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Bollywood Actress Kidnapping Murder Story; Meenakshi Thapa

Bollywood Actress Kidnapping Murder Story; Meenakshi Thapa

2 घंटे पहलेलेखक: ईफत कुरैशी और वर्षा राय

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बॉलीवुड क्राइम फाइल्स के मीनाक्षी थापा हत्याकांड के पार्ट-1 में आपने पढ़ा कि कैसे एक्ट्रेस मीनाक्षी थापा 14 मार्च 2012 में अचानक लापता हो गईं। परिवार ने उनकी तलाश शुरू की, लेकिन फिर अचानक 15 लाख की फिरौती की मांग हुई। केस में पहला शक मीनाक्षी के दो करीबी दोस्तों और स्ट्रगलिंग एक्टर्स प्रीति सुरीन और अमित जयसवाल पर था। करीब 1 महीने की तलाश के बाद मीनाक्षी का कॉल ट्रेस कर पुलिस अमित और प्रीति तक पहुंची। पुलिस पूछताछ में दोनों ने कहा कि मीनाक्षी की एक हफ्ते पहले ही गला काटकर हत्या की जा चुकी है। लेकिन सवाल ये था कि अगर मीनाक्षी की हत्या हुई, तो उनकी लाश कहां हैं और उनकी हत्या किसने और क्यों की, फिरौती की मांग क्यों की गई।

अब पार्ट-2 में जानिए कहानी आगे-

एक भयावह कन्फेशन और लाश की तलाश

क्राइम ब्रांच की पूछताछ में अमित जयसवाल और प्रीति सुरीन ने कबूल कर लिया कि उन दोनों ने ही मीनाक्षी की हत्या की। दोनों ने उनका सिर धड़ से अलग किया और फिर लाश के कई टुकड़े कर ठिकाने लगाया। मीनाक्षी का सिर जंगलों में फेंका गया। मीनाक्षी की हत्या उनकी गुमशुदगी की शिकायत होने और फिरौती मांगे जाने से पहले ही 14 मार्च को की जा चुकी थी। इसके बावजूद दोनों उन्हें जिंदा दिखाने के लिए परिवार को फिरौती के लिए उन्हीं के नंबर से मैसेज करते रहे।

मीनाक्षी थापा फिल्म 404 में काम कर चुकी थीं।

मीनाक्षी थापा फिल्म 404 में काम कर चुकी थीं।

जब पुलिस ने उनसे पूछा कि मीनाक्षी की हत्या कहां की गई, तो दोनों ने इलाहाबाद का एक पता बताया।

18 अप्रैल 2012

क्राइम ब्रांच की टीम प्रीति सुरीन और अमित जयसवाल को लेकर इलाहाबाद पहुंची। दोनों टीम को प्रीति सुरीन के दरभंगा कॉलोनी के बंगले ले गए। प्रीति सुरीन के पिता नवीन सुरीन उस बंगले के केयरटेकर थे और उसके पीछे स्थित सर्वेंट क्वार्टर में रहते थे। प्रीति और अमित की निशानदेही पर पुलिस क्वार्टर के पीछे पहुंची।

बंगले के पीछे की जांच के दौरान अमित और प्रीति के साथ जांच अधिकारी।

बंगले के पीछे की जांच के दौरान अमित और प्रीति के साथ जांच अधिकारी।

दोनों ने वहां बने सैप्टिक टैंक की ओर इशारा किया। घंटों टैंक की तलाशी ली गई, जिसके बाद पुलिस को सफलता मिल गई। हर तरफ सड़न की बू आ रही थी। फिर जब लाश निकाली गई तो हर कोई हैरान था। लाश में सिर नहीं था, वो सिर्फ धड़ था। पूरा टैंक खंगाला गया, लेकिन सिर नहीं मिला। धड़ पूरी तरह सड़ चुका था। उसे तुरंत पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

अगले दिन 19 अप्रैल 2012 को मीनाक्षी के परिवार को उनकी बॉडी की शिनाख्त के लिए बुलाया गया। मीनाक्षी की रूममेट भी इलाहाबाद पहुंचीं। उन्होंने बताया कि जब 13 मार्च को वो घर से निकली थीं, तब उन्होंने ब्राउन टी-शर्ट और ब्लू जींस पहन रखी थी। मीनाक्षी का धड़ भी उन्हीं कपड़ों में मिला था। मीनाक्षी के जीजाजी ने भी उनके दाहिने पैर के बर्थमार्क से उनकी पहचान कन्फर्म की।

मीनाक्षी की करीबी दोस्त कामना सिंह दैनिक भास्कर से बात करते हुए कहती हैं, ‘मैंने यह खबर न्यूजपेपर में पढ़ी थी। उस समय काफी समय से मेरी उनसे मुलाकात नहीं हुई थी। जब मैंने यह खबर पढ़ी, तो कुछ समय तक यकीन ही नहीं हुआ कि ऐसा कैसे हो सकता है। यह बहुत शॉकिंग था। जिस इंसान से आप मिलते हैं, बातें करते हैं, वह अचानक इतनी बेरहमी से मार दी जाए, यह स्वीकार करना बहुत मुश्किल था। इस घटना से करीब डेढ़-दो महीने पहले हमारी बात हुई थी। उस समय वह एक फिल्म पर काम कर रही थीं।’

मीनाक्षी थापा की दोस्त एक्ट्रेस कामना सिंह।

मीनाक्षी थापा की दोस्त एक्ट्रेस कामना सिंह।

आगे कामना कहती हैं, ‘यह बहुत शॉकिंग था। हम सब इस शहर में सपने लेकर आते हैं और लोगों पर भरोसा कर लेते हैं। इस घटना से यह सीख मिली कि हर किसी पर भरोसा नहीं किया जा सकता। सबसे ज्यादा हैरानी इस बात की थी कि यह सब उनके अपने दोस्तों ने किया।’

इलाहाबाद से 108 किलोमीटर दूर फेंका सिर, जंगलों में सर्च टीम को करनी पड़ी मशक्कत

धड़ मिलने के बाद प्रीति और अमित ने बताया कि मीनाक्षी का धड़ सैप्टिक टैंक में छिपाने के बाद वो सिर को एक बैग में रखकर बस से वाराणसी गए। फिर ट्रेन से वाराणसी से लखनऊ आते हुए उन्होंने सिर जंगल में फेंक दिया।

क्राइम ब्रांच की टीम ने अमित और प्रीति के साथ उन जगंलों में छानबीन की, लेकिन कई हफ्तों की जांच के बाद भी उनका सिर बरामद नहीं किया जा सका।

क्यों और कैसे की गई मीनाक्षी की हत्या?

प्रीति सुरीन और अमित, मीनाक्षी के करीबी दोस्त थे, ऐसे में पुलिस का सवाल ये था कि आखिर उन्होंने अपनी ही दोस्त की इस कदर बेरहमी से हत्या क्यों की। दोनों ने इकबालनामे के अनुसार, अमित और प्रीति लंबे समय से मुंबई में छोटे-मोटे काम कर रहे थे, जिससे उनका गुजारा भी बामुश्किल होता था। वो शादी कर घर बसाना चाहते थे, लेकिन उनके पास न पैसे थे और न कहीं से पैसे आने का कोई जरिया।

अमित जयसवाल पहले से शादीशुदा था और उसके 2 बच्चे भी थे।

अमित जयसवाल पहले से शादीशुदा था और उसके 2 बच्चे भी थे।

इसी बीच उनकी मुलाकात फिल्म हीरोइन के सेट में मीनाक्षी थापा से हुई। समय के साथ उनकी दोस्ती हो गई। एक दिन बात करते हुए मीनाक्षी ने उन्हें बताया कि वो नेपाल की एक रॉयल फैमिली से ताल्लुक रखती हैं। उनका परिवार बेहद रईस है। पैसों की कोई कमी नहीं है, लेकिन वो हीरोइन बनने का शौक पूरा करने के लिए मुंबई में अकेले रहकर संघर्ष कर रही हैं।

समय के साथ मीनाक्षी ने अपनी रईसी के कई किस्से भी उन्हें सुनाए। यहीं से दोनों ने एक साजिश रची। साजिश थी, मीनाक्षी को किडनैप कर उनके रॉयल परिवार से पैसे ऐंठना।

दोनों ने कुछ दिनों तक पुख्ता प्लान बनाया और पिर 12 मार्च को मीनाक्षी से कहा कि वो गोरखपुर में हो रही भोजपुरी फिल्म की शूटिंग में जा रहे हैं। अगर मीनाक्षी चाहें तो साथ आ सकती हैं। मीनाक्षी उस समय काम की तलाश में थीं, तो वो झठ से मान गईं।

13 मार्च को अमित और प्रीति ने गोरखपुर के लिए रेल्वे टिकट्स खरीदीं, लेकिन फिर उन्होंने प्लान बदल लिया। कन्फर्म टिकट्स होने के बावजूद वो गोरखपुर न जाकर इलाहाबाद जाने वाली कामायनी एक्सप्रेस के जनरल कोच में बैठे। मीनाक्षी ने सवाल किया, तो अमित ने उनसे कहा कि भोजपुरी फिल्म के डायरेक्टर से मुलाकात इलाहाबाद में होगी।

14 मार्च की शाम 4 बजे तीनों इलाहाबाद पहुंचे। उस दिन मीनाक्षी ने अपनी मां से आखिरी बार बात की थी। प्रीति, उन्हें दरभंगा स्थित अपने सर्वेंट क्वार्टर में ले गई, जहां उनके पिता ने मीनाक्षी को देखा था। शाम तक मीनाक्षी को प्रीति और अमित की कहानी पर शक होने लगा। सवाल करने पर तीखी बहस हुई, जिसके बाद दोनों ने उन्हें बंदी बना लिया।

15 मार्च की रात तक दोनों ने मीनाक्षी के एटीएम का पिन नंबर पता किया। दोनों पहले ही मार्केट से धारदार हथियार खरीद चुके थे। रात होते ही दोनों ने मीनाक्षी का गला घोंटकर हत्या की और जब उनकी सांस थम गई तो गला काटकर धड़ से अलग कर दिया।

दोनों ने रात को ही धड़ सैप्टिक टैंक में डाला और सिर पॉलिथिन बैग में छिपा लिया।

हत्या के समय मीनाक्षी थापा महज 26 साल की थीं।

हत्या के समय मीनाक्षी थापा महज 26 साल की थीं।

दोनों रात भर सिर के साथ उसी कमरे में सोए। अगली सुबह उन्होंने सिविल लाइन से लखनऊ के लिए एयरकंडीशनर वाली वोल्वो बस ली, लेकिन वो बीच में फाफामऊ में ही उतर गए। वहां उन्होंने धारदार हथियार फेंका।

फाफामऊ से वो एक पैसेंजर ट्रेन से वाराणसी के लिए रवाना हुए। बीच रास्ते में जंगल आया, तो दोनों ने लोगों की नजरों से बचाते हुए चलती ट्रेन से सिर वहीं फेंक दिया।

16 मार्च की रात वो ट्रेन से वाराणसी से मुंबई पहुंचे और बांद्रा में रहने लगे। वो लोग मीनाक्षी का सारा सामान ठिकाने लगा चुके थे, लेकिन मोबाइल फोन और एटीएम उनके पास ही था। 17 मार्च को उन्होंने मीनाक्षी के मोबाइल से उनकी मां को फिरौती का मैसेज भेजा और 15 लाख की मांग की।

मैसेज में ही मीनाक्षी की मां ने उन्हें बताया कि उनके पास कोई पैसे नहीं हैं। जैसे तैसे वो बस 60 हजार ही दे पाईं। उसी दिन उन्हें पता चला कि मीनाक्षी किसी रॉयल परिवार से नहीं बल्कि एक मिडिल क्लास परिवार से हैं। इसके बावजूद दोनों पैसों की मांग करते रहे।

इस केस में मीनाक्षी के परिवार ने कमिश्रर को एक लेटर लिखकर कहा कि उन्हें शक है कि इस केस में प्रीति और अमित के अलावा भी कई लोग शामिल हो सकते हैं। मीनाक्षी का केस पब्लिक प्रोसेक्यूटर उज्जवल निकम ने लड़ा। उन्होंने 35 गवाहों

स्पेशल पब्लिक प्रोसेट्यूटर उज्जवल निकम ने केस लड़ते हुए 35 गवाहों से पूछताछ की। इनमें से सबसे अहम प्रीति सुरीन के पिता नवीन सुरीन का बयान रहा, जिन्होंने आखिरी बार मीनाक्षी को अपने घर में देखा था।

पब्लिक प्रोसेक्यूटर उज्जवल निकम।

पब्लिक प्रोसेक्यूटर उज्जवल निकम।

हत्या से महज कुछ महीने पहले ही मीनाक्षी थापा हीरोइन बनने का ख्वाब लिए मुंबई पहुंची थीं। कम समय में ही उन्हें अच्छा काम मिलने लगा था। वो कई ऑडिशन देती थीं। तभी उनकी मुलाकात कामना सिंह से हुई। कामना, मीनाक्षी को याद कर कहती हैं, ‘हम लोग जब ऑडिशन देने जाते थे, तो कई एक्टर्स और एक्ट्रेसेस से मुलाकात होती थी। उसी तरह मेरी मुलाकात मीनाक्षी से भी हुई। धीरे-धीरे हम लोग अलग-अलग ऑडिशन हॉल में टकराते रहते थे और बातचीत होने लगी। बार-बार मिलने से एक बॉन्डिंग बन जाती है। हम अक्सर अपने करियर को लेकर बातें करते थे कि कैसे काम मिलेगा, कितनी मेहनत करनी पड़ती है, कितने ऑडिशन देने होते हैं। लेकिन साथ ही एक जुनून और उम्मीद भी रहती थी कि अगला ऑडिशन हमारा बेस्ट होगा और कुछ बड़ा होगा।’

मीनाक्षी, कामना से कई बातें शेयर करती थीं। उसे याद कर कामना कहती हैं, ‘हम लोग जब भी मिलते थे, तो घर-परिवार की बातें होती थीं। वह अपनी मां के बारे में अक्सर बात करती थीं। वह कहती थीं कि उनकी मां को उन पर बहुत भरोसा है और उन्होंने बहुत विश्वास के साथ उन्हें मुंबई भेजा है।’

‘वह एक लीड एक्ट्रेस बनना चाहती थीं और कुछ बड़ा करना चाहती थीं। उन्होंने 2011 में फिल्म ‘404’ से शुरुआत भी की थी, जिसमें उनके काम की सराहना हुई थी।’

जब उनसे पूछा गया कि मीनाक्षी वाकई रॉयल फैमिली से होने का दावा करती थीं, तो इस पर वो कहती हैं, ‘जहां तक मैं जानती हूं, उन्होंने मुझसे ऐसा कभी नहीं कहा। कई बार इंडस्ट्री में लोग अपनी परिस्थितियों के हिसाब से खुद को अलग तरह से पेश करते हैं। हो सकता है उन्होंने किसी से मजाक में या इम्प्रेशन के लिए ऐसा कहा हो। असल में वह एक मिडिल क्लास फैमिली से थीं।’

प्रीति और अमित को सुनाई गई उम्रकैद की सजा

ये केस लंबा चला। मीनाक्षी की हत्या के 6 साल बाद 9 मई 2018 को मुंबई सेशन्स कोर्ट के एडिशनल सेशन जज एस. जी. शेट्टे ने अमित जायसवाल (36) और उसकी गर्लफ्रेंड प्रीति सुरिन (26) को आईपीसी की धारा 302 (हत्या) और 364-ए (फिरौती के लिए अपहरण) के तहत दोषी पाया।

11 मई 2018 को सजा के लिए बहस करते हुए पब्लिक प्रोसेक्यूटर उज्जवल निकम ने इस केस को रेयरेस्ट ऑफ रेयर बताया और फांसी की मांग की। हालांकि कोर्ट ने उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

संयोग ये रहा कि केस का सुपरविजन करने वाले तत्कालीन जॉइंट कमिश्नर हिमांशु रॉय ने भी उसी दिन 11 मई 2018 को खुद को गोली मारकर हत्या की, जिस दिन केस का फैसला सुनाया गया। हिमांशु रॉय कैंसर का इलाज करवा रहे थे। बीमारी से तंग आकर उन्होंने आत्महत्या की थी।

तत्कालीन जॉइंट कमिश्नर हिमांशु रॉय।

तत्कालीन जॉइंट कमिश्नर हिमांशु रॉय।

सजा पर मीनाक्षी की दोस्त कामना कहती हैं, ‘यह जानकर थोड़ा सुकून मिला कि अपराधियों को सजा मिली। मीनाक्षी वापस तो नहीं आ सकतीं, लेकिन कम से कम उन्हें न्याय मिला। उसने किसी का कुछ नहीं बिगाड़ा था, फिर भी उनके साथ इतना बड़ा अन्याय हुआ। ऐसे में यह जरूरी था कि दोषियों को सजा मिले, ताकि उनकी आत्मा को शांति मिल सके।’

इस पर केस कवर करने वाले सीनियर क्राइम जर्नलिस्ट इकबाल ममदानी कहते हैं, ‘शुरुआत में पुलिस के लिए यह मामला काफी उलझा हुआ था, क्योंकि यह सिर्फ एक मिसिंग केस लग रहा था। मीनाक्षी कहां गईं, किसके साथ गई इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं थी। सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि शव पूरी तरह से बरामद नहीं हुआ था और सिर आज तक नहीं मिला। इसके अलावा कोई सीधा सबूत भी नहीं था, जिससे आरोपियों तक पहुंचा जा सके।’

वो आगे कहते हैं, ‘बाद में टेक्निकल एविडेंस, फॉरेंसिक जांच और आरोपियों के कबूलनामे के आधार पर केस मजबूत हुआ और अदालत में साबित करना आसान हो गया। यही वजह रही कि 2018 में अदालत ने दोनों को उम्रकैद की सजा सुनाई। इस केस से यह साफ होता है कि अगर तकनीकी सबूत और जांच की कड़ियां सही तरीके से जुड़ जाएं, तो सबसे जटिल केस भी सुलझाया जा सकता है।’

देहारदून से हीरोइन बनने मुंबई पहुंची थीं मीनाक्षी

नेपाल की रहनेवाली मीनाक्षी थापा के पिता ओएनजीसी देहरादून में पोस्टेड थे। उनकी स्कूलिंग दून स्कूल से हुई थी। मीनाक्षी ने एविएशन में डिप्लोमा किया। लेकिन उनका झुकाव डांस की ओर था। उन्होंने सेंट जोसेफ एकेडमी में बतौर डांस टीचर काम भी किया।

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पार्ट-1, एक्ट्रेस मीनाक्षी थापा की किडनैपिंग हुई:15 लाख मांगे, अश्लील वीडियो बनाने की धमकी दी, फिर दोस्त बोले- हमने गला काटकर मार डाला

मार्च 2012 की बात है,

देहरादून की रहनेवालीं मीनाक्षी थापा हीरोइन बनने का सपने लिए सपनों की नगरीं मुंबई पहुंचीं। शुरुआती संघर्ष के बाद उन्हें पहले छोटे-मोटे एड में काम मिला और फिर बॉलीवुड फिल्मों में बतौर साइड एक्ट्रेस या जूनियर आर्टिस्ट के तौर पर काम मिलने लगा। 2011 में उन्हें टिस्का चोपड़ा, सतीश कौशिक, निशिकांत कामत स्टारर फिल्म 404 में काम मिला। मीनाक्षी इंडस्ट्री में अच्छी पकड़ बनाने लगी थीं। उनका सालों पुराना ख्वाब धीरे-धीरे ही सही लेकिन पूरा हो रहा था। फिल्म पकाई में छोटा सा रोल करने के बाद उन्हें मधुर भंडारकर स्टारर फिल्म हीरोइन में एक छोटा सा रोल मिला। पूरी खबर पढ़िए… (नोट- ये खबर मीनाक्षी थापा की दोस्त एक्ट्रेस कामना सिंह, सीनियर क्राइम जर्नलिस्ट इकबाल ममदानी और रिसर्च के आधार पर क्रिएटिव लिबर्टी लेते हुए लिखी गई है। )

लेखक- ईफत कुरैशी

रिपोर्टर- वर्षा राय और वीरेंद्र मिश्र

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भास्कर की नई सीरीज बॉलीवुड क्राइम फाइल्स की ये कहानियां भी पढ़िए-

पार्ट-1, शाइनी आहूजा रेप केस:मेड बोली- कमरे में बंद किया; सीमन सैंपल हुए मैच, एक्टर बोले- संबंध रजामंदी से बने

14 जून 2009

शाम का समय था। एक लड़की रोती-बिलखती हालत में ओशिवारा पुलिस स्टेशन में दाखिल हुई। उसके साथ कुछ और लोग भी थे। लड़की को पुलिस स्टेशन में बैठाया गया। साथ मौजूद लोगों ने जोर देकर बोला- इसका रेप हुआ है। लड़की लगातार रोए जा रही थी। पुलिस ने पूछा किसने किया, जवाब मिला- शाइनी आहूजा, बॉलीवुड एक्टर।

वहां मौजूद हर शख्स हैरान था। मामला हाई प्रोफाइल था, तो पुलिस ने भी बिना देरी किए शिकायत लिखना शुरू किया।

आसपास के लोगों ने लड़की का हौसला बढ़ाया और फिर उसने स्टेटमेंट देना शुरू किया, मेरा नाम माधुरी जोशी है, मैं 20 साल की हूं। शाइनी आहूजा के घर में मई से काम कर रही थी। मैं सुबह से शाम वहीं रहती थी। घर में दो मेड और थीं। उस दिन घर में कोई नहीं था। अचानक उन्होंने मुझे पकड़ लिया। मैंने बचने की कोशिश की तो मारा। पूरी कहानी पढ़िए… ………………………….

पार्ट-2, शाइनी आहूजा रेप केस:मेड ने बयान बदला, कहा- रेप नहीं हुआ, 7 साल की सजा हुई; ₹15 लाख की हुई मांग

केस चर्चा में था तभी एक अखबार में दावा किया गया कि शाइनी के खिलाफ पुलिस को कई सबूत मिले हैं। दावा था कि शाइनी की पड़ोसी ने उस रोज मेड की चीखों की आवाजें सुनी थीं। इन दावों के बीच शाइनी आहूजा की पत्नी अनुपम आहूजा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर साफ कहा कि उनके पति निर्दोष हैं, उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले हैं। पूरी कहानी पढ़िए… …………………………………….

पार्ट-1, बालिका वधु एक्ट्रेस प्रत्युषा बोलीं- मैं बिकने नहीं आई:आखिरी कॉल में मां-बाप को गालियां दीं, फिर फंदे पर लटकी मिलीं

1 अप्रैल 2016, दोपहर करीब 12 बजे…

प्रत्युषा बनर्जी, बॉयफ्रेंड एक्टर-प्रोड्यूसर राहुल राज के साथ मुंबई के गोरेगांव की हार्मनी बिल्डिंग की सातवीं मंजिल पर स्थित फ्लैट नंबर 703 में रहती थीं।

दोपहर में राहुल अपने काम से लोखंडवाला गए थे। कुछ देर बाद ही उन्होंने प्रत्युषा को कॉल किया तो वो जोर-जोर से रो रही थीं।

थोड़ी कहासुनी होने के बाद प्रत्युषा ने कहा- वोह, राहुल राज, इगो अपने पास रखो, क्योंकि कुछ ही घंटों में, शायद मिनटों में, किसी को इगो दिखाने के लिए नहीं बचेगा।

राहुल ने जवाब दिया- देखो, मैं तुमसे बस इतना बोल रहा हूं, खाली सुनो।

प्रत्युषा ने बात काटते हुए कहा- मैं तुमसे इतना बोल रही हूं…. मैंने तुमसे बहुत प्यार किया है। पूरी कहानी पढ़िए…

पार्ट-2, मौत से पहले प्रत्युषा बनर्जी ने करवाया अबॉर्शन:बॉयफ्रेंड की एक्स ने की थी मारपीट, पोस्टमॉर्टम में शरीर में मिली 100ml शराब

प्रत्युषा बनर्जी के दोस्तों ने जिस सलोनी शर्मा पर उनसे मारपीट के आरोप लगाए थे, उन्होंने पुलिस बयान में कबूला कि उन्होंने एक्ट्रेस को थप्पड़ मारा था, लेकिन साथ ही उन्होंने कहा कि वो और राहुल राज एक समय में रिलेशनशिप में थे, लेकिन प्रत्युषा की वजह से राहुल ने उन्हें छोड़ दिया। पूरी कहानी पढ़िए

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पार्ट-1, एक्ट्रेस के घर से लापता हुए कास्टिंग डायरेक्टर नीरज ग्रोवर: एक कॉल से पुलिस ने सुलझाई गुत्थी, कातिलों ने लाश के सामने बनाए शारीरिक संबंध

मई 2008 की बात है

उस दौर की सबसे मशहूर क्राइम रिपोर्टर जिग्ना वोरा के पास अमरनाथ ग्रोवर का कॉल आया। उन्होंने घबराती हुई आवाज में कहा, ‘जिग्ना जी, मैं अमरनाथ बोल रहा हूं, मेरा बच्चा गुम हो गया है, क्या आप इस पर स्टोरी करेंगी?’

जिग्ना जो बड़े-बड़े केस की रिपोर्टिंग करती थीं, उनके लिए ये कोई बड़ी बात नहीं थी। उन्होंने जवाब दिया- ‘सर, ऐसे कई बच्चे गुम हो जाते हैं, लेकिन हम सब पर स्टोरी थोड़ी कर सकते।’ पूरी खबर पढ़िए…

पार्ट-2, लाश के सामने एक्ट्रेस ने बनाए शारीरिक संबंध: मॉल से खरीदी चाकू, लाश के टुकड़े थैलियों में भरकर जंगल में जलाए, जानिए कैसे हुए हत्याकांड का खुलासा

मारिया की बिल्डिंग के गार्ड ने पूछताछ में बताया कि मारिया 7 मई 2008 की शाम कुछ भारी बैग्स ले जाती दिखी थीं, उस समय उनके बॉयफ्रेंड जेरोम मैथ्यू भी साथ थे, जबकि पूछताछ में जेरोम ने कहा था कि वो मारिया की बिल्डिंग गए ही नहीं थे।

विवेक की गुमशुदगी के करीब 2 हफ्ते बाद सख्ती करने पर मारिया ने कहा कि विवेक की हत्या हो चुकी है। जेरोम ने विवेक का कत्ल किया, फिर उन्होंने लाश के सामने एक्ट्रेस का रेप किया। इसके बाद दोनों ने मिलकर लाश के टुकड़े किए और उन्हें ठिकाने लगाया। पूरी कहानी पढ़िए…

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पार्ट-1, फार्महाउस गया एक्ट्रेस का परिवार अचानक हुआ लापता: एक साल बाद खुदाई में सड़ते मिले 6 कंकाल, आतंकी बम ब्लास्ट से हुआ हत्याकांड का खुलासा

छुट्टी मनाने पूरा परिवार साथ जा रहा था। हंसी-खेल का माहौल था, सबने फार्महाउस में होने वाले मनोरंजन, गानों और कुछ न कुछ करने का पहले से मन बना रखा था। घर के 7 लोग, लैला, लैला की मां सेलिना, बहनें जारा, आफरीन (अजमीना), कजिन रेशमा और भाई इमरान और सौतेले पिता परवेज टाक 2 गाड़ियों में भरकर फार्महाउस के लिए रवाना हुए। पूरी खबर पढ़िए…

पार्ट-2, जमीन खोदकर निकाले गए एक्ट्रेस के परिवार के 6 कंकाल: एक साल पहले कुत्ते के साथ दफनाया, कातिल तसल्ली होने तक सिर कुचलता रहा

लैला खान छुट्टी मनाने फार्महाउस गईं और अचानक लापता हो गईं। जांच में सामने आया कि सिर्फ लैला ही नहीं, उनके परिवार के 6 और लोग लापता हैं। एक साल तक लैला की कोई खबर नहीं मिली और फिर कश्मीर में एक बम ब्लास्ट हुआ, उस जगह के पास ही लैला की मां के नाम पर रजिस्टर्ड कार मिली। जांच में एक्ट्रेस लैला खान के सौतेले पिता परवेज टाक की गिरफ्तारी हुई। परवेज जांच टीम को फार्महाउस ले गया, जहां एक-एक कर 6 कंकाल बरामद किए गए। इनमें परिवार के पालतू कुत्ते का भी कंकाल था।

10 जुलाई 2012 को परवेज टाक को सदर्न मुंबई किला कोर्ट में पेश कर क्राइम ब्रांच ने कस्टडी ली। मामला गंभीर था, तो जांच टीम सख्ती करने से नहीं चूकी। हाथ-पैर बांधकर परवेज टाक को तबीयत से पीटा गया, जिसके बाद उसकी निशानदेही पर फार्महाउस से कंकाल निकाले गए। इससे पहले ही उसने फरवरी 2011 की रात की पूरी कहानी सुना दी थी। पूरी खबर पढ़िए…

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July 13, 2026/
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राजनीति

Bollywood Actress Kidnapping Murder Story; Meenakshi Thapa

Bollywood Actress Kidnapping Murder Story; Meenakshi Thapa

2 घंटे पहलेलेखक: ईफत कुरैशी और वर्षा राय

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बॉलीवुड क्राइम फाइल्स के मीनाक्षी थापा हत्याकांड के पार्ट-1 में आपने पढ़ा कि कैसे एक्ट्रेस मीनाक्षी थापा 14 मार्च 2012 में अचानक लापता हो गईं। परिवार ने उनकी तलाश शुरू की, लेकिन फिर अचानक 15 लाख की फिरौती की मांग हुई। केस में पहला शक मीनाक्षी के दो करीबी दोस्तों और स्ट्रगलिंग एक्टर्स प्रीति सुरीन और अमित जयसवाल पर था। करीब 1 महीने की तलाश के बाद मीनाक्षी का कॉल ट्रेस कर पुलिस अमित और प्रीति तक पहुंची। पुलिस पूछताछ में दोनों ने कहा कि मीनाक्षी की एक हफ्ते पहले ही गला काटकर हत्या की जा चुकी है। लेकिन सवाल ये था कि अगर मीनाक्षी की हत्या हुई, तो उनकी लाश कहां हैं और उनकी हत्या किसने और क्यों की, फिरौती की मांग क्यों की गई।

अब पार्ट-2 में जानिए कहानी आगे-

एक भयावह कन्फेशन और लाश की तलाश

क्राइम ब्रांच की पूछताछ में अमित जयसवाल और प्रीति सुरीन ने कबूल कर लिया कि उन दोनों ने ही मीनाक्षी की हत्या की। दोनों ने उनका सिर धड़ से अलग किया और फिर लाश के कई टुकड़े कर ठिकाने लगाया। मीनाक्षी का सिर जंगलों में फेंका गया। मीनाक्षी की हत्या उनकी गुमशुदगी की शिकायत होने और फिरौती मांगे जाने से पहले ही 14 मार्च को की जा चुकी थी। इसके बावजूद दोनों उन्हें जिंदा दिखाने के लिए परिवार को फिरौती के लिए उन्हीं के नंबर से मैसेज करते रहे।

मीनाक्षी थापा फिल्म 404 में काम कर चुकी थीं।

मीनाक्षी थापा फिल्म 404 में काम कर चुकी थीं।

जब पुलिस ने उनसे पूछा कि मीनाक्षी की हत्या कहां की गई, तो दोनों ने इलाहाबाद का एक पता बताया।

18 अप्रैल 2012

क्राइम ब्रांच की टीम प्रीति सुरीन और अमित जयसवाल को लेकर इलाहाबाद पहुंची। दोनों टीम को प्रीति सुरीन के दरभंगा कॉलोनी के बंगले ले गए। प्रीति सुरीन के पिता नवीन सुरीन उस बंगले के केयरटेकर थे और उसके पीछे स्थित सर्वेंट क्वार्टर में रहते थे। प्रीति और अमित की निशानदेही पर पुलिस क्वार्टर के पीछे पहुंची।

बंगले के पीछे की जांच के दौरान अमित और प्रीति के साथ जांच अधिकारी।

बंगले के पीछे की जांच के दौरान अमित और प्रीति के साथ जांच अधिकारी।

दोनों ने वहां बने सैप्टिक टैंक की ओर इशारा किया। घंटों टैंक की तलाशी ली गई, जिसके बाद पुलिस को सफलता मिल गई। हर तरफ सड़न की बू आ रही थी। फिर जब लाश निकाली गई तो हर कोई हैरान था। लाश में सिर नहीं था, वो सिर्फ धड़ था। पूरा टैंक खंगाला गया, लेकिन सिर नहीं मिला। धड़ पूरी तरह सड़ चुका था। उसे तुरंत पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

अगले दिन 19 अप्रैल 2012 को मीनाक्षी के परिवार को उनकी बॉडी की शिनाख्त के लिए बुलाया गया। मीनाक्षी की रूममेट भी इलाहाबाद पहुंचीं। उन्होंने बताया कि जब 13 मार्च को वो घर से निकली थीं, तब उन्होंने ब्राउन टी-शर्ट और ब्लू जींस पहन रखी थी। मीनाक्षी का धड़ भी उन्हीं कपड़ों में मिला था। मीनाक्षी के जीजाजी ने भी उनके दाहिने पैर के बर्थमार्क से उनकी पहचान कन्फर्म की।

मीनाक्षी की करीबी दोस्त कामना सिंह दैनिक भास्कर से बात करते हुए कहती हैं, ‘मैंने यह खबर न्यूजपेपर में पढ़ी थी। उस समय काफी समय से मेरी उनसे मुलाकात नहीं हुई थी। जब मैंने यह खबर पढ़ी, तो कुछ समय तक यकीन ही नहीं हुआ कि ऐसा कैसे हो सकता है। यह बहुत शॉकिंग था। जिस इंसान से आप मिलते हैं, बातें करते हैं, वह अचानक इतनी बेरहमी से मार दी जाए, यह स्वीकार करना बहुत मुश्किल था। इस घटना से करीब डेढ़-दो महीने पहले हमारी बात हुई थी। उस समय वह एक फिल्म पर काम कर रही थीं।’

मीनाक्षी थापा की दोस्त एक्ट्रेस कामना सिंह।

मीनाक्षी थापा की दोस्त एक्ट्रेस कामना सिंह।

आगे कामना कहती हैं, ‘यह बहुत शॉकिंग था। हम सब इस शहर में सपने लेकर आते हैं और लोगों पर भरोसा कर लेते हैं। इस घटना से यह सीख मिली कि हर किसी पर भरोसा नहीं किया जा सकता। सबसे ज्यादा हैरानी इस बात की थी कि यह सब उनके अपने दोस्तों ने किया।’

इलाहाबाद से 108 किलोमीटर दूर फेंका सिर, जंगलों में सर्च टीम को करनी पड़ी मशक्कत

धड़ मिलने के बाद प्रीति और अमित ने बताया कि मीनाक्षी का धड़ सैप्टिक टैंक में छिपाने के बाद वो सिर को एक बैग में रखकर बस से वाराणसी गए। फिर ट्रेन से वाराणसी से लखनऊ आते हुए उन्होंने सिर जंगल में फेंक दिया।

क्राइम ब्रांच की टीम ने अमित और प्रीति के साथ उन जगंलों में छानबीन की, लेकिन कई हफ्तों की जांच के बाद भी उनका सिर बरामद नहीं किया जा सका।

क्यों और कैसे की गई मीनाक्षी की हत्या?

प्रीति सुरीन और अमित, मीनाक्षी के करीबी दोस्त थे, ऐसे में पुलिस का सवाल ये था कि आखिर उन्होंने अपनी ही दोस्त की इस कदर बेरहमी से हत्या क्यों की। दोनों ने इकबालनामे के अनुसार, अमित और प्रीति लंबे समय से मुंबई में छोटे-मोटे काम कर रहे थे, जिससे उनका गुजारा भी बामुश्किल होता था। वो शादी कर घर बसाना चाहते थे, लेकिन उनके पास न पैसे थे और न कहीं से पैसे आने का कोई जरिया।

अमित जयसवाल पहले से शादीशुदा था और उसके 2 बच्चे भी थे।

अमित जयसवाल पहले से शादीशुदा था और उसके 2 बच्चे भी थे।

इसी बीच उनकी मुलाकात फिल्म हीरोइन के सेट में मीनाक्षी थापा से हुई। समय के साथ उनकी दोस्ती हो गई। एक दिन बात करते हुए मीनाक्षी ने उन्हें बताया कि वो नेपाल की एक रॉयल फैमिली से ताल्लुक रखती हैं। उनका परिवार बेहद रईस है। पैसों की कोई कमी नहीं है, लेकिन वो हीरोइन बनने का शौक पूरा करने के लिए मुंबई में अकेले रहकर संघर्ष कर रही हैं।

समय के साथ मीनाक्षी ने अपनी रईसी के कई किस्से भी उन्हें सुनाए। यहीं से दोनों ने एक साजिश रची। साजिश थी, मीनाक्षी को किडनैप कर उनके रॉयल परिवार से पैसे ऐंठना।

दोनों ने कुछ दिनों तक पुख्ता प्लान बनाया और पिर 12 मार्च को मीनाक्षी से कहा कि वो गोरखपुर में हो रही भोजपुरी फिल्म की शूटिंग में जा रहे हैं। अगर मीनाक्षी चाहें तो साथ आ सकती हैं। मीनाक्षी उस समय काम की तलाश में थीं, तो वो झठ से मान गईं।

13 मार्च को अमित और प्रीति ने गोरखपुर के लिए रेल्वे टिकट्स खरीदीं, लेकिन फिर उन्होंने प्लान बदल लिया। कन्फर्म टिकट्स होने के बावजूद वो गोरखपुर न जाकर इलाहाबाद जाने वाली कामायनी एक्सप्रेस के जनरल कोच में बैठे। मीनाक्षी ने सवाल किया, तो अमित ने उनसे कहा कि भोजपुरी फिल्म के डायरेक्टर से मुलाकात इलाहाबाद में होगी।

14 मार्च की शाम 4 बजे तीनों इलाहाबाद पहुंचे। उस दिन मीनाक्षी ने अपनी मां से आखिरी बार बात की थी। प्रीति, उन्हें दरभंगा स्थित अपने सर्वेंट क्वार्टर में ले गई, जहां उनके पिता ने मीनाक्षी को देखा था। शाम तक मीनाक्षी को प्रीति और अमित की कहानी पर शक होने लगा। सवाल करने पर तीखी बहस हुई, जिसके बाद दोनों ने उन्हें बंदी बना लिया।

15 मार्च की रात तक दोनों ने मीनाक्षी के एटीएम का पिन नंबर पता किया। दोनों पहले ही मार्केट से धारदार हथियार खरीद चुके थे। रात होते ही दोनों ने मीनाक्षी का गला घोंटकर हत्या की और जब उनकी सांस थम गई तो गला काटकर धड़ से अलग कर दिया।

दोनों ने रात को ही धड़ सैप्टिक टैंक में डाला और सिर पॉलिथिन बैग में छिपा लिया।

हत्या के समय मीनाक्षी थापा महज 26 साल की थीं।

हत्या के समय मीनाक्षी थापा महज 26 साल की थीं।

दोनों रात भर सिर के साथ उसी कमरे में सोए। अगली सुबह उन्होंने सिविल लाइन से लखनऊ के लिए एयरकंडीशनर वाली वोल्वो बस ली, लेकिन वो बीच में फाफामऊ में ही उतर गए। वहां उन्होंने धारदार हथियार फेंका।

फाफामऊ से वो एक पैसेंजर ट्रेन से वाराणसी के लिए रवाना हुए। बीच रास्ते में जंगल आया, तो दोनों ने लोगों की नजरों से बचाते हुए चलती ट्रेन से सिर वहीं फेंक दिया।

16 मार्च की रात वो ट्रेन से वाराणसी से मुंबई पहुंचे और बांद्रा में रहने लगे। वो लोग मीनाक्षी का सारा सामान ठिकाने लगा चुके थे, लेकिन मोबाइल फोन और एटीएम उनके पास ही था। 17 मार्च को उन्होंने मीनाक्षी के मोबाइल से उनकी मां को फिरौती का मैसेज भेजा और 15 लाख की मांग की।

मैसेज में ही मीनाक्षी की मां ने उन्हें बताया कि उनके पास कोई पैसे नहीं हैं। जैसे तैसे वो बस 60 हजार ही दे पाईं। उसी दिन उन्हें पता चला कि मीनाक्षी किसी रॉयल परिवार से नहीं बल्कि एक मिडिल क्लास परिवार से हैं। इसके बावजूद दोनों पैसों की मांग करते रहे।

इस केस में मीनाक्षी के परिवार ने कमिश्रर को एक लेटर लिखकर कहा कि उन्हें शक है कि इस केस में प्रीति और अमित के अलावा भी कई लोग शामिल हो सकते हैं। मीनाक्षी का केस पब्लिक प्रोसेक्यूटर उज्जवल निकम ने लड़ा। उन्होंने 35 गवाहों

स्पेशल पब्लिक प्रोसेट्यूटर उज्जवल निकम ने केस लड़ते हुए 35 गवाहों से पूछताछ की। इनमें से सबसे अहम प्रीति सुरीन के पिता नवीन सुरीन का बयान रहा, जिन्होंने आखिरी बार मीनाक्षी को अपने घर में देखा था।

पब्लिक प्रोसेक्यूटर उज्जवल निकम।

पब्लिक प्रोसेक्यूटर उज्जवल निकम।

हत्या से महज कुछ महीने पहले ही मीनाक्षी थापा हीरोइन बनने का ख्वाब लिए मुंबई पहुंची थीं। कम समय में ही उन्हें अच्छा काम मिलने लगा था। वो कई ऑडिशन देती थीं। तभी उनकी मुलाकात कामना सिंह से हुई। कामना, मीनाक्षी को याद कर कहती हैं, ‘हम लोग जब ऑडिशन देने जाते थे, तो कई एक्टर्स और एक्ट्रेसेस से मुलाकात होती थी। उसी तरह मेरी मुलाकात मीनाक्षी से भी हुई। धीरे-धीरे हम लोग अलग-अलग ऑडिशन हॉल में टकराते रहते थे और बातचीत होने लगी। बार-बार मिलने से एक बॉन्डिंग बन जाती है। हम अक्सर अपने करियर को लेकर बातें करते थे कि कैसे काम मिलेगा, कितनी मेहनत करनी पड़ती है, कितने ऑडिशन देने होते हैं। लेकिन साथ ही एक जुनून और उम्मीद भी रहती थी कि अगला ऑडिशन हमारा बेस्ट होगा और कुछ बड़ा होगा।’

मीनाक्षी, कामना से कई बातें शेयर करती थीं। उसे याद कर कामना कहती हैं, ‘हम लोग जब भी मिलते थे, तो घर-परिवार की बातें होती थीं। वह अपनी मां के बारे में अक्सर बात करती थीं। वह कहती थीं कि उनकी मां को उन पर बहुत भरोसा है और उन्होंने बहुत विश्वास के साथ उन्हें मुंबई भेजा है।’

‘वह एक लीड एक्ट्रेस बनना चाहती थीं और कुछ बड़ा करना चाहती थीं। उन्होंने 2011 में फिल्म ‘404’ से शुरुआत भी की थी, जिसमें उनके काम की सराहना हुई थी।’

जब उनसे पूछा गया कि मीनाक्षी वाकई रॉयल फैमिली से होने का दावा करती थीं, तो इस पर वो कहती हैं, ‘जहां तक मैं जानती हूं, उन्होंने मुझसे ऐसा कभी नहीं कहा। कई बार इंडस्ट्री में लोग अपनी परिस्थितियों के हिसाब से खुद को अलग तरह से पेश करते हैं। हो सकता है उन्होंने किसी से मजाक में या इम्प्रेशन के लिए ऐसा कहा हो। असल में वह एक मिडिल क्लास फैमिली से थीं।’

प्रीति और अमित को सुनाई गई उम्रकैद की सजा

ये केस लंबा चला। मीनाक्षी की हत्या के 6 साल बाद 9 मई 2018 को मुंबई सेशन्स कोर्ट के एडिशनल सेशन जज एस. जी. शेट्टे ने अमित जायसवाल (36) और उसकी गर्लफ्रेंड प्रीति सुरिन (26) को आईपीसी की धारा 302 (हत्या) और 364-ए (फिरौती के लिए अपहरण) के तहत दोषी पाया।

11 मई 2018 को सजा के लिए बहस करते हुए पब्लिक प्रोसेक्यूटर उज्जवल निकम ने इस केस को रेयरेस्ट ऑफ रेयर बताया और फांसी की मांग की। हालांकि कोर्ट ने उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

संयोग ये रहा कि केस का सुपरविजन करने वाले तत्कालीन जॉइंट कमिश्नर हिमांशु रॉय ने भी उसी दिन 11 मई 2018 को खुद को गोली मारकर हत्या की, जिस दिन केस का फैसला सुनाया गया। हिमांशु रॉय कैंसर का इलाज करवा रहे थे। बीमारी से तंग आकर उन्होंने आत्महत्या की थी।

तत्कालीन जॉइंट कमिश्नर हिमांशु रॉय।

तत्कालीन जॉइंट कमिश्नर हिमांशु रॉय।

सजा पर मीनाक्षी की दोस्त कामना कहती हैं, ‘यह जानकर थोड़ा सुकून मिला कि अपराधियों को सजा मिली। मीनाक्षी वापस तो नहीं आ सकतीं, लेकिन कम से कम उन्हें न्याय मिला। उसने किसी का कुछ नहीं बिगाड़ा था, फिर भी उनके साथ इतना बड़ा अन्याय हुआ। ऐसे में यह जरूरी था कि दोषियों को सजा मिले, ताकि उनकी आत्मा को शांति मिल सके।’

इस पर केस कवर करने वाले सीनियर क्राइम जर्नलिस्ट इकबाल ममदानी कहते हैं, ‘शुरुआत में पुलिस के लिए यह मामला काफी उलझा हुआ था, क्योंकि यह सिर्फ एक मिसिंग केस लग रहा था। मीनाक्षी कहां गईं, किसके साथ गई इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं थी। सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि शव पूरी तरह से बरामद नहीं हुआ था और सिर आज तक नहीं मिला। इसके अलावा कोई सीधा सबूत भी नहीं था, जिससे आरोपियों तक पहुंचा जा सके।’

वो आगे कहते हैं, ‘बाद में टेक्निकल एविडेंस, फॉरेंसिक जांच और आरोपियों के कबूलनामे के आधार पर केस मजबूत हुआ और अदालत में साबित करना आसान हो गया। यही वजह रही कि 2018 में अदालत ने दोनों को उम्रकैद की सजा सुनाई। इस केस से यह साफ होता है कि अगर तकनीकी सबूत और जांच की कड़ियां सही तरीके से जुड़ जाएं, तो सबसे जटिल केस भी सुलझाया जा सकता है।’

देहारदून से हीरोइन बनने मुंबई पहुंची थीं मीनाक्षी

नेपाल की रहनेवाली मीनाक्षी थापा के पिता ओएनजीसी देहरादून में पोस्टेड थे। उनकी स्कूलिंग दून स्कूल से हुई थी। मीनाक्षी ने एविएशन में डिप्लोमा किया। लेकिन उनका झुकाव डांस की ओर था। उन्होंने सेंट जोसेफ एकेडमी में बतौर डांस टीचर काम भी किया।

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पार्ट-1, एक्ट्रेस मीनाक्षी थापा की किडनैपिंग हुई:15 लाख मांगे, अश्लील वीडियो बनाने की धमकी दी, फिर दोस्त बोले- हमने गला काटकर मार डाला

मार्च 2012 की बात है,

देहरादून की रहनेवालीं मीनाक्षी थापा हीरोइन बनने का सपने लिए सपनों की नगरीं मुंबई पहुंचीं। शुरुआती संघर्ष के बाद उन्हें पहले छोटे-मोटे एड में काम मिला और फिर बॉलीवुड फिल्मों में बतौर साइड एक्ट्रेस या जूनियर आर्टिस्ट के तौर पर काम मिलने लगा। 2011 में उन्हें टिस्का चोपड़ा, सतीश कौशिक, निशिकांत कामत स्टारर फिल्म 404 में काम मिला। मीनाक्षी इंडस्ट्री में अच्छी पकड़ बनाने लगी थीं। उनका सालों पुराना ख्वाब धीरे-धीरे ही सही लेकिन पूरा हो रहा था। फिल्म पकाई में छोटा सा रोल करने के बाद उन्हें मधुर भंडारकर स्टारर फिल्म हीरोइन में एक छोटा सा रोल मिला। पूरी खबर पढ़िए… (नोट- ये खबर मीनाक्षी थापा की दोस्त एक्ट्रेस कामना सिंह, सीनियर क्राइम जर्नलिस्ट इकबाल ममदानी और रिसर्च के आधार पर क्रिएटिव लिबर्टी लेते हुए लिखी गई है। )

लेखक- ईफत कुरैशी

रिपोर्टर- वर्षा राय और वीरेंद्र मिश्र

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भास्कर की नई सीरीज बॉलीवुड क्राइम फाइल्स की ये कहानियां भी पढ़िए-

पार्ट-1, शाइनी आहूजा रेप केस:मेड बोली- कमरे में बंद किया; सीमन सैंपल हुए मैच, एक्टर बोले- संबंध रजामंदी से बने

14 जून 2009

शाम का समय था। एक लड़की रोती-बिलखती हालत में ओशिवारा पुलिस स्टेशन में दाखिल हुई। उसके साथ कुछ और लोग भी थे। लड़की को पुलिस स्टेशन में बैठाया गया। साथ मौजूद लोगों ने जोर देकर बोला- इसका रेप हुआ है। लड़की लगातार रोए जा रही थी। पुलिस ने पूछा किसने किया, जवाब मिला- शाइनी आहूजा, बॉलीवुड एक्टर।

वहां मौजूद हर शख्स हैरान था। मामला हाई प्रोफाइल था, तो पुलिस ने भी बिना देरी किए शिकायत लिखना शुरू किया।

आसपास के लोगों ने लड़की का हौसला बढ़ाया और फिर उसने स्टेटमेंट देना शुरू किया, मेरा नाम माधुरी जोशी है, मैं 20 साल की हूं। शाइनी आहूजा के घर में मई से काम कर रही थी। मैं सुबह से शाम वहीं रहती थी। घर में दो मेड और थीं। उस दिन घर में कोई नहीं था। अचानक उन्होंने मुझे पकड़ लिया। मैंने बचने की कोशिश की तो मारा। पूरी कहानी पढ़िए… ………………………….

पार्ट-2, शाइनी आहूजा रेप केस:मेड ने बयान बदला, कहा- रेप नहीं हुआ, 7 साल की सजा हुई; ₹15 लाख की हुई मांग

केस चर्चा में था तभी एक अखबार में दावा किया गया कि शाइनी के खिलाफ पुलिस को कई सबूत मिले हैं। दावा था कि शाइनी की पड़ोसी ने उस रोज मेड की चीखों की आवाजें सुनी थीं। इन दावों के बीच शाइनी आहूजा की पत्नी अनुपम आहूजा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर साफ कहा कि उनके पति निर्दोष हैं, उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले हैं। पूरी कहानी पढ़िए… …………………………………….

पार्ट-1, बालिका वधु एक्ट्रेस प्रत्युषा बोलीं- मैं बिकने नहीं आई:आखिरी कॉल में मां-बाप को गालियां दीं, फिर फंदे पर लटकी मिलीं

1 अप्रैल 2016, दोपहर करीब 12 बजे…

प्रत्युषा बनर्जी, बॉयफ्रेंड एक्टर-प्रोड्यूसर राहुल राज के साथ मुंबई के गोरेगांव की हार्मनी बिल्डिंग की सातवीं मंजिल पर स्थित फ्लैट नंबर 703 में रहती थीं।

दोपहर में राहुल अपने काम से लोखंडवाला गए थे। कुछ देर बाद ही उन्होंने प्रत्युषा को कॉल किया तो वो जोर-जोर से रो रही थीं।

थोड़ी कहासुनी होने के बाद प्रत्युषा ने कहा- वोह, राहुल राज, इगो अपने पास रखो, क्योंकि कुछ ही घंटों में, शायद मिनटों में, किसी को इगो दिखाने के लिए नहीं बचेगा।

राहुल ने जवाब दिया- देखो, मैं तुमसे बस इतना बोल रहा हूं, खाली सुनो।

प्रत्युषा ने बात काटते हुए कहा- मैं तुमसे इतना बोल रही हूं…. मैंने तुमसे बहुत प्यार किया है। पूरी कहानी पढ़िए…

पार्ट-2, मौत से पहले प्रत्युषा बनर्जी ने करवाया अबॉर्शन:बॉयफ्रेंड की एक्स ने की थी मारपीट, पोस्टमॉर्टम में शरीर में मिली 100ml शराब

प्रत्युषा बनर्जी के दोस्तों ने जिस सलोनी शर्मा पर उनसे मारपीट के आरोप लगाए थे, उन्होंने पुलिस बयान में कबूला कि उन्होंने एक्ट्रेस को थप्पड़ मारा था, लेकिन साथ ही उन्होंने कहा कि वो और राहुल राज एक समय में रिलेशनशिप में थे, लेकिन प्रत्युषा की वजह से राहुल ने उन्हें छोड़ दिया। पूरी कहानी पढ़िए

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पार्ट-1, एक्ट्रेस के घर से लापता हुए कास्टिंग डायरेक्टर नीरज ग्रोवर: एक कॉल से पुलिस ने सुलझाई गुत्थी, कातिलों ने लाश के सामने बनाए शारीरिक संबंध

मई 2008 की बात है

उस दौर की सबसे मशहूर क्राइम रिपोर्टर जिग्ना वोरा के पास अमरनाथ ग्रोवर का कॉल आया। उन्होंने घबराती हुई आवाज में कहा, ‘जिग्ना जी, मैं अमरनाथ बोल रहा हूं, मेरा बच्चा गुम हो गया है, क्या आप इस पर स्टोरी करेंगी?’

जिग्ना जो बड़े-बड़े केस की रिपोर्टिंग करती थीं, उनके लिए ये कोई बड़ी बात नहीं थी। उन्होंने जवाब दिया- ‘सर, ऐसे कई बच्चे गुम हो जाते हैं, लेकिन हम सब पर स्टोरी थोड़ी कर सकते।’ पूरी खबर पढ़िए…

पार्ट-2, लाश के सामने एक्ट्रेस ने बनाए शारीरिक संबंध: मॉल से खरीदी चाकू, लाश के टुकड़े थैलियों में भरकर जंगल में जलाए, जानिए कैसे हुए हत्याकांड का खुलासा

मारिया की बिल्डिंग के गार्ड ने पूछताछ में बताया कि मारिया 7 मई 2008 की शाम कुछ भारी बैग्स ले जाती दिखी थीं, उस समय उनके बॉयफ्रेंड जेरोम मैथ्यू भी साथ थे, जबकि पूछताछ में जेरोम ने कहा था कि वो मारिया की बिल्डिंग गए ही नहीं थे।

विवेक की गुमशुदगी के करीब 2 हफ्ते बाद सख्ती करने पर मारिया ने कहा कि विवेक की हत्या हो चुकी है। जेरोम ने विवेक का कत्ल किया, फिर उन्होंने लाश के सामने एक्ट्रेस का रेप किया। इसके बाद दोनों ने मिलकर लाश के टुकड़े किए और उन्हें ठिकाने लगाया। पूरी कहानी पढ़िए…

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पार्ट-1, फार्महाउस गया एक्ट्रेस का परिवार अचानक हुआ लापता: एक साल बाद खुदाई में सड़ते मिले 6 कंकाल, आतंकी बम ब्लास्ट से हुआ हत्याकांड का खुलासा

छुट्टी मनाने पूरा परिवार साथ जा रहा था। हंसी-खेल का माहौल था, सबने फार्महाउस में होने वाले मनोरंजन, गानों और कुछ न कुछ करने का पहले से मन बना रखा था। घर के 7 लोग, लैला, लैला की मां सेलिना, बहनें जारा, आफरीन (अजमीना), कजिन रेशमा और भाई इमरान और सौतेले पिता परवेज टाक 2 गाड़ियों में भरकर फार्महाउस के लिए रवाना हुए। पूरी खबर पढ़िए…

पार्ट-2, जमीन खोदकर निकाले गए एक्ट्रेस के परिवार के 6 कंकाल: एक साल पहले कुत्ते के साथ दफनाया, कातिल तसल्ली होने तक सिर कुचलता रहा

लैला खान छुट्टी मनाने फार्महाउस गईं और अचानक लापता हो गईं। जांच में सामने आया कि सिर्फ लैला ही नहीं, उनके परिवार के 6 और लोग लापता हैं। एक साल तक लैला की कोई खबर नहीं मिली और फिर कश्मीर में एक बम ब्लास्ट हुआ, उस जगह के पास ही लैला की मां के नाम पर रजिस्टर्ड कार मिली। जांच में एक्ट्रेस लैला खान के सौतेले पिता परवेज टाक की गिरफ्तारी हुई। परवेज जांच टीम को फार्महाउस ले गया, जहां एक-एक कर 6 कंकाल बरामद किए गए। इनमें परिवार के पालतू कुत्ते का भी कंकाल था।

10 जुलाई 2012 को परवेज टाक को सदर्न मुंबई किला कोर्ट में पेश कर क्राइम ब्रांच ने कस्टडी ली। मामला गंभीर था, तो जांच टीम सख्ती करने से नहीं चूकी। हाथ-पैर बांधकर परवेज टाक को तबीयत से पीटा गया, जिसके बाद उसकी निशानदेही पर फार्महाउस से कंकाल निकाले गए। इससे पहले ही उसने फरवरी 2011 की रात की पूरी कहानी सुना दी थी। पूरी खबर पढ़िए…

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