सागर चौपाटी पर 8-10 नकाबपोश बदमाशों का उत्पात:दुकानों और गाड़ियों में की तोड़फोड़, मची भगदड़; CCTV फुटेज के आधार पर तलाश जारी

सागर में कटरा और मोतीनगर के बाद अब सिविल लाइन चौराहे के पास स्थित चौपाटी पर शनिवार रात 8-10 नकाबपोश बदमाशों ने जमकर उत्पात मचाया। मुंह पर कपड़ा बांधकर आए इन बदमाशों ने बिना किसी बात के दुकानों के काउंटर तोड़े और पार्किंग में खड़े वाहनों को लात मारकर गिरा दिया, जिससे मौके पर भगदड़ मच गई। घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आ गया है और सिविल लाइन पुलिस फुटेज के आधार पर फरार आरोपियों की सरगर्मी से तलाश कर रही है। गाड़ियों से पहुंचे थे बदमाश, अचानक मचाने लगे उत्पात जानकारी के अनुसार, शनिवार रात सिविल लाइन चौराहे के पास बनी चौपाटी पर दुकानें खुली हुई थीं। तभी अचानक गाड़ियों से 8-10 बदमाश वहां पहुंचे। इन सभी ने मुंह पर कपड़ा बांध रखा था। इन्होंने बगैर किसी कारण और बातचीत के चौपाटी पर उत्पात मचाना शुरू कर दिया। फुटपाथ पर खड़ी बाइकों को लात मारकर गिराने लगे और दुकानों के काउंटर में तोड़फोड़ की। यह उत्पात देखकर मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी और भगदड़ की स्थिति बन गई और लोग जान बचाकर भागने लगे। पुलिस के पहुंचने से पहले फरार हुए आरोपी, दुकानदार दहशत में घटना की सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना प्रभारी आनंद सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक सभी बदमाश फरार हो चुके थे। पुलिस ने मामले की जांच करते हुए मौके पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। कैमरों में पूरा घटनाक्रम कैद हुआ है। फुटेज में कुछ युवक दुकानों में तोड़फोड़ करते नजर आ रहे हैं। इस घटना के बाद से स्थानीय दुकानदार दहशत में हैं। थाना प्रभारी आनंद सिंह ने बताया कि उत्पात मचाकर भागे बदमाशों की सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पहचान कर उनकी तलाश की जा रही है।
सलमान के सामने डांस करने से घबराए वरुण:फिल्म 'है जवानी तो इश्क होना है; के सेट पर पहुंचे सलमान; वरुण ने शेयर किया वीडियो

वरुण धवन ने अपनी अपकमिंग फिल्म ‘है जवानी तो इश्क होना है’ के सेट से एक वीडियो शेयर किया, जिसमें सुपरस्टार सलमान खान अचानक पहुंचे नजर आए। रविवार को वरुण धवन ने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम हैंडल पर फिल्म ‘है जवानी तो इश्क होना है’ के पहले गाने ‘ब्याह करवा दो जी’ का बिहाइंड द सीन्स (BTS) वीडियो शेयर किया। इस वीडियो में सलमान खान के साथ डेविड धवन और मनीष पॉल भी नजर आए। वीडियो के साथ कैप्शन में वरुण ने लिखा, ‘भारत के सबसे बड़े कुंवारे के बगल में डांस करने में हमेशा नर्वसनेस होती है।’ गौरतलब है कि धवन सबसे बड़े कुंवारे से इशारा सलमान खान की ओर था। सलमान खान और डेविड धवन ने काफी समय से प्रोफेशनल रिलेशन है। सलमान ने डेविड के डायरेक्शन वाली ‘जुड़वा’ और ‘मुझसे शादी करोगी’ जैसी फिल्मों में काम किया है। इसी वजह से सलमान और वरुण धवन के बीच भी अच्छी बॉन्डिंग देखी जाती है। वीडियो सामने आने के बाद यह कयास भी लगाए जा रहे हैं कि सलमान खान फिल्म ‘है जवानी तो इश्क होना है’ में कैमियो कर सकते हैं। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बता दें कि सलमान खान पहले भी वरुण धवन की फिल्मों ‘जुड़वा 2’ और ‘बेबी जॉन’ में कैमियो कर चुके हैं। वरुण धवन की यह अपकमिंग फिल्म 22 मई को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।
सलमान के सामने डांस करने से घबराए वरुण:फिल्म 'है जवानी तो इश्क होना है' के सेट पर पहुंचे सलमान; वरुण ने शेयर किया वीडियो

वरुण धवन ने अपनी अपकमिंग फिल्म ‘है जवानी तो इश्क होना है’ के सेट का एक वीडियो शेयर किया, जिसमें सुपरस्टार सलमान खान नजर आए। रविवार को वरुण ने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम हैंडल पर फिल्म ‘है जवानी तो इश्क होना है’ के पहले गाने ‘ब्याह करवा दो जी’ का बिहाइंड द सीन्स (BTS) वीडियो शेयर किया। इस वीडियो में सलमान के साथ डेविड धवन और मनीष पॉल भी नजर आए। वीडियो के साथ कैप्शन में वरुण ने लिखा, ‘भारत के सबसे बड़े कुंवारे के बगल में डांस करने में हमेशा नर्वसनेस होती है।’ गौरतलब है कि वरूण का सबसे बड़े कुंवारे से इशारा सलमान खान की ओर था। सलमान खान और डेविड धवन के बीच काफी समय से प्रोफेशनल रिलेशन है। सलमान ने डेविड के डायरेक्शन वाली ‘जुड़वा’ और ‘मुझसे शादी करोगी’ जैसी फिल्मों में काम किया है। इसी वजह से सलमान और वरुण धवन के बीच भी अच्छी बॉन्डिंग देखी जाती है। वीडियो सामने आने के बाद यह कयास भी लगाए जा रहे हैं कि सलमान फिल्म ‘है जवानी तो इश्क होना है’ में कैमियो कर सकते हैं। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बता दें कि सलमान पहले भी वरुण धवन की फिल्मों ‘जुड़वा 2’ और ‘बेबी जॉन’ में कैमियो कर चुके हैं। वरुण की यह अपकमिंग फिल्म 22 मई को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।
Cooler Cooling युक्तियाँ: तेज़ गर्मी में भी काम के रूप में काम करता है, ये आसान ट्रिक्स मिनटों में कर दें ठंडा

19 अप्रैल 2026 को 14:56 IST पर अपडेट किया गया कूलर कूलिंग युक्तियाँ: यदि आपका घनत्व भी गर्मियों में तेज गर्म लपेटे हुए लगता है, तो अब चिंता की कोई बात नहीं है। क्योंकि कुछ आसान टिप्स हैं जिनका उपयोग करके ग्लूकोज़ से मिनटों में ठंडी हवा मिलना शुरू हो जाता है। (टैग्सटूट्रांसलेट)एयर कूलर कूलिंग टिप्स(टी)कूलर गर्म हवा का समाधान देता है(टी)कूलर को ठंडी हवा कैसे बनाएं(टी)ग्रीष्मकालीन कूलिंग हैक्स(टी)कूलर रखरखाव टिप्स(टी)आर्द्रता कम करें कूलर टिप्स(टी)घरेलू कूलिंग ट्रिक्स(टी)कूलर दक्षता में सुधार करें
सतर्क रहें, नमी वाली गर्मी नया खतरा:मध्यम तापमान में लू भी संभव, 80 साल से ज्यादा के डेटा का विश्लेषण

भारत में ‘नमी वाली गर्मी’ जलवायु परिवर्तन का सबसे खतरनाक रूप बनती जा रही है। यह तेज तापमान और ज्यादा नमी का ऐसा गठजोड़ है, जिसमें शरीर पसीने के जरिए खुद को ठंडा नहीं कर पाता। जर्नल क्लाइमेट डायनैमिक्स में छपी नई स्टडी के मुताबिक केरल में इसका सबसे ज्यादा खतरा है। भारत में अब तक हीटवेव की पहचान ज्यादातर तापमान की सीमा से होती रही है, लेकिन स्टडी कहती है कि सिर्फ तापमान से असली खतरा नहीं समझ आता। ज्यादा नमी में पसीना जल्दी नहीं सूखता, शरीर का कूलिंग सिस्टम फेल होने लगता है, कोर बॉडी टेम्परेचर बढ़ता है और कुछ मामलों में कुछ देर में हीटस्ट्रोक तक हो सकता है। ऐसे में ज्यादा नमी में मध्यम तापमान भी जानलेवा बन सकता है। यूके की यूनिवर्सिटी ऑफ रीडिंग के अक्षय देओरस के नेतृत्व में हुई रिसर्च में 80 साल से ज्यादा के मौसम डेटा का विश्लेषण किया गया। खतरे की टाइमिंग और जगह तय करने में दक्षिण-पश्चिम मानसून की बड़ी भूमिका है। देओरस के मुताबिक मानसून के पैटर्न को 4 हफ्ते पहले तक अनुमान लगाया जा जा सकता है, इसलिए लोगों को पहले से चेतावनी देकर तैयारी का मौका मिल सकता है। केरल में अब दिन के साथ रातें भी गर्म हो रही हैं केरल में अब दिन गर्म होने के साथ रातें भी गर्म हो रही हैं। इससे शरीर को रिकवरी का समय कम मिलता है। शहरों में गर्मी ज्यादा देर तक फंस रही है और समुद्री हवाएं भी पहले जैसी नहीं रहीं। इससे हीट स्ट्रेस बढ़ रहा है। ऐसे में अगर तापमान हीटवेव की मान्य सीमा से नीचे है, फिर भी लोगों को गंभीर परेशानी हो रही है। तापमान नहीं, ‘वेट-बल्ब’ ज्यादा सही पैमाना कई वैज्ञानिक वेट-बल्ब तापमान को भरोसेमंद मानते हैं। यह गर्मी और नमी दोनों को जोड़कर खतरा बताता है। वेट-बल्ब तापमान 35° सेल्सियस हो जाए, तो छाया में बैठा स्वस्थ इंसान भी 6 घंटे में खतरे में आ सकता है। क्योंकि ऐसे में शरीर खुद को ठंडा करने में पूरी तरह असमर्थ हो जाता है। बारिश में उत्तर भारत में रहता है ज्यादा जोखिम जब मानसून अपने ‘सक्रिय चरण’ में होता है, तो मध्य और उत्तरी भारत में भारी बारिश होती है। इस दौरान हवा में नमी (उमस) बहुत ज्यादा बढ़ जाती है। अध्ययन कहता है कि इस स्थिति में उत्तरी भारत में नमी वाले लू चलने की आशंका सामान्य से 125% तक बढ़ जाती है। अध्ययन के अनुसार, घातक नमी वाली गर्मी के लिए मानसून की आंतरिक हलचल जिम्मेदार है। इससे बारिश रुकने पर भी खतरा बना रहता है। ‘ब्रेक’ मानसून में प्रायद्वीपीय भारत में बढ़ जाता है खतरा जब मानसून ‘ब्रेक फेज’ में जाता है, तो बारिश रुक जाती है और बादल छंट जाते हैं, जिससे सूरज की सीधी गर्मी बढ़ती है। बारिश तो रुक जाती है, लेकिन हवा में मौजूद नमी गायब नहीं होती, वह वहीं टिकी रहती है। यह वह समय होता है जब केरल और दक्षिण भारत के अन्य राज्य सबसे अधिक असुरक्षित हो जाते हैं। इन्हें ज्यादा खतरा – बिना कूलिंग सुविधा वाले परिवार। – बुजुर्ग, जिनके घरों में वेंटिलेशन कम है। – बाहर काम करने वाले मजदूर।
आपके लिवर के लिए 3 चीजें बेहद खतरनाक ! ज्यादा खाएंगे तो बन जाएंगे मरीज, डॉक्टर ने दी चेतावनी

Last Updated:April 19, 2026, 14:48 IST Hidden Enemies of Liver: हर साल 19 अप्रैल को वर्ल्ड लिवर डे मनाया जाता है. यह खास दिन लिवर की बीमारियों के बारे में जागरुकता फैलाने के उद्देश्य से मनाया जाता है. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो ज्यादा शुगर, फास्ट फूड और तला-भुना खाना लिवर के लिए सबसे ज्यादा नुकसानदायक हैं. ये चीजें फैटी लिवर का कारण बन सकती हैं. संतुलित डाइट, रेगुलर एक्सरसाइज, स्वस्थ लाइफस्टाइल और समय पर जांच से लिवर को स्वस्थ रखा जा सकता है. शराब, फास्ट फूड और ज्यादा ऑयल लिवर के लिए खतरनाक होता है. World Liver Day 2026: लिवर से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं. हाल ही में लैंसेट की एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है दुनिया में 130 करोड़ से ज्यादा लोग लिवर की बीमारियों से जूझ रहे हैं. एक्सपर्ट्स ने आशंका जताई है कि साल 2050 तक लिवर डिजीज के मरीजों की संख्या 180 करोड़ तक पहुंच सकती है. लिवर हमारे शरीर का सबसे जरूरी ऑर्गन है और इसमें खराबी आने पर पूरी बॉडी का सिस्टम बिगड़ जाता है. लिवर को सबसे ज्यादा नुकसान खाने-पीने की कुछ चीजों से होता है. ये चीजें लिवर में जाकर नुकसान पहुंचाती है और धीरे-धीरे बीमारियां पैदा कर देती हैं. वर्ल्ड लिवर डे के मौके पर आपको बता रहे हैं कि कौन सी चीजें लिवर के लिए खतरनाक हो सकती हैं. इनका सेवन सावधानी के साथ करना चाहिए. लखनऊ के मेदांता हॉस्पिटल के इमरजेंसी डिपार्टमेंट के हेड डॉ. लोकेंद्र गुप्ता ने News18 को बताया कि शराब को लिवर का सबसे बड़ा दुश्मन माना जा सकता है, लेकिन इसके अलावा भी कई चीजें लिवर को डैमेज कर सकती हैं. ज्यादा शुगर, फास्ट फूड और ऑयल भी लिवर के लिए जहर की तरह काम कर सकता है. गलत खान-पान की आदतें लिवर को धीरे-धीरे कमजोर कर देती हैं. ऐसे में खानपान का ध्यान रखना बहुत जरूरी है. जब हम ज्यादा कैलोरी वाली चीजें जैसे- शुगरी ड्रिंक्स, फास्ट फूड, फ्राइड और ऑयली फूड्स का सेवन करते हैं, तो लिवर में फैट जमा होने लगता है. इससे फैटी लिवर डिजीज पैदा हो जाती है, जो आगे चलकर कई गंभीर समस्याएं पैदा कर सकती है. इस वक्त भारत में फैटी लिवर डिजीज के मरीजों की संख्या करोड़ों में है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. डॉक्टर ने बताया कि आजकल नॉन-एल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिजीज के मरीज भी बेहद तेजी से बढ़ रहे हैं. ज्यादा शुगर और फैटी फूड्स लिवर में फैट जमा करते हैं. इससे लिवर में सूजन हो जाती है और सेल्स को नुकसान पहुंचता है. यह स्थिति बेहद खतरनाक हो सकती है और आखिरी स्टेज में लिवर ट्रांसप्लांट की जरूरत पड़ सकती है. एक अनुमान के मुताबिक देश में 38 प्रतिशत से ज्यादा वयस्क फैटी लिवर से जूझ रहे हैं. अब यह समस्या बच्चों में भी बढ़ रही है. फास्ट फूड की बढ़ती खपत, फल-सब्जियों की कमी और बिना फिजिकल एक्टिविटी वाली लाइफस्टाइल भी इस समस्या को और बढ़ा रही है. एक्सपर्ट के अनुसार सबसे खतरनाक बात है कि लिवर की बीमारी धीरे-धीरे बढ़ती रहती है. शुरुआती स्टेज में इसके कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखते. व्यक्ति सामान्य महसूस करता रहता है, लेकिन अंदर ही अंदर लिवर में फैट जमा हो जाता है. समय के साथ यह फाइब्रोसिस, सिरोसिस और गंभीर जटिलताओं में बदल सकता है. लिवर को हेल्दी रखने के लिए शुगरी ड्रिंक्स जैसे- सोडा, कोल्ड ड्रिंक्स, एनर्जी ड्रिंक्स से दूरी बनाएं. मिठाइयों और ज्यादा चीनी वाले फूड्स से परहेज करें. फास्ट फूड, तला-भुना और ज्यादा तेल वाला खाना अवॉइड करें. रोज ताजा सब्जियां, फल और साबुत अनाज का सेवन बढ़ाएं. नियमित व्यायाम करें और सक्रिय रहें, वजन को कंट्रोल रखें. अगर मोटापा, डायबिटीज या परिवार में लिवर रोग का इतिहास है तो लिवर की जांच कराएं. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें First Published : April 19, 2026, 14:48 IST
चीन में शादी बचाओ अभियान फेल:तलाक के 70% केस महिलाएं कर रहीं; आर्थिक स्वतंत्रता और सामाजिक स्वीकृति में बढ़ोतरी का असर

चीन में तलाक तेजी से बढ़े हैं। खासकर महिलाओं की ओर से तलाक की मांग रिकॉर्ड स्तर पर है। समाजशास्त्री कहते हैं कि तलाक की बढ़ती प्रवृत्ति का एक बड़ा कारण महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता और सामाजिक स्वीकृति में बढ़ोतरी है। शहरों में रहने वाली आधुनिक महिलाएं अब ‘खराब रिश्तों से बाहर निकलने’ के लिए तलाक का विकल्प चुन रही हैं, बजाय समाज के दबाव में जीवन गुजारने के। वहीं सरकार ने तलाक को चुनौतीपूर्ण बनाने के लिए ‘कूलिंग-ऑफ’ नियम लागू किया है, जिसमें तलाक तुरंत मंजूर नहीं होता। इसके बावजूद तलाक के केस बढ़ रहे हैं। आंकड़ों से पता चलता है कि 2025 में सहमति से हुए तलाक की संख्या 5 साल में सबसे ज्यादा थी, जब 27 लाख से ज्यादा तलाक दर्ज हुए। यह 2021 की तुलना में 28% अधिक है। तलाक के करीब 70% केस महिलाएं दायर कर रही हैं। वहीं, 1980 के बाद विवाह दर में ऐतिहासिक गिरावट आई। पिछले 44 साल में सबसे कम शादियां हुई। ‘सिंगल’ रहना नया स्टेटस सिंबल बन रहा है। आर्थिक मंदी और पारिवारिक संरचना में बदलाव ने इस प्रवृत्ति को और तेज किया है। समाज वैज्ञानिकों के अनुसार, यह बदलाव चीनी समाज में ‘पारंपरिक परिवार मॉडल’ के अंत और ‘निजी आजादी’ की ओर एक बड़ा कदम दर्शाता है।’ अब महिलाएं अपनी अलग पहचान और आत्मसम्मान के लिए तलाक को नए सामाजिक अधिकार की तरह देख रही हैं। यह सामाजिक बदलाव और महिलाओं के बढ़ते अधिकारों का संकेत है। अब बराबरी, सम्मान व पसंद-नापसंद को लेकर मुखर चीन की सरकार ने 2021 में नया नियम 30 दिन का ‘कूलिंग-ऑफ पीरियड’ लागू किया। यानी तलाक रजिस्ट्रेशन से पहले 30 दिन की अनिवार्य ‘सोचने की मोहलत’ रखी गई। इससे शुरुआत में तलाक घटे, लेकिन फिर बढ़ गए। महिलाएं रिश्तों में बराबरी, सम्मान और पसंद-नापसंद को लेकर पहले से ज्यादा मुखर हैं। शंघाई में फैमिली लॉ की वकील गुई फांगफांग बताती हैं, ‘पहले महिलाएं तलाक के लिए आम तौर पर बड़े अत्याचारों का हवाला देती थीं। जैसे- घरेलू हिंसा, विवाहेतर संबंध या जुए जैसी गैर-जिम्मेदार आदतें। अब महिलाएं कारण बताती हैं- ‘शादी की क्वालिटी अच्छी नहीं’ या ‘हमारे मूल्य मेल नहीं हो पा रहे हैं।’
सागर में B.Com के छात्र ने लगाई फांसी:रहली में 21 साल के युवक का शव फंदे पर मिला; मोबाइल कॉल डिटेल की जांच होगी

सागर जिले के रहली स्थित वार्ड क्रमांक-6 में रविवार सुबह 21 वर्षीय बीकॉम के छात्र ने अपने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। शनिवार रात वह कमरे में मोबाइल चला रहा था और सुबह मां ने उसे फंदे पर लटके देखा। रहली पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर मामला दर्ज कर लिया है और आत्महत्या के कारणों का पता लगाने के लिए युवक का मोबाइल जब्त कर कॉल डिटेल की जांच कर रही है। मां कमरे में पहुंची तो फंदे पर झूल रहा था बेटा पुलिस के अनुसार, वार्ड क्रमांक-6 (रहली) निवासी यशवंत बेलदार ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है। यशवंत ने बताया कि उनके तीन बेटे हैं। दूसरे नंबर का बेटा गौरव बेलदार (21) सागर के ऑर्ट्स एंड कॉमर्स कॉलेज से बीकॉम सेकंड ईयर की पढ़ाई कर रहा था। शनिवार रात करीब 12 बजे यशवंत घर पर टीवी देख रहे थे और गौरव अपने कमरे में मोबाइल चला रहा था। इसके बाद यशवंत सो गए। रविवार सुबह करीब 5 बजे पत्नी संध्या सोकर उठीं। कुछ देर बाद वह कमरे में गईं, तो देखा कि गौरव फंदे पर झूल रहा है। रस्सी काटकर अस्पताल ले गए, डॉक्टर ने किया मृत घोषित पत्नी के चिल्लाने की आवाज सुनकर परिवार के अन्य लोग कमरे में पहुंचे। परिजनों ने फंदे की रस्सी काटकर गौरव को नीचे उतारा और तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टर ने चेकअप के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर रहली पुलिस ने शव का पंचनामा बनाकर पोस्टमार्टम कराया। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच में लिया है। युवक के आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस ने मोबाइल जब्त कर लिया है और उसकी कॉल डिटेल निकाली जा रही है।
Supreme Court PAN India Directions for Road Safety Expressway Heavy Vehicle Parking Ban

Hindi News National Supreme Court PAN India Directions For Road Safety Expressway Heavy Vehicle Parking Ban नई दिल्ली15 मिनट पहले कॉपी लिंक सुप्रीम कोर्ट ने सड़क सुरक्षा बढ़ाने के लिए पूरे देश में कई गाइडलाइंस जारी की हैं। इन निर्देशों एक्सप्रेसवे जैसी सड़कों पर भारी वाहनों की पार्किंग पर रोक भी शामिल है। कोर्ट ने कहा कि प्रशासनिक सुस्ती या इंफ्रास्ट्रक्चर की कमियों के कारण एक्सप्रेसवे खतरे का गलियारा नहीं बनने चाहिए। जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस एएस चांदुरकर की बेंच ने सड़क और परिवहन मंत्रालय, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों को सड़कों को सुरक्षित बनाने के निर्देश दिए। बेंच ने बताया कि नेशनल हाईवे भारत की कुल सड़क लंबाई का सिर्फ 2% हैं, लेकिन सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली कुल मौतों में इनका हिस्सा लगभग 30% है। ये निर्देश 13 अप्रैल को सामने आए। जहां कोर्ट 2 और 3 नवंबर 2025 को राजस्थान के फलोदी, तेलंगाना के रंगारेड्डी में लगातार हुई सड़क दुर्घटनाओं में 34 लोगों की मौत के बाद दर्ज केस पर सुनवाई कर रहा था। इन दुर्घटनाओं का कारण सिस्टम की लापरवाही और बुनियादी ढांचे का फेल्योर था, जिसके कारण ये मौतें हुईं। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश 6 पॉइंट्स में … कोई भी भारी या कमर्शियल गाड़ी किसी भी नेशनल हाईवे के कैरिजवे या पक्के शोल्डर पर पार्क नहीं होगी, रुकेगी नहीं, सिवाय किसी तय जगह, ले-बाय, या सड़क किनारे की सुविधा वाली जगह के। निर्देश को लागू करने का काम एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS) के जरिए किया जाएगा। इसमें राज्य पुलिस को रियल-टाइम अलर्ट भेजना, GPS टाइमस्टैम्प वाले फोटो सबूत और इंटीग्रेटेड ई-चालान बनाना शामिल है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया, राज्य पुलिस और राज्य परिवहन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को इन निर्देशों का पालन करना होगा। संबंधित जिलों के कलेक्टर एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तय करेंगे। इनका पालन 60 दिन के अंदर किया जाना चाहिए। किसी भी नेशनल हाईवे के ‘राइट ऑफ वे’ (ROW) के अंदर किसी भी नए ढाबे, खाने की जगह या कमर्शियल इमारत का निर्माण और संचालन तुरंत प्रभाव से रोक दिया जाए। जिला मजिस्ट्रेट CNH एक्ट के प्रोसीजर और 7 अगस्त, 2025 के SOP के मुताबिक, सभी नई और पहले से मौजूद गैर-कानूनी इमारतों को 60 दिनों के अंदर गिराने/हटाने का काम करवाएंगे। कोई भी विभाग, अथॉरिटी, स्थानीय निकाय हाईवे सुरक्षा जोन के अंदर किसी भी जगह के लिए बिना NHAI/PWD की मंज़ूरी के कोई लाइसेंस, NOC या व्यापार की मंजूरी नहीं देगा। न ही लाइसेंस रिन्यू करेगा। ऐसी जगहों के लिए पहले से मौजूद सभी लाइसेंसों की 30 दिनों के अंदर समीक्षा की जाएगी। जिन जिलों से नेशनल हाईवे गुजरता है, वहां जिला मजिस्ट्रेट 15 दिन के अंदर एक सुरक्षा टास्क फोर्स बनाएंगे। पूरे भारत में हर जिले में इस आदेश के 7 दिन के अंदर फोर्स बनाई जाएगी। इसमें प्रशासन, पुलिस, NHAI, PWD के अधिकारी शामिल होंगे। ———————— ये खबर भी पढ़ें… सबरीमाला केस में सुप्रीम कोर्ट ने कहा- संविधान सबसे ऊपर: निजी धार्मिक मान्यताओं से उठकर फैसला जरूरी सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आस्था से जुड़े मामलों का फैसला करते समय, संविधान को व्यक्तिगत धार्मिक मान्यताओं से ऊपर रखना चाहिए। सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में मन की स्वतंत्रता और संवैधानिक ढांचे द्वारा निर्देशित होना जरूरी है। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
कैथल के युवक की अमेरिका में एक्सीडेंट में मौत:ट्रक ने मारी पीछे से टक्कर, जिंदा जला, 10 साल पहले गया था विदेश

कैथल जिले के गांव बाकल के करीब 26 वर्षीय युवक की अमेरिका में सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। युवक रास्ते में हुए एक एक्सीडेंट के चलते अपने ट्रक समेत साइड में रुका हुआ था। उसके ट्रक में केमिकल भरा हुआ था। पीछे से अचानक दूसरा ट्रक आया और ट्रक के पीछे टक्कर मार दी। इससे युवक के ट्रक में भरे केमिकल में आग लग गई जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। 2016 में अमेरिका गया था गांव बाकल का रहने वाला सिमरनजीत सिंह करीब 10 साल पहले वर्ष 2016 में अमेरिका गया था और वहां पर केलिफोर्निया में ट्रक चलाता था। बीती रात हादसे के कारण ट्रक में आग लग गई जिससे उसकी मौत हो गई। वह ट्रक में ही जल गया। परिवार ने युवक का अंतिम संस्कार करने के लिए उसका शव भारत लाने में सहायता करने की सरकार से गुहार लगाई है। विदेश में ट्रक चलाता था चचेरा भाई : इंद्रपाल मृतक युवक के चेहरे भाई इंद्रपाल सिंह ने बताया कि उसके चाचा का लड़का सिमरनजीत सिंह अमेरिका में ट्रक चलाता था। परिवार ने युवक को इस उम्मीद से विदेश भेजा था कि वह उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार करेगा, लेकिन जैसे ही उनके पास युवक की मृत्यु होने की सूचना पहुंची तो परिवार के लोगों को काफी आघात पहुंचा। दो बहनें भी अमेरिका में रहती हैं इंद्रपाल ने बताया कि सिमरनजीत सिंह के परिवार में उसके पिता सरदार गुरनाम सिंह और माता सुरजीत कौर के अलावा तीन बहनें और हैं। तीनों बहनों की शादी हो चुकी है, जिनमें से दो बहनें अमेरिका में रहती है, जबकि एक बहन कैथल में ही रहती है। उन्होंने बताया कि परिवार ने करीब 50 लाख रुपए राशि लगाकर उसे डंकी रूट से अमेरिका भेजा था। सिमरनजीत सिंह के पिता 8 एकड़ जमीन के जमींदार हैं और बुजुर्ग हो चुके हैं। वे गांव में ही रहते हैं। युवक की शादी करने की सोच रहा था परिवार उन्होंने बताया कि सिमरनजीत सिंह का रिश्ता हो चुका था। अब समय निकालकर परिवार उसकी शादी करने के बारे में सोच रहा था, लेकिन परिवार को नहीं पता था कि उनके बेटे की शादी की सपना अधूरे रह जाएंगे। परिवार के लोगों ने सरकार से गुहार लगाई है कि उनके बेटे को अंतिम दर्शन के लिए भारत लाने में सहायता की जाए।









