4 मिनट पहलेलेखक: वीरेंद्र मिश्र
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नोरा फतेही ने संघर्ष, ठगी और तानों के बीच अपना रास्ता बनाया, ‘दिलबर’ ने दिलाई नई पहचान।
मुंबई की चमक-दमक के पीछे ठगी, ताने और संघर्ष की लंबी कहानी भी छुपी है। नोरा फतेही की जिंदगी भी ऐसी ही रही, जहां काम दिलाने का वादा कर 20 लाख रुपए ठग लिए गए और कई बार उन्हें बिना फीस के गाने करने पड़े। “मेरा मजाक उड़ाया गया, दिलबर जैसे कई गाने फ्री में करने पड़े”- यह दौर उनकी पहचान बनने से पहले के संघर्ष को दिखाता है।
कनाडा से मुंबई आई नोरा ने वेटर से लेकर ऑडिशन तक हर रास्ता अपनाया, लेकिन हार नहीं मानी। यही संघर्ष आगे चलकर उनकी स्टारडम की सबसे बड़ी ताकत बना।
आज की सक्सेस स्टोरी में जानते हैं नोरा फतेही के करियर और निजी जीवन से जुड़ी बातें।

छिपकर डांस करती थीं नोरा, नहीं ली ट्रेनिंग; मां ने डांटा और पिटाई भी की
नोरा का जन्म एक रूढ़िवादी मुस्लिम परिवार में हुआ। घर में डांस को लेकर कड़ा विरोध था, लेकिन उनके अंदर बचपन से ही डांस का जुनून था। उन्होंने कभी प्रोफेशनल डांस ट्रेनिंग नहीं ली। वे अलग-अलग डांस स्टाइल्स वीडियो देखकर और लगातार प्रैक्टिस से सीखती रहीं।
नोरा बचपन में घर के अंदर बंद कमरे में छिपकर डांस करती थीं। उन्हें डर रहता था कि परिवार को पता चल गया तो डांट पड़ेगी। एक बार उनकी मां ने उन्हें डांस करते देख लिया, जिसके बाद उन्हें डांट और सख्त प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ा। यहां तक की मां ने पिटाई भी की।
विरोध के बावजूद नोरा ने डांस करना नहीं छोड़ा और अपने सपनों के लिए लगातार मेहनत करती रहीं। परिवार के विरोध और मुश्किल माहौल के बीच उन्होंने पढ़ाई पूरी की और इसके बाद भारत आने का फैसला किया। उनका सपना एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में नाम बनाने और खुद को डांसर व परफॉर्मर के रूप में स्थापित करने का था।
5,000 रुपए लेकर मुंबई आई थीं
नोरा फतेही 2014 में बॉलीवुड में करियर शुरू करने के लिए केवल ₹5,000 लेकर मुंबई पहुंची थीं। नोरा कहती हैं- मुझे यह भी नहीं पता था कि 1000 डॉलर क्या होते हैं। मैं एक अपार्टमेंट में नौ लड़कियों के साथ रहती थी। वहां अक्सर सोचती थी कि मैं किस मुसीबत में फंस गई हूं।

हिंदी न आने पर उड़ाया जाता था मजाक
नोरा ने बताया कि भारत आने के बाद सबसे बड़ी चुनौती भाषा थी। हिंदी न जानने की वजह से ऑडिशन में उन्हें बार-बार रिजेक्ट किया जाता था। कई बार लोग उनके उच्चारण और एक्सेंट का मजाक उड़ाते थे। हालांकि उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार खुद को बेहतर बनाने की कोशिश करती रहीं।
लगा था मुंबई पहुंचते ही स्टार बन जाएंगी
नोरा कहती हैं- फिल्म इंडस्ट्री में आने से पहले मैंने कोई तैयारी नहीं की थी। मुझे लगा था कि मुंबई पहुंचते ही स्टार बन जाऊंगी। मैंने कपड़े पैक किए और मुंबई आ गई। यहां आने के बाद पता चला कि बहुत कुछ सीखना है। मुझे हिंदी नहीं आती थी। हिंदी मेरे लिए विदेशी भाषा थी। सबसे पहले हिंदी सीखी और खुद को परफॉर्मर के तौर पर तैयार किया।
कैटरीना कैफ और जैकलीन फर्नांडिस से मिली प्रेरणा
नोरा कहती हैं- मैंने बॉलीवुड में कभी काम करने के बारे में नहीं सोचा था। इंडस्ट्री में आने से पहले मैंने ‘देवदास’ और ‘कुछ कुछ होता है’ जैसी फिल्में देखी थीं। मुझे लगता था कि सिर्फ इंडियन लड़कियां ही बॉलीवुड में एक्ट्रेस बन सकती हैं। बॉलीवुड में काम करने की प्रेरणा मुझे कैटरीना कैफ और जैकलीन फर्नांडिस से मिली। फिर मैंने बहुत ऑडिशन देने शुरू किए।

गुजारे के लिए किया वेटर का काम, बेचे लॉटरी टिकट
स्ट्रगल के दिनों में आर्थिक स्थिति इतनी खराब थी कि उन्हें गुजारे के लिए छोटे-मोटे काम करने पड़े। नोरा ने कॉफी शॉप में वेटर का काम किया और लॉटरी टिकट भी बेचे। मॉडलिंग और छोटे प्रोजेक्ट्स मिलने लगे थे, लेकिन कई बार काम के बाद भी भुगतान नहीं मिलता था।
कई दिन सिर्फ ब्रेड और अंडे खाकर बिताए
नोरा के लिए सबसे मुश्किल समय वह था जब पैसों की कमी के कारण उन्हें खाने तक के लिए संघर्ष करना पड़ता था। उन्होंने बताया कि कई बार दिनभर सिर्फ ब्रेड और अंडे खाकर गुजारा करना पड़ा। इसके बावजूद उन्होंने मुंबई छोड़ने का विचार नहीं किया और अपने सपनों के लिए डटी रहीं।
हफ्ते के 3 हजार रुपए में चलाना पड़ता था खर्च
अपने स्ट्रगल के दिनों को याद करते हुए नोरा फतेही कहती हैं कि उस समय जिस एजेंसी के साथ काम कर रही थी, वह उन्हें हफ्ते के सिर्फ 3 हजार रुपए देती थी। इतने कम पैसों में रोज का खर्च चलाना बहुत मुश्किल होता था।
काम दिलाने का वादा कर 20 लाख रुपए ठग लिए
बॉलीवुड में पहचान बनाने से पहले मेरे साथ ठगी हुई। मैंने बताया था कि जब मैं कनाडा से भारत आई थी, तब मेरी पहली एजेंसी ने मुझे काम दिलाने का वादा किया। उनके कहने पर मैंने 20 लाख रुपए दे दिए। लेकिन बाद में उनका व्यवहार बदल गया। जब मैंने एजेंसी छोड़ने और पैसे वापस मांगने की बात की, तो उन्होंने साफ कह दिया कि पैसे नहीं मिलेंगे।
उस समय मैंने 20 लाख रुपए गंवा दिए। ये वही पैसे थे, जो मैंने एक विज्ञापन में काम करके कमाए थे।
‘बिग बॉस 9’ से मिली पहचान
साल 2015 में नोरा को टीवी के चर्चित रियलिटी शो ‘बिग बॉस 9’ में हिस्सा लेने का मौका मिला। शो में उनका सफर लंबा नहीं रहा, लेकिन इससे उन्हें दर्शकों के बीच पहचान मिलने लगी। इसके बाद उन्होंने कई डांस परफॉर्मेंस और फिल्मों में छोटे-बड़े मौके हासिल किए।
नोरा फतेही ने 2014 में फिल्म ‘रोर: टाइगर्स ऑफ द सुंदरबन्स’ से बॉलीवुड डेब्यू किया। इसके बाद उन्हें साउथ इंडस्ट्री से भी कई फिल्मों के ऑफर मिले। नोरा 2015 में रिलीज हुई सुपरहिट फिल्म ‘बाहुबली’ के गाने ‘मनोहरी’ में नजर आई थीं।

फिल्म ‘सत्यमेव जयते’ के सुपरहिट गाने ‘दिलबर-दिलबर’ ने नोरा फतेही को ‘दिलबर गर्ल’ की नई पहचान दी।
‘दिलबर’ ने बदल दी जिंदगी
नोरा के करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट 2018 में आया, जब फिल्म ‘सत्यमेव जयते’ का गाना ‘दिलबर’ रिलीज हुआ। यह गाना जबरदस्त हिट साबित हुआ और नोरा रातोंरात देशभर में चर्चा में आ गईं। उनके डांस स्टाइल, स्क्रीन प्रेजेंस और एक्सप्रेशंस ने दर्शकों का दिल जीत लिया।
बिना पेमेंट के काम करने पड़े
हालांकि, करियर की शुरुआत में उन्हें फिल्मों में पैसे नहीं मिलते थे। नोरा कहती हैं- ‘दिलबर’ के अलावा भी मैंने कई गाने फ्री में किए हैं। उस समय पैसे कमाना मेरा उद्देश्य नहीं था। मैं फिल्म इंडस्ट्री में खुद को प्रूव करना चाहती थी, इसलिए पैसे की डिमांड नहीं की।
इंडस्ट्री में लोगों के पास बहुत ऑप्शन हैं। मैं नहीं तो कोई और करेगा। मेरे लिए सबसे बड़ी बात मौका मिलना था।

एक के बाद एक दिए सुपरहिट डांस नंबर
‘दिलबर’ की सफलता के बाद नोरा ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने ‘कमरिया’, ‘ओ साकी साकी’ और ‘गर्मी’ जैसे कई सुपरहिट गानों में अपनी दमदार मौजूदगी दर्ज कराई। देखते ही देखते वह बॉलीवुड की लोकप्रिय डांस परफॉर्मर्स में शामिल हो गईं।
गाने पर हुआ विवाद, मांगनी पड़ी थी माफी
नोरा फतेही हाल ही में फिल्म ‘केडीः द डेविल’ के गाने ‘सरके चुनर तेरी सरके’ को लेकर विवादों में घिर गई थीं। गाने के रिलीज होने के बाद सोशल मीडिया पर इसके बोल और प्रस्तुति पर आपत्ति जताई गई। कई लोगों ने आरोप लगाया कि गाने में महिलाओं को गलत तरीके से दिखाया गया है। मामला बढ़ने के बाद यह राष्ट्रीय महिला आयोग तक पहुंच गया।
विवाद के बाद आयोग ने नोरा समेत गाने से जुड़े अन्य लोगों को पेश होने के लिए कहा। सुनवाई के दौरान नोरा आयोग के सामने पहुंचीं और लिखित रूप से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था और एक कलाकार के तौर पर वे अपनी सामाजिक जिम्मेदारी समझती हैं।

‘सरके चुनर तेरी सरके’ गाना नोरा फतेही और संजय दत्त पर फिल्माया गया था।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, नोरा ने आयोग को बताया कि उन्होंने गाने की शूटिंग एक अलग क्रिएटिव विजन के तहत की थी और रिलीज के समय हुए कुछ बदलावों की उन्हें पूरी जानकारी नहीं थी। उन्होंने यह भी कहा कि विवाद के बाद उन्हें मामले की गंभीरता समझ आई।
सुनवाई के दौरान उन्होंने सामाजिक पहल से जुड़ने की बात कही। रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने अनाथ लड़कियों की शिक्षा और सहयोग से जुड़े प्रयासों में योगदान देने की इच्छा जताई।
छोटे-छोटे रोल्स करके यहां तक पहुंची हूं
नोरा फतेही कहती हैं- छोटे-छोटे रोल्स करके यहां तक पहुंची हूं। मैं लोगों से कहती थी कि मेरे बारे में भी सोचें। यह कहने से पहले कई बार सोचती थी कि कैसे कहूं। ‘दिलबर’ के बाद लोगों को लगता था कि मैं सिर्फ गाने कर सकती हूं, लेकिन मुझे एक्टिंग करनी थी।
मुझे लगने लगा था कि गानों में टाइपकास्ट हो रही हूं। मैंने ऑडिशन देने शुरू किए। कुणाल खेमू ने मुझे ‘मडगांव एक्सप्रेस’ में मौका दिया।

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