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Putin to visit India for BRICS Summit from September 12 to 13

Putin to visit India for BRICS Summit from September 12 to 13

नई दिल्ली4 मिनट पहले कॉपी लिंक रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 4 दिसंबर 2025 को भारत पहुंचे थे। पीएम मोदी ने उनका आधिकारिक आवास पर स्वागत किया था। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन सितंबर में भारत दौरे पर आएंगे। रूसी सरकार ने मंगलवार को कहा कि पुतिन 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाले BRICS समिट में हिस्सा लेंगे। PM मोदी ने पुतिन को दिसंबर 2025 में उनके भारत दौरे के दौरान आधिकारिक तौर पर समिट में शामिल होने का न्योता दिया था। एक साल के भीतर पुतिन का यह दूसरा भारत दौरा होगा। इससे पहले पुतिन दिसंबर 2025 में भारत आए थे। उस दौरान उन्होंने पीएम मोदी के साथ 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया था। 2025 का दौरा इसलिए भी खास माना गया था क्योंकि यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद यह पुतिन का पहला भारत दौरा था। इससे पहले वह आखिरी बार 2021 में नई दिल्ली आए थे। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 4 दिसंबर 2025 को भारत पहुंचे थे। उसी दौरान दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरने के बाद वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ पालम हवाई अड्डे से एक ही टोयोटा एसयूवी में पीएम आवास के लिए रवाना हुए थे। BRICS समिट की अध्यक्षता कर रहा है भारत इस साल भारत BRICS की अध्यक्षता कर रहा है। BRICS दुनिया की बड़ी उभरती अर्थव्यवस्थाओं का समूह है, जिसमें भारत, रूस, चीन, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका के अलावा अब मिस्र, ईरान, इथियोपिया, UAE और इंडोनेशिया जैसे नए सदस्य भी शामिल हो चुके हैं। भारत की अध्यक्षता के दौरान पूरे साल देश के अलग-अलग शहरों में कई बैठकें, मंत्रीस्तरीय सम्मेलन और कार्यकारी समूहों की चर्चाएं आयोजित की जा रही हैं। भारत ने अपनी अध्यक्षता का फोकस ‘ग्लोबल साउथ’ यानी विकासशील देशों की आवाज को मजबूत करने, बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था, आर्थिक सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, आतंकवाद विरोधी सहयोग और सप्लाई चेन को मजबूत करने पर रखा है। भारत यह दिखाने की कोशिश कर रहा है कि BRICS सिर्फ राजनीतिक मंच नहीं, बल्कि व्यापार, निवेश, तकनीक और विकास से जुड़ा बड़ा आर्थिक समूह भी बन सकता है। इस महीने की शुरुआत में रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव भी भारत आए थे। उन्होंने BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लिया। इस बैठक में पश्चिम एशिया के तनाव, वैश्विक सुरक्षा, बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधार, आतंकवाद और आर्थिक सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। भारत ने बैठक के दौरान यह भी कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है और ऐसे समय में ग्लोबल साउथ देशों के बीच सहयोग और ज्यादा जरूरी हो गया है। भारत की अध्यक्षता इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि इस समय दुनिया कई बड़े संकटों से गुजर रही है। अमेरिका-चीन प्रतिस्पर्धा, रूस-यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया में संघर्ष और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के बीच BRICS खुद को पश्चिमी देशों के प्रभाव के मुकाबले एक वैकल्पिक मंच के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहा है। PM मोदी भी इसी साल रूस जाएंगे इससे पहले भारत दौरे पर आए रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने 15 मई को कहा था कि वे PM मोदी की रूस यात्रा की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मोदी ने रूस आने की पुष्टि कर दी है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच रक्षा, ऊर्जा, व्यापार और कई अन्य क्षेत्रों में मजबूत सहयोग जारी है और रूस चाहता है कि यह साझेदारी आगे भी तेजी से मजबूत होती रहे। उनके बयान से माना जा रहा है कि मोदी इस साल भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए रूस जा सकते हैं। हालांकि अभी तक यात्रा की आधिकारिक तारीख या कार्यक्रम का औपचारिक एलान नहीं हुआ है। भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन ज्यादातर अक्टूबर, नवंबर या दिसंबर में आयोजित होता है। पिछले कई सालों में यह अधिकतर साल के आखिरी महीनों में हुआ है। इसलिए इस बार भी माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रूस यात्रा और शिखर सम्मेलन साल के आखिरी महीनों में हो सकता है। भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन आमतौर पर हर साल आयोजित होता है। इसकी शुरुआत साल 2000 में हुई थी। इसके बाद से दोनों देशों के नेता लगभग हर साल बारी-बारी से भारत और रूस में इस समिट में हिस्सा लेते रहे हैं। इस सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी और रूसी राष्ट्रपति पुतिन आमने-सामने बातचीत करते हैं। इसमें रक्षा, ऊर्जा, व्यापार, परमाणु सहयोग, अंतरिक्ष, कनेक्टिविटी और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा होती है। पिछले साल दिसंबर में भारत दौरे पर आए रूसी राष्ट्रपति पुतिन को PM मोदी भगवत गीता भेंट की थी। भारत-रूस के बीच दिसंबर 2025 में हुए अहम समझौते ऊर्जा सहयोग:रूस ने भरोसा दिलाया कि वह भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था के लिए लगातार और बिना रुकावट ईंधन की सप्लाई करता रहेगा। उद्योगिक साझेदारी:भारतीय कंपनियों ने रूस की URALCHEM के साथ एक यूरिया प्लांट रूस में ही स्थापित करने का समझौता किया। फूड सेफ्टी:भारत की FSSAI और रूस की उपभोक्ता सुरक्षा एजेंसी के बीच खाद्य सुरक्षा नियमों को मजबूत करने के लिए औपचारिक समझौते हुए। हेल्थकेयर सहयोग:मेडिकल रिसर्च और हेल्थ सर्विस में सहयोग बढ़ाने के लिए कई MoU साइन किए गए। समुद्री लॉजिस्टिक्स:बंदरगाह और शिपिंग ऑपरेशन में भारत-रूस के सहयोग को बढ़ाने के लिए एक MoU पर हस्ताक्षर हुए। माइग्रेशन और मोबिलिटी:दोनों देशों ने लोगों की आवाजाही को आसान बनाने और माइग्रेशन प्रक्रियाओं को सरल करने के लिए समझौते किए। ——————————– यह खबर भी पढ़ें… PM मोदी डेनमार्क, आइसलैंड, फिनलैंड के प्रधानमंत्रियों से मिले:कुछ देर में इंडिया-नॉर्डिक समिट, ग्रीन एनर्जी और स्पेस सेक्टर पर बातचीत होगी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओस्लो में तीसरे इंडिया-नॉर्डिक समिट से पहले डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन के साथ द्विपक्षीय बैठक की। यह बैठक भारत और नॉर्डिक देशों के बीच रिश्ते मजबूत करने की कोशिशों का हिस्सा मानी जा रही है। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक 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Lionel Messi Kolkata Tour Controversy; Satadru Dutta

Lionel Messi Kolkata Tour Controversy; Satadru Dutta

Hindi News National Lionel Messi Kolkata Tour Controversy; Satadru Dutta | TMC Aroop Biswas DGP कोलकाता17 मिनट पहले कॉपी लिंक सताद्रु दत्ता ने कहा- हजारों अतिरिक्त पास जारी किए गए और सुरक्षा नियमों का उल्लंघन हुआ। फुटबॉलर लियोनेल मेसी के कोलकाता दौरे के ऑर्गनाइजर सताद्रु दत्ता ने 4 लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। इनमें TMC नेता और ममता सरकार के पूर्व खेल मंत्री अरूप बिस्वास का नाम भी शामिल है। शिकायत में पूर्व DGP और TMC राज्यसभा सांसद राजीव कुमार, कोलकाता नगर निगम पार्षद जुईन बिस्वास और सूचना एवं संस्कृति विभाग के सचिव शांतनु बसु के नाम हैं। दत्ता ने आरोप लगाया कि दिसंबर 2025 में साल्ट लेक स्टेडियम में हुए मेसी कार्यक्रम के दौरान हुई अव्यवस्था और हंगामे के लिए ये लोग जिम्मेदार थे। अर्जेंटीना के दिग्गज फुटबॉलर लियोनेल मेसी 3 दिन के भारत दौरे पर आए थे। 13 दिसंबर की देर रात करीब 2:30 बजे वह कोलकाता एयरपोर्ट पहुंचे थे। अगले दिन सुबह 11 बजे मेसी ने कोलकाता में अपनी 70 फीट ऊंची प्रतिमा का वर्चुअल उद्घाटन किया था। मेसी को साल्ट लेक स्टेडियम में करीब 1 घंटे रुकना था, लेकिन वह 22 मिनट बाद ही वहां से निकल गए। इससे नाराज फैंस ने स्टेडियम में कुर्सियां फेंककर तोड़फोड़ की थी। इस दौरान भगदड़ जैसे हालात भी बन गए थे। दत्ता को 13 दिसंबर को कोलकाता के साल्ट लेक स्टेडियम में हुई तोड़फोड़ के मामले में हिरासत में लिया गया था। 37 दिन जेल में रहने के बाद 19 जनवरी को बिधाननगर कोर्ट से उन्हें जमानत मिली थी। कोलकाता इवेंट की 3 तस्वीरें… सॉल्ट लेक स्टेडियम में फैंस से इंटरैक्शन के दौरान मेसी। उन्होंने यहां फ्रेंडली मैच भी खेला। भगदड़ के दौरान दर्शकों ने स्टेडियम में कुर्सियां तोड़कर फेंकी। मेसी इस इवेंट से जल्दी चले गए। इससे नाराज फैंस ने हंगामा शुरू कर दिया। VIP और VVIP पास ब्लैक में बेचे गए- दावा दत्ता ने आरोप लगाया कि कार्यक्रम के दौरान हजारों एक्स्ट्रा पास जारी किए गए और सुरक्षा नियमों का उल्लंघन हुआ। उनका दावा है कि VIP और VVIP पास ब्लैक में बेचे गए थे। उन्होंने कहा कि मेसी के मैदान पर आने के दौरान कुछ लोगों ने सुरक्षा घेरा तोड़ दिया, जिससे फुटबॉलर और उनकी सुरक्षा टीम अनकंफर्टेबल हो गई। इसके बाद मेसी ने कार्यक्रम जल्दी खत्म कर दिया। ममता बनर्जी ने मांगी थी माफी साल्ट लेक स्टेडियम की घटना पर पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को माफी मांगनी पड़ी थी। ADG लॉ एंड ऑर्डर जावेद शमीम ने बताया था कि मुख्य आयोजक सताद्रु दत्ता को गिरफ्तार कर लिया गया है। ऑर्गनाइजर ने टिकट के पैसे वापस करने का वादा भी किया था। वहीं, भारतीय फुटबॉल महासंघ ने कहा था कि यह उनका आधिकारिक इवेंट नहीं था। —————————————— मेसी के कोलकाता दौरे की ये खबर भी पढ़ें… मेसी ने हैदराबाद में बच्चों के साथ फुटबॉल खेला:कोलकाता स्टेडियम से जल्दी निकले, तो फैंस ने तोड़फोड़ की; मुंबई में तेंदुलकर-छेत्री से मिलेंगे हैदराबाद के उप्पल स्टेडियम में मेसी ने फ्रेंडली मैच खेला। (फोटो- DD स्पोर्ट्स।) अर्जेंटीना के दिग्गज फुटबॉलर लियोनल मेसी 3 दिन के इंडिया टूर पर हैं। उन्होंने शनिवार को कोलकाता में अपनी 70 फीट ऊंची मूर्ती का उद्घाटन किया। फिर देर शाम हैदराबाद के उप्पल स्टेडियम में CM रेवंत रेड्डी और बच्चों के साथ फुटबॉल खेला। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Mouni Roys First Cannes 2026 Look

Mouni Roys First Cannes 2026 Look

12 मिनट पहले कॉपी लिंक पति सूरज नांबियार से अलग होने की घोषणा करने के ठीक चार दिन बाद एक्ट्रेस मौनी रॉय कांस फिल्म फेस्टिवल में पहुंच गई हैं। 18 मई को उन्होंने इंस्टाग्राम पर अपने पहले लुक की तस्वीरें शेयर की हैं। उन्होंने इसके साथ कैप्शन लिखा, ‘कांसऔर अफरातफरी, बोंजूर’। कांस 2026 के अपने पहले लुक के लिए मौनी रॉय ने क्लासिक और मॉडर्न स्टाइल को चुना। उन्होंने सफेद हॉल्टर नेक कॉलर वाली ब्लैक शॉर्ट ड्रेस पहनी थी। इसके साथ उन्होंने कंधों पर ओवरसाइज्ड ब्लैक ट्रेंच कोट कैरी किया था। मौनी यहां अपने नए प्रोजेक्ट ‘बॉम्बे स्टोरीज’ के प्रमोशन के लिए पहुंची हैं। देखें कांस में मौनी की तस्वीरें.… मौनी ने सफेद हॉल्टर नेक कॉलर वाली ब्लैक शॉर्ट ड्रेस पहनी। कांस 2026 के लिए मौनी रॉय ने क्लासिक और मॉडर्न स्टाइल को चुना। मौनी का मेकअप काफी सिंपल था, जिसमें डाइमंड नेकलेस भी शामिल था । बॉम्बे स्टोरीज प्रोजेक्ट के लिए पहुंचीं कांस मौनी रॉय कांस फिल्म फेस्टिवल में अपने आने वाले प्रोजेक्ट ‘बॉम्बे स्टोरीज’ को शोकेस करने के लिए पहुंची हैं। यह प्रोजेक्ट लेखक सादत हसन मंटो के काम पर आधारित एक सटायर (व्यंग्य) है। मौनी के लिए यह प्लेटफॉर्म इसलिए भी खास है क्योंकि वह इससे पहले साल 2023 और 2025 में भी कांस के रेड कार्पेट पर हिस्सा ले चुकी हैं। पिछले सालों में जहां उनका लुक हाई-फैशन ड्रामा से भरपूर था, वहीं इस साल का लुक उनके मजबूत पर्सनल अंदाज को दिखाता है। चार दिन पहले ही किया था तलाक का ऐलान तस्वीरें पोस्ट करने से ठीक चार दिन पहले यानी 14 मई को मौनी और सूरज नांबियार ने एक जॉइंट स्टेटमेंट जारी किया था। इसमें दोनों ने अपनी चार साल पुरानी शादी को खत्म करने की बात कही थी। इस मुश्किल समय में मौनी ने मीडिया और फैंस से प्राइवेसी और सम्मान बनाए रखने की अपील की थी। उन्होंने लोगों से उनके रिश्ते को लेकर झूठी कहानियां न बनाने का भी अनुरोध किया था। पर्सनल लाइफ में चल रहे इस बदलाव के बीच अपने काम को प्राथमिकता देना उनके करियर के प्रति समर्पण को दिखाता है। साल 2022 में हुई थी दोनों की शादी मौनी रॉय और सूरज नांबियार की शादी जनवरी 2022 में गोवा में हुई थी। दोनों की शादी बंगाली और साउथ इंडियन रीति-रिवाजों से हुई थी, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुई थीं। दोनों की मुलाकात साल 2018 में दुबई के एक क्लब में हुई थी, जिसके बाद उन्होंने करीब तीन साल तक एक-दूसरे को डेट किया। शादी के चार साल पूरे होने से पहले ही दोनों ने पिछले हफ्ते एक जॉइंट स्टेटमेंट जारी कर तलाक का ऐलान किया था। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

अफगानिस्तान सीरीज के लिए भारतीय टीम का ऐलान:बुमराह-जडेजा को आराम; वनडे में ईशान की वापसी, सुथार, बरार और हर्ष को पहली बार मौका

अफगानिस्तान सीरीज के लिए भारतीय टीम का ऐलान:बुमराह-जडेजा को आराम; वनडे में ईशान की वापसी, सुथार, बरार और हर्ष को पहली बार मौका

अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाली टेस्ट और वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम का ऐलान कर दिया गया है। मंगलवार को टेस्ट टीम से तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा को आराम दिया गया है। मानव सुथार, गुरनूर बरार और हर्ष दुबे को पहली बार भारतीय टीम में जगह मिली है। विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन की वनडे टीम में वापसी हुई है। अफगानिस्तान की टीम 6 जून से भारत दौरे पर आएगी, जहां दोनों टीमों के बीच एक टेस्ट और 3 वनडे मुकाबले खेले जाएंगे। वनडे मैच धर्मशाला, लखनऊ और चेन्नई में 14, 17 और 20 जून को होंगे। बुमराह और जडेजा को टेस्ट से आराम वर्कलोड मैनेजमेंट के तहत जसप्रीत बुमराह और रवींद्र जडेजा को टेस्ट टीम से आराम दिया गया है। ऋषभ पंत और ध्रुव जुरेल विकेटकीपर चुने गए हैं। देवदत्त पडिक्कल की नंबर-3 पर वापसी हुई है। उनके साथ साई सुदर्शन भी हैं। पडिक्कल दो टेस्ट खेल चुके हैं। उन्होंने आखिरी टेस्ट 2024 में पर्थ में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला था। ईशान की 3 साल बाद वनडे टीम में वापसी विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन की 3 साल बाद भारतीय वनडे टीम में वापसी हुई है। उन्होंने आखिरी वनडे मुकाबला 11 अक्टूबर 2023 को अफगानिस्तान के खिलाफ दिल्ली में खेला था। ईशान ने भारत के लिए अब तक 27 वनडे मैच खेले हैं, जिसमें 42.40 की औसत और 102.19 के स्ट्राइक रेट से 933 रन बनाए हैं। ईशान के नाम वनडे में एक दोहरा शतक और 7 अर्धशतक भी दर्ज हैं। भारतीय टेस्ट टीम शुभमन गिल (कप्तान), केएल राहुल (उपकप्तान), यशस्वी जायसवाल, साई सुदर्शन, ऋषभ पंत, देवदत्त पडिक्कल, नीतीश कुमार रेड्डी, वॉशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, मानव सुथार, गुरनूर बरार, हर्ष दुबे और ध्रुव जुरेल। भारतीय वनडे टीम शुभमन गिल (कप्तान), रोहित शर्मा, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर, केएल राहुल, अर्शदीप सिंह, ईशान किशन, हार्दिक पंड्या, नीतीश कुमार रेड्डी, वॉशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, प्रसिद्ध कृष्णा, प्रियांश यादव, गुरनूर बरार और हर्ष दुबे।

Bank of Baroda, SBI, Railway Jobs Vacancies 2026

Bank of Baroda, SBI, Railway Jobs Vacancies 2026

14 मिनट पहले कॉपी लिंक आज की सरकारी नौकरी में जानकारी बैंक ऑफ बड़ौदा में अप्रेंटिस के 5000 पदों पर भर्ती, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में 7150 वैकेंसी की। साथ में रेलवे में 1079 ओपनिंग्स की। इन जॉब्स के बारे में पूरी जानकारी के साथ आवेदन की प्रक्रिया यहां देखिए… 1. बैंक ऑफ बड़ौदा में अप्रेंटिस के 5000 पदों पर भर्ती, आज से आवेदन शुरू बैंक ऑफ बड़ौदा ने अप्रेंटिस के पदों पर भर्ती निकाली है। उम्मीदवार बैंक की ऑफिशियल वेबसाइट bankofbaroda.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : किसी भी स्‍ट्रीम में ग्रेजुएशन की डिग्री स्नातक उत्तीर्ण करने की तिथि कट-ऑफ डेट 01 मई 2026 से 4 वर्ष से अधिक पुरानी नहीं होनी चाहिए। एज लिमिट : न्यूनतम : 20 वर्ष अधिकतम : 28 वर्ष अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति : 5 वर्ष की छूट ओबीसी : 3 वर्ष की छूट दिव्यांग : 10 वर्ष की छूट फीस : सामान्य, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस : 800 रुपए + जीएसटी दिव्यांग : 400 रुपए + जीएसटी एससी, एसटी : नि:शुल्क सिलेक्शन प्रोसेस : ऑनलाइन एग्जामडॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन लोकल लैंग्वेज टेस्ट स्टाइपेंड : 15 हजार रुपए प्रतिमाह एग्जाम पैटर्न : सब्जेक्ट क्वेश्चंस मार्क्स जनरल / फायनेंशियल अवेयरनेस 25 25 क्वांटेटिव एंड रीजनिंग एप्टीट्यूड 25 25 कंप्यूटर नॉलेज 25 25 जनरल इंग्लिश 25 25 टोटल 100 100 ऐसे करें आवेदन : ऑफिशियल वेबसाइट bankofbaroda.in पर जाएं। अब ‘Recruitment of Local Bank Officer 2025’ लिंक चुनें। नया पेज खुलने पर ‘Current openings’ टैब पर क्लिक करें। यहां अप्लाई ऑनलाइन लिंक पर क्लिक करें। रजिस्ट्रेशन करके फॉर्म भरें। फीस का भुगतान करें। फॉर्म सब्मिट करें। इसका प्रिंटआउट निकालकर रखें। ऑनलाइन आवेदन लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक 2. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में 7150 वैकेंसी, ग्रेजुएट्स करें अप्लाई स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने अप्रेंटिस के पदों पर भर्ती निकाली है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट sbi.co.in पर जाकर अप्लाई कर सकते हैं। एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : ग्रेजुएशन की डिग्री एज लिमिट : न्यूनतम : 20 साल अधिकतम : 28 साल आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों को अधिकतम उम्र में नियमानुसार छूट दी जाएगी। फीस : जनरल, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस : 300 रुपए एससी, एसटी, पीडब्ल्यूडी : नि:शुल्क सिलेक्शन प्रोसेस : ऑनलाइन रिटन एग्जाम लोकल लैंग्वेज टेस्ट डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन मेडिकल एग्जाम स्टाइपेंड : 15,000 रुपए प्रतिमाह जरूरी डॉक्यूमेंट्स : पासपोर्ट साइज फोटो सिग्नेचर आधार कार्ड/वैलिड आईडी प्रूफ ग्रेजुएशन मार्कशीट एंड सर्टिफिकेट कैटेगरी सर्टिफिकेट पीडब्ल्यूबीडी सर्टिफिकेट डोमिसाइल सर्टिफिकेट लोकल लैंग्वेज प्रूफ एग्जाम डिटेल्स : टोटल क्वेश्चंस : 100 टोटल मार्क्स : 100 ड्यूरेशन : 60 मिनट मोड : ऑनलाइन एग्जाम पैटर्न : सब्जेक्ट क्वेश्चंस मार्क्स जनरल/फायनेंशियल अवेयरनेस 25 25 जनरल इंग्लिश 25 25 क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड 25 25 रीजनिंग एबिलिटी एंड कंप्यूटर एप्टीट्यूड 25 25 ऐसे करें आवेदन : ऑफिशियल वेबसाइट sbi.co.in पर जाएं। न्यू रजिस्ट्रेशन लिंक पर क्लिक करें। नाम, पासवर्ड के साथ लॉग इन करें। फॉर्म में पासपोर्ट साइज फोटो, सिग्नेचर और अन्य डॉक्यूमेंट्स अटैच करें। फीस का भुगतान करके फॉर्म प्रिव्यू और सब्मिट करें। इसका प्रिंट आउट निकाल कर रखें। ऑनलाइन आवेदन लिंक 3. रेलवे में 1079 पदों पर भर्ती, बिना एग्जाम, इंटरव्यू के सिलेक्शन दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में 1079 पदों पर भर्ती निकली है। उम्मीदवार अप्रेंटिसशिप इंडिया पोर्टल www.apprenticeshipindia.gov.in के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। इस भर्ती के अंतर्गत फिटर, इलेक्ट्रीशियन, COPA, वेल्डर, प्लंबर, वायरमैन, डीजल मैकेनिक, स्टेनोग्राफर और अन्य पद भरे जाएंगे। यह ट्रेनिंग 1 साल के लिए दी जाएगी। डिवीजन वाइस वैकेंसी डिटेल्स : डिवीजन का नाम पदों की संख्या नागपुर डिवीजन 977 मोतीबाग वर्कशॉप नागपुर 102 कुल पदों की संख्या 1079 पोस्ट वाइज वैकेंसी डिटेल्स : पद का नाम पदों की संख्या इलेक्ट्रीशियन 285 COPA 171 फिटर 134 मैकेनिक डीजल 124 वायरमैन 46 पेंटर 48 कारपेंटर 51 वेल्डर 28 प्लंबर 33 अन्य ट्रेड्स 159 कुल पदों की संख्या 1079 एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : 10वीं पास, संबंधित क्षेत्र में आईटीआई की डिग्री एज लिमिट : न्यूनतम : 15 साल अधिकतम : 24 साल रिजर्व कैटेगरी के उम्मीदवारों को अधिकतम उम्र में छूट दी जाएगी। सिलेक्शन प्रोसेस : मेरिट बेसिस पर स्टाइपेंड : सेंट्रल अप्रेंटिसशिप नियमों के अनुसार ऐसे करें आवेदन : ऑफिशियल वेबसाइट www.apprenticeshipindia.gov.in पर जाएं। होम पेज पर Recruitment सेक्शन पर क्लिक करें। अप्लाई ऑनलाइन पर क्लिक करें। जरूरी डाक्यूमेंट्स, फोटो और सिग्नेचर अपलोड करें। अपनी कैटेगरी के अनुसार फीस का भुगतान करें। आवेदन फॉर्म फाइनल सब्मिट कर दें। इसका प्रिंटआउट निकाल कर रखें। ऑफिशियल वेबसाइट लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक ऑनलाइन आवेदन लिंक 4. गुजरात में हेल्थ वर्कर के 1948 पदों पर भर्ती, लास्ट डेट 20 मई गुजरात पंचायत सर्विस सिलेक्शन बोर्ड, गांधीनगर में 1948 पदों पर भर्ती निकली है। इस भर्ती के लिए आवेदन की आखिरी तारीख 20 मई तय की गई है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट gpssb.gujarat.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : 12वीं पास। महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता का बेसिक ट्रेनिंग कोर्स या सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त असिस्टेंट नर्स मिडवाइफ (एएनएम) कोर्स पास होना चाहिए। गुजरात नर्सिंग काउंसिल में रजिस्ट्रेशन होना चाहिए। गुजरात सिविल सेवा नियमों के अनुसार कंप्यूटर का नॉलेज होना चाहिए। गुजराती या हिंदी या दोनों भाषाओं में एक्सपर्ट होना चाहिए। एज लिमिट : न्यूनतम : 18 साल अधिकतम : 40 साल आरक्षित वर्ग (अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, एसईबीसी, ईडब्ल्यूएस) और पूर्व सैनिकों को सरकारी नियमों के अनुसार अधिकतम उम्र में छूट दी जाएगी। फीस : सामान्य : 100 रुपए + सेवा शुल्क। एससी, एसटी, एसईबीसी, ईडब्ल्यूएस, दिव्यांगजन/ पूर्व सैनिक) : नि:शुल्क सिलेक्शन प्रोसेस : रिटन एग्जाम के बेसिस पर सैलरी : 26,000 रुपए प्रतिमाह एग्जाम पैटर्न : कुल अंक : 200 ड्यूरेशन : 3 घंटे निगेटिव मार्किंग : हर गलत उत्तर के लिए 0.25 अंक काटे जाएंगे। सब्जेक्ट मार्क्स सामान्य जागरूकता एवं सामान्य ज्ञान 35 गुजराती व्याकरण 20 अंग्रेजी भाषा एवं व्याकरण 20 सामान्य गणित एवं तर्कशक्ति 25 नौकरी से संबंधित तकनीकी ज्ञान 100 कुल अंक 200 ऐसे करें आवेदन : ऑफिशियल वेबसाइट ojas.gujarat.gov.in पर जाएं। अप्लाई ऑनलाइन लिंक पर क्लिक करें। बेसिक डिटेल्स दर्ज करके लॉगिन क्रेडेंशियल जनरेट करें। जरूरी डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें। फीस भरकर फॉर्म जमा करें। इसका प्रिंटआउट लेकर रखें। ऑफिशियल वेबसाइट लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक सरकारी नौकरी की ये खबरें भी पढ़ें आज की सरकारी नौकरी:DRDO में भर्ती के लिए आवेदन शुरू; एयरपोर्ट अथॉरिटी में 220 वैकेंसी, इंडियन आर्मी में TGC कोर्स के तहत 30

भीषण गर्मी और लू से कैसे बचें, आ गई आयुष मंत्रालय की एडवाइजरी, क्या खाएं, क्या पीएं?

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Last Updated:May 19, 2026, 15:58 IST भीषण गर्मी और लू से बचाव के लिए आयुष मंत्रालय ने एडवाइजरी जारी की है. इस दौरान आयुष ने आयुर्वेद सहित कई च‍िक‍ित्‍सा पद्धत‍ियों में द‍िए गए उपायों के बारे में जानकारी दी है. इस दौरान हल्के कपड़े, शीतल पेय, मौसमी फल खाने की सलाह, संवेदनशील समूहों पर खास ध्यान, हीटस्ट्रोक पर 108/102 कॉल करने की सलाह दी है. हीटवेव को लेकर आयुष मंत्रालय ने जारी की एडवाइजरी. कैसे करें बचाव. Ayush Advisory on Heat: झुलसाते मौसम का प्रकोप बढ़ता जा रहा है. भीषण गर्मी और लू से शरीरों का पानी सुखा रही है. इससे लोगों में कई मौसम संबंधी गभीर बीमारियां भी हो रही हैं. हालांकि इसे लेकर अब आयुष मंत्रालय की एडवाइजरी आ गई है. जिसमें इस मौसम में खुद को बचाने के लिए अलग-अलग पद्धतियों में दी गई सलाह लोगों को दी गई है. इस एडवाइजरी में आम लोगों से लेकर संवेदनशील समूहों, कंपनियों, मजदूरों और बड़े सार्वजनिक कार्यक्रमों या खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले लोगों के लिए गर्मी से होने वाले तनाव और गर्मी से संबंधित बीमारियों से बचाव के लिए सिफारिशें की गई हैं. लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, दोपहर के समय में सीधे सूर्य के प्रकाश के संपर्क में आने से बचने, हल्के सूती कपड़े पहनने तथा मौसमी फलों और इलेक्ट्रोलाइट से भरपूर तरल पदार्थों के सेवन की सलाह दी गई है. इन लोगों को अतिरिक्त देखभाल की जरूरत परामर्श में यह भी बताया गया है कि शिशु, बच्चे, गर्भवती महिलाएं, बुजुर्ग व्यक्ति, खुले में काम करने वाले श्रमिक और हृदय रोग तथा उच्च रक्तचाप जैसी पुरानी बीमारियों से पीड़ित व्यक्ति लू की स्थिति में विशेष रूप से अधिक संवेदनशील होते हैं तथा उन्हें अतिरिक्‍त देखभाल एवं निगरानी की आवश्यकता होती है. ये हैं डिहाइड्रेशन के लक्षण चक्कर आना, सिरदर्द, मतली, मानसिक स्थिति में बदलाव, शरीर का अत्‍यधिक तापमान, निर्जलीकरण, दौरे पडना-बेहोशी ये है आपातकालीन हेल्पलाइन हीटस्ट्रोक एक चिकित्सा इमरजेंसी है. इसके लिए तत्काल चिकित्सा सहायता जरूरी है. अगर आपको ऐसा कोई गंभीर मामला दिखाई दे तो तुरंत 108/102 आपातकालीन हेल्पलाइन पर संपर्क कर सकते हैं. सभी पद्धतियों में ये हैं बचाव के उपाय आयुर्वेद विभाग की मानें तो इस मौसम में शीतल आहार लेना जरूरी है. इस दौरान मठ्ठा, नारियल पानी और नींबू आधारित पेय जैसे शरीर को तरलता प्रदान करते हैं. इसके अलावा निम्बुकफला पनाका, आम्र प्रपनाका और चिंचा पनाका सहित पारंपरिक चीजें भी उपयोग करने की सलाह दी जाती है. ताकि अत्‍यधिक गर्मी के दौरान शरीर का तापमान नियंत्रित करने में सहायता मिले. सिद्ध और योग पद्धति में ठंडक देने वाले पेय और प्राणायामों की सलाह दी गई है. इनमें शीतली प्राणायाम और हल्‍के योग अभ्‍यासों को अपनाने की सलाह दी गई है, ताकि शरीर में संतुलित बना रहे और गर्मी के तनाव को कम किया जा सके. यूनानी पद्धति धूप से झुलसने और डीहाईड्रेशन को रोकने के लिए पारंपरिक ठंडे पेय और हर्बल लेप की सलाह देती है, जबकि होम्योपैथी अत्‍यधिक भीषण गर्मी के दौरान एहतियाती उपाय करने की सिफारिश करती है. ये चीजें अपने आहार में शामिल करें लोगों को गर्मी के मौसम में अपने दैनिक आहार में खीरा, तरबूज, नींबू, खरबूजा, लौकी और टमाटर जैसी हाइड्रेटिंग और शीतलता देने वाले पारंपरिक खाद्य सामग्रि‍यों को शामिल करने की सलाह दी जाती है. इसके साथ ही नागरिकों को भारतीय मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी मौसम संबंधी अनुमानों पर नियमित रूप से ध्‍यान देने और लू संबंधी चेतावनियों के दौरान जरूरी सावधानियां बरतने की भी सलाह दी गई है. About the Author प्रिया गौतमSenior Correspondent Priya Gautam is an accomplished journalist currently working with Hindi.News18.com with over 14 years of extensive field reporting experience. Previously worked with Hindustan times group (Hindustan Hindi) and …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi

लौकी की कढ़ी रेसिपी: गर्मी में पेट को ठंडा करने वाली दही और लौकी की कढ़ी, बच्चे भी हो जाएंगे फैन; नोट करें मिनट वाली रेसिपी

तस्वीर का विवरण

अगर आप भी रोज-रोज की दुकान से बोर हो गए हैं, तो इस बार घर पर खरीदें लौकी की स्वादिष्ट कढ़ी. छवि: एआई लोकी की कढ़ी बनाने की सामग्री: 1 कप लौकी, 1 कप दही, 2 बड़े बेसन, 1 हरी मिर्च नारंगी कटी हुई, 1 छोटा अदरक अदरक का पेस्ट, 1/2 छोटा अदरक हल्दी पाउडर, स्वाद नमक, 3 कप पानी छवि: फ्रीपिक धन्यवाद के लिए: 1 बड़ा चम्मच घी, 1/2 छोटा चम्मच मेथी दाना, 1/4 छोटा चम्मच मेथी दाना, 2 सूखी लाल मिर्च, चुटकीभर हींग, कैरी पत्ता। इसका स्वाद इतना अच्छा है कि बच्चा भी बार-बार खाने की मांग करेगा। छवि: फ्रीपिक बनाने की आसान विधि: सबसे पहले लोकी को ढोकर कद्दू कर लें। अब एक बड़ी झील में दही, बेसन और पानी के महानुभावों से फेंट लें ताकि गुठलियां न रहें। छवि: एआई इसके बाद इसमें कद्दू, की हुई लौकी, हल्दी, नमक, हरी मिर्च और अदरक दाल शामिल हैं। अब इस मिश्रण को गैस पर मध्यम आँच में मसाले के लिए रख दें। बीच-बीच में रुकें ताकि कढ़ी नीचे न लगें। छवि: एआई करीब 15-20 मिनट में लड़की अच्छी तरह पैक करेगी और थोड़ी थोड़ी गाड़ी होगी। अब एक छोटे पैन में घी गर्म करने के लिए तड़का लगाएं। इसमें जीरा, मेथी दाना, हींग, सूखी लाल मिर्च और कैरी पत्ता शामिल हैं। छवि: एआई जब तड़का अच्छी तरह से दिया जाए, तो इसे तैयार कर लें कढ़ी में डाल दें। बस तैयार है स्वादिष्ट और शानदार लौकी की कढ़ी। लौकी की कढ़ी को गरम-गरम चावल, जीरा चावल या रोटी के साथ सर्व करें. छवि: एआई ऊपर से छोटी हरी धनिया का स्वाद और भी बढ़ जाता है। शरीर को ठंडक प्रबंधन में मदद मिलती है। पाचन क्रिया बेहतर होती है। व्यवसाय होने का कारण आसानी से पच जाता है। छवि: सोशल मीडिया हीट डिहाइड्रेशन में आराम मिलता है। बच्चों और बड़ों दोनों के लिए कार्मिक पद की नियुक्ति होगी। अगर आप समर में कुछ फ़्लैक्शन, टेस्टी और कलाकृतियां बनाना चाहते हैं, तो लोकी की कढ़ी ज़रूर बनाएं। छवि: फ्रीपिक

दिल, दिमाग और पाचन का रक्षक वचा पौधा, आयुर्वेद में इसे क्यों माना जाता है संपूर्ण स्वास्थ्य का चमत्कारी उपाय?

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Last Updated:May 19, 2026, 15:45 IST वचा (वच) एक औषधीय आयुर्वेदिक पौधा माना जाता है, जो दिल, दिमाग और पाचन के लिए लाभकारी बताया गया है. यह रक्त संचार सुधारने, तनाव कम करने, मानसिक शांति देने और पाचन तंत्र को मजबूत करने में मदद करता है. आयुर्वेद के अनुसार इसके सेवन से हृदय पर दबाव कम होता है और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है. हालांकि इसके उपयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी माना जाता है. आयुर्वेद के अनुसार, वचा पौधा शरीर में रक्त संचार को बेहतर बनाने में मदद करता है और दिल को मजबूत रखने में सहायक माना जाता है. इसके अलावा यह तनाव कम करने, दिमाग को शांत रखने और पाचन सुधारने में भी उपयोगी बताया गया है. तनाव कम होने से हृदय पर पड़ने वाला दबाव भी घटता है. आयुर्वेद में वचा (वच) पौधे को एक खास औषधीय पौधा माना गया है. इसे पारंपरिक रूप से हृदय से जुड़ी समस्याओं में लाभकारी बताया जाता है. वाच का उपयोग प्राचीन समय से आयुर्वेदिक उपचार में किया जा रहा है. डॉ. अभिषेक कुमार मिश्रा बताते हैं कि इसके अलावा वचा पौधा पाचन तंत्र को भी मजबूत करता है. आयुर्वेद में माना जाता है कि खराब पाचन कई बीमारियों की जड़ होता है. वाच गैस, अपच और पेट की अन्य समस्याओं को दूर करने में मदद करता है. जब पाचन सही रहता है, तो शरीर में पोषक तत्व अच्छी तरह से अवशोषित होते हैं, जिससे हृदय समेत पूरे शरीर को लाभ मिलता है. Add News18 as Preferred Source on Google डॉ. अभिषेक मिश्रा के अनुसार, वचा पौधा शरीर में रक्त संचार को बेहतर बनाता है. जब शरीर में खून का प्रवाह सही तरीके से होता है, तो हृदय पर दबाव कम पड़ता है और दिल स्वस्थ रहता है. वाच के सेवन से नसों में जमा गंदगी को हटाने में मदद मिलती है, जिससे हार्ट ब्लॉकेज जैसी समस्याओं का खतरा कम हो सकता है. यही कारण है कि आयुर्वेदाचार्य इसे दिल को मजबूत बनाने वाला पौधा मानते हैं. लोकल 18 से बातचीत के दौरान रामनाथ आरोग्यधाम के वैद्य (डॉ.) अभिषेक कुमार मिश्रा बताते हैं कि वचा (वच) के पौधे दिल और दिमाग के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है. माना जाता है कि इसके पंचमूल का प्रयोग करके दिल से और दिमाग से संबंधित बीमारियों को दूर किया जा सकता है. वचा पौधे का एक बड़ा गुण यह भी है कि यह तनाव और मानसिक थकान को कम करने में सहायक होता है. आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव दिल की बीमारियों का एक बड़ा कारण बन चुका है. वाच दिमाग को शांत रखने में मदद करता है और चिंता को कम करता है. जब मन शांत रहता है, तो इसका सीधा असर दिल की सेहत पर पड़ता है. तनाव कम होने से हृदय पर पड़ने वाला अतिरिक्त दबाव भी घट जाता है. डॉ. अभिषेक मिश्रा बताते हैं कि इसके जड़ को सुखाकर पाउडर बनाकर इसका प्रयोग किया जा सकता है और इसके पांचों मूल का भी प्रयोग किया जाता है. इसका प्रयोग 4 रत्ती से 3 ग्राम तक किया जाता है, लेकिन इसका प्रयोग करने से पहले अपने डॉक्टर या किसी आयुर्वेदाचार्य से एक बार सलाह जरूर लें. डॉ अभिषेक कुमार मिश्रा बताते हैं कि वचा (वच) का पौधा लगाना भी काफी आसान है. इसको गमले में या किचन गार्डन में आसानी से लगाया जा सकता है. डॉ. अभिषेक कुमार मिश्रा बताते हैं कि वचा का उपयोग सिर्फ दिल और पाचन के लिए ही नहीं, बल्कि सर्दी-खांसी, दमा और आवाज से जुड़ी समस्याओं में भी किया जाता है. कई जगहों पर इसे बच्चों की याददाश्त बढ़ाने और बोलने की क्षमता सुधारने के लिए भी उपयोग में लाया जाता है. डॉ. अभिषेक कुमार मिश्रा के अनुसार, वाच में मौजूद औषधीय गुण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में भी सहायक होते हैं. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

जहांगीर खान द्वारा फाल्टा पुनर्मतदान से उम्मीदवारी वापस लेने पर टीएमसी ने चुप्पी तोड़ी: ‘कार्यकर्ता दबाव में हैं’ | भारत समाचार

Bangladesh vs Pakistan Live Score: Follow latest updates from Day 4 of the 2nd Test. (AFP Photo)

आखरी अपडेट:19 मई, 2026, 15:41 IST टीएमसी ने आरोप लगाया कि हाल के चुनावों में भाजपा के सत्ता में आने के बाद से कई पार्टी कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है, जबकि चुनाव आयोग पर आंखें मूंदने का आरोप लगाया गया है। फाल्टा पुनर्मतदान से पहले टीएमसी नेता जहांगीर खान ने अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली। (फ़ाइल) तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने पार्टी नेता पर अपनी चुप्पी तोड़ी है जहांगीर खान उन्होंने फाल्टा निर्वाचन क्षेत्र में पुनर्मतदान से कुछ दिन पहले अपनी उम्मीदवारी वापस लेते हुए कहा कि यह उनका व्यक्तिगत निर्णय था, पार्टी का नहीं। चुनाव आयोग ने चुनावी कदाचार और “लोकतांत्रिक प्रक्रिया में तोड़फोड़” के व्यापक आरोपों के कारण 21 मई को फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में पुनर्मतदान का आदेश दिया था। टीएमसी ने एक्स पर लिखा, “जहांगीर खान द्वारा फाल्टा पुनर्मतदान से हटने का निर्णय उनका व्यक्तिगत निर्णय है, न कि पार्टी का। 4 मई को चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद से, अकेले फाल्टा एसी में हमारे 100 से अधिक पार्टी कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है।” जहाँगीर खान द्वारा फाल्टा पुनर्मतदान से हटने का निर्णय उनका व्यक्तिगत निर्णय है, न कि पार्टी का। 4 मई को चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद से, अकेले फाल्टा एसी में हमारे 100 से अधिक पार्टी कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है। कई पार्टी कार्यालयों में… – अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (@AITCofficial) 19 मई 2026 पार्टी ने आरोप लगाया कि उसके कई कार्यालयों में दिनदहाड़े तोड़फोड़ की गई, उन्हें बंद कर दिया गया और जबरन कब्जा कर लिया गया, जबकि बार-बार शिकायतों के बावजूद चुनाव आयोग ने आंखें मूंद लीं। “इस तरह के दबाव के सामने भी, हमारे कार्यकर्ता मजबूती से डटे हुए हैं और एजेंसियों और प्रशासन के माध्यम से फैलाई गई भाजपा की धमकी का विरोध करना जारी रखते हैं। हालांकि, कुछ ने अंततः दबाव के आगे घुटने टेक दिए और मैदान से हटने का फैसला किया। हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं। बांग्ला बिरोधी भाजपा के खिलाफ हमारी लड़ाई जारी रहेगी- पश्चिम बंगाल और दिल्ली दोनों में।” जहाँगीर खान ने अपनी उम्मीदवारी क्यों वापस ले ली? खान ने मंगलवार को अचानक घोषणा की कि वह फाल्टा में 21 मई को होने वाले पुनर्मतदान से अपना नाम वापस ले रहे हैं, उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के क्षेत्र के विकास के लिए विशेष पैकेज के वादे ने उन्हें यह निर्णय लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “मैं फाल्टा का बेटा हूं और मैं चाहता हूं कि क्षेत्र में शांति रहे और विकास हो। सीएम ने फाल्टा के विकास के लिए एक विशेष पैकेज की घोषणा की है, यही वजह है कि मैंने निर्वाचन क्षेत्र में पुनर्मतदान प्रक्रिया से दूर जाने का फैसला किया है।” हालाँकि, अधिकारी ने दावा किया कि खान दोबारा चुनाव से “भाग गए” क्योंकि उन्हें कोई पोलिंग एजेंट नहीं मिला। आयोग ने ईवीएम बटनों के साथ छेड़छाड़ और मतदान के दौरान व्यवधान सहित बड़ी अनियमितताओं के आरोपों के बाद निर्वाचन क्षेत्र के सभी 285 मतदान केंद्रों पर नए सिरे से मतदान का निर्देश दिया, जिसके बारे में आयोग ने कहा कि इससे चुनावी प्रक्रिया खराब हो गई है। यह निर्णय महत्वपूर्ण राजनीतिक महत्व रखता है क्योंकि फाल्टा डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है, जिसे पहले टीएमसी का एक प्रमुख गढ़ माना जाता था। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया जहांगीर खान द्वारा फाल्टा पुनर्मतदान की उम्मीदवारी वापस लेने पर टीएमसी ने चुप्पी तोड़ी: ‘कार्यकर्ता दबाव में हैं’ अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें

इस घास की चाय क्यों पीते हैं पहाड़ों पर लोग? वजन घटाए…तनाव भगाए, चौंका देगा इसका सीक्रेट

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Last Updated:May 19, 2026, 15:33 IST Lemon Grass Tea Benefits : उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में प्राकृतिक रूप से उगने वाली लेमन ग्रास लोगों की पसंदीदा हर्बल चाय बनती जा रही है. इसकी खुशबू और औषधीय गुण शरीर को कई तरह से फायदा पहुंचाते हैं. बागेश्वर की चिकित्सक डॉ. संगीता लोकल 18 से बताती हैं कि इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर को अंदर से मजबूत बनाते हैं, संक्रमण से लड़ने की ताकत देते हैं. पहाड़ी इलाकों में ये प्राकृतिक इम्यूनिटी बूस्टर की तरह उपयोग होती आई है. पहाड़ों में लोग सुबह खाली पेट इसकी चाय पीते हैं, जिससे शरीर में ताजगी बनी रहती है. बिना चीनी इसका सेवन वजन नियंत्रित रखने में सहायक है. लेमन ग्रास चाय सिर्फ शरीर ही नहीं बल्कि त्वचा के लिए भी लाभकारी मानी जाती है. इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं. नियमित सेवन से शरीर में मौजूद टॉक्सिन बाहर निकलते हैं, जिससे त्वचा साफ और चमकदार दिखाई देती है. यह त्वचा पर समय से पहले आने वाले बुढ़ापे के असर को कम करने में मदद कर सकती है. कई लोग इसका उपयोग घरेलू ब्यूटी उपचार में भी करते हैं. पहाड़ी क्षेत्रों में महिलाएं इसे प्राकृतिक हेल्थ ड्रिंक के रूप में अपनाती हैं. गर्मियों में इसकी चाय शरीर को अंदर से ठंडक देने का काम भी करती है. लेमन ग्रास की तासीर हल्की गर्म मानी जाती है, इसलिए यह सर्दी-जुकाम में काफी राहत पहुंचाती है. इसकी चाय पीने से गले की खराश कम होती है, शरीर को आराम मिलता है. कई लोग इसमें अदरक और शहद मिलाकर भी सेवन करते हैं. इसमें मौजूद एंटीबैक्टीरियल गुण शरीर को संक्रमण से बचाने में मदद करते हैं. पहाड़ों में ठंड के मौसम में लोग नियमित रूप से इसकी चाय पीते हैं. इससे शरीर गर्म रहता है, सर्द मौसम का असर कम महसूस होता है. वायरल संक्रमण के दौरान भी इसे फायदेमंद माना जाता है. लेमन ग्रास चाय बनाना बेहद आसान है. इसके लिए पानी में ताजी लेमन ग्रास की पत्तियां डालकर कुछ मिनट तक उबालना होता है. स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें शहद, अदरक या नींबू भी मिलाया जा सकता है. पहाड़ी क्षेत्रों में लोग अपने घरों के आसपास उगी लेमन ग्रास का उपयोग करते हैं. इसकी खुशबू चाय को बेहद ताजगी भरा स्वाद देती है. बाजार में भी अब सूखी लेमन ग्रास आसानी से उपलब्ध होने लगी है. प्राकृतिक और बिना केमिकल वाली यह चाय लोगों को हेल्दी जीवनशैली की ओर आकर्षित कर रही है. नियमित सेवन से शरीर और मन दोनों को फायदा मिल सकता है. Add News18 as Preferred Source on Google लेमन ग्रास में विटामिन A और विटामिन C अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करते हैं. बदलते मौसम में सर्दी-जुकाम और वायरल संक्रमण से बचाव के लिए लोग इसकी चाय पीना पसंद करते हैं. बागेश्वर की चिकित्सक  डॉ. संगीता लोकल 18 से बताती हैं कि इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर को अंदर से मजबूत बनाते हैं, संक्रमण से लड़ने की ताकत देते हैं. पहाड़ी इलाकों में इसे प्राकृतिक इम्यूनिटी बूस्टर माना जाता है. नियमित सेवन से शरीर में ऊर्जा बनी रहती है, थकान कम महसूस होती है. खासकर बरसात और सर्दियों के मौसम में इसकी चाय काफी फायदेमंद मानी जाती है. भागदौड़ भरी जिंदगी में मानसिक तनाव और चिंता की समस्या तेजी से बढ़ रही है. ऐसे में लेमन ग्रास चाय दिमाग को शांत रखने में मदद कर सकती है. इसकी खुशबू और प्राकृतिक गुण मानसिक तनाव को कम करने में सहायक माने जाते हैं. कई लोग दिनभर की थकान के बाद शाम के समय इसकी चाय पीते हैं, जिससे उन्हें सुकून महसूस होता है. इसमें मौजूद तत्व नर्वस सिस्टम को रिलैक्स करने में मदद करते हैं. इससे नींद भी बेहतर आती है और मन शांत रहता है. लगातार तनाव महसूस करने वाले लोगों के लिए यह हर्बल चाय एक अच्छा विकल्प बनती जा रही है. आजकल बढ़ते वजन की समस्या से परेशान लोग लेमन ग्रास चाय को अपनी डाइट में शामिल कर रहे हैं. यह शरीर के मेटाबॉलिज्म को तेज करने में मदद करती है, जिससे कैलोरी तेजी से बर्न होती है. यह पेट में अतिरिक्त चर्बी जमा होने से भी रोकती है. बिना चीनी के इसका सेवन करने से वजन नियंत्रित रखने में सहायता मिल सकती है. पहाड़ों में लोग सुबह खाली पेट इसकी चाय पीते हैं, जिससे शरीर में ताजगी बनी रहती है. यह शरीर को डिटॉक्स करने में भी मदद करती है. नियमित सेवन के साथ संतुलित भोजन और व्यायाम करने से बेहतर परिणाम देखने को मिल सकते हैं. लेमन ग्रास चाय पेट से जुड़ी कई परेशानियों में राहत देने का काम करती है. इसमें मौजूद प्राकृतिक तत्व पाचन तंत्र को मजबूत बनाते हैं. गैस, एसिडिटी और कब्ज जैसी समस्याओं को कम करने में मदद करते हैं. कई लोग भारी भोजन के बाद इसकी चाय पीना पसंद करते हैं, क्योंकि इससे पेट हल्का महसूस होता है. पहाड़ी क्षेत्रों में पुराने समय से लोग इसे घरेलू नुस्खे के तौर पर इस्तेमाल करते आए हैं. इसके सेवन से पेट दर्द और अपच की समस्या में भी राहत मिलती है. नियमित रूप से लेमन ग्रास चाय पीने से शरीर की पाचन क्रिया बेहतर बनी रहती है, भोजन जल्दी पचने में मदद मिलती है. लेमन ग्रास चाय शरीर से विषैले तत्व बाहर निकालने में मदद करती है. इसका सेवन करने से शरीर की सफाई प्राकृतिक तरीके से होती है. यह किडनी और लिवर को स्वस्थ रखने में भी मददगार मानी जाती है. पहाड़ी क्षेत्रों में लोग इसे शरीर को तरोताजा रखने के लिए पीते हैं. इसके सेवन से शरीर में पानी की मात्रा संतुलित रहती है, शरीर हल्का महसूस होता है. कई लोग इसे सुबह के समय पीना पसंद करते हैं ताकि दिनभर शरीर में ताजगी बनी रहे. प्राकृतिक डिटॉक्स ड्रिंक के रूप में इसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।