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Young Age High Blood Pressure; Hypertension Awareness

Young Age High Blood Pressure; Hypertension Awareness
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2 मिनट पहलेलेखक: अदिति ओझा

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एक समय था, जब हमारे आसपास ब्लड प्रेशर की समस्या सिर्फ उम्रदराज लोगों में होती थी। बीपी की चिंता पेरेंट्स किया करते थे।

लेकिन अब तस्वीर बदल चुकी है। हाई ब्लड प्रेशर सिर्फ बुजुर्गों को होने वाली बीमारी नहीं रही। देश-दुनिया में 20–30 साल के युवाओं में भी हाई ब्लड प्रेशर की समस्या कॉमन होती जा रही है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन में साल 2016 में पब्लिश स्टडी के मुताबिक पूरी दुनिया में 20 से 29 साल के 10 से 15% युवा हाई ब्लड प्रेशर का शिकार हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और इंपीरियल कॉलेज लंदन की एक स्टडी कहती है कि 1990 से लेकर साल 2019 के बीच हाई ब्लड प्रेशर के केसेज दुगुने हो गए। जहां 1990 में पूरी दुनिया में तकरीबन 64.8 करोड़ लोग हाई बीपी से पीड़ित थे, वहीं साल 2019 में यह संख्या बढ़कर 1.28 अरब हो गई।

2024 में दुनिया भर में 30–79 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 1.4 अरब लोग हाइपरटेंशन (हाई ब्लड प्रेशर) से प्रभावित थे। यानी लगभग हर दस में से करीब तीन वयस्क हाई ब्लड प्रेशर से जूझ रहे हैं।

चिंताजनक बात यह है कि आधे से अधिक लोगों को यह पता ही नहीं होता कि उनका बीपी बढ़ा हुआ है।

इसलिए आज जरूरत की खबर में जानेंगे कि-

  • युवाओं में हाई ब्लड प्रेशर की समस्या क्यों बढ़ रही है?
  • यंग एज की कौन-सी आदतें इस रिस्क को बढ़ाती हैं?
  • हाई ब्लड प्रेशर कैसे मैनेज करें?

एक्सपर्ट: डॉ. प्रदीप कुमार नायक, हेड- कर्डियोलॉजी, धर्मशिला नारायणा सुपरस्पेशिलिटी हॉस्पिटल, दिल्ली

सवाल- हाई ब्लड प्रेशर क्या है?

जवाब- हाई ब्लड प्रेशर वह कंडीशन है, जब आर्टरीज की वॉल्स पर ब्लड फ्लो का प्रेशर लगातार सामान्य से अधिक रहता है। लंबे समय तक यह दबाव ज्यादा बना रहे तो दिल, दिमाग, किडनी और आंखों को नुकसान पहुंच सकता है। इससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। इसे हाइपरटेंशन भी कहा जाता है।

सवाल- हाई ब्लड प्रेशर क्यों होता है?

जवाब- ब्लड प्रेशर तब बढ़ता है, जब ब्लड वेसल्स संकरी हो जाती हैं या शरीर में फ्लूइड रिटेंशन बढ़ जाता है। इसके पीछे कई फैक्टर्स जिम्मेदार हो सकते हैं-

  • बढ़ती उम्र
  • जेनेटिक नेचर (जेनेटिक कारण)
  • मोटापा
  • इंसुलिन रेजिस्टेंस
  • ज्यादा नमक वाला खाना
  • धूम्रपान और शराब
  • हॉर्मोनल या किडनी संबंधी रोग
  • कुछ दवाएं (स्टेरॉयड, पेनकिलर, हॉर्मोनल दवाएं)

सवाल- युवाओं में हाई ब्लड प्रेशर की समस्या क्यों बढ़ रही है?

जवाब- कम उम्र में हाइपरटेंशन मुख्य रूप से अनहेल्दी लाइफस्टाइल से जुड़ा है। लंबे वर्किंग आवर्स, फास्ट फूड का ज्यादा सेवन, नींद की कमी, मेंटल स्ट्रेस और सिडेंटरी लाइफस्टाइल ब्लड वेसल्स पर दबाव बढ़ाते हैं। क्रॉनिक स्ट्रेस के कारण शरीर में कोर्टिसोल और एड्रेनलिन जैसे हॉर्मोन बढ़ते हैं, जो ब्लड प्रेशर को हाई रख सकते हैं।

सवाल- यंग एज की कौन-सी आदतें हाई ब्लड प्रेशर के रिस्क को बढ़ाती हैं?

जवाब- हाई ब्लड प्रेशर के पीछे अक्सर हमारी रोजमर्रा की लाइफस्टाइल जिम्मेदार होती है। कुछ सामान्य लेकिन अनदेखी आदतें धीरे-धीरे ब्लड प्रेशर को बढ़ाकर हाइपरटेंशन का खतरा पैदा कर सकती हैं। ग्राफिक से उन आदतों के बारे में समझते हैं-

सवाल- अगर युवावस्था में ही हाई ब्लड प्रेशर हो जाए तो आगे चलकर किन बीमारियों का रिस्क बढ़ जाता है?

जवाब- अगर कम उम्र (20–40 साल) में ही हाई ब्लड प्रेशर हो जाए, तो आगे चलकर इन बीमारियों का जोखिम बढ़ सकता है-

सवाल- क्या हाई ब्लड प्रेशर को रिवर्स किया जा सकता है?

जवाब- हां, खासकर शुरुआती चरण में हाई ब्लड प्रेशर को काफी हद तक कम किया जा सकता है। कुछ मामलों में सामान्य स्तर पर भी लाया जा सकता है। इसके लिए लाइफस्टाइल में बदलाव बेहद जरूरी हैं।

सवाल- हाई ब्लड प्रेशर को नेचुरली कंट्रोल कैसे करें?

जवाब- इसके लिए लाइफस्टाइल में बदलाव बेहद जरूरी है। पॉइंटर्स से समझते हैं-

  • रोजाना कम-से-कम 30 मिनट व्यायाम करें।
  • रोजाना 5 ग्राम से कम नमक खाएं ताकि शरीर में सोडियम का स्तर न बढ़े।
  • संतुलित और हेल्दी डाइट अपनाएं।
  • यदि वजन ज्यादा है तो उसे 5-10% तक कम करने की कोशिश करें।
  • शराब न पिएं और धूम्रपान न करें।
  • तनाव कम करें।
  • स्ट्रेस कम करने के लिए मेडिटेशन करें या गहरी सांस लें।
  • साथ ही घर पर नियमित रूप से बीपी मॉनिटर करें, ताकि बदलावों पर नजर रखी जा सके और जरूरत पड़ने पर सही कदम उठाए जा सकें।

सवाल- अगर ब्लड प्रेशर हाई हो तो डाइट कैसी होनी चाहिए?

जवाब- हाई ब्लड प्रेशर में डाइट का फोकस नमक कम करने और ऐसे पोषक तत्वों को बढ़ाने पर होना चाहिए, जो ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने में मदद करते हैं।

हाई बीपी में DASH (डायटरी अप्रोच टू स्टॉप हाइपरटेंशन) डाइट को प्रभावी माना जाता है। इसमें हरी पत्तेदार सब्जियां, मौसमी फल, साबुत अनाज, दालें, बीन्स, नट्स और लो-फैट डेयरी शामिल होते हैं। सैचुरेटेड फैट, रेड मीट और प्रोसेस्ड फूड कम रखने चाहिए। साथ ही, पोटेशियम, मैग्नीशियम और फाइबर से भरपूर आहार ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने में मदद करता है।

सवाल- हाई ब्लड प्रेशर हो तो कौन-सी चीजें नहीं खानी चाहिए?

जवाब- हाई ब्लड प्रेशर में ज्यादा नमक और अल्ट्राप्रोसेस्ड फूड सबसे ज्यादा रिस्की होते हैं। इनके अलावा-

  • अचार, पापड़, नमकीन, चिप्स, इंस्टेंट नूडल्स, डिब्बाबंद सूप और प्रोसेस्ड मीट जैसे फूड्स से बचना चाहिए।
  • ट्रांस फैट और ज्यादा सैचुरेटेड फैट वाले फास्ट फूड, बेकरी आइटम और तले हुए स्नैक्स भी न खाएं।
  • शुगरी ड्रिंक्स, सोडा और शराब से ब्लड प्रेशर अस्थिर हो सकता है।

सवाल- कौन से लाइफस्टाइल बदलाव हाई ब्लड प्रेशर के रिस्क को कम करते हैं?

जवाब- डेली लाइफ में कुछ बदलाव करके हाई ब्लड प्रेशर के रिस्क को कम किया जा सकता है। ग्राफिक में देखिए-

समय रहते सही कदम उठाकर हाई ब्लड प्रेशर को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। जैसेकि–

  • संतुलित आहार
  • नियमित व्यायाम
  • पर्याप्त नींद
  • स्ट्रेस मैनेजमेंट

समय-समय पर ब्लड प्रेशर की जांच जैसे छोटे-छोटे बदलाव हार्ट और शरीर को लंबे समय तक स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं। इसलिए यंग एज में लाइफस्टाइल पर ध्यान देना हाई ब्लड प्रेशर और उससे जुड़ी गंभीर बीमारियों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।

…………………………………

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एक समय था, जब हमारे आसपास ब्लड प्रेशर की समस्या सिर्फ उम्रदराज लोगों में होती थी। बीपी की चिंता पेरेंट्स किया करते थे।

लेकिन अब तस्वीर बदल चुकी है। हाई ब्लड प्रेशर सिर्फ बुजुर्गों को होने वाली बीमारी नहीं रही। देश-दुनिया में 20–30 साल के युवाओं में भी हाई ब्लड प्रेशर की समस्या कॉमन होती जा रही है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन में साल 2016 में पब्लिश स्टडी के मुताबिक पूरी दुनिया में 20 से 29 साल के 10 से 15% युवा हाई ब्लड प्रेशर का शिकार हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और इंपीरियल कॉलेज लंदन की एक स्टडी कहती है कि 1990 से लेकर साल 2019 के बीच हाई ब्लड प्रेशर के केसेज दुगुने हो गए। जहां 1990 में पूरी दुनिया में तकरीबन 64.8 करोड़ लोग हाई बीपी से पीड़ित थे, वहीं साल 2019 में यह संख्या बढ़कर 1.28 अरब हो गई।

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चिंताजनक बात यह है कि आधे से अधिक लोगों को यह पता ही नहीं होता कि उनका बीपी बढ़ा हुआ है।

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  • यंग एज की कौन-सी आदतें इस रिस्क को बढ़ाती हैं?
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सवाल- हाई ब्लड प्रेशर क्या है?

जवाब- हाई ब्लड प्रेशर वह कंडीशन है, जब आर्टरीज की वॉल्स पर ब्लड फ्लो का प्रेशर लगातार सामान्य से अधिक रहता है। लंबे समय तक यह दबाव ज्यादा बना रहे तो दिल, दिमाग, किडनी और आंखों को नुकसान पहुंच सकता है। इससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। इसे हाइपरटेंशन भी कहा जाता है।

सवाल- हाई ब्लड प्रेशर क्यों होता है?

जवाब- ब्लड प्रेशर तब बढ़ता है, जब ब्लड वेसल्स संकरी हो जाती हैं या शरीर में फ्लूइड रिटेंशन बढ़ जाता है। इसके पीछे कई फैक्टर्स जिम्मेदार हो सकते हैं-

  • बढ़ती उम्र
  • जेनेटिक नेचर (जेनेटिक कारण)
  • मोटापा
  • इंसुलिन रेजिस्टेंस
  • ज्यादा नमक वाला खाना
  • धूम्रपान और शराब
  • हॉर्मोनल या किडनी संबंधी रोग
  • कुछ दवाएं (स्टेरॉयड, पेनकिलर, हॉर्मोनल दवाएं)

सवाल- युवाओं में हाई ब्लड प्रेशर की समस्या क्यों बढ़ रही है?

जवाब- कम उम्र में हाइपरटेंशन मुख्य रूप से अनहेल्दी लाइफस्टाइल से जुड़ा है। लंबे वर्किंग आवर्स, फास्ट फूड का ज्यादा सेवन, नींद की कमी, मेंटल स्ट्रेस और सिडेंटरी लाइफस्टाइल ब्लड वेसल्स पर दबाव बढ़ाते हैं। क्रॉनिक स्ट्रेस के कारण शरीर में कोर्टिसोल और एड्रेनलिन जैसे हॉर्मोन बढ़ते हैं, जो ब्लड प्रेशर को हाई रख सकते हैं।

सवाल- यंग एज की कौन-सी आदतें हाई ब्लड प्रेशर के रिस्क को बढ़ाती हैं?

जवाब- हाई ब्लड प्रेशर के पीछे अक्सर हमारी रोजमर्रा की लाइफस्टाइल जिम्मेदार होती है। कुछ सामान्य लेकिन अनदेखी आदतें धीरे-धीरे ब्लड प्रेशर को बढ़ाकर हाइपरटेंशन का खतरा पैदा कर सकती हैं। ग्राफिक से उन आदतों के बारे में समझते हैं-

सवाल- अगर युवावस्था में ही हाई ब्लड प्रेशर हो जाए तो आगे चलकर किन बीमारियों का रिस्क बढ़ जाता है?

जवाब- अगर कम उम्र (20–40 साल) में ही हाई ब्लड प्रेशर हो जाए, तो आगे चलकर इन बीमारियों का जोखिम बढ़ सकता है-

सवाल- क्या हाई ब्लड प्रेशर को रिवर्स किया जा सकता है?

जवाब- हां, खासकर शुरुआती चरण में हाई ब्लड प्रेशर को काफी हद तक कम किया जा सकता है। कुछ मामलों में सामान्य स्तर पर भी लाया जा सकता है। इसके लिए लाइफस्टाइल में बदलाव बेहद जरूरी हैं।

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  • साथ ही घर पर नियमित रूप से बीपी मॉनिटर करें, ताकि बदलावों पर नजर रखी जा सके और जरूरत पड़ने पर सही कदम उठाए जा सकें।

सवाल- अगर ब्लड प्रेशर हाई हो तो डाइट कैसी होनी चाहिए?

जवाब- हाई ब्लड प्रेशर में डाइट का फोकस नमक कम करने और ऐसे पोषक तत्वों को बढ़ाने पर होना चाहिए, जो ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने में मदद करते हैं।

हाई बीपी में DASH (डायटरी अप्रोच टू स्टॉप हाइपरटेंशन) डाइट को प्रभावी माना जाता है। इसमें हरी पत्तेदार सब्जियां, मौसमी फल, साबुत अनाज, दालें, बीन्स, नट्स और लो-फैट डेयरी शामिल होते हैं। सैचुरेटेड फैट, रेड मीट और प्रोसेस्ड फूड कम रखने चाहिए। साथ ही, पोटेशियम, मैग्नीशियम और फाइबर से भरपूर आहार ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने में मदद करता है।

सवाल- हाई ब्लड प्रेशर हो तो कौन-सी चीजें नहीं खानी चाहिए?

जवाब- हाई ब्लड प्रेशर में ज्यादा नमक और अल्ट्राप्रोसेस्ड फूड सबसे ज्यादा रिस्की होते हैं। इनके अलावा-

  • अचार, पापड़, नमकीन, चिप्स, इंस्टेंट नूडल्स, डिब्बाबंद सूप और प्रोसेस्ड मीट जैसे फूड्स से बचना चाहिए।
  • ट्रांस फैट और ज्यादा सैचुरेटेड फैट वाले फास्ट फूड, बेकरी आइटम और तले हुए स्नैक्स भी न खाएं।
  • शुगरी ड्रिंक्स, सोडा और शराब से ब्लड प्रेशर अस्थिर हो सकता है।

सवाल- कौन से लाइफस्टाइल बदलाव हाई ब्लड प्रेशर के रिस्क को कम करते हैं?

जवाब- डेली लाइफ में कुछ बदलाव करके हाई ब्लड प्रेशर के रिस्क को कम किया जा सकता है। ग्राफिक में देखिए-

समय रहते सही कदम उठाकर हाई ब्लड प्रेशर को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। जैसेकि–

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  • नियमित व्यायाम
  • पर्याप्त नींद
  • स्ट्रेस मैनेजमेंट

समय-समय पर ब्लड प्रेशर की जांच जैसे छोटे-छोटे बदलाव हार्ट और शरीर को लंबे समय तक स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं। इसलिए यंग एज में लाइफस्टाइल पर ध्यान देना हाई ब्लड प्रेशर और उससे जुड़ी गंभीर बीमारियों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।

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अगर मैं पूछूं कि “आप फिट हैं या नहीं” तो शायद आप अपने वजन को पैमाना मानकर जवाब देंगे। लेकिन जरा ठहरिए… सिर्फ वजन आपकी सेहत की पूरी कहानी नहीं कहता है।

फिटनेस का सही पैमाना ये है कि आपके शरीर में मसल्स और फैट का रेशियो क्या है? एक कमाल की बात ये है कि अगर ये रेशियो बैलेंस रहे तो ब्रेन हेल्थ पर पॉजिटिव असर होता है। पूरी खबर पढ़ें…

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