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गर्मी में डायबिटीज और प्रेग्नेंसी दोनों के लिए फायदेमंद ये काला फल! जानें जबरदस्त फायदे

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Last Updated:May 19, 2026, 23:45 IST गर्मियों में मिलने वाला जामुन सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. इसमें मौजूद पोषक तत्व ब्लड शुगर को नियंत्रित करने, पाचन सुधारने और शरीर को ठंडक देने में मदद कर सकते हैं. यही वजह है कि इसे एक सुपरफ्रूट कहा जाता है. ख़बरें फटाफट जामुन के फायदे गर्मी का मौसम आते ही बाजारों में खट्टे-मीठे जामुन की बहार दिखाई देने लगती है. स्वाद से भरपूर यह फल सिर्फ गर्मियों का मजा ही नहीं बढ़ाता, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद माना जाता है. आयुर्वेद में जामुन को ठंडी तासीर वाला फल बताया गया है, जो शरीर को अंदर से ठंडक देने में मदद कर सकता है. यही वजह है कि गर्मियों में लोग इसे अपनी डाइट का हिस्सा बनाना पसंद करते हैं. खासतौर पर डायबिटीज के मरीजों और गर्भवती महिलाओं के लिए जामुन को काफी लाभकारी माना जाता है. ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मददगार माना जाता है जामुनबिहार सरकार के पर्यावरण, जल एवं वन विभाग के अनुसार, जामुन को डायबिटीज का “शत्रु” कहा जाता है. इसमें ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम पाया जाता है, जिससे ब्लड शुगर तेजी से बढ़ने की संभावना कम मानी जाती है. गर्मियों में जब खानपान और डिहाइड्रेशन की वजह से शुगर लेवल प्रभावित हो सकता है, तब सीमित मात्रा में जामुन का सेवन फायदेमंद माना जाता है. कई लोग जामुन के बीजों का पाउडर भी इस्तेमाल करते हैं, हालांकि किसी भी घरेलू उपाय को अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी माना जाता है. गर्भवती महिलाओं के लिए भी फायदेमंदजामुन में प्राकृतिक फोलिक एसिड और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो गर्भ में पल रहे शिशु के विकास के लिए जरूरी माने जाते हैं. यही वजह है कि कई लोग गर्भवती महिलाओं को भी सीमित मात्रा में जामुन खाने की सलाह देते हैं. इसमें मौजूद विटामिन और मिनरल्स शरीर को ऊर्जा देने में मदद कर सकते हैं. हालांकि गर्भावस्था में किसी भी नई चीज को डाइट में शामिल करने से पहले विशेषज्ञ की राय लेना बेहतर माना जाता है. पेट को ठंडक और पाचन को राहतआयुर्वेद में जामुन को पित्त शांत करने वाला फल माना गया है. गर्मियों में इसका सेवन शरीर की अतिरिक्त गर्मी को कम करने में मदद कर सकता है. जामुन में फाइबर अच्छी मात्रा में पाया जाता है, जो पाचन तंत्र को बेहतर बनाए रखने में सहायक माना जाता है. कई लोग कब्ज और पेट से जुड़ी छोटी समस्याओं में भी इसे फायदेमंद मानते हैं. दिल और इम्यूनिटी के लिए भी अच्छाजामुन में विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने में मदद कर सकते हैं. इसके अलावा इसमें मौजूद पोटैशियम ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने में मददगार माना जाता है. कुछ विशेषज्ञ मानते हैं कि यह दिल की सेहत के लिए भी अच्छा फल हो सकता है. कम कैलोरी होने की वजह से वजन नियंत्रित रखने वालों के बीच भी यह काफी पसंद किया जाता है. त्वचा और मुंह की सेहत के लिए भी उपयोगीगर्मी और धूप की वजह से त्वचा बेजान दिखने लगती है, ऐसे में जामुन में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं. वहीं आयुर्वेद में जामुन की टहनियों को दातून के रूप में इस्तेमाल करने का भी जिक्र मिलता है. माना जाता है कि इससे दांतों और मसूड़ों को फायदा मिल सकता है. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi

83 साल के अमिताभ बच्चन अस्पताल में भर्ती हुए:दावा- नानावटी अस्पताल के ए-विंग में 2 दिनों से हैं भर्ती, अभिषेक बच्चन भी हाल जानने हॉस्पिटल पहुंचे

83 साल के अमिताभ बच्चन अस्पताल में भर्ती हुए:दावा- नानावटी अस्पताल के ए-विंग में 2 दिनों से हैं भर्ती, अभिषेक बच्चन भी हाल जानने हॉस्पिटल पहुंचे

बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन मुंबई के नानावटी अस्पताल में भर्ती हैं। पत्रकार विक्की ललवानी ने यूट्यूब अकाउंट से दावा किया है कि उन्हें 16 मई को भर्ती करवाया गया है। वो अस्पताल के ए-विंग में हैं। यूट्यूब चैनल पर पोस्ट किए गए वीडियो में विक्की ललवानी ने बताया है कि वो खबर कन्फर्म करने खुद नानावटी अस्पताल पहुंचे थे, जहां उन्हें खबर की कन्फर्मेशन मिली। बिग बी को ए-विंग, तीसरी मंजिल में रखा गया है। उन्होंने ये भी दावा किया है कि अभिषेक बच्चन भी पिता को देखने मंगलवार शाम साढ़े 4 बजे अस्पताल पहुंचे थे। रिपोर्ट के अनुसार, अमिताभ बच्चन लंबे समय से पेट संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं। दैनिक भास्कर इस खबर की पुष्टि नहीं करता है।

83 साल के अमिताभ बच्चन अस्पताल में भर्ती हुए:दावा- नानावटी अस्पताल के ए-विंग में 2 दिनों से हैं भर्ती, अभिषेक बच्चन भी हाल जानने हॉस्पिटल पहुंचे

83 साल के अमिताभ बच्चन अस्पताल में भर्ती हुए:दावा- नानावटी अस्पताल के ए-विंग में 2 दिनों से हैं भर्ती, अभिषेक बच्चन भी हाल जानने हॉस्पिटल पहुंचे

बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन मुंबई के नानावटी अस्पताल में भर्ती हैं। पत्रकार विक्की ललवानी ने यूट्यूब अकाउंट से दावा किया है कि उन्हें 16 मई को भर्ती करवाया गया है। वो अस्पताल के ए-विंग में हैं। यूट्यूब चैनल पर पोस्ट किए गए वीडियो में विक्की ललवानी ने बताया है कि वो खबर कन्फर्म करने खुद नानावटी अस्पताल पहुंचे थे, जहां उन्हें खबर की कन्फर्मेशन मिली। बिग बी को ए-विंग, तीसरी मंजिल में रखा गया है। उन्होंने ये भी दावा किया है कि अभिषेक बच्चन भी पिता को देखने मंगलवार शाम साढ़े 4 बजे अस्पताल पहुंचे थे। विक्की ललवानी के अनुसार, अमिताभ बच्चन लंबे समय से पेट संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं। उनकी तबीयत बहुत खराब है- डायरेक्टर विवेक शर्मा दैनिक भास्कर ने खबर की पुष्टि करने के लिए डायरेक्टर विवेक शर्मा से बातचीत की तो उन्होंने कहा, ‘उनकी तबीयत बहुत खराब है। मैंने दो हफ्ते पहले उनसे समय मांगा था मिलने का, तो उन्होंने कहा कि फिलहास इसकी इजाजत नहीं है। तो कन्पर्म हो गया था कि या तो वो हॉस्पिटल में हैं या डॉक्टर्स की निगरानी में हैं। मुझे लगता है कि उनकी तबीयत काफी खराब है।’ इसके अलावा दैनिक भास्कर से बातचीत में परिवार के करीबी सूत्र का कहना है कि अमिताभ बच्चन को रूटीन चेकअप के चलते भर्ती करवाया गया है। बिग बी का 75% लिवर है खराब 83 साल के बिग बी सिर्फ 25% लिवर पर ही जिंदा हैं, उनका 75% लिवर खराब है। कुली के सेट पर हुए हादसे के बाद डॉक्टर्स क्लिनिकली मरा हुआ घोषित कर चुके हैं। 3-4 घंटे जिंदा रहना भी मुश्किल था, वो दर्द अमिताभ ने 4 दिन झेला 26 जुलाई 1982 को अमिताभ बच्चन फिल्म कुली के लिए एक एक्शन सीक्वेंस शूट कर रहे थे। शॉट की डिमांड के अनुसार पुनीत इस्सर को अमिताभ को मुक्का मारना था और उन्हें टेबल पर जाकर गिरना था। ये काम बॉडी डबल का था, लेकिन अमिताभ ने परफेक्शन के लिए खुद इसे शूट किया। मुक्का तेज लगा जिससे टेबल का एक कोना अमिताभ के पेट पर लग गया। खून नहीं आया था, लेकिन दर्द से बिग बी का बुरा हाल था। अस्पताल गए तो डॉक्टर्स सही कारण नहीं समझ सके। पेन किलर के सहारे बिग बी ने दो दिन काटे, लेकिन जब दर्द बंद नहीं हुआ तो फिर उन्हें बेंगलुरु के सेंट फिलोमेना हॉस्पिटल में एडमिट किया गया। डॉक्टर्स भी दे चुके थे जवाब एक्स-रे हुआ लेकिन अब भी सही कारण नहीं पता चल सका। कई टेस्ट हुए, लेकिन जब चोट का ही पता नहीं चला तो इलाज कैसे होता। तीसरे दिन जब दर्द असहनीय हुई तो डॉक्टर्स ने दोबारा एक्स-रे कर इसे बारीकी से एग्जामिन किया। देखा कि एक्स-रे में डायफ्राम के नीचे गैस दिख रही थी, जो लीकेज का संकेत थी। दरअसल चोट लगने से अमिताभ की अंतड़ियां फंट गई थीं और सही समय पर इलाज न मिलने पर इंफेक्शन फैल चुका था। चौथे दिन जाने माने सर्जन एच.एस.भाटिया ने अमिताभ का केस देखा और तुरंत ऑपरेशन का सुझाव दिया। ऑपरेशन से पहले अमिताभ को 102 बुखार हो गया और उनकी हार्टबीट 72 की जगह 180 हो गई। ऑपरेशन हुआ तो देखा कि अंदर से आंतें फंट चुकी हैं। ऐसी कंडीशन में 3-4 घंटे जिंदा रहना भी मुश्किल था, लेकिन वो 4 दिनों से जूझ रहे थे। चौथे दिन बिग बी कोमा में चले गए। दो ऑपरेशन हुए और दो महीनों तक उन्हें हॉस्पिटल में रखा गया। पहले ही अस्थमा, लिवर प्रॉब्लम और निमोनिया से जूझ रहे थे बिग बी हादसे से पहले ही अमिताभ बच्चन को लिवर की समस्या थी और साथ ही वो अस्थमैटिक भी थे। ऑपरेशन के अगले ही दिन उन्हें निमोनिया हुआ जिससे हालत और बिगड़ गई। बैंगलोर में इलाज के बाद उन्हें एयरबस से मुंबई लाया गया था। क्रेन से उन्हें ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में स्ट्रेचर पर शिफ्ट किया गया था। 8 अगस्त को उनका दोबारा ऑपरेशन हुआ। अस्पताल के बाहर उनके चाहने वालों की चौबीसो घंटे भीड़ रहती थी। पूरे देश में कहीं पूजा करवाई जा रही थी तो कहीं यज्ञ। जया बच्चन खुद भी अमिताभ की सलामती के लिए सिद्धि विनायक गई थीं, लेकिन जब वो पहुंचीं तो देखा कि उनसे पहले ही कई लोग बिग बी के लिए वहां पूजा कर रहे थे। लोगों की दुआएं रंग लाईं।

रूसी राष्ट्रपति पुतिन 25वीं बार चीन पहुंचे:चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग से मुलाकात करेंगे; पिछले हफ्ते ट्रम्प ने भी बीजिंग का दौरा किया था

रूसी राष्ट्रपति पुतिन 25वीं बार चीन पहुंचे:चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग से मुलाकात करेंगे; पिछले हफ्ते ट्रम्प ने भी बीजिंग का दौरा किया था

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन मंगलवार रात दो दिन के दौरे पर चीन पहुंचे। बीजिंग एयरपोर्ट पर चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने पुतिन का स्वागत किया। इस दौरान वह चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात करेंगे। पुतिन की यह यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब 5 दिन पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भी बीजिंग दौरे पर गए थे। चीन के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, इस दौरे में शी और पुतिन दोनों देशों के रिश्तों, व्यापार-रणनीतिक सहयोग और दुनिया के मौजूदा हालात पर चर्चा करेंगे। पुतिन बोले- रिश्ते अभूतपूर्व स्तर पर चीन पहुंचने से पहले जारी वीडियो संदेश में पुतिन ने कहा कि रूस और चीन के रिश्ते अभूतपूर्व स्तर पर पहुंच चुके हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच भरोसा, आपसी समझ और बराबरी के सहयोग का रिश्ता है। पुतिन ने कहा कि दोनों देश संप्रभुता और राष्ट्रीय एकता जैसे मुद्दों पर एक-दूसरे का समर्थन करते हैं। उनके मुताबिक, रूस और चीन राजनीति, अर्थव्यवस्था और ऊर्जा समेत कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा रहे हैं। पुतिन 40 से ज्यादा बार जिनपिंग से मिल चुके रूस के राष्ट्रपति पुतिन अब तक 20 से ज्यादा बार चीन का दौरा कर चुके हैं। दोनों नेता अब तक 40 से ज्यादा बार मुलाकात कर चुके हैं। पुतिन और जिनपिंग की दोस्ती दुनिया की सबसे मजबूत राजनीतिक साझेदारियों में मानी जाती है। 2013 में राष्ट्रपति बनने के बाद शी जिनपिंग ने अपनी पहली विदेश यात्रा रूस की की थी। वहीं पुतिन भी कई बार चीन को अपनी शुरुआती विदेशी यात्राओं में प्राथमिकता देते रहे हैं। दोनों नेता सार्वजनिक मंचों पर एक-दूसरे को करीबी दोस्त और रणनीतिक साझेदार बता चुके हैं। क्रेमलिन के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच सिर्फ औपचारिक कूटनीति नहीं, बल्कि लगातार निजी संवाद भी होता रहा है। फरवरी 2026 में हुई वीडियो बैठक में शी जिनपिंग ने पुतिन को चीन आने का न्योता दिया था, जिसे पुतिन ने तुरंत स्वीकार कर लिया। दोनों नेता BRICS, शंघाई सहयोग संगठन (SCO) और एशिया-प्रशांत मंचों पर भी अक्सर साथ नजर आते हैं। अंतरराष्ट्रीय मामलों में अमेरिका और पश्चिमी देशों के दबाव के मुकाबले रूस और चीन खुद को मल्टीपोलर वर्ल्ड ऑर्डर के समर्थक के रूप में पेश करते रहे हैं। मल्टीपोलर वर्ल्ड ऑर्डर यानी ऐसी दुनिया, जहां ताकत सिर्फ एक देश नहीं बल्कि कई बड़े देशों में बंटी हो। चीन-रूस के आर्थिक रिश्ते लगातार मजबूत हुए अमेरिकी प्रभाव को लेकर साझा चिंता के चलते चीन और रूस ने पिछले कुछ सालों में अपने रिश्ते काफी मजबूत किए हैं। दोनों देशों के बीच रक्षा, विदेश नीति, कानून व्यवस्था और आर्थिक विकास जैसे मुद्दों पर लगातार उच्च स्तरीय बैठकें होती रही हैं। यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद चीन और रूस के बीच व्यापार तेजी से बढ़ा है। चीन ने रूस से तेल, कोयला और गैस की खरीद बढ़ाई है। वहीं, चीन रूस को कार, इलेक्ट्रॉनिक्स और दूसरी बड़ी वस्तुओं का निर्यात भी कर रहा है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल दोनों देशों के बीच व्यापार 228.1 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया था। रूस को इसमें 21.49 अरब डॉलर का ट्रेड सरप्लस मिला, जो 2024 के मुकाबले 55% ज्यादा है। हालांकि, पश्चिमी देशों ने चीन पर आरोप लगाया है कि वह यूक्रेन युद्ध के दौरान रूस को आर्थिक सहारा दे रहा है। पावर ऑफ साइबेरिया-2 पाइपलाइन पर भी नजर माना जा रहा है कि पुतिन और शी जिनपिंग की आगामी बैठक में इस प्रोजेक्ट पर भी चर्चा हो सकती है। रूस लंबे समय से ‘पावर ऑफ साइबेरिया-2’ गैस पाइपलाइन प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। यह एक बहुत बड़ा गैस पाइपलाइन प्रोजेक्ट है, जिसे रूस और चीन मिलकर बना रहे हैं। इसका मकसद रूस की गैस सीधे चीन तक पहुंचाना है, ताकि दोनों देशों के बीच ऊर्जा सहयोग और मजबूत हो सके। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस पाइपलाइन के जरिए रूस के यामाल प्रायद्वीप से हर साल करीब 50 अरब क्यूबिक मीटर प्राकृतिक गैस मंगोलिया के रास्ते उत्तरी चीन भेजी जा सकेगी। इतनी गैस से 15 से 20 करोड़ घरों की एक साल की जरूरत पूरी हो सकती है। दोनों देशों के बीच पहले से एक पाइपलाइन चल रही है, जिसका नाम पावर ऑफ साइबेरिया-1 है। यह रूस के पूर्वी हिस्से से चीन को गैस देती है, जो दिसंबर 2019 में शुरू हुई थी। दूसरी पाइपलाइन रूस के पश्चिमी हिस्से से गैस लाएगी। ईरान संकट और तेल कीमतों से रूस को राहत अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब दुनिया के ऊर्जा बाजार पर भी दिखने लगा है। होर्मुज स्ट्रेट के लगभग बंद होने जैसी स्थिति से तेल सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है। इससे दुनियाभर में आर्थिक मंदी का खतरा भी गहराया है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि तेल और गैस की कीमतें बढ़ने से फिलहाल रूस को कुछ फायदा मिला है। रूस दुनिया के सबसे बड़े तेल और प्राकृतिक गैस भंडार वाले देशों में शामिल है। हालांकि, यूक्रेन युद्ध के कारण रूस अब भी अमेरिका और यूरोपीय देशों के आर्थिक प्रतिबंधों का सामना कर रहा है। इन प्रतिबंधों का असर रूसी अर्थव्यवस्था पर लगातार बना हुआ है।

तोरई के छिलके की सब्जी रेसिपी: तोरई के छिलके की सब्जी, बच्चों को भी आएगी पसंद; नोट करें रेसिपी

तस्वीर का विवरण

सामग्री: 2 कप तोरी के छिलके, 1 प्याज, 1 टमाटर, 2 हरी मिर्च, 1 छोटा बड़ा राई, 1/2 छोटा मोटा जीरा, 1/4 छोटा मोटा जीरा, 1/4 छोटा चम्मच हल्दी, 1 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, 1 छोटा चम्मच धनिया पाउडर, नमक, तेल, हरा धनिया छवि: एआई सबसे पहले तोराई को अच्छी तरह धो लें। अब उसके चिप्स को मोटा-मोटा काट लें। ध्यान रखें कि सब्जी बहुत सख्त न हो, सारी सब्जी स्वादिष्ट होगी। छवि: एआई बनाने की विधि: सबसे पहले पेस्ट्री में तेल गर्म करें। इसमें राय और जीरा यांत्रिक तड़कने शामिल हैं। इसके बाद यूरोपियन कटा प्याज और हरी मिर्च स्टोनमॉल होने तक भून लें। अब टमाटर और नरभक्षी होने तक। छवि: फ्रीपिक फिर हल्दी, लाल मिर्च, धनिया पाउडर और नमक के मसाले को भून लें। इसके बाद कटे हुए तोरई के टुकड़े और मसाले के साथ अच्छे से पकड़े गए। 8 से 10 मिनट तक पकाए गए बर्तनों को पकाना। छवि: फ्रीपिक बीच-बीच में रुकें ताकि सब्जी जले नहीं। जब प्राकृतिक प्राकृतिक हो और असाधारण अच्छी तरह से मिल जाए, तब गैस बंद कर दे। ऊपर से हरा धनिया मॉड्यूल हॉटाकर्म असेंबली। छवि: एआई तोरई के केक की यह क्लासिक सब्जी रोटी, परांठे या दाल-चावल के साथ बेहद स्वादिष्ट होती है। अगर आप रुकते हैं और इसमें थोड़ा सा बेसन भी डाल सकते हैं, तो इसका स्वाद बढ़ जाता है। छवि: एआई तोरी के छिलकों में नारियल और कई आवश्यक पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो पाचन को बेहतर बनाए रखने में मदद करते हैं। इसलिए अगली बार तोराई जरूर करें, इसके बजाय इस टेस्टी रेसिपी को जरूर आजमाएं। छवि: फ्रीपिक

बढ़ती गर्मी बन रही जानलेवा, डॉक्टर ने बताए लू और हीटस्ट्रोक के खतरनाक संकेत

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Last Updated:May 19, 2026, 22:43 IST देशभर में बढ़ती गर्मी अब लोगों की सेहत पर भी असर डालने लगी है. अस्पतालों में लू, चक्कर, कमजोरी और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याओं के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. डॉक्टरों का कहना है कि तेज धूप और लगातार बढ़ते तापमान को हल्के में लेना खतरनाक साबित हो सकता है. ख़बरें फटाफट गर्मी से बचने के लिए शरीर में पानी की कमी न होने दें. इस समय देश के कई हिस्सों में गर्मी और लू से लोगों का बुरा हाल है. तेज धूप और गर्म हवाओं की वजह से लोग जल्दी थक रहे हैं और अस्पतालों में भी गर्मी से जुड़ी दिक्कतें बढ़ती जा रही हैं. डॉक्टरों का कहना है कि कई लोग शुरुआत में शरीर के संकेतों को नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यही छोटी परेशानी बाद में गंभीर रूप ले सकती है. इसलिए गर्मियों में शरीर का ध्यान रखना पहले से ज्यादा जरूरी हो गया है. आइए खुद डॉक्टर से समझें कि आपको अपने शरीर की कैसे देखभाल करनी है. अपोलो अस्पताल के वरिष्ठ सलाहकार डॉ. एस चटर्जी के मुताबिक, गर्मी की वजह से लोगों में कई तरह की परेशानियां देखने को मिल रही हैं. कुछ लोगों को सिर्फ बहुत ज्यादा थकान महसूस होती है, तो कुछ के शरीर पर छोटे-छोटे दाने निकल आते हैं. गर्मी और पसीने की वजह से त्वचा पर जलन और खुजली जैसी दिक्कत भी हो सकती है. इसके अलावा कई लोगों को मांसपेशियों में ऐंठन और दर्द होने लगता है. खासकर जो लोग धूप में ज्यादा देर काम करते हैं या पानी कम पीते हैं, उनमें यह समस्या ज्यादा देखने को मिलती है. शरीर में पानी और जरूरी मिनरल्स की कमी होने पर हालत और बिगड़ सकती है. #WATCH | Delhi: : Senior Consultant, Department of Internal Medicine, Apollo Hospital, Dr S Chatterjee says, “Nowadays, temperatures are rising significantly, and in the medical field it is referred as heat-related illnesses which is becoming quite rampant… Some people present… pic.twitter.com/cvSKWolVCe

गर्मियों में फ्रिज का ठंडा पानी पीना सही है या गलत? जानिए शरीर पर क्या पड़ता है असर

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Last Updated:May 19, 2026, 22:12 IST गर्मियों में तेज धूप और गर्मी से राहत पाने के लिए ज्यादातर लोग फ्रिज का ठंडा पानी पीना पसंद करते हैं. ठंडा पानी तुरंत आराम जरूर देता है, लेकिन कई लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि क्या ज्यादा ठंडा पानी शरीर के लिए सही होता है. ख़बरें फटाफट गर्मी का मौसम आते ही ज्यादातर लोग फ्रिज का बर्फ जैसा ठंडा पानी पीना पसंद करते हैं. तेज धूप और पसीने के बीच ठंडा पानी तुरंत राहत जरूर देता है, लेकिन कई लोगों के मन में यह सवाल भी रहता है कि क्या ज्यादा ठंडा पानी पीना शरीर के लिए सही होता है. कुछ लोग मानते हैं कि इससे गला खराब हो सकता है, जबकि कुछ का कहना है कि यह पाचन पर असर डालता है. विशेषज्ञों के अनुसार, गर्मियों में शरीर को हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी है, लेकिन पानी का तापमान भी शरीर पर असर डाल सकता है. इसलिए जरूरत से ज्यादा ठंडा पानी पीने की बजाय संतुलन बनाए रखना बेहतर माना जाता है. ज्यादा ठंडा पानी शरीर पर कैसे असर डाल सकता हैबहुत ज्यादा ठंडा पानी पीने से शरीर को अचानक तापमान बदलने का सामना करना पड़ता है. कुछ लोगों में इससे गले में खराश, सिरदर्द या सर्दी जैसी परेशानी महसूस हो सकती है. खासतौर पर जब शरीर धूप से बहुत गर्म हो और तुरंत बर्फ जैसा पानी पिया जाए, तो शरीर को उसे सामान्य तापमान पर लाने में ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. हालांकि यह असर हर व्यक्ति में एक जैसा नहीं होता, लेकिन संवेदनशील लोगों को इससे असहजता महसूस हो सकती है. पाचन तंत्र पर भी पड़ सकता है असरकई स्वास्थ्य विशेषज्ञ मानते हैं कि जरूरत से ज्यादा ठंडा पानी पाचन प्रक्रिया को धीमा कर सकता है. बहुत ठंडा पानी पेट की रक्त वाहिकाओं को थोड़ी देर के लिए सिकोड़ सकता है, जिससे पाचन प्रभावित हो सकता है. यही वजह है कि कई लोग खाना खाने के तुरंत बाद बर्फ वाला पानी पीने से बचने की सलाह देते हैं. सामान्य या हल्का ठंडा पानी शरीर के लिए ज्यादा आरामदायक माना जाता है. कब ठंडा पानी नुकसानदेह लग सकता हैअगर किसी व्यक्ति को पहले से गले की समस्या, साइनस या बार-बार सर्दी-जुकाम की परेशानी रहती है, तो बहुत ज्यादा ठंडा पानी उसकी दिक्कत बढ़ा सकता है. वहीं workout या धूप से आने के तुरंत बाद बहुत तेजी से ठंडा पानी पीने पर कुछ लोगों को चक्कर या असहजता महसूस हो सकती है. इसलिए शरीर को थोड़ा सामान्य होने देने के बाद पानी पीना बेहतर माना जाता है. कितना ठंडा पानी पीना सही माना जाता हैविशेषज्ञों के अनुसार, गर्मियों में हल्का ठंडा या सामान्य तापमान वाला पानी शरीर के लिए बेहतर माना जाता है. इससे शरीर हाइड्रेट भी रहता है और अचानक तापमान बदलाव का असर भी कम पड़ता है. फ्रिज का बहुत ज्यादा बर्फीला पानी लगातार पीने की बजाय मिट्टी के घड़े का पानी या हल्का ठंडा पानी कई लोगों के लिए ज्यादा आरामदायक हो सकता है. शरीर को हाइड्रेट रखना सबसे ज्यादा जरूरीगर्मी के मौसम में सबसे जरूरी बात शरीर में पानी की कमी न होने देना है. चाहे पानी सामान्य हो या हल्का ठंडा, पर्याप्त मात्रा में पानी पीना जरूरी माना जाता है. इसके अलावा नारियल पानी, छाछ, नींबू पानी और फल जैसे विकल्प भी शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद कर सकते हैं. About the Author Vividha SinghSub Editor विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi

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Oil Supply Disrupted; IOCL Profit Soars 81%

Oil Supply Disrupted; IOCL Profit Soars 81%

नई दिल्ली10 मिनट पहले कॉपी लिंक हॉर्मुज रूट बंद होने से अब भी दुनियाभर में कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित है। सरकारी तेल कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOCL) के पास एक महीने से ज्यादा का क्रूड ऑयल स्टॉक है। कंपनी ने मंगलवार को बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बावजूद देश में कच्चे तेल की कोई कमी नहीं होगी। हालांकि, हॉर्मुज रूट बंद होने से LPG के स्टॉक में थोड़ी कमी आई है, लेकिन पूरे देश में इसकी सप्लाई को मैनेज किया जा रहा है। इस रूट से भारत की 50% एनर्जी सप्लाई और खाड़ी देशों से आने वाली 90% LPG सप्लाई जुड़ी है, जो फिलहाल बाधित चल रही है। वहीं, कंपनी का मुनाफा वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (Q4FY26) में 81% बढ़ गया है। यह बढ़कर ₹15,176.08 करोड़ पर पहुंच गया, जो पिछले साल की समान तिमाही में ₹8,367.63 करोड़ था। इंडोनेशिया, नाइजीरिया और ओमान से गैस खरीदी IOCL के डायरेक्टर फाइनेंस अनुज जैन ने कहा, “क्रूड ऑयल और अन्य पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की सप्लाई के लिए हमारे पास कई अलग-अलग सोर्स मौजूद हैं। जब से मिडिल ईस्ट में विवाद शुरू हुआ है, तभी से हमारी सभी रिफाइनरियां फुल कैपेसिटी पर काम कर रही हैं।” उन्होंने माना कि LPG की सप्लाई में कुछ बाधाएं आई थीं, लेकिन कंपनी ने LPG आयात के सोर्स बदल दिए हैं। खाड़ी देशों से गैस सप्लाई प्रभावित होने के बाद IOC ने इंडोनेशिया, नाइजीरिया, अंगोला और ओमान जैसे देशों से स्पॉट प्रोक्योरमेंट (तत्काल खरीद) शुरू कर दी है, जिससे देशभर में पर्याप्त LPG पहुंच रही है। बता दें कि होर्मुज रूट ओमान की खाड़ी और फारस की खाड़ी के बीच स्थित दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील समुद्री जलमार्ग है। दुनियाभर में होने वाले कुल कच्चे तेल के व्यापार का लगभग 20% इसी संकरे रास्ते से गुजरता है। शेयरहोल्डर्स को मिलेगा ₹1.25 का डिविडेंड IOCL ने सोमवार को अपने वित्तीय नतीजे जारी किए। इसके मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (Q4FY26) में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट (शुद्ध मुनाफा) 81% बढ़कर ₹15,176.08 करोड़ पर पहुंच गया है। इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी को ₹8,367.63 करोड़ का मुनाफा हुआ था। मुनाफे के साथ ही कंपनी के बोर्ड ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 12.5% के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है। इसके तहत शेयरहोल्डर्स को ₹10 के फेस वैल्यू वाले हर एक इक्विटी शेयर पर ₹1.25 का डिविडेंड (लाभांश) दिया जाएगा। हालांकि, इसके लिए आगामी एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में शेयरधारकों की मंजूरी मिलना बाकी है। रिफाइनरियों के विस्तार पर ₹32,700 करोड़ खर्च करेगी IOC चालू वित्त वर्ष 2026-27 के लिए IOC ने ₹32,700 करोड़ के कैपेक्स (पूंजीगत खर्च) का प्लान तैयार किया है। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में यह खर्च ₹31,401 करोड़ था। कंपनी अपनी रिफाइनरियों की क्षमता बढ़ाने पर तेजी से काम कर रही है। पानीपत रिफाइनरी: इसकी क्षमता को 15 MMTPA (मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष) से बढ़ाकर 25 MMTPA किया जा रहा है, जिसे दिसंबर 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा। गुजरात रिफाइनरी: ₹19,000 करोड़ की लागत से इसकी क्षमता 13.7 MMTPA से बढ़ाकर 18 MMTPA की जा रही है। बरौनी रिफाइनरी: इसकी क्षमता को भी 6 MMTPA से बढ़ाकर 9 MMTPA किया जा रहा है। ये सभी प्रोजेक्ट दिसंबर 2026 की समयसीमा के आसपास पूरे हो जाएंगे। ——————— ये खबर भी पढ़ें… पेट्रोल-डीजल के दाम 90 पैसे बढ़े: 4 दिन पहले ₹3-3 बढ़ाए थे; 15 राज्यों में पेट्रोल ₹100 लीटर पार, डीजल 17 में ₹90 से ऊपर देश में पेट्रोल और डीजल आज 19 मई से औसतन 90 पैसे प्रति लीटर और महंगा हो गया है। इससे पहले 15 मई, शुक्रवार को ही पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 3-3 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी। यानी पांच दिन के भीतर में यह दूसरी बढ़ोतरी है। देश के 15 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पेट्रोल 100 रुपए लीटर के ऊपर बिक रहा है। वहीं 17 में डीजल का दाम 90 रुपए लीटर से ज्यादा है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

बांग्लादेश में भारतीय दूतावास के सुरक्षाकर्मी की मौत:फर्श पर डेड बॉडी मिली, ड्यूटी करके लौटा था; हरियाणा का रहने वाला था

बांग्लादेश में भारतीय दूतावास के सुरक्षाकर्मी की मौत:फर्श पर डेड बॉडी मिली, ड्यूटी करके लौटा था; हरियाणा का रहने वाला था

बांग्लादेश के चिटगांव शहर में स्थित भारतीय दूतावास परिसर के अंदर मंगलवार को एक भारतीय सुरक्षाकर्मी मृत पाया गया। मृतक की पहचान 35 साल के नरेंद्र के तौर पर हुई है। वे हरियाणा के रहने वाले थे और दूतावास में सुरक्षा गार्ड के पद पर तैनात थे। नरेंद्र सोमवार रात अपनी ड्यूटी पूरी करने के बाद अपने कमरे में लौटे थे। मंगलवार सुबह जब वह ड्यूटी पर नहीं पहुंचे तो उनके साथ वालों ने उनसे संपर्क करने की कोशिश की। कई बार फोन और आवाज लगाने के बाव भी कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद अधिकारियों ने उनके कमरे का दरवाजा खोला। अंदर कमरे के फर्श पर नरेंद्र की डेड बॉडी मिली। वे कैंपस के भीतर बने स्टाफ डॉर्मिटरी में रहते थे। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया जानकारी मिलने के बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया। जांच अधिकारी नजरुल इस्लाम ने बताया कि मौत की सही वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल पाएगी। उन्होंने कहा, हमें सूचना मिलने के बाद हमारी टीम मौके पर पहुंची और शव बरामद किया। पोस्टमार्टम के बाद ही मौत के कारण की पुष्टि हो सकेगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। शव पर चोट, घाव या संघर्ष के निशान नहीं मिले पुलिस अधिकारी आरिफुल इस्लाम ने बताया कि शव पर किसी भी तरह की चोट, घाव या संघर्ष के निशान नहीं मिले हैं। शुरुआती तौर पर आशंका जताई जा रही है कि नरेंद्र की मौत हार्ट अटैक या स्ट्रोक की वजह से हुई है। उन्होंने कहा कि मुमकिन है कि रात के दौरान या सुबह बाथरूम से निकलने के बाद उन्हें दिल का दौरा या स्ट्रोक आया हो। असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगी।” पुलिस के मुताबिक, शव को भारतीय अधिकारियों की मौजूदगी में चिटगांव मेडिकल कॉलेज अस्पताल के मॉर्चरी भेजा गया। भारतीय दूतावास ने कोई बयान जारी नहीं किया भारतीय दूतावास की ओर से फिलहाल इस घटना पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारतीय अधिकारी बांग्लादेश प्रशासन और पुलिस के साथ लगातार संपर्क में हैं ताकि मौत के कारणों पूरी जांच हो सके। घटना के बाद एहतियात के तौर पर भारतीय दूतासाव के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है। जांच एजेंसियां स्टाफ डॉर्मिटरी और आसपास के इलाके से सबूत जुटाने में लगी हुई हैं। चिटगांव मेट्रोपॉलिटन पुलिस के डिप्टी कमिश्नर आमिरुल इस्लाम ने कहा कि मामला एक विदेशी दूतावास से जुड़ा है, इसलिए पुलिस सीमित जानकारी ही शेयर कर रही है। उन्होंने कहा कि ज्यादा जानकारी के लिए भारतीय मिशन से संपर्क किया जा सकता है।