India AI Impact Summit 2026: AI Analysis vs. MBAs

59 मिनट पहले कॉपी लिंक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब वो काम कर लेता है, जो कभी मैनेजमेंट की पढ़ाई का सबसे खास और जरूरी हिस्सा हुआ करते थे। स्ट्रेटेजी ड्राफ्ट, फाइनेंशियल मॉडल और कॉम्पिटिटिव स्कैन अब मिनटों में हो जाते हैं। ऐसे में MBA करने के फायदे की समीक्षा अब ज्यादा बारीकी से की जा रही है। सवाल उठता है कि अगर मशीनें बड़े पैमाने पर एनालिसिस कर सकती हैं, तो मैनेजमेंट डिग्री की क्या भूमिका रह जाती है? इसी सवाल ने भारत में हुए AI Impact Summit के एजेंडा को आकार दिया। समिट में पॉलिसीमेकर्स और इंडस्ट्री लीडर्स को इकोनॉमी पर AI के असर को समझने के लिए बुलाया गया था। देश के सबसे बड़े AI कन्वर्जेंस में जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट की मौजूदगी देश के सबसे बड़े AI कन्वर्जेंस (जब AI कई अन्य तकनीकी क्षेत्रों के साथ मिलकर काम करे) में जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट की मौजूदगी, मैनेजमेंट एजुकेशन और टेक्नोलॉजिकल ट्रांसफॉर्मेशन के बीच एक सोची-समझी अलाइनमेंट के बारे में बताती है। शिक्षा में AI के इस्तेमाल पर चर्चा को मॉडरेट करने वाले जयपुरिया नोएडा के डायरेक्टर डॉ. शुभज्योति रे ने इसे अच्छे से समझाया। टेक्नोलॉजी, संस्थाओं के काम करने के तरीकों के मुकाबले ज्यादा तेजी से आगे बढ़ रही है। लेकिन, गवर्नेंस और जजमेंट अभी भी इंसान के हाथों में है। उन्होंने चर्चा के दौरान कहा, “हम AI का इस्तेमाल कैसे करते हैं, यह इससे तय होगा कि यह मानवता की सेवा करता है या उसे गुलाम बनाता है।” MBA के लिए इसका मतलब यह है कि भविष्य का मैनेजमेंट एजुकेशन इन्फॉर्मेशन रिकॉल पर AI से मुकाबला नहीं कर सकता। आपको इससे इंटरप्रिटेशन, सिंथेसिस और जजमेंट पर मुकाबला करना होगा। इंस्टीट्यूट का यह मॉडल AI-नेटिव के साथ ह्यूमन-सेंट्रिक भी जयपुरिया के वाइस चेयरमैन श्रीवत्स जयपुरिया ने समिट में इसी बदलाव के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि ज्ञान को डेमोक्रेटाइज किया गया है। “अगर सभी के पास एक जैसा ज्ञान है, तो फर्क पर बात होनी चाहिए।” असल में इसका मतलब है कि पहले आउटपुट से आगे बढ़ना, ज्यादा तीखे सवाल पूछना, और अचानक आने वाली परिस्थितियों में निर्णय लेना। ऐसे माहौल में AI-इन्फॉर्म्ड एनालिसिस की जरूरत होती है, लेकिन इसका आउटकम इंसानी जजमेंट ही तय करता है। Jaipuria Institute of Management का बनाया AI-रेडी MBA/PGDM मॉडल इसी सोच पर आधारित है, जो एक NIRF-रैंक वाला MBA कॉलेज है। इंस्टीट्यूट का यह मॉडल AI-नेटिव के साथ ह्यूमन-सेंट्रिक भी है, जो फैकल्टी की अकाउंटेबिलिटी और मेंटरशिप को बनाए रखते हुए लर्निंग में AI को शामिल करता है। सरल शब्दों में कहें तो यह मॉडल इस सिंपल सोच पर आधारित है कि टेक्नोलॉजी से पढ़ाई या ट्रेनिंग आसान और तेज हो सकती है, लेकिन एक बेहतर लीडर बनने के लिए इंसानों से बातचीत और जुड़ाव ही काम आता है। यह डिजाइन तकनीक के सामान्य इस्तेमाल के बजाय, करिकुलम में किए गए बुनियादी और सोचे-समझे बदलावों को दिखाता है। AI टूल्स का इस्तेमाल जयपुरिया इंस्टीट्यूट AI को इलेक्टिव या ऐड-ऑन सर्टिफिकेशन के तौर पर नहीं मानता। यह एम्बेडेड इंफ्रास्ट्रक्चर के तौर पर काम करता है। इंस्टीट्यूट में छात्र रेज्यूमे ऑप्टिमाइजेशन के लिए स्क्रिप्ट/वनCV, AI-ड्रिवन इंटरव्यू सिमुलेशन के लिए रिहर्सल, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट के लिए शोरनर, और रियल-टाइम क्लाइंट एंगेजमेंट के लिए AI-इनेबल्ड वर्कस्पेस जैसे प्रोप्राइटरी AI टूल्स का इस्तेमाल करते हैं। ये टेक्नोलॉजी के काम को आसान बनाते हैं, जिससे क्लास में समय बचता है और उस समय का उपयोग सही निर्णय लेने और लीडरशिप स्किल सिखाने में किया जा सकता है। जयपुरिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट मेंटरशिप इंटेंसिटी, पीयर कोलेबोरेशन और स्ट्रक्चर्ड इंडस्ट्री एक्सपोजर में लगातार निवेश कर रहा है। AI असिस्टेड प्रोसेस से बचे हुए समय को लीडरशिप डेवलपमेंट, डिसीजन लैब्स, लाइव कंसल्टिंग असाइनमेंट और इटरेटिव फीडबैक एनवायरनमेंट में इस्तेमाल किया जाता है। फाइनल इवैल्यूएशन अभी भी फैकल्टी यानी शिक्षकों के हाथ में है। “शिक्षा के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सवालों के जवाब दे सकती है, लेकिन शिक्षा का असली मतलब है कि कोई इंसान कैसे सोचता है, फैसला करता है या जिम्मेदारी लेता है। हमें इंसान के भीतर शिक्षा को विकसित करना होगा। अपने करिकुलम को बदलते जॉब मार्केट के हिसाब से बदला टेक्नोलॉजी तैयारी के स्पीड को बढ़ा सकती है, लेकिन जजमेंट, एथिक्स और लीडरशिप को अंदर से सीखना होगा,” ऑटोमेशन और एजुकेशन के बीच के अंतर को और पक्का करते हुए श्रीवत्स जयपुरिया ने समिट में कहा। कंसल्टिंग फर्म, BFSI इंस्टीट्यूशन, एनालिटिक्स कंपनियां और डिजिटल एंटरप्राइज AI की समझ रखने वाले उन MBAs को ज्यादा प्राथमिकता दे रहे हैं जो ऑटोमेटेड सिस्टम के साथ डेटा को इंटरप्रेट कर सकते हैं। MBA प्लेसमेंट का तरीका अब इसी बदलाव को दिखाता है, जिसमें AI अब कंसल्टिंग, BFSI, एनालिटिक्स और डिजिटल फर्म में रोल डिस्क्रिप्शन में शामिल है। हाल ही में हुए एक पोल ने इस ट्रेंड को कन्फर्म किया है, जिसमें कहा गया है कि 99% C-सूट लीडर और 94% एम्प्लॉई किसी न किसी तरह से जेनरेटिव AI का इस्तेमाल करते हैं। बेहतर सैलरी उन कुछ बड़े विश्वविद्यालयों तक ही सीमित है, जिन्होंने अपने करिकुलम को बदलते जॉब मार्केट के हिसाब से बदला है। यह बदलाव अभी के रिक्रूटमेंट आउटकम में पहले से ही दिख रहा है। PGDM 2024–26 बैच में, श्रीजन ताम्रकार, स्नेहा केशरी, आकांक्षा सोनी और नव्या मिश्रा ने BNY के साथ AI एनालिस्ट के तौर पर रोल हासिल किए, जो मैनेजमेंट ग्रेजुएट्स की बढ़ती मांग को दिखाता है जो फाइनेंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) दोनों को मिलाकर काम कर सकें। AI-नेटिव टूल्स का इस्तेमाल कर रहे क्लासरूम से इंडस्ट्री तक के इस बदलाव के बारे में बताते हुए, 2024-2026 बैच के छात्र श्रीजन ताम्रकार कहते हैं, “AI कॉर्पोरेट दुनिया में हलचल पैदा कर रहा है, लेकिन जयपुरिया में इसके चर्चा में आने से पहले से ही हम अपनी क्लासरूम, इंटरव्यू और प्रोजेक्ट्स में AI-नेटिव टूल्स का इस्तेमाल कर रहे थे। AI-ड्रिवन एनालिसिस का वो शुरुआती अनुभव, Human Judgment और Decision-Making पर मेरा अधिक फोकस ने मुझे BNY में AI Analyst के तौर पर अपनी जिम्मेदारी संभालने का भरोसा दिया” करिकुलम और इंडस्ट्री की जरूरतों के बीच का यह तालमेल जयपुरिया के सभी कैंपस में एक जैसा है। हाल के साइकल में, इंस्टीट्यूट ने ₹36 लाख प्रति वर्ष से अधिक का सबसे बड़ा पैकेज और
शेयर बाजार में आ सकती है इतिहास की सबसे बड़ी:रिच डैड पुअर डैड के लेखक ने चेताया; चांदी जरूर खरीदें, भले एक वक्त का खाना न खाएं

मशहूर किताब ‘रिच डैड पुअर डैड’ के लेखक रॉबर्ट कियोसाकी ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को लेकर बड़ी चेतावनी दी है। कियोसाकी ने कहा है कि शेयर बाजार में इतिहास का सबसे बड़ी गिरावट अब आने ही वाली है। वैसे उन्होंने 2013 में आई अपनी किताब ‘रिच डैड्स प्रोफेसी’ में ही इस बड़े संकट का जिक्र कर दिया था। कियोसाकी का मानना है कि 2008 के वित्तीय संकट के मूल कारण आज भी जड़ें जमाए हुए हैं। दुनिया में बढ़ता कर्ज और फाइनेंशियल सिस्टम की कमजोरियां नए संकट की आशंका बढ़ा रही हैं। कियोसाकी के मुताबिक, ब्लैकरॉक का प्राइवेट क्रेडिट मॉडल संकट की वजह बन सकता है। यदि यह होता है, तो पूरी दुनिया में ‘बेबी बूमर्स’ (62-80 के बुजुर्ग) की रिटायरमेंट बचत पूरी तरह खत्म हो जाएगी, क्योंकि वैश्विक अर्थव्यवस्था अब ऐसे कर्ज के बोझ तले दबी है, जिसे चुकाना नामुमकिन है। मौजूदा भू-राजनैतिक तनाव के बीच कियोसाकी ने आम निवेशकों को एक सख्त और व्यावहारिक सलाह दी है। उनका कहना है कि वित्तीय शिक्षा की शुरुआत हमेशा छोटे कदमों से होती है। यदि आपके पास निवेश के लिए 10 डॉलर (करीब 900 रुपए) की अतिरिक्त राशि भी नहीं है, तो एक दिन का खाना छोड़ दें, लेकिन निवेश करना न छोड़ें। यह छोटी राशि भी चांदी खरीदने में लगाएं। यह न केवल धन संचय का सुरक्षित माध्यम है, बल्कि डीलर से बाजार की व्यावहारिक समझ पाने का भी अच्छा जरिया है। कियोसाकी के अनुसार, डीलर के साथ लंबे समय तक जुड़ने से निवेशकों को भविष्य के वित्तीय जोखिम समझने में बहुत मदद मिलती है। वैश्विक उथल-पुथल के बीच मंगलवार को घरेलू सराफा बाजार में चांदी में तेजी रही। आईबीजेए के मुताबिक, मंगलवार को चांदी 10,888 रुपए महंगी हुई और औसत कीमत 4.2% बढ़कर 2,70,944 रुपए किलो हो गई। 29 जनवरी को चांदी 3,79,988 रुपए के रिकॉर्ड स्तर पर थी। इस साल मंगलवार तक चांदी 40,524 रुपए (17.6%) चढ़ चुकी है। यानी निवेश बढ़ रहा है। बीते साल 31 दिसंबर को चांदी 2,30,420 रुपए प्रति किलो थी। रणनीति: जैसे-जैसे करेंसी का अवमूल्यन होगा, सोने-चांदी के दाम बढ़ते जाएंगे रॉबर्ट कियोसाकी का मानना है कि मौजूदा आर्थिक हालात में पारंपरिक वित्तीय साधनों के मुकाबले सोने-चांदी जैसे फिजिकल एसेट्स कहीं ज्यादा सुरक्षित हैं। वे लगातार सोना, चांदी, बिटकॉइन, इथेरियम और कच्चे तेल के कुओं में हिस्सेदारी खरीदने की सलाह दे रहे हैं। उनके अनुसार, जैसे-जैसे करेंसी का अवमूल्यन होगा और महंगाई बढ़ेगी, इन फिजिकल एसेट्स की कीमतें आसमान छुएंगी। वे चांदी को औद्योगिक इस्तेमाल और महंगाई के खिलाफ सुरक्षा के लिए सबसे बेहतर शुरुआती विकल्प मानते हैं। कियोसाकी का मानना है कि आम आदमी को छोटी-छोटी बचत कर ऐसी संपत्तियां अपने पोर्टफोलियो में जोड़ना शुरू करना चाहिए।
शेयर बाजार में आ सकती है सबसे बड़ी गिरावट:रिच डैड पुअर डैड के लेखक ने चेताया; चांदी जरूर खरीदें, भले एक वक्त का खाना न खाएं

मशहूर किताब ‘रिच डैड पुअर डैड’ के लेखक रॉबर्ट कियोसाकी ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को लेकर बड़ी चेतावनी दी है। कियोसाकी ने कहा है कि शेयर बाजार में इतिहास का सबसे बड़ी गिरावट अब आने ही वाली है। वैसे उन्होंने 2013 में आई अपनी किताब ‘रिच डैड्स प्रोफेसी’ में ही इस बड़े संकट का जिक्र कर दिया था। कियोसाकी का मानना है कि 2008 के वित्तीय संकट के मूल कारण आज भी जड़ें जमाए हुए हैं। दुनिया में बढ़ता कर्ज और फाइनेंशियल सिस्टम की कमजोरियां नए संकट की आशंका बढ़ा रही हैं। कियोसाकी के मुताबिक, ब्लैकरॉक का प्राइवेट क्रेडिट मॉडल संकट की वजह बन सकता है। यदि यह होता है, तो पूरी दुनिया में ‘बेबी बूमर्स’ (62-80 के बुजुर्ग) की रिटायरमेंट बचत पूरी तरह खत्म हो जाएगी, क्योंकि वैश्विक अर्थव्यवस्था अब ऐसे कर्ज के बोझ तले दबी है, जिसे चुकाना नामुमकिन है। मौजूदा भू-राजनैतिक तनाव के बीच कियोसाकी ने आम निवेशकों को एक सख्त और व्यावहारिक सलाह दी है। उनका कहना है कि वित्तीय शिक्षा की शुरुआत हमेशा छोटे कदमों से होती है। यदि आपके पास निवेश के लिए 10 डॉलर (करीब 900 रुपए) की अतिरिक्त राशि भी नहीं है, तो एक दिन का खाना छोड़ दें, लेकिन निवेश करना न छोड़ें। यह छोटी राशि भी चांदी खरीदने में लगाएं। यह न केवल धन संचय का सुरक्षित माध्यम है, बल्कि डीलर से बाजार की व्यावहारिक समझ पाने का भी अच्छा जरिया है। कियोसाकी के अनुसार, डीलर के साथ लंबे समय तक जुड़ने से निवेशकों को भविष्य के वित्तीय जोखिम समझने में बहुत मदद मिलती है। वैश्विक उथल-पुथल के बीच मंगलवार को घरेलू सराफा बाजार में चांदी में तेजी रही। आईबीजेए के मुताबिक, मंगलवार को चांदी 10,888 रुपए महंगी हुई और औसत कीमत 4.2% बढ़कर 2,70,944 रुपए किलो हो गई। 29 जनवरी को चांदी 3,79,988 रुपए के रिकॉर्ड स्तर पर थी। इस साल मंगलवार तक चांदी 40,524 रुपए (17.6%) चढ़ चुकी है। यानी निवेश बढ़ रहा है। बीते साल 31 दिसंबर को चांदी 2,30,420 रुपए प्रति किलो थी। रणनीति: जैसे-जैसे करेंसी का अवमूल्यन होगा, सोने-चांदी के दाम बढ़ते जाएंगे रॉबर्ट कियोसाकी का मानना है कि मौजूदा आर्थिक हालात में पारंपरिक वित्तीय साधनों के मुकाबले सोने-चांदी जैसे फिजिकल एसेट्स कहीं ज्यादा सुरक्षित हैं। वे लगातार सोना, चांदी, बिटकॉइन, इथेरियम और कच्चे तेल के कुओं में हिस्सेदारी खरीदने की सलाह दे रहे हैं। उनके अनुसार, जैसे-जैसे करेंसी का अवमूल्यन होगा और महंगाई बढ़ेगी, इन फिजिकल एसेट्स की कीमतें आसमान छुएंगी। वे चांदी को औद्योगिक इस्तेमाल और महंगाई के खिलाफ सुरक्षा के लिए सबसे बेहतर शुरुआती विकल्प मानते हैं। कियोसाकी का मानना है कि आम आदमी को छोटी-छोटी बचत कर ऐसी संपत्तियां अपने पोर्टफोलियो में जोड़ना शुरू करना चाहिए।
बैतूल में नाबालिग का अपहरण और दुष्कर्म:10 दिन बाद आरोपी गिरफ्तार; पुलिस ने घटना वाले दिन ही कर लिया था पीड़िता का रेस्क्यू

बैतूल बाजार पुलिस ने एक नाबालिग लड़की का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म करने के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने घटना की सूचना मिलने वाले दिन ही पीड़िता को सुरक्षित बरामद कर लिया था, जबकि फरार आरोपी को 10 दिन बाद घेराबंदी कर पकड़ा गया। आरोपी को आज (बुधवार) न्यायालय में पेश किया जाएगा। बैतूल बाजार थाने में 1 मार्च को सूचना मिली थी कि एक नाबालिग बालिका को कोई अज्ञात व्यक्ति बहला-फुसलाकर ले गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत अपहरण की एफआईआर दर्ज की और संभावित स्थानों पर तलाश शुरू कर दी। ससुंद्रा जोड़ हाईवे पर मिली थी पीड़िता, बताई आपबीती थाना प्रभारी अंजना धुर्वे के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सक्रियता दिखाते हुए उसी दिन नाबालिग को ससुंद्रा जोड़ हाईवे के पास से सुरक्षित बरामद कर लिया था। पूछताछ के दौरान बालिका ने पुलिस को बताया कि उमनपेठ निवासी ओमप्रकाश धुर्वे उसे बहला-फुसलाकर ले गया था और उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता के बयानों के आधार पर पुलिस ने मामले में दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की धाराएं बढ़ाईं। मुखबिर की सूचना पर गांव से पकड़ाया फरार आरोपी घटना के बाद से ही आरोपी ओमप्रकाश धुर्वे पुलिस से छिपकर फरार चल रहा था। 10 मार्च की सुबह पुलिस को मुखबिर से सटीक सूचना मिली कि आरोपी अपने घर (ग्राम उमनपेठ) आया हुआ है। सूचना की तस्दीक होते ही पुलिस टीम ने गांव पहुंचकर घेराबंदी की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई में इन पुलिसकर्मियों की रही भूमिका इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक अंजना धुर्वे, उपनिरीक्षक रश्मि ठाकुर, महिला आरक्षक अंकिता शर्मा, आरक्षक नितिन चौहान, अनिरुद्ध यादव, माखनपाल (थाना बैतूल बाजार), प्रधान आरक्षक राजकुमार, आरक्षक विनोद साहू और सैनिक मुंशीलाल (थाना साईखेड़ा) की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
राची शर्मा ने ऑनलाइन स्कैम से बचने की सलाह दी:कहा- डिजिटल दुनिया में इमोशनल कनेक्शन से पहले सतर्क रहें, भरोसा खतरनाक हो सकता है

डिजिटल दौर में रिश्तों का तरीका तेजी से बदल रहा है। सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के जरिए लोग एक-दूसरे से जुड़ते हैं, दोस्ती करते हैं और कई बार प्यार भी हो जाता है। लेकिन इसी डिजिटल दुनिया में फ्रॉड और स्कैम के खतरे भी उतनी ही तेजी से बढ़े हैं। इसी मुद्दे को केंद्र में रखकर कलर्स के शो ‘दो दुनिया एक दिल’ में एक ऐसी कहानी दिखाई जा रही है, जहां भावनाएं और डिजिटल सच आमने-सामने आते हैं। इस शो में अभिनेत्री राची शर्मा, आध्या का किरदार निभा रही हैं, जो दो अलग-अलग दुनियाओं के बीच उलझी हुई लड़की है। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में राची ने डिजिटल रिलेशनशिप्स, ऑनलाइन फ्रॉड और आज के युवाओं के लिए जरूरी सावधानियों पर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि कैसे लोग सोशल मीडिया के जरिए जल्दी इमोशनली कनेक्ट हो जाते हैं और क्यों ऐसे समय में जागरूक और सतर्क रहना बेहद जरूरी है। पेश है बातचीत के कुछ खास अंश: सवाल: ‘दो दुनिया एक दिल’ में आपका किरदार आध्या एक ऐसी लड़की का है जो दो दुनियाओं के बीच फंसी है। अगर रियल लाइफ में किसी को ऑनलाइन प्यार हो जाए और बाद में पता चले कि वो फ्रॉड है, तो आप क्या सलाह देंगी? जवाब: मेरे साथ तो ऐसा कभी नहीं हुआ, लेकिन मेरी कुछ फ्रेंड्स के साथ जरूर हुआ है। आजकल लोग ज्यादातर ऑनलाइन ही मिलते हैं और वहीं से बातचीत शुरू होती है। धीरे-धीरे लोग इमोशनली कनेक्ट भी हो जाते हैं। लेकिन ऐसे मामलों में बहुत जरूरी है कि आप सतर्क रहें। सोशल मीडिया पर हर चीज पर तुरंत भरोसा नहीं करना चाहिए। किसी पर भरोसा करने से पहले उसे अच्छे से समझना और वेरिफाई करना बहुत जरूरी है। सवाल: क्या आपके साथ या आपके किसी जान-पहचान वाले के साथ कभी डिजिटल फ्रॉड या ऑनलाइन स्कैम हुआ है? अगर हां, तो उस सिचुएशन को कैसे हैंडल किया? जवाब: काफी समय पहले मेरी एक फ्रेंड के साथ ऐसा हुआ था। उस समय उसे स्कैम के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी, इसलिए वह इसका शिकार हो गई। मेरे साथ भी एक बार कोशिश की गई थी। किसी ने मुझे फोन करके कहा कि मेरे पापा ने उसे कॉल किया है और मुझे उसे पैसे दे देने चाहिए। लेकिन मैंने तुरंत अपने पापा को फोन करके कन्फर्म किया। तब पता चला कि ऐसा कोई कॉल उन्होंने नहीं किया था। इस तरह मैं बच गई। आजकल बैंक या दूसरी जगहों से भी ऐसे कॉल आते हैं, लेकिन अब हम एड्स और अवेयरनेस कैंपेन के जरिए काफी सतर्क हो गए हैं। सवाल: अगर आपको आज के युवाओं को डिजिटल रिलेशनशिप्स को लेकर एक चेतावनी देनी हो, तो आप क्या कहना चाहेंगी? जवाब: आज हमारी जिदगी का बड़ा हिस्सा डिजिटल हो गया है। सोशल मीडिया और ऑनलाइन दुनिया हमारे लिए बहुत अहम बन चुकी है। इसलिए सबसे जरूरी चीज है अवेयरनेस। जहां अच्छी चीजें हैं, वहीं खतरे भी हैं। ऐसे में बैलेंस बनाकर चलना और हर स्थिति को समझदारी से हैंडल करना बहुत जरूरी है। डिजिटल दुनिया में स्मार्ट रहना ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।
किडनी की समस्या के 7 शुरुआती लक्षण गलती से भी न करें नजरअंदाज, वरना हो सकती है आपको बड़ी परेशानी!

Last Updated:March 11, 2026, 16:04 IST किडनी हमारे शरीर के फिल्टर हैं, जो खून से गंदगी और ज़्यादा पानी निकालते हैं. किडनी की बीमारी को अक्सर “साइलेंट किलर” कहा जाता है क्योंकि इसके लक्षण तब तक पता नहीं चलते जब तक किडनी बुरी तरह खराब न हो जाए. तो, हम 7 शुरुआती लक्षणों के बारे में जानेंगे, जिन्हें अगर पहचान लिया जाए, तो आप गंभीर दिक्कतों से बच सकते हैं… पेशाब करने के तरीके में बदलाव: बार-बार पेशाब आना, खासकर रात में, या पेशाब की मात्रा में कमी किडनी की समस्या का संकेत हो सकता है. झागदार या बुलबुले वाला पेशाब प्रोटीन लीकेज का संकेत हो सकता है. पेशाब करने की आदतों में कोई भी अचानक बदलाव गंभीरता से लेना चाहिए, क्योंकि वे अक्सर किडनी के काम करने के तरीके में कमी का संकेत देते हैं. हाथों और पैरों में सूजन: किडनी के ज़्यादा पानी को ठीक से न निकाल पाने की वजह से सूजन हो सकती है, खासकर टखनों, पैरों और हाथों में. आंखों के आसपास सूजन भी आम है। लगातार सूजन किडनी के काम करने के तरीके में कमी से जुड़े फ्लूइड रिटेंशन का संकेत हो सकती है और इसकी जांच डॉक्टर से करवानी चाहिए. थकान और कमज़ोरी: किडनी के काम करने के तरीके में कमी से खून में टॉक्सिन जमा होने के कारण लगातार थकान हो सकती है. रेड ब्लड सेल का कम बनना (एनीमिया) भी कमज़ोरी का कारण बनता है। आराम करते समय भी लगातार थकान किडनी की समस्या का संकेत हो सकती है. Add News18 as Preferred Source on Google सांस लेने में दिक्कत: किडनी फेलियर से शरीर में फ्लूइड रिटेंशन हो सकता है, जो फेफड़ों तक पहुंच सकता है और सांस लेने में दिक्कत पैदा कर सकता है. किडनी के ठीक से काम न करने की वजह से होने वाला एनीमिया भी ऑक्सीजन सप्लाई को कम कर सकता है, जिससे थकान और सांस लेने में तकलीफ हो सकती है। सांस लेने में लगातार तकलीफ होने पर किडनी फंक्शन टेस्टिंग ज़रूरी है. लगातार खुजली: किडनी फेलियर की वजह से ब्लडस्ट्रीम में गंदगी जमा होने से स्किन में खुजली हो सकती है. यह खुजली अक्सर पूरे शरीर में होती है और लगातार रहती है, और इसका एलर्जी या ड्राई स्किन से कोई लेना-देना नहीं हो सकता है. लंबे समय तक या लगातार खुजली किडनी की सेहत में गिरावट का संकेत हो सकती है. यूरिन में खून: गुलाबी, लाल या भूरे रंग का यूरिन किडनी के नुकसान या इन्फेक्शन का संकेत हो सकता है. यह यूरिनरी ट्रैक्ट में ब्लीडिंग या ग्लोमेरुलर समस्याओं का संकेत हो सकता है. किडनी की संभावित समस्याओं का जल्दी पता लगाने के लिए थोड़ी मात्रा में भी खून की मेडिकल जांच करवानी चाहिए. जी मिचलाना और उल्टी: ब्लडस्ट्रीम में टॉक्सिन जमा होने से जी मिचलाना, उल्टी और भूख न लगना हो सकता है. किडनी के काम करने की क्षमता कम होने पर ये लक्षण अक्सर और बिगड़ जाते हैं. अगर बिना किसी और कारण के पेट में तकलीफ बनी रहती है, तो किडनी फेलियर का शक होना चाहिए और मेडिकल जांच करवानी चाहिए. First Published : March 11, 2026, 16:04 IST
sorab bedi clarify his link up rumours with malaika arora, after a viral video

11 मिनट पहले कॉपी लिंक स्प्लिट्सविला 16 फेम एक्टर सोराब बेदी ने हाल ही में मलाइका अरोड़ा से नाम जुड़ने पर नाराजगी जाहिर की है। उनका और मलाइका का नाम तब जोड़ा जाने लगा, जब दोनों का एक कोजी वीडियो वायरल हो गया। वीडियो में सोराब, मलाइका को गले लगाए कोजी डांस करते दिखे थे। हालांकि अब एक्टर का कहना है कि वो और मलाइका सिर्फ दोस्त हैं और कई सालों से एक-दूसरे को जानते हैं। सोराब बेदी ने हाल ही में टेली टॉक को दिए इंटरव्यू में मलाइका से नाम जुड़ने पर कहा, ‘डेलनाज दारूवाला और वहबिज मेहता ने मेरे मॉडलिंग के दिनों में मुझे रैंप पर चलने का मौका दिया। मेरी उनसे दोस्ती हुई और मैं उनके साथ पार्टियों में जाने लगा। उन्हीं में से एक पार्टी में मैं अपने मेंटर्स के जरिए मलाइका से मिला। वह भी डेलनाज और वहबिज की करीबी दोस्त हैं। इस तरह मलाइका और मेरी दोस्ती हुई। हमारे बीच ऐसा कुछ भी नहीं है।’ सोराब ने आगे कहा, ‘लोग हमारे बारे में तरह-तरह की बातें कर रहे हैं। किसी लड़की के बारे में कुछ भी बोलने से पहले उन्हें दो बार सोचना चाहिए। इससे उसकी मानसिक स्थिति पर असर पड़ सकता है। ऐसा नहीं करना चाहिए।’ कई सालों से साथ पार्टी करते हैं सोराब-मलाइका लिंक अप की खबरों पर सफाई देते हुए सोराब ने कहा, ‘मैं कई सालों से वहबिज, डेलनाज और मलाइका के साथ पार्टियों में जाता रहा हूं। पहले भी मैं मलाइका के साथ तस्वीरें शेयर करता था, लेकिन उस समय मैं जाना-पहचाना चेहरा नहीं था। अब मैं थोड़ा पहचाना जाने लगा हूं, इसलिए लोग इस पर ध्यान दे रहे हैं। मैंने पहले भी ऐसे वीडियो और तस्वीरें शेयर की हैं। दो लोग दोस्त हो सकते हैं। हम एक-दूसरे पर भरोसा करते हैं, लेकिन लोगों ने इसे अलग ही तरह से ले लिया।’ बता दें कि सोराब बेदी स्प्लिट्सविला 16 से पहचान मिली है। इसके अलावा वो चांद जलने लगा और दिलवाली दुल्हा ले जाएगी जैसे टीवी शोज में भी नजर आ चुके हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Kuldeep Yadav Wedding Card Revealed

कुलदीप और वंशिका की शादी का कार्ड सामने आया है। 14 मार्च को होने वाली इस शादी का कार्ड राधा-कृष्ण की थीम डिजाइन किया गया है। भारतीय क्रिकेट टीम के स्पिनर कुलदीप यादव अपनी बचपन की दोस्त वंशिका सिंह के साथ शादी करने जा रहे हैं। 14 मार्च को दोनों उत्तराखंड के मसूरी में ‘वेलकमहोटल ‘द सेवॉय’ में 7 फेरे लेंगे। तीन दिन बाद यानी 17 मार्च को लखनऊ के होटल सेंट्रम में ग्रैंड रिसेप्शन . कुलदीप और वंशिका की शादी का खूबसूरत और शाही वेडिंग कार्ड सामने आया है। ‘दैनिक भास्कर’ को मिले इस निमंत्रण पत्र की थीम राधा-कृष्ण पर है। बनावट, नक्काशी और इस पर उकेरे गए चित्र किसी शाही रजवाड़े का अहसास करा रहे हैं। कार्ड की कीमत 2200 रुपए है। कुलदीप कानपुर के रहने वाले हैं। जबकि वंशिका लखनऊ में रहती हैं। 4 जून 2025 को लखनऊ में दोनों की सगाई हुई थी। फोन पर ‘दैनिक भास्कर’ से खास बातचीत में उन्होंने पहली बार अपनी शादी को लेकर प्रतिक्रिया दी। कुलदीप ने हंसते हुए कहा, मुझे तैयारियों के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। मैं सीधे फ्लाइट से देहरादून पहुंचूंगा और वहां से बाय रोड मसूरी आऊंगा। शादी में मेहमानों के लिए खास मेन्यू तैयार किया गया है, जिसमें 10 से ज्यादा तरह के व्यंजन परोसे जाएंगे। बताया जा रहा है कि एक टाइम एक व्यक्ति के खाने की कीमत करीब 20 हजार रुपए तक हो सकती है। कुलदीप के पिता राम सिंह यादव ने बताया कि शादी का कार्यक्रम पूरी तरह निजी रखा गया है और इसमें परिवार के लोग व चुनिंदा वीवीआईपी मेहमान ही शामिल होंगे। शादी के कार्ड की PHOTOS… कुलदीप यादव की शादी का कार्ड एक बॉक्स की तरह बना हुआ है। बॉक्स के बाहर कुलदीप यादव और उनके पिता का नाम लिखा हुआ है। वेडिंग कार्ड की खासियतें… शाही अंदाज और बारीक नक्काशी कार्ड का बेस हल्के गुलाबी (पीच) रंग का है। इस पर बेहद बारीक फ्लोरल (फूल-पत्तियों) पैटर्न छपा है। कार्ड पर ‘गोल्ड फॉयल वर्क’ (सुनहरी नक्काशी) है। किनारों पर महल के गुंबदों और आकृतियों को उभारने के लिए सुनहरे रंग का इस्तेमाल किया है, जो इसे एक 3D और विंटेज लुक देता है। कार्ड के ऊपरी हिस्से पर एक शानदार गोल्डन लॉक (बकल) है, जिसके ऊपर गुलाबी फूलों की डिजाइन बनी है। कार्ड के बीचों-बीच आकर्षक कपल का चित्र उकेरा कार्ड के बीचों-बीच एक बेहद आकर्षक चित्र उकेरा है। इसमें एक शाही महल के झरोखे के सामने एक जोड़े को खड़े दर्शाया है। लाल और हरे रंग के पारंपरिक शाही लिबास में सजे इस जोड़े की झलक राधा-कृष्ण जैसी लग रही है। बैकग्राउंड में महल की जालीदार खिड़कियां और गुंबद हैं। वहीं, कार्ड के निचले हिस्से में प्रकृति का सुंदर चित्रण है- तालाब में खिले कमल के फूल और फव्वारे के पास बैठा एक मोर दिखाया गया है। कुलदीप और वंशिका ने 4 जून 2025 को लखनऊ में सगाई की थी। (फाइल फोटो) अक्षर और निमंत्रण का संदेश कार्ड पर लिखे अक्षरों का चुनाव भी इसकी शाही थीम से मेल खाता है। सबसे ऊपर एक खूबसूरत गोल्डन विंटेज नेमप्लेट के आकार की डिजाइन में “कुलदीप और वंशिका” लिखा है। कार्ड के साथ एक निमंत्रण टैग भी जुड़ा है, जिस पर अंग्रेजी के ‘k’ और ‘v’ (कुलदीप और वंशिका) अक्षरों को मिलाकर एक ‘लोगो’ बनाया है, जो एक हार्ट शेप में खत्म होता है। इस पर अंग्रेजी में लिखा है- A Heartfelt Invitation From: मिस्टर. राम सिंह यादव, मिस्टर. कुलदीप सिंह यादव इसके ठीक नीचे उनके कानपुर स्थित निवास का पता- ‘381-D, डिफेंस कॉलोनी, जाजमऊ, कानपुर’ और फोन नंबर लिखे हुए हैं। शादी का पूरा शेड्यूल… 13 मार्च: हल्दी और मेहंदी का कार्यक्रम, कुलदीप का वेन्यू पर आगमन 14 मार्च: ‘द सेवॉय’ में सात फेरे 15 मार्च: नवदंपति और मेहमानों की वापसी 17 मार्च: लखनऊ के होटल सेंट्रम में भव्य रिसेप्शन सगाई के बाद टल गई थी शादी कुलदीप और वंशिका की शादी पहले नवंबर में तय थी, लेकिन क्रिकेट टूर्नामेंट और टी-20 वर्ल्ड कप की व्यस्तता के चलते इसे टाल दिया गया। कुलदीप चाहते थे कि वे पहले वर्ल्ड कप जीतकर आएं और उसके बाद शादी करें। शादी में भारतीय क्रिकेट, राजनीति और फिल्म जगत की कई बड़ी हस्तियां शामिल हो सकती हैं। मेहमानों की सूची में भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली, समेत टीम इंडिया के कई खिलाड़ी शामिल हो सकते हैं। होटल के एक स्टाफ ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि शादी में शामिल होने के लिए आईसीसी अध्यक्ष जय शाह के पहुंचने की भी संभावना है। इसके अलावा, उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी समेत कई राजनीतिक हस्तियां भी पहुंच सकती हैं। योगी भी शामिल हो सकते हैं कुलदीप के पिता राम सिंह यादव ने हाल ही में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर उन्हें शादी और रिसेप्शन का न्योता भी दिया है। ऐसे में समारोह में मुख्यमंत्री के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। मसूरी के ‘वेलकमहोटल ‘द सेवॉय’ में शादी होगी। 116 से 125 खास मेहमान, मैरियट में भी ठहरने की व्यवस्था शादी को बेहद निजी रखा गया है। इसमें सिर्फ 116 से 125 खास मेहमान शामिल होंगे। मेहमानों में परिवार के सदस्य, करीबी रिश्तेदार और कुछ खास दोस्त होंगे। वीवीआईपी मेहमानों के ठहरने के लिए ‘द सेवॉय’ के अलावा मसूरी के जेडब्ल्यू मैरियट होटल में भी कमरे बुक किए गए हैं, जहां एक रात का किराया करीब 26 हजार रुपए से शुरू होता है। अब उस होटल के बारे में जानिए जहां सात फेरे लेंगे कुलदीप… 23 एकड़ में फैला शाही हेरिटेज होटल मसूरी की “क्वीन ऑफ हिल्स” में स्थित सेवॉय होटल लगभग 23.5 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। पुराने दौर की भव्य इमारत, बड़े-बड़े लॉन और हिमालयी पर्वतों का शानदार दृश्य इसे बेहद खास बनाते हैं। होटल के परिसर में फैली हरियाली और शांत वातावरण इसे एक अलग पहचान देते हैं। यही कारण है कि यहां अक्सर बड़े आयोजन, शाही समारोह और डेस्टिनेशन वेडिंग आयोजित की जाती हैं। आज भी इस होटल के गलियारों और कमरों में एडवर्डियन दौर का फर्नीचर, पियानो, कट-ग्लास और यूरोप से लाई गई कई कलाकृतियां मौजूद हैं। सुंदर वादियों के बीच बना वेलकमहोटल द सेवॉय।
टी–20 वर्ल्डकप के बाद ICC की पहली रैंकिंग:अभिषेक नंबर–1, ईशान किशन नंबर–2 बैटर; हाईएस्ट विकेट टेकर वरुण पहले स्थान से फिसले

टी-20 वर्ल्ड कप के बाद ICC ने बुधवार को अपनी ताजा रैंकिंग जारी कर दी है। इसमें सबसे ज्यादा बदलाव टी-20 रैंकिंग में हुए हैं। भारतीय ओपनर अभिषेक शर्मा और ईशान किशन टी20 के बैटर्स की रैंकिंग में टॉप-2 पोजिशन पर हैं। अभिषेक शर्मा 875 रेटिंग अंक के साथ नंबर-1 पर बने हुए हैं। उन्होंने टी20 वर्ल्ड कप फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ तेज अर्धशतक लगाया था। ईशान किशन 871 अंक के साथ दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। उन्होंने टूर्नामेंट में 317 रन बनाए। ईशान ने दो स्थान की छलांग लगाई। 8 मार्च को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में टी-20 वर्ल्ड कप का फाइनल मैच खेला गया था। इसमें भारत ने न्यूजीलैंड को 96 रन के अंतर से हराया और अपना टाइटल डिफेंड किया था। टीम इंडिया ने तीसरी बार यह टूर्नामेंट जीता था। टॉप-10 बैटर्स में 4 भारतीय शामिल टॉप-10 टी-20 बैटर्स की लिस्ट में 4 भारतीय शामिल हैं। इनमें अभिषेक नंबर-1, ईशान नंबर-2, तिलक वर्मा नंबर-7 और सूर्यकुमार यादव नंबर-9 पर हैं। तिलक वर्मा को एक और सूर्या को दो स्थान का नुकसान हुआ है। न्यूजीलैंड के टिम साइफर्ट चार स्थान ऊपर चढ़कर छठे नंबर पर पहुंच गए हैं, जबकि इंग्लैंड के जैकब बेथेल 17 स्थान ऊपर आकर 16वें नंबर पर पहुंच गए हैं। वरुण नंबर-2 पर आए, राशिद बॉलर्स में टॉप पर आए गेंदबाजी रैंकिंग में अफगानिस्तान के स्पिनर राशिद खान 753 अंक के साथ नंबर-1 बन गए हैं। भारत के वरुण चक्रवर्ती 740 अंक के साथ दूसरे स्थान पर खिसक गए हैं। जसप्रीत बुमराह एक स्थान ऊपर चढ़कर छठे नंबर पर पहुंच गए हैं। वे टी-20 वर्ल्ड कप के फाइनल में 4 विकेट लेकर प्लेयर ऑफ द मैच बने। अक्षर पटेल 17वें, हार्दिक पंड्या 46वें और साउथ अफ्रीका के कगिसो रबाडा 50वें स्थान पर पहुंच गए हैं। इंग्लैंड के आदिल राशिद चौथे स्थान पर हैं। ऑलराउंडर्स में पंड्या दूसरे नंबर पर ऑलराउंडर रैंकिंग में जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा पहले और भारत के हार्दिक पांड्या दूसरे स्थान पर हैं। दोनों खिलाड़ियों ने इस सप्ताह करियर की सर्वश्रेष्ठ रेटिंग हासिल की है। वहीं भारत के शिवम दुबे दो स्थान गिरकर 11वें स्थान पर आ गए हैं। ———————————————————- क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… बासित अली बोले-काश अभिषेक जैसे 2-3 खिलाड़ी पाकिस्तान में होते पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर बासित अली ने भारतीय युवा ओपनर अभिषेक शर्मा पर की गई टिप्पणी को लेकर मोहम्मद आमिर की आलोचना की। उन्होंने कहा कि आमिर को ऐसे बयान देने से बचना चाहिए। आमिर ने टी-20 वर्ल्ड कप के दौरान खराब फॉर्म के बाद अभिषेक को स्लॉगर कहा था। पढ़ें पूरी खबर
‘एक दिन’ का ट्रेलर रिलीज:साई पल्लवी-जुनैद खान की सुकून भरी लव स्टोरी की झलक, 1 मई 2026 को सिनेमाघरों में आएगी फिल्म

हफ्तों के इंतजार के बाद आमिर खान प्रोडक्शंस ने फिल्म ‘एक दिन’ का ट्रेलर रिलीज कर दिया है। ट्रेलर में साई पल्लवी और जुनैद खान की फ्रेश जोड़ी एक सुकून भरी और इमोशनल लव स्टोरी लेकर आती नजर आ रही है। ट्रेलर की शुरुआत एक शांत और दिल को छू लेने वाले माहौल से होती है, जो धीरे-धीरे एक जादुई प्रेम कहानी की झलक देता है। ट्रेलर में जुनैद खान एक ‘फॉर्च्यून बेल’ यानी किस्मत की घंटी का जिक्र करते दिखाई देते हैं। उनका कहना है कि अगर इस घंटी को सच्चे दिल से बजाया जाए तो प्यार की मुराद पूरी हो सकती है। इसी दौरान वह साई पल्लवी के किरदार मीरा की तरफ देखते हैं और मन ही मन यह दुआ करते हैं कि काश वह उनकी हो जाएं,चाहे सिर्फ एक दिन के लिए ही क्यों न हो। यही भावना फिल्म की कहानी की बुनियाद बनती दिख रही है। ट्रेलर में दोनों कलाकारों की केमिस्ट्री बेहद नैचुरल और फ्रेश लग रही है। स्क्रीन पर उनकी मौजूदगी एक अलग ही जादू पैदा करती है। जुनैद खान एक मासूम, थोड़ा झिझकने वाले और सरल स्वभाव के लड़के के किरदार में दिखाई दे रहे हैं, जबकि साई पल्लवी का किरदार आत्मविश्वासी और शांत नजर आता है। दोनों के स्वभाव का यह अंतर उनकी ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री को और दिलचस्प बना देता है। फिल्म का ट्रीटमेंट भी पारंपरिक रोमांटिक फिल्मों की याद दिलाता है। कहानी कहने के अंदाज में एक क्लासिक आकर्षण और इमोशनल ईमानदारी नजर आती है, जो आज के दौर की फिल्मों में कम देखने को मिलती है। यही वजह है कि ट्रेलर देखने के बाद सोशल मीडिया पर फिल्म को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है। इससे पहले फिल्म का टाइटल ट्रैक भी रिलीज किया गया था, जिसे सिंगर अरिजीत सिंह के होमटाउन में शूट किया गया है। गाने को दर्शकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिला और अरिजीत की आवाज ने इसमें अलग ही भावनात्मक गहराई जोड़ दी। खास बात यह भी है कि ‘एक दिन’ साई पल्लवी की पहली हिंदी फिल्म है। साउथ सिनेमा में अपनी दमदार एक्टिंग के लिए मशहूर साई पल्लवी को हिंदी दर्शक कितना पसंद करेंगे, यह देखना दिलचस्प होगा। यह फिल्म आमिर खान और फिल्ममेकर मंसूर खान के लंबे समय बाद साथ आने का मौका भी है। दोनों की जोड़ी पहले ‘कयामत से कयामत तक’, ‘जो जीता वही सिकंदर’, ‘अकेले हम अकेले तुम’ और ‘जाने तू… या जाने ना’ जैसी यादगार फिल्में दे चुकी है। आमिर खान प्रोडक्शंस के बैनर तले बनी इस फिल्म का निर्देशन सुनील पांडे ने किया है। फिल्म के प्रोड्यूसर आमिर खान, मंसूर खान और अपर्णा पुरोहित हैं। ‘एक दिन’ 1 मई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।








