Saturday, 16 May 2026 | 02:09 AM

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बार-बार पेट दर्द को गैस समझकर न करें नजरअंदाज, हो सकती है गंभीर बीमारी.. यहां जानिए सही इलाज

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आज के समय में पेट दर्द और गैस की समस्या लगभग हर घर में आम हो चुकी है. लोग अक्सर पेट दर्द को केवल गैस की समस्या समझकर नजर अंदाज कर देते हैं, लेकिन डॉक्टर का कहना है कि हर पेट दर्द गैस की वजह से नहीं होता. बदलती जीवनशैली, बाहर का खाना, ज्यादा तेल-मसाले का सेवन और खराब खानपान की आदतें पेट संबंधी बीमारियों को तेजी से बढ़ा रही हैं. गर्मियों के मौसम में यह समस्या और ज्यादा बढ़ जाती है. तेजी से बदल रही खानपान की आदतें  इसी विषय पर डॉक्टर रिद्धि पांडे ने LOCAL 18 से बातचीत में बताया कि आजकल हर 5 में से 1 व्यक्ति पेट दर्द की समस्या से परेशान है. उन्होंने कहा कि पेट दर्द के पीछे कई कारण हो सकते हैं और इसे सामान्य गैस समझकर अनदेखा करना कई बार गंभीर बीमारी को जन्म दे सकता है. उन्होंने बताया कि लोगों की खानपान की आदतें तेजी से बदल रही हैं. बाहर का तला-भुना खाना, ज्यादा मसालेदार भोजन और अनियमित दिनचर्या पेट की बीमारियों को बढ़ा रही है. अंदर ही अंदर बढ़ती रहती है बीमारी  डॉक्टर रिद्धि पांडे ने बताया कि कई बार लोगों की आंतों में संक्रमण या अन्य गंभीर समस्याएं हो जाती हैं, लेकिन वे इसे सामान्य गैस या हल्के पेट दर्द की तरह लेकर दवाइयों से दबा देते हैं. इससे बीमारी अंदर ही अंदर बढ़ती रहती है. उन्होंने एक मरीज का उदाहरण देते हुए बताया कि उनके पास गोवा से एक बच्चा इलाज के लिए आया था. बच्चे को लगातार पेट दर्द और बुखार की शिकायत थी. परिवार वाले लंबे समय से केवल बुखार का इलाज करवा रहे थे. जब डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड करवाया, तो पता चला कि बच्चे की आंतों में गंभीर संक्रमण था. सही इलाज शुरू होने के बाद केवल 2 दिनों में बच्चा पूरी तरह स्वस्थ हो गया. पहले से संकेत देता है कई बार शरीर  डॉक्टर ने कहा कि कई बार शरीर हमें पहले से संकेत देता है, लेकिन लोग उसे समझ नहीं पाते. अगर किसी व्यक्ति को हर दो-तीन दिन में पेट दर्द हो रहा हो, हल्का बुखार बना रहता हो, भूख कम लग रही हो या कमजोरी महसूस हो रही हो, तो तुरंत जांच करवानी चाहिए. समय रहते अल्ट्रासाउंड या अन्य जरूरी जांच कराने से बीमारी की सही वजह पता चल सकती है. इन चीजों का सेवन करना बेहद जरूरी उन्होंने बताया कि पेट की समस्याओं का सीधा संबंध हमारी आंतों और पाचन तंत्र से होता है. खराब भोजन, गंदे हाथों से खाना खाना, बाहर का अस्वच्छ भोजन और दूषित तेल-मसालों का सेवन पेट की बीमारियों को बढ़ाता है. इसलिए साफ-सफाई और सही खानपान बेहद जरूरी है. डॉक्टर ने लोगों को सलाह दी कि जितना हो सके बाहर का खाना खाने से बचें. घर पर भी कम तेल और कम मसाले वाला भोजन करें. गर्मियों में शरीर को ठंडा रखने वाली चीजों का सेवन करना बेहद फायदेमंद होता है. उन्होंने कहा कि छाछ, दही और नींबू पानी पेट के लिए काफी लाभकारी हैं. ये न केवल शरीर को ठंडक देते हैं, बल्कि पाचन तंत्र को भी मजबूत बनाते हैं. गैस की समस्या में भी मिलती है राहत उन्होंने कहा कि गर्मियों में बच्चों और बड़ों दोनों को नियमित रूप से छाछ और दही का सेवन करना चाहिए. इससे शरीर में पानी की कमी नहीं होती और डिहाइड्रेशन से भी बचाव होता है. साथ ही पेट दर्द और गैस की समस्या में भी राहत मिलती है. डॉक्टर ने यह भी बताया कि शादी-ब्याह और गर्मियों के आयोजनों में लोग ज्यादा बाहर का खाना खाते हैं, जिससे गैस और पेट दर्द की शिकायत बढ़ जाती है. शरीर को स्वस्थ रखने में करते हैं मदद  ऐसे समय में हल्का भोजन करना और ज्यादा पानी पीना जरूरी है. नींबू पानी, छाछ और ठंडी तासीर वाले खाद्य पदार्थ शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं. उन्होंने कहा कि पेट दर्द को कभी भी हल्के में नहीं लेना चाहिए. अगर समस्या लगातार बनी रहे, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है. सही समय पर जांच और संतुलित खानपान से पेट संबंधी कई गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है.

आज भोजशाला पर हाईकोर्ट का फैसला, धार में अलर्ट जारी:जुमे की नमाज के दिन 12 लेयर में बंटी सुरक्षा, 1200 पुलिसकर्मी तैनात

आज भोजशाला पर हाईकोर्ट का फैसला, धार में अलर्ट जारी:जुमे की नमाज के दिन 12 लेयर में बंटी सुरक्षा, 1200 पुलिसकर्मी तैनात

धार के भोजशाला मामले में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच शुक्रवार को फैसला सुना सकती है। लंबे समय से विवाद और कानूनी प्रक्रिया में उलझे इस मामले में पूरे मध्य प्रदेश की नजर है। फैसले के मद्देनजर धार जिला प्रशासन और पुलिस अलर्ट मोड पर हैं। शुक्रवार होने से संवेदनशीलता और बढ़ गई है, क्योंकि इसी दिन मुस्लिम समाज भोजशाला परिसर में जुमे की नमाज अदा करता है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अपुष्ट जानकारी साझा नहीं करने की अपील की है। सोशल मीडिया पर भी निगरानी रखी जा रही है। भड़काऊ पोस्ट या अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। 12 लेयर सुरक्षा, 1200 पुलिसकर्मी तैनात धार पुलिस कंट्रोल रूम में जिलेभर से करीब 1200 पुलिसकर्मियों को बुलाया गया है। एसपी सचिन शर्मा ने कंट्रोल रूम पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा की और पुलिस बल को निर्देश दिए। एसपी ने बताया कि धार शहर की सुरक्षा 12 लेयर में की गई है। दोनों पक्षों से बातचीत कर शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की गई है। रिजर्व पुलिस बल और रैपिड एक्शन फोर्स को भी अलर्ट पर रखा गया है। 2022 में दायर हुई थी याचिका यह मामला 2022 में शुरू हुआ, जब रंजना अग्निहोत्री और अन्य ने हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दायर कर भोजशाला का धार्मिक स्वरूप तय करने और हिंदू समाज को पूर्ण अधिकार देने की मांग की। याचिका में नियमित पूजा-अर्चना का अधिकार, परिसर में नमाज पर रोक, ट्रस्ट गठन और ब्रिटिश म्यूजियम में रखी मां वाग्देवी की प्रतिमा वापस लाने जैसी मांगें शामिल हैं। ASI ने किया था 98 दिन का वैज्ञानिक सर्वे 2024 में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने भोजशाला परिसर का 98 दिन तक वैज्ञानिक सर्वे किया था। इसके बाद 23 जनवरी 2026 को वसंत पंचमी पर सुप्रीम कोर्ट ने दिनभर निर्बाध पूजा-अर्चना की अनुमति दी। हाईकोर्ट में 6 अप्रैल से नियमित सुनवाई शुरू हुई, जो 12 मई तक चली। हिंदू पक्ष ने मंदिर होने के दिए तर्क हिंदू पक्ष की ओर से अधिवक्ताओं ने भोजशाला को मां सरस्वती का मंदिर और प्राचीन विद्या केंद्र बताते हुए ऐतिहासिक दस्तावेज, ASI सर्वे, शिलालेख, स्थापत्य अवशेष और वसंत पंचमी पर पूजा की परंपरा का हवाला दिया। अधिवक्ता मनीष गुप्ता ने परमार राजा भोज के ग्रंथ समरांगण सूत्रधार का उल्लेख करते हुए कहा कि भोजशाला की संरचना उसमें वर्णित मंदिर निर्माण मानकों से मेल खाती है। मुस्लिम पक्ष ने सर्वे रिपोर्ट पर उठाए सवाल मुस्लिम पक्ष ने कोर्ट में तर्क दिया कि परिसर लंबे समय से कमाल मौला मस्जिद के रूप में उपयोग में रहा है और धार्मिक स्वरूप तय करने का अधिकार सिविल कोर्ट को है। सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद ने ASI सर्वे रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए कहा कि सर्वे के दौरान उपलब्ध कराई गई तस्वीरें और वीडियोग्राफी स्पष्ट नहीं थीं। उन्होंने यह भी कहा कि अयोध्या मामले के विपरीत भोजशाला में कोई स्थापित मूर्ति मौजूद नहीं है। याचिका में ये हैं प्रमुख मांगें वर्षों से बदलती रही व्यवस्था भोजशाला को लेकर वर्षों से विवाद और प्रशासनिक व्यवस्थाएं बदलती रही हैं। 2003 से यहां हर मंगलवार और वसंत पंचमी पर हिंदुओं को पूजा तथा शुक्रवार को मुस्लिम समाज को नमाज की अनुमति दी जाती है। बाकी दिनों में परिसर पर्यटकों के लिए खुला रहता है। 2013 और 2016 में वसंत पंचमी और शुक्रवार एक साथ पड़ने पर यहां तनाव की स्थिति भी बन चुकी है। ऐसे में आज का फैसला भोजशाला विवाद की आगे की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

NEET Paper Leak | mafia group on whatsapp

NEET Paper Leak | mafia group on whatsapp

Hindi News National NEET Paper Leak | Mafia Group On Whatsapp | CBI Probes Racket, Similar Questions Found नई दिल्ली21 मिनट पहलेलेखक: सुनील मौर्य कॉपी लिंक NEET 2026 का पेपर 1 मई को ही लीक कर दिया गया था। इसे प्राइवेट माफिया नाम के टेलीग्राम ग्रुप पर डाला गया था। इस पर भेजे गए सेट नंबर-12 के पेपर और 3 मई को हुई परीक्षा में आए 12 नंबर सेट में कई सवाल एक जैसे हैं। इसका एक वीडियो भी सामने आया है। दैनिक भास्कर ये दावा नहीं करता है कि ग्रुप में डाला गया पेपर NEET का लीक हुआ पेपर ही है। टेलीग्राम ग्रुप पर 1 मई की रात करीब 11:30 बजे डाले गए पेपर की PDF फाइल ओपन करने पर 12 नंबर का सेट दिखता है। इसकी पड़ताल करने के लिए हमने NEET के सेट नंबर-12 का पेपर निकाला। पेपर लीक के लिए प्राइवेट माफिया नाम का ग्रुप बनाया गया था। लीक बताए पेपर और NEET के पेपर में एक जैसे सवाल NEET के पेपर में सवाल नंबर 5 में एक बॉल के वर्टिकली ऊपर जाने और उसके बैक आने को लेकर वेलोसिटी और टाइम बताने के लिए फिगर बनाया गया है। ये सवाल लीक पेपर और असली पेपर में 100% मैच कर रहा है। इस पेज के दूसरे सवाल भी पूरी तरह से मैच कर रहे हैं। असली पेपर में सवाल नंबर 5 नंबर-23 और 24 भी वही हैं, जो प्राइवेट माफिया के पेपर में है। यहां तक कि सवाल नंबर भी वही है। सवाल नंबर-23 में लिखा है कि मोनोक्रोमेटिक लाइट की किरण एक प्रिज्म ABC से गुजर रही है। इस सवाल के साथ प्रिज्म की फोटो बनी है। लीक पेपर और असली पेपर में वही फोटो है। यहां तक कि सवाल के चारों ऑप्शन भी एक ही हैं। यानी ऑप्शन नंबर 1 में 40 डिग्री, ऑप्शन 2 में 45 डिग्री, ऑप्शन 3 में 55 डिग्री और ऑप्शन 4 में 35 डिग्री लिखा है। यही चारों ऑप्शन लीक हुए पेपर में भी हैं। इसके बाद सवाल नबर-24 में जो सर्किट बनाया गया है, वही लीक पेपर और असली पेपर में भी है। लीक पेपर में सवाल नंबर-23 और 24 असली पेपर में सवाल नंबर-23 और 24 402 मेंबर का ग्रुप, पासवर्ड से लॉक प्राइवेट माफिया नाम के टेलीग्राम ग्रुप में कुल 402 मेंबर हैं। इसे 2024 में ही पेपर लीक के लिए बनाया गया था। 1 मई को पेपर अपलोड करने से पहले एडमिन प्राइवेट माफिया ने मैसेज में लिखा था कि हम जल्द ही फुल पेपर अपलोड कर रहे हैं। उसका पासवर्ड है LeakMafia@9466 है। इस मैसेज के कुछ देर बाद ही रात में करीब 11:38 बजे लीक पेपर ग्रुप में डाल दिया गया। इसके बाद दूसरा मैसेज लिखा गया- जो पेपर हमने भेजा है। उसे सॉल्व कर लो। 99.99 प्रतिशत चांस है कि यही पेपर में आएगा। टेलीग्राम ग्रुप में पासवर्ड भी भेजा गया था। CBI कोर्ट में 5 आरोपियों की पेशी, 7 दिन की कस्टडी मिली पेपर लीक मामले में CBI ने अब तक नासिक के शुभम खैरनार, जयपुर के मांगीलाल बीवाल, विकास बीवाल, दिनेश बीवाल और गुरुग्राम के यश यादव को हिरासत में लिया है। CBI को इनकी 7 दिन की कस्टडी मिल गई है। स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर नीतू सिंह ने गुरुवार को सुनवाई के दौरान स्पेशल CBI जज अजय गुप्ता के सामने दलील दी कि पुलिस कस्टडी मांगने की पहली वजह इस बड़ी साजिश का पता लगाना है क्योंकि लीक हुआ क्वेश्चन पेपर पूरे देश में फैलाया गया था। उनकी कस्टडी मांगने की दूसरी वजह यह पता लगाना है कि रैकेट की पहुंच कहां तक है और कितने सरकारी कर्मचारी और प्रिंटिंग प्रेस से जुड़े लोग इस काम में शामिल हैं। पेपर लीक मामले में CBI ने 5 आरोपियों को हिरासत में लिया है। CBI के वकील की दलीलें… शुभम खैरनार ने ही सबसे पहले टेलीग्राम पर यश यादव को पेपर भेजा था। यह मांगीलाल को लीक डॉक्युमेंट भेजने की उसकी योजना का हिस्सा था। अप्रैल में शुभम खैरनार ने यश यादव को बताया था कि मांगीलाल ने उससे संपर्क किया है ताकि वह छोटे बेटे के लिए लीक पेपर का इंतजाम कर सके। इसके लिए बेटे ने 12 लाख रुपए खर्च किए थे। 29 अप्रैल को शुभम ने पैसों के बदले लीक पेपर देने का प्रस्ताव दिया। शुभम ने यश यादव से 10वीं और 12वीं के डॉक्युमेंट, NEET का रोल नंबर और सिक्योरिटी डिपॉजिट के तौर पर एक चेक जमा करने के लिए कहा। यादव ने आगे अपने दोस्त यश कक्कड़ से कहा कि वह मांगीलाल से ये डॉक्युमेंट ले ले। आरोप है कि उसने ये डॉक्युमेंट शुभम को नहीं भेजे। 29 अप्रैल को ही शुभम ने कथित तौर पर यश यादव को बताया कि वह फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के लीक पेपर दिलाएगा। पेपर में 500-600 सवाल होंगे। इनकी मदद से अच्छे नंबर मिल सकते हैं और किसी अच्छे मेडिकल कॉलेज में एडमिशन मिल सकता है। उन्होंने हूबहू वही सवाल नहीं दिए, बल्कि सभी विषयों से सैकड़ों या उससे ज्यादा सवालों को मिलाकर एक सेट तैयार किया। इससे स्टूडेंट्स का एडमिशन हो जाता और किसी को इस बात की भनक भी नहीं लगती। यश यादव को टेलीग्राम के जरिए लीक पेपर की PDF फाइल मिली। उसके फोन से एक PDF फाइल मिली है, जिसमें पेपर के वही सवाल थे। एजेंसी को उसकी शुभम और मांगीलाल के बीच हुई वॉट्सएप चैट भी मिली है। मांगी लाल को 29 अप्रैल को टेलीग्राम पर यश यादव से लीक हुआ पेपर मिला था। यह सौदा 10 लाख रुपए में तय हुआ था। इस शर्त पर कि 150 सवाल असली पेपर से मेल खाएंगे। मांगी लाल ने सवालों की प्रिंटेड कॉपियां बेटे अमन, चचेरे भाई ऋषि और गुंजन को दीं। ये सभी NEET का पेपर देने वालेे थे। यही कॉपियां बेटे के दोस्त विकास बीवाल और परिचित टीचर सत्य नारायण को भी दिए। ये सवाल सही जवाबों के साथ शेयर किए गए थे। CBI की पूछताछ के दौरान मांगीलाल के बेटे विकास ने बताया कि सीकर में कोचिंग के दौरान वह यश यादव के संपर्क में आया था। विकास ने दावा किया था कि यश यादव पैसों के बदले NEET UG 2026 का पेपर

Iran Seizes Oil Tanker | Hormuz Protocols Issued; BRICS US Condemnation Appeal

Iran Seizes Oil Tanker | Hormuz Protocols Issued; BRICS US Condemnation Appeal

तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी11 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने गुरुवार को दावा किया कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने होर्मुज को खुला रखने में मदद की पेशकश की है। फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में ट्रम्प ने कहा कि शी जिनपिंग चाहते हैं कि अमेरिका और ईरान के बीच कोई समझौता हो जाए। ट्रम्प के मुताबिक, शी जिनपिंग ने कहा कि अगर मैं किसी तरह मदद कर सकता हूं, तो मैं मदद करना चाहूंगा। चीन बड़ी मात्रा में ईरानी तेल खरीदता है, इसलिए उसकी भी दिलचस्पी है कि होर्मुज खुला रहे। उन्होंने कहा, जो देश इतना ज्यादा तेल खरीदता है, उसका जाहिरतौर पर ईरान के साथ रिश्ता होता है। चीन चाहता है कि होर्मुज स्ट्रेट खुला रहे। वहीं, ईरान ने होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों के लिए नए नियम लागू किए हैं। अब इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों को ईरान की निगरानी और मंजूरी से गुजरना पड़ रहा है। उन्होंने BRICS देशों से अपील की है कि वो अमेरिका और इजराइल की निंदा करें। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… 1. होर्मुज में गुजरात का एक और जहाज डूबा: गुजरात का मालवाहक जहाज ‘हाजी अली’ ओमान के पास ड्रोन या मिसाइल जैसे हमले की चपेट में आकर डूब गया। सभी 14 क्रू मेंबर्स को सुरक्षित बचा लिया गया। 2. ईरान ने चीनी जहाजों को होर्मुज से गुजरने दिया: ईरानी मीडिया के मुताबिक IRGC की निगरानी में कई चीनी जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित निकाला गया। 3. ईरान बोला- इजराइल के साथ मिलीभगत करने वालों को जवाब मिलेगा: ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने चेतावनी दी कि इजराइल के साथ मिलकर ईरान के खिलाफ साजिश करने वालों को जवाब दिया जाएगा। उनका बयान नेतन्याहू के कथित UAE दौरे के दावे के बाद आया। 4. ईरान ने BRICS से अमेरिका-इजराइल की निंदा करने को कहा: नई दिल्ली में BRICS बैठक के दौरान ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने अमेरिका और इजराइल पर अंतरराष्ट्रीय कानून तोड़ने का आरोप लगाया और BRICS देशों से खुलकर विरोध की अपील की। 5. अमेरिका का दावा- होर्मुज नाकाबंदी के बाद 70 जहाजों ने रास्ता बदला: CENTCOM के मुताबिक होर्मुज में तनाव बढ़ने के बाद अब तक 70 व्यापारिक जहाजों ने अपना रूट बदल लिया है। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए… लाइव अपडेट्स 11 मिनट पहले कॉपी लिंक ईरान बोला- होर्मुज में ‘जंग का नाटक’’ कर रहा अमेरिका ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर गालिबाफ ने अमेरिका पर होर्मुज इलाके में जंग का नाटक करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि भारी कर्ज में डूबा अमेरिका पश्चिम एशिया में सैन्य ताकत दिखाने पर पैसा खर्च कर रहा है। गालिबाफ ने सोशल मीडिया पोस्ट में अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ पर भी निशाना साधा। उन्होंने हेगसेथ को फेल टीवी होस्ट बताते हुए कहा कि अमेरिका 2007 के बाद सबसे ज्यादा दरों पर पैसा खर्च कर होर्मुज में सैन्य मौजूदगी बढ़ा रहा है। गालिबाफ ने कहा कि अमेरिका पर पहले से 39 ट्रिलियन डॉलर का कर्ज है, लेकिन इसके बावजूद वह क्षेत्र में सैन्य तनाव बढ़ाने में लगा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि इस रणनीति का नतीजा सिर्फ एक नए वैश्विक वित्तीय संकट के रूप में सामने आएगा। 16 मिनट पहले कॉपी लिंक ईरान और अरब देशों के बीच शांति समझौते की कोशिश सऊदी अरब मिडिल ईस्ट के देशों और ईरान के बीच एक नए सुरक्षा समझौते की कोशिश कर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच युद्ध खत्म होने के बाद यह पहल आगे बढ़ाई जा सकती है। फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट में एक अरब राजनयिक के हवाले से कहा गया है कि यह नॉन-एग्रेसन पैक्ट यानी ऐसा समझौता होगा जिसमें शामिल देश एक-दूसरे पर हमला नहीं करने का वादा करेंगे। रिपोर्ट के अनुसार, यह समझौता 1975 के हेलसिंकी समझौते की तर्ज पर हो सकता है। उस समझौते पर अमेरिका, यूरोपीय देशों और सोवियत संघ ने हस्ताक्षर किए थे। राजनयिक ने कहा कि यह समझौता कितना सफल होगा, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि इसमें कौन-कौन से देश शामिल होते हैं। उन्होंने कहा कि अगर इजराइल इसमें शामिल नहीं होता, तो यह समझौता उल्टा असर भी डाल सकता है, क्योंकि कई देश इजराइल को भी क्षेत्र में संघर्ष की बड़ी वजह मानते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि ईरान इस क्षेत्र से कहीं जाने वाला नहीं है और इसी कारण सऊदी अरब इस समझौते को आगे बढ़ाना चाहता है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि कुछ राजनयिकों को शक है कि UAE इस समझौते में शामिल होगा या नहीं। UAE ने साल 2020 में अब्राहम अकॉर्ड्स के तहत इजराइल के साथ संबंध सामान्य किए थे और दोनों देशों के बीच करीबी रिश्ते हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Trump-Xi Meet: Trump china Visit Xi Jinping boeing deals

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बीजिंग15 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प आज चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से दूसरी बार मुलाकात करेंगे। दोनों नेताओं की बैठक पर दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बैठक में करीब ₹9 लाख करोड़ की बड़ी बोइंग विमान डील हो सकती है। चीन अमेरिकी विमान निर्माता कंपनी बोइंग से बड़ी संख्या में विमान खरीदने का समझौता कर सकता है। इस मुलाकात में व्यापार और निवेश के अलावा कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है। इनमें ताइवान को लेकर बढ़ता तनाव और ईरान से जुड़ी जंग की स्थिति भी शामिल है। अमेरिका और चीन के बीच पिछले कुछ समय से व्यापार, तकनीक और सुरक्षा को लेकर तनाव बना हुआ है। हालांकि, दोनों देश रिश्तों को बेहतर करने की कोशिश भी कर रहे हैं। ट्रम्प कल चीनी राष्ट्रपति के साथ बीजिंग स्थित फेमस हैवन टैंपल देखने पहुंचे थे। ट्रम्प बोले- अमेरिका-चीन के लोगों में आपसी सम्मान है अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कल चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ स्टेट डिनर में अमेरिका और चीन के ऐतिहासिक रिश्तों का जिक्र किया। ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका और चीन के लोगों के बीच लंबे समय से आपसी सम्मान की भावना रही है। ट्रम्प ने आगे बताया कि अमेरिका के संस्थापक नेताओं में से एक बेंजामिन फ्रैंकलिन ने चीनी दार्शनिक कन्फ्यूशियस के विचारों को लोगों तक पहुंचाया था। चीन के लोगों ने अमेरिका के पहले राष्ट्रपति जॉर्ज वॉशिंगटन की याद में एक स्मारक पत्थर भेंट किया। उस पर उन्हें महान नेता और सेनापति बताया गया था। साथ ही, ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका में अटलांटिक और प्रशांत महासागर को जोड़ने वाली रेलवे लाइन बिछाने में चीनी मजदूरों का बड़ा योगदान था। वहीं, अमेरिका से चीन जाने वाले यात्रियों ने वहां शिक्षा और आधुनिक चिकित्सा के प्रसार में मदद की। ट्रम्प ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति थियोडोर रूजवेल्ट का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि रूजवेल्ट की मदद से चीन की मशहूर त्सिंगहुआ यूनिवर्सिटी शुरू हुई थी, जहां शी जिनपिंग ने पढ़ाई की। ट्रम्प ने स्टेट डिनर के दौरान अपने संबोधन के बाद हाथ में ग्लास लेकर टोस्ट किया। ट्रम्प-जिनपिंग के बीच 4 और अहम मुद्दों पर बातचीत संभव 1. ट्रेड टैरिफ विवाद अमेरिका-चीन ट्रेड वॉर अब भी बड़ा मुद्दा है। ट्रम्प पहले चीनी सामान पर भारी टैरिफ की चेतावनी दे चुके हैं। दोनों देश अब व्यापारिक तनाव कम करने पर बातचीत कर सकते हैं। 2. ताइवान और हथियार बिक्री ताइवान को लेकर भी दोनों देशों के बीच तनाव बना हुआ है। ट्रम्प ने कहा है कि वह शी जिनपिंग से 11 अरब डॉलर के अमेरिकी हथियार पैकेज पर बात करेंगे। चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है और अमेरिकी हथियार बिक्री का लगातार विरोध करता रहा है। 3. रेयर अर्थ मिनरल्स और AI रेयर अर्थ मिनरल्स इलेक्ट्रिक व्हीकल, चिप्स और डिफेंस इंडस्ट्री के लिए बेहद अहम हैं। चीन दुनिया का सबसे बड़ा सप्लायर है, जबकि अमेरिका उसकी निर्भरता कम करना चाहता है। AI और सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी को लेकर भी दोनों देशों के बीच प्रतिस्पर्धा तेज हो चुकी है। 4. सोयाबीन और कृषि व्यापार चीन अमेरिकी किसानों के लिए बड़ा बाजार है। ट्रेड वॉर के बाद चीन ने अमेरिकी सोयाबीन खरीद घटाई थी। अब ट्रम्प प्रशासन कृषि निर्यात बढ़ाने की कोशिश कर सकता है। —————– यह खबर भी पढ़ें… जिनपिंग ने ट्रम्प से कहा- पार्टनर बनें, कॉम्पटीटर नहीं:ट्रेड वॉर में कोई नहीं जीतता; ट्रम्प बोले- आपसे दोस्ती सम्मान की बात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने गुरुवार को बीजिंग में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की। बीजिंग के ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में जिनपिंग ने ट्रम्प का स्वागत किया। इस दौरान ट्रम्प को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और दोनों नेताओं ने हाथ मिलाया। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Trump-Xi Meet: Trump china Visit Xi Jinping boeing deals

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बीजिंग47 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प आज चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से दूसरी बार मुलाकात करेंगे। दोनों नेताओं की बैठक पर दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बैठक में करीब ₹9 लाख करोड़ की बड़ी बोइंग विमान डील हो सकती है। चीन अमेरिकी विमान निर्माता कंपनी बोइंग से बड़ी संख्या में विमान खरीदने का समझौता कर सकता है। इस मुलाकात में व्यापार और निवेश के अलावा कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है। इनमें ताइवान को लेकर बढ़ता तनाव और ईरान से जुड़ी जंग की स्थिति भी शामिल है। अमेरिका और चीन के बीच पिछले कुछ समय से व्यापार, तकनीक और सुरक्षा को लेकर तनाव बना हुआ है। हालांकि, दोनों देश रिश्तों को बेहतर करने की कोशिश भी कर रहे हैं। ट्रम्प कल चीनी राष्ट्रपति के साथ बीजिंग स्थित फेमस हैवन टैंपल देखने पहुंचे थे। ट्रम्प बोले- अमेरिका-चीन के लोगों में आपसी सम्मान है अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कल चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ स्टेट डिनर में अमेरिका और चीन के ऐतिहासिक रिश्तों का जिक्र किया। ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका और चीन के लोगों के बीच लंबे समय से आपसी सम्मान की भावना रही है। ट्रम्प ने आगे बताया कि अमेरिका के संस्थापक नेताओं में से एक बेंजामिन फ्रैंकलिन ने चीनी दार्शनिक कन्फ्यूशियस के विचारों को लोगों तक पहुंचाया था। चीन के लोगों ने अमेरिका के पहले राष्ट्रपति जॉर्ज वॉशिंगटन की याद में एक स्मारक पत्थर भेंट किया। उस पर उन्हें महान नेता और सेनापति बताया गया था। साथ ही, ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका में अटलांटिक और प्रशांत महासागर को जोड़ने वाली रेलवे लाइन बिछाने में चीनी मजदूरों का बड़ा योगदान था। वहीं, अमेरिका से चीन जाने वाले यात्रियों ने वहां शिक्षा और आधुनिक चिकित्सा के प्रसार में मदद की। ट्रम्प ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति थियोडोर रूजवेल्ट का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि रूजवेल्ट की मदद से चीन की मशहूर त्सिंगहुआ यूनिवर्सिटी शुरू हुई थी, जहां शी जिनपिंग ने पढ़ाई की। ट्रम्प ने स्टेट डिनर के दौरान अपने संबोधन के बाद हाथ में ग्लास लेकर टोस्ट किया। ट्रम्प-जिनपिंग के बीच 4 और अहम मुद्दों पर बातचीत संभव 1. ट्रेड टैरिफ विवाद अमेरिका-चीन ट्रेड वॉर अब भी बड़ा मुद्दा है। ट्रम्प पहले चीनी सामान पर भारी टैरिफ की चेतावनी दे चुके हैं। दोनों देश अब व्यापारिक तनाव कम करने पर बातचीत कर सकते हैं। 2. ताइवान और हथियार बिक्री ताइवान को लेकर भी दोनों देशों के बीच तनाव बना हुआ है। ट्रम्प ने कहा है कि वह शी जिनपिंग से 11 अरब डॉलर के अमेरिकी हथियार पैकेज पर बात करेंगे। चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है और अमेरिकी हथियार बिक्री का लगातार विरोध करता रहा है। 3. रेयर अर्थ मिनरल्स और AI रेयर अर्थ मिनरल्स इलेक्ट्रिक व्हीकल, चिप्स और डिफेंस इंडस्ट्री के लिए बेहद अहम हैं। चीन दुनिया का सबसे बड़ा सप्लायर है, जबकि अमेरिका उसकी निर्भरता कम करना चाहता है। AI और सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी को लेकर भी दोनों देशों के बीच प्रतिस्पर्धा तेज हो चुकी है। 4. सोयाबीन और कृषि व्यापार चीन अमेरिकी किसानों के लिए बड़ा बाजार है। ट्रेड वॉर के बाद चीन ने अमेरिकी सोयाबीन खरीद घटाई थी। अब ट्रम्प प्रशासन कृषि निर्यात बढ़ाने की कोशिश कर सकता है। —————– यह खबर भी पढ़ें… जिनपिंग ने ट्रम्प से कहा- पार्टनर बनें, कॉम्पटीटर नहीं:ट्रेड वॉर में कोई नहीं जीतता; ट्रम्प बोले- आपसे दोस्ती सम्मान की बात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने गुरुवार को बीजिंग में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की। बीजिंग के ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में जिनपिंग ने ट्रम्प का स्वागत किया। इस दौरान ट्रम्प को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और दोनों नेताओं ने हाथ मिलाया। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Trump china visit state dinner beijing temple heaven photos

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बीजिंग29 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के चीन दौरे का आज तीसरा दिन है। ट्रम्प ने गुरुवार को बीजिंग में चीनी राष्ट्रपति के साथ ‘टैंपल ऑफ हैवन’ देखा। यहां उनके साथ बेटे एरिक और बहू लारा भी मौजूद थे। इसके बाद दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय मीटिंग की। चीन ने बुधवार शाम को ट्रम्प के सम्मान में स्टेट डिनर आयोजित किया। दावत में चीन की मशहूर डिश ‘बीजिंग रोस्ट डक’ परोसी गई। इसके अलावा बीफ रिब्स भी रखे गए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रम्प को अच्छी तरह पका हुआ मांस पसंद है, इसलिए मेन्यू में यह डिश शामिल की गई। मिठाई में तिरामिसू, आइसक्रीम, ताजे फल और शंख जैसी दिखने वाली खास पेस्ट्री परोसी गई। वहीं, अमेरिकी मीडिया चैनल Fox न्यूज के पत्रकार चीन की राजधानी बीजिंग की सड़कों पर लगे सैकड़ों CCTV कैमरे देखकर हैरान रह गए। 20 तस्वीरें में देखिए ट्रम्प की चीन दौरा… चीन के स्टेट डिनर की तस्वीरें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग गुरुवार को चीन की राजधानी बीजिंग स्थित ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में आयोजित स्टेट डिनर में पहुंचते हुए। ट्रम्प के बेटे एरिक ट्रम्प और उनकी पत्नी लारा ट्रम्प भी स्टेट डिनर में शामिल हुए। चीनी कर्मचारी स्टेट डिनर से पहले टेबल तैयार करते हुए। कर्मचारियों ने इस दौरान साफ सफाई का काफी ध्यान रखा, उन्होंने हैंड ग्लव्स पहने हुए थे। स्टेट डिनर के लिए सजाई गई प्लेट्स। इस डिनर में बीजिंग रोस्ट डक, बीफ रिब्स, चीनी व्यंजन, मौसमी सब्जियों से बनी डिशें, मिठाई में तिरामिसू, आइसक्रीम, ताजे फल, शंख के आकार की खास पेस्ट्री शामिल थी। ट्रम्प स्टेट डिनर के दौरान चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ बैठे हुए। ट्रम्प ने स्टेट डिनर के दौरान अमेरिका और चीन के ऐतिहासिक रिश्तों की जिक्र किया। ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका और चीन के लोगों के बीच लंबे समय से आपसी सम्मान की भावना रही है। स्टेट डिनर में शामिल नेता और बिजनेसमैन टेस्ला के CEO और दुनिया के सबसे अमीर इंसान इलॉन मस्क स्टेट डिनर के दौरान शी जिनपिंग का भाषण सुनते हुए। एपल के CEO टिम कुक भी स्टेट डिनर में शामिल हुए। ट्रम्प के साथ 17 अमेरिकी कंपनियों के CEO भी चीन पहुंचे हैं। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ स्टेट डिनर के दौरान चीनी अधिकारियों से बात करते हुए। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और इलॉन मस्क की स्टेट डिनर के दौरान की तस्वीर। ट्रम्प की बीजिंग में हैवन टैंपल विजिट चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग गुरुवार को चीन की राजधानी बीजिंग स्थित टैंपल ऑफ हेवन के बाहर ट्रम्प का इंतजार करते हुए। ट्रम्प के पहुंचते ही जिनपिंग ने उनसे हाथ मिलाया और फिर दोनों नेताओं ने टैंपल का दौरा किया। ट्रम्प बोर्ड पर लिखा हुआ मंदिर का इतिहास पढ़ते हुए। हैवन टैंपल करीब 600 साल पुराना है। इसे चीन के मिंग और छिंग राजवंश के सम्राटों ने बनवाया था। पुराने समय में चीन के राजा यहां अच्छी फसल और शांति के लिए पूजा करने आते थे। टैंपल ऑफ हेवन अपनी खूबसूरत गोलाकार इमारत, नीली छत और पारंपरिक चीनी वास्तुकला के लिए दुनिया भर में मशहूर है। यहां का सबसे प्रसिद्ध हिस्सा ‘हॉल ऑफ प्रेयर फॉर गुड हार्वेस्ट्स’ है, जहां खास धार्मिक समारोह होते थे। ट्रम्प अपनी बहू लारा और एरिक के साथ मंदिर के बाहर तस्वीर खिंचाते हुए। इस दौरान चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी मौजूद थे। ट्रम्प के दौरे से जुड़ी अन्य तस्वीरें चीनी आर्मी के सोल्जर डोनाल्ड ट्रम्प को गार्ड ऑफ ऑनर देते हुए। ट्रम्प और जिनपिंग का चीन की राजधानी बीजिंग स्थित ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में स्वागत समारोह के दौरान बच्चों का अभिवादन करते हुए। फॉक्स न्यूज के एक पत्रकार ने बीजिंग में लगे सैकड़ों CCTV कैमरे देखकर हैरानी जताई। उन्होंने बताया कि उनके ड्राइवर ने दो मिनट के लिए गलत जगह कार पार्क कर दी थी, जिसके बाद उन पर 3600 रुपए का जुर्माना लगाया गया। ट्रम्प बुधवार को जब बीजिंग के इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहुंचे, तब करीब 300 चीनी बच्चों ने उनका स्वागत किया। ट्रम्प के सम्मान में एयरपोर्ट पर रेड कार्पेट बिछाया गया। ट्रम्प के बीजिंग पहुंचने से पहले बुधवार को चीन की राजधानी बीजिंग में थियानमेन गेट पर चीनी राष्ट्रपिता माओत्से तुंग की तस्वीर के पास अमेरिकी और चीनी झंडे लगाए गए। ———————- यह खबर भी पढ़ें… जिनपिंग ने ट्रम्प से कहा- पार्टनर बनें, कॉम्पटीटर नहीं:ट्रेड वॉर में कोई नहीं जीतता; ट्रम्प बोले- आपसे दोस्ती सम्मान की बात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने गुरुवार को बीजिंग में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की। बीजिंग के ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में जिनपिंग ने ट्रम्प का स्वागत किया। इस दौरान ट्रम्प को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और दोनों नेताओं ने हाथ मिलाया। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

तमिलनाडु के सीएम आवास ही विजय ने लिखी पीएम मोदी की चिट्ठी, जानिए क्या है हटाने की अपील

तमिलनाडु के सीएम आवास ही विजय ने लिखी पीएम मोदी की चिट्ठी, जानिए क्या है हटाने की अपील

तमिल के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विक्ट्री ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से 11 प्रतिशत आयात शुल्क हटाने का आग्रह किया। उन्होंने चेतावनी दी कि राज्य के कच्चे माल की आबादी और खाद्य क्षेत्र के कारण गंभीर संकट का सामना करना पड़ रहा है। प्रधानमंत्री ने एक पत्र में लिखा है कि सीएम मोदी ने कहा है कि विशाल पैमाने पर विशाल पैकेज ने प्लास्टिक के कलाकारों पर दबाव डाला है और इस क्षेत्र पर अविश्वसनीय अंधविश्वास की रोजी-रोटी को खतरे में डाल दिया है। तमिलनाडु को भारत का सबसे बड़ा कपड़ा और निजी उपभोक्ता बनाने वाला राज्य के कर्मचारी मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि यह उद्योग लाखों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार देता है। मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि पेट्रोलियम उद्योग, कपड़ा उद्योग, कपड़ा उद्योग में भारी गिरावट के कारण एक गंभीर संकट पैदा हो गया है। मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि यह समूह मुख्य रूप से घरेलू ऊर्जा उत्पादन में कमी और पूरे देश में भारी मात्रा में व्यावसायिक व्यापार का कारण बना है, जिससे आपूर्ति शृंखला बाधित हुई है और कपड़ा उद्योग पर असर पड़ा है। उन्होंने आगे कहा कि कच्चे माल की निरंतर आपूर्ति अब केवल आयात के माध्यम से ही सुनिश्चित की जा सकती है, लेकिन कंसीलर पर स्थिर 11 प्रतिशत दर के कारण मूल्य और उद्योग के लिए एक अचूक साबित हो रहा है। मुख्यमंत्री के अनुसार, पिछले दो महीनों में सिक्के की कीमत 54,700 रुपये से लेकर यूरो 67,700 रुपये प्रति कैंडी हो गई है, जिसमें लगभग 25 प्रतिशत की भारी बढ़त दर्ज की गई है। इसी अवधि के दौरान, वगेरह के शोरूम भी 301 रुपये प्रति रेस से बढ़कर 330 रुपये प्रति रेस हो गए। मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि यह समूह मुख्य रूप से घरेलू ऊर्जा उत्पादन में कमी और पूरे देश में भारी मात्रा में व्यावसायिक व्यापार का कारण बना है, जिससे आपूर्ति शृंखला बाधित हुई है और कपड़ा उद्योग पर असर पड़ा है। (टैग्सटूट्रांसलेट)पीएम मोदी(टी)तमिलनाडु(टी)थलपति विजय(टी)तमिलनाडु(टी)थलपति विजय(टी) पीएम मोदी

पेट्रोल और डीजल 3 रुपए प्रति लीटर महंगा:दिल्ली में अब पेट्रोल की कीमत 97.77 रुपए प्रति लीटर, डीजल 99.67 रुपए प्रति लीटर हुआ

पेट्रोल और डीजल 3 रुपए प्रति लीटर महंगा:दिल्ली में अब पेट्रोल की कीमत 97.77 रुपए प्रति लीटर, डीजल 99.67 रुपए प्रति लीटर हुआ

पेट्रोल और डीजल 3 रुपए प्रति लीटर महंगा हो गया है । दिल्ली में अब पेट्रोल की कीमत 97.77 रुपए प्रति लीटर हो गई है, जबकि डीजल 99.67 रुपए प्रति लीटर के भाव पर मिलेगा।

Fuel Costs ₹3 More Per Litre

पेट्रोल और डीजल 3 रुपए प्रति लीटर महंगा:दिल्ली में अब पेट्रोल की कीमत 97.77 रुपए प्रति लीटर, डीजल 99.67 रुपए प्रति लीटर हुआ

नई दिल्ली8 मिनट पहले कॉपी लिंक पेट्रोल और डीजल 3-3 रुपए प्रति लीटर महंगा हो गया है। दिल्ली में अब पेट्रोल 94.77 रुपए की जगह 97.77 रुपए प्रति लीटर में मिलेगा। डीजल की कीमत 87.67 से बढ़कर 90.67 रुपए प्रति लीटर हो गई है। पेट्रोल की कीमतों में क्यों हुई बढ़ोतरी? इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव है। ईरान और अमेरिका की जंग शुरू होने से पहले क्रूड ऑयल के दाम 70 डॉलर थे जो अब बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गए हैं। क्रूड की कीमतें बढ़ने से तेल कंपनियां दबाव में थीं। इसलिए कंपनियों ने घाटे की भरपाई के लिए यह कदम उठाया है। अगर कच्चे तेल की कीमतों में लंबे समय तक तेजी बनी रहती है तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें और भी बढ़ाई जा सकती हैं। बढ़ोतरी से पहले के पेट्रोल-डीजल के दाम पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 10-10 रुपए घटाई थी इससे पहले सरकार ने पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर रखने के लिए स्पेशल एक्साइज ड्यूटी में 10-10 रुपए की कटौती की थी। पेट्रोल पर ड्यूटी ₹13 रुपए प्रति लीटर से घटाकर ₹3 रुपए, जबकि डीजल पर ₹10 से शून्य कर दी गई थी। केंद्र सरकार की ओर से एक लीटर पेट्रोल पर कुल 21.90 रुपए एक्साइज ड्यूटी वसूली जाती थी। स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्टूटी घटने के बाद यह 11.90 रुपए रह गई थी। इसी तरह, एक लीटर डीजल पर कुल सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी 17.8 रुपए से घटकर 7.8 रुपए पर आ गई थी। सरकार का ये फैसला पेट्रोल-डीजल की कीमतों को स्थिर रखने के लिए था। इस निर्णय की वजह से पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़े थे। पूरी खबर पढ़ें… पीएम मोदी ने कहा था- ईंधन का इस्तेमाल कम करें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को तेलंगाना में एक कार्यक्रम के दौरान पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक हालात को देखते हुए पेट्रोलियम उत्पादों के सावधानीपूर्वक उपयोग का सुझाव दिया था। पीएम ने कहा था कि आज समय की मांग है कि पेट्रोल, गैस और डीजल का उपयोग बहुत संयम से किया जाए। हमें आयातित पेट्रो उत्पादों का उपयोग केवल जरूरत के अनुसार ही करना चाहिए। इससे न केवल विदेशी मुद्रा बचेगी, बल्कि युद्ध के प्रतिकूल प्रभाव भी कम होंगे। —————— ये खबर भी पढ़ें… महाराष्ट्र के CM फडणवीस बाइक से विधानभवन पहुंचे:दिल्ली में सरकारी कर्मचारी 2 दिन ‘वर्क फ्रॉम होम’ करेंगे; मोदी की पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील का असर पीएम मोदी की पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील का असर 13 राज्यों में दिख रहा है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस गुरुवार को MLC शपथ ग्रहण समारोह के लिए बाइक से विधान भवन पहुंचे। वहीं दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने पेट्रोल-डीजल की बचत के लिए नए आदेश जारी किए। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔