आरओ मशीन पानी को कई फिल्टर के माध्यम से साफ करती है। समय के साथ-साथ इनफिल्टरों में स्थूल, बन्धु और केल्स जाम होने लगे।
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अगर समय पर बदलाव नहीं किया गया तो पानी का स्वाद खराब हो सकता है। पानी से बर्बाद हो सकता है। पेट से जुड़ी बीमारियाँ हो सकती हैं
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हर फिल्टर की एक तय उम्र होती है। आमतौर पर सेडिमेंट फिल्टर: 6-12 महीने, कार्बन फिल्टर: 6-12 महीने, मेम्ब्रेन: 1.5-2 साल, एजुकेशन लैंप: लगभग 1 साल तक बदली लेनी चाहिए।
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अगर आपके RO के पानी का स्वाद कड़वा लग जाए या बर्बाद हो जाए। इसके अलावा पानी का फ्लो कम आ जाए, तो देर न करें। तत्काल आरओ की सेवा करवाएं।
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आरओ जनरल सर्विस हर 3-4 महीने में जरूर करवानी चाहिए। इसके अलावा फिल्टर चेंज 6-12 महीने में करवानी चाहिए। नियमित सेवा से आरओ की लाइफ भी हल्की है और पानी हमेशा सुरक्षित रहता है।
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हमेशा कंपनी के ऑरिजिनल फिल्टर का ही उपयोग करें। अनौपचारिक या लोकोमोटिव से अस्पताल। आरओ को जगह-जगह साफ करें। इसके अलावा साल में एक बार ठेठ की अच्छी तरह से सफाई जरूर करें।
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अगर आपके घर में पानी ज्यादा है तो फिल्टर भी जल्दी बदला जा सकता है।
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गंदा या ठीक से साफ न हुआ पानी पीने से पेट दर्द, डायरिया, संक्रमण और त्वचा की बदबू जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए आरओ की सेवा को बंद करना भारी पड़ सकता है।
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आरओ लगाना ही काफी नहीं है, उसकी सही देखभाल भी जरूरी है। समय पर सेवा और फिल्टर बदलवाकर आप अपने परिवार को साफ और सुरक्षित पानी दे सकते हैं।
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