Wednesday, 04 Nov 2026 | 04:49 AM

Trending :

Movie Review; Chand Mera Dil, Ananya Pandey’s Best Career Perdormance, second half is litle boring

Movie Review; Chand Mera Dil, Ananya Pandey's Best Career Perdormance, second half is litle boring

5 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

रेटिंग: 3/5 स्टार अवधि: 2 घंटे 26 मिनट

कास्ट- अनन्या पांडे, लक्ष्य ललवानी

डायरेक्टर- विवेक सोनी

बॉलीवुड में प्रेम कहानियां हमेशा से बनती रही हैं, लेकिन ज्यादातर फिल्मों में प्यार का सफर वहीं खत्म हो जाता है जहां हीरो-हीरोइन एक हो जाते हैं। शादी के बाद क्या होता है, जिम्मेदारियां रिश्ते को कैसे बदल देती हैं और प्यार कब थकने लगता है, इन सवालों से हिंदी सिनेमा अक्सर बचता रहा है। ‘चांद मेरा दिल’ इसी मुश्किल हिस्से को पकड़ने की कोशिश करती है। डायरेक्टर विवेक सोनी की यह फिल्म प्यार को सिर्फ खूबसूरत एहसास की तरह नहीं दिखाती, बल्कि उसके साथ आने वाली उलझनों, गुस्से, टूटन और दोबारा जुड़ने की कोशिशों को भी सामने लाती है। फिल्म कई जगह आपको अपने आसपास के रिश्तों की याद दिलाती है। हालांकि इसकी रफ्तार कुछ हिस्सों में धीमी पड़ती है, लेकिन इमोशनल पकड़ बनी रहती है।

कहानी: कॉलेज के प्यार से शादी तक और फिर रिश्ते की असली परीक्षा हैदराबाद के बैकड्रॉप में बनी यह कहानी इंजीनियरिंग स्टूडेंट चांदनी (अनन्या पांडे) और आरव (लक्ष्य) के इर्द-गिर्द घूमती है। आरव पहली नजर में चांदनी पर दिल हार बैठता है। धीरे-धीरे दोस्ती प्यार में बदलती है और दोनों एक-दूसरे की दुनिया बन जाते हैं। कॉलेज रोमांस, लंबी बाइक राइड्स, देर रात की बातें और भविष्य के सपनों के बीच दोनों शादी का फैसला कर लेते हैं। लेकिन असली कहानी शादी के बाद शुरू होती है। करियर का दबाव, आर्थिक जिम्मेदारियां, परिवार का हस्तक्षेप और रिश्ते में बढ़ती गलतफहमियां दोनों को बदलने लगती हैं। एक ऐसा पल आता है जब आरव का गुस्सा रिश्ते में ऐसी दरार पैदा कर देता है, जहां प्यार से ज्यादा आत्मसम्मान बड़ा सवाल बन जाता है। रिश्ता टूटने की कगार पर पहुंच जाता है। क्या दोनों अपने रिश्ते को दूसरा मौका देंगे या प्यार जिम्मेदारियों के बोझ तले दब जाएगा, यही फिल्म का मूल संघर्ष है। एक्टिंग: अनन्या पांडे ने किया सरप्राइज, लक्ष्य ने दिखाया नया रंग अगर इस फिल्म की सबसे बड़ी ताकत किसी चीज को कहा जाए, तो वह इसकी एक्टिंग है। अनन्या पांडे ने अपने करियर की अब तक की सबसे संतुलित परफॉर्मेंस दी है। उन्होंने चांदनी के किरदार को सिर्फ एक रोमांटिक लड़की बनाकर नहीं छोड़ा, बल्कि उसकी उलझन, दर्द, असुरक्षा और मजबूती को अच्छे से दिखाया है। कई इमोशनल सीन्स में वह काफी प्रभाव छोड़ती हैं।

वहीं लक्ष्य इस फिल्म का बड़ा सरप्राइज हैं। ‘किल’ जैसी एक्शन फिल्म के बाद यहां उनका बेहद संवेदनशील और टूटा हुआ रूप देखने को मिलता है। गुस्से, पछतावे और प्यार के बीच फंसे एक लड़के की बेचैनी उन्होंने अच्छे ढंग से निभाई है। कई जगह उनकी बॉडी लैंग्वेज और इमोशनल सीन आपको बांधे रखते हैं। दोनों कलाकारों की केमिस्ट्री फिल्म का सबसे मजबूत हिस्सा बनकर सामने आती है। कम स्क्रीन टाइम में परेश पाहुजा भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराते हैं। डायरेक्शन और टेक्निकल पक्ष: रिश्तों की बारीकियों को समझती फिल्म डायरेक्टर विवेक सोनी ने कहानी को जरूरत से ज्यादा फिल्मी बनाने की बजाय उसे जमीन से जोड़े रखने की कोशिश की है। अच्छी बात यह है कि यहां गुस्से को हीरोइज्म की तरह नहीं दिखाया गया। रिश्तों में छोटी गलतियां किस तरह बड़ी दूरी में बदल जाती हैं, फिल्म इसे संवेदनशील तरीके से दिखाती है। कैमरा वर्क खासकर इमोशनल सीक्वेंस में अच्छा लगता है। कुछ सीन की फ्रेमिंग और लाइटिंग कहानी की बेचैनी को और असरदार बनाती है। एडिटिंग पहले हाफ में अच्छी है, लेकिन दूसरे हिस्से में फिल्म थोड़ी लंबी महसूस होने लगती है। फिल्म की कमियां: दूसरे हाफ में ढीली पड़ती रफ्तार फिल्म का सबसे कमजोर हिस्सा इसकी लंबाई है। 2 घंटे 26 मिनट का रनटाइम कुछ जगह भारी महसूस होता है। सेकेंड हाफ में कुछ सीन जरूरत से ज्यादा खिंचे लगते हैं और कहानी थोड़ी दोहराव वाली महसूस होती है। हालांकि ये बातें फिल्म के इमोशनल असर को पूरी तरह कमजोर नहीं करतीं।

म्यूजिकः फिल्म का टाइटल ट्रैक असरदार सचिन-जिगर का संगीत फिल्म की जान है। गाने कहानी पर बोझ नहीं लगते, बल्कि उसे आगे बढ़ाने का काम करते हैं। टाइटल ट्रैक लंबे समय तक याद रहता है। बैकग्राउंड स्कोर कई इमोशनल पलों को और मजबूत बनाता है और रिश्ते की बेचैनी को महसूस कराता है। फाइनल वर्डिक्टः फिल्म देखें या नहीं? ‘चांद मेरा दिल’ ऐसी प्रेम कहानी है जो सिर्फ प्यार में पड़ने की नहीं, प्यार को बचाने की जद्दोजहद दिखाती है। फिल्म पूरी तरह परफेक्ट नहीं है और दूसरे हाफ में थोड़ा खिंचती भी है, लेकिन इसकी ईमानदार कहानी, मजबूत एक्टिंग और रिश्तों की सच्चाई इसे देखने लायक बनाती है। अगर आपको ऐसी फिल्में पसंद हैं जो प्यार की चमक के साथ उसकी थकान भी दिखाएं, तो यह फिल्म एक बार जरूर देखी जा सकती है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
कुपोषण से बच्ची की मौत का मामला, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बर्खास्त:निगरानी में चूक पर दो सुपरवाइजर का इंक्रीमेंट दो साल तक रुका

April 29, 2026/
8:02 am

सतना जिले के मझगवां ब्लॉक के सुरांगी गांव में 4 माह की बच्ची सूर्यांशी उर्फ प्रियांशी प्रजापति की कुपोषण से...

दतिया में नवरात्र से पहले पीतांबरा मंदिर में सख्ती:रास्ते से अतिक्रमण हटाकर श्रद्धालुओं के लिए रास्ता साफ किया, सुरक्षा बढ़ी

March 18, 2026/
7:48 pm

त्र नवरात्र शुरू होने से पहले दतिया प्रशासन अलर्ट मोड में नजर आया। बुधवार को अधिकारियों ने मां पीतांबरा मंदिर...

Pakistan vs New Zealand Live Cricket Score: PAK vs NZ T20 World Cup 2026 Match Scorecard Latest Updates Today

February 16, 2026/
7:46 pm

आखरी अपडेट:16 फरवरी, 2026, 19:46 IST सपा के लिए, नसीमुद्दीन सिद्दीकी का शामिल होना पार्टी के मुस्लिम नेतृत्व प्रोफाइल को...

Dehradun NIEPVD Protest | Blind Students Alleged Assault Hunger Strike

August 11, 2026/
4:53 pm

राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तिकरण संस्थान (NIEPVD), देहरादून में दृष्टिबाधित छात्र-छात्राएं बीते पांच दिनों से धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। ये...

ask search icon

April 4, 2026/
2:48 pm

Last Updated:April 04, 2026, 14:48 IST दाग-धब्बे, टैनिंग और डार्क सर्कल्स अक्सर हमारी स्किन की खूबसूरती को प्रभावित करते हैं....

जॉब - शिक्षा

राजनीति

Movie Review; Chand Mera Dil, Ananya Pandey’s Best Career Perdormance, second half is litle boring

Movie Review; Chand Mera Dil, Ananya Pandey's Best Career Perdormance, second half is litle boring

5 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

रेटिंग: 3/5 स्टार अवधि: 2 घंटे 26 मिनट

कास्ट- अनन्या पांडे, लक्ष्य ललवानी

डायरेक्टर- विवेक सोनी

बॉलीवुड में प्रेम कहानियां हमेशा से बनती रही हैं, लेकिन ज्यादातर फिल्मों में प्यार का सफर वहीं खत्म हो जाता है जहां हीरो-हीरोइन एक हो जाते हैं। शादी के बाद क्या होता है, जिम्मेदारियां रिश्ते को कैसे बदल देती हैं और प्यार कब थकने लगता है, इन सवालों से हिंदी सिनेमा अक्सर बचता रहा है। ‘चांद मेरा दिल’ इसी मुश्किल हिस्से को पकड़ने की कोशिश करती है। डायरेक्टर विवेक सोनी की यह फिल्म प्यार को सिर्फ खूबसूरत एहसास की तरह नहीं दिखाती, बल्कि उसके साथ आने वाली उलझनों, गुस्से, टूटन और दोबारा जुड़ने की कोशिशों को भी सामने लाती है। फिल्म कई जगह आपको अपने आसपास के रिश्तों की याद दिलाती है। हालांकि इसकी रफ्तार कुछ हिस्सों में धीमी पड़ती है, लेकिन इमोशनल पकड़ बनी रहती है।

कहानी: कॉलेज के प्यार से शादी तक और फिर रिश्ते की असली परीक्षा हैदराबाद के बैकड्रॉप में बनी यह कहानी इंजीनियरिंग स्टूडेंट चांदनी (अनन्या पांडे) और आरव (लक्ष्य) के इर्द-गिर्द घूमती है। आरव पहली नजर में चांदनी पर दिल हार बैठता है। धीरे-धीरे दोस्ती प्यार में बदलती है और दोनों एक-दूसरे की दुनिया बन जाते हैं। कॉलेज रोमांस, लंबी बाइक राइड्स, देर रात की बातें और भविष्य के सपनों के बीच दोनों शादी का फैसला कर लेते हैं। लेकिन असली कहानी शादी के बाद शुरू होती है। करियर का दबाव, आर्थिक जिम्मेदारियां, परिवार का हस्तक्षेप और रिश्ते में बढ़ती गलतफहमियां दोनों को बदलने लगती हैं। एक ऐसा पल आता है जब आरव का गुस्सा रिश्ते में ऐसी दरार पैदा कर देता है, जहां प्यार से ज्यादा आत्मसम्मान बड़ा सवाल बन जाता है। रिश्ता टूटने की कगार पर पहुंच जाता है। क्या दोनों अपने रिश्ते को दूसरा मौका देंगे या प्यार जिम्मेदारियों के बोझ तले दब जाएगा, यही फिल्म का मूल संघर्ष है। एक्टिंग: अनन्या पांडे ने किया सरप्राइज, लक्ष्य ने दिखाया नया रंग अगर इस फिल्म की सबसे बड़ी ताकत किसी चीज को कहा जाए, तो वह इसकी एक्टिंग है। अनन्या पांडे ने अपने करियर की अब तक की सबसे संतुलित परफॉर्मेंस दी है। उन्होंने चांदनी के किरदार को सिर्फ एक रोमांटिक लड़की बनाकर नहीं छोड़ा, बल्कि उसकी उलझन, दर्द, असुरक्षा और मजबूती को अच्छे से दिखाया है। कई इमोशनल सीन्स में वह काफी प्रभाव छोड़ती हैं।

वहीं लक्ष्य इस फिल्म का बड़ा सरप्राइज हैं। ‘किल’ जैसी एक्शन फिल्म के बाद यहां उनका बेहद संवेदनशील और टूटा हुआ रूप देखने को मिलता है। गुस्से, पछतावे और प्यार के बीच फंसे एक लड़के की बेचैनी उन्होंने अच्छे ढंग से निभाई है। कई जगह उनकी बॉडी लैंग्वेज और इमोशनल सीन आपको बांधे रखते हैं। दोनों कलाकारों की केमिस्ट्री फिल्म का सबसे मजबूत हिस्सा बनकर सामने आती है। कम स्क्रीन टाइम में परेश पाहुजा भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराते हैं। डायरेक्शन और टेक्निकल पक्ष: रिश्तों की बारीकियों को समझती फिल्म डायरेक्टर विवेक सोनी ने कहानी को जरूरत से ज्यादा फिल्मी बनाने की बजाय उसे जमीन से जोड़े रखने की कोशिश की है। अच्छी बात यह है कि यहां गुस्से को हीरोइज्म की तरह नहीं दिखाया गया। रिश्तों में छोटी गलतियां किस तरह बड़ी दूरी में बदल जाती हैं, फिल्म इसे संवेदनशील तरीके से दिखाती है। कैमरा वर्क खासकर इमोशनल सीक्वेंस में अच्छा लगता है। कुछ सीन की फ्रेमिंग और लाइटिंग कहानी की बेचैनी को और असरदार बनाती है। एडिटिंग पहले हाफ में अच्छी है, लेकिन दूसरे हिस्से में फिल्म थोड़ी लंबी महसूस होने लगती है। फिल्म की कमियां: दूसरे हाफ में ढीली पड़ती रफ्तार फिल्म का सबसे कमजोर हिस्सा इसकी लंबाई है। 2 घंटे 26 मिनट का रनटाइम कुछ जगह भारी महसूस होता है। सेकेंड हाफ में कुछ सीन जरूरत से ज्यादा खिंचे लगते हैं और कहानी थोड़ी दोहराव वाली महसूस होती है। हालांकि ये बातें फिल्म के इमोशनल असर को पूरी तरह कमजोर नहीं करतीं।

म्यूजिकः फिल्म का टाइटल ट्रैक असरदार सचिन-जिगर का संगीत फिल्म की जान है। गाने कहानी पर बोझ नहीं लगते, बल्कि उसे आगे बढ़ाने का काम करते हैं। टाइटल ट्रैक लंबे समय तक याद रहता है। बैकग्राउंड स्कोर कई इमोशनल पलों को और मजबूत बनाता है और रिश्ते की बेचैनी को महसूस कराता है। फाइनल वर्डिक्टः फिल्म देखें या नहीं? ‘चांद मेरा दिल’ ऐसी प्रेम कहानी है जो सिर्फ प्यार में पड़ने की नहीं, प्यार को बचाने की जद्दोजहद दिखाती है। फिल्म पूरी तरह परफेक्ट नहीं है और दूसरे हाफ में थोड़ा खिंचती भी है, लेकिन इसकी ईमानदार कहानी, मजबूत एक्टिंग और रिश्तों की सच्चाई इसे देखने लायक बनाती है। अगर आपको ऐसी फिल्में पसंद हैं जो प्यार की चमक के साथ उसकी थकान भी दिखाएं, तो यह फिल्म एक बार जरूर देखी जा सकती है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.