह निवेश है, जिसमें विदेशी नागरिक या कंपनियां दूसरे देश के शेयर बाजार, बॉन्ड या अन्य वित्तीय संपत्तियों में पैसा लगाते हैं। इनके आने-जाने से शेयर बाजार की चाल तय होती है। ये खबर भी पढ़ें… टॉप-10 कंपनियों की वैल्यू ₹4.48 लाख करोड़ घटी: SBI टॉप लूजर रहा, इसकी वैल्यू ₹89 हजार करोड़ घटी; HDFC बैंक का मार्केट कैप भी घटा मार्केट कैपिटलाइजेशन के लिहाज से देश की 10 सबसे बड़ी कंपनियों की वैल्यू बीते हफ्ते के कारोबार में 4.48 लाख करोड़ रुपए घट गई। इस दौरान SBI की वैल्यू सबसे ज्यादा घटी। SBI का मार्केट कैप 89,306 करोड़ रुपए घटकर ₹9.66 लाख करोड़ पर आ गया। HDFC बैंक का मार्केट कैप 61,715 करोड़ रुपए घटकर ₹12.57 लाख करोड़ पर आ गया। वहीं बजाज फाइनेंस की मार्केट वैल्यू ₹59,082 करोड़ घटकर ₹5.32 लाख करोड़ पर आ गई। इनके अलावा बीते हफ्ते TCS, ICICI बैंक, भारती एयरटेल, रिलायंस इंडस्ट्रीज, LIC, इंफोसिस और HUL का मर्केट कैप भी घटा है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Numaligarh Refinery Supply to Bangladesh Amidst Iran-Israel War

Numaligarh Refinery Supply to Bangladesh Amidst Iran-Israel War

Hindi News Business Numaligarh Refinery Supply To Bangladesh Amidst Iran Israel War | India Diesel Deal नई दिल्ली40 मिनट पहले कॉपी लिंक मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव की वजह से दुनियाभर में एनर्जी पर संकट मंडरा रहा है, ऐसे में भारत ने असम की नुमालीगढ़ रिफाइनरी से क्रॉस-बॉर्डर पाइपलाइन के जरिए बांग्लादेश को डीजल भेजना शुरू कर दिया है। बांग्लादेश पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (BPC) के चेयरमैन मोहम्मद रेजानुर रहमान ने बताया कि मंगलवार तक करीब 5,000 टन डीजल की पहली खेप बांग्लादेश पहुंच गई है। ईरान युद्ध के कारण बांग्लादेश में तेल का संकट बांग्लादेश इस समय ईंधन की भारी किल्लत से जूझ रहा है। इसकी मुख्य वजह अमेरिका-इजरायल-ईरान युद्ध के चलते ग्लोबल ऑयल सप्लाई में आई रुकावट है। बांग्लादेश अपनी जरूरत का करीब 95% ईंधन मिडिल ईस्ट से आयात करता है। ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ जैसे रास्तों पर तनाव से सप्लाई बंद है। इससे बांग्लादेश में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग रही हैं। कई शहरों में सरकार को तेल की राशनिंग करनी पड़ी है, जहां बाइक के लिए 10 लीटर और कारों के लिए 40 लीटर की लिमिट तय की गई है। असम से दिनाजपुर तक पाइपलाइन से पहुंच रहा तेल यह डीजल ‘भारत-बांग्लादेश फ्रेंडशिप पाइपलाइन’ के जरिए भेजा जा रहा है। इसका उद्घाटन मार्च 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तत्कालीन पीएम शेख हसीना ने किया था। नुमालीगढ़ रिफाइनरी से शुरू होकर यह पाइपलाइन उत्तरी बांग्लादेश के दिनाजपुर जिले के पार्बतीपुर डिपो तक जाती है। बीपीसी के अधिकारियों के मुताबिक, सोमवार दोपहर 3:20 बजे पंपिंग शुरू हुई। हर घंटे लगभग 113 टन तेल भेजा जा रहा है, जिसे पूरी तरह पहुंचने में करीब 44 घंटे लगेंगे। भारत-बांग्लादेश फ्रेंडशिप पाइपलाइन नुमालीगढ़ रिफाइनरी से शुरू होकर उत्तरी बांग्लादेश के दिनाजपुर जिले के पार्बतीपुर डिपो तक जाती है। सालाना 1.80 लाख टन सप्लाई का है समझौता भारत और बांग्लादेश के बीच हुए सालाना समझौते के तहत भारत हर साल पाइपलाइन के जरिए 1.80 लाख टन डीजल की सप्लाई करेगा। बीपीसी चेयरमैन रेजानुर रहमान ने बताया, “5,000 टन की यह खेप इसी एग्रीमेंट का हिस्सा है। अगले छह महीनों में हमें 90,000 टन डीजल मिलने की उम्मीद है, जिससे हमारे देश में ईंधन की उपलब्धता स्थिर हो सकेगी।” पाइपलाइन के जरिए सप्लाई होने से रेलवे टैंकरों के मुकाबले समय और पैसा दोनों की बचत हो रही है। तनाव के बाद फिर सुधर रहे हैं दोनों देशों के रिश्ते अगस्त 2024 में शेख हसीना सरकार के गिरने के बाद भारत और बांग्लादेश के ऊर्जा संबंध बिगड़ गए थे। मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार ने भारत के साथ कई समझौतों की समीक्षा की थी। अडानी के झारखंड पावर प्लांट से बिजली सप्लाई को लेकर भी विवाद हुआ था। हालांकि, अब ढाका में राजनीतिक बदलावों के बाद भारत का डीजल भेजना इस बात का संकेत है कि दोनों देशों के बीच एनर्जी टायज फिर से पटरी पर लौट रहे हैं। हसीना के जाने के बाद आई थी रिश्तों में कड़वाहट शेख हसीना के बाहर होने के बाद अंतरिम सरकार ने भारत के साथ हुए बिजली और गैस समझौतों को ‘शर्तों के मुताबिक प्रतिकूल’ बताया था। बकाया भुगतान न होने के कारण अडानी पावर ने सप्लाई आधी कर दी थी, जिसे मार्च 2025 में भुगतान शुरू होने के बाद बहाल किया गया। जानकारों का कहना है कि भौगोलिक स्थिति और मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर को देखते हुए बांग्लादेश के लिए भारत सबसे भरोसेमंद पार्टनर है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Numaligarh Refinery Supply to Bangladesh Amidst Iran-Israel War

Numaligarh Refinery Supply to Bangladesh Amidst Iran-Israel War

Hindi News Business Numaligarh Refinery Supply To Bangladesh Amidst Iran Israel War | India Diesel Deal नई दिल्ली15 घंटे पहले कॉपी लिंक मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव की वजह से दुनियाभर में एनर्जी पर संकट मंडरा रहा है, ऐसे में भारत ने असम की नुमालीगढ़ रिफाइनरी से क्रॉस-बॉर्डर पाइपलाइन के जरिए बांग्लादेश को डीजल भेजना शुरू कर दिया है। बांग्लादेश पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (BPC) के चेयरमैन मोहम्मद रेजानुर रहमान ने बताया कि मंगलवार तक करीब 5,000 टन डीजल की पहली खेप बांग्लादेश पहुंच गई है। ईरान युद्ध के कारण बांग्लादेश में तेल का संकट बांग्लादेश इस समय ईंधन की भारी किल्लत से जूझ रहा है। इसकी मुख्य वजह अमेरिका-इजरायल-ईरान युद्ध के चलते ग्लोबल ऑयल सप्लाई में आई रुकावट है। बांग्लादेश अपनी जरूरत का करीब 95% ईंधन मिडिल ईस्ट से आयात करता है। ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ जैसे रास्तों पर तनाव से सप्लाई बंद है। इससे बांग्लादेश में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग रही हैं। कई शहरों में सरकार को तेल की राशनिंग करनी पड़ी है, जहां बाइक के लिए 10 लीटर और कारों के लिए 40 लीटर की लिमिट तय की गई है। असम से दिनाजपुर तक पाइपलाइन से पहुंच रहा तेल यह डीजल ‘भारत-बांग्लादेश फ्रेंडशिप पाइपलाइन’ के जरिए भेजा जा रहा है। इसका उद्घाटन मार्च 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तत्कालीन पीएम शेख हसीना ने किया था। नुमालीगढ़ रिफाइनरी से शुरू होकर यह पाइपलाइन उत्तरी बांग्लादेश के दिनाजपुर जिले के पार्बतीपुर डिपो तक जाती है। बीपीसी के अधिकारियों के मुताबिक, सोमवार दोपहर 3:20 बजे पंपिंग शुरू हुई। हर घंटे लगभग 113 टन तेल भेजा जा रहा है, जिसे पूरी तरह पहुंचने में करीब 44 घंटे लगेंगे। भारत-बांग्लादेश फ्रेंडशिप पाइपलाइन नुमालीगढ़ रिफाइनरी से शुरू होकर उत्तरी बांग्लादेश के दिनाजपुर जिले के पार्बतीपुर डिपो तक जाती है। सालाना 1.80 लाख टन सप्लाई का है समझौता भारत और बांग्लादेश के बीच हुए सालाना समझौते के तहत भारत हर साल पाइपलाइन के जरिए 1.80 लाख टन डीजल की सप्लाई करेगा। बीपीसी चेयरमैन रेजानुर रहमान ने बताया, “5,000 टन की यह खेप इसी एग्रीमेंट का हिस्सा है। अगले छह महीनों में हमें 90,000 टन डीजल मिलने की उम्मीद है, जिससे हमारे देश में ईंधन की उपलब्धता स्थिर हो सकेगी।” पाइपलाइन के जरिए सप्लाई होने से रेलवे टैंकरों के मुकाबले समय और पैसा दोनों की बचत हो रही है। तनाव के बाद फिर सुधर रहे हैं दोनों देशों के रिश्ते अगस्त 2024 में शेख हसीना सरकार के गिरने के बाद भारत और बांग्लादेश के ऊर्जा संबंध बिगड़ गए थे। मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार ने भारत के साथ कई समझौतों की समीक्षा की थी। अडानी के झारखंड पावर प्लांट से बिजली सप्लाई को लेकर भी विवाद हुआ था। हालांकि, अब ढाका में राजनीतिक बदलावों के बाद भारत का डीजल भेजना इस बात का संकेत है कि दोनों देशों के बीच एनर्जी टायज फिर से पटरी पर लौट रहे हैं। हसीना के जाने के बाद आई थी रिश्तों में कड़वाहट शेख हसीना के बाहर होने के बाद अंतरिम सरकार ने भारत के साथ हुए बिजली और गैस समझौतों को ‘शर्तों के मुताबिक प्रतिकूल’ बताया था। बकाया भुगतान न होने के कारण अडानी पावर ने सप्लाई आधी कर दी थी, जिसे मार्च 2025 में भुगतान शुरू होने के बाद बहाल किया गया। जानकारों का कहना है कि भौगोलिक स्थिति और मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर को देखते हुए बांग्लादेश के लिए भारत सबसे भरोसेमंद पार्टनर है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

ईरान जंग से सेंसेक्स 1353 अंक गिरकर 77,566 पर बंद:रुपया 92.33 के ऑलटाइम लो पर पहुंचा; कच्चा तेल 10 दिन में 50% चढ़ा

ईरान जंग से सेंसेक्स 1353 अंक गिरकर 77,566 पर बंद:रुपया 92.33 के ऑलटाइम लो पर पहुंचा; कच्चा तेल 10 दिन में 50% चढ़ा

अमेरिका-इजराइल और ईरान के कारण शेयर बाजार में आज यानी 9 मार्च को बड़ी गिरावट रही। सेंसेक्स 1353 अंक (1.71%) नीचे 77,566 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी में भी 422 अंक (1.73%) की गिरावट रही, ये 24,028 पर बंद हुआ। आज बैंक, ऑटो, मेटल, एनर्जी और FMCG शेयरों में ज्यादा बिकवाली रही। जियोपॉलिटिकल तनाव और जंग जैसी स्थिति में महंगाई बढ़ने का खतरा रहता है। इससे कंपनियों का मुनाफा कम हो सकता है। ऐसे में निवेशक अपने शेयर बेचना शुरू कर देते हैं और सुरक्षित जगह निवेश करते हैं। इससे बाजार में गिरावट आती है। बाजार गिरने की 3 मुख्य वजहें निवेशकों की वेल्थ ₹22 लाख करोड़ से ज्यादा घटी ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच छिड़ी जंग से निवेशकों की वेल्थ 22 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा घट गई है। जंग शुरू होने से पहले यानी 27 फरवरी को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर लिस्टेड सभी कंपनियों का कुल मार्केट कैप ₹4.63 लाख करोड़ था। लेकिन युद्ध की वजह से बाजार में भारी बिकवाली के कारण 9 मार्च तक यह घटकर ₹4.41 लाख करोड़ पर आ गया है। कच्चा तेल 10 दिन में 50% चढ़ा अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम साढ़े तीन साल के हाई पर पहुंच गए। आज यानी 9 मार्च को कारोबार के दौरान ये 25% बढ़कर 115 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। हालांकि बाद में ये थोड़ा नीचे आया और ये अब 105 डॉलर के करीब है। 10 दिन में ये करीब 50% चढ़ा है। इससे पहले 2022 में रूस-यूक्रेन जंग से कच्चा तेल 100 डॉलर के पार निकला था। जानकारों का मानना है कि तेल की कीमतें 150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं। इसका असर भारत में पेट्रोल-डीजल पर दिख सकता है। ये 5 से 6 रुपए लीटर तक महंगा हो सकता है। हालांकि भारत सरकार का कहना है कि हमारे पास पर्याप्त तेल है। डॉलर के मुकाबले रुपया ऑल टाइम लो पर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 46 पैसे कमजोर होकर 92.33 के स्तर पर पहुंच गया है। यह रुपए का अब तक का सबसे निचला स्तर है। मिडिल ईस्ट में बिगड़ते हालात के बीच कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी तेजी की वजह से रुपए में यह कमजोरी आई है। चांदी 2000 हजार और सोना 800 रुपए महंगा सोने और चांदी के दामों में आज यानी 9 मार्च को बढ़त है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 800 रुपए बढ़कर 1.60 लाख रुपए पर पहुंच गया है। वहीं एक किलो चांदी 2000 रुपए बढ़कर 2.63 लाख रुपए पर पहुंच गई है। एशियाई बाजारों में गिरावट रही अमेरिकी बाजार में 6 मार्च को गिरावट रही शुक्रवार को सेंसेक्स 1097 पॉइंट गिरकर बंद हुआ था इससे पहले शुक्रवार यानी 6 मार्च को सेंसेक्स 1097 अंक (1.37%) गिरकर 78,919 पर बंद हुआ था। निफ्टी में भी 315 अंक (1.27%) की गिरावट रही थी। ये 24,450 पर आ गया।

Israel US Iran war live updates ninth day Trump Netanyahu

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तेल अवीव/तेहरान1 दिन पहले कॉपी लिंक ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने आरोप लगाया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को ईरान के खिलाफ युद्ध के लिए उकसाया गया। उनका दावा है कि अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने मिलकर साजिश की। अराघची के मुताबिक ग्राहम हाल के हफ्तों में कई बार इजराइल गए और वहां की खुफिया एजेंसियों के अधिकारियों से मुलाकात की। इन बैठकों में ईरान से जुड़े मामलों पर चर्चा हुई। अराघची का कहना है कि ग्राहम ने कहा था कि उन्हें इजराइल से ऐसी खुफिया जानकारी मिलती है जो कभी-कभी अमेरिकी सरकार भी शेयर नहीं करती। इसी जानकारी के आधार पर ट्रम्प को ईरान के खिलाफ कार्रवाई के लिए राजी किया गया। अराघची ने यह भी आरोप लगाया कि ग्राहम ने इजराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू को सलाह दी कि वे ट्रम्प को ईरान के खिलाफ सैन्य कदम उठाने के लिए कैसे मना सकते हैं। अराघची ने कहा कि किसी भी देश में ऐसा करना देशद्रोह जैसा माना जाएगा। अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने 16 फरवरी 2026 को इजराइल में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात की थी। सऊदी पर मिसाइल हमले में भारतीय की मौत सऊदी अरब के अल-खार्ज इलाके में रिहायशी परिसर पर मिसाइल गिरने से एक भारतीय और एक बांग्लादेशी नागरिक की मौत हो गई। अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक हमले में 12 अन्य बांग्लादेशी घायल हुए हैं। सऊदी सिविल डिफेंस एजेंसी के मुताबिक आवासीय परिसर पर मिसाइल गिरने से इससे इमारत को नुकसान पहुंचा और आसपास अफरा-तफरी मच गई। इससे पहले ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने कहा था कि उसने अल-खार्ज समेत कई स्थानों पर रडार सिस्टम को निशाना बनाया है। मिसाइल गिरने की घटना इसी इलाके में सामने आई है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव को देखते हुए भारत सरकार पहले ही सऊदी अरब में रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी कर चुकी है और उन्हें सतर्क रहने की सलाह दी गई है। इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच जंग से जुड़ी तस्वीरें… ट्रम्प कुवैत में मारे गए 6 अमेरिकियों सैनिक के शव वापसी समारोह में शामिल हुए। उनके साथ मेलानिया ट्रम्प और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भी मौजूद थे। ईरान के इस्फहान शाहिद बेहेश्टी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास 7 मार्च को धमाके के बाद की फुटेज। दुबई के इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर शनिवार को ईरानी ड्रोन हमले का फुटेज। तेहरान में अमेरिकी-इजराइली हमले में मारी गई 2 साल की जैनब साहेबी का शनिवार को अंतिम संस्कार हुआ। ब्रिटेन में ईरान जंग खत्म करने के लिए शनिवार को मार्च निकाला गया। इस दौरान महिलाओं ने ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की तस्वीर लेकर प्रदर्शन किया। ब्रिटेन में इंटरनेशनल विमेंस डे मार्च के दौरान कुछ ईरानी महिलाओं ने अमेरिका के समर्थन में रैली निकाली। अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए… अपडेट्स 12:16 AM9 मार्च 2026 कॉपी लिंक व्हाइट हाउस के ‘वॉर मोंटाज’ वीडियो पर अमेरिकी कैथोलिक धर्मगुरु ने की आलोचना अमेरिका के एक वरिष्ठ कैथोलिक धर्मगुरु कार्डिनल ब्लेज़ क्यूपिच ने व्हाइट हाउस द्वारा जारी एक वीडियो मोंटाज को “भयावह” और “घिनौना” बताया है। यह वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर “Justice the American way” कैप्शन के साथ पोस्ट किया गया था। लगभग 42 सेकंड के इस वीडियो में हॉलीवुड फिल्मों के दृश्यों को ईरान पर अमेरिकी सैन्य हमलों के वास्तविक फुटेज के साथ मिलाकर दिखाया गया था। जो पोप लियो XIV के करीबी कार्डिनल क्यूपिच ने अपने बयान में कहा- एक असली युद्ध, जिसमें असली मौत और असली पीड़ा है, उसे वीडियो गेम की तरह पेश करना बेहद घिनौना है। 11:58 PM8 मार्च 2026 कॉपी लिंक कतर के प्रधानमंत्री ने मध्य पूर्व में तनाव कम करने की अपील की कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी ने मध्य पूर्व में जारी युद्ध के बीच सभी पक्षों से तनाव कम करने (डी-एस्केलेशन) की अपील की है। Sky News को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, “हम ईरानियों से बातचीत जारी रखेंगे और तनाव कम करने की कोशिश करते रहेंगे।” शेख मोहम्मद ने कहा कि हालिया घटनाओं ने ईरान के साथ संबंधों में मौजूद भरोसे को बड़ा झटका दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि क्षेत्र में स्थिरता के लिए संवाद और कूटनीतिक प्रयास बेहद जरूरी हैं। 11:39 PM8 मार्च 2026 कॉपी लिंक श्रीलंका ईरानी नाविकों को मुफ्त वीजा जारी करेगा श्रीलंका ने अपनी समुद्री सीमा के बाहर से निकाले गए ईरानी नाविकों को एक महीने का मुफ्त वीजा देने की योजना बनाई है। ये नाविक उस घटना के बाद बचाए गए थे जिसमें अमेरिकी पनडुब्बी के हमले में एक अन्य जहाज डूब गया था, जिसमें 80 से अधिक नाविकों की मौत हो गई थी। श्रीलंका के लोक सुरक्षा मंत्री आनंदा विजेपाला ने मीडिया से कहा कि सरकार ईरानी नाविकों को “फ्री वीजा” जारी करेगी। उन्होंने कहा कि “उन्हें इस देश से जाने में कुछ समय लग सकता है।” शनिवार को 204 नाविकों को उनके जहाज IRIS Bushehr से श्रीलंकाई नौसेना के एक बेस पर स्थानांतरित किया गया, जिसके बाद जहाज को श्रीलंका की हिरासत में ले लिया गया। 10:40 PM8 मार्च 2026 कॉपी लिंक बेरूत में IRGC कुद्स फोर्स के 5 कमांडर ढेर: इजरायल इजरायली सेना (IDF) ने दावा किया है कि उसने बेरूत में सटीक हवाई हमले में ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की कुद्स फोर्स के लेबनान कॉर्प्स के पांच सीनियर कमांडरों को मार गिराया। IDF ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर बताया कि यह कार्रवाई “ऑपरेशन रोअरिंग लायन” के तहत की गई। 10:09 PM8 मार्च 2026 कॉपी लिंक अयातोल्ला अली खामेनेई के बेटे मोजतबा नए सुप्रीम लीडर हो सकते हैं ईरान के सर्वोच्च नेता अयातोल्ला अली खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई को देश का अगला सुप्रीम लीडर चुने जाने के संकेत मिले हैं। हालांकि इसकी औपचारिक घोषणा अभी बाकी है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, यह जानकारी एक वरिष्ठ ईरानी धर्मगुरु अयातोल्ला हुसैनअली एश्केवारी ने दी, जो नए सर्वोच्च नेता के चयन की प्रक्रिया में शामिल थे। असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स के 88 सदस्यों में से एक एश्केवारी ने ईरानी मीडिया में जारी एक वीडियो संदेश में कहा- खामेनेई का नाम जारी रहेगा। ईरान में असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स वह संस्था है, जो देश