‘आत्मसमर्पण कर दें वरना बख्शा नहीं जाएगा’: पीएम मोदी की ‘टीएमसी गुंडों’ को ‘आखिरी चेतावनी’ से बंगाल चुनाव गरमा गया है | भारत समाचार

आखरी अपडेट:19 अप्रैल, 2026, 12:06 IST पीएम मोदी ने टीएमसी पर संसद में महिला आरक्षण के लिए संवैधानिक संशोधन का समर्थन न करके देश की महिलाओं को धोखा देने का आरोप लगाया। पीएम मोदी पश्चिम बंगाल के बांकुरा में एक रैली को संबोधित कर रहे हैं. (बीजेपी) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को महिला आरक्षण पर विधेयक के लिए संसद में असफल प्रयास के बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर निशाना साधते हुए पार्टी पर पश्चिम बंगाल की महिलाओं को धोखा देने का आरोप लगाया। उन्होंने टीएमसी के “गुंडों और सिंडिकेट” को आगामी चुनाव के नतीजों से पहले आत्मसमर्पण करने का अल्टीमेटम भी दिया। बांकुरा में एक रैली को संबोधित करते हुए, पीएम मोदी ने कहा कि हजारों लोगों की भीड़ “क्रूर” टीएमसी सरकार के खिलाफ जनता के गुस्से और बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवेश के लिए बढ़ते समर्थन का प्रतीक है। उन्होंने कहा, “जैसा कि आपने संसद में देखा होगा, टीएमसी ने एक बार फिर बंगाल की महिलाओं को धोखा दिया है। यह वही टीएमसी है जो घुसपैठियों के लाभ के लिए बार-बार कानून और नियम तोड़ती है। यह वही पार्टी है जो सक्रिय रूप से धर्म-आधारित आरक्षण को बढ़ावा दे रही है। ऐसा करके, वह संविधान की भावना को कमजोर कर रही है।” पीएम मोदी की आखिरी चेतावनी प्रधान मंत्री ने टीएमसी पर संसद में महिलाओं को 33% आरक्षण से वंचित करने के लिए कांग्रेस के साथ साजिश रचने का आरोप लगाया, और कहा कि पार्टी को आगामी चुनावों में कड़ी सजा दी जानी चाहिए। उन्होंने आगे इस बात पर जोर दिया कि पश्चिम बंगाल में चुनाव एक नया इतिहास रचेंगे और टीएमसी नेताओं द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली भाषा परिणामों से उनके डर का संकेत है। उन्होंने कहा, ”टीएमसी के बड़े नेता – उनकी धमकियां, उनकी गुंडागर्दी वाली भाषा, उनका रोना – यह 4 मई से पहले का एग्जिट पोल है।” उन्होंने कहा, “मैं सभी टीएमसी गुंडों, सिंडिकेट और भ्रष्ट तत्वों को एक आखिरी मौका दे रहा हूं। 29 अप्रैल से पहले अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन में आत्मसमर्पण करें। 4 मई के बाद किसी को भी नहीं बख्शा जाएगा। बिष्णुपुर के माफिया और टीएमसी के सिंडिकेट, ध्यान से सुन लें: इसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” बिष्णुपुर, पश्चिम बंगाल: प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी कहते हैं, “मैं सभी अपराधियों, सभी सिंडिकेट और सभी भ्रष्ट लोगों को अंतिम अवसर देता हूं। 29 अप्रैल से पहले अपने संबंधित पुलिस स्टेशनों में आत्मसमर्पण करें… क्योंकि 4 मई के बाद कोई भी ऐसा नहीं कर पाएगा… pic.twitter.com/zcM0rd4zbs– आईएएनएस (@ians_india) 19 अप्रैल 2026 ‘टीएमसी आदिवासी नेताओं से नफरत करती है’ प्रधान मंत्री मोदी ने आरोप लगाया कि टीएमसी सरकार में भ्रष्टाचार के कारण पश्चिम बंगाल में महिलाओं को भाजपा शासित राज्यों में मिलने वाले लाभ नहीं मिल पा रहे हैं, और वादा किया कि पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार मुफ्त राशन, घर बनाने के लिए वित्तीय सहायता और चिकित्सा उपचार प्रदान करेगी। उन्होंने कहा, “टीएमसी आदिवासी बहनों और बेटियों से नफरत करती है। बीजेपी ने देश को पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति दी क्योंकि हम आदिवासी समुदाय को सशक्त बनाना चाहते हैं, लेकिन टीएमसी ने आदिवासी समुदाय का अपमान किया है।” “वे नहीं चाहते थे कि भारत का राष्ट्रपति आदिवासी समुदाय से हो। आज पूरी दुनिया राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का सम्मान करती है, लेकिन आदिवासी विरोधी टीएमसी उनका अपमान करती है।” चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : बांकुरा, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 19 अप्रैल, 2026, 11:43 IST न्यूज़ इंडिया ‘आत्मसमर्पण कर दें अन्यथा आपको बख्शा नहीं जाएगा’: पीएम मोदी की ‘टीएमसी गुंडों’ को ‘आखिरी चेतावनी’ से बंगाल में चुनावी माहौल गरमा गया है। अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल चुनाव(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव प्रचार(टी)पीएम मोदी की रैली(टी)पीएम मोदी बांकुरा रैली(टी)पीएम मोदी ने टीएमसी पर हमला किया(टी)टीएमसी बनाम बीजेपी(टी)महिला आरक्षण बिल(टी)पीएम मोदी की टीएमसी को चेतावनी
सिर्फ स्वाद ही नहीं, कई बीमारियों की छुट्टी करेगा अजवाइन! जानिए सेवन का सही तरीका!

Last Updated:April 19, 2026, 12:06 IST भारतीय रसोई में पाया जाने वाला साधारण-सा दिखने वाला अजवाइन केवल खाने का स्वाद बढ़ाने का ही काम नहीं करता, बल्कि असल में यह हमारे स्वास्थ्य के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. अगर इसे सही तरीके से अपने रोज़ाना के आहार में शामिल किया जाए, तो यह पेट से जुड़ी कई तरह की समस्याओं को दूर करने में मदद कर सकता है. Ajwain : अजवाइन भारतीय रसोई का एक ज़रूरी हिस्सा है. चाहे पराठा हो या पूरी, अजवाइन लगभग हर व्यंजन में उसका स्वाद बढ़ाने के लिए डाली जाती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह मसाला सिर्फ़ स्वाद के लिए ही नहीं, बल्कि आपकी सेहत के लिए भी बेहद फ़ायदेमंद है? इसके अंदर मौजूद औषधीय गुण पेट दर्द, गैस, सर्दी, खांसी और कब्ज़ जैसी बीमारियों को दूर करने में बहुत असरदार होते हैं. तो आइए, अजवाइन के इन जादुई फ़ायदों के बारे में जानते हैं. अजवाइन में थाइमोल नाम का तत्व होता है, जो पेट में गैस्ट्रिक जूस बनाने में मदद करता है. इससे पेट दर्द, गैस, अपच और क्रैम्प जैसी समस्याओं से राहत मिलती है. यह पाचन तंत्र को शांत करता है और पेट की मांसपेशियों को आराम देता है. अजवाइन का सेवन ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने में मदद कर सकता है. इसमें मौजूद थाइमोल जैसे तत्व ब्लड वेसल्स को रिलैक्स करते हैं, इससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और दिल की सेहत भी अच्छी रहती है. Add News18 as Preferred Source on Google अजवाइन शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) और ट्राइग्लिसराइड्स का स्तर कम करने में मदद करता है, साथ ही अच्छे कोलेस्ट्रॉल (HDL) को भी बढ़ाता है. इससे रक्त वाहिकाओं में रुकावट का खतरा कम होता है और दिल की सेहत बेहतर होती है. अजवाइन खांसी और जुकाम में बहुत फायदेमंद है. यह बलगम निकालने में मदद करती है. अजवाइन की चाय पीने से गले में दर्द, खांसी और बंद नाक में आराम मिलता है. अजवाइन में ऐसे तत्व होते हैं जो सूजन कम करने में मदद करते हैं, जिससे जोड़ों के दर्द और गठिया जैसी समस्याओं में आराम मिलता है. यह शरीर की मूवमेंट को भी बेहतर बनाता है. आप अजवाइन को कई तरीकों से अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं. आप बीजों को रातभर भिगो सकते हैं और सुबह उसका पानी पी सकते हैं. आप अजवाइन पाउडर को गुनगुने पानी या शहद के साथ मिलाकर ले सकते हैं. इसके अलावा, आप बीजों को 5 मिनट तक उबालकर चाय बना सकते हैं, या इसे पूरी या पराठे में डालकर रोज के खाने में शामिल कर सकते हैं. अजवाइन का ज्यादा सेवन नुकसानदायक हो सकता है. इससे एसिडिटी, हार्टबर्न और अल्सर जैसी दिक्कतें हो सकती हैं. बहुत ज्यादा खाने से चक्कर या उल्टी जैसा भी महसूस हो सकता है. प्रेग्नेंट महिलाओं को इसे सीमित मात्रा में ही लेना चाहिए. अगर आपको कोई हेल्थ प्रॉब्लम है, तो अजवाइन को डाइट में शामिल करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें. (नोट: इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं पर आधारित है. News18 इसकी पुष्टि नहीं करता. कोई भी कदम उठाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें.) First Published : April 19, 2026, 12:06 IST
दमोह में किन्नरों के दो गुटों में विवाद, मारपीट का:एक पक्ष ने गुरु की हत्या की धमकी देने का आरोप

दमोह में किन्नर समुदाय के दो गुटों के बीच विवाद सामने आया है। शनिवार रात एक पक्ष की खुशी किन्नर ने कोतवाली पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि करीब छह किन्नरों ने उनके साथ मारपीट की और उनके गुरु की हत्या की धमकी दी है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। बिलवारी मोहल्ला निवासी खुशी किन्नर ने बताया कि वह दमोह शहर में शादी-विवाह और अन्य शुभ अवसरों पर मांगकर अपना जीवन यापन करती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि किन्नर गुड़िया नायक उनसे प्रतिदिन एक लाख रुपये की मांग करती है। खुशी किन्नर के अनुसार, शनिवार रात आशा, जोया, शब्बो और मीना किन्नर सहित गुड़िया नायक उनके घर में घुस आए। उन्होंने खुशी के साथ मारपीट की, उनके बाल काट दिए और पेट में चाकू मारने का प्रयास भी किया। विवाद के बाद सभी आरोपी किन्नर मौके से फरार हो गए। घायल खुशी किन्नर ने अपने हटा स्थित गुरु पिंकी नायक को घटना की जानकारी दी। इसके बाद वे कोतवाली पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। खुशी किन्नर ने बताया कि गुड़िया नायक ने धमकी दी है कि वे उनके हटा वाले गुरु पिंकी की हत्या कर देंगे और सांप्रदायिक हिंसा फैलाएंगे। खुशी किन्नर ने पुलिस से मारपीट करने वाले सभी किन्नरों के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की है। खुशी का कहना है कि यदि उसे और उसके गुरु पिंकी नायक को कुछ होता है तो उसके जवाबदार यह सभी किन्नर रहेंगे। हटा से दमोह पहुंचे किन्नर पिंकी नायक ने बताया की खुशी हमारी चेला है। वह दमोह में बहार गुरु के पास रहती है और लोगों के घरों में खुशी के मौके पर जाकर पैसे मांगती है। गुड़िया व अन्य किन्नर इसे बहला फैसला कर अपने साथ ले आए और इसके साथ मारपीट की गई। कई दिनों से मुझे करने की धमकी दी जा रही है। क्योंकि सागर में जो किरण गुरु किन्नर का विवाद चल रहा है मैं उनके पक्ष में हूं और आगे भी उनके साथ रहूंगी। यह बात गुड़िया किन्नर और अन्य लोगों को अच्छी नहीं लग रही। इसलिए वह मेरी हत्या करने की बात कह रहे हैं और मेरे चेले खुशी को इन्होंने बुरी तरह मारा है। इसलिए हम चाहते हैं कि पुलिस इस मामले में सख्त कार्रवाई करे। पुलिस के द्वारा मामले में जांच शुरू कर दी गई है।
दूसरी बार पेरेंट्स बनेंगे दीपिका-रणवीर:कपल ने बेटी दुआ की क्यूट फोटो शेयर कर प्रेग्नेंसी की दी जानकारी

बॉलीवुड एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण ने रविवार को अपनी दूसरी प्रेग्नेंसी की जानकारी दी है। दीपिका और रणवीर सिंह के इंस्टाग्राम हैंडल पर उनकी बेटी दुआ के साथ एक बेहद प्यारी तस्वीर शेयर की गई, जिसमें उनकी बेटी ने एक प्रेग्नेंसी टेस्ट किट पकड़ी हुई है, जो ‘पॉजिटिव’ रिजल्ट दिखा रहा है। तस्वीर में रणवीर सिंह बेटी को गोद में लिए हुए हैं, हालांकि उनका चेहरा दिखाई नहीं दे रहा है। तस्वीर में दुआ का आधा चेहरा नजर आता है। दीपिका और रणवीण की पोस्ट पर कई सेलिब्रिटीज ने रिएक्ट किया। एक्ट्रेस निमरत कौर ने लिखा, “बधाई हो, आप दोनों खुश रहें।” फिल्म धुरंधर में रणवीर के को-स्टार दानिश पंडोर ने कमेंट किया, “मेहर।” नील नितिन मुकेश ने इमोजी शेयर किया। बता दें कि दीपिका और रणवीर सिंह ने 8 सितंबर 2024 को अपनी बेटी दुआ के जन्म की जानकारी दी थी। उस समय उन्होंने लिखा था, “वेलकम बेबी गर्ल। 8-9-2024। दीपिका और रणवीर।” इससे पहले फरवरी 2024 में दीपिका की प्रेग्नेंसी की घोषणा की गई थी। दीपिका और रणवीर ने कई साल तक रिलेशनशिप में रहने के बाद 2018 में इटली में शादी की थी।
दूसरी बार पेरेंट्स बनेंगे दीपिका-रणवीर:कपल ने बेटी दुआ की क्यूट फोटो शेयर कर प्रेग्नेंसी की दी जानकारी

बॉलीवुड एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण ने रविवार को अपनी दूसरी प्रेग्नेंसी अनाउंस की। दीपिका और रणवीर के इंस्टाग्राम हैंडल पर उनकी बेटी दुआ की एक तस्वीर शेयर की गई, जिसमें बेटी ने एक प्रेग्नेंसी टेस्ट किट पकड़ी हुई है, जो पॉजिटिव रिजल्ट दिखा रहा है। तस्वीर में रणवीर बेटी को गोद में लिए हुए हैं, हालांकि उनका चेहरा दिखाई नहीं दे रहा है। तस्वीर में दुआ का आधा चेहरा नजर आता है। दीपिका और रणवीर की पोस्ट पर कई सेलिब्रिटीज ने रिएक्ट किया। एक्ट्रेस निमरत कौर ने लिखा, ‘बधाई हो, आप दोनों खुश रहें।’ फिल्म धुरंधर में रणवीर के को-स्टार दानिश पंडोर ने कमेंट किया, ‘मेहर।’ वहीं, नील नितिन मुकेश ने इमोजी शेयर किया। 2024 में बेटी दुआ का जन्म हुआ था बता दें कि दीपिका और रणवीर ने 8 सितंबर 2024 को अपनी बेटी दुआ के जन्म की जानकारी दी थी। उस समय उन्होंने लिखा था, ‘वेलकम बेबी गर्ल। 8-9-2024। दीपिका और रणवीर।’ इससे पहले फरवरी 2024 में दीपिका की प्रेग्नेंसी की घोषणा की गई थी। दीपिका और रणवीर ने कई साल तक रिलेशनशिप में रहने के बाद 2018 में इटली में शादी की थी। कपल के वर्कफ्रंट की बात करें तो रणवीर हाल ही में फिल्म धुरंधर 2 में नजर आए थे, जो ब्लॉकबस्टर साबित हुई। धुरंधर 2 दुनिया भर में तीसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली भारतीय फिल्म बन गई। फिल्म की दुनिया भर में कमाई 1,748.91 करोड़ रुपए हो गई। इसने 1,742.10 करोड़ रुपए कमाने वाली अल्लू अर्जुन की फिल्म पुष्पा 2 को पीछे छोड़ दिया। अब यह सिर्फ दंगल (₹2070 करोड़) और बाहुबली 2 (₹1,788.06 करोड़) से पीछे है। वहीं, दीपिका शाहरुख खान के साथ फिल्म किंग में नजर आएंगी।
न्यू चंडीगढ़ में PBKS vs LSG:स्टेडियम में फैंस पहुंचना शुरू, बोले- सरपंच साहब सरपंच 70-80 रन बनाएंगे

पंजाब किंग्स और लखनऊ सुपर जायंट्स के बीच मुकाबला न्यू चंडीगढ़ स्थित महाराजा यादवेंद्र सिंह स्टेडियम में शाम 7:30 बजे से खेला जाएगा। इसके लिए फैंस स्टेडियम में पहुंचना शुरू हो गए हैं। इस दौरान फैंस ने कहा कि आज सरपंच साहब सरपंच श्रेयस अय्यर 70-80 रन बनाएंगे। पंजाब की नजरें इस घरेलू मैदान पर हैट्रिक लगाने की हैं, क्योंकि पिछले दोनों मुकाबले पंजाब ने जीते हैं। वहीं लखनऊ अपने पांच मैचों में से सिर्फ दो ही मैच जीत पाई है और पिछले दोनों मैच लगातार हार चुकी है। 15 अप्रैल को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और 12 अप्रैल को गुजरात टाइटंस से हार का सामना कर चुकी है। पंजाब किंग्स अंक तालिका में 9 अंक के साथ सबसे ऊपर चल रही है। उसने अपने पांच मैचों में से चार मैच जीते हैं, जबकि एक मैच ड्रॉ हुआ है। वहीं लखनऊ की टीम आठवें नंबर पर है। उसने पांच में से सिर्फ दो मैच जीते हैं। पंजाब किंग्स का इस सीजन में पावर प्ले में बेहतर प्रदर्शन रहा है। पंजाब ने लखनऊ के मुकाबले पावर प्ले में ज्यादा रन बनाए हैं। पंजाब ने पावर प्ले के ओवरों में चार पारियों में 277 रन बनाए हैं, वहीं लखनऊ ने पांच पारियों में 252 रन बनाए हैं। मैच देखने के लिए पहुंच रहे फैंस के PHOTOS… मैच के पल-पल के अपडेट के लिए ब्लॉग से गुजर जाइए…
खाना खाने के बाद पेट हो जाता है भारी? घर पर बनाएं 5 देसी ड्रिंक्स, फटाफट हो जाएगा डाइजेस्ट

Last Updated:April 19, 2026, 11:32 IST Natural Drinks to Boost Digestion: खाना खाने के बाद पेट भारी लगना एक कॉमन समस्या है, जो गर्मियों में ज्यादा परेशान करती है. डाइटिशियन की मानें तो इस परेशानी से राहत दिलाने में अजवाइन, जीरा, सौंफ, अदरक और पुदीना जैसी चीजों से बनी ड्रिंक्स बेहद असरदार होती हैं. इनसे पाचन सुधरता है और गैस व अपच से राहत मिलती है. जीरा पानी खाने के बाद पेट के भारीपन से राहत दिला सकता है. Drinks That Help You Digest Food: गर्मी के मौसम में खाना खाने के बाद पेट भारी लगना, गैस बनना या सुस्ती आना कॉमन समस्या है. अधिकतर लोगों को इसका सामना करना पड़ता है. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो जल्दी-जल्दी खाना, तला-भुना खाना या खराब पाचन की वजह से ऐसा हो सकता है. ऐसे में हर बार दवाइयों पर निर्भर रहने के बजाय आप कुछ आसान घरेलू उपाय अपना सकते हैं. आपकी रसोई में मौजूद कुछ सामान्य चीजों से आप देसी ड्रिंक बनाकर पाचन को बेहतर बना सकते हैं और पेट की भारीपन की समस्या से राहत पा सकते हैं. इस बारे में अलीगढ़ आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर और आयुर्वेदाचार्य डॉक्टर पीयूष माहेश्वरी से जरूरी टिप्स जान लेते हैं. इन देसी ड्रिंक्स से झटपट पच जाएगा खाना अजवाइन का पानी : आयुर्वेद एक्सपर्ट के अनुसार अजवाइन का पानी आपकी पेट की इस समस्या से छुटकारा दिला सकता है. अजवाइन में ऐसे गुण होते हैं, जो गैस और अपच को कम करते हैं. एक गिलास गुनगुने पानी में आधा चम्मच अजवाइन डालकर उबाल लें और खाने के बाद धीरे-धीरे पिएं. यह पाचन को तेज करता है और पेट हल्का महसूस होता है. जीरा पानी : आपको जानकर हैरानी होगी कि जीरा पानी पेट के भारीपन से तुरंत राहत दिला सकता है. जीरा पाचन एंजाइम्स को सक्रिय करता है और गैस की समस्या को दूर करता है. एक चम्मच जीरा पानी में उबालकर छान लें और हल्का ठंडा करके पिएं. इसे रोज पीने से पेट से जुड़ी समस्याओं में काफी सुधार आता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. सौंफ : आयुर्वेदाचार्य की मानें तो सौंफ को पाचन के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. आप सौंफ को पानी में उबालकर चाय की तरह पी सकते हैं या फिर खाना खाने के बाद सीधे चबा सकते हैं. इससे पेट में ठंडक मिलती है और भारीपन कम होता है. गर्मी के मौसम में सौंफ चबाने से आपको पेट की कई समस्याओं से निजात मिल सकती है. अदरक और नींबू : अगर खाना खाने के बाद आपको अपच, गैस, मतली या भारीपन जैसी समस्या हो रही है, तो अदरक और नींबू का इस्तेमाल करें. अदरक पाचन को सुधारने में मदद करता है और नींबू शरीर को डिटॉक्स करता है. गुनगुने पानी में अदरक का रस और कुछ बूंदें नींबू की मिलाकर पीने से खाना जल्दी पचता है और पेट हल्का महसूस होता है. पुदीना का पानी : गर्मी में पुदीना शरीर को ठंड देने का काम करता है. पुदीना का पानी पेट को ठंडक देता है और गैस या एसिडिटी को कम करता है. पुदीने की पत्तियों को पानी में उबालकर या पीसकर उसका रस मिलाकर पीने से तुरंत राहत मिलती है. इस देसी ड्रिंक से आप बिना दवाइयों के भी अपने पाचन को मजबूत बना सकते हैं. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें First Published : April 19, 2026, 11:30 IST
मोबाइल का स्क्रीन बच्चों को बना रहा वर्चुअल ऑटिज्म का शिकार, नहीं हो पा रहा समाजिक विकास, एक्सपर्ट से जाने बचाव का तरीका

Last Updated:April 19, 2026, 11:19 IST माता-पिता की व्यस्तता और डिजिटल बेबीसिटिंग की आदत ने बच्चों को वर्चुअल ऑटिज्म की ओर धकेल दिया है. विशेषज्ञों की मानें तो यह कोई जन्मजात विकार नहीं, बल्कि ज्यादा स्क्रीन टाइम के चलते पैदा हुई एक गंभीर स्थिति है. इसका असर बच्चों के तंत्रिका तंत्र पर सबसे ज्यादा होता है. देहरादून के वरिष्ठ साहित्यकार उपाध्याय का कहना है कि यह बात गलत है कि बच्चों और युवाओं की रुचि किताबों की तरफ कम हो रही हैं, ऐसा नहीं है बल्कि उनकी रुचि का स्वरूप बदल रहा है. ख़बरें फटाफट देहरादून: एक दौर था जब बच्चों का बचपन रंगीन कॉमिक्स के पन्नों, चंदामामा की कहानियों और चाचा चौधरी के दिमाग की फुर्ती के बीच बीतता था. वे किताबें केवल कागज का टुकड़ा नहीं थीं, बल्कि बच्चों की कल्पनाशीलता को पंख देने का ज़रिया थीं और वहीं से बच्चे में रीडिंग हैबिट पैदा होती थी लेकिन आज, तकनीक के शोर ने उस मासूमियत को खामोश कर दिया है. आज के समय में मोबाइल फोन बच्चों का सबसे करीबी साथी बन गया है. वर्चुअल ऑटिज्म बच्चों के लिए खतरा माता-पिता की व्यस्तता और डिजिटल बेबीसिटिंग की आदत ने बच्चों को वर्चुअल ऑटिज्म की ओर धकेल दिया है. विशेषज्ञों की मानें तो यह कोई जन्मजात विकार नहीं, बल्कि ज्यादा स्क्रीन टाइम के चलते पैदा हुई एक गंभीर स्थिति है. इसका असर बच्चों के तंत्रिका तंत्र पर सबसे ज्यादा होता है. देहरादून के वरिष्ठ साहित्यकार उपाध्याय का कहना है कि यह बात गलत है कि बच्चों और युवाओं की रुचि किताबों की तरफ कम हो रही हैं, ऐसा नहीं है बल्कि उनकी रुचि का स्वरूप बदल रहा है. उन्होंने कहा मेरी पीढ़ी में अगर छुपी हुई किताबों को पढ़ने का दौर था लेकिन अब यह बच्चे गैजेट्स के साथ चीजों को सीखती है. नहीं हो पाता है बच्चों का सामाजिक विकास देहरादून के दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल की मनोवैज्ञानिक डॉ जया नवानी बताती हैं कि आज के समय में पेरेंट्स अपना समय बचाने और बच्चों को व्यस्त करने के लिए उसे फोन देते हैं. ऐसे में उसका स्क्रीन टाइम बढ़ जाता है लेकिन उसका सामाजिक विकास नहीं हो पता है और वह लोगों से ज्यादा बातचीत नहीं करता है. बच्चा जब मानवीय संवेदनाओं की बजाय निर्जीव स्क्रीन से जुड़ जाता है. वह बाहरी दुनिया से कटकर वर्चुअल दुनिया में सिमटा रह जाता है, उसका बौद्धिक विकास नहीं हो पाता है. उन्होंने बताया कि जब आपका बच्चा आई कॉन्टेक्ट न कर सके,आप इसे उसे बुलाएं तो कोई प्रतिक्रिया न दे और अपने काम में लगा रहे तो यह वर्चुअल ऑटिज्म होने की ओर संकेत दे सकता है. इसलिए आप अपने लाडले को इसका शिकार न होने दे. उसके साथ वक्त बताएं, आउटडोर गेम्स में लगाइए जिससे उसका दिमाग ही नहीं शेयर भी फिट रहेगा. About the Author Rajneesh Kumar Yadav मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Dehradun,Uttarakhand First Published : April 19, 2026, 11:19 IST
पश्चिम बंगाल चुनाव: बंगाल में वोटिंग से पहले जुड़े 7 लाख नए वोटर, अब 6.82 करोड़ लोग डालेंगे वोट, चुनाव आयोग ने और क्या बताया?

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले आदिवासी सूची में लगभग 7 लाख नए आदिवासी जोड़े गए हैं। हालांकि इलेक्ट्रॉनिक्स आयोग ने नए जोड़े गए दस्तावेजों की आयु या उनके संबंध में कोई अन्य जानकारी साझा नहीं की है। निर्वाचन आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार (18 अप्रैल 2026) को बताया कि इन नये जिलों में लगभग 3.22 लाख करोड़ पहले चरण में वोटिंग होगी, जबकि शेष लगभग 3.88 लाख दूसरे चरण में अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। चुनाव आयोग ने यह स्पष्ट नहीं किया कि इन नये लाेकसभा में से ऐसे कैसे हैं जो पहली बार मतदान केंद्र और 18 साल पुराना है, और न ही इन लाेकसभा के संबंध में कोई अन्य विवरण दिया गया है. निर्वाचन आयोग ने यह भी नहीं बताया कि किस सूची में शामिल होने के लिए फॉर्म-6 आवेदन प्राप्त किए गए हैं या उनमें से कितने आवेदन स्वस्वीकृत किए गए हैं। . ये भी पढ़ें: बंगाल की रैली में ग़ैरे सीएम योगी ने किया जोरदार हमला, बोले- ‘ममता दीदी सिंहासन खाली करो’ विद्युत आयोग के वरिष्ठ अधिकारी का बयान न्यूज एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक, इलेक्ट्रोकर आयोग के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ”कुल डाटाबेस के जारी किए गए हैं। विस्तृत आंकड़े तैयार किए गए हैं और आवश्यक दस्तावेज बाद में साझा किए जाएंगे।” आयोग ने बताया कि राज्य में कुल अभिलेखों की संख्या अब 6,82,51,008 है, जो न्यायधिकरण के दस्तावेजों के बाद नाम जोड़े जाने पर बढ़ सकते हैं। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की योजना पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव दो चरणों में आयोजित किया जा रहा है, जो पहले के पैकेज से काफी छोटा और तेजी से पूरा होने वाला कार्यक्रम है। पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल 2026 को होगा और इसमें कुल 152 खंडों पर वोट डाले जायेंगे। दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल 2026 को होगा, जिसमें 142 खंडों पर मतदान होगा। पूर्ण चुनाव की प्रक्रिया 4 मई 2026 को होगी और 6 मई 2026 तक पूर्ण चुनाव प्रक्रिया समाप्त हो जायेगी। इस बार पश्चिम बंगाल की कुल 294 विधानसभा सीटों पर चुनाव हो रहा है और सरकार के लिए किसी भी पार्टी या गठबंधन को कम से कम 148 विधानसभा की जरूरत होगी। इस चुनाव की एक खास बात ये है कि ये सिर्फ दो चरण में पूरा होने वाला था, जबकि 2021 में ये चुनाव आठ चरण में हुआ था. ये भी पढ़ें: महिला आरक्षण विधेयक:नाटकीय महिला बिल पर मताधिकार! अर्थशास्त्री का सरकार पर वार, सीट समूह को लेकर सारसाधिक अर्थशास्त्र
न्यूजीलैंड के PM आएंगे गोल्डन टेंपल:जत्थेदार गड़गज से की मुलाकात, भारत आने का निमंत्रण किया स्वीकार; उपहारों का किया आदान-प्रदान

न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने आज ऑकलैंड के ओटाहूहू क्षेत्र में स्थित गुरुद्वारा गुरु नानक सिख संगत साहिब का दौरा किया। इस अवसर पर उन्होंने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज से विशेष मुलाकात की। दोनों ने न्यूजीलैंड में बसे सिख और अन्य समुदायों के बीच आपसी भाईचारे, सहयोग और सामाजिक एकता को मजबूत करने पर विस्तार से चर्चा की। प्रधानमंत्री लक्सन ने सिख समुदाय द्वारा न्यूजीलैंड के विकास में दिए जा रहे योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि सिख समाज ने न केवल आर्थिक और सामाजिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, बल्कि सेवा और मानवता के मूल्यों को भी आगे बढ़ाया है। जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने न्यूजीलैंड सरकार द्वारा सिख समुदाय को दिए जा रहे सम्मान और मान्यता के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया। इस मुलाकात के दौरान जत्थेदार ने प्रधानमंत्री को गोल्डन टेंपल आने का आमंत्रण भी दिया, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया। दोनों के बीच उपहारों का आदान-प्रदान भी हुआ, जिसमें जत्थेदार को एक घड़ी भेंट की गई और प्रधानमंत्री को एक स्मृति मॉडल प्रदान किया गया। सांस्कृतिक और सामाजिक संबंधों को मजबूत करेगा जत्थेदार का दौरा इस अवसर पर टाकानिनी की सांसद रीमा नखले, सेंट्रल सिख एसोसिएशन के अध्यक्ष दलजीत सिंह, सुप्रीम सिख सोसाइटी ऑफ न्यूजीलैंड के प्रवक्ता, यूथ अकाली दल के अध्यक्ष सरबजीत सिंह झिंजर और मीडिया सलाहकार जसकरण सिंह सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। यह मुलाकात दोनों देशों और समुदायों के बीच सांस्कृतिक और सामाजिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।








