Sunday, 07 Jun 2026 | 11:10 PM

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Health Tips: डाइट में शामिल करें इस छोटे से बीज के दो चम्मच, मोटापा और खराब कोलेस्ट्रॉल होगा कंट्रोल

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अलसी के बीज स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद माने जाते हैं. यह वजन घटाने, कोलेस्ट्रॉल कम करने, डायबिटीज नियंत्रित करने और हृदय को स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं. सही लाभ पाने के लिए इन्हें हल्का भूनकर पाउडर बनाकर सीमित मात्रा में रोजाना सेवन करना जरूरी है.

गर्मी में पानी की कमी बन सकती है किडनी फेल का कारण, एक्सपर्ट से जानें रोज कितना लीटर पिएं पानी

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X गर्मी में पानी की कमी बन सकती है किडनी फेल का कारण, जानें रोज कितना पिएं पानी   Health Tips: गर्मी में शरीर में पानी की कमी सिर्फ कमजोरी नहीं, किडनी के लिए भी खतरा बन सकती है. गाजियाबाद के यशोदा अस्पताल के किडनी रोग विशेषज्ञ डॉ. एल.के. झा बताते है कि किडनी शरीर से जहरीले तत्व और अतिरिक्त पानी बाहर निकालती है. पानी कम होने पर पेशाब घटता है. गाढ़ा हो जाता है और हानिकारक तत्व शरीर में जमा होने लगते है. इससे किडनी स्टोन और किडनी फेल होने का खतरा बढ़ सकता है. डॉक्टर के अनुसार सामान्य दिनों में रोज 1.5 से 2 लीटर पानी पीना चाहिए, जबकि गर्मियों में 2.5 से 3 लीटर जरूरी है. ज्यादा पसीना आने या एक्सरसाइज करने वालों को 3 से 4 लीटर पानी लेना चाहिए. सांस फूलना, भूख कम लगना, उल्टी, कमजोरी या पेशाब में बदलाव जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत जांच कराएं. बुजुर्ग और बच्चों को खास सावधानी रखनी चाहिए.

dehydration symptoms and prevention: भीषण गर्मी, कैसे पहचानें शरीर से खत्म हो रहा पानी? शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए डॉक्टर रेड्डी के टिप्स हैं रामबाण

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Dehydration Symptoms and Prevention: अप्रैल में ही आसमान से आग के शोले बरस रहे हैं. तापमान 40 के ऊपर पहुंच गया है. भीषण गर्मी के चलते शरीर से पानी सूखने लगता है. हालांकि इस दौरान लोगों को लगता है कि पानी पीते रहने से शरीर में पानी की कमी की पूर्ति की जा सकती है और शरीर हाइड्रेट रह सकता है लेकिन डॉक्टरों की मानें तो शरीर को निर्जलीकरण से बचाने के लिए सिर्फ पानी काफी नहीं है बल्कि इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी की पूर्ति बहुत जरूरी है. गैस्ट्रोएंटरोलॉजी और जनरल सर्जरी में 28 साल से ज्यादा अनुभव रखने वाले और वर्तमान में केयर हॉस्पिटल्स, बंजारा हिल्स, हैदराबाद से जुड़े डॉ. बी रविंदर रेड्डी कहते हैं कि उत्तर भारत में तापमान जब नियमित रूप से 40°C से ऊपर पहुंच जाता है, तब डिहाइड्रेशन (निर्जलीकरण) एक ऐसा स्वास्थ्य जोखिम बन जाता है, जिसे अक्सर नजरअंदाज किया जाता है, जबकि इसे रोका जा सकता है. आमतौर पर इसे केवल अत्यधिक प्यास लगने की स्थिति माना जाता है, लेकिन वैज्ञानिक प्रमाण बताते हैं कि प्यास एक देर से मिलने वाला संकेत है, जो तब महसूस होती है जब शरीर पहले ही काफी मात्रा में तरल खो चुका होता है. यही अंतर शरीर की वास्तविक जरूरत और व्यक्ति की समझ के बीच डिहाइड्रेशन के खतरे को बढ़ाता है. डिहाइड्रेशन का सबसे प्रारंभिक और विश्वसनीय संकेत मूत्र (यूरिन) का रंग होता है. वैज्ञानिक अध्ययनों में पाया गया है कि मूत्र का रंग शरीर की हाइड्रेशन स्थिति को स्पष्ट रूप से दर्शाता है. हल्का या फीका पीला रंग पर्याप्त हाइड्रेशन का संकेत है, जबकि गहरा रंग शरीर में तरल की कमी को दर्शाता है. सरल होने के बावजूद, यह एक ऐसा संकेत है जिसका लोग दैनिक जीवन में कम उपयोग करते हैं. डॉ. रव‍िंद्र रेड्डी ने द‍िए ड‍िहाइड्रेशन से बचने के ट‍िप्‍स. ये हैं डिहाइड्रेशन के लक्षण जब किसी के शरीर के अंदर पानी की कमी होती है तो उसके कुछ लक्षण सामने आते हैं. डिहाइड्रेशन कई सूक्ष्म लेकिन बेहद महत्वपूर्ण लक्षण ये हो सकते हैं. • सिरदर्द • थकान • चक्कर आना • मुंह का सूखना पेशाब के दौरान जलन को अक्सर संक्रमण समझ लिया जाता है, जबकि कई मामलों में यह कम पानी पीने के कारण मूत्र के अधिक सघन और अम्लीय हो जाने से होता है. कम पानी का सेवन न केवल इस असुविधा को बढ़ाता है, बल्कि गर्म मौसम में मूत्र संक्रमण (UTI) का खतरा भी बढ़ाता है. जैसे-जैसे डिहाइड्रेशन बढ़ता है, इसका प्रभाव पूरे शरीर पर पड़ने लगता है. चक्कर आना और हल्का महसूस होना सामान्य लक्षण हैं, जो रक्त की मात्रा कम होने और रक्तचाप गिरने के कारण होते हैं. शरीर हार्मोनल तंत्र के माध्यम से पानी को बचाने की कोशिश करता है, लेकिन अगर तरल की कमी जारी रहती है, तो यह संतुलन बिगड़ सकता है और महत्वपूर्ण अंगों तक ऑक्सीजन की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है. मानसिक हेल्थ पर असर डालता है डिहाइड्रेशन डिहाइड्रेशन का एक कम दिखाई देने वाला लेकिन महत्वपूर्ण प्रभाव मानसिक कार्यक्षमता पर भी पड़ता है. हल्की कमी भी ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई, थकान, मानसिक धुंध (ब्रेन फॉग) और मनोदशा में गिरावट का कारण बन सकती है. गर्मियों में अक्सर लोग एयर-कंडीशंड वातावरण में भी दोपहर तक थकान और कमजोरी महसूस करते हैं, यह भी डिहाइड्रेशन और इलेक्ट्रोलाइट की कमी का संकेत हो सकता है. मांसपेशियों में ऐंठन (मसल क्रैम्प्स) भी डिहाइड्रेशन का एक प्रमुख उदाहरण है. जब शरीर तरल खोता है, तो वह सोडियम और पोटैशियम जैसे जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स भी खो देता है. यह असंतुलन मांसपेशियों के सामान्य कार्य को बाधित करता है और दर्दनाक ऐंठन पैदा करता है, विशेष रूप से गर्म वातावरण या शारीरिक गतिविधि के दौरान. इलेक्ट्रोलाइट्स क्यों जरूरी हैं? डिहाइड्रेशन केवल पानी की कमी नहीं है, बल्कि इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है. केवल पानी पीने से कभी-कभी समस्या पूरी तरह हल नहीं होती, क्योंकि यह इलेक्ट्रोलाइट्स को और पतला कर सकता है, बिना उनकी भरपाई किए. इसलिए, विशेषकर गर्मी या अधिक पसीना आने की स्थिति में, संतुलित हाइड्रेशन आवश्यक है. गर्मियों में सही हाइड्रेशन का तरीकाडॉ. रेड्डी कहते हैं कि डिहाइड्रेशन से बचने के लिए एक संतुलित और नियमित रणनीति जरूरी है. इसके लिए कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए. •पानी पीना जरूरी है, लेकिन केवल उसी पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं. •इलेक्ट्रोलाइट युक्त पेय पदार्थों का सेवन करना चाहिए. •नारियल पानी और नींबू पानी जैसे पारंपरिक विकल्प मदद कर सकते हैं, लेकिन इनमें इलेक्ट्रोलाइट्स की सटीक मात्रा पता नहीं चलती. •अधिक चीनी या कैफीन वाले पेय से बचना चाहिए. ऐसे में, वैज्ञानिक रूप से तैयार किए गए रेडी-टू-ड्रिंक इलेक्ट्रोलाइट पेय (टेट्रा पैक आदि) बेहतर विकल्प हो सकते हैं, जिनमें आवश्यक इलेक्ट्रोलाइट्स की निश्चित मात्रा और कम शुगर होती है. ये न केवल सुविधाजनक होते हैं, बल्कि स्वाद के कारण नियमित सेवन में भी मदद करते हैं. डिहाइड्रेशन अस्थाई समस्या नहीं डॉ. रेड्डी की मानें तो डिहाइड्रेशन को केवल एक अस्थायी समस्या या जीवनशैली से जुड़ी स्थिति नहीं मानना चाहिए, बल्कि इसे एक गंभीर स्वास्थ्य विषय के रूप में देखना चाहिए. इसके लिए… • नियमित रूप से तरल और इलेक्ट्रोलाइट्स का सेवन करें. • मूत्र के रंग जैसे सरल संकेतों की निगरानी करें. • शुरुआती लक्षणों पर तुरंत ध्यान दें. गर्मी से बचना हमेशा संभव नहीं है, लेकिन सही हाइड्रेशन अपनाकर उसके प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है.

नाखून गिनना छोड़िए, वरना हो सकता है भारी नुकसान! जानिए क्यों रेबीज के सामने 18 या 20 का गणित है फेल – News18 हिंदी

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X नाखून गिनना छोड़िए, जानिए क्यों रेबीज के सामने 18 या 20 का गणित है फेल   Health News: क्या कुत्ते के नाखून गिनने से रेबीज का जहर कम हो जाता है? विज्ञान के दौर में भी पूर्णिया के ग्रामीण इलाकों में एक अजब-गजब गणित चल रहा है. यहां कुत्ता काटने पर लोग डॉक्टर के पास भागने के बजाय पहले कुत्ते के पैर पकड़कर उसके नाखून गिनने में जुट जाते हैं. दरअसल, गंगेली और आसपास के गांवों में यह पुरानी भ्रांति जड़ जमाए हुए है कि 18 नाखून वाला कुत्ता ‘साधारण’ होता है, जबकि 20 नाखून वाला कुत्ता ‘अत्यंत विषैला’ होता है. लोग मानते हैं कि 18 नाखून होने पर खतरा नहीं है, जो कि एक जानलेवा अंधविश्वास है. रामबहादुर सिंह जैसे गांव के बुजुर्ग अब इस भ्रम के खिलाफ मोर्चा खोल रहे हैं. उनका कहना है कि कुत्ता चाहे 18 नाखून का हो या 20 का, वायरस नाखून देखकर हमला नहीं करता. अगर आप भी इस ‘नाखून वाले गणित’ के भरोसे बैठे हैं, तो सावधान हो जाएं. रेबीज का इलाज नाखून गिनना नहीं, बल्कि अस्पताल जाकर एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगवाना है. याद रखें, भ्रांति पालना जान जोखिम में डालना है.

ट्रम्प ने भारत को नरक का द्वार बताया:कहा- भारतीय अमेरिका में बच्चों को जन्म देकर नागरिकता लेते हैं, फिर परिवार को बुलाते हैं

ट्रम्प ने भारत को नरक का द्वार बताया:कहा- भारतीय अमेरिका में बच्चों को जन्म देकर नागरिकता लेते हैं, फिर परिवार को बुलाते हैं

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत और चीन को हेल होल (नरक का द्वार) बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक चिट्ठी पोस्ट की है जिसमें जन्म के आधार पर नागरिकता देने की आलोचना की गई है और भारत-चीन समेत कई देशों पर विवादित टिप्पणी की गई है। इस पत्र में उन्होंने कैलिफोर्निया के टेक सेक्टर में भारत और चीन के लोगों के दबदबे का दावा किया। उन्होंने कहा कि जन्म के आधार पर नागरिकता से प्रवासी अपने बच्चों को नागरिकता दिलाते हैं। फिर पूरा परिवार अमेरिका आ जाता है। ट्रम्प ने यह भी कहा कि इस मुद्दे का फैसला अदालतों या वकीलों को नहीं, बल्कि देशव्यापी वोटिंग से होना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक सोशल मीडिया सर्वे (पोल) में ज्यादातर लोगों ने यह राय दी कि जन्म के आधार पर मिलने वाली नागरिकता को सीमित करना चाहिए। उन्होंने यह भी इशारा किया कि उन्हें अदालतों और कानूनी संस्थाओं पर भरोसा नहीं है कि वे इस मुद्दे पर सही फैसला लें। ट्रम्प बोले- कैलिफोर्निया में भारत-चीन का दबदबा ट्रम्प ने चिट्ठी में कैलिफोर्निया के टेक सेक्टर का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हाई-टेक नौकरियों में भारत और चीन के लोगों का बहुत ज्यादा असर है। उसके मुताबिक, वहां की कंपनियों में भर्ती का माहौल ऐसा बन गया है कि बाकी लोगों के लिए मौके बहुत कम रह गए हैं। इन जगहों पर नौकरी पाने के लिए योग्यता से ज्यादा यह मायने रखता है कि आप किस देश से हैं, और उसके अनुसार सिस्टम इस तरह काम कर रहा है कि भारतीय और चीनी लोगों को प्राथमिकता मिलती है। यानी उसके हिसाब से भर्ती प्रक्रिया निष्पक्ष नहीं है, बल्कि कुछ खास समूहों के पक्ष में झुकी हुई है। प्रवासियों के लिए काम करने वाले संगठन पर नाराजगी जताई उन्होंने चिट्ठी में लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए काम करने वाली अमेरिकन सिविल लिबर्टी यूनियन पर भी निशाना साधा गया। कहा कि यह संगठन अवैध प्रवासियों को फायदा पहुंचाने वाली नीतियों का समर्थन करता है। ट्रम्प ने कहा कि इस संगठन पर संगठित अपराध जैसे कड़े कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए। ट्रम्प ने यह भी आरोप लगाया कि प्रवासी स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य सरकारी सुविधाओं का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं, जिसका खर्च करदाताओं पर पड़ता है। उन्होंने कैलिफोर्निया जैसे राज्यों में कथित वेलफेयर धोखाधड़ी और प्रवास से सांस्कृतिक व भाषाई पहचान पर असर पड़ने की बात भी कही गई। उन्होंने कहा कि अब अस्पतालों में प्रवासी ज्यादा इलाज कराते हैं और सिस्टम का गलत फायदा उठा रहे हैं। ट्रम्प ने आरोप लगाया कि छोटी बीमारी पर भी बहुत बड़ा खर्च दिखाया जाता है। 157 साल पहले मिला जन्मजात नागरिकता का अधिकार दुनिया में दो तरह से बच्चों को नागरिकता मिलती है। पहला- राइट ऑफ सॉइल यानी कि बच्चे का जहां जन्म हुआ हो, वह अपने आप वहां का नागरिक बन जाता है। दूसरा राइट ऑफ ब्लड यानी कि बच्चे के मां-बाप जहां के नागरिक हों, बच्चे वहीं के नागरिक माने जाएंगे। अमेरिका में जन्म के आधार पर नागरिकता (राइट ऑफ सॉइल) मिलती है। 1865 में गृहयुद्ध खत्म होने के बाद, जुलाई 1868 में संसद में 14वें संशोधन को मंजूरी दी गई थी। इसमें कहा गया था कि देश में पैदा हुए सभी अमेरिकी नागरिक हैं। इस संशोधन का मकसद गुलामी के शिकार अश्वेत लोगों को अमेरिकी नागरिकता देना था। हालांकि, इस संशोधन की व्याख्या इस प्रकार की गई है कि इसमें अमेरिका में जन्में सभी बच्चों को शामिल किया जाएगा, चाहे उनके माता-पिता का इमिग्रेशन स्टेट्स कुछ भी हो। इस कानून का फायदा उठाकर गरीब और युद्धग्रस्त देशों से आए लोग अमेरिका आकर बच्चों को जन्म देते हैं। ये लोग पढ़ाई, रिसर्च, नौकरी के आधार पर अमेरिका में रुकते हैं। बच्चे का जन्म होते ही उन्हें अमेरिकी नागरिकता मिल जाती है। नागरिकता के बहाने माता-पिता को अमेरिका में रहने की कानूनी वजह भी मिल जाती है। अमेरिका में यह ट्रेंड काफी लंबे समय से जोरों पर है। आलोचक इसे बर्थ टूरिज्म कहते हैं। प्यू रिसर्च सेंटर की 2022 की रिपोर्ट के मुताबिक 16 लाख भारतीय बच्चों को अमेरिका में जन्म लेने की वजह से नागरिकता मिली है। कोर्ट में बर्थडे सिटीजनशिप पर सुनवाई जारी ट्रम्प ने 20 जनवरी 2025 को आदेश जारी कर जन्म के आधार पर मिलने वाली नागरिकता (बर्थराइट सिटिजनशिप) पर रोक लगाने की कोशिश की थी। इसके कुछ ही दिन बाद फेडरल कोर्ट ने इस पर अस्थायी रोक (पहले 14 दिन) लगा दी। इसके बाद अदालतों में इस आदेश को चुनौती दी गई और कई जगहों पर कोर्ट ने इसे लागू होने से रोका हुआ है। मामला अभी भी कानूनी लड़ाई में है और अलग-अलग अदालतों में सुनवाई चल रही है।

Indore Road Jam | Avntika Gas & Narmada Line Digging Causes Chaos

Indore Road Jam | Avntika Gas & Narmada Line Digging Causes Chaos

इंदौर3 मिनट पहले कॉपी लिंक इंदौर के चाणक्यपुरी चौराहे पर नर्मदा और अवंतिका गैस लाइन डालने के लिए की गई सड़क खुदाई ने ट्रैफिक व्यवस्था को पूरी तरह बिगाड़ दिया है। पिछले करीब 15 दिनों से यहां रोजाना जाम की स्थिति बन रही है। गुरुवार सुबह भी हालात ऐसे बने कि वाहन चालकों को करीब एक से डेढ़ घंटे तक जाम में फंसे रहना पड़ा। जाम का असर स्कूली बच्चों पर भी पड़ा। कई स्कूल बसें समय पर नहीं पहुंच सकीं, जबकि ई-रिक्शा और दोपहिया वाहन आपस में फंसते नजर आए। सूचना मिलने के बाद जोन-4 के डीसीपी आनंद कल्यादगी, एसीपी शिवेंद्र जोशी और ट्रैफिक अफसर मौके पर पहुंचे। उन्होंने करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद जाम खुलवाया। पुलिस ने ठेकेदार से खुदाई और अनुमति को लेकर जवाब मांगा। अन्नपूर्णा पुलिस ठेकेदार को अपने साथ थाने ले गई, जहां अनुमति से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है। एडिशनल डीसीपी संतोष कौल ने कहा कि अवंतिका गैस एजेंसी ने गैस पाइप लाइन डालने के लिए पूरा चौराहा खोद रखा है। अब जांच कर रहे हैं कि यह खुदाई की अनुमति थी या नहीं। अनुमति नहीं हुई तो संबंधित एजेंसी पर एफआईआर करवाएंगे। आधे घंटे की मशक्कत के बाद अफसरों ने खुलवाया जाम राजेंद्र नगर ब्रिज से लेकर तालाब क्षेत्र तक और केसरबाग ब्रिज से गोपुर चौराहे तक सैकड़ों वाहन फंसे रहे। अन्नपूर्णा रोड पर क्रोमा शोरूम से हनुमान मंदिर तक सड़क खुदी पड़ी है, वहीं गणेश मंदिर के पास बीच सड़क में बड़ा गड्ढा बना हुआ है। यह खुदाई अवंतिका गैस और नर्मदा लाइन डालने के लिए की गई है, लेकिन काम के कारण ट्रैफिक डायवर्जन या वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने से लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। पहले भी दी गई थी चेतावनी ट्रैफिक एसीपी जगदीश पाटिल ने करीब 15 दिन पहले ही अवंतिका गैस कंपनी को जाम की समस्या को लेकर आगाह किया था। इसके बावजूद कंपनी ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। सुबह और शाम के पीक आवर में यहां ट्रैफिक का दबाव काफी अधिक रहता है, जिससे स्थिति और खराब हो रही है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

‘मैंने इसे खाया, लेकिन टीएमसी को इसकी चुभन महसूस हुई’: पीएम मोदी ने ममता पर झालमुड़ी का तंज कसा, कहा- 4 मई को इसे बांटूंगा | चुनाव समाचार

JAC 10th Result 2026 LIVE: Jharkhand Board Matric Students can check results at jacresults.com.

आखरी अपडेट:23 अप्रैल, 2026, 13:50 IST पीएम मोदी ने ममता बनर्जी पर तंज कसते हुए बीजेपी की जीत का भरोसा जताया और कहा कि 4 मई को बीजेपी मिठाइयां और झालमुड़ी बांटेगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को बंगाल में भाजपा की जीत पर भरोसा जताया और कहा कि 4 मई को जश्न मनाया जाएगा, मिठाइयां और झालमुड़ी बांटी जाएंगी। कृष्णानगर में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ”4 मई को बंगाल में बीजेपी की जीत का जश्न भी मनाया जाएगा, मिठाइयां बांटी जाएंगी और झालमुड़ी भी बांटी जाएगी.” पीएम मोदी ने ममता बनर्जी की अगुवाई वाली टीएमसी पर हमला बोलते हुए कहा, “वैसे, मैंने सुना है कि झालमुड़ी ने भी कुछ लोगों को तगड़ा झटका दिया है। झालमुड़ी तो मैंने खाई है, लेकिन डंक तो टीएमसी को ही लगा है।” साथ ही पीएम मोदी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में लोकतंत्र की स्थापना के लिए भारत निर्वाचन आयोग की सराहना की और सभी से वोट डालने का अनुरोध किया. पीएम मोदी ने कहा, “मैं सभी से अनुरोध करता हूं कि वे जाएं और मतदान करें, मतदाताओं द्वारा एक नया रिकॉर्ड बनाया जाना चाहिए। 50 वर्षों में यह पहली बार है कि चुनावों में हिंसा बहुत कम है। मैं राज्य में लोकतंत्र स्थापित करने के लिए चुनाव आयोग को धन्यवाद देता हूं। यह चुनाव आयोग की एक बहुत बड़ी उपलब्धि है।” उन्होंने कहा, “मैं राज्य सरकार के कर्मचारियों को बधाई देता हूं और मुझे जानकारी मिल रही है कि मतदान प्रतिशत पिछले चुनावों की तुलना में अधिक है।” इससे पहले सुबह में, पीएम मोदी ने तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के लोगों से अपने राज्यों में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान में “उत्साह” से भाग लेने की अपील की। उन्होंने दोनों राज्यों के युवाओं और महिलाओं से रिकॉर्ड संख्या में मतदान करने का भी आग्रह किया। तमिलनाडु में सभी 234 विधानसभा क्षेत्रों में मतदान शुरू हो गया है, जबकि पश्चिम बंगाल में 294 में से 152 विधानसभा सीटों के लिए आज सुबह मतदान शुरू हुआ। पीएम मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “जैसा कि तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में मतदान कर रहा है, मैं सभी मतदाताओं से लोकतंत्र के इस पवित्र कर्तव्य में उत्साहपूर्वक भाग लेने का आह्वान करता हूं। मैं विशेष रूप से तमिलनाडु के युवाओं और महिलाओं से बाहर आने और रिकॉर्ड संख्या में मतदान करने का आग्रह करता हूं।” प्रधानमंत्री ने एक अन्य पोस्ट में कहा, “पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव का पहला चरण आज है। मैं सभी नागरिकों से लोकतंत्र के इस उत्सव में पूरी ताकत के साथ भाग लेने का आग्रह करता हूं। मैं विशेष रूप से अपने युवा मित्रों और पश्चिम बंगाल की महिलाओं से बड़ी संख्या में मतदान करने की अपील करता हूं।” पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा. असम, केरल और पुडुचेरी सहित दोनों राज्यों में वोटों की गिनती 4 मई को होगी। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : पश्चिम बंगाल, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 23 अप्रैल, 2026, 13:26 IST समाचार चुनाव ‘मैंने इसे खाया, लेकिन टीएमसी को इसकी चुभन महसूस हुई’: पीएम मोदी ने ममता पर झालमुड़ी का तंज कसते हुए कहा, 4 मई को इसे बांटेंगे अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)नरेंद्र मोदी(टी)पश्चिम बंगाल(टी)झालमुरी(टी)ममता बनर्जी(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव

रीवा के मनगवां में इंदौर के भागीरथपुरा जैसा मटमैला पानी:रंग बिल्कुल काला, बदबूदार भी; बच्चों में पेट दर्द-उल्टी की शिकायत

रीवा के मनगवां में इंदौर के भागीरथपुरा जैसा मटमैला पानी:रंग बिल्कुल काला, बदबूदार भी; बच्चों में पेट दर्द-उल्टी की शिकायत

रीवा जिले के मनगवां में पिछले 3-4 दिनों से लोगों के घरों में गंदा और दूषित पानी पहुंच रहा है। इंदौर के भागीरथपुरा की तरह यहां भी नलों से पीला, मटमैला और बदबूदार पानी आ रहा है, जिसमें कीचड़ जैसे कण भी मौजूद हैं। दूषित पानी के इस्तेमाल से बच्चों में पेट दर्द और उल्टी की शिकायतें सामने आ रही हैं। स्वच्छ पेयजल न मिलने के कारण स्थानीय लोग मजबूरी में निजी स्रोतों से पानी खरीद रहे हैं। कई शिकायतों के बाद वर्तमान में नगर परिषद की टीम मौके पर पहुंचकर पाइपलाइन में लीकेज की जांच कर रही है। बदबू से खाना बनाना मुश्किल, बच्चे हो रहे बीमार मनगवां के कई वार्डों में दूषित जल प्रदाय की स्थिति बनी हुई है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि जल प्रदाय विभाग को कई बार शिकायतें दी गईं, लेकिन समस्या जस की तस है। स्थानीय निवासी रामकिशोर पटेल ने बताया हमारे घर में पिछले तीन-चार दिनों से जो पानी आ रहा है, उसे पीना तो दूर, इस्तेमाल करना भी मुश्किल है। बच्चों को पेट दर्द और उल्टी की शिकायत हो रही है। रहवासी पूजा तिवारी ने कहा, पानी से इतनी तेज बदबू आ रही है कि खाना बनाना भी मुश्किल हो गया है। कई बार शिकायत की लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। एक अन्य निवासी इरफान खान ने बताया यह समस्या नई नहीं है, हर साल गर्मी में ऐसी दिक्कत होती है, लेकिन इस बार स्थिति ज्यादा खराब है। अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो बीमारियां फैल सकती हैं। शिकायत के बाद पाइपलाइन की जांच शुरू जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने के बाद अब विभाग ने सुधार कार्य शुरू करने की बात कही है। नगर परिषद मनगवां के एक अधिकारी ने बताया, ‘हमें शिकायतें मिली हैं, टीम को मौके पर भेजा गया है। पाइपलाइन की जांच कराई जा रही है, संभवतः कहीं लीकेज या गंदगी के प्रवेश की समस्या हो सकती है, जिसे जल्द ठीक किया जाएगा। वहीं, जल संसाधन विभाग के एक कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि ‘गर्मी के कारण जलस्तर कम होने और पुरानी पाइपलाइन के चलते इस तरह की दिक्कतें सामने आती हैं, लेकिन सुधार का काम जारी है।’

Los Angeles Olympics Cricket Stadium Photos; T20 2028 Olympic Format

Los Angeles Olympics Cricket Stadium Photos; T20 2028 Olympic Format

Hindi News Sports Los Angeles Olympics Cricket Stadium Photos; T20 2028 Olympic Format | Team Names स्पोर्ट्स डेस्क5 मिनट पहले कॉपी लिंक इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल ने यह फोटो अपने वेबसाइट पर शेयर की है। साल 2028 में होने वाले लॉस एंजिल्स ओलिंपिक के लिए क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण आधिकारिक तौर पर शुरू हो गया है। कैलिफोर्निया के पोमोना में बुधवार को हुए भूमि पूजन के साथ ही क्रिकेट की 128 साल बाद ओलिंपिक में वापसी की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। पोमोना में खेले जाएंगे मैच सभी मुकाबले लॉस एंजिल्स से लगभग 50 किलोमीटर दूर पोमोना स्थित फेयरग्राउंड्स मैदान पर खेले जाएंगे। ओलिंपिक में क्रिकेट मैच 12 जुलाई से 29 जुलाई 2028 तक आयोजित होंगे। एक बार हुआ है ओलिंपिक में क्रिकेट साल 1900 में पेरिस ओलिंपिक में क्रिकेट को शामिल किया गया था। इसके बाद क्रिकेट को ओलंपिक्स में नहीं लिया गया। पेरिस ओलंपिक्स के क्रिकेट इवेंट में सिर्फ दो टीमों इंग्लैंड और फ्रांस ने हिस्सा लिया था। इसमें इंग्लैंड ने गोल्ड और फ्रांस ने सिल्वर जीता था। 1900 में पेरिस ओलिंपिक में क्रिकेट का एक ही मैच खेला गया। क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक मील का पत्थर इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) के चेयरमैन जय शाह ने इस अवसर को खेल के लिए एक ‘बड़ा मील का पत्थर’ बताया। उन्होंने कहा कि क्रिकेट वैश्विक खेल बनने की दिशा में बड़ी छलांग लगा रहा है। ओलिंपिक का हिस्सा बनना गर्व की बात है और हमें विश्वास है कि यह वेन्यू खेलों के दौरान केंद्र बिंदु बनेगा और अमेरिका में क्रिकेट की एक स्थायी विरासत छोड़कर जाएगा। 6 टीमें और टी-20 फॉर्मेट में होंगे मुकाबले लॉस एंजिल्स ओलिंपिक में क्रिकेट एक आधुनिक फॉर्मेट में लौटेगा। इसमें मेंस और विमेंस दोनों कैटेगरी के लिए अलग-अलग टी-20 इंटरनेशनल टूर्नामेंट आयोजित किए जाएंगे। प्रत्येक टूर्नामेंट में 6 टीमें हिस्सा लेंगी। हर टीम को 15 सदस्यीय स्क्वॉड की अनुमति होगी। विजेता टीमों को गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल दिए जाएंगे। ओलिंपिक से पहले नाइट राइडर्स के मैच होंगे ओलिंपिक की तैयारियों के रूप में इस फेयरप्लेक्स ग्राउंड्स पर ‘मेजर लीग क्रिकेट’ (MLC) के तीन मुकाबले भी खेले जाएंगे। 1 से 5 जुलाई के बीच होने वाले इन मैचों में स्थानीय टीम लॉस एंजिल्स नाइट राइडर्स एक्शन में नजर आएगी। MLC अमेरिका की प्रमुख प्रोफेशनल टी-20 लीग है। ——————————- स्पोर्ट्स की खबर भी पढ़ें… IPL 2026 में राजस्थान की पांचवीं जीत:लखनऊ को 40 रन से हराया; जडेजा ने 43 रन बनाए, एक विकेट भी लिया राजस्थान रॉयल्स ने IPL 2026 में पांचवीं जीत दर्ज करते हुए लखनऊ सुपर जाएंट्स को 40 रन से हरा दिया। इकाना स्टेडियम में बुधवार को राजस्थान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 6 विकेट पर 159 रन बनाए। पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Los Angeles Olympics Cricket Stadium Photos; T20 2028 Olympic Format

Los Angeles Olympics Cricket Stadium Photos; T20 2028 Olympic Format

Hindi News Sports Los Angeles Olympics Cricket Stadium Photos; T20 2028 Olympic Format | Team Names स्पोर्ट्स डेस्क35 मिनट पहले कॉपी लिंक इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल ने यह फोटो अपने वेबसाइट पर शेयर की है। साल 2028 में होने वाले लॉस एंजिल्स ओलिंपिक के लिए क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण आधिकारिक तौर पर शुरू हो गया है। कैलिफोर्निया के पोमोना में बुधवार को हुए भूमि पूजन के साथ ही क्रिकेट की 128 साल बाद ओलिंपिक में वापसी की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। पोमोना में खेले जाएंगे मैच सभी मुकाबले लॉस एंजिल्स से लगभग 50 किलोमीटर दूर पोमोना स्थित फेयरग्राउंड्स मैदान पर खेले जाएंगे। ओलिंपिक में क्रिकेट मैच 12 जुलाई से 29 जुलाई 2028 तक आयोजित होंगे। एक बार हुआ है ओलिंपिक में क्रिकेट साल 1900 में पेरिस ओलिंपिक में क्रिकेट को शामिल किया गया था। इसके बाद क्रिकेट को ओलंपिक्स में नहीं लिया गया। पेरिस ओलंपिक्स के क्रिकेट इवेंट में सिर्फ दो टीमों इंग्लैंड और फ्रांस ने हिस्सा लिया था। इसमें इंग्लैंड ने गोल्ड और फ्रांस ने सिल्वर जीता था। 1900 में पेरिस ओलिंपिक में क्रिकेट का एक ही मैच खेला गया। क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक मील का पत्थर इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) के चेयरमैन जय शाह ने इस अवसर को खेल के लिए एक ‘बड़ा मील का पत्थर’ बताया। उन्होंने कहा कि क्रिकेट वैश्विक खेल बनने की दिशा में बड़ी छलांग लगा रहा है। ओलिंपिक का हिस्सा बनना गर्व की बात है और हमें विश्वास है कि यह वेन्यू खेलों के दौरान केंद्र बिंदु बनेगा और अमेरिका में क्रिकेट की एक स्थायी विरासत छोड़कर जाएगा। 6 टीमें और टी-20 फॉर्मेट में होंगे मुकाबले लॉस एंजिल्स ओलिंपिक में क्रिकेट एक आधुनिक फॉर्मेट में लौटेगा। इसमें मेंस और विमेंस दोनों कैटेगरी के लिए अलग-अलग टी-20 इंटरनेशनल टूर्नामेंट आयोजित किए जाएंगे। प्रत्येक टूर्नामेंट में 6 टीमें हिस्सा लेंगी। हर टीम को 15 सदस्यीय स्क्वॉड की अनुमति होगी। विजेता टीमों को गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल दिए जाएंगे। ओलिंपिक से पहले नाइट राइडर्स के मैच होंगे ओलिंपिक की तैयारियों के रूप में इस फेयरप्लेक्स ग्राउंड्स पर ‘मेजर लीग क्रिकेट’ (MLC) के तीन मुकाबले भी खेले जाएंगे। 1 से 5 जुलाई के बीच होने वाले इन मैचों में स्थानीय टीम लॉस एंजिल्स नाइट राइडर्स एक्शन में नजर आएगी। MLC अमेरिका की प्रमुख प्रोफेशनल टी-20 लीग है। ——————————- स्पोर्ट्स की खबर भी पढ़ें… IPL 2026 में राजस्थान की पांचवीं जीत:लखनऊ को 40 रन से हराया; जडेजा ने 43 रन बनाए, एक विकेट भी लिया राजस्थान रॉयल्स ने IPL 2026 में पांचवीं जीत दर्ज करते हुए लखनऊ सुपर जाएंट्स को 40 रन से हरा दिया। इकाना स्टेडियम में बुधवार को राजस्थान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 6 विकेट पर 159 रन बनाए। पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…