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वर्ल्ड नंबर-1 आर्यना सबालेंका ने कराया फोटोशूट:टेनिस की ‘शेरनी’ का ग्लैमरस अवतार, कहा- खिलाड़ी न होती तो मॉडल बनती

वर्ल्ड नंबर-1 आर्यना सबालेंका ने कराया फोटोशूट:टेनिस की ‘शेरनी’ का ग्लैमरस अवतार, कहा- खिलाड़ी न होती तो मॉडल बनती

टेनिस कोर्ट पर अपनी चीखों और विरोधी को चीरते बेसलाइन शॉट्स के लिए मशहूर वर्ल्ड नंबर-1 आर्यना सबालेंका इन दिनों एक अलग ही अवतार में नजर आ रही हैं। हाल ही में ‘एस्क्वायर’ मैगजीन की कवर स्टार बनीं बेलारूस की सबालेंका ने बेहद ग्लैमरस फोटोशूट कराया है। नीले रंग के विशालकाय फर कोट और हाई हील्स में उनकी तस्वीरें काफी वायरल हो रही हैं। इस दौरान दिए इंटरव्यू में 27 साल की सबालेंका ने खुद को दोहरी शख्सियत वाली इंसान बताया। उन्होंने कहा, ‘कोर्ट पर मैं बहुत आक्रामक और भावुक होती हूं। यह मेरे खेल की जरूरत है, लेकिन कोर्ट से बाहर मैं बिल्कुल अलग इंसान हूं, जो शांत है, जिसे गले मिलना पसंद है और जो शांति की तलाश में है।’ जब उनसे पूछा गया कि अगर वह टेनिस खिलाड़ी नहीं होतीं तो क्या करतीं? इस पर सबालेंका कहा, ‘शायद बॉक्सिंग या फिर मॉडलिंग। शायद प्लस-साइज मॉडल! मैं उसमें बहुत अच्छी होती। मुझे अपनी आक्रामकता निकालने के लिए जीवन के अंत तक कुछ न कुछ ऐसा करना होगा जिसमें बहुत ऊर्जा लगे।’ फाइटिंग स्पिरिट पिता की देन सबालेंका की इस फाइटिंग स्पिरिट के पीछे पिता सर्गेई का हाथ है, जो खुद एक पेशेवर हॉकी खिलाड़ी थे। साल 2019 में मात्र 43 साल की उम्र में मेनिन्जाइटिस के कारण उनका अचानक निधन हो गया था। सबालेंका ने कहा, ‘मेरे पिता ने मुझे सिखाया कि चाहे कुछ भी हो जाए, मजबूत रहना है, सकारात्मक रहना है और जीवन में मस्ती करना नहीं छोड़ना है। जब मैंने उन्हें खोया, तब टेनिस ने ही मुझे बचाया। अगर टेनिस नहीं होता, तो पता नहीं आज मैं कहां होती।’ रोना-भावनाओं को बाहर निकालना जरूरी सबालेंका के अनुसार, दुख से उबरने का सबसे अच्छा तरीका है खुद को काम में झोंक देना, लेकिन साथ ही रोना और अपनी भावनाओं को बाहर निकालना भी जरूरी है। इंटरव्यू में सबालेंका ने 2022 के उस दौर का भी जिक्र किया, जब वे सर्विस करना भूल गई ​थी। उन्होंने इसे एक बुरा सपना बताया। उन्होंने कहा, ‘कल्पना कीजिए, आप जीवन भर एक ही काम कर रहे हैं और अचानक एक दिन आप गेंद को सही से फेंक भी नहीं पा रहे। वह समय इतना कठिन था कि मैं हार मानने वाली थी। लेकिन उस दौर ने मुझे इतना मजबूत बनाया कि अब मुझे भरोसा है कि अगर मेरी सर्विस खराब भी हो जाए, तब भी मैं मैच जीत सकती हूं।’

Agarkars India Cricket Chief Selector Term Extended Till World Cup 2027

Agarkars India Cricket Chief Selector Term Extended Till World Cup 2027

Hindi News Sports Agarkars India Cricket Chief Selector Term Extended Till World Cup 2027 2 मिनट पहले कॉपी लिंक अगरकर के कार्यकाल में टीम इंडिया 2024 और इस साल टी-20 वर्ल्ड कप और पिछले साल की शुरुआत में चैंपियंस ट्रॉफी जीती थी। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने सीनियर चयन समिति के अध्यक्ष के रूप में अजीत अगरकर का कार्यकाल एक साल के लिए और बढ़ा दिया है। अब वे 2027 में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप तक इस पद पर बने रहेंगे। इससे पहले मीडिया रिपोर्ट में यह दावा किया गया था कि अजीत ने BCCI से अपने क्रॉन्ट्रैक्ट को 2027 वनडे वर्ल्ड कप बढ़ाने की मांग की थी। हालांकि एनआई को BCCI के एक वरिष्ठ सूत्र ने बताया कि अजीत का कार्यकाल रिन्यू किया गया है, एक्सटेंड (नहीं। वे अपनी परफॉर्मेंस के आधार पर चौथे साल के लिए पद पर बने रहेंगे। BCCI के नियमों के मुताबिक, एक चयनकर्ता जूनियर या सीनियर चयन समिति में अधिकतम चार साल तक रह सकता है। अगरकर का मौजूदा कार्यकाल पहले ही बढ़ाया जा चुका है। 2025 IPL से पहले BCCI ने उनका कॉन्ट्रैक्ट एक साल के लिए बढ़ाकर जून 2026 तक कर दिया था। पूर्व तेज गेंदबाज अगरकर को जुलाई 2023 में टीम इंडिया की सिलेक्शन कमेटी का चेयरमैन बनाया गया था। अगरकर के कार्यकाल में भारत ने तीन खिताब जीते अजीत अगरकर का पिछला कार्यकाल बेहद सफल रहा। अक्टूबर 2023 से मार्च 2026 के बीच उनके द्वारा चुनी गई भारतीय टीमों ने चार ICC टूर्नामेंट्स के फाइनल में जगह बनाई। इनमें से भारत ने तीन खिताब अपने नाम किए। 2024 और 2026 के टी-20 वर्ल्ड कप तथा 2025 की ICC चैंपियंस ट्रॉफी। इसके अलावा, टीम इंडिया 2023 के वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल में भी पहुंची थी, जहां उसे ऑस्ट्रेलिया के हाथों हार का सामना करना पड़ा। कोहली-रोहित के संन्यास और शमी को बाहर करने जैसे कड़े फैसले पने कार्यकाल के दौरान अगरकर की कमेटी ने कई कड़े और बड़े फैसले लिए। इसमें सबसे प्रमुख विराट कोहली और रोहित शर्मा के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की प्रक्रिया को संभालना और सीनियर तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को धीरे-धीरे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से बाहर करना था। वहीं 2026 टी-20 वर्ल्ड कप टीम से टेस्ट और वनडे कैप्टन शुभमन गिल को ड्रॉप कर ईशान किशन जैसे इन-फॉर्म खिलाड़ी को मौका देने जैसे बड़े फैसले भी लिए। 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए ‘कंटिन्यूटी’ पर फोकस अगला वनडे वर्ल्ड कप 2027 में होना है। BCCCI चाहता है कि टीम की कोर और चयन प्रक्रिया में स्थिरता बनी रहे। अगरकर का कार्यकाल बढ़ने का मतलब है कि वे अगले वर्ल्ड कप के लिए टीम तैयार करने के मिशन पर काम जारी रखेंगे। बोर्ड का मानना है कि इस समय चयन समिति के नेतृत्व में बदलाव करना टीम की लय को बिगाड़ सकता है। 349 इंटरनेशनल विकेट ले चुके हैं अगरकर करियर में 349 इंटरनेशनल विकेट ले चुके हैं। उन्होंने टेस्ट में 58, वनडे में 288 और टी-20 इंटरनेशनल में 3 विकेट लिए हैं। देखें उनके 3 रिकॉर्ड्स… टी-20 वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रहे : अजित अगरकर 2007 में टी-20 वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम इंडिया का हिस्सा रहे। उन्होंने टूर्नामेंट के 2 मैचों में 15 रन बनाने के साथ एक विकेट भी लिया था। साउथ अफ्रीका में हुए टूर्नामेंट के फाइनल में भारत ने पाकिस्तान को हराकर खिताब जीता था। वनडे में सबसे तेज अर्धशतक लगाने वाले भारतीय : अजित अगरकर वनडे में सबसे तेज हाफ सेंचुरी जमाने वाले भारतीय बैटर हैं। उन्होंने साल 2000 में जिम्बाब्वे के खिलाफ 21 बॉल पर अर्धशतक जमाया था। सबसे तेज 50 विकेट लिए : अगरकर ने भारत के लिए वनडे में सबसे तेज 50 विकेट पूरे किए हैं। उन्होंने 23 मुकाबलों में यह कारनामा किया था।————————————————-स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… IPL में डबल हेडर का पहला मुकाबला कोलकाता Vs राजस्थान:5 मैच हार चुकी KKR को पहली जीत की तलाश, RR की वापसी की कोशिश IPL 2026 में रविवार को डबल हेडर का पहला मुकाबला कोलकाता के ईडन गार्डन्स में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) और राजस्थान रॉयल्स (RR) के बीच दोपहर 3:30 बजे से खेला जाएगा। दोनों टीमों की टूर्नामेंट में स्थिति बिल्कुल अलग है। पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Agarkars India Cricket Chief Selector Term Extended Till World Cup 2027

Agarkars India Cricket Chief Selector Term Extended Till World Cup 2027

Hindi News Sports Agarkars India Cricket Chief Selector Term Extended Till World Cup 2027 मुंबई33 मिनट पहले कॉपी लिंक अगरकर के कार्यकाल में टीम इंडिया 2024 और इस साल टी-20 वर्ल्ड कप और पिछले साल की शुरुआत में चैंपियंस ट्रॉफी जीती थी। BCCI ने चीफ सिलेक्टर अजित अगरकर का कार्यकाल एक साल बढ़ा दिया है। अब वे 2027 में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप तक इस पद पर बने रहेंगे। BCCI के एक वरिष्ठ अधिकारी ने न्यूज एजेंसी ANI को बताया कि अगरकर का कार्यकाल रिन्यू किया गया है, एक्सटेंड नहीं। वे अपनी परफॉर्मेंस के आधार पर चौथे साल के लिए पद पर बने रहेंगे। BCCI के नियमों के मुताबिक, सिलेक्टर अधिकतम चार साल तक पद पर रह सकता है। इससे पहले मीडिया रिपोर्ट में यह दावा किया गया था कि अगरकर ने खुद BCCI से अपना कार्यकाल 2027 वनडे वर्ल्ड कप बढ़ाने की मांग की थी। बोर्ड ने 2023 में दो साल के लिए अगरकर को चीफ सिलेक्टर बनाया था। 2025 में उन्हें पहले ही एक साल का एक्सटेंशन मिल चुका था। अब उनका कार्यकाल 2027 तक के लिए रिन्यू किया जा रहा है। इस तरह अगरकर कुल चार साल चीफ सिलेक्टर रहेंगे। कार्यकाल में भारत के नाम दो टी-20 वर्ल्ड कप और एक चैंपियंस ट्रॉफी अजित अगरकर का अब तक का कार्यकाल बेहद सफल रहा। अक्टूबर 2023 से मार्च 2026 के बीच उनके द्वारा चुनी गई भारतीय टीमों ने चार ICC टूर्नामेंट्स के फाइनल में जगह बनाई। इनमें से भारत ने तीन खिताब अपने नाम किए। 2024 और 2026 में दो टी-20 वर्ल्ड कप और 2025 में ICC चैंपियंस ट्रॉफी। इसके अलावा, टीम इंडिया 2023 के वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल में भी पहुंची थी, जहां उसे ऑस्ट्रेलिया के हाथों हार का सामना करना पड़ा। कोहली-रोहित के संन्यास और शमी को बाहर करने जैसे कड़े फैसले अगरकर की अगुवाई वाली कमेटी ने कई कड़े और बड़े फैसले लिए। इसमें सबसे प्रमुख विराट कोहली और रोहित शर्मा के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की प्रक्रिया को संभालना और सीनियर तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को धीरे-धीरे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से बाहर करना था। वहीं 2026 टी-20 वर्ल्ड कप टीम से टेस्ट और वनडे कैप्टन शुभमन गिल को ड्रॉप करके ईशान किशन जैसे इन-फॉर्म खिलाड़ी को मौका देने जैसे बड़े फैसले भी लिए। 2027 वनडे वर्ल्ड कप के लिए कंटिन्यूटी पर फोकस अगला वनडे वर्ल्ड कप 2027 में होना है। BCCCI चाहता है कि टीम की कोर और चयन प्रक्रिया में स्थिरता बनी रहे। अगरकर का कार्यकाल बढ़ने का मतलब है कि वे अगले वर्ल्ड कप के लिए टीम तैयार करने के मिशन पर काम जारी रखेंगे। बोर्ड का मानना है कि इस समय चयन समिति के नेतृत्व में बदलाव करना टीम की लय को बिगाड़ सकता है। 349 इंटरनेशनल विकेट ले चुके हैं अगरकर करियर में 349 इंटरनेशनल विकेट ले चुके हैं। उन्होंने टेस्ट में 58, वनडे में 288 और टी-20 इंटरनेशनल में 3 विकेट लिए हैं। देखें उनके 3 रिकॉर्ड्स… टी-20 वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रहे: अजित अगरकर 2007 में टी-20 वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम इंडिया का हिस्सा रहे। उन्होंने टूर्नामेंट के 2 मैचों में 15 रन बनाने के साथ एक विकेट भी लिया था। साउथ अफ्रीका में हुए टूर्नामेंट के फाइनल में भारत ने पाकिस्तान को हराकर खिताब जीता था। वनडे में सबसे तेज अर्धशतक लगाने वाले भारतीय : अजित अगरकर वनडे में सबसे तेज हाफ सेंचुरी जमाने वाले भारतीय बैटर हैं। उन्होंने साल 2000 में जिम्बाब्वे के खिलाफ 21 बॉल पर अर्धशतक जमाया था। सबसे तेज 50 विकेट लिए: अगरकर ने भारत के लिए वनडे में सबसे तेज 50 विकेट पूरे किए हैं। उन्होंने 23 मुकाबलों में यह कारनामा किया था।————————————————-स्पोर्ट्स की यह खबर की पढ़ें…अभिषेक शर्मा ने 15 गेंद पर फिफ्टी लगाई:सैमसन ने छक्का लगाकर खाता खोला, ऋतुराज गायकवाड़ ने डाइविंग कैच पकड़ा; टॉप मोमेंट्स IPL के 27वें मैच में सनराइजर्स हैदराबाद ने चेन्नई सुपर किंग्स को 11 रन से हरा दिया। राजीव गांधी स्टेडियम में अभिषेक शर्मा ने 15 गेंद पर ही फिफ्टी लगा दी। संजू सैमसन ने छक्का लगाकर पारी की शुरुआत की। वहीं ऋतुराज गायकवाड़ ने बेहतरीन डाइविंग कैच पकड़ा। पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Lenskart Employees Can Wear Bindis, Hijabs

Lenskart Employees Can Wear Bindis, Hijabs

नई दिल्ली8 मिनट पहले कॉपी लिंक आईवियर रिटेलर कंपनी लेंसकार्ट ने सोशल मीडिया पर भारी विरोध के बाद पब्लिकली माफी मांगी है। इसके अलावा कंपनी ने अब एक नई और पारदर्शी ‘इन-स्टोर स्टाइल गाइड’ जारी की है, जिसमें कर्मचारियों को कार्यस्थल पर अपने धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतीकों को पहनने की पूरी अनुमति दी गई है। लेंसकार्ट की नई पॉलिसी में अब बिंदी, तिलक, सिंदूर, कलावा, मंगलसूत्र, कड़ा, हिजाब और पगड़ी जैसे आस्था के प्रतीकों को शामिल किया गया है। कंपनी ने X पर बयान जारी कर कहा कि वे अपनी गाइडलाइंस को सार्वजनिक और पारदर्शी बना रहे हैं ताकि ग्राहकों और समुदाय की चिंताओं को दूर किया जा सके। विवाद की वजह, वायरल हुआ पुराना डॉक्युमेंट यह पूरा विवाद इस हफ्ते की शुरुआत में तब शुरू हुआ जब लेंसकार्ट की ‘एम्प्लॉई ग्रूमिंग पॉलिसी’ का एक डॉक्युमेंट सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसमें कर्मचारियों को बिंदी और तिलक जैसे धार्मिक प्रतीकों को पहनने से रोका गया था। इसके बाद इंटरनेट पर कंपनी के बहिष्कार की मांग उठने लगी थी। फाउंडर पीयूष बंसल ने दी सफाई विवाद बढ़ता देख कंपनी के फाउंडर पीयूष बंसल ने दखल देते हुए स्पष्ट किया कि वायरल हुआ डॉक्युमेंट एक ‘पुराना वर्जन’ था और यह कंपनी के वर्तमान रुख को नहीं दर्शाता। बंसल ने कहा कि हमारी पॉलिसी में धार्मिक अभिव्यक्ति के किसी भी रूप पर कोई पाबंदी नहीं है। उन्होंने इस भ्रम की स्थिति के लिए माफी भी मांगी है। लेंसकार्ट बोला- हम भारतीयों के लिए बने हैं कंपनी ने अपने नए बयान में अपनी जड़ों का हवाला देते हुए कहा कि लेंसकार्ट भारत में, भारतीयों द्वारा और भारतीयों के लिए बना है। कंपनी के 2,400 से ज्यादा स्टोर्स ऐसे लोगों द्वारा चलाए जाते हैं जो अपनी परंपराओं को साथ लेकर आते हैं। कंपनी ने वादा किया है कि भविष्य की हर ट्रेनिंग और पॉलिसी में समावेशी मूल्यों का ध्यान रखा जाएगा। क्या होता है ‘ग्रूमिंग पॉलिसी’? कॉर्पोरेट जगत में कंपनियां अपने कर्मचारियों के ड्रेस कोड और व्यवहार के लिए कुछ नियम बनाती हैं, जिसे ग्रूमिंग पॉलिसी कहा जाता है। इसका उद्देश्य ब्रैंड की एक समान पहचान बनाना होता है, लेकिन भारत जैसे विविधता वाले देश में इसमें धार्मिक भावनाओं का सम्मान करना अनिवार्य माना जाता है। ये खबर भी पढ़ें… लेंसकार्ट के ड्रेस कोड पर विवाद: बिंदी-तिलक पर रोक और हिजाब को मंजूरी देने वाला लेटर वायरल, CEO पीयूष बंसल बोले- यह पुरानी गाइडलाइन लेंसकार्ट अपने ड्रेस कोड को लेकर विवादों में घिर गई है। सोशल मीडिया पर कंपनी का एक कथित पॉलिसी डॉक्यूमेंट वायरल हुआ है। इसमें कर्मचारियों को बिंदी, तिलक और कलावा पहनने से मना किया गया है, जबकि हिजाब और पगड़ी को शर्तों के साथ मंजूरी दी गई है। विवाद तब बढ़ा जब एक्टिविस्ट शेफाली वैद्य ने X पर इसका स्क्रीनशॉट शेयर किया। उन्होंने कंपनी के फाउंडर से पूछा- पीयूष बंसल, क्या आप स्पष्ट कर सकते हैं कि लेंसकार्ट में हिजाब ठीक है लेकिन बिंदी और कलावा क्यों नहीं? इसके बाद लोगों ने लेंसकार्ट को ट्रोल किया और कंपनी की नीति पर सवाल उठाए। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

गर्मी की छुट्टियां मनाने जा रहे हैं बाहर, बैग में तुरंत रख लें 5 चीजें, तबीयत बिगड़ने का नहीं रहेगा खतरा

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Last Updated:April 19, 2026, 14:18 IST Summer Travel Essentials: गर्मी की छुट्टियों में अधिकतर लोग घूमने जाते हैं, लेकिन सफर के वक्त तबीयत बिगड़ना कॉमन है. गंगाराम हॉस्पिटल की डॉक्टर सोनिया रावत के अनुसार गर्मियों में ट्रैवल करते समय ORS, दवाइयां, सनस्क्रीन, पानी और सैनिटाइजर जैसी जरूरी चीजें अपने साथ रखें. इससे आप अपनी यात्री को सेफ और आरामदायक बना सकते हैं. गर्मी में बाहर जाते वक्त अपने बैग में ORS, पैरासिटामोल, पानी की बोतल जैसी चीजें जरूर रखें. Doctor Tips To Avoid Health Issues: गर्मी की छुट्टियों में अधिकतर लोग घूमने का प्लान बनाते हैं. इसके लिए लोग अच्छे तरीके से पैकिंग करते हैं और ट्रैवलिंग के दौरान फुल एंजॉयमेंट का प्लान बनाते हैं. इस दौरान लोग अक्सर कपड़े, टिकट और होटल की तैयारी तो कर लेते हैं, लेकिन हेल्थ से जुड़ी जरूरी चीजें पैक करना भूल जाते हैं. तेज धूप, डिहाइड्रेशन और मौसम में बदलाव की वजह से तबीयत बिगड़ने का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में अगर आप कुछ जरूरी चीजें अपने बैग में पहले से रख लें, तो सफर के दौरान होने वाली छोटी-मोटी परेशानियों से आसानी से बच सकते हैं. नई दिल्ली के सर गंगाराम हॉस्पिटल के प्रिवेंटिव हेल्थ एंड वेलनेस डिपार्टमेंट की डायरेक्टर डॉ. सोनिया रावत ने News18 को बताया घर से निकलते वक्त आप अपने बैग में ओआरएस का पैकेट जरूर रख लें. गर्मी में शरीर से पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स तेजी से निकलते हैं, जिससे कमजोरी और चक्कर आने की समस्या हो सकती है. ORS का घोल शरीर में पानी और जरूरी मिनरल्स की कमी को तुरंत पूरा करता है, इसलिए ट्रैवलिंग के दौरान इसे हमेशा साथ रखें. इसके अलावा पैरासिटामोल टेबलेट्स भी बैग में जरूर रख लें. मौसम बदलने या थकान की वजह से सिरदर्द या हल्का बुखार आ सकता है. ऐसे में पैरासिटामोल एक बेसिक और सुरक्षित दवा मानी जाती है, जो तुरंत राहत देने में मदद करती है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. डॉक्टर ने बताया कि तेज धूप में बाहर घूमते समय स्किन को नुकसान से बचाने के लिए सनस्क्रीन बेहद जरूरी है. यह सनबर्न, टैनिंग और स्किन डैमेज से बचाती है. खासकर अगर आप लंबे समय तक धूप में रहने वाले हैं, तो सनस्क्रीन ले जाना बिल्कुल न भूलें. इसके अलावा घर से निकलते वक्त बैग में पानी की बोतल जरूर रखें. सफर के दौरान शरीर को हाइड्रेट रखना बहुत जरूरी है. हमेशा अपने साथ साफ पानी की बोतल रखें और समय-समय पर पानी पीते रहें, ताकि डिहाइड्रेशन से बचा जा सके. अगर संभव हो, तो पानी की 2-3 बोतलें साथ रखें. इससे आपको बाहर से पानी खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी. एक्सपर्ट के मुताबिक ट्रैवल करते वक्त हैंड सैनिटाइजर भी अपने साथ जरूर रखना चाहिए. यात्रा के दौरान कई जगहों पर साफ-सफाई की कमी हो सकती है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में हाथों को साफ रखने के लिए सैनिटाइजर बहुत काम आता है और आपको बीमारियों से बचाता है. गर्मी की छुट्टियों में सिर्फ मजा ही नहीं, बल्कि अपनी सेहत का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है. अगर आप इन आसान चीजों को अपने बैग में रख लेते हैं, तो सफर के दौरान होने वाली कई स्वास्थ्य समस्याओं से बच सकते हैं और अपनी छुट्टियों का पूरा आनंद उठा सकते हैं. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें First Published : April 19, 2026, 14:18 IST

रथ पर विराजे भगवान परशुराम, देखिए PHOTOS:अशोकनगर में निकली शोभायात्रा; विशेष विमान रहा मुख्य आकर्षण

रथ पर विराजे भगवान परशुराम, देखिए PHOTOS:अशोकनगर में निकली शोभायात्रा; विशेष विमान रहा मुख्य आकर्षण

अशोकनगर शहर में रविवार को भगवान परशुराम जयंती के अवसर पर ब्राह्मण समाज द्वारा भव्य शोभायात्रा निकाली गई। पुराना बाजार स्थित परशुराम धर्मशाला से शुरू हुई यह यात्रा शहर के मुख्य मार्गों से गुजरी, जिसमें विशेष रूप से सजाया गया विमान और रथ पर विराजमान भगवान परशुराम आकर्षण का केंद्र रहे। वर्तमान में शहर के विभिन्न स्थानों पर सभी समाजों द्वारा यात्रा का स्वागत किया गया है और दिनभर पूजा-पाठ का दौर जारी है। ढोल-नगाड़ों पर नाचे श्रद्धालु, झांकियों ने मोहा मन शोभायात्रा पुराना बाजार स्थित परशुराम धर्मशाला से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों और मुख्य चौराहों से गुजरी। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए, जो ढोल-नगाड़ों की धुन पर नाचते-गाते चल रहे थे। यात्रा में भगवान परशुराम की आकर्षक झांकियां सजाई गई थीं। एक रथ पर फरसा धारण किए भगवान परशुराम विराजमान थे। वहीं, उनके छायाचित्र को एक सुसज्जित छोटे वाहन में स्थापित किया गया था। इस दौरान विशेष रूप से सजाया गया एक विमान झांकी का मुख्य आकर्षण रहा। इंदिरा और गांधी पार्क में हुआ स्वागत, सभी समाज हुए शामिल यात्रा के दौरान शहर के इंदिरा पार्क, गांधी पार्क सहित विभिन्न स्थानों पर नागरिकों ने शोभायात्रा का भव्य स्वागत किया। कई जगहों पर श्रद्धालुओं ने फूल बरसाए और भगवान परशुराम की आरती उतारकर पूजन-अर्चन किया। शोभायात्रा से पहले सुबह से ही पूजा-पाठ का क्रम शुरू हो गया था। शोभायात्रा का मुख्य आयोजन ब्राह्मण समाज द्वारा किया गया था। इस आयोजन में ब्राह्मण समाज के साथ-साथ सभी समाजों के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया, जिससे सामाजिक समरसता का संदेश देखने को मिला। देखिए तस्वीरें….

NSE IPO Rules Impact Investors, Unlisted Shares Drop; IPO Expected June 2026

NSE IPO Rules Impact Investors, Unlisted Shares Drop; IPO Expected June 2026

Hindi News Business NSE IPO Rules Impact Investors, Unlisted Shares Drop; IPO Expected June 2026 31 मिनट पहले कॉपी लिंक NSE के आईपीओ की खबरों के बीच इसके अनलिस्टेड शेयर ₹2,075 के हाई से गिरकर ₹1,885 पर आ गए हैं। इसकी वजह SEBI का वह नियम है जिसके तहत केवल वही निवेशक IPO में शेयर बेच सकते हैं जिन्होंने कम से कम एक साल पहले से शेयर होल्ड किए हों। ₹20,000 करोड़ से ज्यादा का IPO, पूरा OFS होगा NSE अपने IPO के जरिए ₹20,000 करोड़ से ज्यादा जुटाना चाहती है। यह पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा यानी NSE खुद कोई नया पैसा नहीं जुटाएगी। सारी रकम मौजूदा शेयरधारकों को मिलेगी जो अपनी हिस्सेदारी बेचना चाहते हैं। NSE करीब 4 से 4.5% इक्विटी इस रास्ते से बेचेगी। ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस जून तक दाखिल होने की उम्मीद है। NSE ने पहली बार 2016 में IPO के लिए DRHP फाइल किया था, लेकिन रेगुलेटरी और लीगल मुद्दों की वजह से वापस लेना पड़ा था। उसके बाद से को-लोकेशन और डार्क फाइबर जैसे मामलों में जांच चल रही थी, जिसने IPO को रोक रखा था। नए निवेशक OFS में शामिल नहीं हो पाएंगे SEBI के मुताबिक OFS में शेयर बेचने के लिए निवेशक को ड्राफ्ट पेपर दाखिल होने से कम से कम एक साल पहले से शेयर होल्ड करने होंगे। यानी जून 2025 से पहले के खरीदार ही हिस्सा ले सकते हैं। जो निवेशक आज अनलिस्टेड मार्केट से शेयर खरीदेंगे, वे IPO में शेयर नहीं बेच पाएंगे। शेयरधारकों को OFS में शामिल होने के लिए 27 अप्रैल तक अपनी सहमति भी देनी होगी। 3 वजहों से गिर रहे अनलिस्टेड शेयर पहली वजह: OFS की पात्रता शर्त ने लास्ट-मिनट निवेशकों को बाहर कर दिया है। पहले लोग देर से शेयर खरीदकर IPO का फायदा उठाते थे, अब यह संभव नहीं। दूसरी वजह: वैल्युएशन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अनलिस्टेड कीमतें पहले ही काफी बढ़ चुकी है। अब जैसे-जैसे IPO स्ट्रक्चर स्पष्ट हो रहा है, बाजार कीमतों को फिर से आंक रहा है। तीसरी वजह: प्राइमरी मार्केट में अब निवेशक केवल हाइप के पीछे नहीं भाग रहे, बल्कि लिस्टिंग के बाद के प्रदर्शन पर ध्यान दे रहे हैं। 1.8 लाख शेयरधारकों ने जटिलता बढ़ाई NSE का शेयर होल्डर बेस एक साल में तेजी से बढ़ा है। 2025 की शुरुआत में जहां 39,000 निवेशक थे, वहीं साल के अंत तक यह बढ़कर 1.8 लाख के पार पहुंच गए। इतने बड़े और बिखरे हुए बेस के कारण OFS की प्रक्रिया जटिल हो गई है। एक्सचेंज ने इस पूरी प्रक्रिया को संभालने के लिए बैंकर्स और कानूनी सलाहकारों की एक बड़ी टीम नियुक्त की है। निवेशकों के लिए क्या है रिस्क? शेयरधारकों के लिए सबसे बड़ी अनिश्चितता कीमत को लेकर है, क्योंकि फाइनल प्राइस बुक-बिल्डिंग प्रोसेस से ही तय होगा। इसके अलावा, यदि ऑफर किए गए शेयर पूरी तरह नहीं बिकते हैं, तो बचे हुए शेयरों पर लिस्टिंग के बाद 6 महीने का लॉक-इन पीरियड लागू हो सकता है। नॉलेज पार्ट: OFS: कंपनी के प्रमोटर या पुराने निवेशक अपनी हिस्सेदारी आम जनता को बेचते हैं। इससे मिलने वाला पैसा कंपनी के पास नहीं बल्कि शेयर बेचने वाले निवेशकों के पास जाता है। अनलिस्टेड मार्केट: यहां उन कंपनियों के शेयरों की खरीद-बिक्री होती है जो NSE या BSE जैसे स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टेड नहीं हैं। इसमें निवेशक कंपनी के IPO आने से पहले ही उसके शेयर खरीद सकते हैं, लेकिन यहां जोखिम और उतार-चढ़ाव ज्यादा होता है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Ayushman Mohapatra CBSE 10th Perfect 100 Score

Ayushman Mohapatra CBSE 10th Perfect 100 Score

8 मिनट पहले कॉपी लिंक CBSE 10वीं की बोर्ड परीक्षा में ओडिशा के आयुष्मान मोहपात्र ने 500/500 नंबर स्कोर किए हैं। उन्होंने टॉप 5 सब्जेक्ट में परफेक्ट 100 स्कोर किया है। CBSE ने 15 अप्रैल को दसवीं बोर्ड का रिजल्ट जारी किया था। आयुष्मान अभी 15 साल के हैं और आदित्य बिड़ला पब्लिक स्कूल से 10वीं बोर्ड किया है। उनका परिवार ओडिशा के पुरी में हरिराजपुर गांव रहता है। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में आयुष्मान बता रहे हैं अपनी तैयारी के बारे में… आयुष्मान रिजल्ट को लेकर अपने पहले रिएक्शन के बारे में बताते कहते हैं, ‘स्कूल बस में था जब रिजल्ट अनाउंस हुए। स्कूल से घर लौट रहा था। दोस्तों ने रोल नंबर पूछा और रिजल्ट देखकर बताया। मुझे यकीन नहीं हुआ। लगा कि दोस्त प्रैंक कर रहे हैं। फिर घर आकर खुद रिजल्ट चेक किया। CBSE तीन पोर्टल्स पर रिजल्ट अपलोड करती है, मैंने तीनों जाकर अपना रिजल्ट चेक किया… मुझे तब जाकर यकीन हुआ… कभी सोचा नहीं था कि मेरा 100% रिजल्ट आएगा। इंग्लिश, साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में तो उम्मीद थी अच्छे नंबर आएंगे, लेकिन मैथमैटिक्स, सोशल साइंस और ओड़िया में भी परफेक्ट 100 आएंगे, ये नहीं सोचा था। बचपन में मां पढ़ाती थी बचपन से कभी ट्यूशन नहीं लिया। बचपन में मां ही पढ़ाती थी। अब भी जब तक पढ़ाई खत्म न कर लूं, मां पास ही बैठती है। मां ने बचपन से मेरी पढ़ाई पर काफी ध्यान दिया। अभी छोटी बहन को भी वो ही पढ़ाती हैं। रोट लर्निंग की बजाय बेसिक कॉन्सेप्ट क्लियर रखे स्कूल में टीचर्स ने मदद की और घर पर सेल्फ स्टडी से ये हो पाया है। रोट लर्निंग या ज्यादा टाइम पढ़ने की बजाय बेसिक कॉन्सेप्ट क्लियर किया। इसके लिए NCERT बुक्स के अलावा R.D. शर्मा की बुक से प्रैक्टिस किया। साथ ही फिजिक्सवाला का ऑनलाइन कोर्स जॉइन किया था, उनकी रेफरेंस बुक्स भी पढ़ी। एक किताब पर निर्भर होने की बजाय सिलेबस फॉलो किया सबसे पहले NCERT का सिलेबस देखें। सिलेबस देखकर घबराएं नहीं। NCERT किताबों का लेटेस्ट एडिशन ही खरीदें। सिर्फ किताबें खत्म करने की बजाय, NCERT के सिलेबस में से कॉन्सेप्ट्स पढ़ें। अगर मैं सिर्फ एक किताब पर निर्भर होता तो कभी 100 नहीं ला पाता। मैथ्स का पेपर हार्ड था, चूंकि मैंने R.D. शर्मा से भी प्रैक्टिस किया था तो मुझे कम समस्या हुई। पढ़ाई की टाइमिंग को लेकर कंसिस्टेंट रहा 9वीं क्लास से ही फिजिक्सवाला का उड़ान NEET बैच का ऑनलाइन कोर्स लेकर पढ़ रहा था। इसमें भी सारे कॉन्सेप्ट क्लियर करने पर ज्यादा फोकस था। पढ़ाई की टाइमिंग को लेकर कंसिस्टेंट रहा। कभी 8 तो कभी 1 घंटे पढ़ने की बजाय रोजाना 2 से ढाई घंटे पढ़ता था। उसमें भी फाउंडेशनल नॉलेज को स्ट्रॉन्ग करने पर फोकस रहा, न कि एग्जाम क्लियर करने के लिए। साइंस में इंट्रेस्ट है, खासकर बायोलॉजी। डॉक्टर बनना चाहता हूं। 8वीं क्लास से ही मैंने NEET एग्जाम के बारे में थोड़ा-थोड़ा जानना शुरू कर दिया था, जैसे कि एग्जाम कैसे होता है, इसके बाद करियर ऑप्शंस क्या है। हालांकि, काफी पहले से तय कर लिया था कि डॉक्टर बनना है। इसलिए मैंने अभी साइंस स्ट्रीम में PCB (फिजिक्स, कैमिस्ट्ररी और बायोलॉजी) लिया है। आगे NEET क्रैक करना है। खुद को सिर्फ पढ़ाई तक लिमिट नहीं किया बचपन से आर्ट सीख रहा हूं, की-बोर्ड म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट बजाना पसंद है। स्कूल के स्पोर्ट्स एक्टिविटीज में भी बेस्ट देता हूं। कोडिंग सीखा है। जो करता हूं उसमें अपना बेस्ट देने की कोशिश करता हूं। खुद को कभी भी सिर्फ पढ़ाई तक लिमिट नहीं किया। परिवार ने एग्जाम से पहले आश्वासन दिया था। पापा ने कहा था, ‘33% भी लाए तो भी दिक्कत नहीं’। मैंने एग्जाम हॉल में खुद को शांत रखा। एग्जाम से पहले अगर कभी स्ट्रेस होता था, तो मम्मी या दादा से बात लेता था। वीक सब्जेक्ट्स पर फोकस किया सोशल साइंस मेरी वीक सब्जेक्ट था, 9वीं में भी इसमें बाकी सब्जेक्ट के मुकाबले कम नंबर आए थे। 9वीं में करीब 96% आए थे। फिजिक्स में भी मेहनत करनी पड़ी थी, क्योंकि कुछ कॉन्सेप्ट क्लियर नहीं थे। एक्सट्रा स्टडी मटेरियल्स के क्वेश्चन पेपर्स सॉल्व किए। पर इसके साथ बाकी सब्जेक्ट्स जो मेरी स्ट्रेंथ थे, उनको छोड़ा नहीं। ऐसा होता है मेरा स्कूल वाला एक आम दिन सुबह 6:40 तक स्कूल के लिए तैयार हो जाता था। स्कूल ले जाने के लिए बस आती थी। दोपहर 2 बजे तक स्कूल चलता था। 2:40 तक घर पहुंचता था। खाना खाने के बाद शाम 5 बजे तक थोड़ा फ्री टाइम एन्जॉय करता, आमतौर पर फोन में FIFA या क्विज गेम्स खेलकर। इसके बाद रात लगभग 8 बजे तक ऑनलाइन कोर्स की क्लासेज होती थी। उसके बाद डिनर और फिर 2 से ढाई घंटे सेल्फ स्टडी का टाइम रहता था। मैक्सिमम 11:30 तक सो जाता था। अब भी यही है। स्टोरी – सोनाली राय —————- ये खबर भी पढ़ें… शेफ विकास खन्ना TIME100 लिस्ट में शामिल:स्‍कूल में बुली हुए, गुरुद्वारों में खाना बनाना सीखा, न्‍यूयार्क में बर्तन धोए; जानें प्रोफाइल सेलिब्रिटी शेफ विकास खन्ना को TIME मैगजीन ने 2026 में दुनिया के 100 इन्फ्लुएंशल लोगों की लिस्ट में शामिल किया है। वे इस लिस्ट में शामिल 3 भारतीय मूल की हस्तियों में शामिल हैं। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

गर्मी में AC का काम करता है ये स्पेशल शरबत! चिलचिलाती धूप में बना देता सुरक्षा कवच, एक्सपर्ट से जानिए फायदे

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सिरफल के शरबत का सेवन पाचन तंत्र, शरीर में पानी की कमी, डायरिया, पेचिश, इम्युनिटी बूस्टर, कोलेस्ट्रॉल, वजन, त्वचा रोग, ब्लड शुगर, दिल, मोटापा, लिवर, कान का दर्द, सिरदर्द, स्कर्वी, अपच, और बवासीर जैसी समस्याओं का समाधान करता है. इसके अलावा, यह शरीर की कई अन्य समस्याओं को भी दूर करता है.

उज्जैन में हर्षा रिछारिया ने लिया संन्यास:अब स्वामी हर्षानंद गिरि के नाम से जानी जाएंगी, पिंडदान के साथ त्यागा पिछला जीवन

उज्जैन में हर्षा रिछारिया ने लिया संन्यास:अब स्वामी हर्षानंद गिरि के नाम से जानी जाएंगी, पिंडदान के साथ त्यागा पिछला जीवन

सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर, कंटेंट क्रिएटर और पूर्व मॉडल हर्षा रिछारिया ने रविवार को अक्षय तृतीया पर संन्यास ले लिया। उन्हें उज्जैन के मौनी तीर्थ आश्रम में पंचायती निरंजनी अखाड़ा के पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी सुमनानंद गिरि महाराज ने संन्यास दीक्षा दी। संन्यास परंपरा के अनुसार, उन्हें शिखा और दंड त्याग की विधि कराई गई। साथ ही तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध कर्म भी कराए गए, जो पूर्व जीवन के त्याग और नए आध्यात्मिक जीवन की शुरुआत का प्रतीक माने जाते हैं। धार्मिक अनुष्ठानों के बाद हर्षा रिछारिया ने संन्यास ग्रहण किया और उन्हें नया नाम स्वामी हर्षानंद गिरि दिया गया। इस अवसर पर आश्रम में संत, श्रद्धालु और अनुयायी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। इस मौके पर स्वामी हर्षानंद गिरि ने कहा कि यह उनके जीवन का नया अध्याय है। उन्होंने गुरुदेव के मार्गदर्शन में संन्यास का मार्ग अपनाया है और संकल्प लिया है कि वे अपना जीवन धर्म, संस्कृति और समाज की सेवा में समर्पित करेंगी और संन्यास की मर्यादा का पालन करेंगी। संन्यास दीक्षा एक गहन और अनुशासित प्रक्रिया महामंडलेश्वर स्वामी सुमनानंद गिरि महाराज ने इस अवसर पर बताया, संन्यास दीक्षा एक गहन और अनुशासित प्रक्रिया है, जिसमें व्यक्ति अपने पूर्व जीवन का त्याग कर आध्यात्मिक पथ पर अग्रसर होता है। मेरा सभी संन्यासियों से यही आग्रह रहता है कि वे संन्यास की गरिमा को कभी कलंकित न होने दें। एक संन्यासी के आचरण का प्रभाव पूरे समाज और संन्यास परंपरा पर पड़ता है, इसलिए विधि-विधान और मर्यादा का पालन अत्यंत आवश्यक है। यह खबर भी पढ़ें… महाकुंभ से चर्चा में आईं हर्षा रिछारिया का ब्राइडल लुक महाकुंभ से चर्चा में आईं हर्षा रिछारिया एक बार फिर ग्लैमर की दुनिया में लौटती नजर आ रही हैं। वह लगातार इंस्टाग्राम पर अपने नए-नए लुक्स शेयर कर रही हैं। पढ़ें पूरी खबर…