कॉफी छोड़ लोग पी रहे ‘Cortisol Mocktail’, क्या सच में मिनटों में कम होता है स्ट्रेस?

Last Updated:May 18, 2026, 15:52 IST सोशल मीडिया पर इन दिनों “Cortisol Mocktail” तेजी से वायरल हो रहा है. नारियल पानी और नींबू जैसे इंग्रेडिएंट्स से बना यह कैफीन-फ्री ड्रिंक स्ट्रेस कम करने का दावा करता है. हालांकि एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह सिर्फ सपोर्टिव ड्रिंक है, तनाव का पूरा इलाज नहीं. ख़बरें फटाफट आजकल सोशल मीडिया पर एक नया ट्रेंड तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे “Cortisol Mocktail” कहा जा रहा है. कहा जा रहा है कि यह ड्रिंक तनाव यानी स्ट्रेस हार्मोन कोर्टिसोल को कम करने में मदद करता है और कुछ ही मिनटों में शरीर को रिलैक्स महसूस कराता है. इसी वजह से कई लोग अब अपनी सुबह की कॉफी छोड़कर इस नए हेल्दी ड्रिंक को अपना रहे हैं. लेकिन सवाल यह है कि क्या सच में यह ड्रिंक इतना असरदार है या सिर्फ एक और वेलनेस ट्रेंड है? कॉर्टिसोल मॉकटेल एक तरह का हेल्दी ड्रिंक कॉम्बिनेशन है. इसमें आमतौर पर नारियल पानी, नींबू का रस, नमक और कुछ प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट ड्रिंक्स या जूस शामिल किए जाते हैं. कुछ लोग इसमें मैग्नीशियम पाउडर या हर्बल इंग्रेडिएंट्स भी मिलाते हैं. इसे “कॉर्टिसोल मॉकटेल” इसलिए कहा जाता है क्योंकि माना जाता है कि यह शरीर में स्ट्रेस हार्मोन को बैलेंस करने में मदद करता है. क्या सच में कम होता है स्ट्रेस?विशेषज्ञों के अनुसार, कोई भी एक ड्रिंक सीधे तौर पर स्ट्रेस को पूरी तरह खत्म नहीं कर सकता. हालांकि, इसमें शामिल कुछ तत्व शरीर को रिलैक्स करने में मदद कर सकते हैं. जैसे नारियल पानी शरीर को हाइड्रेट रखता है और इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस सुधारता है, जिससे थकान कम महसूस होती है. नींबू में मौजूद विटामिन C इम्यून सिस्टम को सपोर्ट करता है, जो स्ट्रेस के असर को थोड़ा कम महसूस कराने में मदद कर सकता है. लेकिन यह समझना जरूरी है कि स्ट्रेस एक जटिल मानसिक और शारीरिक स्थिति है, जिसे सिर्फ किसी ड्रिंक से पूरी तरह कंट्रोल नहीं किया जा सकता. इसके लिए नींद, लाइफस्टाइल, एक्सरसाइज और मेंटल हेल्थ का सही संतुलन ज्यादा महत्वपूर्ण होता है. क्यों छोड़ रहे हैं लोग कॉफी?कॉफी में कैफीन होता है, जो कुछ लोगों में बेचैनी, घबराहट और हार्ट रेट बढ़ा सकता है. खासकर जो लोग पहले से ही स्ट्रेस या एंग्जायटी महसूस करते हैं, वे कॉफी की जगह ऐसे ड्रिंक्स चुन रहे हैं जो शरीर को हल्का और शांत महसूस कराएं. कॉर्टिसोल मॉकटेल को लोग इसलिए भी पसंद कर रहे हैं क्योंकि यह कैफीन-फ्री होता है और हाइड्रेशन भी देता है. क्या यह सच में फायदेमंद है?अगर इसे एक हेल्दी ड्रिंक की तरह देखा जाए तो यह फायदेमंद हो सकता है, खासकर गर्मियों में शरीर को हाइड्रेट रखने और हल्का महसूस कराने के लिए. लेकिन इसे “मैजिक स्ट्रेस रिमूवर” मानना सही नहीं होगा. एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर किसी को लंबे समय तक स्ट्रेस, नींद की समस्या या एंग्जायटी है, तो उसे लाइफस्टाइल सुधार और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए. About the Author Vividha SinghSub Editor विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi
India Test ODI Squad 2026 Vs Afghanistan; Virat Kohli Rohit Sharma

मुंबई11 मिनट पहले कॉपी लिंक अफगानिस्तान अगले महीने भारतीय दौरे पर आ रही है। उसे यहां 6 जून से एक टेस्ट और 3 वनडे मैचों की सीरीज खेलनी है। इस सीरीज के खिलाफ भारतीय क्रिकेट टीम का ऐलान मंगलवार को होगा। यह दावा PTI ने अपनी एक रिपोर्ट में किया है। इसके अनुसार गुवाहाटी में होने वाली सिलेक्शन कमेटी की बैठक में जसप्रीत बुमराह को वर्कलोड मैनेजमेंट के तहत आराम दिया जा सकता है। साथ ही रोहित शर्मा की फिटनेस पर भी चर्चा होगी। देवदत्त पडिक्कल, आकिब नबी और प्रिंस यादव पर भी नजरें रहेंगी। बुमराह को वनडे और टेस्ट से मिल सकता है आराम सिलेक्शन कमेटी के मुताबिक बुमराह को टेस्ट और वनडे में साथ खिलाने की संभावना कम है। उन्हें वनडे सीरीज से आराम दिया जा सकता है। ताकि उन्हें 2027 वनडे वर्ल्डकप के लिए फिट रखा जा सके। उनके मामले में टीम मैनेजमेंट कोई जोखिम नहीं लेना चाहता। बुमराह की गैरमौजूदगी में मोहम्मद सिराज भारत के पेस अटैक को लीड कर सकते हैं। प्रसिद्ध कृष्णा का चयन भी तय माना जा रहा है। पीठ की समस्या से जूझ रहे हार्दिक पंड्या की उपलब्धता अब भी स्पष्ट नहीं है। रोहित पर फैसला बाकी, विराट खेलेंगे वनडे रोहित शर्मा IPL में मांसपेशियों की चोट से जूझते रहे हैं। वे IPL में मुंबई के कई मैचों से बाहर रहे। ऐसे में सिलेक्टर्स उन्हें वनडे टीम में तभी शामिल करेंगे, जब वे पूरी तरह फिट होंगे। वहीं, शानदार फॉर्म में चल रहे विराट कोहली के सभी वनडे खेलने की संभावना है। रोहित और कोहली ने 18 जनवरी को इंदौर में एक साथ पिछला वनडे मैच खेला था। नंबर-3 के लिए पडिक्कल पर दांव चेतेश्वर पुजारा के बाहर होने के बाद भारत को टेस्ट में नंबर-3 पर स्थायी बल्लेबाज नहीं मिला है। साई सुदर्शन को मौके मिले, लेकिन वे प्रभाव नहीं छोड़ सके। अब देवदत्त पडिक्कल को लंबी अवधि के विकल्प के तौर पर तैयार करने की योजना है। आकिब नबी और प्रिंस यादव पर नजरें रणजी ट्रॉफी में जम्मू-कश्मीर के लिए 60 विकेट लेने वाले तेज गेंदबाज आकिब नबी को टेस्ट टीम में मौका मिल सकता है। वहीं, IPL में तेज गेंदबाजी से प्रभावित करने वाले प्रिंस यादव वनडे टीम की रेस में हैं। ————————————————– दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Bhopal Driver Suicide LIVE Video

भोपालकुछ ही क्षण पहले कॉपी लिंक वीडियो में शख्स अपना गला काटते, पेट में चाकू मारते दिखाई दे रहा। भोपाल के सोनागिरी में रविवार सुबह एक शख्स ने अपने लिव-इन पार्टनर के सिर पर हथौड़े से हमला कर दिया। महिला को मरा समझकर खुद सुसाइड कर लिया। शख्स ने चाकू से 2 बार अपना गला रेता, फिर पेट में 11 बार चाकू घोंप लिया। करीब 5 मिनट तड़पने के बाद मौत हो गई। घटना का वीडियो भी सामने आया है। जानकारी के मुताबिक, मृतक की पहचान लक्ष्मण प्रसाद रिछारिया (50) के रूप में हुई है। वह सोनागिरी इलाके में एक महिला के साथ लिव-इन में रहता था। हथौड़े से हमला होने के कारण महिला की हालत गंभीर है। अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। वारदात से जुड़ी तस्वीरें देखिए… सड़क किनारे दुकान के पास चाकू लेकर घूमते दिख रहा शख्स। लिव-इन पार्टनर का सिर फोड़ा, इसके बाद चाकू से 2 बार गला रेता। शख्स खुद के पेट पर चाकू से 11 बार हमला करते दिख रहा। खुद पर हमले के बाद लहूलुहान हालत में जमीन पर बैठ जाता है शख्स। राहगीर ने मोबाइल से रिकॉर्ड किया वीडियो वारदात का वीडियो एक राहगीर ने मोबाइल फोन से रिकॉर्ड किया। वीडियो में आसपास मौजूद लोग पुलिस को फोन करने की बात करते सुनाई दे रहे हैं। हालांकि, किसी ने आरोपी को रोकने या उससे चाकू छीनने की हिम्मत नहीं दिखाई। मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक, सबकुछ इतनी तेजी से हुआ कि लोग समझ नहीं पाए कि क्या हो रहा है। कुछ लोग दूर खड़े होकर देखते रहे, जबकि आरोपी लगातार खुद को चाकू मारता रहा। पत्नी की मौत के बाद लिव-इन में रह रहा था लक्ष्मण एडिशनल डीसीपी गौतम सोलंकी के मुताबिक, लक्ष्मण प्रसाद रिछारिया सोनागिरी के सी सेक्टर झुग्गी बस्ती का रहने वाला था। वह पेशे से ड्राइवर था। करीब पांच साल पहले उसकी पत्नी की मौत हो चुकी थी, तभी से वह कल्पना के साथ लिव-इन में रह रहा था। वहीं कल्पना भी सोनागिरी मोहल्ले में रहती थी, लेकिन लंबे समय से अपने पति से अलग रह रही थी। वह घरों में साफ-सफाई और खाना बनाने का काम करती थी। इसी दौरान उसकी लक्ष्मण से दोस्ती हुई। बाद में वह पति को छोड़कर लक्ष्मण के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगी। करीब 5 मिनट तड़पने के बाद शख्स ने दम तोड़ दिया। चरित्र पर शक करता था, अक्सर झगड़े होते थे एडिशनल डीसीपी के मुताबिक, पड़ोसियों ने पुलिस को बताया कि लक्ष्मण अक्सर कल्पना के चरित्र पर शक करता था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच आए दिन विवाद होता था। हथौड़े और चाकू बरामद कर लिए गए हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। …………………………………………….. यह खबर भी पढ़ें… भोपाल में हथौड़े से फोड़ा लिव-इन पार्टनर महिला का सिर भोपाल के पिपलानी थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति ने अपनी लिव-इन पार्टनर पर हथौड़े से हमला कर उसका सिर फोड़ दिया। घटना सोनागिरि सी-सेक्टर में रविवार सुबह 11 बजे की है। इसके बाद महिला को मरा हुआ समझकर अपने गले और पेट पर चाकू से वार कर आत्महत्या कर ली। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
ब्यूटी+पर्सनल केयर का खर्च 10 साल में 5 गुना बढ़ा:ड्रेसिंग टेबल में काजल, पाउडर, लिपस्टिक ही नहीं; एसपीएफ फाउंडेशन, मॉइश्चराइजर-प्राइमर कॉम्बो जैसे प्रोडक्ट भी

भारत में महिलाएं प्राचीन काल से ही सजने-संवरने और सौंदर्य देखभाल के लिए अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल करती रही हैं। कभी उबटन, चंदन, गुलाबजल, काजल, मेहंदी और प्राकृतिक तेलों तक सीमित रहने वाला ब्यूटी कल्चर आज अरबों रुपए के विशाल बाजार में बदल चुका है। पहले सौंदर्य देखभाल का मतलब केवल पारंपरिक घरेलू नुस्खे और सामाजिक अवसरों पर सजना-संवरना होता था, लेकिन अब यह आत्मविश्वास, लाइफस्टाइल, सेल्फ-केयर, सोशल मीडिया उपस्थिति और व्यक्तिगत पहचान का हिस्सा बन गया है। भारतीय महिलाओं की ड्रेसिंग टेबल अब सिर्फ काजल, पाउडर और एक लिपस्टिक तक सीमित नहीं रही। बीते दो दशकों में भारत का ब्यूटी कल्चर तेजी से बदला है। पहले जहां ‘गोरा दिखाना’ ब्यूटी इंडस्ट्री का सबसे बड़ा वादा था, वहीं अब ‘स्किन हेल्थ’, ‘ग्लो’, ‘सन प्रोटेक्शन’, ‘हाइड्रेशन’ और ‘एंटी-एजिंग’ जैसे शब्द आम हो चुके हैं। महिलाएं अब यह जानना चाहती हैं कि किसी प्रोडक्ट में कौन-सा सक्रिय तत्व है और वह त्वचा पर क्या असर डालेगा। कोविड के बाद ‘स्किन-फर्स्ट” और ‘स्किन मिनिमलिज्म’ का ट्रेंड तेजी से बढ़ा है। यानी कम लेकिन असरदार उत्पादों का इस्तेमाल। ग्लोबल डेटा, वोग इंडिया जैसे प्रकाशनों के मुताबिक अब ‘हाइब्रिड ब्यूटी’ तेजी से लोकप्रिय हो रही है। यानी ऐसे उत्पादों का इस्तेमाल जो मेकअप और स्किनकेयर दोनों का काम करें। जैसे- एसपीएफ वाला फाउंडेशन, सीरम युक्त कंसीलर या मॉइश्चराइजर-प्राइमर कॉम्बो। ब्यूटी इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के मुताबिक बीते एक दशक में परिवारों के मासिक खर्च में स्किनकेयर, हेयरकेयर और कॉस्मेटिक्स का हिस्सा लगातार बढ़ा है। प्रति महिला ब्यूटी और पर्सनल केयर मासिक खर्च पांच गुना तक बढ़ गया है। बदलता ट्रेंड: फेयर स्किन, ग्लास स्किन, मैट स्किन… हाइब्रिड 1950-60 और पहले – घरेलू नुस्खों और सादगी का दौर ब्यूटी केयर मतलब बेसन, मलाई, हल्दी, गुलाबजल और नारियल तेल। ड्रेसिंग टेबल पर टैल्कम पाउडर, काजल और सिंदूर ही मुख्य उत्पाद होते थे। मेकअप शादी या विशेष अवसरों तक सीमित था। 1960-80- फिल्मों का असर, गोरापन सुंदरता का प्रतीक हीरोइनों की हेयरस्टाइल और चटक मेकअप का असर बढ़ा। रंगीन लिपस्टिक, नेल पॉलिश, कॉम्पैक्ट पाउडर लोकप्रिय हुए। गोरी त्वचा सुंदरता का प्रतीक बनी। फेयरनेस क्रीम का बाजार तेजी से बढ़ा। 1990 का दशक – उदारीकरण और विदेशी ब्रांड्स का प्रवेश अंतरराष्ट्रीय ब्रांड भारत आए। अलग-अलग शेड्स की लिपस्टिक, फाउंडेशन और हेयर कलर के विकल्प मिले। फैशन मैगजीन और टीवी विज्ञापनों ने ‘ग्लैमरस लुक’ को लोकप्रिय बनाया। 2000 का दशक – सलून संस्कृति का उदय छोटे शहरों में भी फेशियल, हेयर स्पा, स्किन ट्रीटमेंट आम होने लगे। युवा लड़कियां भी नियमित ब्यूटी प्रोडक्ट्स इस्तेमाल करने लगीं। 2010 के बाद – इन्फ्लुएंसर्स ने बदला ट्रेंड ‘नो-मेकअप मेकअप’, ‘कोरियन स्किनकेयर’, ‘सनस्क्रीन’, ‘रेटिनॉल’, ‘नियासिनामाइड’ और ‘क्लीन ब्यूटी’ जैसे शब्द आम हो गए। (स्रोत- इंस्टीट्यूटो मारांगोनी, वोग) अब ब्यूटी यानी स्किन हेल्थ ब्यूटी काउंसलर लवीना मनवानी कहती हैं, भारतीय महिलाओं की सोच में सबसे बड़ा बदलाव ‘स्किन हेल्थ’ को लेकर आया है। सोशल मीडिया, कोरियन ब्यूटी ट्रेंड्स ने भी पसंद बदली है। पहले ड्रेसिंग टेबल पर 4-5 उत्पाद होते थे, अब 20-30 होना सामान्य है। 10 साल में ब्यूटी केयर खर्च 5 गुना बढ़ गया है। तेजी से बढ़ रहा ब्यूटी बाजार रेडसीर, रिसर्च एंड मार्केट्स जैसी कंपनियों की रिपोर्ट के अनुसार 2025 में भारतीय ब्यूटी और पर्सनल केयर (बीपीसी) बाजार का आकार करीब 2 लाख करोड़ रुपए था, जो 2030 तक 4 लाख करोड़ रुपए से ऊपर पहुंचने का अनुमान है। 3-4 वर्षों में भारत चौथा सबसे बड़ा बीपीसी मार्केट होगा। बदल रहा है ब्यूटी प्रोडक्ट की खरीदारी का तरीका 85% उपभोक्ता अब ब्यूटी प्रोडक्ट्स के इंग्रेडिएंट्स पर ध्यान देते हैं। 48% लोग सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स से प्रभावित होकर खरीदारी करते हैं। 55% उपभोक्ताओं को कोलेजन आधारित उत्पाद आकर्षक लगते हैं। 46% लोग हायल्यूरोनिक एसिड वाले उत्पाद पसंद कर रहे हैं। (स्रोत- ग्लोबल डेटा)
Airtel Overtakes HDFC Bank | Market Cap Nears ₹12 Lakh Crore, Indias 2nd Most Valuable

Hindi News Business Airtel Overtakes HDFC Bank | Market Cap Nears ₹12 Lakh Crore, Indias 2nd Most Valuable मुंबई5 मिनट पहले कॉपी लिंक भारती एयरटेल 18 मई को मार्केट कैपिटलाइजेशन के मामले में HDFC बैंक को पीछे छोड़कर भारत की दूसरी सबसे वैल्यूएबल कंपनी बन गई है। 18 मई को भारती एयरटेल के शेयरों में 2% तक की तेजी दर्ज की गई, जिससे कंपनी का शेयर ₹1,953.8 के स्तर पर पहुंच गया। इस तेजी के साथ ही एयरटेल का कुल मार्केट कैप बढ़कर करीब ₹12 लाख करोड़ हो गया है, जबकि HDFC बैंक का मार्केट कैप ₹11.8 लाख करोड़ पर है। पिछले एक हफ्ते में एयरटेल के शेयर 10% चढ़े पिछले एक सप्ताह के दौरान भारती एयरटेल के शेयरों में 10% की बढ़त देखने को मिली है। इसी अवधि के दौरान HDFC बैंक के शेयरों में सिर्फ 1% का ही उछाल आया है। फिलहाल देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज है, जिसका मार्केट कैप ₹18.04 लाख करोड़ है। चेयरमैन के इस्तीफे से HDFC बैंक को नुकसान प्राइवेट सेक्टर के HDFC बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इस इस्तीफे के बाद से बैंक के शेयरों पर काफी बुरा असर पड़ा है। पिछले छह महीनों के दौरान HDFC बैंक के शेयरों में 22% की भारी गिरावट दर्ज की गई है। चौथी तिमाही में एयरटेल का नेट प्रॉफिट 33.5% घटा वित्त वर्ष 2026 की जनवरी-मार्च तिमाही (Q4 FY26) में भारती एयरटेल का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 33.5% घटकर ₹7,325 करोड़ रहा है। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी का पैरेंट ओनर्स को मिलने वाला कंसोलिडेटेड प्रॉफिट ₹11,021.8 करोड़ था। हालांकि, तिमाही आधार पर कंपनी के प्रॉफिट में 10.4% की बढ़ोतरी हुई है। एयरटेल के ऑपरेशन से रेवेन्यू में 15.6% का उछाल देश की इस दूसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी का ऑपरेशंस रेवेन्यू Q4 FY26 में सालाना आधार पर 15.6% बढ़कर ₹55,383.2 करोड़ हो गया है, जो पिछले साल की समान तिमाही में ₹47,876.2 करोड़ था। तिमाही दर तिमाही आधार पर कंपनी के रेवेन्यू में 2.5% की ग्रोथ दर्ज की गई है। सालाना आधार पर भारती एयरटेल का भारतीय रेवेन्यू 7.7% बढ़कर ₹39,566 करोड़ रहा है। कंपनी के भारतीय मोबाइल रेवेन्यू में 8.3% की ग्रोथ हुई है, जिसका मुख्य कारण बेहतर रियलाइजेशन और बढ़ता हुआ कस्टमर बेस है। इस तिमाही के दौरान एयरटेल का एवरेज रेवेन्यू पर यूजर (ARPU) ₹257 दर्ज किया गया, जो पिछले साल इसी तिमाही में ₹245 था। फ्यूचर प्लान: 56 एज डेटा सेंटर बनाएगी कंपनी कंपनी के एक टॉप ऑफिशियल ने जानकारी दी है कि भारती एयरटेल इस सेगमेंट में अपने बिजनेस को बड़ा करने के प्लान पर काम कर रही है। इसके तहत अगले 18 से 24 महीनों में 56 एज डेटा सेंटर स्थापित किए जाएंगे। भारती एयरटेल के एग्जीक्यूटिव वाइस चेयरमैन गोपाल विट्टल ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही के अर्निंग कॉल के दौरान कंपनी के फ्यूचर प्लान्स की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कंपनी डेटा सेंटर्स में निवेश करने, ऑप्टिकल फाइबर केबल नेटवर्क को मजबूत करने और हाल ही में घोषित नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल सर्विसेज (NBFC) को बढ़ाने पर फोकस करेगी। कंपनी ने नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल सर्विसेज में ₹20,000 करोड़ के निवेश की घोषणा की है। क्या होता है एवरेज रेवेन्यू पर यूजर? एवरेज रेवेन्यू पर यूजर (ARPU) टेलीकॉम कंपनियों के लिए कमाई का एक जरूरी पैमाना है। इससे पता चलता है कि कंपनी हर महीने अपने एक औसतन ग्राहक से कितना पैसा कमा रही है। एयरटेल का ARPU ₹245 से बढ़कर ₹257 हो गया है, जो इसकी मजबूत स्थिति को दिखाता है। क्या होते हैं एज डेटा सेंटर? ये छोटे डेटा सेंटर होते हैं जो यूजर और डिवाइसेज के करीब स्थित होते हैं। इनका इस्तेमाल डेटा प्रोसेसिंग की स्पीड बढ़ाने और इंटरनेट लैग (देरी) को कम करने के लिए किया जाता है, जिससे ग्राहकों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलती है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Airtel Overtakes HDFC Bank | Market Cap Nears ₹12 Lakh Crore, Indias 2nd Most Valuable

Hindi News Business Airtel Overtakes HDFC Bank | Market Cap Nears ₹12 Lakh Crore, Indias 2nd Most Valuable मुंबई37 मिनट पहले कॉपी लिंक भारती एयरटेल 18 मई को मार्केट कैप के मामले में HDFC बैंक को पीछे छोड़कर भारत की दूसरी सबसे वैल्यूएबल कंपनी बन गई। कारोबार के दौरान एयरटेल के शेयरों में 2% तक की तेजी दर्ज की गई, जिससे कंपनी का शेयर ₹1,953.8 के स्तर पर पहुंच गया। इस तेजी के साथ ही एयरटेल का कुल मार्केट कैप बढ़कर करीब ₹12 लाख करोड़ हो गया, जबकि HDFC बैंक का मार्केट कैप ₹11.8 लाख करोड़ पर आ गया था। वहीं मार्केट बंद होने पर एयरटेल का शेयर 1.66% की तेजी के साथ 1,937 के स्तर पर बंद हुआ। HDFC बैंक का 0.17% की तेजी के साथ 768.80 के स्तर पर बंद हुआ। क्लोजिंग पर एयरटेल का मार्केट कैप घटकर 11.6 लाख करोड़ रुपए पर आ गया। वहीं HDFC बैंक का मार्केट कैप बढ़कर 11.84 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गया। पिछले एक हफ्ते में एयरटेल के शेयर 10% चढ़े पिछले एक सप्ताह के दौरान भारती एयरटेल के शेयरों में 10% की बढ़त देखने को मिली है। इसी अवधि के दौरान HDFC बैंक के शेयरों में सिर्फ 1% का ही उछाल आया है। फिलहाल देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज है, जिसका मार्केट कैप ₹18.04 लाख करोड़ है। चेयरमैन के इस्तीफे से HDFC बैंक को नुकसान प्राइवेट सेक्टर के HDFC बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इस इस्तीफे के बाद से बैंक के शेयरों पर काफी बुरा असर पड़ा है। पिछले छह महीनों के दौरान HDFC बैंक के शेयरों में 22% की भारी गिरावट दर्ज की गई है। चौथी तिमाही में एयरटेल का नेट प्रॉफिट 33.5% घटा वित्त वर्ष 2026 की जनवरी-मार्च तिमाही (Q4 FY26) में भारती एयरटेल का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 33.5% घटकर ₹7,325 करोड़ रहा है। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी का पैरेंट ओनर्स को मिलने वाला कंसोलिडेटेड प्रॉफिट ₹11,021.8 करोड़ था। हालांकि, तिमाही आधार पर कंपनी के प्रॉफिट में 10.4% की बढ़ोतरी हुई है। एयरटेल के ऑपरेशन से रेवेन्यू में 15.6% का उछाल देश की इस दूसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी का ऑपरेशंस रेवेन्यू Q4 FY26 में सालाना आधार पर 15.6% बढ़कर ₹55,383.2 करोड़ हो गया है, जो पिछले साल की समान तिमाही में ₹47,876.2 करोड़ था। तिमाही दर तिमाही आधार पर कंपनी के रेवेन्यू में 2.5% की ग्रोथ दर्ज की गई है। सालाना आधार पर भारती एयरटेल का भारतीय रेवेन्यू 7.7% बढ़कर ₹39,566 करोड़ रहा है। कंपनी के भारतीय मोबाइल रेवेन्यू में 8.3% की ग्रोथ हुई है, जिसका मुख्य कारण बेहतर रियलाइजेशन और बढ़ता हुआ कस्टमर बेस है। इस तिमाही के दौरान एयरटेल का एवरेज रेवेन्यू पर यूजर (ARPU) ₹257 दर्ज किया गया, जो पिछले साल इसी तिमाही में ₹245 था। फ्यूचर प्लान: 56 एज डेटा सेंटर बनाएगी कंपनी कंपनी के एक टॉप ऑफिशियल ने जानकारी दी है कि भारती एयरटेल इस सेगमेंट में अपने बिजनेस को बड़ा करने के प्लान पर काम कर रही है। इसके तहत अगले 18 से 24 महीनों में 56 एज डेटा सेंटर स्थापित किए जाएंगे। भारती एयरटेल के एग्जीक्यूटिव वाइस चेयरमैन गोपाल विट्टल ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही के अर्निंग कॉल के दौरान कंपनी के फ्यूचर प्लान्स की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कंपनी डेटा सेंटर्स में निवेश करने, ऑप्टिकल फाइबर केबल नेटवर्क को मजबूत करने और हाल ही में घोषित नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल सर्विसेज (NBFC) को बढ़ाने पर फोकस करेगी। कंपनी ने नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल सर्विसेज में ₹20,000 करोड़ के निवेश की घोषणा की है। क्या होता है एवरेज रेवेन्यू पर यूजर? एवरेज रेवेन्यू पर यूजर (ARPU) टेलीकॉम कंपनियों के लिए कमाई का एक जरूरी पैमाना है। इससे पता चलता है कि कंपनी हर महीने अपने एक औसतन ग्राहक से कितना पैसा कमा रही है। एयरटेल का ARPU ₹245 से बढ़कर ₹257 हो गया है, जो इसकी मजबूत स्थिति को दिखाता है। क्या होते हैं एज डेटा सेंटर? ये छोटे डेटा सेंटर होते हैं जो यूजर और डिवाइसेज के करीब स्थित होते हैं। इनका इस्तेमाल डेटा प्रोसेसिंग की स्पीड बढ़ाने और इंटरनेट लैग (देरी) को कम करने के लिए किया जाता है, जिससे ग्राहकों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलती है। ये खबर भी पढ़ें… डॉलर के मुकाबले रुपया पहली बार 96.18 पर पहुंचा: कच्चा तेल भी 2% बढ़कर 110 डॉलर के पार; सेंसेक्स 1000 अंक गिरने के बाद रिकवर मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच आज सोमवार 18 मई को भारतीय रुपए में रिकॉर्ड गिरावट है। डॉलर के मुकाबले रुपया 20 पैसे कमजोर होकर 96.18 पर पहुंच गया। कच्चा तेल भी 2% बढ़कर 110 डॉलर प्रति बैरल के पार कारोबार कर रहा है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
एक दिन में कितने चम्मच कुकिंग ऑयल खाना चाहिए? डॉक्टर सरीन ने बताई सही मात्रा, ज्यादा खाना नुकसानदायक

Last Updated:May 18, 2026, 15:24 IST Daily Oil Intake for Better Health: अधिकतर लोग रोज जरूरत से ज्यादा तेल का सेवन कर रहे हैं, जिसकी वजह से तमाम बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं. मशहूर लिवर डॉक्टर शिवकुमार सरीन के अनुसार वयस्कों को एक दिन में 5 से 6 चम्मच से ज्यादा ऑयल या घी नहीं खाना चाहिए. बच्चों के लिए इसकी मात्रा और कम हो सकती है. ज्यादा तेल खाने से लिवर डिजीज, मोटापा, हाई कोलेस्ट्रॉल और दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है. डॉ. सरीन के अनुसार एक दिन में 5 से 6 चम्मच तेल या घी खाना चाहिए. How Much Oil Safe Per Day: अधिकतर खाने-पीने की चीजों में तेल का इस्तेमाल किया जाता है. सब्जी, दाल, पराठा, स्नैक्स और फास्ट फूड जैसी चीजों में अच्छी खासी मात्रा में ऑयल यूज किया जाता है. शरीर को हेल्दी फैट की जरूरत होती है, लेकिन जरूरत से ज्यादा तेल का सेवन करना कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है. हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार तेल का जरूरत से ज्यादा सेवन मोटापा, हाई कोलेस्ट्रॉल, ब्लड प्रेशर, फैटी लिवर और हार्ट डिजीज का कारण बन सकता है. ऐसे में यह जानना बेहद जरूरी है कि आपको रोज कितना तेल खाना चाहिए और कितनी मात्रा सेहत के लिए नुकसानदायक होती है. फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने 30 मार्च 2026 को अपने एक्स हैंडल पर देश के मशहूर लिवर डॉक्टर शिवकुमार सरीन का एक वीडियो शेयर किया था. इसमें एसके सरीन ने बताया कि एक सामान्य वयस्क व्यक्ति को रोजाना लगभग 5 से 6 चम्मच तेल या घी का सेवन करना चाहिए. एक चम्मच में करीब 5 ग्राम तेल या घी आता है. इस हिसाब से एक दिन में 25 से 30 ग्राम तेल या घी का सेवन करना चाहिए. अगर इससे कम तेल खाएंगे, तो शरीर को फायदा ही होगा. जो लोग वजन कम करना चाहते हैं या जिन्हें कोई बीमारी है, उन लोगों को कम से कम तेल खाना चाहिए. How much oil are you consuming in a day? Is it within the safe limit? Watch renowned liver expert Dr. Shiv Sarin explain how much oil you can consume in a day & how keeping track of daily oil intake is an effective step in preventing obesity.#StopObesity #EatRightIndia pic.twitter.com/11y6SAqYc8
तलाक पर बोले मौनी के पति सूरज:हमारे बीच कोई विवाद या एलिमनी का लेनदेन नहीं; अफवाहें फैलाना बंद करे

एक्ट्रेस मौनी रॉय और उनके पति सूरज नांबियार ने पिछले गुरुवार को अलग होने का फैसला किया था। अब इस मामले पर बिजनेसमैन सूरज नांबियार का स्टेटमेंट सामने आया है। सोमवार को जारी किए गए इस बयान में सूरज ने मीडिया में चल रही अफवाहों पर नाराजगी जताई है। उन्होंने साफ किया है कि उनके अलग होने के फैसले में कोई विवाद, एलिमनी (गुजारा भत्ता) या कोई तीसरा शख्स शामिल नहीं है। दोनों ने आपसी सहमति और सम्मान के साथ अलग होने का फैसला किया है। मौनी रॉय ने भी इस पोस्ट को दोबारा शेयर किया है। अफवाहों को बताया बेबुनियाद और गलत सूरज नांबियार ने अपने ऑफिशियल बयान में कहा कि मीडिया के कुछ हिस्सों की तरफ से हमारी पर्सनल लाइफ में जरूरत से ज्यादा दखल दिया जा रहा है। पिछले कुछ दिनों से हमारे अलग होने को लेकर जो भी खबरें चलाई जा रही हैं, वे पूरी तरह से गलत और बेबुनियाद हैं। सूरज ने कहा कि हम दोनों आपसी सहमति से अलग हो रहे हैं और इस मामले को निजी तौर पर सुलझाने के लिए समय ले रहे हैं। सोशल मीडिया पर चल रही मनगढ़ंत बातें सिर्फ लोगों को बदनाम करने की कोशिश हैं। गुरुवार को अलग होने की घोषणा की थी गुरुवार को मौनी और सूरज ने इंस्टाग्राम पर एक जॉइंट नोट जारी कर बताया था कि वे अपनी शादी खत्म कर रहे हैं। मौनी और सूरज ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा था, हमें दुख है कि मीडिया के कुछ लोगों ने हमारी निजी जिंदगी में बेवजह और जरूरत से ज्यादा दखल दिया है। हम यह कहना चाहते हैं कि हमने अलग होने का फैसला किया है और इस समय को शांति और समझदारी के साथ निजी तौर पर संभाल रहे हैं। हमारी निजी जिंदगी को लेकर कई झूठी कहानियां और गलत बातें फैलाई गई हैं, जो हमारे रिश्ते की सच्चाई नहीं दिखातीं। काफी सोच-विचार के बाद हमने आपसी सम्मान और समझदारी के साथ अलग-अलग रास्तों पर आगे बढ़ने का फैसला किया है। न कोई विवाद है और न ही एलिमनी का मामला सूरज ने सोशल मीडिया पर चल रहे दावों को खारिज करते हुए लिखा कि मैं कुछ बातें बिल्कुल साफ कर देना चाहता हूं। हमारे बीच कोई एलिमनी का लेनदेन नहीं हो रहा है। हमारे बीच किसी तरह का कोई झगड़ा या विवाद नहीं है। इस अलगाव के पीछे कोई तीसरा शख्स भी नहीं है। मौनी और मैंने एक-दूसरे की भलाई को ध्यान में रखकर यह फैसला लिया है। यही सच है और इसके अलावा जो कुछ भी मीडिया में दिखाया जा रहा है, वह सिर्फ काल्पनिक है। चुप रहना सही नहीं समझा सूरज ने आगे लिखा कि इस मुश्किल समय में मौनी और मैंने हमेशा गरिमा बनाए रखी है। हम मीडिया से भी इसी सम्मान की उम्मीद करते हैं। मैं इन अफवाहों का जवाब सीधे तौर पर इसलिए दे रहा हूं क्योंकि जानबूझकर फैलाई जा रही झूठी खबरों पर चुप रहना मुझे सही नहीं लगा। गलत जानकारी के खिलाफ बोलना बेहद जरूरी था। इस पूरे बयान को एक्ट्रेस मौनी रॉय ने भी अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर री-शेयर किया है। साल 2022 में हुई थी दोनों की शादी मौनी रॉय और सूरज नांबियार की शादी जनवरी 2022 में गोवा में हुई थी। दोनों की शादी बंगाली और साउथ इंडियन रीति-रिवाजों से हुई थी, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुई थीं। दोनों की मुलाकात साल 2018 में दुबई के एक क्लब में हुई थी, जिसके बाद उन्होंने करीब तीन साल तक एक-दूसरे को डेट किया। शादी के चार साल पूरे होने से पहले ही दोनों ने पिछले हफ्ते एक जॉइंट स्टेटमेंट जारी कर तलाक का ऐलान किया था।
अंजुम शर्मा बोले- ‘कप्तान’ का मुन्ना जमीनी और रॉ किरदार:‘मिर्जापुर’ के शरद शुक्ला से बिल्कुल अलग अंदाज में दिखे एक्टर

एक्टर अंजुम शर्मा इन दिनों अपनी वेब सीरीज ‘कप्तान’ को लेकर चर्चा में हैं। इस थ्रिलर में अंजुम ने ‘मुन्ना’ का किरदार निभाया है। दैनिक भास्कर के साथ बातचीत में अंजुम शर्मा ने ‘कप्तान’ के मुन्ना, ‘मिर्जापुर’ के शरद शुक्ला, OTT के बदलते दौर, मास सिनेमा और एक्टिंग के अपने सफर पर बात की। “कप्तान” एक इंटेंस कॉप-क्राइम ड्रामा है, जिसे जतिन वागले ने डायरेक्ट किया है। इसमें साकिब सलीम, सिद्धार्थ निगम और कविता कौशिक भी हैं। यह सीरीज अमेजन MX प्लेयर पर फ्री स्ट्रीम हो रही है। सवाल: ‘मिर्जापुर’ के शरद शुक्ला और ‘कप्तान’ के मुन्ना, दोनों किरदार बिल्कुल अलग हैं। मुन्ना को लेकर क्या सोच थी? जवाब: सबसे पहले तो नाम सुनते ही लोग ‘मिर्जापुर’ वाले मुन्ना तक पहुंच जाते हैं। मुझे भी लगा था कि यार, फिर से मुन्ना? लेकिन फिर लगा कि ठीक है, देखते हैं इसे ‘मिर्जापुर’ के मुन्ना के किरदार से अलग कैसे बनाया जाए। सबसे बड़ा फर्क उसकी बेल्ट और बोली में था। ‘मिर्जापुर’ पूर्वांचल में सेट थी और ‘कप्तान’ वेस्टर्न यूपी में सेट है। ‘कप्तान’ का मुन्ना बहुत ज्यादा जमीनी इंसान है। वो हंसते-हंसते कुछ भी कर देता है। किसी बड़ी घटना को अंजाम देने से पहले बहुत सोचता नहीं है। उसके अंदर एक मस्ती है, एक रॉनेस है। सवाल: इस किरदार के लिए सबसे बड़ी तैयारी क्या थी? जवाब: सबसे बड़ी तैयारी इस रोल की डायलेक्ट की थी। हरियाणा और वेस्टर्न यूपी की बोली में बहुत हल्का फर्क होता है, लेकिन वही फर्क सही पकड़ना जरूरी था। शो में बाकी लोग बाहर से आए हुए हैं, लेकिन मेरा किरदार वहीं का है। इसलिए उसका पूरी तरह उसी मिट्टी का लगना बहुत जरूरी था। सवाल: क्या ‘मिर्जापुर’ के बाद कुछ बिल्कुल अलग करने की चाह थी? जवाब: बिल्कुल। शरद शुक्ला बहुत अच्छा किरदार था, लोगों ने बहुत प्यार दिया, लेकिन वो थोड़ा संयमित था, सोच-समझकर चलने वाला आदमी था। उसके बाद मन था कि कुछ ऐसा किया जाए जहां मैं पूरी तरह खुल सकूं। मुन्ना ने मुझे वो मौका दिया। मैंने अपने सारे औजार निकाल दिए और कहा कि चलो, इस बार कुछ अलग करते हैं। सवाल: मुन्ना को आपने बहुत ‘ह्यूमन’ बनाया है। उसमें एक अपनापन महसूस होता है। जवाब: मेरे लिए किसी भी कैरेक्टर का इंसान होना बहुत जरूरी है। आप उस इंसान से कनेक्ट कर पाओ, ये जरूरी है। हो सकता है कहानी खत्म होने के बाद वो आपको पसंद आए या न आए, लेकिन आपको लगे कि हां, ये असली इंसान है। जैसे एक सीन में वो खेत खाली करवाने जाता है और बहुत आराम से कहता है, ‘भैया कर दीजिए, नहीं करेंगे तो फिर मुझे कुछ करना पड़ेगा।’ वहां आपको लगता है कि यार, इसकी भी अपनी मजबूरी है। सवाल: सोशल मीडिया पर ‘मुन्ना’ के रोल की रील्स काफी वायरल हो रही हैं। क्या इस रिस्पॉन्स की उम्मीद थी? जवाब: सच कहूं तो मैं खुद थोड़ा सरप्राइज था। मिलियंस में व्यूज आ रहे हैं। लोगों ने बहुत प्यार दिया। कुछ लोगों ने तो ये तक कहा कि उन्हें ‘मिर्जापुर’ से ज्यादा ‘कप्तान’ में मेरा काम पसंद आया। ये सुनकर अच्छा भी लगा और थोड़ा शॉक भी हुआ। सवाल: कविता कौशिक के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? जवाब: शो में हमारे बीच कुछ ऐसे सीन थे जहां हल्की नोकझोंक, सेंशुअलिटी और मस्ती थी, लेकिन हमने बहुत थिन लाइन रखी। उसे ओवर नहीं किया। एक सीन में थोड़ी फिजिकल मैन-हैंडलिंग भी थी, तो मैं बहुत ध्यान रख रहा था कि कविता को चोट न लगे, लेकिन दो-तीन टेक के बाद उन्होंने खुद कहा, ‘अंजुम, थोड़ा और जोर से पकड़ सकते हो।’ फिर वो सीन बहुत अच्छे से निकला। सवाल: आज के समय में ‘मास’ कंटेंट की परिभाषा कैसे बदल रही है? जवाब: मेरे लिए मास का मतलब सिर्फ शोर-शराबा नहीं है। मास का मतलब है ज्यादा से ज्यादा लोगों की भावनाओं से जुड़ना। अगर अलग-अलग उम्र, बैकग्राउंड और सोच वाले लोग किसी चीज से जुड़ते हैं, तो उसमें पक्का क्रेडिबिलिटी होती है। आज के समय में सिर्फ हवा में कोई चीज मास नहीं हो सकती। कहानी, परफॉर्मेंस, एंटरटेनमेंट और एंगेजमेंट सब होना जरूरी है।
अंजुम शर्मा बोले- ‘कप्तान’ का मुन्ना जमीनी और रॉ किरदार:‘मिर्जापुर’ के शरद शुक्ला से बिल्कुल अलग अंदाज में दिखे एक्टर

एक्टर अंजुम शर्मा इन दिनों अपनी वेब सीरीज ‘कप्तान’ को लेकर चर्चा में हैं। इस थ्रिलर में अंजुम ने ‘मुन्ना’ का किरदार निभाया है। दैनिक भास्कर के साथ बातचीत में अंजुम शर्मा ने ‘कप्तान’ के मुन्ना, ‘मिर्जापुर’ के शरद शुक्ला, OTT के बदलते दौर, मास सिनेमा और एक्टिंग के अपने सफर पर बात की। “कप्तान” एक इंटेंस कॉप-क्राइम ड्रामा है, जिसे जतिन वागले ने डायरेक्ट किया है। इसमें साकिब सलीम, सिद्धार्थ निगम और कविता कौशिक भी हैं। यह सीरीज अमेजन MX प्लेयर पर फ्री स्ट्रीम हो रही है। सवाल: ‘मिर्जापुर’ के शरद शुक्ला और ‘कप्तान’ के मुन्ना, दोनों किरदार बिल्कुल अलग हैं। मुन्ना को लेकर क्या सोच थी? जवाब: सबसे पहले तो नाम सुनते ही लोग ‘मिर्जापुर’ वाले मुन्ना तक पहुंच जाते हैं। मुझे भी लगा था कि यार, फिर से मुन्ना? लेकिन फिर लगा कि ठीक है, देखते हैं इसे ‘मिर्जापुर’ के मुन्ना के किरदार से अलग कैसे बनाया जाए। सबसे बड़ा फर्क उसकी बेल्ट और बोली में था। ‘मिर्जापुर’ पूर्वांचल में सेट थी और ‘कप्तान’ वेस्टर्न यूपी में सेट है। ‘कप्तान’ का मुन्ना बहुत ज्यादा जमीनी इंसान है। वो हंसते-हंसते कुछ भी कर देता है। किसी बड़ी घटना को अंजाम देने से पहले बहुत सोचता नहीं है। उसके अंदर एक मस्ती है, एक रॉनेस है। सवाल: इस किरदार के लिए सबसे बड़ी तैयारी क्या थी? जवाब: सबसे बड़ी तैयारी इस रोल की डायलेक्ट की थी। हरियाणा और वेस्टर्न यूपी की बोली में बहुत हल्का फर्क होता है, लेकिन वही फर्क सही पकड़ना जरूरी था। शो में बाकी लोग बाहर से आए हुए हैं, लेकिन मेरा किरदार वहीं का है। इसलिए उसका पूरी तरह उसी मिट्टी का लगना बहुत जरूरी था। सवाल: क्या ‘मिर्जापुर’ के बाद कुछ बिल्कुल अलग करने की चाह थी? जवाब: बिल्कुल। शरद शुक्ला बहुत अच्छा किरदार था, लोगों ने बहुत प्यार दिया, लेकिन वो थोड़ा संयमित था, सोच-समझकर चलने वाला आदमी था। उसके बाद मन था कि कुछ ऐसा किया जाए जहां मैं पूरी तरह खुल सकूं। मुन्ना ने मुझे वो मौका दिया। मैंने अपने सारे औजार निकाल दिए और कहा कि चलो, इस बार कुछ अलग करते हैं। सवाल: मुन्ना को आपने बहुत ‘ह्यूमन’ बनाया है। उसमें एक अपनापन महसूस होता है। जवाब: मेरे लिए किसी भी कैरेक्टर का इंसान होना बहुत जरूरी है। आप उस इंसान से कनेक्ट कर पाओ, ये जरूरी है। हो सकता है कहानी खत्म होने के बाद वो आपको पसंद आए या न आए, लेकिन आपको लगे कि हां, ये असली इंसान है। जैसे एक सीन में वो खेत खाली करवाने जाता है और बहुत आराम से कहता है, ‘भैया कर दीजिए, नहीं करेंगे तो फिर मुझे कुछ करना पड़ेगा।’ वहां आपको लगता है कि यार, इसकी भी अपनी मजबूरी है। सवाल: सोशल मीडिया पर ‘मुन्ना’ के रोल की रील्स काफी वायरल हो रही हैं। क्या इस रिस्पॉन्स की उम्मीद थी? जवाब: सच कहूं तो मैं खुद थोड़ा सरप्राइज था। मिलियंस में व्यूज आ रहे हैं। लोगों ने बहुत प्यार दिया। कुछ लोगों ने तो ये तक कहा कि उन्हें ‘मिर्जापुर’ से ज्यादा ‘कप्तान’ में मेरा काम पसंद आया। ये सुनकर अच्छा भी लगा और थोड़ा शॉक भी हुआ। सवाल: कविता कौशिक के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? जवाब: शो में हमारे बीच कुछ ऐसे सीन थे जहां हल्की नोकझोंक, सेंशुअलिटी और मस्ती थी, लेकिन हमने बहुत थिन लाइन रखी। उसे ओवर नहीं किया। एक सीन में थोड़ी फिजिकल मैन-हैंडलिंग भी थी, तो मैं बहुत ध्यान रख रहा था कि कविता को चोट न लगे, लेकिन दो-तीन टेक के बाद उन्होंने खुद कहा, ‘अंजुम, थोड़ा और जोर से पकड़ सकते हो।’ फिर वो सीन बहुत अच्छे से निकला। सवाल: आज के समय में ‘मास’ कंटेंट की परिभाषा कैसे बदल रही है? जवाब: मेरे लिए मास का मतलब सिर्फ शोर-शराबा नहीं है। मास का मतलब है ज्यादा से ज्यादा लोगों की भावनाओं से जुड़ना। अगर अलग-अलग उम्र, बैकग्राउंड और सोच वाले लोग किसी चीज से जुड़ते हैं, तो उसमें पक्का क्रेडिबिलिटी होती है। आज के समय में सिर्फ हवा में कोई चीज मास नहीं हो सकती। कहानी, परफॉर्मेंस, एंटरटेनमेंट और एंगेजमेंट सब होना जरूरी है।









