क्या गर्मियों में खाना चाहिए अंडा? हां या ना… जान लीजिए डॉक्टर की जुबानी

Last Updated:May 21, 2026, 15:20 IST Mirzapur News: कहा जाता है कि गर्मियों के दिनों में अंडा नहीं खाना चाहिए… पर क्या सच में ? यही जानने के लिए हमने डाइटीशियन से बात की. उन्होंने सारा भ्रम दूर किया और बताया कि अंडा खाना चाहिए या नहीं. मिर्जापुर: अक्सर आपके मन में सवाल रहता है कि गर्मियों में अंडे खाने चाहिए या नहीं. कई बार कुछ लोग गर्मियों के मौसम में अंडे को खाना ही छोड़ देते हैं. दरअसल, कहा जाता है कि गर्मियों के दिनों में अंडा नहीं खाना चाहिए. अब इस बात में कोई सच्चाई है भी या नहीं… ये आज हम आपको बताने वाले हैं. लोकल 18 की टीम ने मंडलीय अस्पताल की डाइटीशियन से इस बारे में बात की तो पता चला कि अंडा से गर्मी होने जैसी बात में कोई सच्चाई नहीं है. बिना किसी चिंता के अंडा खा सकते हैं. डाइटीशियन डॉ. ज्योति सिंह ने कहा कि अंडा किसी भी सीजन में खा सकते हैं. अंडे में सबसे ज्यादा प्रोटीन मिलता है. इसे प्रोटीन का बेहतर सोर्स माना जाता है, जो लोग भी अंडे खाते हैं वह खा सकते हैं. अक्सर मन में चलता रहता है कि गर्मियों में अंडे खाने से गर्मी होती है. यह नुकसान पहुंचाता है. हालांकि, ऐसा नहीं है. अंडे को खाने के बाद डाइजेस्ट होने में थोड़ा वक्त लगता है. यहीं वजह है कि लोग कहते हैं कि अंडा खाने से गर्मी होती है बाकी ऐसा कुछ नहीं है. यह आपके के लिए ज्यादा स्वास्थ्यवर्धक है. दो अंडे हैं पर्याप्तडॉ. ज्योति सिंह ने बताया कि किसी भी संतुलित आहार के साथ दो अंडे ले सकते हैं. जब भी हाई प्रोटीन रिच चीजों को लेते हैं तो ऐसे में हाइड्रेटेड रहना फायदेमंद रहता है. अंडे में क्युरीन नामक पदार्थ होता है. ऐसे में जब भी अंडे खाएं तो पानी ज्यादा से ज्यादा मात्रा में पिएं. अन्यथा यह गठिया जैसी बीमारी का कारक हो सकता है. अंडे खाने के बाद नींद अच्छी लें. नींद पूरी न होने पर वेस्ट बनकर बाहर निकल जाता है. कोई फायदा हमारे शरीर को नहीं मिलता है. अगर आप अंडे खाने को लेकर सोच रहे हैं तो ये बेस्ट जगह है. अंडे खाए पर ज्यादा मात्रा में न खाए. यह नुकसानदेह हो सकता है. About the Author काव्या मिश्रा Kavya Mishra is working with News18 Hindi as a Senior Sub Editor in the regional section (Uttar Pradesh, Uttarakhand, Haryana and Himachal Pradesh). Active in Journalism for more than 7 years. She started her j…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Mirzapur,Uttar Pradesh
गर्मी में अमृत है मऊ का तरबूज! मिठास ऐसी कि विदेश तक है डिमांड, स्वाद के साथ मिलेगी जबरदस्त ठंडक

Last Updated:May 18, 2026, 13:42 IST गर्मी के मौसम में तरबूज लोगों की पहली पसंद माना जाता है, लेकिन मऊ का देसी तरबूज अपनी खास मिठास और स्वाद की वजह से अलग पहचान बना चुका है. नदी किनारे उगाया जाने वाला यह तरबूज न सिर्फ शरीर को ठंडक देता है, बल्कि पानी की कमी दूर करने और ताजगी बनाए रखने में भी मदद करता है. यही वजह है कि इसकी मांग उत्तर प्रदेश से लेकर बड़े शहरों और विदेशों तक बनी रहती है. गर्मियों का सीजन आते ही लोग तरबूज और खरबूजा खाना खूब पसंद करते हैं, लेकिन इन दिनों मऊ का तरबूज लोगों के बीच खास पहचान बना रहा है. माना जाता है कि यहां का तरबूज खाते ही शरीर को ठंडक महसूस होती है और यह शरीर में खून बढ़ाने में भी मददगार माना जाता है. यही वजह है कि लोग इस तरबूज को बड़े चाव से खाते हैं. इसकी मिठास और स्वाद लोगों को इतना पसंद आता है कि सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि विदेशों में जाने वाले लोग भी इसे अपने साथ लेकर जाते हैं. इस खास तरबूज की खेती के लिए जनवरी से फरवरी के बीच बीजों की बुवाई की जाती है. इसके बाद फसल धीरे-धीरे तैयार होती है और अप्रैल के अंतिम दिनों से लेकर मई की शुरुआत में बाजार में आना शुरू हो जाती है. इस तरबूज को तैयार होने में काफी समय और मेहनत लगती है, इसलिए किसान इसकी खेती में विशेष ध्यान रखते हैं. तरबूज की अच्छी पैदावार और मिठास के लिए बलुई दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त मानी जाती है. ऐसी मिट्टी में उगाए गए तरबूज में ज्यादा मिठास आती है, जिसकी वजह से इसका स्वाद लोगों को बेहद पसंद आता है. मऊ में उगाए जाने वाले इस खास तरबूज की मांग सिर्फ उत्तर प्रदेश तक ही सीमित नहीं है, बल्कि दिल्ली, मुंबई और कोलकाता जैसे बड़े शहरों तक भी इसकी सप्लाई की जाती है. इतना ही नहीं, यहां आने वाले कई लोग इस तरबूज को अपने साथ विदेश तक लेकर जाते हैं. लोगों का मानना है कि मऊ के तरबूज जैसी मिठास प्रदेश में दूसरी जगह आसानी से नहीं मिलती. यही वजह है कि इसकी डिमांड लगातार बढ़ती जा रही है. खास बात यह भी है कि खेतों से निकलने के बाद यह तरबूज कई दिनों तक खराब नहीं होता, इसलिए लोग इसे आसानी से लंबी दूरी तक लेकर जा सकते हैं. Add News18 as Preferred Source on Google अगर मऊ में मिलने वाले तरबूज की कीमत की बात करें, तो यह खेतों से काफी सस्ते दामों में आसानी से मिल जाता है. जहां बाजारों में इसकी कीमत ज्यादा होती है, वहीं सीधे खेतों से खरीदने पर यह करीब 20 रुपये प्रति किलो तक मिल जाता है. यही तरबूज बाद में बाजारों में अधिक दामों पर बेचा जाता है. मऊ में बड़े पैमाने पर तरबूज की खेती होने की वजह से यहां इसकी कीमत अपेक्षाकृत कम रहती है. यही कारण है कि लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य वाहनों से यहां पहुंचकर बड़ी मात्रा में तरबूज खरीदकर दूसरे जिलों और शहरों तक ले जाते हैं. तरबूज बाहर से हरे रंग का दिखाई देता है, लेकिन काटने पर अंदर से इसका गूदा गहरे लाल रंग का होता है. यही लाल रंग वाला तरबूज अपने बेहद मीठे स्वाद के लिए जाना जाता है. गर्मियों में लोग इसे बड़े चाव से खाना पसंद करते हैं. तरबूज खाने का सबसे अच्छा तरीका यह माना जाता है कि बाजार से लाने के बाद इसे कुछ देर तक ठंडे पानी में रखा जाए. इसके बाद इसे छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर छिलके अलग कर दिए जाएं और फिर इसका सेवन किया जाए. इसकी मिठास शरीर को अंदर से ताजगी देने का काम करती है और यह शरीर में खून बढ़ाने में भी मददगार माना जाता है. यही वजह है कि गर्मी के मौसम में तरबूज लोगों की पहली पसंद बना रहता है. अगर मऊ जनपद के सबसे फेमस तरबूज की बात करें, तो भातकोल बाजार का तरबूज सबसे ज्यादा मशहूर माना जाता है. यहां नदी किनारे बड़े पैमाने पर तरबूज की खेती की जाती है, जिससे फल में खास मिठास आती है. किसान खेतों से ताजा तरबूज सीधे बाजार में लेकर आते हैं, इसलिए यहां मिलने वाला तरबूज पूरी तरह ताजा और स्वादिष्ट माना जाता है. लोगों का कहना है कि भातकोल बाजार के तरबूज जैसी मिठास पूरे मऊ जिले में कहीं और नहीं मिलती. यही वजह है कि इस बाजार के तरबूज की मांग दूर-दूर तक रहती है और लोग खास तौर पर यहां से तरबूज खरीदने पहुंचते हैं. गर्मी के मौसम में तरबूज को शरीर में पानी की कमी दूर करने और खून बढ़ाने के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. यही वजह है कि लोग गर्मियों में इसका सेवन सबसे ज्यादा करते हैं. तरबूज शरीर को ठंडक पहुंचाने के साथ ताजगी बनाए रखने में भी मदद करता है. मऊ में खास तौर पर नदी किनारे तरबूज की खेती की जाती है, जिससे इसमें प्राकृतिक मिठास अधिक आती है. यही खास स्वाद और मिठास लोगों को बेहद पसंद आती है, जिसके कारण यहां का तरबूज दूर-दूर तक भेजा जाता है और इसकी मांग लगातार बनी रहती है. अगर तरबूज को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर ऊपर से हल्का काला नमक छिड़क कर खाया जाए, तो इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है. गर्मियों में लोग इसे बड़े चाव से खाते हैं, क्योंकि यह शरीर को ठंडक और ताजगी देने का काम करता है. तरबूज में पानी की मात्रा काफी अधिक होती है, इसलिए इसे शरीर में पानी की कमी दूर करने और खून बढ़ाने के लिए फायदेमंद माना जाता है. खास बात यह है कि मऊ जनपद का तरबूज अपनी जबरदस्त मिठास और देसी स्वाद की वजह से काफी मशहूर है. यही कारण है कि इसकी मांग सिर्फ आसपास के इलाकों में ही नहीं, बल्कि दूर-दराज और विदेशों तक भी बनी रहती है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
यूपी-बिहार में बारिश, राजस्थान में ओले गिरे:एमपी में आंधी, हिमाचल में बर्फबारी का अलर्ट; गुजरात का राजकोट देश में सबसे गर्म

उत्तर और मध्य भारत में गर्मी के बीच बारिश का दौर जारी है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और बिहार में गुरुवार को बारिश हुई। वहीं बिहार और हिमाचल प्रदेश में ओले भी गिरे। बिहार के जमुई समेत 5 जिलों में तेज बारिश हुई। राजस्थान के अलवर, टोंक और कोटपूतली-बहरोड़ जिले में गुरुवार दोपहर बाद मौसम बदला और बारिश और ओलावृष्टि हुई। इस दौरान ओले भी गिरे। प्रदेश का तापमान 2°C से 3°C बढ़ सकता है। हिमाचल प्रदेश के शिमला, जुब्बरहट्टी, सुंदरनगर और कांगड़ा में बारिश हुई। कई जगहों पर बिजली भी गिरी। पिछले 24 घंटों में सिरमौर के सराहन में सबसे ज्यादा 20 मिमी बारिश दर्ज की गई। आज राज्य के ऊपरी जिलों किन्नौर और मंडी में बर्फबारी और बारिश की संभावना है। 11 से 13 मई तक राज्य में येलो अलर्ट जारी किया गया है। यूपी में गुरुवार को बांदा, बिजनौर, शाहजहांपुर, कानपुर देहात और महोबा में तेज बारिश हुई। बिजनौर में सड़क पर CCTV के लिए लगाया गया टावर गिर गया, जिससे बिजली गुल हो गई। बाराबंकी में हाईवे पर फिसलन की वजह से दो डबल डेकर बसें, एक डीसीएम और कई अन्य गाड़ियां टकरा गईं। बस सवार बस्ती निवासी एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। गुजरात का राजकोट देश में सबसे गर्म रहा, यहाँ का तापमान 42.9°C दर्ज किया गया। मध्य प्रदेश में पिछले 7 दिन से आंधी-बारिश का दौर है। आज भी ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी और टीकमगढ़ में बारिश और आंधी हुई। वहीं, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर समेत प्रदेश के 44 जिलों में गर्मी का असर भी रहेगा। उत्तराखंड के उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में आज बारिश और बर्फबारी का अनुमान है। केदारनाथ में गुरुवार को ताजा बर्फबारी हुई। पिथौरागढ़ में 18 मिमी और बागेश्वर के सोंग में 12 मिमी बारिश दर्ज की गई। देशभर से मौसम से जुड़ी तस्वीरें… अगले दिन के मौसम का हाल 9 मई: 10 मई
Khabar Hatke- UP Twins Marry One Girl

उत्तर प्रदेश में जुड़वा भाइयों ने एक ही लड़की से शादी कर ली। वहीं, एक अरबपति की बेटी को प्यास लगी तो वो प्यास बुझाने हेलिकॉप्टर से ग्लेशियर पहुंच गई। उधर, अमेरिका में एक परिवार ने 12 साल की बेटी के प्रेग्नेंट होने पर पार्टी की। . मध्य प्रदेश में एक व्यक्ति ने अपनी ही टीचर को बंधक बनाकर उससे ₹2 करोड़ लूट लिए। वहीं, तमिलनाडु में 3500 साल पुराने गड्ढों वाले घर मिले हैं। आज खबर हटके में जानेंगे ऐसी ही 5 रोचक खबरें… तो ये थी आज की रोचक खबरें, कल फिर मिलेंगे कुछ और दिलचस्प और हटकर खबरों के साथ… खबर हटके को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…
प्रचंड गर्मी ने आगरा के लोगों को किया जीना मुश्किल, अस्पताल में बढ़ी मरीजों की संख्या, एक्सपर्ट ने दी खास सलाह

Last Updated:May 04, 2026, 16:50 IST Agra News: भीषण गर्मी के प्रकोप से आगरा के लोगों का जीना मुश्किल हो रहा है. मई की शुरुआत हो चुकी है. ऐसे में चिपचिपी गर्मी ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है. आगरा के जिला अस्पताल और सरोजनी नायडू मेडिकल कॉलेज में अचानक मरीजों की संख्या बढ़ गई है. एक्सपर्ट ने इस प्रचंड गर्मी से बचने के लिए लोगों को कुछ उपाय बताए हैं. आगरा: उत्तर प्रदेश के आगरा में भीषण गर्मी ने दस्तक दे दी है. आगरा में तापमान 40 पार पहुंच गया है. हालांकि पिछले एक-दो दिन पहले हल्की बूंदाबादी से तापमान में गिरावट आई थी, लेकिन फिर वही हाल है. मई की शुरुआत हो चुकी है. ऐसे में चिपचिपी गर्मी ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है. आगरा के जिला अस्पताल और सरोजनी नायडू मेडिकल कॉलेज में अचानक मरीजों की संख्या बढ़ गई है. जिला अस्पताल के चिकित्सक आशीष मित्तल ने बताया कि लू, दस्त, उल्टी, बुखार जैसे मरीज अचानक बढ़ गए है. उन्होंने कहा कि अस्पताल कि ओपीडी हर वक़्त फुल जा रही है. लोगों को बताया जा रहा है कि यह सब समस्या गर्मी की वजह से हो रही है. उन्होंने कहा कि लोगों को सलाह दी जा रही है कि बेवजह दोपहर में घर से ना निकलें और सुबह जल्दी उठकर काम को निपटा लें. उन्होंने कहा कि दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक भयंकर धूप और लू का प्रकोप रहता है. ऐसे में व्यक्ति बीमार हो रहा है. पर्याप्त पानी पीते रहने की सलाह दी जा रही है. गर्मी में ऐसे करें बचाव, नहीं होंगे बीमारआगरा के जिला अस्पताल में तैनात चिकित्सक आशीष मित्तल ने बताया कि लोग लू की चपेट में आकर बीमार पड़ रहे हैं. ऐसे कई मरीज जिला अस्पताल में आ रहे हैं. उन्होंने कहा कि लू लगने से इंसान को उल्टी, दस्त, बुखार और शरीर टूटने जैसे लक्षण दिखाई देते हैं. डॉ. ने बताया कि लू से बचने के लिए सबसे पहले तो धूप में निकलने से बचना है. यदि कार्य अधिक महत्वपूर्ण है तो कॉटन के फुल कपड़े पहने. अपने साथ पर्याप्त मात्रा में पानी रखें, जिससे बॉडी को पानी मिल सके. उन्होंने कहा कि धूप में आने के बाद एकदम से ठंडा पानी या AC में ना बैठें, पहले शरीर के तापमान को सामन्य होने दें. हेल्दी फूड का सेवन करें, बाहर के खाने से बचें, जिससे फूड पोइजनिंग या लूज मोशन ना हो. डॉ. आशीष ने बताया कि लू ने दस्तक दे दी है. ऐसे में लोगों को बस लू की चपेट में आने से बचाव करना है. मरीजों की संख्या में अचानक इजाफाआगरा के जिला अस्पताल में तैनात डॉ. आशीष मित्तल ने बताया कि जैसे ही भीषण गर्मी ने दस्तक दी है, वैसे ही अस्पताल में अचानक मरीजों की संख्या बढ़ गई. उन्होंने बताया कि लू की चपेट में आये मरीज अधिक आ रहे हैं. उन्हें अधिक पानी, धूप में ना निकलने की सलाह और अन्य बचाव के बारे में जानकारी दी जा रही है. उन्होंने कहा की आने वाले समय में और ज्यादा गर्मी पड़ने की संभावना है. ऐसे में बचाव ही सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है, इसलिए धूप में निकलने से बचें. सुबह जल्दी उठकर कोशिश करें कि 12 बजे तक सभी काम निपट जाए और फिर शाम 4 बजे के बाद किसी कार्य को करें. उन्होंने कहा कि दोपहर 1 स 4 के बीच सबसे ज्यादा हिट वेव चलती है, जो लोगों को बीमार कर रही है. About the Author आर्यन सेठ आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Agra,Uttar Pradesh Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
कानपुर में बढ़ता कैंसर का खतरा, तंबाकू और खराब लाइफस्टाइल बना रहे मुंह और पेट को निशाना, बढ़ रही मरीजों की संख्या

Last Updated:May 03, 2026, 15:03 IST Kanpur News: कानपुर में कैंसर के मरीजों की संख्या बढ़ रही है. डॉ. चमन कुमार वनवानी के अनुसार, शहर में मुंह के कैंसर के बढ़ते मामलों का सबसे बड़ा कारण तंबाकू उत्पाद है. गुटखा, पान मसाला और स्मोकिंग की आदत लोगों को धीरे-धीरे इस गंभीर बीमारी की ओर धकेल रही है. कानपुर: कानपुर में मुंह (Oral) और पेट के कैंसर के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी चिंता का विषय बनती जा रही है. डॉक्टरों के अनुसार, सबसे बड़ी समस्या यह है कि यह कैंसर शुरुआती स्टेज में पकड़ में नहीं आता. मरीजों को जब तक गंभीर दिक्कतें शुरू नहीं होतीं, तब तक वे डॉक्टर के पास नहीं जाते. इसी वजह से अधिकतर मामलों में बीमारी एडवांस स्टेज में पहुंच चुकी होती है, जिससे इलाज मुश्किल हो जाता है. डॉ. चमन कुमार वनवानी के अनुसार, शहर में मुंह के कैंसर के बढ़ते मामलों का सबसे बड़ा कारण तंबाकू उत्पाद है. गुटखा, पान मसाला और स्मोकिंग की आदत लोगों को धीरे-धीरे इस गंभीर बीमारी की ओर धकेल रही है. वहीं पेट के कैंसर के पीछे जंक फूड, तला-भुना खाना, अनियमित खानपान और खराब लाइफस्टाइल बड़ी वजह बन रहे हैं. डॉक्टर बताते हैं कि लगातार रहने वाले मुंह के छाले, सफेद या लाल धब्बे, निगलने में दिक्कत या पेट में लंबे समय तक रहने वाली समस्या को नजर अंदाज करना खतरनाक हो सकता है. समय पर जांच और जागरूकता ही बचाव का रास्ताडॉ. सुरेंद्र कुमार दबस का कहना है कि इन कैंसर की सबसे चिंताजनक बात यह है कि लोग शुरुआती लक्षणों को गंभीरता से नहीं लेते. अगर समय-समय पर हेल्थ चेकअप और स्क्रीनिंग कराई जाए तो बीमारी को शुरुआत में ही पकड़ा जा सकता है और इलाज आसान हो जाता है. वहीं डॉ. हिमांशु शुक्ला बताते हैं कि आज के समय में रोबोटिक सर्जरी और नई तकनीकों की मदद से कैंसर का इलाज पहले से ज्यादा सुरक्षित और असरदार हो गया है, लेकिन इसके लिए जरूरी है कि मरीज समय पर डॉक्टर तक पहुंचे. कानपुर में तेजी से बदलती लाइफस्टाइल और गलत खानपान की आदतें इस खतरे को और बढ़ा रही हैं. खासकर युवा वर्ग में गुटखा और फास्ट फूड का बढ़ता चलन आने वाले समय में और गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है. मुंह और पेट के कैंसर का बड़ा केंद्र डॉक्टरों का साफ कहना है कि अगर अभी से सावधानी नहीं बरती गई, तो कानपुर मुंह और पेट के कैंसर का बड़ा केंद्र बन सकता है. विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि तंबाकू से दूरी बनाना, संतुलित आहार लेना, समय पर खाना और शरीर में किसी भी असामान्य बदलाव को नजर अंदाज न करना ही इस बीमारी से बचाव का सबसे आसान और प्रभावी तरीका है. About the Author आर्यन सेठ आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Kanpur Nagar,Uttar Pradesh
Khabar hatke- Girl Thana Family Marriage

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) चैटबॉट से पत्नी की तरह बात करने के बाद एक व्यक्ति ने आत्महत्या कर ली। वहीं, उत्तर प्रदेश में एक लड़की थाने पहुंची और पुलिस से शिकायत की, आरोप लगाया कि उसके परिजन उसकी शादी नहीं करा रहे हैं। उधर, मध्य प्रदेश में एक व्यक्ति . राजस्थान में एक महिला ने ₹5 का नोट बेचने के लालच में ₹3.66 लाख गंवा दिए। वहीं, अमेरिका में स्कूल बस ड्राइवर के बेहोश होने के बाद बच्चों ने बस को संभाला। आज खबर हटके में जानेंगे ऐसी ही 5 रोचक खबरें… तो ये थी आज की रोचक खबरें, कल फिर मिलेंगे कुछ और दिलचस्प और हटकर खबरों के साथ… खबर हटके को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…
भीषण गर्मी में बच्चों को नहीं आ रहा पसीना, लेकिन तप रहा शरीर…कानपुर में ये कैसी आफत, जानिए बचाव

Last Updated:April 29, 2026, 18:55 IST Dry heat health tips : ड्राई हीट सामान्य लू से ज्यादा खतरनाक है. इसमें बच्चे का शरीर बहुत ज्यादा गर्म हो जाता है, लेकिन पसीना नहीं आता. लोकल 18 से कानपुर बाल रोग चिकित्सक डॉ. एसके गौतम बताते हैं कि ऐसी हालत में बच्चे के शरीर का तापमान तेजी से बढ़ सकता है, जो अंदरूनी अंगों के लिए खतरनाक है. अगर बच्चा बहुत गर्म लगे, चेहरा लाल हो जाए, बार-बार पानी मांगे, उल्टी जैसा लगे, कमजोरी महसूस करे या आंखें बंद करने लगे तो तुरंत ध्यान देने की जरूरत है. कानपुर. यूपी के कानपुर में पड़ रही भीषण गर्मी अब बच्चों की सेहत पर सीधा असर डाल रही है. डॉक्टरों ने माता-पिता को खास सावधानी बरतने की सलाह दी है. उनका कहना है कि इस मौसम में बच्चों में ‘ड्राई हीट’ का खतरा तेजी से बढ़ जाता है. यह सामान्य लू से ज्यादा खतरनाक स्थिति होती है. इसमें बच्चे का शरीर बहुत ज्यादा गर्म हो जाता है, लेकिन पसीना नहीं आता. अगर समय पर ध्यान न दिया जाए तो हालत गंभीर हो सकती है. लोकल 18 से कानपुर के बाल रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. एसके गौतम बताते हैं कि तेज गर्मी में अगर बच्चे के शरीर से पसीना निकल रहा है तो शरीर खुद को ठंडा करने की कोशिश कर रहा होता है. लेकिन अगर बच्चा तप रहा हो, उसकी स्किन बहुत गर्म लगे और पसीना बिल्कुल न आए तो यह खतरे की घंटी है. ऐसी हालत में बच्चे के शरीर का तापमान तेजी से बढ़ सकता है और अंदरूनी अंगों पर असर पड़ सकता है. बच्चे क्यों आते हैं जल्दी चपेट में डॉ. गौतम के मुताबिक, बच्चों का शरीर बड़ों के मुकाबले गर्मी को जल्दी पकड़ता है. छोटे बच्चे अपनी परेशानी ठीक से बता भी नहीं पाते. कई बार बच्चा खेलते-खेलते अचानक सुस्त हो जाता है, रोने लगता है, चिड़चिड़ा हो जाता है या गोद में चिपक जाता है. यह संकेत हो सकता है कि गर्मी उसे परेशान कर रही है. अगर बच्चा बहुत गर्म लगे, चेहरा लाल हो जाए, बार-बार पानी मांगे, उल्टी जैसा लगे, कमजोरी महसूस करे या आंखें बंद करने लगे तो तुरंत ध्यान देने की जरूरत है. अगर साथ में पसीना भी न आ रहा हो तो देर करना खतरनाक हो सकता है. ये सावधानियां जरूरी ऐसी स्थिति में बच्चे को तुरंत धूप या गर्म जगह से हटाकर ठंडी जगह ले जाएं. उसके कपड़े ढीले करें और शरीर को गीले कपड़े से पोछें. पंखा चलाएं या ठंडी हवा में रखें. अगर बच्चा होश में है तो थोड़ा-थोड़ा पानी पिलाएं, लेकिन अगर बच्चा सुस्त पड़ रहा हो, ठीक से बोल न रहा हो या बेहोशी जैसा लगे तो तुरंत डॉक्टर के पास लेकर जाएं. डॉक्टर गौतम कहते हैं कि दोपहर की तेज धूप में बच्चों को बाहर न भेजें. उन्हें हल्के सूती कपड़े पहनाएं. बार-बार पानी, नींबू पानी, ORS या घर का तरल पदार्थ देते रहें. खेलने के लिए सुबह या शाम का समय बेहतर है. बंद गाड़ी या बिना हवा वाले कमरे में बच्चे को अकेला न छोड़ें. कानपुर में गर्मी लगातार बढ़ रही है. अगर बच्चा गर्म है लेकिन पसीना नहीं आ रहा, तो इसे नजरअंदाज न करें. यह ‘ड्राई हीट’ का संकेत हो सकता है. समय पर इलाज ही बच्चे को सुरक्षित रख सकता है. About the Author Priyanshu Gupta प्रियांशु गुप्ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Kanpur Nagar,Uttar Pradesh First Published : April 29, 2026, 18:55 IST
लू का कहर बच्चों के लिए ना बन जाए जहर! जानलेवा गर्मी में बचाव के लिए वैद्य की खास सलाह, इन आदतों से करें बचाव

Last Updated:April 23, 2026, 17:13 IST Meerut News: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ की बात करें, तो मेरठ में गर्मी का प्रभाव धीरे-धीरे बढ़ने लगा है. गर्म हवाएं भी चल रही हैं, जिसको लेकर अब शासन की ओर से भी चेतावनी जारी की गई है. ऐसे में एक्सपर्ट का कहना है कि विशेष रूप से सावधानी बढ़ती जाए, तो कोई बीमार नहीं होगा. मेरठ: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ सहित अन्य जनपदों की अगर बात की जाए तो गर्मी का असर देखने को मिल रहा है. सुबह 11 बजे के बाद बाहर निकलना भी लोगों के लिए मुश्किल हो गया. इसी कड़ी में जिस तरह से लगातार लू चल रही है, उसमें हीट स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ जाता है. इन्हीं बातों को देखते हुए लोकल 18 की टीम की ओर से आयुर्वेदिक एक्सपर्ट वैद्य बृजभूषण शर्मा से खास बातचीत की. लोकल 18 की टीम से खास बातचीत करते हुए वैद्य बृजभूषण शर्मा ने बताया कि वर्तमान समय में जिस तरह से मौसम में परिवर्तन हो रहा है, उसमें लोगों को खान-पान का विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए. जितना आप हल्का खाना खाएंगे, उतना ही सेहत के लिए काफी बेहतर रहता है. तला-भुना खाने से करें परहेजउन्होंने कहा कि बाहर का तला-भुना खाने से परहेज करें. इसी के साथ उन्होंने कहा कि सभी लोग पानी का सेवन भी लगातार करते रहें, क्योंकि गर्मी के मौसम में पानी ही एक ऐसा माध्यम है, जो लोगों के लिए लू के समय सबसे बड़ा सुरक्षा कवच होता है. साथ ही अगर पानी में नींबू या ग्लूकोस रखें, तो वह आपके लिए और भी ज्यादा बेहतर है, क्योंकि हीट स्ट्रोक सहित लू से बचाने में पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. फैशन नहीं, बल्कि स्वास्थ्य को दे तरजीहउन्होंने बताया कि वर्तमान समय में जब लू चलने की संभावना हो, तो सभी लोगों को फुल बाजू के कपड़े जरूर पहनने चाहिए, क्योंकि हल्की सी लापरवाही भी लोगों के लिए भारी पड़ सकती है. उन्होंने बताया कि जो गर्मी की तपन होती है, उस समय अगर आप फुल बाजू के कपड़े नहीं पहनते, तो लू आपको अपने जपेट में ले लेती है. इससे बीमार होने की संभावनाएं बढ़ जाती है. इसलिए आप लगातार खानपान का ध्यान रखते हुए न्यूट्रिशन वाले फलों का उपयोग करें. जैसे तरबूज, खरबूज, ककड़ी, खीरा सेहत के लिए काफी बेहतर रहते हैं. इन बातों का रखें विशेष ध्यान इसी के साथ ही अगर आवश्यक कार्य न हो, तो दोपहर 12:00 बजे से 4:00 के बीच घर से ना निकलें. इतना ही नहीं, उन्होंने बताया कि अगर आप किसी भी ऑफिस में काम करते हैं और वहां AC का प्रयोग होता है, तो ऑफिस से बाहर निकलते समय और प्रवेश करते समय भी आपको कुछ देर इंतजार करना चाहिए. गर्मी से एकदम अगर आप निकल जाएंगे, तो उससे भी आपको गर्मी-सर्दी होने की संभावना बढ़ जाती है. इसी तरह का ध्यान आपको कूलर, पंखे और अन्य चीजों का भी रखना होगा. बताते चलें कि लगातार मौसम में बदलाव के कारण लोग अपना ट्रीटमेंट कराने के लिए अस्पताल में भी पहुंच रहे हैं. ऐसे में आपको दवाइयों की आवश्यकता ना पड़े, इसलिए इन सभी बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए. About the Author आर्यन सेठ आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Meerut,Uttar Pradesh First Published : April 23, 2026, 17:13 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
यूपी के मिर्जापुर में सड़क हादसा, 11 की मौत:इनमें से 9 जिंदा जले, बोलेरो और कार ट्रक-ट्राले से टकराईं, बोलेरो में आग लगी

यूपी के मिर्जापुर में बुधवार रात सड़क हादसे में 11 लोगों की मौत हो गई। मध्य प्रदेश से गिट्टी लादकर आ रहा ट्राला ब्रेक फेल होने से बेकाबू हो गया। ट्राले ने पहले स्विफ्ट कार को टक्कर मारी, फिर एक ट्रक से जा टकराया। कार, ट्राले और ट्रक के बीच फंस गई। इस दौरान पीछ से आ रही बोलेरो ट्रेलर में जा घुसी। बोलेरो में तेज धमाके के साथ आग लग गई। ड्राइवर समेत नौ लोग जिंदा जल गए। सभी मृतक आपस में रिश्तेदार थे। इनके अलावा स्विफ्ट कार का ड्राइवर और ट्रक के क्लीनर की भी मौत हो गई। हादसा ड्रमडगंज थाना क्षेत्र में हुआ। एसपी अपर्णा रजत कौशिक ने बताया- बोलेरो सवार सभी लोग जिगना थाना के नरैना गांव के रहने वाले थे। परिवार मैहर से बेटे का मुंडन कराकर लौट रहा था। हादसे में 8 साल के बच्चे और उसकी मां की भी मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल ट्रक क्लीनर को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू किया। हादसे की 3 तस्वीरें… अब सिलसिलेवार तरीके से पूरा मामला समझ लीजिए… मिर्जापुर-रीवा राष्ट्रीय राजमार्ग पर रात साढ़े 9 बजे बड़का मोड़ से एक ट्राला गिट्टी लादकर जा रहा था। अचानक उसका ब्रेक फेल हो गया। इसी बीच ट्राले के पीछे चल रही एक बोलेरो भी ढलान से नीचे उतर रही थी। तभी बेकाबू ट्राला स्विफ्ट कार को रौंदते हुए एक ट्रक से टकरा गया। तभी पीछे से आ रही बोलेरो ट्राले से जा भिड़ी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टक्कर इतनी भीषण थी कि बोलेरो में तुरंत आग लग गई। आग लगने से बोलेरो में सवार सभी यात्री अंदर ही फंस गए और जिंदा जल गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोग तेजी से बचाव कार्य में जुट गए। लेकिन, तेज आग के कारण किसी को बचाया नहीं जा सका। घटना की सूचना मिलते ही एसपी अपर्णा रजत कौशिक, सीओ लालगंज अमर बहादुर और लालगंज और हलिया थाने की फोर्स भी मौके पर पहुंची। फायर ब्रिगेड की मदद से आग पर काबू पाया गया। मिर्जापुर सांसद अनुप्रिया पटेल ने हादसे पर दुख जताया बच्चे समेत नौ जिंदा जले, मां-बेटे और बेटी की मौत ——————- यह खबर भी पढ़ें… 30 साल की एक्ट्रेस दिव्यांका सिरोही की मौत:गाजियाबाद में घर में चक्कर खाकर गिरीं, 50 से ज्यादा हरियाणवी गानों में काम किया हरियाणवी एक्ट्रेस दिव्यांका सिरोही (30) का निधन हो गया। 21 अप्रैल (मंगलवार) की देर रात गाजियाबाद स्थित घर पर उनकी अचानक तबीयत बिगड़ गई। वह चक्कर खाकर जमीन पर गिर गईं। इससे उनके सिर पर गहरी चोट लग गई। परिवारवाले उन्हें अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। बुधवार सुबह गाजियाबाद में उनका अंतिम संस्कार किया गया। दिव्यांका 50 से ज्यादा हरियाणवी गानों में काम कर चुकी थीं। उन्होंने मासूम शर्मा, अमित सैनी रोहतकिया, केडी के साथ भी काम किया है। उनके इंस्टाग्राम पर 1.3 मिलियन फॉलोअर्स हैं। पूरी खबर पढ़िए…









