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Movie Review; Chand Mera Dil, Ananya Pandey’s Best Career Perdormance, second half is litle boring

Movie Review; Chand Mera Dil, Ananya Pandey's Best Career Perdormance, second half is litle boring

5 मिनट पहले कॉपी लिंक रेटिंग: 3/5 स्टार अवधि: 2 घंटे 26 मिनट कास्ट- अनन्या पांडे, लक्ष्य ललवानी डायरेक्टर- विवेक सोनी बॉलीवुड में प्रेम कहानियां हमेशा से बनती रही हैं, लेकिन ज्यादातर फिल्मों में प्यार का सफर वहीं खत्म हो जाता है जहां हीरो-हीरोइन एक हो जाते हैं। शादी के बाद क्या होता है, जिम्मेदारियां रिश्ते को कैसे बदल देती हैं और प्यार कब थकने लगता है, इन सवालों से हिंदी सिनेमा अक्सर बचता रहा है। ‘चांद मेरा दिल’ इसी मुश्किल हिस्से को पकड़ने की कोशिश करती है। डायरेक्टर विवेक सोनी की यह फिल्म प्यार को सिर्फ खूबसूरत एहसास की तरह नहीं दिखाती, बल्कि उसके साथ आने वाली उलझनों, गुस्से, टूटन और दोबारा जुड़ने की कोशिशों को भी सामने लाती है। फिल्म कई जगह आपको अपने आसपास के रिश्तों की याद दिलाती है। हालांकि इसकी रफ्तार कुछ हिस्सों में धीमी पड़ती है, लेकिन इमोशनल पकड़ बनी रहती है। कहानी: कॉलेज के प्यार से शादी तक और फिर रिश्ते की असली परीक्षा हैदराबाद के बैकड्रॉप में बनी यह कहानी इंजीनियरिंग स्टूडेंट चांदनी (अनन्या पांडे) और आरव (लक्ष्य) के इर्द-गिर्द घूमती है। आरव पहली नजर में चांदनी पर दिल हार बैठता है। धीरे-धीरे दोस्ती प्यार में बदलती है और दोनों एक-दूसरे की दुनिया बन जाते हैं। कॉलेज रोमांस, लंबी बाइक राइड्स, देर रात की बातें और भविष्य के सपनों के बीच दोनों शादी का फैसला कर लेते हैं। लेकिन असली कहानी शादी के बाद शुरू होती है। करियर का दबाव, आर्थिक जिम्मेदारियां, परिवार का हस्तक्षेप और रिश्ते में बढ़ती गलतफहमियां दोनों को बदलने लगती हैं। एक ऐसा पल आता है जब आरव का गुस्सा रिश्ते में ऐसी दरार पैदा कर देता है, जहां प्यार से ज्यादा आत्मसम्मान बड़ा सवाल बन जाता है। रिश्ता टूटने की कगार पर पहुंच जाता है। क्या दोनों अपने रिश्ते को दूसरा मौका देंगे या प्यार जिम्मेदारियों के बोझ तले दब जाएगा, यही फिल्म का मूल संघर्ष है। एक्टिंग: अनन्या पांडे ने किया सरप्राइज, लक्ष्य ने दिखाया नया रंग अगर इस फिल्म की सबसे बड़ी ताकत किसी चीज को कहा जाए, तो वह इसकी एक्टिंग है। अनन्या पांडे ने अपने करियर की अब तक की सबसे संतुलित परफॉर्मेंस दी है। उन्होंने चांदनी के किरदार को सिर्फ एक रोमांटिक लड़की बनाकर नहीं छोड़ा, बल्कि उसकी उलझन, दर्द, असुरक्षा और मजबूती को अच्छे से दिखाया है। कई इमोशनल सीन्स में वह काफी प्रभाव छोड़ती हैं। वहीं लक्ष्य इस फिल्म का बड़ा सरप्राइज हैं। ‘किल’ जैसी एक्शन फिल्म के बाद यहां उनका बेहद संवेदनशील और टूटा हुआ रूप देखने को मिलता है। गुस्से, पछतावे और प्यार के बीच फंसे एक लड़के की बेचैनी उन्होंने अच्छे ढंग से निभाई है। कई जगह उनकी बॉडी लैंग्वेज और इमोशनल सीन आपको बांधे रखते हैं। दोनों कलाकारों की केमिस्ट्री फिल्म का सबसे मजबूत हिस्सा बनकर सामने आती है। कम स्क्रीन टाइम में परेश पाहुजा भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराते हैं। डायरेक्शन और टेक्निकल पक्ष: रिश्तों की बारीकियों को समझती फिल्म डायरेक्टर विवेक सोनी ने कहानी को जरूरत से ज्यादा फिल्मी बनाने की बजाय उसे जमीन से जोड़े रखने की कोशिश की है। अच्छी बात यह है कि यहां गुस्से को हीरोइज्म की तरह नहीं दिखाया गया। रिश्तों में छोटी गलतियां किस तरह बड़ी दूरी में बदल जाती हैं, फिल्म इसे संवेदनशील तरीके से दिखाती है। कैमरा वर्क खासकर इमोशनल सीक्वेंस में अच्छा लगता है। कुछ सीन की फ्रेमिंग और लाइटिंग कहानी की बेचैनी को और असरदार बनाती है। एडिटिंग पहले हाफ में अच्छी है, लेकिन दूसरे हिस्से में फिल्म थोड़ी लंबी महसूस होने लगती है। फिल्म की कमियां: दूसरे हाफ में ढीली पड़ती रफ्तार फिल्म का सबसे कमजोर हिस्सा इसकी लंबाई है। 2 घंटे 26 मिनट का रनटाइम कुछ जगह भारी महसूस होता है। सेकेंड हाफ में कुछ सीन जरूरत से ज्यादा खिंचे लगते हैं और कहानी थोड़ी दोहराव वाली महसूस होती है। हालांकि ये बातें फिल्म के इमोशनल असर को पूरी तरह कमजोर नहीं करतीं। म्यूजिकः फिल्म का टाइटल ट्रैक असरदार सचिन-जिगर का संगीत फिल्म की जान है। गाने कहानी पर बोझ नहीं लगते, बल्कि उसे आगे बढ़ाने का काम करते हैं। टाइटल ट्रैक लंबे समय तक याद रहता है। बैकग्राउंड स्कोर कई इमोशनल पलों को और मजबूत बनाता है और रिश्ते की बेचैनी को महसूस कराता है। फाइनल वर्डिक्टः फिल्म देखें या नहीं? ‘चांद मेरा दिल’ ऐसी प्रेम कहानी है जो सिर्फ प्यार में पड़ने की नहीं, प्यार को बचाने की जद्दोजहद दिखाती है। फिल्म पूरी तरह परफेक्ट नहीं है और दूसरे हाफ में थोड़ा खिंचती भी है, लेकिन इसकी ईमानदार कहानी, मजबूत एक्टिंग और रिश्तों की सच्चाई इसे देखने लायक बनाती है। अगर आपको ऐसी फिल्में पसंद हैं जो प्यार की चमक के साथ उसकी थकान भी दिखाएं, तो यह फिल्म एक बार जरूर देखी जा सकती है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Movie Review; Chand Mera Dil, Ananya Pandey’s Best Career Perdormance, second half is litle boring

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38 मिनट पहले कॉपी लिंक रेटिंग: 3/5 स्टार अवधि: 2 घंटे 26 मिनट कास्ट- अनन्या पांडे, लक्ष्य ललवानी डायरेक्टर- विवेक सोनी बॉलीवुड में प्रेम कहानियां हमेशा से बनती रही हैं, लेकिन ज्यादातर फिल्मों में प्यार का सफर वहीं खत्म हो जाता है जहां हीरो-हीरोइन एक हो जाते हैं। शादी के बाद क्या होता है, जिम्मेदारियां रिश्ते को कैसे बदल देती हैं और प्यार कब थकने लगता है, इन सवालों से हिंदी सिनेमा अक्सर बचता रहा है। ‘चांद मेरा दिल’ इसी मुश्किल हिस्से को पकड़ने की कोशिश करती है। डायरेक्टर विवेक सोनी की यह फिल्म प्यार को सिर्फ खूबसूरत एहसास की तरह नहीं दिखाती, बल्कि उसके साथ आने वाली उलझनों, गुस्से, टूटन और दोबारा जुड़ने की कोशिशों को भी सामने लाती है। फिल्म कई जगह आपको अपने आसपास के रिश्तों की याद दिलाती है। हालांकि इसकी रफ्तार कुछ हिस्सों में धीमी पड़ती है, लेकिन इमोशनल पकड़ बनी रहती है। कहानी: कॉलेज के प्यार से शादी तक और फिर रिश्ते की असली परीक्षा हैदराबाद के बैकड्रॉप में बनी यह कहानी इंजीनियरिंग स्टूडेंट चांदनी (अनन्या पांडे) और आरव (लक्ष्य) के इर्द-गिर्द घूमती है। आरव पहली नजर में चांदनी पर दिल हार बैठता है। धीरे-धीरे दोस्ती प्यार में बदलती है और दोनों एक-दूसरे की दुनिया बन जाते हैं। कॉलेज रोमांस, लंबी बाइक राइड्स, देर रात की बातें और भविष्य के सपनों के बीच दोनों शादी का फैसला कर लेते हैं। लेकिन असली कहानी शादी के बाद शुरू होती है। करियर का दबाव, आर्थिक जिम्मेदारियां, परिवार का हस्तक्षेप और रिश्ते में बढ़ती गलतफहमियां दोनों को बदलने लगती हैं। एक ऐसा पल आता है जब आरव का गुस्सा रिश्ते में ऐसी दरार पैदा कर देता है, जहां प्यार से ज्यादा आत्मसम्मान बड़ा सवाल बन जाता है। रिश्ता टूटने की कगार पर पहुंच जाता है। क्या दोनों अपने रिश्ते को दूसरा मौका देंगे या प्यार जिम्मेदारियों के बोझ तले दब जाएगा, यही फिल्म का मूल संघर्ष है। एक्टिंग: अनन्या पांडे ने किया सरप्राइज, लक्ष्य ने दिखाया नया रंग अगर इस फिल्म की सबसे बड़ी ताकत किसी चीज को कहा जाए, तो वह इसकी एक्टिंग है। अनन्या पांडे ने अपने करियर की अब तक की सबसे संतुलित परफॉर्मेंस दी है। उन्होंने चांदनी के किरदार को सिर्फ एक रोमांटिक लड़की बनाकर नहीं छोड़ा, बल्कि उसकी उलझन, दर्द, असुरक्षा और मजबूती को अच्छे से दिखाया है। कई इमोशनल सीन्स में वह काफी प्रभाव छोड़ती हैं। वहीं लक्ष्य इस फिल्म का बड़ा सरप्राइज हैं। ‘किल’ जैसी एक्शन फिल्म के बाद यहां उनका बेहद संवेदनशील और टूटा हुआ रूप देखने को मिलता है। गुस्से, पछतावे और प्यार के बीच फंसे एक लड़के की बेचैनी उन्होंने अच्छे ढंग से निभाई है। कई जगह उनकी बॉडी लैंग्वेज और इमोशनल सीन आपको बांधे रखते हैं। दोनों कलाकारों की केमिस्ट्री फिल्म का सबसे मजबूत हिस्सा बनकर सामने आती है। कम स्क्रीन टाइम में परेश पाहुजा भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराते हैं। डायरेक्शन और टेक्निकल पक्ष: रिश्तों की बारीकियों को समझती फिल्म डायरेक्टर विवेक सोनी ने कहानी को जरूरत से ज्यादा फिल्मी बनाने की बजाय उसे जमीन से जोड़े रखने की कोशिश की है। अच्छी बात यह है कि यहां गुस्से को हीरोइज्म की तरह नहीं दिखाया गया। रिश्तों में छोटी गलतियां किस तरह बड़ी दूरी में बदल जाती हैं, फिल्म इसे संवेदनशील तरीके से दिखाती है। कैमरा वर्क खासकर इमोशनल सीक्वेंस में अच्छा लगता है। कुछ सीन की फ्रेमिंग और लाइटिंग कहानी की बेचैनी को और असरदार बनाती है। एडिटिंग पहले हाफ में अच्छी है, लेकिन दूसरे हिस्से में फिल्म थोड़ी लंबी महसूस होने लगती है। फिल्म की कमियां: दूसरे हाफ में ढीली पड़ती रफ्तार फिल्म का सबसे कमजोर हिस्सा इसकी लंबाई है। 2 घंटे 26 मिनट का रनटाइम कुछ जगह भारी महसूस होता है। सेकेंड हाफ में कुछ सीन जरूरत से ज्यादा खिंचे लगते हैं और कहानी थोड़ी दोहराव वाली महसूस होती है। हालांकि ये बातें फिल्म के इमोशनल असर को पूरी तरह कमजोर नहीं करतीं। म्यूजिकः फिल्म का टाइटल ट्रैक असरदार सचिन-जिगर का संगीत फिल्म की जान है। गाने कहानी पर बोझ नहीं लगते, बल्कि उसे आगे बढ़ाने का काम करते हैं। टाइटल ट्रैक लंबे समय तक याद रहता है। बैकग्राउंड स्कोर कई इमोशनल पलों को और मजबूत बनाता है और रिश्ते की बेचैनी को महसूस कराता है। फाइनल वर्डिक्टः फिल्म देखें या नहीं? ‘चांद मेरा दिल’ ऐसी प्रेम कहानी है जो सिर्फ प्यार में पड़ने की नहीं, प्यार को बचाने की जद्दोजहद दिखाती है। फिल्म पूरी तरह परफेक्ट नहीं है और दूसरे हाफ में थोड़ा खिंचती भी है, लेकिन इसकी ईमानदार कहानी, मजबूत एक्टिंग और रिश्तों की सच्चाई इसे देखने लायक बनाती है। अगर आपको ऐसी फिल्में पसंद हैं जो प्यार की चमक के साथ उसकी थकान भी दिखाएं, तो यह फिल्म एक बार जरूर देखी जा सकती है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

लौकी इमली की सब्जी रेसिपी: स्वाद ऐसा कि हर कोई पूछेगा रहस्य…ऐसी है लोकी और इमली की खट्टी-मीठी और स्वादिष्ट सब्जी, नोट करें आसान रेसिपी

तस्वीर का विवरण

सामग्री – लोकी, इमली, प्याज, टमाटर, हरी मिर्च, हल्दी, लाल मिर्च, धनिया पाउडर, जीरा, राई, गर्म मसाला, गुड़, तेल, राई, हींग, कैरी पत्ता आदि। छवि: इंस्टाग्राम सबसे पहले लोकी को अच्छे से छीन लें और बराबर क्यूब्स में काट लें। नमक लगाएं 10 मिनट रुकें, फिर ढोकर पानी की परिभाषा लें। छवि: इंस्टाग्राम आटा बनाएं तेल, राई, जीरा, हींग, करी पत्ता फिर ओएनजीसी सोलोमन होना गरम तक। छवि: इंस्टाग्राम टमाटरों की सभी कृतियों के कलाकारों से भून लें जब तक तेल न छूटने लगे। मसाला अच्छे से भुन जाने के बाद लौकी डाल दे। 2-3 मिनट तेजी से बढ़त पर, फिर तेजी से बढ़त पर बढ़त। छवि: इंस्टाग्राम जब लौकी नर हो जाए और मसाला सुखाकर फैक्ट्री लगे तो निंदा तैयार है। छवि: इंस्टाग्राम (टैग्सटूट्रांसलेट)पंजाबी लौकी इमली की सब्जी रेसिपी(टी)आसान लौकी इमली की सब्जी रेसिपी(टी)लौकी रसम रेसिपी भारतीय(टी)बॉटल लौकी रसम दक्षिण भारतीय(टी)ग्रीष्मकालीन विशेष दोपहर के भोजन के विचार(टी)स्वस्थ लौकी रेसिपी होम(टी)स्वादिष्ट रसम कैसे बनाएं(टी)स्वस्थ पाचन ग्रीष्मकालीन भोजन(टी)वजन घटाने वाली लौकी सूप(टी)त्वरित दोपहर के भोजन के व्यंजन शाकाहारी

खरगे-दिग्विजय से रवनीत सिंह बिट्टू तक, ये 24 न्यूनतम बहुमत से होगा लाभ, जानिए कैसे बदलेगा गणित

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10 राज्यों के 24 क्षितिज दर्शन जून-जुलाई में खाली हो रहे हैं। चुनाव आयोग ने शुक्रवार (22 मई) को इन पदों के लिए नामांकन योजना जारी की। इसके साथ ही महाराष्ट्र और तमिलनाडु में सागर के दो रेज़्यूमे की तारीख का भी खुलासा किया गया है। आइए जानते हैं इनमें से कौन-कौन से मताधिकार पर चुनाव होंगे और कौन-कौन से मताधिकार हो रहे हैं। समीक्षा की 24 खण्ड पर कब होगी वोट? चुनाव आयोग का कहना है, 18 जून को वोटिंग के लिए 24 सदस्यीय राज्य सभा खाली हो जाएगी। चुनाव की अधिसूचना 1 जून को जारी होगी जबकि नामांकन की अंतिम तिथि 8 जून होगी। 9 जून को नामांकन पत्रों की जांच होगी। 11 जून तक अभ्यर्थी का नाम वापस ले सकते हैं। 18 जून को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान होगा. चुनाव पर किस राज्य की संक्षिप्त जानकारी? – गुजरात – चार पौधे– आंध्र प्रदेश – चार पौधे– कर्नाटक – चार पौधा– मध्य प्रदेश – तीन पौधे– राजस्थान – तीन मन्दिर– झारखंड – दो मंदिर– अरुणाचल प्रदेश – 1 सीट– मिजोरम – 1 सीट– मुख्यमंत्री – 1 सीट– मेघालय – 1 सीट कौन-कौन से दिग्गजों का खत्म हो रहा कार्यकाल स्टार्टअप से निकलने वाले में कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता इलिनोइस सिंह, पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा शामिल हैं। इसके अलावा बीजेपी के केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू का भी कार्यकाल खत्म हो रहा है. राजस्थान राज्यसभा चुनाव 2026: राजस्थान की तीन सीटों पर होगा मुकाबला! हो गई तारीखों का एलान” href=’https://www.abplive.com/states/rajस्थान/rajasthan-rajya-sabha-election-2027-contest-between-bjp-and-congress-for- three-rajya-sabha-seats-election-date-3133628″ target=”_self”>राजस्थान राज्यसभा चुनाव 2026: राजस्थान की तीन सीटों पर होगा मुकाबला! हो गई तारीखों का एलान किस राज्य का कौन सा मॉडल बन रहा है? आंध्र प्रदेश – (चार बाग) होने वाले छोटे शब्द 1. अयोध्या रामी रेड्डी अल्ला2. परिमल नथवानी3. पिल्ली सुभाषचंद्र बोस4. साना सिद्धार्थ बाबू गुजरात – 4 1. रमाभाई मोकारिया2. अमीन हीराभाई3. शक्ति सिंह गोहिल4. रमिला बच्चाभाई बारह कर्नाटक – चार पौधा 1- नारायणा कोरगप्पा2. एचडी देवगौड़ा3. इरन्ना कदाडी4. मल्लिकार्जुन खरगे राजस्थान – 3 रोपड़1.नीरज दांगी 2.राबेम्बत राजकुमार3. रवनीत सिंह बिट्टू मध्य प्रदेश – 3 विभाग1. जॉर्ज कुरियन2. यूक्रेनी सिंह3. सुमेर सिंह राजपूत झारखंड – दो प्रभाग 1.दीपक प्रकाश2. शिबू सोरेन (रिक्त सीट) मो 1. महाराजा लीशेम्बा मेघालय 1. वनवेइरॉय खारलुखी उत्तर प्रदेश 1. नाबाम रेबिया मिजोरम 1. के वनलालवेना राजस्थान का गणित क्या है? राजस्थान में खाली हो रही तीन पार्टियों में दो बीजेपी (राजेंद्र गौड़, रवनीत सिंह बिट्टू) के पास हैं, जबकि एक पर कांग्रेसी निरर्थक डांगी लोग हो रहे हैं। विपक्ष की राय तो राजस्थान विधानसभा में विपक्ष के गणित के अनुसार बीजेपी के पास दो और कांग्रेस के पास एक सीट की संख्या है। मध्य प्रदेश का गणित? एमपी में खाली हो रही 3 प्राथमिकता में 2 अल्पसंख्यक भाजपा डॉ. सुमेर सिंह डेमोक्रेट और जार्ज कुरियन के हैं, जबकि तीसरी सीट कांग्रेस (सीनियर लीडर और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मंगोल सिंह) के पास है। भाजपा दस्तावेज़ों को लेकर पूरी तरह से विचारधारा दिख रही है। वहीं एक सीट कांग्रेस के खाते में जाना तय माना जा रहा है. राज्यसभा का चुनाव कैसे होता है? पुनःप्राप्ति का चुनाव अप्रत्यक्ष रूप से होता है। आसान भाषा में कहा जाए तो सागर के सदस्यों का चुनावी जनसमूह नहीं बल्कि विधायक होते हैं। चुनाव हर दो साल में होते हैं, इसके एक-तिहाई सदस्य हर दो साल में पद से हट जाते हैं। पुनः आरंभ में कुल 245 आगंतुक हैं। इनमें से 233 मुख्यालय पर शोरूम के रूप में चुनाव होता है। वहीं बाकी के 12 सदस्यों को राष्ट्रपति मनोनीत किया जाता है। झारखंड राज्यसभा चुनाव 2026: झारखंड में राज्यसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान, एक सीट 2025 से ही है खाली” href=’https://www.abplive.com/states/jharखण्ड/झारखंड-rajya-sabha-elections-2026-election-dates-announced-for-the-two-rajya-sabha-seats-3133632′ target=”_self”>झारखंड राज्यसभा चुनाव 2026: झारखंड में राज्यसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान, एक सीट 2025 से ही है खाली

गर्मियों में आदिवासी पीते हैं देसी ड्रिंक, लू और डिहाइड्रेशन से होगा बचाव, दिनभर रहेंगे कूल-कूल

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X गर्मियों में आदिवासी पीते हैं देसी ड्रिंक, लू और डिहाइड्रेशन से होगा बचाव   महुआ की राब: महुआ से बनने वाली कई चीज है, जिससे कई पोषक तत्वों से भरपूर चीजें बनाई जाती है. इन्हीं में से एक राब. जी हां महुआ की राब, जो ताकत का खजाना, पोषण का केंद्र और औषधीय गुणों से भरपूर है. बालाघाट में महुआ के फूलों से तैयार की जाती है. महुए की राब एक पारंपरिक पेय पदार्थ है, जो महुआ के ताजे फूल या सूखे फूलों के रस को निकालकर पकाया जाता है. इससे शरीर को ऊर्जा के साथ ठंडक भी मिलती है. वहीं, स्वाद काफी अच्छा होता है. बुजुर्ग बताते है कि इसमें प्राकृतिक मिठास होती है. ऐसे में इसका सेवन आज की पीढ़ी को भी करना चाहिए. महुए की राब में कई तरह के पोषक तत्व पाए जाते हैं. इसमें प्राकृतिक शर्करा, विटामिन और औषधीय तत्व पाए जाते हैं. यह शरीर को ताजगी और स्फूर्ति देती है. यह पाचन शक्ति को बढ़ाने में मदद करता है. ग्रामीण अंचलों में गर्मी और थकान से बचने के लिए पिया जाता है. ग्रामीणों का यह भी मानना है कि ग्रामीण अंचलों में प्रसव के बाद मां को शक्ति देने के लिए हर दिन एक चम्मच पिलाया जाता है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति राउल फिर चर्चा में:बिना सुनवाई के 600 लोगों को मौत की सजा दी, गोली मारते खुद ही देखते थे

क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति राउल फिर चर्चा में:बिना सुनवाई के 600 लोगों को मौत की सजा दी, गोली मारते खुद ही देखते थे

अमेरिकी कोर्ट में हत्या और अमेरिकी नागरिकों की जान लेने की साजिश रचने का गंभीर मुकदमा दर्ज किए जाने के बाद क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति राउल कास्त्रो फिर चर्चा में हैं। जुलाई 1953 से जनवरी 1959 तक चले क्यूबा में क्रांतिकारी आंदोलन में तीसरा सबसे बड़ा चेहरा रहे राउल बड़े भाई फिदेल कास्त्रो की योजनाओं के मुख्य शिल्पकार माने जाते हैं। 1959 में जैसे ही कास्त्रो भाइयों ने क्यूबा की सत्ता संभाली, उन्होंने बतिस्ता सरकार के पूर्व अधिकारियों, पुलिसकर्मियों और जासूसों पर मुकदमे चलाए। ‘ला काबाना’ किले के प्रभारी के रूप में राउल ने बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के, 500-600 लोगों को मौत के घाट उतारने के आदेश दिए। वे फायरिंग स्क्वॉड द्वारा लोगों को गोली मारते देखते थे। 2008 से 2018 तक क्यूबा के राष्ट्रपति रहे राउल की पहचान क्रूर नेता की है। रक्षा मंत्री के रूप में विरोधियों का सफाया किया 1960 के दशक में जब क्यूबा में क्रांति के बाद विरोधियों पर कार्रवाई शुरू हुई, तब फायरिंग स्क्वॉड और सैन्य ट्रायल की पूरी व्यवस्था रक्षा मंत्री के रूप में राउल ने ही की थी। जून 1958 में बतिस्ता की सेना को रोकने के लिए अमेरिकी नौसेना के जवानों समेत 50 नागरिकों को बंधक बना लिया था। 1960-70 के दशक में हजारों लोगों को बिना निष्पक्ष सुनवाई जेलों और श्रम शिविरों में भेजा गया। पूर्व सीआईए विश्लेषक ब्रायन कहते हैं कि फिदेल सार्वजनिक मंच से भाषण देते थे, लेकिन आदेशों को लागू कराने वाला दिमाग राउल का था। बचपन में राउल को स्कूल में शिक्षक ने किसी बात पर थप्पड़ मार दिया, तो उसे धक्का देकर गिरा दिया और बच्चों को उस शिक्ष​क के खिलाफ इकट्‌ठा कर लिया। इसके लिए उन्हें स्कूल से निकाल दिया गया था। स्कूल से पिता को नोटिस भेजा गया कि ये लड़का नहीं सुधरेगा। 6 की उम्र में तानाशाह को अपनी शर्त पर झुकाया था 1938 में क्यूबा के तानाशाह बतिस्ता ने एक सैनिक स्कूल का दौरा किया। तब 6 वर्षीय राउल को स्वागत भाषण देना था। राउल ने भाषण पढ़ने के बजाय निडरता से शर्त रखी कि पहले उसके शिक्षक को पदोन्नत कर ‘लेफ्टिनेंट’ बनाया जाए। इसके 20 साल बाद (1959 में) राउल ने अपने भाई फिदेल के साथ मिलकर उसी बतिस्ता को सत्ता से बेदखल कर दिया। दुनिया के किसी भी देश के सबसे लंबे समय (लगभग 49 साल) तक रक्षा मंत्री रहे राउल ने होटल, पर्यटन, बंदरगाह और विदेशी मुद्रा से जुड़ा 60% से अधिक कारोबार सैन्य कंपनियों को सौंप दिया था।

क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति राउल फिर चर्चा में:बिना सुनवाई के 600 लोगों को मौत की सजा दी, गोली मारते खुद ही देखते थे

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अमेरिकी कोर्ट में हत्या और अमेरिकी नागरिकों की जान लेने की साजिश रचने का गंभीर मुकदमा दर्ज किए जाने के बाद क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति राउल कास्त्रो फिर चर्चा में हैं। जुलाई 1953 से जनवरी 1959 तक चले क्यूबा में क्रांतिकारी आंदोलन में तीसरा सबसे बड़ा चेहरा रहे राउल बड़े भाई फिदेल कास्त्रो की योजनाओं के मुख्य शिल्पकार माने जाते हैं। 1959 में जैसे ही कास्त्रो भाइयों ने क्यूबा की सत्ता संभाली, उन्होंने बतिस्ता सरकार के पूर्व अधिकारियों, पुलिसकर्मियों और जासूसों पर मुकदमे चलाए। ‘ला काबाना’ किले के प्रभारी के रूप में राउल ने बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के, 500-600 लोगों को मौत के घाट उतारने के आदेश दिए। वे फायरिंग स्क्वॉड द्वारा लोगों को गोली मारते देखते थे। 2008 से 2018 तक क्यूबा के राष्ट्रपति रहे राउल की पहचान क्रूर नेता की है। रक्षा मंत्री के रूप में विरोधियों का सफाया किया 1960 के दशक में जब क्यूबा में क्रांति के बाद विरोधियों पर कार्रवाई शुरू हुई, तब फायरिंग स्क्वॉड और सैन्य ट्रायल की पूरी व्यवस्था रक्षा मंत्री के रूप में राउल ने ही की थी। जून 1958 में बतिस्ता की सेना को रोकने के लिए अमेरिकी नौसेना के जवानों समेत 50 नागरिकों को बंधक बना लिया था। 1960-70 के दशक में हजारों लोगों को बिना निष्पक्ष सुनवाई जेलों और श्रम शिविरों में भेजा गया। पूर्व सीआईए विश्लेषक ब्रायन कहते हैं कि फिदेल सार्वजनिक मंच से भाषण देते थे, लेकिन आदेशों को लागू कराने वाला दिमाग राउल का था। बचपन में राउल को स्कूल में शिक्षक ने किसी बात पर थप्पड़ मार दिया, तो उसे धक्का देकर गिरा दिया और बच्चों को उस शिक्ष​क के खिलाफ इकट्‌ठा कर लिया। इसके लिए उन्हें स्कूल से निकाल दिया गया था। स्कूल से पिता को नोटिस भेजा गया कि ये लड़का नहीं सुधरेगा। 6 की उम्र में तानाशाह को अपनी शर्त पर झुकाया था 1938 में क्यूबा के तानाशाह बतिस्ता ने एक सैनिक स्कूल का दौरा किया। तब 6 वर्षीय राउल को स्वागत भाषण देना था। राउल ने भाषण पढ़ने के बजाय निडरता से शर्त रखी कि पहले उसके शिक्षक को पदोन्नत कर ‘लेफ्टिनेंट’ बनाया जाए। इसके 20 साल बाद (1959 में) राउल ने अपने भाई फिदेल के साथ मिलकर उसी बतिस्ता को सत्ता से बेदखल कर दिया। दुनिया के किसी भी देश के सबसे लंबे समय (लगभग 49 साल) तक रक्षा मंत्री रहे राउल ने होटल, पर्यटन, बंदरगाह और विदेशी मुद्रा से जुड़ा 60% से अधिक कारोबार सैन्य कंपनियों को सौंप दिया था।

आज RCB-SRH का मुकाबला:हैदराबाद के पास टॉप-2 में पहुंचने का आखिरी मौका, बड़े अंतर से चाहिए जीत; इस सीजन ईशान ने बनाए 5 अर्धशतक

आज RCB-SRH का मुकाबला:हैदराबाद के पास टॉप-2 में पहुंचने का आखिरी मौका, बड़े अंतर से चाहिए जीत; इस सीजन ईशान ने बनाए 5 अर्धशतक

IPL में आज सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के बीच बेहद अहम मुकाबला होने जा रहा है। यह मैच हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में शाम 7:30 बजे से खेला जाएगा। आज ईशान किशन की टीम SRH की नजरें पॉइंट्स टेबल में टॉप-2 में जगह पक्का करने पर होगी। सनराइजर्स हैदराबाद 13 मैचों में 16 पॉइंट्स के साथ तीसरे स्थान पर है। हैदराबाद को टॉप-2 में पहुंचने के लिए RCB को बड़े अंतर से हराना होगा। पिछले मैच में हैदराबाद की जीत के हीरो रहे ईशान पिछले मैच में हैदराबाद की जीत के हीरो ईशान किशन रहे, जिन्होंने CSK के खिलाफ 47 गेंदों में 70 रन की शानदार पारी खेली थी। उनकी पारी में 7 चौके, 3 छक्के शामिल थे। ईशान ने मुकेश चौधरी के चौथे ओवर में तीन चौके जड़े थे। ईशान किशन ने इस सीजन में अपना 5वां अर्धशतक पूरा किया। इस जीत के बाद ईशान का एक वीडियो काफी वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने स्टैंड्स की तरफ देखकर उंगलियों से सीटी बजाने का इशारा किया और फिर हाथ के इशारे से CSK फैन्स को घर जाने का संकेत दिया। मैच के बाद भावुक दिखे ईशान किशन ईशान किशन को प्लेयर ऑफ द मैच का भी अवॉर्ड मिला। मैच विनिंग पारी खेलने के बाद ईशान भावुक दिखे। उन्होंने इस पारी को अपने परिवार को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि आज मेरा मोटिवेशन मेरा भाई था। उसने हाल ही में अपनी बहन को खो दिया है। परिवार के लिए बहुत मुश्किल वक्त था। वो आज पहली बार स्टेडियम में मुझे खेलते देखने आया था। मैं बस उनके लिए मैच खत्म करना चाहता था। मुझे खुशी है कि वह इस पारी को देखने के लिए यहां थे और मैं यह मैच खत्म कर पाया। ईशान ने लगातार 3 छक्कों से फिफ्टी पूरी की थी पंजाब के खिलाफ मैच में ईशान किशन ने लगातार तीन छक्के लगाकर फिफ्टी पूरी की थी। पंजाब के खिलाफ मैच के तीसरी बॉल पर ईशान ने सफल करके पुल शॉट खेला और गेंद को डीप बैकवर्ड स्क्वेयर लेग के ऊपर से स्टैंड में पहुंचा दिया। वैशाख ने स्टंप्स पर धीमी शॉर्ट गेंद थी, जिसे किशन ने आसानी से पढ़ लिया। चौथी बॉल पर ईशान ने एक और छक्का लगाया। ऑफ स्टंप के बाहर फुल लेंथ बॉल को किशन ने आगे बढ़कर खेला। इस बार बॉल सीधी लॉन्ग-ऑन के ऊपर से साइटस्क्रीन के पास से बाउंड्री पार चली गई। वैशाख ने 5वीं बॉल ऑफ स्टंप के बाद फुल लेंथ पर डाली। इसे किशन ने आगे बढ़कर लॉन्ग-ऑन के ऊपर से स्टैंड में पहुंचा दिया। करीब 92 मीटर के छक्के के साथ उन्होंने फिफ्टी भी पूरी कर ली। ईशान को ओवर में 2 जीवनदान, कैच ड्राप और स्टंपिंग छूटी 11वें ओवर में ईशान किशन को 2 बार जीवनदान मिले। यह ओवर युजवेंद्र चहल डाल रहे थे। चौथी बॉल पर लॉकी फर्ग्यूसन ने कैच ड्रॉप किया। ईशान ने लेंथ बॉल को स्वाइप किया। लेकिन, गेंद फर्ग्यूसन के हाथ से निकल गई। अतिरिक्त उछाल के कारण वे बॉल पकड़ नहीं सके और कैच का मौका गंवाया। चहल की आखिरी बॉल पर विकेटकीपर प्रभसिमरन सिंह ने ईशान को स्टंपिंग करने का आसान मौका गंवाया। चहल की फ्लाइटेड लेग ब्रेक पर ईशान आगे बढ़कर बड़ा शॉट खेलने गए, लेकिन गेंद को पढ़ नहीं पाए। ईशान ने बतौर कप्तान डेब्यू मैच में 80 रन बनाए थे ईशान किशन ने पैट कमिंस की जगह शुरुआती कुछ मैचों में सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) की कप्तानी की थी। ईशान ने बतौर कप्तान डेब्यू मैच में अच्छा प्रदर्शन किया था और 80 रन बनाए थे। RCB के खिलाफ मैच में ईशान ने धमाकेदार पारी खेली और 5 चौके और 6 छक्कों की मदद से 80 रन बनाए थे। वह IPL में कप्तानी डेब्यू पर सबसे ज्यादा रन बनाने वाले संजू सैमसन और श्रेयस अय्यर जैसे प्लेयर्स की लिस्ट शामिल हो गए हैं।

आज RCB-SRH का मुकाबला:हैदराबाद के पास टॉप-2 में पहुंचने का आखिरी मौका, बड़े अंतर से चाहिए जीत; इस सीजन ईशान ने बनाए 5 अर्धशतक

आज RCB-SRH का मुकाबला:हैदराबाद के पास टॉप-2 में पहुंचने का आखिरी मौका, बड़े अंतर से चाहिए जीत; इस सीजन ईशान ने बनाए 5 अर्धशतक

IPL में आज सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के बीच बेहद अहम मुकाबला होने जा रहा है। यह मैच हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में शाम 7:30 बजे से खेला जाएगा। आज ईशान किशन की टीम SRH की नजरें पॉइंट्स टेबल में टॉप-2 में जगह पक्का करने पर होगी। सनराइजर्स हैदराबाद 13 मैचों में 16 पॉइंट्स के साथ तीसरे स्थान पर है। हैदराबाद को टॉप-2 में पहुंचने के लिए RCB को बड़े अंतर से हराना होगा। पिछले मैच में हैदराबाद की जीत के हीरो रहे ईशान पिछले मैच में हैदराबाद की जीत के हीरो ईशान किशन रहे, जिन्होंने CSK के खिलाफ 47 गेंदों में 70 रन की शानदार पारी खेली थी। उनकी पारी में 7 चौके, 3 छक्के शामिल थे। ईशान ने मुकेश चौधरी के चौथे ओवर में तीन चौके जड़े थे। ईशान किशन ने इस सीजन में अपना 5वां अर्धशतक पूरा किया। इस जीत के बाद ईशान का एक वीडियो काफी वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने स्टैंड्स की तरफ देखकर उंगलियों से सीटी बजाने का इशारा किया और फिर हाथ के इशारे से CSK फैन्स को घर जाने का संकेत दिया। मैच के बाद भावुक दिखे ईशान किशन ईशान किशन को प्लेयर ऑफ द मैच का भी अवॉर्ड मिला। मैच विनिंग पारी खेलने के बाद ईशान भावुक दिखे। उन्होंने इस पारी को अपने परिवार को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि आज मेरा मोटिवेशन मेरा भाई था। उसने हाल ही में अपनी बहन को खो दिया है। परिवार के लिए बहुत मुश्किल वक्त था। वो आज पहली बार स्टेडियम में मुझे खेलते देखने आया था। मैं बस उनके लिए मैच खत्म करना चाहता था। मुझे खुशी है कि वह इस पारी को देखने के लिए यहां थे और मैं यह मैच खत्म कर पाया। ईशान ने लगातार 3 छक्कों से फिफ्टी पूरी की थी पंजाब के खिलाफ मैच में ईशान किशन ने लगातार तीन छक्के लगाकर फिफ्टी पूरी की थी। पंजाब के खिलाफ मैच के तीसरी बॉल पर ईशान ने सफल करके पुल शॉट खेला और गेंद को डीप बैकवर्ड स्क्वेयर लेग के ऊपर से स्टैंड में पहुंचा दिया। वैशाख ने स्टंप्स पर धीमी शॉर्ट गेंद थी, जिसे किशन ने आसानी से पढ़ लिया। चौथी बॉल पर ईशान ने एक और छक्का लगाया। ऑफ स्टंप के बाहर फुल लेंथ बॉल को किशन ने आगे बढ़कर खेला। इस बार बॉल सीधी लॉन्ग-ऑन के ऊपर से साइटस्क्रीन के पास से बाउंड्री पार चली गई। वैशाख ने 5वीं बॉल ऑफ स्टंप के बाद फुल लेंथ पर डाली। इसे किशन ने आगे बढ़कर लॉन्ग-ऑन के ऊपर से स्टैंड में पहुंचा दिया। करीब 92 मीटर के छक्के के साथ उन्होंने फिफ्टी भी पूरी कर ली। ईशान को ओवर में 2 जीवनदान, कैच ड्राप और स्टंपिंग छूटी 11वें ओवर में ईशान किशन को 2 बार जीवनदान मिले। यह ओवर युजवेंद्र चहल डाल रहे थे। चौथी बॉल पर लॉकी फर्ग्यूसन ने कैच ड्रॉप किया। ईशान ने लेंथ बॉल को स्वाइप किया। लेकिन, गेंद फर्ग्यूसन के हाथ से निकल गई। अतिरिक्त उछाल के कारण वे बॉल पकड़ नहीं सके और कैच का मौका गंवाया। चहल की आखिरी बॉल पर विकेटकीपर प्रभसिमरन सिंह ने ईशान को स्टंपिंग करने का आसान मौका गंवाया। चहल की फ्लाइटेड लेग ब्रेक पर ईशान आगे बढ़कर बड़ा शॉट खेलने गए, लेकिन गेंद को पढ़ नहीं पाए। ईशान ने बतौर कप्तान डेब्यू मैच में 80 रन बनाए थे ईशान किशन ने पैट कमिंस की जगह शुरुआती कुछ मैचों में सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) की कप्तानी की थी। ईशान ने बतौर कप्तान डेब्यू मैच में अच्छा प्रदर्शन किया था और 80 रन बनाए थे। RCB के खिलाफ मैच में ईशान ने धमाकेदार पारी खेली और 5 चौके और 6 छक्कों की मदद से 80 रन बनाए थे। वह IPL में कप्तानी डेब्यू पर सबसे ज्यादा रन बनाने वाले संजू सैमसन और श्रेयस अय्यर जैसे प्लेयर्स की लिस्ट शामिल हो गए हैं।

‘विदेशी हस्तक्षेप, समन्वित अशांति’: क्यों ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ ने सुरक्षा एजेंसियों को चिंतित कर दिया है | भारत समाचार

NEP Vs USA Live Score: Follow latest updates from the match here. (Picture Credit: IG/cricketassociationofnepal)

आखरी अपडेट:22 मई, 2026, 12:29 IST इस सप्ताह चिंताएँ तब और बढ़ गईं जब केंद्र ने “राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं” का हवाला देते हुए इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के इनपुट के बाद एक्स को भारत में समूह के संचालन को रोकने का निर्देश दिया। अभिजीत डुबके ने कॉकरोच जनता पार्टी की स्थापना की। (स्रोत: एक्स) बेरोजगारी और सत्ता-विरोधी हास्य के इर्द-गिर्द एक व्यंग्यपूर्ण मीम आंदोलन के रूप में शुरू हुए आंदोलन ने अब भारत के सुरक्षा प्रतिष्ठान का ध्यान आकर्षित किया है, एजेंसियां ​​तेजी से वायरल ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) पारिस्थितिकी तंत्र को बड़े पैमाने पर लामबंदी, विदेशी हस्तक्षेप और समन्वित अशांति के संभावित मंच के रूप में देख रही हैं। इस सप्ताह चिंताएँ तब और बढ़ गईं जब केंद्र ने “राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं” का हवाला देते हुए इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के इनपुट के बाद एक्स को भारत में समूह के संचालन को रोकने का निर्देश दिया। लेकिन मीम्स और वायरल पोस्ट से परे, जांचकर्ता अब सीजेपी के पीछे नेटवर्क की उत्पत्ति और तेजी से विकास की बारीकी से जांच कर रहे हैं। वायरल पेजों की उत्पत्ति पर नज़र रखने वाली एजेंसियां सीएनएन-न्यूज़18 द्वारा प्राप्त इनपुट और सुरक्षा अधिकारियों द्वारा समीक्षा की गई अन्य रिपोर्टों के अनुसार, “कॉकरोच जनता पार्टी” के बैनर तले काम करने वाले सबसे प्रमुख समूहों में से एक ने इस साल 21 मई को अपनी वर्तमान ब्रांडिंग को अपनाने से पहले कई वर्षों में कई पहचान परिवर्तन किए हैं। यह भी पढ़ें | कॉकरोच जनता पार्टी ने इंस्टाग्राम पर जैकपॉट मारा, 5 दिनों में 11 मिलियन से अधिक फॉलोअर्स हो गए जांचकर्ताओं का कहना है कि समूह मूल रूप से फरवरी 2021 में गुजराती नाम “આમ આદમી પાર્ટી ગુજરાત” (आम आदमी पार्टी गुजरात) के तहत बनाया गया था, यह सुझाव देता है कि यह शुरू में गुजरात में AAP पारिस्थितिकी तंत्र से जुड़े एक प्रशंसक या समर्थन पृष्ठ के रूप में कार्य कर सकता है। कथित तौर पर पेज ने बाद में कई बार नाम बदले, जिसमें अक्टूबर 2021 में कुछ समय के लिए “સંબંધ નો સર્વાનો” के तहत संचालन करना, AAP गुजरात ब्रांडिंग में लौटने से पहले और अंततः 21 मई को खुद को “कॉकरोच जनता पार्टी” के रूप में पुनः ब्रांड करना शामिल था। यहां यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने आम आदमी पार्टी के साथ बीच में काम किया था। 2020 और 2023, जहां वह सोशल मीडिया रणनीति और चुनाव प्रचार में शामिल थे। 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनावों के दौरान, उन्होंने कथित तौर पर राजनीतिक संदेश और युवा आउटरीच पर केंद्रित मेम-आधारित डिजिटल अभियानों पर काम किया। अधिकारी बार-बार पहचान में बदलाव को एक संभावित लाल झंडे के रूप में देखते हैं, विशेष रूप से पेज के एक क्षेत्रीय राजनीतिक प्रशंसक समुदाय से राष्ट्रव्यापी स्थापना-विरोधी मेम आंदोलन में अचानक परिवर्तन को देखते हुए, जो कुछ ही दिनों में लाखों अनुयायियों को आकर्षित करता है। सुरक्षा एजेंसियाँ क्यों चिंतित हैं? सुरक्षा अधिकारी व्यंग्य के बारे में कम और आंदोलन के पैमाने, गति और अप्रत्याशितता के बारे में अधिक चिंतित हैं। कथित तौर पर समूह ने बेहद कम समय में 15 मिलियन से अधिक इंस्टाग्राम फॉलोअर्स बना लिए, जो कई मुख्यधारा के राजनीतिक दलों के फॉलोअर्स की संख्या को भी पार कर गए। एजेंसियों को डर है कि इस तरह की तीव्र, विकेन्द्रीकृत वृद्धि शत्रुतापूर्ण अभिनेताओं द्वारा हेरफेर के लिए उपजाऊ जमीन तैयार करती है, खासकर जब बेरोजगारी, मुद्रास्फीति और युवा हताशा जैसे भावनात्मक मुद्दों से प्रेरित हो। अधिकारियों का मानना ​​है कि हास्य और मीम्स के आसपास बनाए गए आंदोलन अक्सर वास्तविक दुनिया के लामबंदी अभियानों में विकसित होने से पहले, शुरुआत में राजनीतिक रूप से हानिरहित दिखाई दे सकते हैं। खुफिया आकलन कथित तौर पर विश्व स्तर पर जेन जेड के नेतृत्व वाले ऑनलाइन आंदोलनों का उदाहरण देते हैं जो इंटरनेट व्यंग्य के रूप में शुरू हुए लेकिन बाद में विरोध प्रदर्शन, परिसर में अशांति और व्यापक स्थापना विरोधी अभियानों में बदल गए। विदेश-आधारित खातों पर चिंताएँ आंतरिक रूप से चिह्नित एक अन्य प्रमुख चिंता भारत के बाहर आंदोलन के डिजिटल पदचिह्न से संबंधित है। कथित तौर पर सुरक्षा एजेंसियां ​​संबंधित टेलीग्राम और सोशल मीडिया चैनलों पर विदेशी-आधारित अनुयायियों और प्रतिभागियों की उपस्थिति की जांच कर रही हैं। अधिकारियों का दावा है कि लिंक किए गए टेलीग्राम समूहों में कई शुरुआती सदस्य विदेशी नामों का उपयोग करते दिखाई दिए, जिनमें से कुछ खाते कथित तौर पर पाकिस्तान सहित भारत के बाहर से उत्पन्न हुए थे। जांचकर्ता यह भी जांच कर रहे हैं कि क्या आंदोलन से जुड़े कुछ टेलीग्राम बुनियादी ढांचे फरवरी में पहले से मौजूद “रेडी-मेड” चैनल रहे होंगे, जिन्हें बाद में सीजेपी-संबंधित लामबंदी के लिए पुन: उपयोग किया गया था। ऑनलाइन क्रोध के ऑफ़लाइन हो जाने का डर कथित तौर पर आंदोलन पर नज़र रखने वाले अधिकारियों का मानना ​​​​है कि बड़ा जोखिम डिजिटल वायरलिटी से भौतिक गतिशीलता में संक्रमण में है। चिंता की बात यह है कि जो वर्तमान में मेम-संचालित क्रोध के रूप में मौजूद है, वह ऑफ़लाइन विरोध प्रदर्शन, छात्र आंदोलन या संस्थानों और सरकारों से जवाबदेही की मांग करने वाले शिथिल समन्वित अभियान में विकसित हो सकता है। हास्य और व्यंग्य के माध्यम से राजनीतिक हताशा को उजागर करके, सीजेपी उस चीज़ को बनाने में कामयाब रही है जिसे एजेंसियां ​​कथित तौर पर शहरी युवाओं के बीच असंतोष के लिए “सामान्यीकृत रैली बिंदु” के रूप में वर्णित करती हैं। सुरक्षा अधिकारियों को डर है कि इस तरह की गतिविधियां धीरे-धीरे संस्थानों में विश्वास को कमजोर कर सकती हैं, जबकि एक आंतरिक नोट में कथित तौर पर इसे “असंगठित भय” और अस्थिरता के रूप में वर्णित किया गया है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया ‘विदेशी हस्तक्षेप, समन्वित अशांति’: क्यों ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ ने सुरक्षा एजेंसियों को चिंतित कर दिया है अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)कॉकरोच जनता पार्टी(टी)सीजेपी मेम आंदोलन(टी)व्यवस्था विरोधी हास्य(टी)भारतीय सुरक्षा एजेंसियां(टी)सोशल