Wednesday, 15 Jul 2026 | 12:25 AM

Trending :

Bangladesh Ram Statue Project Halted Amidst Fundamentalist Pressure

Bangladesh Ram Statue Project Halted Amidst Fundamentalist Pressure

ढाका16 मिनट पहलेलेखक: एसएम अमानुर रहमान

  • कॉपी लिंक

बांग्लादेश के गैबांधा जिले में 82 फीट ऊंची राम प्रतिमा का प्रोजेक्ट कट्टरपंथी दबाव के बाद रोक दिया गया है। यह प्रतिमा श्री श्री राधा गोबिंद और काली मंदिर परिसर में बन रही थी। मंदिर समिति ने इसे सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए अस्थायी रोक बताया है, लेकिन इसकी असली वजह कट्टरपंथी संगठनों का दबाव बताया जा रहा है।

प्रोजेक्ट का विरोध कर रहे कट्टरपंथी संगठनों ने अधूरी संरचना गिराने तक की मांग की है। इमाम-उलमा परिषद ने प्रोजेक्ट पूरी तरह रद्द करने, भविष्य में ऐसी किसी पहल पर रोक लगाने और फंडिंग की जांच कराने की मांग रखी है।

बता दें ​कि यह निर्माण 2025 की शुरुआत में निजी फंडिंग से शुरू हुआ था। परिसर में पहले से 100 से ज्यादा देवी-देवताओं की मूर्तियां हैं। इनमें 30 फीट की शिव प्रतिमा और 53 फीट की कृष्ण प्रतिमा भी शामिल है। राम प्रतिमा को एशिया की सबसे बड़ी राम प्रतिमा के रूप में पेश किया जा रहा था। इस परियोजना पर 17 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च होने थे।

बीते शुक्रवार को चटगांव में राम मंदिर के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए कट्टरपंथी।

बीते शुक्रवार को चटगांव में राम मंदिर के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए कट्टरपंथी।

कट्टरपंथियों ने फंडिंग-खातों की खुफिया जांच की मांग की

कट्टरपंथी संगठन इमाम-उलमा परिषद और अन्य ने इस प्रोजेक्ट की फंडिंग पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मांग की है कि खुफिया एजेंसियां जांच करें कि क्या किसी विदेशी सरकार या संगठन से पैसा आया है।

इस मांग में परोक्ष रूप से भारत की ओर इशारा माना जा रहा है। विरोधियों ने इस पहल से जुड़े लोगों के बैंक खातों व संपत्तियों की जांच कराने की भी मांग की है। उनका कहना है कि प्रोजेक्ट का हमारी संप्रभुता पर असर होगा।

1.38 एकड़ में फैले मंदिर परिसर में पहले ही 100 से ज्यादा मूर्तियां

श्री श्री राधा गोबिंद और काली मंदिर परिसर 1.38 एकड़ यानी 138 डेसीमल जमीन पर फैला है। शुरुआत में यह परिसर 76 डेसीमल जमीन पर बनना था। बाद में इसमें 62 डेसीमल जमीन और जोड़ी गई।

परिसर में 100 से ज्यादा देवी-देवताओं की मूर्तियां पहले ही बनाई जा चुकी हैं। यहां 30 फीट ऊंची शिव प्रतिमा और 53 फीट ऊंची कृष्ण प्रतिमा भी है। कृष्ण प्रतिमा को एशिया की सबसे ऊंची कृष्ण प्रतिमा बताया जा रहा है।

यह मंदिर परिसर भारत की सीमा के काफी नजदीक है। पश्चिम बंगाल के बालुरघाट से मंदिर परिसर की दूरी केवल 70 किमी है। इस कारण यह प्रोजेक्ट सिर्फ स्थानीय नहीं रह गया था। इसे सीमावर्ती धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में भी देखा जा रहा था।

करीब दो साल पहले बांग्लादेश में तत्कालीन प्रधानमंत्री हसीना के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन हुए थे। इसके बाद से हिंदुओं पर अत्याचार के मामले बढ़े।

करीब दो साल पहले बांग्लादेश में तत्कालीन प्रधानमंत्री हसीना के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन हुए थे। इसके बाद से हिंदुओं पर अत्याचार के मामले बढ़े।

बीते दो साल में दो और प्रोजेक्ट पर लग चुकी है रोक

राम प्रतिमा प्रोजेक्ट से पहले भी दो साल में हिंदू आस्था से जुड़े 2 प्रोजेक्ट पर रोक लग चुकी है। 2025 में कट्टपरंथियों के विरोध पर ढाका में दुर्गा मंदिर प्रशासन ने गिराई। 2024 में ढाका के उत्तरा में दुर्गा पूजा मूर्ति स्थापना पर आपत्ति के बाद उसकी जगह बदलनी पड़ी।

दमन… दो वर्ष में हिंदुओं पर 2,839 हमले व 100 हत्याएं

अगस्त 2024 में शेख हसीना सरकार के गिरने के बाद से बांग्लादेश में हिंदुओं समेत अल्पसंख्यकों पर 2,839 हमले हुए हैं। बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद के अनुसार, 4-20 अगस्त 2024 के बीच 2,010 घटनाएं हुईं। 2025 में 522 तो 2026 के पहले 3 महीनों में 133 घटनाएं दर्ज की गई हैं। इनमें 100 से ज्यादा हत्याएं, यौन हिंसा, घर-दुकान पर हमला, मंदिरों-प्रतिमाओं की तोड़फोड़, लूट, आगजनी और जमीन कब्जे जैसी घटनाएं शामिल हैं।

————— बांग्लादेश से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें…

बांग्लादेश लौटने के लिए खुद सामने आ रहे अवैध प्रवासी:बंगाल में रोज 200-300 लोगों का वेरिफिकेशन

पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले की हकीमपुर चेकपोस्ट पर इन दिनों अवैध रूप से भारत में रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों की भीड़ जुट रही है। ये लोग खुद अपनी पहचान बताकर बांग्लादेश लौटने की इच्छा जता रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
रील संस्कृति के समय में परिपक्व प्रेम पर खास चर्चा:सौरभ जैन और शीन दास ने कहा- सम्मान और धैर्य से ही रिश्ते चलते हैं

March 4, 2026/
6:30 am

सौरभ राज जैन और शीन सविता दास इन दिनों वेब सीरीज संमरमर को लेकर चर्चा में हैं। दैनिक भास्कर से...

मधुबाला बायोपिक में कास्टिंग की चर्चा तेज:दावा-साई पल्लवी को मिल सकता है लीड रोल; पहले कियारा-अनीत पड्डा के नाम चर्चा में थे

March 13, 2026/
7:47 pm

हिंदी सिनेमा की सबसे खूबसूरत और लोकप्रिय अदाकाराओं में गिनी जाने वाली मधुबाला की जिंदगी पर बनने वाली बायोपिक एक...

इंग्लैंड के ब्रूक नंबर-1 टेस्ट बैटर:जो रूट को पीछे छोड़ा, गिल आठवें नंबर पर पहुंचे; बॉलर्स में बुमराह टॉप पर

June 10, 2026/
3:08 pm

इंग्लैंड के हैरी ब्रूक ICC टेस्ट बैटर रैंकिंग में टॉप पर पहुंच गए हैं। उन्होंने अपने करियर में दूसरी बार...

विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप- आज वेस्टइंडीज Vs स्कॉटलैंड:दोनों टीमों ने अपने पिछले मुकाबले जीते; टॉप-2 में पोजिशन मजबूत करने पर नजरें

June 18, 2026/
4:30 am

वीमेंस टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के मैच-12 में आज वेस्टइंडीज का सामना स्कॉटलैंड से होगा। यह मुकबाल लीड्स के हेडिंग्ले...

उज्जैन में युवक की संदिग्ध मौत,परिजनों ने किया चक्काजाम:हत्या का आरोप लगाया, मां बोली-फोन कर कहा था बचा लो; पुलिस कर रही जांच

April 23, 2026/
2:31 pm

उज्जैन के नानाखेड़ा थाना क्षेत्र में 26 वर्षीय युवक राजनाथ की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पुलिस को उसकी...

google-color.svg

May 12, 2026/
4:17 pm

चीनी हमारे रोज़मर्रा के खान‑पान का अहम हिस्सा है. चाय, मिठाई, डेज़र्ट या फिर किसी रेसिपी में मिठास लाने के...

राजनीति

Bangladesh Ram Statue Project Halted Amidst Fundamentalist Pressure

Bangladesh Ram Statue Project Halted Amidst Fundamentalist Pressure

ढाका16 मिनट पहलेलेखक: एसएम अमानुर रहमान

  • कॉपी लिंक

बांग्लादेश के गैबांधा जिले में 82 फीट ऊंची राम प्रतिमा का प्रोजेक्ट कट्टरपंथी दबाव के बाद रोक दिया गया है। यह प्रतिमा श्री श्री राधा गोबिंद और काली मंदिर परिसर में बन रही थी। मंदिर समिति ने इसे सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए अस्थायी रोक बताया है, लेकिन इसकी असली वजह कट्टरपंथी संगठनों का दबाव बताया जा रहा है।

प्रोजेक्ट का विरोध कर रहे कट्टरपंथी संगठनों ने अधूरी संरचना गिराने तक की मांग की है। इमाम-उलमा परिषद ने प्रोजेक्ट पूरी तरह रद्द करने, भविष्य में ऐसी किसी पहल पर रोक लगाने और फंडिंग की जांच कराने की मांग रखी है।

बता दें ​कि यह निर्माण 2025 की शुरुआत में निजी फंडिंग से शुरू हुआ था। परिसर में पहले से 100 से ज्यादा देवी-देवताओं की मूर्तियां हैं। इनमें 30 फीट की शिव प्रतिमा और 53 फीट की कृष्ण प्रतिमा भी शामिल है। राम प्रतिमा को एशिया की सबसे बड़ी राम प्रतिमा के रूप में पेश किया जा रहा था। इस परियोजना पर 17 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च होने थे।

बीते शुक्रवार को चटगांव में राम मंदिर के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए कट्टरपंथी।

बीते शुक्रवार को चटगांव में राम मंदिर के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए कट्टरपंथी।

कट्टरपंथियों ने फंडिंग-खातों की खुफिया जांच की मांग की

कट्टरपंथी संगठन इमाम-उलमा परिषद और अन्य ने इस प्रोजेक्ट की फंडिंग पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मांग की है कि खुफिया एजेंसियां जांच करें कि क्या किसी विदेशी सरकार या संगठन से पैसा आया है।

इस मांग में परोक्ष रूप से भारत की ओर इशारा माना जा रहा है। विरोधियों ने इस पहल से जुड़े लोगों के बैंक खातों व संपत्तियों की जांच कराने की भी मांग की है। उनका कहना है कि प्रोजेक्ट का हमारी संप्रभुता पर असर होगा।

1.38 एकड़ में फैले मंदिर परिसर में पहले ही 100 से ज्यादा मूर्तियां

श्री श्री राधा गोबिंद और काली मंदिर परिसर 1.38 एकड़ यानी 138 डेसीमल जमीन पर फैला है। शुरुआत में यह परिसर 76 डेसीमल जमीन पर बनना था। बाद में इसमें 62 डेसीमल जमीन और जोड़ी गई।

परिसर में 100 से ज्यादा देवी-देवताओं की मूर्तियां पहले ही बनाई जा चुकी हैं। यहां 30 फीट ऊंची शिव प्रतिमा और 53 फीट ऊंची कृष्ण प्रतिमा भी है। कृष्ण प्रतिमा को एशिया की सबसे ऊंची कृष्ण प्रतिमा बताया जा रहा है।

यह मंदिर परिसर भारत की सीमा के काफी नजदीक है। पश्चिम बंगाल के बालुरघाट से मंदिर परिसर की दूरी केवल 70 किमी है। इस कारण यह प्रोजेक्ट सिर्फ स्थानीय नहीं रह गया था। इसे सीमावर्ती धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में भी देखा जा रहा था।

करीब दो साल पहले बांग्लादेश में तत्कालीन प्रधानमंत्री हसीना के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन हुए थे। इसके बाद से हिंदुओं पर अत्याचार के मामले बढ़े।

करीब दो साल पहले बांग्लादेश में तत्कालीन प्रधानमंत्री हसीना के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन हुए थे। इसके बाद से हिंदुओं पर अत्याचार के मामले बढ़े।

बीते दो साल में दो और प्रोजेक्ट पर लग चुकी है रोक

राम प्रतिमा प्रोजेक्ट से पहले भी दो साल में हिंदू आस्था से जुड़े 2 प्रोजेक्ट पर रोक लग चुकी है। 2025 में कट्टपरंथियों के विरोध पर ढाका में दुर्गा मंदिर प्रशासन ने गिराई। 2024 में ढाका के उत्तरा में दुर्गा पूजा मूर्ति स्थापना पर आपत्ति के बाद उसकी जगह बदलनी पड़ी।

दमन… दो वर्ष में हिंदुओं पर 2,839 हमले व 100 हत्याएं

अगस्त 2024 में शेख हसीना सरकार के गिरने के बाद से बांग्लादेश में हिंदुओं समेत अल्पसंख्यकों पर 2,839 हमले हुए हैं। बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद के अनुसार, 4-20 अगस्त 2024 के बीच 2,010 घटनाएं हुईं। 2025 में 522 तो 2026 के पहले 3 महीनों में 133 घटनाएं दर्ज की गई हैं। इनमें 100 से ज्यादा हत्याएं, यौन हिंसा, घर-दुकान पर हमला, मंदिरों-प्रतिमाओं की तोड़फोड़, लूट, आगजनी और जमीन कब्जे जैसी घटनाएं शामिल हैं।

————— बांग्लादेश से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें…

बांग्लादेश लौटने के लिए खुद सामने आ रहे अवैध प्रवासी:बंगाल में रोज 200-300 लोगों का वेरिफिकेशन

पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले की हकीमपुर चेकपोस्ट पर इन दिनों अवैध रूप से भारत में रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों की भीड़ जुट रही है। ये लोग खुद अपनी पहचान बताकर बांग्लादेश लौटने की इच्छा जता रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.