Tuesday, 14 Apr 2026 | 11:40 PM

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आरओ सर्विसिंग टिप्स: कहीं आप भी तो नहीं पी रहे गंदा पानी? आरओ की सेवा में देरी से स्वास्थ्य पर भारी असर पड़ सकता है, फिल्टर का सही समय पर पता लगाएं

तस्वीर का विवरण

आरओ मशीन पानी को कई फिल्टर के माध्यम से साफ करती है। समय के साथ-साथ इनफिल्टरों में स्थूल, बन्धु और केल्स जाम होने लगे। छवि: एआई अगर समय पर बदलाव नहीं किया गया तो पानी का स्वाद खराब हो सकता है। पानी से बर्बाद हो सकता है। पेट से जुड़ी बीमारियाँ हो सकती हैं छवि: फ्रीपिक हर फिल्टर की एक तय उम्र होती है। आमतौर पर सेडिमेंट फिल्टर: 6-12 महीने, कार्बन फिल्टर: 6-12 महीने, मेम्ब्रेन: 1.5-2 साल, एजुकेशन लैंप: लगभग 1 साल तक बदली लेनी चाहिए। छवि: फ्रीपिक अगर आपके RO के पानी का स्वाद कड़वा लग जाए या बर्बाद हो जाए। इसके अलावा पानी का फ्लो कम आ जाए, तो देर न करें। तत्काल आरओ की सेवा करवाएं। छवि: फ्रीपिक आरओ जनरल सर्विस हर 3-4 महीने में जरूर करवानी चाहिए। इसके अलावा फिल्टर चेंज 6-12 महीने में करवानी चाहिए। नियमित सेवा से आरओ की लाइफ भी हल्की है और पानी हमेशा सुरक्षित रहता है। छवि: एआई हमेशा कंपनी के ऑरिजिनल फिल्टर का ही उपयोग करें। अनौपचारिक या लोकोमोटिव से अस्पताल। आरओ को जगह-जगह साफ करें। इसके अलावा साल में एक बार ठेठ की अच्छी तरह से सफाई जरूर करें। छवि: फ्रीपिक अगर आपके घर में पानी ज्यादा है तो फिल्टर भी जल्दी बदला जा सकता है। छवि: फ्रीपिक गंदा या ठीक से साफ न हुआ पानी पीने से पेट दर्द, डायरिया, संक्रमण और त्वचा की बदबू जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए आरओ की सेवा को बंद करना भारी पड़ सकता है। छवि: फ्रीपिक आरओ लगाना ही काफी नहीं है, उसकी सही देखभाल भी जरूरी है। समय पर सेवा और फिल्टर बदलवाकर आप अपने परिवार को साफ और सुरक्षित पानी दे सकते हैं। छवि: फ्रीपिक

तमिलनाडु चुनाव 2026: मतदान कैसे करें – पहली बार मतदाताओं के लिए चरण-दर-चरण मार्गदर्शिका | भारत समाचार

RBSE 12th Result 2026 Date Live: Scorecards soon at rajeduboard.rajasthan.gov.in.

आखरी अपडेट:मार्च 30, 2026, 13:22 IST तमिलनाडु चुनाव 2026: चुनाव के दिन से पहले, पुष्टि करें कि आपका नाम मतदाता सूची में है। आप इसे अपने EPIC नंबर या व्यक्तिगत विवरण का उपयोग करके ऑनलाइन कर सकते हैं। तमिलनाडु में 23 अप्रैल, 2026 को मतदान होगा और परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे। (एआई जेनरेटेड इमेज) तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 नजदीक आने के साथ, हजारों युवा, पहली बार मतदाता पहली बार मतदान केंद्रों में प्रवेश करेंगे। ध्यान रखें कि तमिलनाडु में 23 अप्रैल, 2026 को मतदान होगा और परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे। हालाँकि यह प्रक्रिया कठिन लग सकती है, भारत में मतदान सीधा, सुव्यवस्थित और सभी के लिए सुलभ होने के लिए डिज़ाइन किया गया है। पहली बार मतदाताओं को आसानी से वोट डालने में मदद करने के लिए यहां एक स्पष्ट, चरण-दर-चरण मार्गदर्शिका दी गई है। 1. मतदाता सूची में अपना नाम सत्यापित करें चुनाव के दिन से पहले, पुष्टि करें कि आपका नाम मतदाता सूची में है। आप इसे अपने EPIC नंबर या व्यक्तिगत विवरण का उपयोग करके ऑनलाइन कर सकते हैं। सूची में आपके नाम के बिना, आपको मतदान करने की अनुमति नहीं दी जाएगी – भले ही आपके पास मतदाता पहचान पत्र हो। 2. अपना मतदान केंद्र ढूंढें एक बार आपके पंजीकरण की पुष्टि हो जाने पर, अपने निर्दिष्ट मतदान केंद्र का पता लगाएं। यह जानकारी ऑनलाइन या मतदाता हेल्पलाइन के माध्यम से उपलब्ध है। अपने बूथ के बारे में पहले से जानकारी होने से अंतिम समय में होने वाले भ्रम से बचने में मदद मिलती है। 3. वैध पहचान साथ रखें मतदान के दिन अपना मतदाता पहचान पत्र मतदान केंद्र पर ले जाएं। यदि आपके पास यह नहीं है, तो भी आप आधार, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस या पैन कार्ड जैसे अन्य वैध आईडी प्रमाणों का उपयोग करके मतदान कर सकते हैं – बशर्ते आपका नाम मतदाता सूची में हो। यह भी पढ़ें | तमिलनाडु चुनाव 2026: 20 निर्वाचन क्षेत्र जो राज्य की अगली सरकार का फैसला करेंगे 4. पूर्ण सत्यापन प्रक्रिया बूथ पर चुनाव अधिकारी आपकी पहचान सत्यापित करेंगे। यह इंगित करने के लिए कि आपने मतदान किया है, आपकी उंगली पर अमिट स्याही का निशान लगाया जाएगा, जिससे डुप्लिकेट मतदान को रोका जा सकेगा। 5. अपना वोट डालें फिर आप इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) की ओर आगे बढ़ेंगे। अपने पसंदीदा उम्मीदवार या पार्टी चिन्ह के आगे वाला बटन दबाएँ। एक वीवीपैट पर्ची संक्षेप में आपके चयन को प्रदर्शित करेगी, जो आपके वोट की पुष्टि करेगी। एक बार ऐसा हो जाने पर शांतिपूर्वक बूथ से बाहर निकलें। मतदान क्षेत्र के भीतर अपनी वोट पसंद को सार्वजनिक रूप से साझा करने से बचें, क्योंकि गोपनीयता प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस साल तमिलनाडु चुनाव प्रक्रिया में शामिल पार्टियों में एआईएडीएमके के नेतृत्व वाला एनडीए, टीवीके (तमिलगा वेट्री कज़गम), एनटीके (नाम तमिलर काची) और डीएमके का सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस (एसपीए) शामिल हैं। पहले प्रकाशित: मार्च 30, 2026, 13:15 IST न्यूज़ इंडिया तमिलनाडु चुनाव 2026: मतदान कैसे करें – पहली बार मतदाताओं के लिए चरण-दर-चरण मार्गदर्शिका अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें

उत्कल एक्सप्रेस के टॉयलेट में मिली नवजात:बच्ची कटनी जिला अस्पताल के ICU में भर्ती; टीआई बोले-हर एंगल से जांच जारी

उत्कल एक्सप्रेस के टॉयलेट में मिली नवजात:बच्ची कटनी जिला अस्पताल के ICU में भर्ती; टीआई बोले-हर एंगल से जांच जारी

मध्य प्रदेश के कटनी जिले में मुड़वारा रेलवे स्टेशन पर सोमवार सुबह शौचालय में एक नवजात बच्ची लावारिस हालत में मिली। पुरी से योग नगरी ऋषिकेश जा रही कलिंगा उत्कल एक्सप्रेस (गाड़ी संख्या 18478) के कोच नंबर S-4 में यात्रियों ने शौचालय से बच्ची के रोने की आवाज सुनी, जिसके बाद उन्होंने रेलवे प्रशासन को इसकी सूचना दी। अंदर देखने पर एक नवजात बच्ची मिली। यात्रियों ने तुरंत रेलवे हेल्पलाइन नंबर पर इसकी सूचना दी। सूचना मिलने पर रेलवे सुरक्षा बल मौके पर पहुंचा सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) की टीम मौके पर पहुंची। आरपीएफ के जवानों ने नवजात बच्ची को अपने संरक्षण में लेकर तत्काल कटनी के जिला अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने बच्ची को ICU में रखा अस्पताल में शुरुआती जांच के बाद डॉक्टरों ने बच्ची को गंभीर स्थिति और संक्रमण के खतरे को देखते हुए नवजात गहन चिकित्सा इकाई (SNCU/ICU) में भर्ती किया है। डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची को विशेष मेडिकल केयर में रखा गया है और उसकी हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है। टीआई बोले-हर एंगल से जांच जारी इस घटना के बाद आरपीएफ और जीआरपी मामले की जांच में जुट गई हैं। आरपीएफ थाना प्रभारी ने बताया कि सूचना मिलते ही टीम ने त्वरित कार्रवाई की और बच्ची को तुरंत जिला अस्पताल के आईसीयू वार्ड में दाखिल कराया गया। बच्ची किसकी है, उसे ट्रेन के टॉयलेट में किसने और किस स्टेशन के बीच छोड़ा, इसकी गहन जांच की जा रही है।

आंध्र प्रदेश में नेवी कर्मचारी ने प्रेमिका की हत्या की:पत्नी के मायके जाने के बाद घर बुलाया; झगड़े के बाद कई टुकड़े किए, सिर फेंका

आंध्र प्रदेश में नेवी कर्मचारी ने प्रेमिका की हत्या की:पत्नी के मायके जाने के बाद घर बुलाया; झगड़े के बाद कई टुकड़े किए, सिर फेंका

आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में एक नेवी कर्मचारी ने अपनी प्रेमिका की हत्या कर शव के टुकड़े कर दिए। आरोपी ने सिर को अलग जगह ठिकाने लगाया, जबकि बाकी टुकड़े अपने घर के फ्रिज में छिपा दिया। घटना के समय उसकी पत्नी घर पर नहीं थी। पुलिस के मुताबिक, आरोपी चिंताडा रविंद्र (35) नेवी कर्मचारी हैं। वह INS डेगा में तैनात है। रविंद्र ने रविवार दोपहर अपनी 29 साल गर्लफ्रेंड मौनिका को घर बुलाया था। शाम के समय दोनों के बीच विवाद हुआ, जिसके बाद उसने मौनिका की हत्या कर दी। पुलिस के जांच में सामने आया कि रविंद्र ने मौनिका की चाकू मारकर हत्या की। फिर शव के कई टुकड़े कर दिए। कुछ हिस्सों को बैग में भरकर सुनसान जगह पर फेंक आया, जबकि बाकी हिस्सों को घर के फ्रिज में छिपा दिया। दोनों 5 साल डेट कर रहे थे रविंद्र और मौनिका की मुलाकात 2021 में एक डेटिंग ऐप के जरिए हुई थी। इसके बाद दोनों के बीच संबंध बन गए। वे विशाखापत्तनम में अलग-अलग जगहों पर मिलते थे। रविंद्र की पत्नी कुछ दिन पहले विजयनगरम स्थित अपने मायके गई हुई थी। इसी दौरान उसने मौनिका को घर बुलाया था। पुलिस के मुताबिक, रविंद्र का दावा है कि मौनिका ने उससे 3.5 लाख रुपए लिए थे। वे अक्सर दोनों के रिश्ते के बारे में सभी को सब कुछ बता देने की धमकी देती थी। इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था। हत्या के बाद खुद पुलिस स्टेशन पहुंचा घटना के बाद आरोपी खुद पुलिस स्टेशन पहुंचा और अपराध कबूल कर लिया। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो घर और फ्रिज से शव के टुकड़े बरामद हुए, हालांकि सिर नहीं मिला है। आशंका है कि उसे कहीं और ठिकाने लगाया गया है। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और शव के बाकी हिस्सों की तलाश के लिए विशेष टीम बनाई गई है। आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। यह मामला 2022 के चर्चित श्रद्धा वाकर हत्याकांड की याद दिलाता है, जिसमें आरोपी ने हत्या के बाद शव के टुकड़े कर फ्रिज में रखा था और बाद में अलग-अलग जगहों पर फेंका था। ————- ये खबर भी पढ़ें… कर्नाटक में पति ने बीच सड़क पत्नी का गला काटा: फिर कार से कुचला, मौके पर मौत कर्नाटक में एक व्यक्ति ने बीच सड़क पत्नी की हत्या कर दी। उसने पहले पत्नी का गला काटा, फिर SUV से कुचल दिया। घटना के 2 वीडियो सामने आए है। घटना कलबुर्गी जिले के बल्लूरगी गांव के पास की है। वीडियो में आरोपी पत्नी के बाल पकड़कर उसे पीटता दिख रहा है, जबकि महिला मदद के लिए चीखती नजर आती है। पूरी खबर पढ़ें…

पेट में अटक गई है गैस? न्यूट्रिशनिस्ट श्वेता शाह से जानें 2-मिनट का ‘मैजिकल शॉट’ रेसिपी, मिनटों में मिलेगा आराम

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Last Updated:March 30, 2026, 13:01 IST Ayurvedic Remedy For Gas : ज्यादातर लोग इस असहजता से बचने के लिए तुरंत मेडिकल स्टोर से कोई गोली (Pill) लाकर खा लेते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि राहत आपकी रसोई (Kitchen) के मसालों में छिपी है? मशहूर न्यूट्रिशनिस्ट श्वेता शाह (Shweta Shah) ने एक ऐसा आयुर्वेदिक और प्राकृतिक नुस्खा साझा किया है. ख़बरें फटाफट 2-मिनट मैजिकल शॉट ऐसे बनाएं Bloating Home Remedy : क्या आपको भी भारीपन, पेट फूलना (Bloating) और बेचैनी जैसी समस्या अक्सर परेशान करती है? हम सभी कभी न कभी उस स्थिति से गुजरते हैं जब ऐसा महसूस होता है कि ‘पेट में गैस अटक गई है’. यह न केवल शारीरिक रूप से कष्टदायक होता है, बल्कि आपके पूरे दिन के मूड और काम को भी प्रभावित कर सकता है. ज्यादातर लोग इस असहजता से बचने के लिए तुरंत मेडिकल स्टोर से कोई गोली (Pill) लाकर खा लेते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि राहत आपकी रसोई (Kitchen) के मसालों में छिपी है? मशहूर न्यूट्रिशनिस्ट श्वेता शाह (Nutritionist Shweta Shah) ने एक ऐसा आयुर्वेदिक और प्राकृतिक नुस्खा साझा किया है, जिसे वह ‘2-मिनट मैजिकल शॉट’ कहती हैं. आइए जानते हैं इस जादुई ड्रिंक को बनाने की विधि और यह आपके शरीर पर कैसे काम करती है. क्यों अटकती है पेट में गैस?गलत खान-पान, जल्दी-जल्दी खाना निगलना, ज्यादा कैफीन का सेवन या फिजिकल एक्टिविटी की कमी के कारण हमारे पाचन तंत्र में हवा फंस जाती है. यही फंसी हुई गैस पेट में मरोड़, भारीपन और ब्लोटिंग का कारण बनती है. 2-मिनट ऐसे बनाएं मैजिकल शॉट – आवश्यक सामग्री (Ingredients)नींबू का रस (Lemon Juice): आधा (1/2) नींबूहींग (Hing/Asafoetida): सिर्फ एक चुटकीकाली मिर्च (Black Pepper): एक चुटकी पाउडरगुनगुना पानी (Warm Water): आधा कप सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. बनाने और इस्तेमाल करने का सही तरीका- स्टेप 1: आधा कप पानी को हल्का गुनगुना कर लें (ज्यादा गर्म न करें).स्टेप 2: इसमें आधा नींबू निचोड़ें और एक चुटकी हींग व एक चुटकी काली मिर्च पाउडर डालें.स्टेप 3: इसे अच्छी तरह मिलाएं ताकि हींग पानी में घुल जाए.स्टेप 4: इस मिश्रण को एक बार में गटकने के बजाय धीरे-धीरे घूंट-घूंट (Sip by Sip) करके पिएं.स्‍टेप 5: इसे पीने के बाद 5-10 मिनट तक वज्रासन में बैठें या हल्की वॉक करें. इससे गैस रिलीज होने की प्रक्रिया और भी तेज हो जाएगी. View this post on Instagram

दतिया में महिला से दहेज के लिए मारपीट का आरोप:लोको पायलट पति, सास और ससुर पर केस दर्ज

दतिया में महिला से दहेज के लिए मारपीट का आरोप:लोको पायलट पति, सास और ससुर पर केस दर्ज

दतिया में महोनाजाट गांव की रहने वाली 32 वर्षीय महिला ने पति, सास और ससुर पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने, मारपीट करने और जेवर ले जाने के आरोप लगाए हैं। महिला की शिकायत पर इंदरगढ़ पुलिस ने सोमवार को केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़िता ने बताया कि, उसकी शादी 16 फरवरी 2020 को भोपाल निवासी आशीष दीक्षित से हुई थी। आशीष लोको पायलट है। शादी में उसके पिता ने अपनी हैसियत के अनुसार नकद राशि, सोने-चांदी के जेवर और अन्य सामान दिया था। आरोप है कि शादी के कुछ दिन बाद से ही पति आशीष, ससुर घनश्याम दीक्षित और सास अशोक दीक्षित कम दहेज का ताना देकर उसे परेशान करने लगे। महिला के अनुसार, आरोपियों ने कई बार मारपीट की और अतिरिक्त 10 लाख रुपए की मांग करते रहे। वर्ष 2021 में बेटी होने के बाद भी प्रताड़ना कम नहीं हुई। परेशान होकर उसने यह बात अपने मायके वालों को बताई। जिन्होंने ससुराल पक्ष को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं माने। खुशबू का कहना है कि 16 अप्रैल 2024 को उसका पति महोनाजाट आया और उसके साथ मारपीट कर जेवर लेकर चला गया। इसके बाद से ही उसे मायके में छोड़ रखा है और 10 लाख रुपए लाने की शर्त रखी जा रही है। हाल ही में रिश्तेदारों द्वारा फोन पर समझाने की कोशिश भी बेनतीजा रही। पीड़िता ने अपने पिता और भाई के साथ थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

क्या आईवीएफ वाकई 100 प्रतिशत सफल होता है? समझिए प्रक्रिया, लागत और सक्सेस रेट का पूरा हिसाब-किताब

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IVF Fertility Treatment: जब कपल्स फर्टिलिटी ट्रीटमेंट के विकल्पों पर विचार करना शुरू करते हैं, तो आमतौर पर दो सवाल सबसे पहले सामने आते हैं, आईवीएफ कितना सफल है और आईवीएफ की लागत कितनी है? हालांकि, ये अलग-अलग सवाल लग सकते हैं, लेकिन ये एक-दूसरे से गहराई से जुड़े होते हैं. कई मामलों में, आईवीएफ की सफलता दर और लागत एक-दूसरे को उतना ही प्रभावित करती हैं, जितना लोग समझ नहीं पाते. इस संबंध को समझना कपल्स को फर्टिलिटी ट्रीटमेंट के बारे में बेहतर निर्णय लेने में मदद कर सकता है और ऐसे फर्टिलिटी सेंटर का चयन करने में सहायक होता है,जो सफल परिणामों के साथ-साथ उनके निवेश के लिए उचित मूल्य भी प्रदान करे. आईवीएफ एक मल्टी-स्टेप फर्टिलिटी ट्रीटमेंट के रूप में आईवीएफ या इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (In Vitro Fertilization), कोई एकल प्रक्रिया नहीं है. यह एक सावधानीपूर्वक योजनाबद्ध प्रक्रिया है, जिसमें कई चरण शामिल होते हैं. उपचार आमतौर पर अंडाशयों को अंडे बनाने के लिए उत्तेजित करने से शुरू होता है. इसके बाद इन अंडों को निकाला जाता है और एक विशेष प्रयोगशाला में शुक्राणुओं के साथ निषेचित किया जाता है. जब भ्रूण विकसित हो जाते हैं, तो उनमें से एक या अधिक को गर्भाशय में स्थानांतरित किया जाता है. इस पूरी प्रक्रिया का हर चरण अंतिम परिणाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. उन्नत प्रयोगशाला तकनीक से लेकर अनुभवी डॉक्टरों और एम्ब्रियोलॉजिस्ट तक, कई अहम पहलू मिलकर सफलता दर को बेहतर बनाने में योगदान देते हैं. जैसा कि फर्टिलिटी विशेषज्ञ अक्सर बताते हैं:“आईवीएफ एक ऐसी यात्रा है, जो कई चरणों से मिलकर बनती है और हर चरण की सफलता अंतिम परिणाम में योगदान देती है.” सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. आईवीएफ की सफलता दर को समझना आईवीएफ की सफलता दर का मतलब है, इस उपचार के माध्यम से गर्भधारण होने की संभावना. यह दर कई कारकों पर निर्भर करती है, जैसे उम्र, प्रजनन स्वास्थ्य और क्लिनिक की विशेषज्ञता. जब कपल्स फर्टिलिटी ट्रीटमेंट के बारे में जानकारी जुटाते हैं, तो वे अक्सर अलग-अलग क्लिनिक की आईवीएफ सफलता दर की तुलना करते हैं ताकि यह समझ सकें कि किन केंद्रों के परिणाम बेहतर हैं. हालांकि, सफलता दर को हमेशा संदर्भ में समझना चाहिए. यह उपचारित आयु समूह या मामले की जटिलता के अनुसार अलग-अलग हो सकती है. आज कई प्रतिष्ठित फर्टिलिटी सेंटर उपचार को अधिक सुलभ बनाने के लिए पारदर्शी मूल्य निर्धारण, पर्सनलाइज़्ड ट्रीटमेंट प्लांस और लचीले भुगतान विकल्प भी प्रदान कर रहे हैं, जिससे अपनी फर्टिलिटी जर्नी शुरू करने वाले कपल्स को सहायता मिलती है. Birla Fertility & IVF जैसे केंद्रों में ध्यान केवल उन्नत फर्टिलिटी ट्रीटमेंट प्रदान करने पर ही नहीं, बल्कि कपल्स को उपचार की योजना और लागत के बारे में स्पष्ट मार्गदर्शन देने पर भी होता है. आधुनिक तकनीक, अनुभवी विशेषज्ञों और व्यक्तिगत देखभाल के साथ, यह केंद्र उपचार की वहनीयता और मजबूत क्लिनिकल परिणामों के बीच सही संतुलन प्रदान करने का प्रयास करता है. सफलता दर कुल आईवीएफ लागत को कैसे प्रभावित करती है? भारत में कई कपल्स प्रति चक्र आईवीएफ लागत पर ध्यान देते हैं, जो स्वाभाविक है. फर्टिलिटी ट्रीटमेंट एक महत्वपूर्ण वित्तीय निर्णय होता है. हालांकि, आईवीएफ की वास्तविक लागत अक्सर इस बात पर निर्भर करती है कि गर्भधारण के लिए कितने चक्रों की आवश्यकता पड़ती है. उदाहरण के लिए, यदि किसी फर्टिलिटी सेंटर की सफलता दर अधिक है, तो कपल्स को कम उपचार चक्रों की आवश्यकता हो सकती है. इससे कुल लागत और बार-बार उपचार से होने वाला भावनात्मक तनाव दोनों कम हो सकते हैं. वहीं, कम सफलता दर वाले केंद्रों में कई प्रयास करने पड़ सकते हैं, जिससे कुल खर्च बढ़ जाता है. अध्ययनों के अनुसार, भारत में औसत आईवीएफ सफलता दर प्रति चक्र लगभग 30% से 50% के बीच होती है, जो उम्र, प्रजनन स्थिति और क्लिनिक की विशेषज्ञता जैसे कारकों पर निर्भर करती है. इनमें उम्र एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. आयु समूह के अनुसार आईवीएफ सफलता दर आयु समूह प्रति चक्र औसत सफलता दर मुख्य जानकारी35 वर्ष से कम 40%-50% बेहतर अंडाणु गुणवत्ता से परिणाम बेहतर होते हैं.35-37 वर्ष 35%-40% सफलता दर अच्छी रहती है, लेकिन धीरे-धीरे कम हो सकती है.38-40 वर्ष 25%-30% उम्र के साथ अंडाणुओं की गुणवत्ता और संख्या घटने लगती है.40 वर्ष से अधिक 10%-20% आईवीएफ संभव है, लेकिन सफलता दर अपेक्षाकृत कम होती है.क्योंकि आईवीएफ में कभी-कभी कई प्रयास करने पड़ते हैं, इसलिए समय के साथ कुल सफलता दर बढ़ सकती है. शोध बताते हैं कि 35 वर्ष से कम उम्र की महिलाओं में तीन आईवीएफ चक्रों के बाद कुल सफलता दर लगभग 60%-80% तक पहुंच सकती है.  यही कारण है कि आईवीएफ लागत और सफलता दर के बीच संबंध इतना महत्वपूर्ण है. यदि कम चक्रों में सफलता मिल जाती है, तो कुल वित्तीय बोझ काफी कम हो सकता है. जैसा कि फर्टिलिटी विशेषज्ञ अक्सर सलाह देते हैं:“आईवीएफ उपचार का मूल्यांकन करते समय केवल एक चक्र की लागत नहीं, बल्कि कुल सफलता की संभावना पर भी ध्यान देना चाहिए.” इस संतुलन को समझकर कपल किफायती और प्रभावी आईवीएफ उपचार का चयन कर सकते हैं और अपनी फर्टिलिटी जर्नी के लिए सही निर्णय ले सकते हैं. आईवीएफ सफलता दर को प्रभावित करने वाले कारक आईवीएफ उपचार के परिणाम कई कारकों पर निर्भर करते हैं. इन कारकों को समझने से कपल्स को अपनी प्रजनन यात्रा बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलती है. उम्र उम्र प्रजनन क्षमता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. 35 और 40 वर्ष के बाद आईवीएफ सफलता दर कम हो सकती है क्योंकि समय के साथ अंडाणुओं की गुणवत्ता और संख्या घटती है. हालांकि, आधुनिक उपचार और व्यक्तिगत देखभाल के माध्यम से कई कपल अभी भी सफल परिणाम प्राप्त कर सकते हैं. अंडाणु और शुक्राणु की गुणवत्ता स्वस्थ अंडाणु और शुक्राणु भ्रूण के विकास के लिए आवश्यक होते हैं. इसलिए, विशेषज्ञ उपचार योजना बनाने से पहले दोनों पार्टनर्स का मूल्यांकन करते हैं. तकनीक और प्रयोगशाला मानक उन्नत एम्ब्रियोलॉजी लैब और कुशल एम्ब्रियोलॉजिस्ट भ्रूण के विकास और चयन को बेहतर बनाते हैं, जिससे सफलता दर बढ़ती है. व्यक्तिगत उपचार दृष्टिकोण हर कपल्स की स्थिति अलग होती है. जो क्लिनिक पर्सनलाइज़्ड उपचार योजनाएं बनाते हैं, वे अक्सर बेहतर

इजराइल ने CNN पत्रकारों से बदसलूकी पर बटालियन सस्पेंड की:सैनिकों ने हिरासत में लिया था; ऑपरेशन से हटाकर ट्रेनिंग में भेजा

इजराइल ने CNN पत्रकारों से बदसलूकी पर बटालियन सस्पेंड की:सैनिकों ने हिरासत में लिया था; ऑपरेशन से हटाकर ट्रेनिंग में भेजा

इजराइली सेना ने वेस्ट बैंक में CNN के पत्रकारों से बदसलूकी और हिरासत में लेने के मामले में एक पूरी बटालियन को सस्पेंड कर दिया है। साथ ही रिजर्व बटालियन की सभी ऑपरेशनल गतिविधियां सस्पेंड कर दी हैं। सेना के मुताबिक इस बटालियन को तुरंत प्रभाव से वेस्ट बैंक से हटाकर ट्रेनिंग के लिए भेज दिया गया है। जांच पूरी होने तक यह यूनिट किसी भी ऑपरेशन में शामिल नहीं होगी। यह घटना पिछले हफ्ते फिलिस्तीनी गांव तायासिर में हुई थी, जहां CNN की टीम रिपोर्टिंग कर रही थी। आरोप है कि सैनिकों ने टीम को हिरासत में लिया और एक फोटो जर्नलिस्ट के साथ मारपीट भी की, जिससे उसका कैमरा टूट गया। इजराइली सेना ने कहा है कि बटालियन को प्रोफेशनल और एथिकल ट्रेनिंग दी जाएगी और मामले में शामिल सैनिकों के खिलाफ अलग से कार्रवाई भी की जाएगी। पत्रकारों से बदसलूकी का वीडियो… इजराइली सैनिकों ने पत्रकार का गला पकड़ा 26 मार्च को वेस्ट बैंक के फिलिस्तीनी गांव तयासिर में CNN की टीम रिपोर्टिंग कर रही थी। कुछ समय पहले ही वहां इजराइली सेटलर्स ने हमला किया था। उसी के बाद की स्थिति दिखाने के लिए CNN के पत्रकार जेरेमी डायमंड अपनी टीम के साथ गांव पहुंचे थे। आसपास टूटे हुए ढांचे, बिखरा सामान और डरे हुए स्थानीय लोग उस हमले की कहानी बयान कर रहे थे। टीम कैमरे पर हालात रिकॉर्ड कर रही थी और चश्मदीदों से बात कर रही थी। तभी अचानक वहां इजरायली सैनिकों की टीम पहुंची। शुरुआत में सैनिकों ने टीम से सवाल-जवाब किए, लेकिन माहौल जल्दी ही तनावपूर्ण हो गया। कुछ ही देर में सैनिकों ने CNN टीम को आगे बढ़ने से रोक दिया और उन्हें वहीं रोककर हिरासत में ले लिया। इसी दौरान हालात और बिगड़ गए। आरोप है कि एक सैनिक ने फोटो जर्नलिस्ट सिरिल थियोफिलॉस को पकड़कर उनका गला जकड़ लिया। अचानक हुए इस हमले से वह संतुलन खो बैठे और जमीन पर गिर गए। इस धक्का-मुक्की में उनका कैमरा भी टूट गया। अंतरराष्ट्रीय मीडिया संगठन ने हमले की निंदा की वेस्ट बैंक में CNN की टीम के साथ हुई बदसलूकी को लेकर अंतरराष्ट्रीय मीडिया संगठन फॉरेन प्रेस एसोसिएशन (FPA) ने निंदा की। संगठन ने इस घटना को हिंसक हमला बताते हुए प्रेस की आजादी पर सीधा हमला करार दिया। संगठन ने आरोप लगाया कि सैनिकों ने पत्रकारों और वहां मौजूद लोगों पर बंदूक तान दी, जबकि पत्रकार अपनी पहचान बता चुके थे। इतना ही नहीं, टीम को शूटिंग बंद करने के लिए मजबूर किया गया और कैमरा छीनने की धमकी भी दी गई। संगठन ने इस मामले की जांच की मांग करते हुए कहा कि यह घटना दिखाती है कि मीडिया के प्रति दुश्मनी बढ़ रही है, जो बेहद चिंताजनक है। हरेदी समुदाय के लिए बनाई गई नेत्जाह यूनिट इजराइल में हर किसी के लिए जरूरी रूप से सेना में शामिल होने का नियम है। पुरुषों को लगभग तीन साल और महिलाओं को दो साल सेना में सेवा देनी होती है। यह यूनिट इजराइली सेना की कफिर ब्रिगेड का हिस्सा है। 1948 में जब इस देश का गठन हुआ था। तब हरेदी समुदाय से आने वाले 400 अल्ट्रा-ऑर्थोडॉक्स पुरुषों को सेना में सेवा से छूट दी थी। इसका मकसद था कि ये लोग धार्मिक शिक्षा और यहूदी परंपराओं को बचाने का काम जारी रख सकें। धीरे-धीरे हरेदी समुदाय के लोगों का आंकड़ा बढ़ता गया जो सेना में शामिल होने से बचते रहे। इससे बाकी समुदाय नाराज रहने लगे। इसके बाद सरकार ने 1999 में नेत्जाह येहूदा यूनिट बनाई जहां वे अपनी धार्मिक पहचान बनाए रखते हुए सेना में सेवा दे सकें। यह यूनिट बाकी सैन्य यूनिट्स से थोड़ी अलग है। इसमें महिलाएं शामिल नहीं होतीं। माहौल पूरी तरह से धार्मिक वाला रखा जाता है और कोषेर (धार्मिक नियमों वाला) खाना दिया जाता है। ज्यादातर वेस्ट बैंक (पश्चिमी तट) इलाके में तैनाती रहती है। सुरक्षा और गश्त जैसे काम करती है। हालांकि इस यूनिट में हरेदी के अलावा भी दूसरे समुदाय के लोग शामिल होते हैं। हालांकि आबादी सबसे ज्यादा हरेदी समुदाय के लोगों की होती है। विवादों में रही है यह यूनिट

अमेरिका से आए युवक की थार से कुचलकर हत्या:कुरुक्षेत्र में जीजा के दोस्त की शादी में आया, डीजे पर डांस करते हुए कहासुनी हुई

अमेरिका से आए युवक की थार से कुचलकर हत्या:कुरुक्षेत्र में जीजा के दोस्त की शादी में आया, डीजे पर डांस करते हुए कहासुनी हुई

हरियाणा के कुरुक्ष्रेत्र में एक युवक की थार से कुचलकर हत्या कर दी गई। युवक इस्माइलाबाद में अपने जीजा के दोस्त की शादी में आया था। यहां डीजे पर डांस करते समय उसकी दूसरे युवक से कहासुनी हो गई। पहले तो लोगों ने इनका झगड़ा शांत करा दिया। शादी के बाद आरोपी ने घटना को अंजाम दिया। मृतक की पहचान पिहोवा के खेड़ी शीशगरां के साहिल (30) के तौर पर हुई है। साहिल पिछले 7 साल से अमेरिका में रह रहा था। वह एक महीने पहले ही भारत आया था। घर में साहिल की शादी की बात चल रही थी। इस्माइलाबाद पुलिस ने परिवार की शिकायत पर युवक के खिलाफ केस दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। अब सिलसिलेवार ढंग से जानिए पूरा मामला… डीजे पर गाने को लेकर कहासुनी हुई इस्माइलाबाद में गुरु गोबिंद सिंह कॉलोनी निवासी शैमिन पंजरथ ने बताया कि मेरा साला साहिल कुमार रविवार रात शादी के प्रोग्राम में शामिल होने आया था। इस प्रोग्राम में उसकी कॉलोनी का दीपांशु भी आया हुआ था। दीपांशु और साहिल DJ पर डांस कर रहे थे। यहां गाने को लेकर दीपांशु और साहिल के बीच थोड़ी बहस हुई। तब उनको समझाकर शांत कर दिया था। जीजा-साले को थार से टक्कर मारी शैमिन ने बताया कि प्रोग्राम के बाद रात करीब 12:40 बजे मैं अपने साले साहिल कुमार, दोस्त सिमरदीप सिंह, रमन नागपाल और विपुल बजाज के साथ हाईवे पर चम्मू चौक पर खड़ा था। तभी सामने से काली थार (HR 31 W 2645) आई, जिसने साहिल के साथ-साथ मुझे जोरदार टक्कर मार दी। इसमें उनको भी चोटें लगीं। बैक कर थार साहिल पर चढ़ाई शैमिन ने आगे बताया कि टक्कर मारने के बाद दीपांशु ने उनके पास गाड़ी रोकी और शीशा नीचे किया। तब मैंने दीपांशु से पूछा कि मारना चाहते हो क्या? तभी दीपांशु ने जवाब दिया, अच्छा बच गया और फिर गाड़ी पीछे करके दोबारा साहिल के ऊपर चढ़ा दी। उसके बाद दीपांशु मौके से भाग गया। घायल साहिल को गाड़ी से अंबाला के प्राइवेट अस्पताल में पहुंचाया। यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इंडियाना स्टोर पर काम करता था साहिल साहिल के छोटे भाई लविश कुमार ने बताया कि बड़ा भाई साहिल अमेरिका के इंडियाना में स्टोर पर काम करता था। इससे पहले अमेरिका में ड्राइवरी करता था। वहां से आने के बाद साहिल पहली बार अपनी बहन से मिलने इस्माइलाबाद गया था। SHO बोले- आरोपी की तलाश कर रहे इस्माइलाबाद थाने के SHO जगदीश कुमार ने बताया कि पुलिस ने आरोपी दीपांशु के खिलाफ BNS की धारा 103(1) और 109(1) के तहत केस दर्ज कर लिया है। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के हवाले कर दिया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

‘उन्हें मानसिक डॉक्टर की जरूरत है’: नवीन पटनायक ने बीजू पटनायक पर बीजेपी सांसद की ‘अपमानजनक’ टिप्पणी की आलोचना की | राजनीति समाचार

RBSE 12th Result 2026 Date Live: Scorecards soon at rajeduboard.rajasthan.gov.in.

आखरी अपडेट:30 मार्च, 2026, 12:38 IST बीजू पटनायक के खिलाफ विवादित टिप्पणी के बाद निशिकांत दुबे को आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। बीजद नेता नवीन पटनायक; भाजपा सांसद निशिकांत दुबे (दाएं) (छवि: पीटीआई/फ़ाइल) भाजपा सांसद निशिकांत दुबे द्वारा ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री बीजू पटनायक के बारे में विवादास्पद टिप्पणी करने के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है, जिस पर उनके बेटे और बीजद नेता नवीन पटनायक ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। दुबे की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, नवीन पटनायक ने कहा कि वह अपने पिता के बारे में दिए गए “अपमानजनक” बयानों से “आश्चर्यचकित” थे। उन्होंने कहा, “बीजू बाबू के बारे में कही गई अपमानजनक बातें सुनकर मुझे आश्चर्य हुआ। मुझे नहीं लगता कि उन्हें पता है कि प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने उन्हें चीनी संघर्ष के दौरान रणनीति में मदद करने के लिए दिल्ली में अपने बगल में एक कार्यालय दिया था, जब वह ओडिशा के मुख्यमंत्री थे। मैं तब लगभग 13 साल का था, लेकिन मुझे याद है कि बीजू बाबू चीनी हमले से कितने गुस्से में थे और उन्होंने इसे पीछे हटाने के लिए कितना कुछ किया था।” वीडियो | भुवनेश्वर: ओडिशा के पूर्व सीएम नवीन पटनायक ने अपने पिता बीजू पटनायक पर बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “बीजू बाबू के बारे में कही गई अपमानजनक बातें सुनकर मुझे आश्चर्य हुआ। मुझे नहीं लगता कि वह जानते हैं कि प्रधान मंत्री जवाहरलाल नेहरू ने उन्हें… pic.twitter.com/XnXrY03ZZ1– प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (@PTI_News) 30 मार्च 2026 ओडिशा में विपक्ष के नेता ने यहां तक ​​सुझाव दिया कि भाजपा सांसद को “मानसिक चिकित्सक” से परामर्श लेना चाहिए। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि इस तरह की अपमानजनक टिप्पणी करने के लिए सांसद को किसी मानसिक चिकित्सक के ध्यान की जरूरत है।” दुबे ने बीजू पटनायक के बारे में क्या कहा? विवाद शुक्रवार को शुरू हुआ, जब दुबे ने एक्स पर आरोपों की एक श्रृंखला साझा की, जिसमें दावा किया गया कि नेहरू-गांधी परिवार ने 1960 के दशक के दौरान “अमेरिका के दलाल” के रूप में काम किया था। दुबे ने ट्वीट किया, “अमेरिका के दलाल नेहरू-गांधी परिवार, आज ही के दिन यानी 27 मार्च 1963 को ओडिशा के तत्कालीन मुख्यमंत्री बीजू पटनायक जी अमेरिका पहुंचे थे। चीन के साथ 1962 का युद्ध हमने अमेरिका के इशारे पर और अमेरिका के पैसे से लड़ा था।” वरिष्ठ भाजपा नेता ने आगे आरोप लगाया कि बीजू पटनायक ने प्रधान मंत्री जवाहरलाल नेहरू और सीआईए के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में काम किया था, चीन के साथ 1962 के युद्ध के दौरान सहायता प्रदान की और भारत के रणनीतिक मामलों में अमेरिकी भागीदारी को सुविधाजनक बनाया। उनके पोस्ट में दलाई लामा के भाई और अमेरिकी सहायता के बारे में दावे शामिल थे, और 1955 और 1962 के बीच चुनावों में अमेरिका से कांग्रेस को कथित वित्तीय सहायता का संदर्भ दिया गया था। दुबे ने आरोप लगाया, “दलाई लामा के भाई अमेरिका के संपर्क में थे; 1959 में दलाई लामा अमेरिकी मदद से भारत आए थे। बीजू पटनायक जी नेहरू जी और अमेरिका/सीआईए के बीच महत्वपूर्ण कड़ी थे।” दुबे की टिप्पणी पर सस्मित पात्रा ने संसदीय पैनल से इस्तीफा दिया इस टिप्पणी की बीजद के कई नेताओं ने तीखी आलोचना की। इससे पहले शनिवार को, सस्मित पात्रा ने अपनी टिप्पणी के विरोध में संचार और आईटी पर संसदीय स्थायी समिति से इस्तीफा दे दिया, जिसके अध्यक्ष दुबे हैं। पात्रा ने टिप्पणियों को “अपमानजनक, गलत और गैर-जिम्मेदाराना आक्षेप” बताते हुए कहा कि वह किसी ऐसे व्यक्ति के अधीन काम करना जारी नहीं रख सकते जिसने एक राष्ट्रीय आइकन के बारे में अपमानजनक टिप्पणी की। जगह : भुवनेश्वर, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 30 मार्च, 2026, 12:38 IST समाचार राजनीति ‘उन्हें मानसिक डॉक्टर की जरूरत है’: नवीन पटनायक ने बीजू पटनायक पर बीजेपी सांसद की ‘अपमानजनक’ टिप्पणी की आलोचना की अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)राजनीतिक विवाद निशिकांत दुबे बीजू पटनायक नवीन पटनायक(टी)बीजेपी सांसद की विवादित टिप्पणी बीजू पटनायक(टी)नवीन पटनायक की निशिकांत दुबे पर प्रतिक्रिया(टी)ओडिशा की राजनीति बीजेडी बीजेपी झड़प(टी)ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री पर टिप्पणी(टी)मानसिक चिकित्सक टिप्पणी राजनीतिक विवाद(टी)जवाहरलाल नेहरू बीजू पटनायक चीनी संघर्ष(टी)ओडिशा में विपक्ष के नेता की प्रतिक्रिया