Wednesday, 14 Oct 2026 | 04:47 AM

Trending :

EXCLUSIVE

Dates vs Jaggery Weight Control; Khajur Gud Nutrition Value; Natural Sweetener Benefits

Dates vs Jaggery Weight Control; Khajur Gud Nutrition Value; Natural Sweetener Benefits
  • Hindi News
  • Lifestyle
  • Dates Vs Jaggery Weight Control; Khajur Gud Nutrition Value; Natural Sweetener Benefits

1 घंटे पहलेलेखक: अदिति ओझा

  • कॉपी लिंक

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, मोटापा ‘एपिडेमिक’ बन गया है। एपिडेमिक का मतलब है ऐसी बीमारी, जो दुनिया में तेजी से फैल रही है। दुनिया में हर साल मोटापे से जुड़ी बीमारियों के कारण करीब 28 लाख लोगों की मौत होती है।

मोटापे की एक बड़ी वजह शुगर कंजम्प्शन है। इसलिए लोग वेट कंट्रोल के लिए नेचुरल विकल्प खजूर और गुड़ का इस्तेमाल कर रहे हैं। ये वजन कम करने के साथ एनीमिया, पीलिया, अस्थमा और एलर्जी जैसी समस्याओं से बचाते हैं।

इसलिए आज जरूरत की खबर में हम गुड़ और खजूर की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-

  • इन दोनों में क्या खाना बेहतर है?
  • इनमें कौन-कौन से पोषक तत्व होते हैं?
  • क्या ये वाकई वेट कंट्राेल में मददगार हैं?

एक्सपर्ट- डॉ. अमृता मिश्रा, सीनियर डाइटीशियन, दिल्ली

सवाल- क्या गुड़ के मुकाबले खजूर वेट मैनेजमेंट में मदद करता है?

जवाब- हां, बिल्कुल। खजूर इन कारणों से बेहतर है–

  • खजूर एक कंप्लीट फूड है। इसमें नेचुरल शुगर के साथ फाइबर, पोटेशियम और एंटीऑक्सिडेंट्स होता है।
  • फाइबर ‘गैस्ट्रिक एंम्पटिइंग’ (Gastric Emptying) के प्रोसेस को धीमा करता है। इसका मतलब है कि भोजन के छोटी आंत तक पहुंचने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है।
  • इसका सरल मतलब ये है भोजन फटाफट एब्जॉर्ब नहीं होता। शुगर तेजी से नहीं बढ़ती।
  • फाइबर के कारण पेट भरा महसूस होता है। तो बार-बार खाने की इच्छा कम होती है।

सवाल- खजूर का ग्लाइसेमिक इंडेक्स और ग्लाइसेमिक लोड कितना होता है?

जवाब- खजूर का ग्लाइसेमिक इंडेक्स 44 से 53 के बीच होता है। ये लो-मीडियम कैटेगरी है। इसका ग्लाइसेमिक लोड (GL) 42 से 55 के बीच होता है। ग्लाइसेमिक इंडेक्स बताता है कि कोई फूड ब्लड शुगर को कितनी तेजी से बढ़ाता है। ग्लाइसेमिक लोड बताता है कि कोई फूड खाने से ब्लड शुगर कितना बढ़ेगा।

सवाल- क्या गुड़ भी ब्लड शुगर कंट्रोल रखने और वेट मैनेजमेंट में मदद करता है?

जवाब- नहीं, गुड़ और चीनी, दोनों में समान मात्रा में कैलोरी और कार्बोहाइड्रेट होते हैं। दोनों का ग्लाइसेमिक इंडेक्स और लोड लगभग एक जैसा है। इसलिए दोनों ब्लड शुगर लेवल बढ़ाते हैं। इनमें ज्यादा कैलोरी होती है, जो खर्च न करने पर फैट में बदल जाती है। इसलिए गुड़ वेट मैनेजमेंट में मदद नहीं करता, बल्कि वेट बढ़ा सकता है।

सवाल- खजूर में कौन-कौन से न्यूट्रिएंट्स होते हैं?

जवाब- खजूर न्यूट्रिएंट्स से भरपूर होता है। इसमें नेचुरल शुगर, कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, विटामिन्स और एंटीऑक्सिडेंट्स (फ्लेवोनॉयड्स, कैरोटेनॉयड्स, फेनोलिक कंपाउंड्स) होते हैं। ग्राफिक में इसकी न्यूट्रिशनल वैल्यू देखिए-

सवाल- गुड़ में कौन-कौन से न्यूट्रिएंट्स होते हैं?

जवाब- गुड़ मुख्य रूप से सुक्रोज (नेचुरल शुगर का एक फॉर्म) से बना होता है। इसमें कार्बोहाइड्रेट के साथ आयरन, कैल्शियम भी होता है। ग्राफिक में 100 ग्राम गुड़ की न्यूट्रिशनल वैल्यू देखिए-

सवाल- अगर वेट को कंट्रोल में रखना है तो खजूर और गुड़ में से क्या बेहतर है?

जवाब- अगर आपका लक्ष्य वजन कम करना है तो आमतौर पर खजूर बेहतर विकल्प माना जाता है। इसमें मौजूद फाइबर-

  • सेटिस्फेक्शन बढ़ाता है।
  • देर तक पेट भरा रखता है।
  • ब्लड शुगर पर कम प्रभाव डालता है।
  • इससे कंट्रोल्ड ईटिंग पैटर्न बनाए रखना आसान होता है।
  • जबकि, गुड़ खाने से वजन बढ़ सकता है, क्योंकि-
  • यह हाई कैलोरी फूड है।
  • इससे ब्लड शुगर भी तेजी से बढ़ता है।
  • इससे कैलोरी ओवरलोड हो सकता है।

सवाल- एक स्वस्थ वयस्क व्यक्ति को एक दिन में कितना खजूर खाना चाहिए?

जवाब- सीनियर डाइटीशियन डॉ. अमृता मिश्रा के मुताबिक, रोजाना 2–3 खजूर खा सकते हैं। इससे ब्लड शुगर और वेट कंट्रोल में रहता है। साथ ही जरूरी पोषक तत्व भी मिल जाते हैं।

सवाल- क्या बच्चों को खजूर देना सेफ है?

जवाब- हां, बच्चों को खजूर देना सुरक्षित है, लेकिन उम्र और मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है। 1 साल से छोटे शिशुओं को पूरा खजूर नहीं देना चाहिए। उन्हें चोकिंग (गले में कोई फूड फंसना) का खतरा रहता है। छोटे बच्चों को इसे पेस्ट या प्यूरी के रूप में दें। बड़े बच्चों को 1–2 खजूर दे सकते हैं।

सवाल- क्या डायबिटीज के पेशेंट्स के लिए खजूर सेफ है?

जवाब- डॉ. अमृता मिश्रा के मुताबिक, अगर ब्लड शुगर 200 से कम है तो डायबिटिक लोग रोज एक खजूर खा सकते हैं। इसमें कार्ब के साथ भरपूर मात्रा में फाइबर भी होता है।

सवाल- वजन कम करने के लिए ओवरऑल लाइफस्टाइल कैसी होनी चाहिए?

जवाब- सस्टेनेबल वेट लॉस के लिए सिर्फ डाइटिंग नहीं, डेली रुटीन में बदलाव करें। नियमित फिजिकल एक्टिविटी भी करें।

इसके लिए-

  • लो कैलोरी फूड्स खाएं।
  • फाइबर से भरपूर चीजें जैसे फल, सब्जियां और साबुत अनाज शामिल करें।
  • हाइड्रेटेड रहें।
  • हफ्ते में कम-से-कम 150 मिनट फिजिकल एक्टिविटी (जैसे तेज चलना, साइक्लिंग या वर्कआउट) करें।

कुल मिलाकर, वेट कंट्रोल के लिए सिर्फ खजूर पर निर्भर रहने के बजाय ओवरऑल लाइफस्टाइल सुधारना जरूरी है। खजूर और गुड़ दोनों प्राकृतिक मिठास के सोर्स हैं, लेकिन इनमें कैलोरी और शुगर की मात्रा होती है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। हेल्दी लाइफस्टाइल का कोई शॉर्टकट नहीं होता। छोटे-छोटे संतुलित फैसले लंबे समय में बड़ा फर्क लाते हैं।

…………………………………..

जरूरत की ये खबर भी पढ़ें…

जरूरत की खबर- आपका मोटापा फैट है या वाटर वेट:जानें ये क्या होता है, शरीर पानी क्यों स्टोर करता है, डॉक्टर को दिखाना कब जरूरी

मनुष्य के शरीर में लगभग 60% हिस्सा पानी होता है। यह शरीर के हर फंक्शन में अहम भूमिका निभाता है। लेकिन क्या होगा अगर शरीर जरूरत से ज्यादा पानी स्टोर करने लगे?

इससे अचानक वजन बढ़ सकता है। शरीर फूला हुआ महसूस हो सकता है। इसे ‘वाटर वेट’ कहते हैं। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
जबलपुर में डॉ.अंबेडकर की 135वीं जयंती मनाई गई:धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक हस्तियों ने मंच साझा किया

April 14, 2026/
3:43 pm

भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर की 135वीं जयंती मंगलवार, 14 अप्रैल को जबलपुर शहर में श्रद्धा और उत्साह के साथ...

UN हेडक्वार्टर के बाहर शख्स ने खुद को आग लगाई:अस्पताल में मौत; तिब्बती झंडे के साथ पहुंचा था, पुलिस ने जांच शुरू की

July 3, 2026/
8:05 am

अमेरिका के न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र (UN) मुख्यालय के बाहर गुरुवार को एक 52 वर्षीय व्यक्ति ने खुद को आग...

हवाई सफर 25% तक महंगा हो सकता है:मैकिंजी रिपोर्ट में दावा, ज्यादातर देश रिजर्व भरने में जुटे; इससे जेट फ्यूल की कीमतें बढ़ेंगी

June 25, 2026/
10:40 am

आने वाले दिनों में हवाई सफर 25% तक महंगा हो सकता है। यह दावा ग्लोबल कंसल्टिंग फर्म मैकिंजी ने अपनी...

World News Updates; Trump Pakistan China

April 4, 2026/
12:14 am

7 घंटे पहले कॉपी लिंक फाइल फोटो। अफगानिस्तान के काबुल में शुक्रवार देर शाम भूकंप से 8 लोगों की मौत...

खबर हटके- 20 साल तक पेट में रहा थर्मामीटर:घसीटाराम-खोजाराम जैसे नाम बदल सकेंगे बच्चे; दुल्हन ने चेहरा दिखाने के लिए मांगे ₹90 लाख

April 15, 2026/
4:30 am

चीन में एक व्यक्ति के पेट में 20 साल तक थर्मामीटर पड़ा रहा। वहीं, राजस्थान के स्कूलों में अब बच्चे...

‘वाटरगेट’ के नायक बटरफील्ड का निधन:इनके विस्फोटक सच ने अमेरिकी राष्ट्रपति निक्सन की कुर्सी हिला दी थी; पहली बार किसी राष्ट्रपति को देना पड़ा था इस्तीफा

March 11, 2026/
1:22 pm

पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन की सत्ता गिराने में अहम रोल निभाने वाले वाइट हाउस के पूर्व अधिकारी (डिप्टी असिस्टेंट...

महू की जानापाव पहाड़ी पर लगी भीषण आग:पहाड़ी पर सूखी झाड़ियों में तेजी से फैली लपटें; बुझाने में जुटा वन विभाग

April 23, 2026/
8:47 pm

इंदौर के महू के समीप स्थित ऐतिहासिक जानापाव की पहाड़ी पर गुरुवार रात करीब 7:30 बजे भीषण आग लग गई।...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

Dates vs Jaggery Weight Control; Khajur Gud Nutrition Value; Natural Sweetener Benefits

Dates vs Jaggery Weight Control; Khajur Gud Nutrition Value; Natural Sweetener Benefits
  • Hindi News
  • Lifestyle
  • Dates Vs Jaggery Weight Control; Khajur Gud Nutrition Value; Natural Sweetener Benefits

1 घंटे पहलेलेखक: अदिति ओझा

  • कॉपी लिंक

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, मोटापा ‘एपिडेमिक’ बन गया है। एपिडेमिक का मतलब है ऐसी बीमारी, जो दुनिया में तेजी से फैल रही है। दुनिया में हर साल मोटापे से जुड़ी बीमारियों के कारण करीब 28 लाख लोगों की मौत होती है।

मोटापे की एक बड़ी वजह शुगर कंजम्प्शन है। इसलिए लोग वेट कंट्रोल के लिए नेचुरल विकल्प खजूर और गुड़ का इस्तेमाल कर रहे हैं। ये वजन कम करने के साथ एनीमिया, पीलिया, अस्थमा और एलर्जी जैसी समस्याओं से बचाते हैं।

इसलिए आज जरूरत की खबर में हम गुड़ और खजूर की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-

  • इन दोनों में क्या खाना बेहतर है?
  • इनमें कौन-कौन से पोषक तत्व होते हैं?
  • क्या ये वाकई वेट कंट्राेल में मददगार हैं?

एक्सपर्ट- डॉ. अमृता मिश्रा, सीनियर डाइटीशियन, दिल्ली

सवाल- क्या गुड़ के मुकाबले खजूर वेट मैनेजमेंट में मदद करता है?

जवाब- हां, बिल्कुल। खजूर इन कारणों से बेहतर है–

  • खजूर एक कंप्लीट फूड है। इसमें नेचुरल शुगर के साथ फाइबर, पोटेशियम और एंटीऑक्सिडेंट्स होता है।
  • फाइबर ‘गैस्ट्रिक एंम्पटिइंग’ (Gastric Emptying) के प्रोसेस को धीमा करता है। इसका मतलब है कि भोजन के छोटी आंत तक पहुंचने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है।
  • इसका सरल मतलब ये है भोजन फटाफट एब्जॉर्ब नहीं होता। शुगर तेजी से नहीं बढ़ती।
  • फाइबर के कारण पेट भरा महसूस होता है। तो बार-बार खाने की इच्छा कम होती है।

सवाल- खजूर का ग्लाइसेमिक इंडेक्स और ग्लाइसेमिक लोड कितना होता है?

जवाब- खजूर का ग्लाइसेमिक इंडेक्स 44 से 53 के बीच होता है। ये लो-मीडियम कैटेगरी है। इसका ग्लाइसेमिक लोड (GL) 42 से 55 के बीच होता है। ग्लाइसेमिक इंडेक्स बताता है कि कोई फूड ब्लड शुगर को कितनी तेजी से बढ़ाता है। ग्लाइसेमिक लोड बताता है कि कोई फूड खाने से ब्लड शुगर कितना बढ़ेगा।

सवाल- क्या गुड़ भी ब्लड शुगर कंट्रोल रखने और वेट मैनेजमेंट में मदद करता है?

जवाब- नहीं, गुड़ और चीनी, दोनों में समान मात्रा में कैलोरी और कार्बोहाइड्रेट होते हैं। दोनों का ग्लाइसेमिक इंडेक्स और लोड लगभग एक जैसा है। इसलिए दोनों ब्लड शुगर लेवल बढ़ाते हैं। इनमें ज्यादा कैलोरी होती है, जो खर्च न करने पर फैट में बदल जाती है। इसलिए गुड़ वेट मैनेजमेंट में मदद नहीं करता, बल्कि वेट बढ़ा सकता है।

सवाल- खजूर में कौन-कौन से न्यूट्रिएंट्स होते हैं?

जवाब- खजूर न्यूट्रिएंट्स से भरपूर होता है। इसमें नेचुरल शुगर, कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, विटामिन्स और एंटीऑक्सिडेंट्स (फ्लेवोनॉयड्स, कैरोटेनॉयड्स, फेनोलिक कंपाउंड्स) होते हैं। ग्राफिक में इसकी न्यूट्रिशनल वैल्यू देखिए-

सवाल- गुड़ में कौन-कौन से न्यूट्रिएंट्स होते हैं?

जवाब- गुड़ मुख्य रूप से सुक्रोज (नेचुरल शुगर का एक फॉर्म) से बना होता है। इसमें कार्बोहाइड्रेट के साथ आयरन, कैल्शियम भी होता है। ग्राफिक में 100 ग्राम गुड़ की न्यूट्रिशनल वैल्यू देखिए-

सवाल- अगर वेट को कंट्रोल में रखना है तो खजूर और गुड़ में से क्या बेहतर है?

जवाब- अगर आपका लक्ष्य वजन कम करना है तो आमतौर पर खजूर बेहतर विकल्प माना जाता है। इसमें मौजूद फाइबर-

  • सेटिस्फेक्शन बढ़ाता है।
  • देर तक पेट भरा रखता है।
  • ब्लड शुगर पर कम प्रभाव डालता है।
  • इससे कंट्रोल्ड ईटिंग पैटर्न बनाए रखना आसान होता है।
  • जबकि, गुड़ खाने से वजन बढ़ सकता है, क्योंकि-
  • यह हाई कैलोरी फूड है।
  • इससे ब्लड शुगर भी तेजी से बढ़ता है।
  • इससे कैलोरी ओवरलोड हो सकता है।

सवाल- एक स्वस्थ वयस्क व्यक्ति को एक दिन में कितना खजूर खाना चाहिए?

जवाब- सीनियर डाइटीशियन डॉ. अमृता मिश्रा के मुताबिक, रोजाना 2–3 खजूर खा सकते हैं। इससे ब्लड शुगर और वेट कंट्रोल में रहता है। साथ ही जरूरी पोषक तत्व भी मिल जाते हैं।

सवाल- क्या बच्चों को खजूर देना सेफ है?

जवाब- हां, बच्चों को खजूर देना सुरक्षित है, लेकिन उम्र और मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है। 1 साल से छोटे शिशुओं को पूरा खजूर नहीं देना चाहिए। उन्हें चोकिंग (गले में कोई फूड फंसना) का खतरा रहता है। छोटे बच्चों को इसे पेस्ट या प्यूरी के रूप में दें। बड़े बच्चों को 1–2 खजूर दे सकते हैं।

सवाल- क्या डायबिटीज के पेशेंट्स के लिए खजूर सेफ है?

जवाब- डॉ. अमृता मिश्रा के मुताबिक, अगर ब्लड शुगर 200 से कम है तो डायबिटिक लोग रोज एक खजूर खा सकते हैं। इसमें कार्ब के साथ भरपूर मात्रा में फाइबर भी होता है।

सवाल- वजन कम करने के लिए ओवरऑल लाइफस्टाइल कैसी होनी चाहिए?

जवाब- सस्टेनेबल वेट लॉस के लिए सिर्फ डाइटिंग नहीं, डेली रुटीन में बदलाव करें। नियमित फिजिकल एक्टिविटी भी करें।

इसके लिए-

  • लो कैलोरी फूड्स खाएं।
  • फाइबर से भरपूर चीजें जैसे फल, सब्जियां और साबुत अनाज शामिल करें।
  • हाइड्रेटेड रहें।
  • हफ्ते में कम-से-कम 150 मिनट फिजिकल एक्टिविटी (जैसे तेज चलना, साइक्लिंग या वर्कआउट) करें।

कुल मिलाकर, वेट कंट्रोल के लिए सिर्फ खजूर पर निर्भर रहने के बजाय ओवरऑल लाइफस्टाइल सुधारना जरूरी है। खजूर और गुड़ दोनों प्राकृतिक मिठास के सोर्स हैं, लेकिन इनमें कैलोरी और शुगर की मात्रा होती है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। हेल्दी लाइफस्टाइल का कोई शॉर्टकट नहीं होता। छोटे-छोटे संतुलित फैसले लंबे समय में बड़ा फर्क लाते हैं।

…………………………………..

जरूरत की ये खबर भी पढ़ें…

जरूरत की खबर- आपका मोटापा फैट है या वाटर वेट:जानें ये क्या होता है, शरीर पानी क्यों स्टोर करता है, डॉक्टर को दिखाना कब जरूरी

मनुष्य के शरीर में लगभग 60% हिस्सा पानी होता है। यह शरीर के हर फंक्शन में अहम भूमिका निभाता है। लेकिन क्या होगा अगर शरीर जरूरत से ज्यादा पानी स्टोर करने लगे?

इससे अचानक वजन बढ़ सकता है। शरीर फूला हुआ महसूस हो सकता है। इसे ‘वाटर वेट’ कहते हैं। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.