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Mini Brazil Shahdol Dreams FIFA World Cup 2026 Win for Brazil

Mini Brazil Shahdol Dreams FIFA World Cup 2026 Win for Brazil

फीफा विश्व कप 2026 की शुरुआत 11 जून से हो गई है, जिसे लेकर दुनिया भर के फुटबॉल प्रेमियों में जबरदस्त उत्साह है। अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको की संयुक्त मेजबानी में होने वाले इस महाकुंभ पर करोड़ों निगाहें टिकी हैं। . इस वैश्विक रोमांच के बीच मध्य प्रदेश के शहडोल जिले का ‘मिनी ब्राजील’ गांव विचारपुर भी फुटबॉल के रंग में रंग चुका है। विश्व कप शुरू होने से पहले ही विचारपुर के मैदानों में रौनक बढ़ गई है। गांव के बच्चे और युवा खिलाड़ी अपने पसंदीदा खिलाड़ियों और टीमों पर चर्चा करते नजर आ रहे हैं। यहां के अधिकांश खिलाड़ी ब्राजील का समर्थन करते हैं और उन्हें ही फीफा का विश्वविजेता देखना चाहते हैं। वहीं टीम इंडिया का फीफा तक नहीं पहुंच पाना भी उनके लिए निराशा का विषय है। मिनी ब्राजील के मैदान में फुटबॉल खेल रहे बच्चों का कहना है कि हम आने वाले समय में टीम इंडिया को फीफा तक पहुंचाएंगे। मैदान में खेल रहे कुछ युवा अर्जेंटीना और लियोनेल मेसी के प्रशंसक भी हैं। लेकिन इस उत्साह के बीच एक सवाल भी बार-बार उठता है जब दुनिया फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर उतर रही है, तब भारत अब तक वहां क्यों नहीं पहुंच पाया? दैनिक भास्कर की टीम ने गांव के युवा खिलाड़ियों से बात की। पढ़िए यह रिपोर्ट… क्यों कहा जाता है विचारपुर को मिनी ब्राजील? शहडोल मुख्यालय से करीब पांच किलोमीटर दूर स्थित विचारपुर गांव में फुटबॉल केवल खेल नहीं बल्कि जीवनशैली का हिस्सा है। गांव के अधिकांश घरों में कोई न कोई खिलाड़ी फुटबॉल से जुड़ा हुआ है। यहां बच्चे चलना सीखने के साथ फुटबॉल को भी अपनाने लगते हैं। वर्षों पहले गांव के युवाओं ने फुटबॉल को अपनी पहचान बनाया। धीरे-धीरे यहां से कई खिलाड़ी जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचे। महिला खिलाड़ियों ने भी उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं। गांव में फुटबॉल के प्रति इसी जुनून ने इसे “मिनी ब्राजील” की पहचान दिलाई। पीएम मोदी ने दिलाई राष्ट्रीय पहचान विचारपुर को राष्ट्रीय पहचान तब मिली जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2022 में अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में गांव का उल्लेख किया था। पीएम ने गांव की फुटबॉल संस्कृति और यहां के खिलाड़ियों की सराहना की थी। इसके बाद विचारपुर अचानक राष्ट्रीय सुर्खियों में आ गया। प्रधानमंत्री के उल्लेख के बाद कई प्रशासनिक और खेल विभाग के अधिकारी गांव पहुंचे। गांव की पहचान एक फुटबॉल हब के रूप में बनी और यहां के खिलाड़ियों को राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेने के अवसर बढ़े। देशभर के मीडिया संस्थानों ने भी गांव की कहानी को प्रमुखता से प्रकाशित किया। अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बोलीं- फीफा से सीखने का अवसर जर्मनी में आयोजित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी खिलाड़ी सानिया कुंडे कहती हैं कि फीफा विश्व कप उनके जैसे खिलाड़ियों के लिए सीखने का सबसे बड़ा मंच है। सानिया कहती हैं, “हम लोग सभी मैच देखेंगे। जो खिलाड़ी हमारी पोजीशन पर खेलते हैं, उन्हें देखकर नई तकनीक सीखने को मिलती है। ऐसे कई शॉट्स और मूवमेंट देखने को मिलते हैं जिन्हें सीखने के लिए बहुत उच्च स्तरीय अभ्यास की जरूरत होती है। हम सब ब्राजील को सपोर्ट करेंगे। हमारी कोशिश है कि एक दिन भारत भी फीफा वर्ल्ड कप में खेले।” उनका कहना है कि विश्व कप केवल मनोरंजन नहीं बल्कि प्रशिक्षण का भी माध्यम है। यहां दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी और कोच अपनी रणनीतियों का प्रदर्शन करते हैं, जिससे युवा खिलाड़ियों को खेल की बारीकियां समझने में मदद मिलती है। फीफा हमारे लिए खुली किताब वहीं महिला फुटबॉल टीम की कोच लक्ष्मी सहीश खिलाड़ियों को हर विश्व कप मैच देखने के लिए प्रेरित कर रही हैं। वह कहतीं हैं- “फीफा देखने से दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों का खेल समझने का मौका मिलता है। उनके गेम प्लान, पासिंग, गोल मूवमेंट और रणनीतियों का अध्ययन करके बच्चे बहुत कुछ सीख सकते हैं। मैं खिलाड़ियों से कहती हूं कि सिर्फ मैच मत देखो, उसे समझो और विश्लेषण करो। जो चीज अच्छी लगे, उसे अपने खेल में उतारने की कोशिश करो।” लक्ष्मी स्वयं लियोनेल मेसी की प्रशंसक हैं। उनका कहना है कि पिछली बार अर्जेंटीना ने खिताब जीता था और इस बार भी वे मेसी की टीम को समर्थन देंगी। वर्ल्ड कप में भारत के नहीं पहुंचने का अफसोस विचारपुर के खिलाड़ियों के बीच फीफा को लेकर जितना उत्साह है, उतना ही अफसोस इस बात का भी है कि भारत की टीम इस टूर्नामेंट का हिस्सा नहीं है। वर्तमान में भारतीय पुरुष फुटबॉल टीम विश्व फुटबॉल की शीर्ष टीमों से काफी पीछे है। जापान, दक्षिण कोरिया, ईरान, ऑस्ट्रेलिया और सऊदी अरब जैसी एशियाई टीमें लगातार विश्व कप में पहुंच रही हैं, जबकि भारत 2026 विश्व कप क्वालिफायर के दूसरे चरण से आगे नहीं बढ़ सका। खिलाड़ियों के अनुसार इसके पीछे कई कारण हैं। देश में फुटबॉल का आधारभूत ढांचा अभी भी सीमित है। गांवों और छोटे शहरों में गुणवत्तापूर्ण मैदान, प्रशिक्षित कोच, आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं और स्पोर्ट्स साइंस का अभाव है। क्रिकेट की तुलना में फुटबॉल को कम आर्थिक सहायता और कम प्रायोजन मिलता है। परिणामस्वरूप अनेक प्रतिभाशाली खिलाड़ी शुरुआती स्तर पर ही खेल छोड़ देते हैं। कोच लक्ष्मी ने बताया कि भारत 1950 के फीफा वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई कर चुका था, लेकिन विभिन्न कारणों से टीम टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं ले सकी। इसके बाद भारत कभी भी विश्व कप के मुख्य दौर तक नहीं पहुंच पाया। सानिया कुंडे कहती हैं- “हम लोग बहुत मेहनत कर रहे हैं। आज हम फीफा देखकर सीख रहे हैं, लेकिन हमारा सपना है कि एक दिन भारत भी फीफा वर्ल्ड कप में उतरे और दुनिया हमारे खिलाड़ियों को भी उसी तरह देखे, जैसे हम आज बड़े खिलाड़ियों को देखते हैं।” पहचान मिली, सुविधाएं अब भी अधूरी विचारपुर को राष्ट्रीय पहचान तो मिल गई, लेकिन जमीनी हकीकत अभी भी चुनौतियों से भरी है। गांव के खिलाड़ियों का कहना है कि आज भी उन्हें समतल और विकसित खेल मैदान उपलब्ध नहीं है। बरसात के दौरान मैदान की स्थिति और खराब हो जाती है। कई बार खिलाड़ियों को निजी संसाधनों के सहारे अभ्यास करना पड़ता है। खिलाड़ियों और ग्रामीणों ने बताया कि गांव में भी कई मूलभूत सुविधाओं की कमी है। नियमित

Messi Ronaldo World Cup 2026 Groups

Messi Ronaldo World Cup 2026 Groups

Hindi News Sports Messi Ronaldo World Cup 2026 Groups | Quarter Final Clash? Quarter Final न्यूयॉर्क18 मिनट पहले कॉपी लिंक फुटबॉल इतिहास की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक प्रतिद्वंद्विता अपने अंतिम और सबसे रोमांचक मोड़ पर पहुंच चुकी है। साल 2026 का फीफा वर्ल्ड कप एक ऐसे अभूतपूर्व रिकॉर्ड का गवाह बनने जा रहा है, जहां सर्वकालिक महान खिलाड़ी लियोनेल मेसी और क्रिस्टियानो रोनाल्डो अपने करियर के छठे वर्ल्ड कप में खेलने उतरेंगे। दुनिया भर के फुटबॉल फैंस के मन में केवल एक ही सवाल है- क्या इस महाकुंभ में ये दोनों दिग्गज अपनी नेशनल जर्सी में एक-दूसरे के आमने-सामने होंगे? अर्जेंटीना के मेसी (38 वर्ष) और पुर्तगाल के रोनाल्डो (41 वर्ष) की उम्र को देखते हुए, यह वर्ल्ड कप के मंच पर दोनों के बीच भिड़ंत का आखिरी मौका हो सकता है। ग्रुप स्टेज मुकाबले और शेड्यूल लियोनेल मेसी की कप्तानी वाली अर्जेंटीना को ग्रुप जे में रखा गया है। क्रिस्टियानो रोनाल्डो की पुर्तगाल को ग्रुप-के में जगह मिली है। अगर अर्जेंटीना अपने ग्रुप में टॉप पर रहता है, तो वे 4 जुलाई को राउंड ऑफ-32 में ग्रुप-एच (जिसमें स्पेन, उरुग्वे, केप वर्डे, सऊदी अरब शामिल हैं) की रनरअप टीम से भिड़ेंगे। अर्जेंटीना की तरह पुर्तगाल से भी अपने ग्रुप में शीर्ष पर रहने की उम्मीद है। इस स्थिति में 4 जुलाई को राउंड ऑफ-32 में उनका सामना ग्रुप D, E, I, J या L ग्रुप में से किसी तीसरे स्थान पर रहने वाली टीम से होगा। 3 समीकरण टूर्नामेंट के फॉर्मेट और ब्रैकेट को देखते हुए मेसी और रोनाल्डो के बीच इस टूर्नामेंट में आमने-सामने की भिड़ंत होने के मुख्य रूप से 3 समीकरण बन रहे हैं… 1. राउंड ऑफ-16 में कड़ा मुकाबला अगर किसी बड़े उलटफेर के चलते दोनों टीमें अपने-अपने ग्रुप में दूसरे स्थान पर रहती हैं, तो कहानी रोमांचक हो सकती है। ऐसी स्थिति में राउंड ऑफ-32 का मैच जीतने के बाद ये दोनों दिग्गज सीधे राउंड ऑफ-16 में एक-दूसरे के सामने आ सकते हैं। हालांकि, दूसरे स्थान पर रहने पर ‘राउंड ऑफ 32’ की राह बेहद कठिन हो जाएगी, क्योंकि तब अर्जेंटीना का सामना स्पेन से और पुर्तगाल का सामना क्रोएशिया जैसी मजबूत टीमों से होने की संभावना बढ़ जाएगी। 2. क्वार्टर फाइनल में ब्लॉकबस्टर मुकाबला इसका सबसे सीधा और सरल जवाब यह है कि दोनों टीमें अपने-अपने ग्रुप में टॉप करें। इसके बाद, यदि अर्जेंटीना और पुर्तगाल दोनों ही राउंड ऑफ-32 और राउंड ऑफ-16 के अपने-अपने मुकाबले जीत जाते हैं, तो फुटबॉल फैंस को क्वार्टर फाइनल में अर्जेंटीना बनाम पुर्तगाल का ब्लॉकबस्टर मैच देखने को मिलेगा। वर्तमान ब्रैकेट को देखते हुए यह सबसे व्यावहारिक स्थिति लगती है। इस रास्ते में अर्जेंटीना के लिए राउंड ऑफ-32 में उरुग्वे सबसे कठिन प्रतिद्वंद्वी हो सकता है, जबकि पुर्तगाल को क्वार्टर फाइनल से पहले किसी बहुत बड़ी टीम से भिड़ना नहीं पड़ेगा। 3. फाइनल का भी जादुई समीकरण वर्ल्ड कप के विशाल प्रारूप को देखते हुए एक और जादुई समीकरण भी संभव है। यदि दोनों में से कोई एक टीम अपने ग्रुप में पहले स्थान पर रहे और दूसरी टीम अपने ग्रुप में दूसरे स्थान पर रहे, तो दोनों का रास्ता अलग-अलग हो जाएगा। इस स्थिति में दोनों टीमें केवल और केवल फीफा वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल मुकाबले में ही एक-दूसरे से टकरा सकती हैं। अगर ऐसा होता है, तो यह खेल इतिहास का सबसे बड़ा “लास्ट डांस” साबित होगा। इस बार दांव पर होंगे कई रिकॉर्ड लियोनेल मेसी: मेसी के पास पहले से ही वर्ल्ड कप में सबसे अधिक मैच खेलने (26 मैच) और सबसे अधिक मिनट (2,314 मिनट) मैदान पर बिताने का रिकॉर्ड है। वे वर्ल्ड कप में अर्जेंटीना के ऑलटाइमशीर्ष स्कोरर (13 गोल) हैं। वे जर्मनी के मिरोस्लाव क्लोस के 16 गोलों के ऑलटाइम रिकॉर्ड से केवल 3 गोल दूर हैं। इसके अलावा, मेसी वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा गोल योगदान (21) के मामले में पेले के साथ बराबरी पर हैं। क्रिस्टियानो रोनाल्डो: रोनाल्डो के नाम फिलहाल वर्ल्ड कप के बहुत सारे रिकॉर्ड नहीं हैं। उनके वर्ल्ड कप में 8 गोल हैं। लेकिन इंटरनेशनल फुटबॉल में वे अब भी दुनिया के बेताज बादशाह हैं। उन्होंने दुनिया में सबसे ज्यादा इंटरनेशनल मैच (226) खेले हैं और सबसे ज्यादा गोल (143) दागे हैं। वे इन दोनों रिकॉर्ड्स को और आगे बढ़ाएंगे। वहीं, मेसी 198 मैचों में 116 गोलों के साथ दूसरे स्थान पर हैं। क्लब फुटबॉल में मेसी का दबदबा, इंटरनेशनल में बराबर दोनों के बीच कुल 35 क्लब मैच खेले गए हैं (जिनमें से अधिकांश बार्सिलोना और रियल मैड्रिड के बीच हुए)। इन 35 मुकाबलों में से मेसी ने 16 मैच जीते हैं, जबकि रोनाल्डो ने 10 मैचों में जीत दर्ज की है (9 मैच ड्रॉ रहे)। क्लब मैचों में दोनों ने एक-दूसरे के खिलाफ बराबर 22-22 गोल दागे हैं। जब नेशनल टीमों की बात आती है, तो दोनों ने केवल दो इंटरनेशनल मैचों (फ्रेंडली) में एक-दूसरे का सामना किया है। दोनों ने 1-1 मैच जीता है और दोनों ने 1-1 गोल ही किया है। ———————————————- दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Messi Ronaldo World Cup 2026 Groups

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Hindi News Sports Messi Ronaldo World Cup 2026 Groups | Quarter Final Clash? Quarter Final न्यूयॉर्क1 घंटे पहले कॉपी लिंक फुटबॉल इतिहास की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक प्रतिद्वंद्विता अपने अंतिम और सबसे रोमांचक मोड़ पर पहुंच चुकी है। साल 2026 का फीफा वर्ल्ड कप एक ऐसे अभूतपूर्व रिकॉर्ड का गवाह बनने जा रहा है, जहां सर्वकालिक महान खिलाड़ी लियोनेल मेसी और क्रिस्टियानो रोनाल्डो अपने करियर के छठे वर्ल्ड कप में खेलने उतरेंगे। दुनिया भर के फुटबॉल फैंस के मन में केवल एक ही सवाल है- क्या इस महाकुंभ में ये दोनों दिग्गज अपनी नेशनल जर्सी में एक-दूसरे के आमने-सामने होंगे? अर्जेंटीना के मेसी (38 वर्ष) और पुर्तगाल के रोनाल्डो (41 वर्ष) की उम्र को देखते हुए, यह वर्ल्ड कप के मंच पर दोनों के बीच भिड़ंत का आखिरी मौका हो सकता है। ग्रुप स्टेज मुकाबले और शेड्यूल लियोनेल मेसी की कप्तानी वाली अर्जेंटीना को ग्रुप जे में रखा गया है। क्रिस्टियानो रोनाल्डो की पुर्तगाल को ग्रुप-के में जगह मिली है। अगर अर्जेंटीना अपने ग्रुप में टॉप पर रहता है, तो वे 4 जुलाई को राउंड ऑफ-32 में ग्रुप-एच (जिसमें स्पेन, उरुग्वे, केप वर्डे, सऊदी अरब शामिल हैं) की रनरअप टीम से भिड़ेंगे। अर्जेंटीना की तरह पुर्तगाल से भी अपने ग्रुप में शीर्ष पर रहने की उम्मीद है। इस स्थिति में 4 जुलाई को राउंड ऑफ-32 में उनका सामना ग्रुप D, E, I, J या L ग्रुप में से किसी तीसरे स्थान पर रहने वाली टीम से होगा। 3 समीकरण टूर्नामेंट के फॉर्मेट और ब्रैकेट को देखते हुए मेसी और रोनाल्डो के बीच इस टूर्नामेंट में आमने-सामने की भिड़ंत होने के मुख्य रूप से 3 समीकरण बन रहे हैं… 1. राउंड ऑफ-16 में कड़ा मुकाबला अगर किसी बड़े उलटफेर के चलते दोनों टीमें अपने-अपने ग्रुप में दूसरे स्थान पर रहती हैं, तो कहानी रोमांचक हो सकती है। ऐसी स्थिति में राउंड ऑफ-32 का मैच जीतने के बाद ये दोनों दिग्गज सीधे राउंड ऑफ-16 में एक-दूसरे के सामने आ सकते हैं। हालांकि, दूसरे स्थान पर रहने पर ‘राउंड ऑफ 32’ की राह बेहद कठिन हो जाएगी, क्योंकि तब अर्जेंटीना का सामना स्पेन से और पुर्तगाल का सामना क्रोएशिया जैसी मजबूत टीमों से होने की संभावना बढ़ जाएगी। 2. क्वार्टर फाइनल में ब्लॉकबस्टर मुकाबला इसका सबसे सीधा और सरल जवाब यह है कि दोनों टीमें अपने-अपने ग्रुप में टॉप करें। इसके बाद, यदि अर्जेंटीना और पुर्तगाल दोनों ही राउंड ऑफ-32 और राउंड ऑफ-16 के अपने-अपने मुकाबले जीत जाते हैं, तो फुटबॉल फैंस को क्वार्टर फाइनल में अर्जेंटीना बनाम पुर्तगाल का ब्लॉकबस्टर मैच देखने को मिलेगा। वर्तमान ब्रैकेट को देखते हुए यह सबसे व्यावहारिक स्थिति लगती है। इस रास्ते में अर्जेंटीना के लिए राउंड ऑफ-32 में उरुग्वे सबसे कठिन प्रतिद्वंद्वी हो सकता है, जबकि पुर्तगाल को क्वार्टर फाइनल से पहले किसी बहुत बड़ी टीम से भिड़ना नहीं पड़ेगा। 3. फाइनल का भी जादुई समीकरण वर्ल्ड कप के विशाल प्रारूप को देखते हुए एक और जादुई समीकरण भी संभव है। यदि दोनों में से कोई एक टीम अपने ग्रुप में पहले स्थान पर रहे और दूसरी टीम अपने ग्रुप में दूसरे स्थान पर रहे, तो दोनों का रास्ता अलग-अलग हो जाएगा। इस स्थिति में दोनों टीमें केवल और केवल फीफा वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल मुकाबले में ही एक-दूसरे से टकरा सकती हैं। अगर ऐसा होता है, तो यह खेल इतिहास का सबसे बड़ा “लास्ट डांस” साबित होगा। इस बार दांव पर होंगे कई रिकॉर्ड लियोनेल मेसी: मेसी के पास पहले से ही वर्ल्ड कप में सबसे अधिक मैच खेलने (26 मैच) और सबसे अधिक मिनट (2,314 मिनट) मैदान पर बिताने का रिकॉर्ड है। वे वर्ल्ड कप में अर्जेंटीना के ऑलटाइमशीर्ष स्कोरर (13 गोल) हैं। वे जर्मनी के मिरोस्लाव क्लोस के 16 गोलों के ऑलटाइम रिकॉर्ड से केवल 3 गोल दूर हैं। इसके अलावा, मेसी वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा गोल योगदान (21) के मामले में पेले के साथ बराबरी पर हैं। क्रिस्टियानो रोनाल्डो: रोनाल्डो के नाम फिलहाल वर्ल्ड कप के बहुत सारे रिकॉर्ड नहीं हैं। उनके वर्ल्ड कप में 8 गोल हैं। लेकिन इंटरनेशनल फुटबॉल में वे अब भी दुनिया के बेताज बादशाह हैं। उन्होंने दुनिया में सबसे ज्यादा इंटरनेशनल मैच (226) खेले हैं और सबसे ज्यादा गोल (143) दागे हैं। वे इन दोनों रिकॉर्ड्स को और आगे बढ़ाएंगे। वहीं, मेसी 198 मैचों में 116 गोलों के साथ दूसरे स्थान पर हैं। क्लब फुटबॉल में मेसी का दबदबा, इंटरनेशनल में बराबर दोनों के बीच कुल 35 क्लब मैच खेले गए हैं (जिनमें से अधिकांश बार्सिलोना और रियल मैड्रिड के बीच हुए)। इन 35 मुकाबलों में से मेसी ने 16 मैच जीते हैं, जबकि रोनाल्डो ने 10 मैचों में जीत दर्ज की है (9 मैच ड्रॉ रहे)। क्लब मैचों में दोनों ने एक-दूसरे के खिलाफ बराबर 22-22 गोल दागे हैं। जब नेशनल टीमों की बात आती है, तो दोनों ने केवल दो इंटरनेशनल मैचों (फ्रेंडली) में एक-दूसरे का सामना किया है। दोनों ने 1-1 मैच जीता है और दोनों ने 1-1 गोल ही किया है। ———————————————- दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

FIFA World Cup 2026, Spain football, France football, England football, Argentina football, football predictions, Opta Supercomputer, ESPN analysis

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Hindi News Sports FIFA World Cup 2026, Spain Football, France Football, England Football, Argentina Football, Football Predictions, Opta Supercomputer, ESPN Analysis स्पोर्ट्स डेस्क3 मिनट पहले कॉपी लिंक फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत हो चुकी है। दुनिया की 48 बेस्ट टीमें खिताब के लिए भिड़ रही हैं। ऑप्टा सुपरकंप्यूटर और EPSN ने एनालिसिस किया और कहा कि इस वर्ल्ड कप की सबसे बड़ी दावेदार स्पेन है। इस टीम का सबसे चर्चित चेहरा हैं 18 साल के लेमिन यमाल। उन्हें 16 गोल करने के लिए स्पेन के सबसे बड़े टूर्नामेंट ला लीगा का प्लेयर ऑफ द सीजन चुना गया। साथ ही रोड्री और पेड्री जैसे भरोसेमंद मिडफील्डर्स के ये टीम ताकतवर हैं। 2018 का वर्ल्ड कप जीत चुकी फ्रांस इस बार दूसरी बड़ी दावेदार है, जिसके स्टार खिलाड़ी किलियन एम्बापे इन-फॉर्म हैं। जिन्होंने पिछले वर्ल्ड कप में गोल की हैट्रिक बनाई थी। वर्ल्ड कप में फ्रांस की टीम का नेतृत्व एम्बापे के हाथ में ही है। इसके बाद नंबर है इंग्लैंड का, जिनके कैप्टन हैरी केन जबरदस्त फॉर्म में हैं। वे इस टूर्नामेंट में गोल्डन बूट के दावेदार भी माने जा रहे हैं। वे 2025-26 के सीजन में 51 मैचों में 61 गोल कर चुके हैं। चौथी दावेदार है पिछली विजेता अर्जेंटीना। जिनके स्टार खिलाड़ी लियोनल मेसी से इस बार भी करिश्मे की उम्मीद है। मेसी पिछले वर्ल्डकप में गोल्डन बूट विजेता थे और फाइनल में भी उन्होंने 2 गोल किए थे। स्टोरी में जानते हैं ऑप्टा सुपरकंप्यूटर-ESPN के एनालिसिस में इस बार खिताब की दावेदार टीमों में क्या खास और दावे कितने मजबूत… 1. स्पेन: डिफेंडिंग यूरो कप चैंपियन FIFA वर्ल्ड कप 2026 में स्पेन को खिताब का सबसे बड़ा दावेदार माना है। स्पेन के चैंपियन बनने के चांस 16.1% हैं, जो सभी टीमों में सबसे ज्यादा है। स्पेन इकलौती ऐसी टीम रही, जिसके क्वार्टर फाइनल में पहुंचने की संभावना 50% से ज्यादा रही। स्पेन को ग्रुप-H में उरुग्वे, सऊदी अरब और काबो वर्डी के साथ रखा गया है। टीम ने 2024 यूरो कप जीता था और उसके बाद UEFA नेशंस लीग के फाइनल तक पहुंची थी। टीम के स्टार खिलाड़ी लामिन यामल शानदार फॉर्म में हैं। उन्होंने इस सीजन सभी टूर्नामेंट्स में 24 गोल और 17 असिस्ट किए। मिडफील्डर रोड्री चोट से वापसी कर चुके हैं और टीम की कप्तानी करेंगे। फेरान टोरेस शानदार फॉर्म में हैं। मिकेल ओयारजाबाल और मिकेल मेरिनो ने भी क्वालिफिकेशन में अहम भूमिका निभाई थी। वर्ल्ड कप में स्पेन रिकॉर्ड उतना खास नहीं रहा है। 2010 में साउथ अफ्रीका में खिताब जीतने के अलावा स्पेन पिछले 14 वर्ल्ड कप में सिर्फ एक बार ही सेमीफाइनल तक पहुंच सकी है। वहीं यामल की फिटनेस को लेकर भी चिंता बनी हुई है। 2. फ्रांस: लगातार तीसरे वर्ल्ड कप फाइनल की उम्मीद फ्रांस को वर्ल्ड कप 2026 जीतने का दूसरा सबसे बड़ा दावेदार माना है। टीम के खिताब जीतने की संभावना 13% आंकी गई है। हालांकि, टॉप टीमों में फ्रांस का ग्रुप सबसे कठिन माना जा रहा है। ग्रुप-I में उसे नॉर्वे, सेनेगल और इराक का सामना करना है। टूर्नामेंट फ्रांस के कोच डिडिएर डेशां के लिए भी खास होगा। 2018 में टीम को वर्ल्ड चैंपियन बनाने वाले डेशां 14 साल तक कोच रहने के बाद वर्ल्ड कप के बाद पद छोड़ देंगे। डेशां 1998 में बतौर खिलाड़ी भी फ्रांस को वर्ल्ड कप जिताने वाली टीम के कप्तान थे। किलियन एम्बाप्पे का बतौर कप्तान पहला वर्ल्ड कप होगा। रियल मैड्रिड के स्टार फॉरवर्ड ने इस सीजन भी शानदार प्रदर्शन किया है। एम्बाप्पे अब जर्मनी के मिरोस्लाव क्लोजे के 16 वर्ल्ड कप गोल के रिकॉर्ड के करीब पहुंचने की कोशिश करेंगे। एम्बाप्पे अब तक दो वर्ल्ड कप में 12 गोल कर चुके हैं। फ्रांस पिछले सात वर्ल्ड कप में चार बार फाइनल तक पहुंच चुका है। 3. इंग्लैंड: 60 साल का सूखा खत्म करने का मौका इंग्लैंड के खिताब जीतने की संभावना 11.2% है। नए कोच थॉमस टचल को अपनी टीम की आक्रामक ताकत पर पूरा भरोसा है। कप्तान हैरी केन शानदार फॉर्म में हैं और टीम की सबसे बड़ी उम्मीद माने जा रहे हैं। केन ने बायर्न म्यूनिख के लिए इस सीजन सभी टूर्नामेंट्स में 61 गोल किए, जबकि क्लब वर्ल्ड कप को जोड़ लिया जाए, तो यह 64 गोल हो जाता है। उन्होंने लगातार दो हैट्रिक के साथ सीजन का अंत किया और यूरोपियन गोल्डन शू अवॉर्ड भी जीता। इंग्लैंड ने वर्ल्ड कप क्वालिफिकेशन में अपने सभी 8 मैच जीते और एक भी गोल नहीं खाया। टीम UEFA क्वालिफायर्स में सभी मैच जीतने और क्लीन शीट रखने वाली इतिहास की केवल दूसरी टीम बनी। इससे पहले 1954 में यूगोस्लाविया ने यह उपलब्धि हासिल की थी। जूड बेलिंघम और डेक्लान राइस जैसे स्टार खिलाड़ियों से सजी इंग्लैंड की टीम पिछले दो यूरो कप में लगातार फाइनल तक पहुंची थी, लेकिन खिताब जीतने से चूक गई। अब टीम के पास 1966 के बाद पहला वर्ल्ड कप जीतकर 60 साल के ट्रॉफी सूखे को खत्म करने का सुनहरा मौका है। 4. अर्जेंटीना: मेसी के दम पर लगातार दूसरा खिताब जीतने की चुनौती डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना को ऑप्टा सुपरकंप्यूटर ने वर्ल्ड कप 2026 का चौथा सबसे बड़ा दावेदार माना है। टीम के खिताब जीतने की संभावना 10.4% बताई गई है। ग्रुप-J में ऑस्ट्रिया, अल्जीरिया और जॉर्डन के साथ होने के कारण अर्जेंटीना के लिए शुरुआती दौर आसान माना जा रहा है। अर्जेंटीना की सबसे बड़ी उम्मीद एक बार फिर कप्तान लियोनेल मेसी होंगे। 2022 कतर वर्ल्ड कप में मेसी ने 7 गोल और 3 असिस्ट किए थे। वे वर्ल्ड कप इतिहास के पहले खिलाड़ी बने थे, जिन्होंने एक ही टूर्नामेंट में ग्रुप स्टेज, राउंड ऑफ-16, क्वार्टर फाइनल, सेमीफाइनल और फाइनल में गोल किया। 38 साल के मेसी इंटर मियामी के लिए भी लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। उनके साथ स्ट्राइकर लाउतारो मार्टिनेज और जूलियन अल्वारेज जैसे खिलाड़ी टीम के आक्रमण को मजबूत बनाते हैं। टीम के लिए चुनौती यह है कि वर्ल्ड कप खिताब का सफल बचाव करना बेहद मुश्किल माना जाता है। आखिरी बार 1962 में ब्राजील ने लगातार दूसरा वर्ल्ड कप जीता था। 5. पुर्तगाल: रोनाल्डो के आखिरी वर्ल्ड कप में खिताब की उम्मीद पुर्तगाल के खिताब जीतने की संभावना 7% आंकी गई है। फीफा रैंकिंग

Nora Fatehi Struggle Success Story; Dilbar – FIFA World Cup Siir Siir

Nora Fatehi Struggle Success Story; Dilbar - FIFA World Cup Siir Siir

4 मिनट पहलेलेखक: वीरेंद्र मिश्र कॉपी लिंक नोरा फतेही ने संघर्ष, ठगी और तानों के बीच अपना रास्ता बनाया, ‘दिलबर’ ने दिलाई नई पहचान। मुंबई की चमक-दमक के पीछे ठगी, ताने और संघर्ष की लंबी कहानी भी छुपी है। नोरा फतेही की जिंदगी भी ऐसी ही रही, जहां काम दिलाने का वादा कर 20 लाख रुपए ठग लिए गए और कई बार उन्हें बिना फीस के गाने करने पड़े। “मेरा मजाक उड़ाया गया, दिलबर जैसे कई गाने फ्री में करने पड़े”- यह दौर उनकी पहचान बनने से पहले के संघर्ष को दिखाता है। कनाडा से मुंबई आई नोरा ने वेटर से लेकर ऑडिशन तक हर रास्ता अपनाया, लेकिन हार नहीं मानी। यही संघर्ष आगे चलकर उनकी स्टारडम की सबसे बड़ी ताकत बना। आज की सक्सेस स्टोरी में जानते हैं नोरा फतेही के करियर और निजी जीवन से जुड़ी बातें। छिपकर डांस करती थीं नोरा, नहीं ली ट्रेनिंग; मां ने डांटा और पिटाई भी की नोरा का जन्म एक रूढ़िवादी मुस्लिम परिवार में हुआ। घर में डांस को लेकर कड़ा विरोध था, लेकिन उनके अंदर बचपन से ही डांस का जुनून था। उन्होंने कभी प्रोफेशनल डांस ट्रेनिंग नहीं ली। वे अलग-अलग डांस स्टाइल्स वीडियो देखकर और लगातार प्रैक्टिस से सीखती रहीं। नोरा बचपन में घर के अंदर बंद कमरे में छिपकर डांस करती थीं। उन्हें डर रहता था कि परिवार को पता चल गया तो डांट पड़ेगी। एक बार उनकी मां ने उन्हें डांस करते देख लिया, जिसके बाद उन्हें डांट और सख्त प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ा। यहां तक की मां ने पिटाई भी की। विरोध के बावजूद नोरा ने डांस करना नहीं छोड़ा और अपने सपनों के लिए लगातार मेहनत करती रहीं। परिवार के विरोध और मुश्किल माहौल के बीच उन्होंने पढ़ाई पूरी की और इसके बाद भारत आने का फैसला किया। उनका सपना एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में नाम बनाने और खुद को डांसर व परफॉर्मर के रूप में स्थापित करने का था। 5,000 रुपए लेकर मुंबई आई थीं नोरा फतेही 2014 में बॉलीवुड में करियर शुरू करने के लिए केवल ₹5,000 लेकर मुंबई पहुंची थीं। नोरा कहती हैं- मुझे यह भी नहीं पता था कि 1000 डॉलर क्या होते हैं। मैं एक अपार्टमेंट में नौ लड़कियों के साथ रहती थी। वहां अक्सर सोचती थी कि मैं किस मुसीबत में फंस गई हूं। हिंदी न आने पर उड़ाया जाता था मजाक नोरा ने बताया कि भारत आने के बाद सबसे बड़ी चुनौती भाषा थी। हिंदी न जानने की वजह से ऑडिशन में उन्हें बार-बार रिजेक्ट किया जाता था। कई बार लोग उनके उच्चारण और एक्सेंट का मजाक उड़ाते थे। हालांकि उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार खुद को बेहतर बनाने की कोशिश करती रहीं। लगा था मुंबई पहुंचते ही स्टार बन जाएंगी नोरा कहती हैं- फिल्म इंडस्ट्री में आने से पहले मैंने कोई तैयारी नहीं की थी। मुझे लगा था कि मुंबई पहुंचते ही स्टार बन जाऊंगी। मैंने कपड़े पैक किए और मुंबई आ गई। यहां आने के बाद पता चला कि बहुत कुछ सीखना है। मुझे हिंदी नहीं आती थी। हिंदी मेरे लिए विदेशी भाषा थी। सबसे पहले हिंदी सीखी और खुद को परफॉर्मर के तौर पर तैयार किया। कैटरीना कैफ और जैकलीन फर्नांडिस से मिली प्रेरणा नोरा कहती हैं- मैंने बॉलीवुड में कभी काम करने के बारे में नहीं सोचा था। इंडस्ट्री में आने से पहले मैंने ‘देवदास’ और ‘कुछ कुछ होता है’ जैसी फिल्में देखी थीं। मुझे लगता था कि सिर्फ इंडियन लड़कियां ही बॉलीवुड में एक्ट्रेस बन सकती हैं। बॉलीवुड में काम करने की प्रेरणा मुझे कैटरीना कैफ और जैकलीन फर्नांडिस से मिली। फिर मैंने बहुत ऑडिशन देने शुरू किए। गुजारे के लिए किया वेटर का काम, बेचे लॉटरी टिकट स्ट्रगल के दिनों में आर्थिक स्थिति इतनी खराब थी कि उन्हें गुजारे के लिए छोटे-मोटे काम करने पड़े। नोरा ने कॉफी शॉप में वेटर का काम किया और लॉटरी टिकट भी बेचे। मॉडलिंग और छोटे प्रोजेक्ट्स मिलने लगे थे, लेकिन कई बार काम के बाद भी भुगतान नहीं मिलता था। कई दिन सिर्फ ब्रेड और अंडे खाकर बिताए नोरा के लिए सबसे मुश्किल समय वह था जब पैसों की कमी के कारण उन्हें खाने तक के लिए संघर्ष करना पड़ता था। उन्होंने बताया कि कई बार दिनभर सिर्फ ब्रेड और अंडे खाकर गुजारा करना पड़ा। इसके बावजूद उन्होंने मुंबई छोड़ने का विचार नहीं किया और अपने सपनों के लिए डटी रहीं। हफ्ते के 3 हजार रुपए में चलाना पड़ता था खर्च अपने स्ट्रगल के दिनों को याद करते हुए नोरा फतेही कहती हैं कि उस समय जिस एजेंसी के साथ काम कर रही थी, वह उन्हें हफ्ते के सिर्फ 3 हजार रुपए देती थी। इतने कम पैसों में रोज का खर्च चलाना बहुत मुश्किल होता था। काम दिलाने का वादा कर 20 लाख रुपए ठग लिए बॉलीवुड में पहचान बनाने से पहले मेरे साथ ठगी हुई। मैंने बताया था कि जब मैं कनाडा से भारत आई थी, तब मेरी पहली एजेंसी ने मुझे काम दिलाने का वादा किया। उनके कहने पर मैंने 20 लाख रुपए दे दिए। लेकिन बाद में उनका व्यवहार बदल गया। जब मैंने एजेंसी छोड़ने और पैसे वापस मांगने की बात की, तो उन्होंने साफ कह दिया कि पैसे नहीं मिलेंगे। उस समय मैंने 20 लाख रुपए गंवा दिए। ये वही पैसे थे, जो मैंने एक विज्ञापन में काम करके कमाए थे। ‘बिग बॉस 9’ से मिली पहचान साल 2015 में नोरा को टीवी के चर्चित रियलिटी शो ‘बिग बॉस 9’ में हिस्सा लेने का मौका मिला। शो में उनका सफर लंबा नहीं रहा, लेकिन इससे उन्हें दर्शकों के बीच पहचान मिलने लगी। इसके बाद उन्होंने कई डांस परफॉर्मेंस और फिल्मों में छोटे-बड़े मौके हासिल किए। नोरा फतेही ने 2014 में फिल्म ‘रोर: टाइगर्स ऑफ द सुंदरबन्स’ से बॉलीवुड डेब्यू किया। इसके बाद उन्हें साउथ इंडस्ट्री से भी कई फिल्मों के ऑफर मिले। नोरा 2015 में रिलीज हुई सुपरहिट फिल्म ‘बाहुबली’ के गाने ‘मनोहरी’ में नजर आई थीं। फिल्म ‘सत्यमेव जयते’ के सुपरहिट गाने ‘दिलबर-दिलबर’ ने नोरा फतेही को ‘दिलबर गर्ल’ की नई पहचान दी। ‘दिलबर’ ने बदल दी जिंदगी नोरा के करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट 2018 में आया, जब फिल्म ‘सत्यमेव जयते’ का गाना ‘दिलबर’ रिलीज हुआ। यह गाना

FIFA World Cup Starts, Air Force C-295 Tested

FIFA World Cup Starts, Air Force C-295 Tested

Hindi News Career Current Affairs June 12: FIFA World Cup Starts, Air Force C 295 Tested 6 मिनट पहले कॉपी लिंक आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं- नेशनल (NATIONAL) 1. वायुसेना ने C-295 की सफल टेस्टिंग की 10 जून को भारतीय वायुसेना ने C-295 मिलिट्री ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट की पहली सफल टेस्टिंग की। C-295 एक मीडियम टैक्टिकल मिलिट्री ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट है। इसने टेस्टिंग में सभी मानकों को पूरा किया। ये ट्विन-इंजन (दो इंजनों वाला) टर्बोप्रॉप विमान है, जो पुराने एवरो-748 की जगह लेगा। C-295 सैनिकों को लाने-ले जाने, कार्गो ट्रांसपोर्ट, मेडिकल इवैक्यूएशन और स्पेशल ऑपरेशंस के लिए डिजाइन किया गया है। C-295 एक बार में 70 सैनिक, 48 पैराट्रूपर्स या 24 मेडिकल स्ट्रेचर तक ले जा सकता है। C-295 सैनिकों तथा भारी सामान की ढुलाई, मेडिकल सामान, स्पेशल ऑपरेशन के समय काम आएगा। सितंबर 2021 में, भारत सरकार ने स्पेन की एयरबस डिफेंस एंड स्पेस के साथ ₹21,935 करोड़ के 56 विमानों का सौदा किया था। इसकी पहली खेप में भारत को 16 एयरक्राफ्ट मिले हैं। बाकी 40 एयरक्राफ्ट को वडोदरा में एक प्रोडक्शन फैसिलिटी में टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड द्वारा असेंबल किए जाएंगे। C-295 एक ट्विन-इंजन (दो इंजनों वाला) टर्बोप्रॉप विमान है स्पोर्ट्स (SPORTS) 2. FIFA मेंस वर्ल्ड कप शुरू हुआ 11 जून से 23वां FIFA मेंस वर्ल्ड कप शुरू हुआ। इसका ओपनिंग मैच मेक्सिको सिटी में खेला गया। पहला मैच मेक्सिको और साउथ अफ्रीका टीम के बीच खेला गया। FIFA वर्ल्ड कप 11 जून से 20 जुलाई तक अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको में खेला जाएगा। FIFA के अब तक के इतिहास, यानी 96 साल में पहली बार तीन देश वर्ल्ड कप की मेजबानी कर रहे हैं। 16 शहरों में 48 टीमों के बीच कुल 104 मैच खेले जाएंगे। FIFA वर्ल्ड कप जीतने वाली चैंपियन टीम को 429 करोड़ रुपए मिलेंगे। 2022 FIFA वर्ल्ड कप अर्जेंटीना ने जीता था। लियोनेल मेसी और क्रिस्टियानो रोनाल्डो सहित दुनिया के 1,248 फुटबॉलर्स वर्ल्ड कप में हिस्सा ले रहे हैं। वर्ल्ड कप में इस साल 4 नए देश काबो वर्डी, क्यूरासाओ, जॉर्डन और उज्बेकिस्तान पहली बार हिस्सा ले रहे हैं। FIFA की शुरुआत 1930 में उरुग्वे में हुई थी। मेजबान उरुग्वे ने पहला वर्ल्ड कप जीता था। इस साल पहली बार भारत में भी FIFA वर्ल्ड कप टेलिकास्ट किया जा रहा है। 3. विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप शुरू 12 जून को 10वां विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप से इंग्लैंड और वेल्स में शुरू होगा। पहला मुकाबला मेजबान इंग्लैंड और श्रीलंका के बीच खेला जाएगा और इसका फाइनल 5 जुलाई को लॉर्ड्स में होगा। इस बार विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप में 12 टीमें हिस्सा ले रही हैं और इसमें 24 दिनों में 33 मुकाबले खेले जाएंगे। भारत का पहला मैच 14 जून को बर्मिंघम में पाकिस्तान के साथ होगा। 2024 में विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप न्यूजीलैंड ने जीता था। ऑस्ट्रेलिया टीम अब तक सबसे ज्यादा 6 बार विमेंस टी-20 चैंपियन रही चुकी है। भारत ने 2025 में अंडर-19 विमेंस टी-20 के वर्ल्ड कप जीता था इंटरनेशनल (INTERNATIONAL) 4. टाइम मैगजीन ने टॉप 100 स्पोर्ट्स पर्सन लिस्ट जारी की 10 जून को ‘टाइम’ मैगजीन ने पहली बार स्पोर्ट्स की 100 सबसे प्रभावशाली हस्तियों की सूची जारी की है। इस लिस्ट में भारतीय महिला क्रिकेटर स्मृति मंधाना शामिल हैं। मैगजीन के कवर पेज पर चार बार के NBA (बास्केटवॉल) चैम्पियन लेब्रन जेम्स को जगह मिली है। इसके साथ ही लिस्ट में अर्जेंटीना के फुटबॉलर लियोनल मेसी, क्रिस्टियानो रोनाल्डो और एर्लिंग हालेंड जैसे फुटबॉलर्स शामिल हैं। बास्केटबॉल प्लेयर लेब्रोन जेम्स, बेसबॉल प्लेयर शोही ओटानी और वुमन बास्केटबॉल प्लेयर केटलिन क्लार्क समेत कार्लोस अलकराज भी इसमें शामिल हैं। 5. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बुल्गारिया पीएम से मुलाकात की 10 जून को विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोफिया में बुल्गारिया के पीएम रुमेन रादेव से मुलाकात की। इस बैठक में दोनों देशों के प्रमुखों ने द्विपक्षीय संबंधों पर बात की। इस बैठक में दोनों देशों ने व्यापार और निवेश, फार्मा, सेमीकंडक्टर, AI, स्पेस ,डिफेंस, मोबिलिटी, पर्यटन और क्रिएटिव एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। बैठक में बदलती वैश्विक आर्थिक और भू-राजनीतिक परिस्थितियों के बीच भारत-बुल्गारिया संबंधों पर बात हुई। जयशंकर ने यात्रा के दौरान नेशनल हिस्टोरिकल म्यूजियम का दौरा भी किया। गुरुवार को एस जयशंकर फिनलैंड में ‘कुलतारंता टॉक्स’ के 14वें संस्करण में शामिल भी हुए। कुलतारंता टॉक्स फिनलैंड का एक प्रमुख पॉलिसी फोरम है। मिसलीनियस (MISCELLENEOUS) 6. भारत फिलिस्तीनी रिफ्यूजियों को 2.5 मिलियन डॉलर सहायता देगा 11 जून को भारत ने फिलिस्तीन के रिफ्यूजियों के लिए यूनाइटेड नेशनल एजेंसी को 2.5 मिलियन डॉलर की मदद देने का ऐलान किया। भारत ये मदद ‘यूनाइटेड नेशंस रिलीफ एंड वर्क्स एजेंसी फॉर पैलेस्टाइन रिफ्यूजीज इन द नियर ईस्ट’ (UNRWA) को देगा। UNRWA, संयुक्त राष्ट्र की एक प्रमुख एजेंसी है, जो गाजा, वेस्ट बैंक, जॉर्डन, लेबनान और सीरिया में रह रहे लाखों फिलिस्तीनी शरणार्थियों को शिक्षा, स्वास्थ्य, राहत और सामाजिक सेवाएं प्रदान करती है। इस फंडिंग से फिलिस्तीनी शरणार्थियों को शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, राहत और सामाजिक कल्याण जैसी जरूरतों को पूरा किया जाएगा। भारत ने इस मदद को टू-स्टेट-सॉल्यूशन का हिस्सा बताया है, यानि भारत इजराइल की सुरक्षा चिंताओं और फिलिस्तीन के लोगों की आजादी दोनों का ही समर्थन करता है। फरवरी 2026 में भारत ने यूनाइटेड नेशन (UN) के सदस्य देशों के साथ मिलकर फिलिस्तीन पर चर्चा की थी और वेस्ट बैंक में इजराइली बस्तियों के बसाए जाने पर चिंता जताई थी। 2018 में UNRWA को अपना सालाना योगदान बढ़ाने के बाद से, भारत ने करोड़ों डॉलर की सहायता दी है। UNRWA ने फिलिस्तीनियों के लिए विकास परियोजनाओं, मानवीय सहायता और चिकित्सा आपूर्ति में भी सहयोग किया है। आज का इतिहास (12 JUNE) 1975 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने PM इंदिरा गांधी को चुनाव में सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का दोषी ठहराते हुए उनके चुनाव को अमान्य घोषित किया गया। 1964 में दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद के खिलाफ आंदोलन करने वाले नेता नेल्सन मंडेला को सरकार के खिलाफ साजिश का दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा हुई। 1957 में हिन्दी कथाकार और उपन्यासकार गीतांजलि श्री का जन्म हुआ। —– ये खबर भी पढ़ें… रिलायंस और मेटा बनाएंगे भारत का पहला AI डेटा सेंटर:बेंगलुरु की सृष्टि किरण अंडर-13 वर्ल्‍ड नंबर

2027 ODI World Cup Dates Set

2027 ODI World Cup Dates Set

स्पोर्ट्स डेस्क25 मिनट पहले कॉपी लिंक 2027 का वनडे वर्ल्ड कप साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की सह-मेजबानी में खेला जाएगा। मेंस वनडे वर्ल्ड कप 2027 की संभावित तारीखें तय हो गई हैं। टूर्नामेंट 4 अक्टूबर से 21 नवंबर तक खेला जाएगा। क्रिकेट वेबसाइट ईएसपीएन क्रिकइंफों की रिपोर्ट के मुताबिक, मई में हुई अहमदाबाद ICC बोर्ड की बैठक में तारीखों पर सहमति बनी है। 2027 का वर्ल्ड कप साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में खेला जाएगा। रिपोर्ट के मुताबिक बैठक में किन देशों में कितने मैच होंगे और कौने-से वेन्यू इसमें शामिल होंगे, इसपर भी चर्चा की गई है। इसका ऑफिशियल ऐलान जुलाई में एडिनबर्ग में होने वाली ICC की सालाना आम बैठक (AGM) में होगी। 2023 वनडे वर्ल्ड कप: ऑस्ट्रेलिया ने फाइनल में मेजबान भारत को 6 विकेट से हराकर खिताब जीता था। साउथ अफ्रीका में कम से कम 41 मैच होंगे वर्ल्ड कप के ज्यादातर मैच साउथ अफ्रीका के 8 वेन्यू पर खेले जाएंगे। टूर्नामेंट के कुल 54 मुकाबलों में से कम से कम 41 मैच साउथ अफ्रीका होस्ट कर सकता है। जिम्बाब्वे 8 से 10 मैच होस्ट करेगा, जबकि नामीबिया 3 मैच। जिम्बाब्वे के पास अब 3 वेन्यू ‘विक्टोरिया फॉल्स, हरारे स्पोर्ट्स क्लब और क्वींस, बुलावायो’ है। साउथ अफ्रीका का जोहान्सबर्ग स्टेडियम। 24 साल बाद अफ्रीका वनडे वर्ल्ड कप होस्ट करेगा यह 2003 के बाद अफ्रीका में पहला वनडे वर्ल्ड कप होगा। साउथ अफ्रीका ने 2007 टी20 वर्ल्ड कप, 2009 चैंपियंस ट्रॉफी और 2023 महिला टी20 वर्ल्ड कप होस्ट किए हैं। जिम्बाब्वे और नामीबिया ने हाल में अंडर-19 वर्ल्ड कप को-होस्ट किया था। 2007 टी-20 वर्ल्ड कप साउथ अफ्रीका में खेला गया था। भारत चैंपियन बना था। टूर्नामेंट में 14 टीमें हिस्सा लेंगी 2027 का टूर्नामेंट 14 टीमों के बीच खेला जाएगा। इसमें 7-7 टीमों को दो ग्रुप मेें बांटा जाएगा। हर ग्रुप से टॉप-3 टीमें सुपर सिक्स में जाएंगी। फुल मेंबर टीम होने की वजह से साउथ अफ्रीका और जिम्बाब्वे सीधे क्वालीफाई कर चुके हैं। वहीं नामीबिया को क्वालिफिकेशन प्रोसेस से गुजरना होगा। ICC एफटीपी का पहला इवेंट होगा यह वर्ल्ड कप 2027-31 फ्यूचर टूर्स प्रोग्राम (FTP) का पहला ICC इवेंट होगा। एफटीपी की डिटेल्स इस साल हांगकांग में ICC मीटिंग में फाइनल होंगी। विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के स्ट्रक्चर और इसके विस्तार को लेकर चर्चा चल रही है। इसके अलावा ICC जल्द ही फैसला करेगा कि क्या 12 फुल मेंबर नेशन जिम्बाब्वे, आयरलैंड और अफगानिस्तान, वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) में शामिल होंगे या नहीं। इनके लिए एक-एक टेस्ट WTC शेड्यूल में रखे जा सकते हैं। यह फैसला जुलाई में एडिनबर्ग AGM में हो सकता है। ———————————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… पहली बार तीन देश होस्ट करेंगे FIFA वर्ल्ड कप:अमेरिका-कनाडा-मेक्सिको में 48 टीमों के बीच 104 मैच, नॉकआउट में 32 टीमें जाएंगी; जानिए सबकुछ 23वां FIFA मेंस वर्ल्ड कप 11 जून से 20 जुलाई तक अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको में खेला जाएगा। 96 साल के इतिहास में पहली बार तीन देश वर्ल्ड कप की मेजबानी कर रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

2027 ODI World Cup Dates Set

2027 ODI World Cup Dates Set

स्पोर्ट्स डेस्क7 मिनट पहले कॉपी लिंक 2027 का वनडे वर्ल्ड कप साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की सह-मेजबानी में खेला जाएगा। मेंस वनडे वर्ल्ड कप 2027 की संभावित तारीखें तय हो गई हैं। टूर्नामेंट 4 अक्टूबर से 21 नवंबर तक खेला जाएगा। क्रिकेट वेबसाइट ईएसपीएन क्रिकइंफों की रिपोर्ट के मुताबिक, मई में हुई अहमदाबाद ICC बोर्ड की बैठक में तारीखों पर सहमति बनी है। 2027 का वर्ल्ड कप साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में खेला जाएगा। रिपोर्ट के मुताबिक बैठक में किन देशों में कितने मैच होंगे और कौने-से वेन्यू इसमें शामिल होंगे, इसपर भी चर्चा की गई है। इसका ऑफिशियल ऐलान जुलाई में एडिनबर्ग में होने वाली ICC की सालाना आम बैठक (AGM) में होगी। 2023 वनडे वर्ल्ड कप: ऑस्ट्रेलिया ने फाइनल में मेजबान भारत को 6 विकेट से हराकर खिताब जीता था। साउथ अफ्रीका में कम से कम 41 मैच होंगे वर्ल्ड कप के ज्यादातर मैच साउथ अफ्रीका के 8 वेन्यू पर खेले जाएंगे। टूर्नामेंट के कुल 54 मुकाबलों में से कम से कम 41 मैच साउथ अफ्रीका होस्ट कर सकता है। जिम्बाब्वे 8 से 10 मैच होस्ट करेगा, जबकि नामीबिया 3 मैच। जिम्बाब्वे के पास अब 3 वेन्यू ‘विक्टोरिया फॉल्स, हरारे स्पोर्ट्स क्लब और क्वींस, बुलावायो’ है। साउथ अफ्रीका का जोहान्सबर्ग स्टेडियम। 24 साल बाद अफ्रीका वनडे वर्ल्ड कप होस्ट करेगा यह 2003 के बाद अफ्रीका में पहला वनडे वर्ल्ड कप होगा। साउथ अफ्रीका ने 2007 टी20 वर्ल्ड कप, 2009 चैंपियंस ट्रॉफी और 2023 महिला टी20 वर्ल्ड कप होस्ट किए हैं। जिम्बाब्वे और नामीबिया ने हाल में अंडर-19 वर्ल्ड कप को-होस्ट किया था। 2007 टी-20 वर्ल्ड कप साउथ अफ्रीका में खेला गया था। भारत चैंपियन बना था। टूर्नामेंट में 14 टीमें हिस्सा लेंगी 2027 का टूर्नामेंट 14 टीमों के बीच खेला जाएगा। इसमें 7-7 टीमों को दो ग्रुप मेें बांटा जाएगा। हर ग्रुप से टॉप-3 टीमें सुपर सिक्स में जाएंगी। फुल मेंबर टीम होने की वजह से साउथ अफ्रीका और जिम्बाब्वे सीधे क्वालीफाई कर चुके हैं। वहीं नामीबिया को क्वालिफिकेशन प्रोसेस से गुजरना होगा। ICC एफटीपी का पहला इवेंट होगा यह वर्ल्ड कप 2027-31 फ्यूचर टूर्स प्रोग्राम (FTP) का पहला ICC इवेंट होगा। एफटीपी की डिटेल्स इस साल हांगकांग में ICC मीटिंग में फाइनल होंगी। विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के स्ट्रक्चर और इसके विस्तार को लेकर चर्चा चल रही है। इसके अलावा ICC जल्द ही फैसला करेगा कि क्या 12 फुल मेंबर नेशन जिम्बाब्वे, आयरलैंड और अफगानिस्तान, वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) में शामिल होंगे या नहीं। इनके लिए एक-एक टेस्ट WTC शेड्यूल में रखे जा सकते हैं। यह फैसला जुलाई में एडिनबर्ग AGM में हो सकता है। ———————————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… पहली बार तीन देश होस्ट करेंगे FIFA वर्ल्ड कप:अमेरिका-कनाडा-मेक्सिको में 48 टीमों के बीच 104 मैच, नॉकआउट में 32 टीमें जाएंगी; जानिए सबकुछ 23वां FIFA मेंस वर्ल्ड कप 11 जून से 20 जुलाई तक अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको में खेला जाएगा। 96 साल के इतिहास में पहली बार तीन देश वर्ल्ड कप की मेजबानी कर रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Croatia World Cup 2026 | USA Base Camp

Croatia World Cup 2026 | USA Base Camp

स्पोर्ट्स डेस्क6 मिनट पहले कॉपी लिंक फीफा वर्ल्ड कप 2026 के लिए क्रोएशिया की टीम अमेरिका पहुंच चुकी है। टीम ने वॉशिंगटन डीसी क्षेत्र में अपना बेस कैंप बनाया है। लगातार दो वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में पहुंची क्रोएशियाई टीम इस बार भी अनुभवी खिलाड़ियों पर भरोसा कर रही है। 40 वर्षीय लुका मोड्रिच और 37 वर्षीय इवान पेरिसिक टीम का हिस्सा हैं। दोनों ने 2018 में टीम को फाइनल और 2022 में तीसरे स्थान तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी। मोड्रिच अपने करियर का पांचवां वर्ल्ड कप खेलेंगे और अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में 200 मैच पूरे करने के करीब हैं। क्रोएशिया ने कोच ज्लात्को डालिच पर भरोसा बरकरार रखा है। डालिच 2018 और 2022 वर्ल्ड कप में भी टीम के कोच थे। अनुभवी खिलाड़ियों और युवा प्रतिभाओं के मिश्रण के साथ टीम एक और सफल अभियान की उम्मीद कर रही है। क्रोएशिया का पहला मुकाबला इंग्लैंड से होगा। यह मैच 2018 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल की याद दिलाएगा, जब क्रोएशिया ने इंग्लैंड को हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। खेल से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए… फुटबॉल वर्ल्ड कप के वॉर्मअप मैच में पुर्तगाल ने नाइजीरिया को 2-1 से हराया लीरिया (पुर्तगाल)। फीफा वर्ल्ड कप 2026 से पहले खेले गए वार्म-अप मैच में पुर्तगाल ने नाइजीरिया को 2-1 से हराकर जीत के साथ अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दिया। हालांकि टीम के कप्तान और स्टार स्ट्राइकर क्रिस्टियानो रोनाल्डो गोल करने में नाकाम रहे। 41 वर्षीय रोनाल्डो को मैच में दो बार गोल करने के सुनहरे मौके मिले, लेकिन वह दोनों बार गोलकीपर को नहीं भेद सके। उन्हें 65वें मिनट में मैदान से बाहर बुला लिया गया। पुर्तगाल ने 23वें मिनट में पेड्रो नेटो के गोल से बढ़त बनाई थी। नाइजीरिया ने अकोर एडम्स के गोल की मदद से स्कोर 1-1 कर दिया। दूसरे हाफ में विकल्प खिलाड़ी के रूप में मैदान में आए फ्रांसिस्को कॉन्सेइकाओ ने 75वें मिनट में शानदार गोल दागकर पुर्तगाल को फिर बढ़त दिलाई। यही गोल टीम की जीत का कारण बना। पुर्तगाल अब वर्ल्ड कप में ग्रुप-K में कांगो, उज्बेकिस्तान और कोलंबिया के खिलाफ चुनौती पेश करेगा। वहीं रोनाल्डो अपने करियर का छठा वर्ल्ड कप खेलने उतरेंगे, जो विश्व रिकॉर्ड की बराबरी होगी। ———————————————- मेसी के गोल से अर्जेंटीना ने जीता प्रैक्टिस मैच ऑबर्न (अलाबामा, अमेरिका)। वर्ल्ड कप शुरू होने से पहले अमेरिका में जबरदस्त माहौल देखने को मिल रहा है। टूर्नामेंट से पहले अर्जेंटीना और आइसलैंड के अभ्यास मैच को देखने 88 हजार दर्शक पहुंचे। मुकाबले में अर्जेंटीना ने आइसलैंड को 3-0 से करारी शिकस्त दी। अलबामा में खेले गए इस मैच के असली हीरो कप्तान लियोनल मेसी रहे। चोट के कारण आराम कर रहे मेसी मैच के आखिरी 20 मिनट में मैदान पर उतरे। आते ही उन्होंने अपना 117वां अंतरराष्ट्रीय गोल दागा और तीसरे गोल (थियागो) में भी अहम भूमिका निभाई। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Croatia World Cup 2026 | USA Base Camp

Croatia World Cup 2026 | USA Base Camp

स्पोर्ट्स डेस्क15 मिनट पहले कॉपी लिंक फीफा वर्ल्ड कप 2026 के लिए क्रोएशिया की टीम अमेरिका पहुंच चुकी है। टीम ने वॉशिंगटन डीसी क्षेत्र में अपना बेस कैंप बनाया है। लगातार दो वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में पहुंची क्रोएशियाई टीम इस बार भी अनुभवी खिलाड़ियों पर भरोसा कर रही है। 40 वर्षीय लुका मोड्रिच और 37 वर्षीय इवान पेरिसिक टीम का हिस्सा हैं। दोनों ने 2018 में टीम को फाइनल और 2022 में तीसरे स्थान तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी। मोड्रिच अपने करियर का पांचवां वर्ल्ड कप खेलेंगे और अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में 200 मैच पूरे करने के करीब हैं। क्रोएशिया ने कोच ज्लात्को डालिच पर भरोसा बरकरार रखा है। डालिच 2018 और 2022 वर्ल्ड कप में भी टीम के कोच थे। अनुभवी खिलाड़ियों और युवा प्रतिभाओं के मिश्रण के साथ टीम एक और सफल अभियान की उम्मीद कर रही है। क्रोएशिया का पहला मुकाबला इंग्लैंड से होगा। यह मैच 2018 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल की याद दिलाएगा, जब क्रोएशिया ने इंग्लैंड को हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। खेल से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए… बस में 40 घंटे सफर कर पहुंची ईरानी टीम; सपोर्ट स्टाफ को अमेरिका का वीजा भी नहीं मिला न्यूयॉर्क| ईरानी फुटबॉल टीम फुटबॉल वर्ल्ड कप में हिस्सा लेने के लिए मैक्सिको के तिजुआना पहुंच गई है। एक ऐसे सह-मेजबान देश (अमेरिका) में जाकर खेलना, जिसने उन पर युद्ध थोप रखा हो, ईरान के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है। युद्ध की वजह से इस टीम का सफर बहुत दर्दनाक रहा है। मार्च में टीम को तेहरान से तुर्की बॉर्डर तक 40 घंटे का लंबा बस का सफर तय करना पड़ा था। हालात इतने मुश्किल थे कि 6 फुट 5 इंच लंबे गोलकीपर अलीरेजा बेइरानवांड को अपने पैर फैलाने के लिए बस की फर्श पर सोकर सफर करना पड़ा था। कूटनीतिक तनाव, एरिजोना की भीषण गर्मी और वहां ईरानी दूतावास न होने के कारण टीम मैनेजमेंट ने अपना बेस कैंप अमेरिका से हटाकर मैक्सिको के तिजुआना में कर लिया, जो अमेरिकी बॉर्डर से बिल्कुल सटा हुआ है। ग्रुप जी में ईरान को अपने अहम मैच लॉस एंजिल्स और सिएटल में खेलने हैं। खिलाड़ियों और मुख्य कोच आमिर घलेनोई को तो वीजा मिल गया, लेकिन अमेरिकी प्रशासन ने आतंकवादियों की घुसपैठ का हवाला देते हुए टीम के 13 सपोर्ट स्टाफ, विश्लेषकों और मीडिया अधिकारियों को वीजा देने से इनकार कर दिया। ————————————————— फुटबॉल वर्ल्ड कप के वॉर्मअप मैच में पुर्तगाल ने नाइजीरिया को 2-1 से हराया लीरिया (पुर्तगाल)। फीफा वर्ल्ड कप 2026 से पहले खेले गए वार्म-अप मैच में पुर्तगाल ने नाइजीरिया को 2-1 से हराकर जीत के साथ अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दिया। हालांकि टीम के कप्तान और स्टार स्ट्राइकर क्रिस्टियानो रोनाल्डो गोल करने में नाकाम रहे। 41 वर्षीय रोनाल्डो को मैच में दो बार गोल करने के सुनहरे मौके मिले, लेकिन वह दोनों बार गोलकीपर को नहीं भेद सके। उन्हें 65वें मिनट में मैदान से बाहर बुला लिया गया। पुर्तगाल ने 23वें मिनट में पेड्रो नेटो के गोल से बढ़त बनाई थी। नाइजीरिया ने अकोर एडम्स के गोल की मदद से स्कोर 1-1 कर दिया। दूसरे हाफ में विकल्प खिलाड़ी के रूप में मैदान में आए फ्रांसिस्को कॉन्सेइकाओ ने 75वें मिनट में शानदार गोल दागकर पुर्तगाल को फिर बढ़त दिलाई। यही गोल टीम की जीत का कारण बना। पुर्तगाल अब वर्ल्ड कप में ग्रुप-K में कांगो, उज्बेकिस्तान और कोलंबिया के खिलाफ चुनौती पेश करेगा। वहीं रोनाल्डो अपने करियर का छठा वर्ल्ड कप खेलने उतरेंगे, जो विश्व रिकॉर्ड की बराबरी होगी। ———————————————- मेसी के गोल से अर्जेंटीना ने जीता प्रैक्टिस मैच ऑबर्न (अलाबामा, अमेरिका)। वर्ल्ड कप शुरू होने से पहले अमेरिका में जबरदस्त माहौल देखने को मिल रहा है। टूर्नामेंट से पहले अर्जेंटीना और आइसलैंड के अभ्यास मैच को देखने 88 हजार दर्शक पहुंचे। मुकाबले में अर्जेंटीना ने आइसलैंड को 3-0 से करारी शिकस्त दी। अलबामा में खेले गए इस मैच के असली हीरो कप्तान लियोनल मेसी रहे। चोट के कारण आराम कर रहे मेसी मैच के आखिरी 20 मिनट में मैदान पर उतरे। आते ही उन्होंने अपना 117वां अंतरराष्ट्रीय गोल दागा और तीसरे गोल (थियागो) में भी अहम भूमिका निभाई। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…