इंदौर में लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई:पीडब्ल्यूडी के दो अधिकारी 90 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार; भुगतान के बदले मांगे थे कमीशन

भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत इंदौर में लोकायुक्त पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लोक निर्माण विभाग के दो अधिकारियों को 90 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। लोकायुक्त पुलिस के अनुसार, आवेदक राघवेन्द्र सिंह गुर्जर, निवासी रामनगर आदर्शपुरम, ग्वालियर, जो सांई एसोसिएट फर्म में लायजनिंग मैनेजर हैं। उन्होंने शिकायत दर्ज कराई थी। उनकी फर्म ने सितंबर 2025 में राऊ से बामपुरा तक इलेक्ट्रिक सिटिंग का काम 20 लाख रुपए में लिया था, जिसे एक माह में पूर्ण कर दिया गया था। कार्य पूर्ण होने के बाद जीएसटी सहित 17 लाख रुपए का भुगतान लंबित था। शिकायत में बताया गया कि भुगतान जारी करने के एवज में आरोपी बालकुमार जैन (सहायक यंत्री/प्रभारी कार्यपालन अधिकारी, लोक निर्माण विभाग, विद्युत व यांत्रिकी संभाग इंदौर) ने 4% के हिसाब से 60 हजार रुपए और आरोपी धीरेंद्र कुमार नीमा (सब इंजीनियर/प्रभारी अनुविभागीय अधिकारी) ने 2% के हिसाब से 30 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की थी। इस प्रकार कुल 90 हजार रुपए की मांग की गई थी। आवेदक ने इसकी शिकायत राजेश सहाय (एसपी, लोकायुक्त) से की। शिकायत के सत्यापन के बाद 7 अप्रैल को ट्रैप दल का गठन किया गया। कार्रवाई के दौरान आरोपी बालकुमार जैन को 60 हजार रुपए और धीरेन्द्र कुमार नीमा को 30 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। दोनों आरोपियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा 7 एवं भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 61(2) के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
HC Allows MP Board, CBSE Students Form Fill

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने हजारों छात्र-छात्राओं के हित में विद्यालयों की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए एमपी संस्कृत बोर्ड की नई नीति पर रोक लगा दी है। साथ ही निर्देश दिया है कि MP बोर्ड और CBSE के छात्रों को 10वीं और 12वीं के फॉर्म भरने की अनुमति . सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि वे छात्र, जिन्होंने 9वीं और 11वीं कक्षा क्रमशः MP बोर्ड या CBSE से उत्तीर्ण की है, उन्हें 10वीं और 12वीं कक्षा के फॉर्म भरने की अनुमति दी जाए। उच्च न्यायालय ने 27.06.2024 की नई नीति के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी, जिसमें अन्य बोर्डों से उत्तीर्ण छात्रों को संस्कृत बोर्ड के विद्यालयों में प्रवेश नहीं दिया जा रहा था। मंगलवार को सुनवाई के दौरान सभी 11 याचिकाकर्ता उपस्थित रहे। उनकी ओर से सीनियर एडवोकेट नरिंदरपाल सिंह रूपराह, एडवोकेट नवतेज सिंह रूपराह और मुस्कान आनंद ने पक्ष रखा। नीति में बदलाव से प्रभावित हुए हजारों छात्र, कोर्ट से मिली राहत याचिकाकर्ता की ओर से एडवोकेट नवतेज सिंह ने अदालत को बताया कि पूर्व में एमपीएसएस (संस्कृत बोर्ड) अपने संबद्ध विद्यालयों को यह अनुमति देता था कि वे ऐसे छात्रों को प्रवेश दें, जिन्होंने अपनी पिछली कक्षा एमपी बोर्ड (माध्यमिक शिक्षा मंडल, भोपाल) या सीबीएसई (केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड) से उत्तीर्ण की हो। लेकिन अचानक बिना किसी औचित्य के नीति में बदलाव कर दिया गया। इस निर्णय से हजारों छात्र प्रभावित हुए और 11 विद्यालयों को राहत के लिए उच्च न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। उच्च न्यायालय का यह अंतरिम आदेश उन हजारों छात्रों के लिए राहत लेकर आया है, जो अपनी पिछली कक्षा एमपी बोर्ड या सीबीएसई से उत्तीर्ण करने के बाद संस्कृत बोर्ड से संबद्ध विद्यालयों में 10वीं और 12वीं की पढ़ाई कर रहे हैं। विवादित आदेश पर रोक, छात्रों को 4 दिन में फॉर्म भरने की राहत याचिकाकर्ता के तर्कों को ध्यान में रखते हुए न्यायालय ने माना कि विवादित आदेश दिनांक 27.06.2024 पर स्थगन आवश्यक है। साथ ही निर्देश दिया कि विद्यालयों में अध्ययनरत छात्रों को अगले चार दिनों के भीतर फॉर्म भरने की अनुमति दी जाए। आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन प्रतिवादी संस्था द्वारा अगले चार दिनों में किया जाएगा। इसके बाद छात्र निर्धारित अवधि में परीक्षा शुल्क जमा करेंगे। सभी औपचारिकताएं पूर्ण होने पर उन्हें नियमानुसार प्रवेश पत्र जारी कर परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी जाएगी।
10 पेटी अंग्रेजी शराब के साथ दो आरोपी गिरफ्तार:रायसेन-विदिशा से सस्ती शराब लाकर भोपाल में होम डिलीवरी कर रहे थे

शहर में अवैध शराब तस्करी पर कार्रवाई करते हुए अयोध्यानगर पुलिस ने दो तस्करों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 10 पेटी (करीब 90 लीटर) अंग्रेजी शराब बरामद की है। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक्टिवा सहित कुल करीब 1.70 लाख रुपए का मशरूका जब्त किया है। दोनों आरोपी रायसेन और विदिशा जिले से सस्ते दामों पर शराब लाकर भोपाल में अवैध रूप से बेच रहे थे। ठेका बदलने के दौरान उठाया मौका पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने शराब ठेका बदलने के दौरान कम कीमत पर बड़ी मात्रा में शराब खरीदी थी। इसके बाद भोपाल के अलग-अलग इलाकों में होम डिलीवरी के जरिए सप्लाई कर मुनाफा कमा रहे थे। घटना 6 अप्रैल की है, जब पुलिस को सूचना मिली कि अयोध्यानगर के डी-सेक्टर दशहरा मैदान के पास दो युवक एक एक्टिवा पर शराब रखकर बेचने की फिराक में खड़े हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने घेराबंदी कर दोनों को मौके से पकड़ लिया। तलाशी लेने पर उनके पास से गोवा ब्रांड की 10 पेटी अंग्रेजी शराब बरामद हुई। दोनों आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रवि शर्मा उर्फ राज शर्मा और मनीष साहू के रूप में हुई है। पूछताछ में दोनों ने कबूल किया कि वे लंबे समय से इस अवैध कारोबार में लिप्त हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, रवि शर्मा पर आबकारी एक्ट और मारपीट समेत एक दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं, जबकि मनीष साहू पर भी पहले से कई आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। दोनों पूर्व में भी जेल जा चुके हैं।
निजी स्कूल संचालकों-प्रिंसिपलों-बुक सेलर्स को हाईकोर्ट से झटका:कहा- कॉपी-किताबों में कमीशनखोरी के सबूत नजरअंदाज नहीं किए जा सकते, FIR रद्द नहीं होंगे

जबलपुर में मनमानी फीस वसूली और कॉपी किताबों में कमीशनखोरी के मामले में निजी स्कूलों के संचालकों, प्रिंसिपल और बुक सेलर्स को हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट ने निजी स्कूलों, बुक सेलर्स और पब्लिशर्स के गठजोड़ से जुड़ी एफआईआर को रद्द कराने की मांग ठुकरा दी है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा कि मामले में गंभीर आरोप और पर्याप्त सुबूत मौजूद हैं, इसलिए एफआईआर रद्द नहीं की जा सकती। ट्रायल कोर्ट में यह मामला जारी रहेगा। दो साल पहले जिला प्रशासन की जांच में खुलासा हुआ था कि स्कूल प्रबंधन ने निर्धारित सीमा से ज्यादा फीस बढ़ाई और छात्रों को चुनिंदा दुकानों से किताबें खरीदने के लिए मजबूर किया। जांच में ये भी पाया गया था कि कुछ किताबों पर डुप्लीकेट या संदिग्ध ISBN नंबर दर्ज थे, और स्कूल प्रबंधन, बुक सेलर्स ,पब्लिशर्स के गठजोड़ से पैरेंट्स को ऊंचे दामों पर किताबें बेचीं गईं। जिला प्रशासन की जांच रिपोर्ट के आधार पर जबलपुर के ओमती, बेलबाग, संजीवनी नगर, ग्वारीघाट और गोराबाजार थानों में कई एफआईआर दर्ज की गई थीं, जिन्हें स्कूल प्रिंसिपल्स, प्रबंधन और बुक सेलर्स ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। मंगलवार को जस्टिस बीपी शर्मा की कोर्ट में मामले की सुनवाई हुई, जिसमें राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि कई मामलों में फीस में 50 प्रतिशत से अधिक वृद्धि की गई और छात्रों को विशेष दुकानों से ही किताबें खरीदने के लिए बाध्य किया गया। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि रिकॉर्ड में मौजूद दस्तावेज, जब्त सामग्री और गवाहों के बयान ,आपराधिक साजिश और अवैध आर्थिक लाभ के प्रयास की ओर संकेत करते हैं। अदालत ने कहा कि ऐसे में तथ्यों की जांच और साक्ष्यों का परीक्षण ट्रायल कोर्ट का विषय है, ना कि हाईकोर्ट से एफआईआर रद्द करने का। कोर्ट ने आरोपी स्कूल प्रिंसिपल, बुक सेलर्स की सभी याचिकाएं खारिज करते हुए एसपी जबलपुर को निर्देश दिया है कि वो मामले की लंबित जांच, जल्द से जल्द पूरा करें और ट्रायल कोर्ट मामले में निष्पक्ष सुनवाई कर अपना फैसला सुनाए। अदालत ने इस मामले में दाखिल कुल 13 याचिकाओं को खारिज किया है। किन-किन पर लगे आरोप मामले में जबलपुर और कटनी के कई मिशनरी स्कूलों के प्रिंसिपल और प्रबंधन से जुड़े लोग शामिल हैं, जैसे अतुल अनुपम इब्राहम, लवी मैथ्यू, एकता पीटर्स, चंद्रशेखर विश्वकर्मा (सेवानिवृत्त प्रिंसिपल) के साथ चिल्ड्रन्स बुक हाउस संचालक सूर्यप्रकाश वर्मा और शशांक श्रीवास्तव के नाम भी सामने आए हैं। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि स्कूलों, बुकसेलर्स और पब्लिशर्स के बीच संगठित मिलीभगत थी। एक मोनोपोलिस्टिक सप्लाई चेन तैयार की गई। अभिभावकों पर दबाव बनाकर महंगी किताबें खरीदवाई गईं। इससे अवैध और अत्यधिक मुनाफा कमाया गया। अदालत ने स्पष्ट किया कि यह मामला केवल प्रशासनिक गड़बड़ी नहीं बल्कि आपराधिक षड्यंत्र का संकेत देता है। आरोपियों को पहले हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल चुकी थी, लेकिन उन्होंने एफआईआर रद्द कराने के लिए याचिकाएं दायर की थीं। राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ता दिनेश प्रसाद पटेल ने कार्रवाई को पूरी तरह वैध बताया, जिसे अदालत ने स्वीकार किया।
खर्च और मारपीट से परेशान मां जनसुनवाई में पहुंची:इंदौर पुलिस की काउंसलिंग के बाद बेटे ने मानी गलती; मां के पैर छूकर माफी मांगी

इंदौर में जनसुनवाई के दौरान एक भावुक मामला सामने आया, जहां रोती हुई मां ने अपने ही बेटे के खिलाफ गुहार लगाई। मां ने शिकायत में बताया कि बेटा खर्च नहीं देता, मारपीट करता है और बहू भी प्रताड़ित करती है। एसीपी रूबिना मिजवानी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मां और बेटे को काउंसलिंग के लिए बुलाया। एसीपी कार्यालय में थाना प्रभारी सुशील पटेल और अनुभवी महिला काउंसलरों की मौजूदगी में पूरे परिवार को बैठाकर दोनों पक्षों की बात सुनी गई। काउंसलिंग के दौरान मां की भावनाओं को समझाते हुए बेटे को उसके कर्तव्यों का एहसास कराया गया। इसके बाद बेटे ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए मां से माफी मांगी। मां ने अपने खर्च के लिए हर महीने 8 हजार रुपए और रहने के लिए दो कमरों के किराए की मांग रखी, जिसे बेटे ने सहर्ष मान लिया। इसके बाद बेटे ने मां के पैर छूकर आशीर्वाद लिया और मिठाई खिलाकर विवाद खत्म किया। इस पहल के बाद बुजुर्ग महिला ने पुलिस का आभार जताया।
राजगढ़ में 5 माह का भ्रूण मिला:जांच में लड़की होने की पुष्टि; छोड़ने वाले की तलाश में पुलिस ने CCTV खंगाले

राजगढ़ जिले के जीरापुर नगर की आवास कॉलोनी में मंगलवार दोपहर करीब 1 बजे 4 से 5 माह का भ्रूण मिला। इस घटना से इलाके में सनसनी फैल गई। कॉलोनी के कुछ लोगों ने भ्रूण देखकर तुरंत आसपास के लोगों को सूचना दी, जिसके बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग को इसकी जानकारी दी गई। सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने भ्रूण को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। प्रारंभिक चिकित्सकीय परीक्षण में भ्रूण की उम्र लगभग 4 से 5 माह आंकी गई है। बीएमओ डॉ. सुनील चौरसिया ने बताया कि जांच में यह पुष्टि हुई है कि भ्रूण एक लड़की का था। पुलिस ने CCTV खंगाले लेकिन कोई सुराग नहीं पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। साथ ही, कॉलोनी और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि भ्रूण को यहां किसने और किन परिस्थितियों में छोड़ा। हालांकि देर रात तक यह पता नहीं लग सका कि इसे कौन यहां छोड़ गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से गहन जांच की जा रही है। जांच के बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रश्मिका मंदाना सुबह उठते ही करती हैं ये 2 काम, इसी सीक्रेट से रहती हैं इतनी फिट और ग्लोइंग!

Last Updated:April 07, 2026, 22:51 IST रश्मिका मंदाना की फिटनेस और ग्लोइंग स्किन का असली राज जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे. उनके दिन की शुरुआत से लेकर रात के खाने तक हर छोटी आदत में छिपा है उनका फिट रहने का सीक्रेट, जिसमें 1 लीटर पानी, एप्पल साइडर विनेगर और खास एगेटेरियन डाइट शामिल है. रश्मिका मंदाना शादी के बाद से तो ज्यादा ही ग्लो करने लगी हैं. हाल ही में पिंकविला को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने अपने फिटनेस सीक्रेट को रिवील किया है. वह आज के समय की सबसे फिट और ग्लोइंग अभिनेत्रियों में गिनी जाती हैं. उनकी हेल्दी स्किन, एनर्जेटिक पर्सनालिटी और फिट बॉडी के पीछे उनकी सख्त डाइट और अनुशासित लाइफस्टाइल का बड़ा हाथ है. रश्मिका अपने दिन की शुरुआत एक बेहद हेल्दी आदत से करती हैं. वह सुबह उठते ही करीब 1 लीटर पानी पीती हैं. इससे शरीर डिटॉक्स होता है और मेटाबॉलिज्म बेहतर तरीके से काम करता है. इसके बाद वह सेब का सिरका यानी एप्पल साइडर विनेगर लेती हैं, जिसे पाचन और वजन कंट्रोल के लिए फायदेमंद माना जाता है. उनकी डाइट में सादगी और संतुलन साफ नजर आता है. रश्मिका खुद को एगेटेरियन मानती हैं, यानी वे अपनी डाइट में अंडे शामिल करती हैं लेकिन बाकी चीजों में काफी हल्का और पौष्टिक खाना पसंद करती हैं. वह ज्यादा तला-भुना या प्रोसेस्ड फूड से दूरी बनाए रखती हैं. Add News18 as Preferred Source on Google नाश्ते में वह हल्का लेकिन प्रोटीन से भरपूर भोजन लेना पसंद करती हैं. इसमें अंडे, फल और कुछ हेल्दी विकल्प शामिल होते हैं, जो उन्हें दिनभर एक्टिव बनाए रखते हैं. वह कोशिश करती हैं कि उनका नाश्ता ऐसा हो, जिससे शरीर को सही पोषण मिले और ऊर्जा बनी रहे. दोपहर के खाने में रश्मिका बैलेंस्ड मील लेती हैं. इसमें दाल, सब्जी, चावल या रोटी जैसे घरेलू और पौष्टिक विकल्प शामिल होते हैं. वह घर का बना खाना ज्यादा पसंद करती हैं, जिससे शरीर को जरूरी न्यूट्रिएंट्स मिलते हैं और हेल्थ भी बेहतर रहती है. शाम के समय वह हल्का स्नैक लेती हैं, जिसमें फल या कोई हेल्दी ड्रिंक शामिल होता है. वह जंक फूड से दूरी बनाकर रखती हैं और अपनी डाइट को साफ और पौष्टिक रखने पर ध्यान देती हैं. रात के खाने में रश्मिका बहुत हल्का भोजन करती हैं, ताकि पाचन पर ज्यादा दबाव न पड़े. वह कोशिश करती हैं कि सोने से पहले उनका खाना आसानी से पच जाए और शरीर को आराम मिल सके. रश्मिका मंदाना की यह डाइट बताती है कि फिट रहने के लिए किसी बहुत कठिन रूटीन की जरूरत नहीं होती, बल्कि सही आदतें और संतुलित खानपान ही सबसे बड़ा राज है. उनकी लाइफस्टाइल से यह सीख मिलती है कि अगर आप नियमित रूप से हेल्दी आदतें अपनाएं, तो फिट और एक्टिव रहना आसान हो सकता है. First Published : April 07, 2026, 22:51 IST
मंदसौर में कल 5 घंटे बिजली कटौती:भागवत नगर, महादेव विहार समेत कई कॉलोनियों में सप्लाई प्रभावित होगी

मंदसौर शहर के विभिन्न क्षेत्रों में कल (बुधवार) विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। सहायक यंत्री के अनुसार, 11 केवी विद्युत लाइनों के मानसून पूर्व आवश्यक रखरखाव कार्य के कारण यह निर्णय लिया गया है। मंदसौर शहर के वाटर वर्क्स अंतर्गत चम्बल कॉलोनी फीडर पर रखरखाव कार्य किया जाएगा। इसके चलते सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक विद्युत प्रदाय बंद रहेगा। इस दौरान भागवत नगर, महादेव विहार, रामटेकरी, हनुमान नगर, नरसिंहपुरा, कामराज वाली डीपी, श्री नाथ विहार, राजपुरिया कॉलोनी और सिद्ध चक्र विहार सहित आसपास के क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति प्रभावित रहेगी। विद्युत विभाग ने उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की है। विभाग ने बताया कि रखरखाव कार्य की आवश्यकता के अनुसार समय में परिवर्तन (घटाया या बढ़ाया) भी किया जा सकता है।
जिस लौकी को समझते हैं बेकार, वही निकली सेहत की सुपरफूड! ये 8 फायदे जान रह जाएंगे दंग

Last Updated:April 07, 2026, 22:33 IST लौकी भले ही साधारण और फीकी लगने वाली सब्जी हो, लेकिन इसके स्वास्थ्य लाभ काफी चौंकाने वाले हैं. यह शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ वजन घटाने, पाचन सुधारने, दिल को स्वस्थ रखने और त्वचा व बालों को बेहतर बनाने में मदद करती है. नियमित और सही मात्रा में इसका सेवन करने से शरीर अंदर से स्वस्थ और संतुलित बना रहता है. भारतीय रसोई में कई ऐसी सब्जियां हैं जिन्हें हम आम समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन लौकी उनमें से एक ऐसी सब्जी है जो सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होती है. खासकर गर्मियों में यह शरीर को ठंडक पहुंचाने और अंदरूनी संतुलन बनाए रखने में मदद करती है. सही मात्रा में इसका सेवन करने से शरीर को कई तरह के लाभ मिल सकते हैं. लौकी वजन कम करने वालों के लिए एक बेहतरीन विकल्प है. इसमें पानी की मात्रा अधिक और कैलोरी बहुत कम होती है, जिससे पेट जल्दी भर जाता है और ज्यादा खाने की जरूरत नहीं पड़ती. इसमें मौजूद फाइबर धीरे-धीरे पचता है, जिससे लंबे समय तक भूख नहीं लगती और वजन कंट्रोल में रहता है. कुछ अध्ययनों के अनुसार, सुबह खाली पेट लौकी का जूस पीने से शरीर का मेटाबॉलिज्म बेहतर होता है. इससे शरीर में ऊर्जा का स्तर संतुलित रहता है और फैट बर्न करने की प्रक्रिया भी तेज होती है. Add News18 as Preferred Source on Google लौकी में मौजूद घुलनशील फाइबर आंतों के लिए फायदेमंद होता है. यह मल को नरम बनाकर कब्ज की समस्या को कम करता है. साथ ही, यह पेट की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाता है, जिससे पाचन तंत्र मजबूत होता है. लौकी की तासीर ठंडी होती है, जो पेट की जलन और एसिडिटी को कम करने में मदद करती है. यह पेट में बनने वाले अतिरिक्त एसिड को नियंत्रित करती है, जिससे गैस और अपच जैसी समस्याएं धीरे-धीरे कम हो जाती हैं. लौकी में पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट जैसे तत्व पाए जाते हैं, जो ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने में मदद करते हैं. इससे दिल पर दबाव कम पड़ता है और हृदय से जुड़ी बीमारियों का खतरा भी कम हो सकता है. लौकी का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जिससे यह ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ने नहीं देती. इसमें मौजूद फाइबर कार्बोहाइड्रेट के अवशोषण को धीमा करता है, जिससे शुगर लेवल संतुलित बना रहता है. लौकी में विटामिन सी, जिंक और अन्य पोषक तत्व होते हैं, जो त्वचा को अंदर से पोषण देते हैं. इससे स्किन हाइड्रेटेड और ग्लोइंग रहती है. साथ ही यह बालों की जड़ों को मजबूत बनाकर हेयर फॉल को कम करने में मदद करती है. लौकी शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने में मदद करती है. इसमें मौजूद पानी और प्राकृतिक तत्व लिवर और किडनी के काम को सपोर्ट करते हैं. खासकर गर्मियों में इसका सेवन शरीर को ठंडा रखने और थकान दूर करने में बेहद कारगर साबित होता है. First Published : April 07, 2026, 22:33 IST
जोमैटो से मंगाई कोल्ड कॉफी में कॉकरोच निकलने का दावा:देवास में ग्राहक बोला- भाई की तबीयत बिगड़ गई, दुकानदार ने कहा-हमने कोई लापरवाही नहीं की

देवास शहर के अलंकार मार्केट क्षेत्र में कस्टमर ने ऑनलाइन फूड ऑर्डर में कॉकरोच निकलने का दावा किया है। जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम को कस्टमर ने जोमैटो के जरिए साईं पूजा नाम की दुकान से कोल्ड कॉफी और सैंडविच ऑर्डर किया था। आरोप है कि ऑर्डर किए गए खाने में कॉकरोच निकला, जिसके बाद ग्राहक और दुकान संचालक के बीच जमकर बहस हो गई। ग्राहक का कहना है कि खाने के बाद उसके भाई की तबीयत बिगड़ गई और उल्टियां शुरू हो गईं, जिसके चलते उसे एमजी अस्पताल में इलाज कराना पड़ा। ग्राहक ने साफ कहा कि उन्हें पैसे नहीं चाहिए, लेकिन लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दुकानदार बोला- कंपनी से शिकायत करें वहीं, कैफे संचालक तुषार तलरेजा ने अपनी सफाई में कहा कि उनकी ओर से कोई लापरवाही नहीं हुई है और इस मामले में शिकायत जोमैटो कंपनी से की जानी चाहिए। विवाद बढ़ने पर ग्राहक ने पुलिस को बुलाया। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों की बात सुनी। ग्राहक ने मामले में औपचारिक शिकायत करने की बात कही है।









