मुंबई इंडियंस को झटका, सैंटनर टूर्नामेंट से बाहर:एक महीने क्रिकेट से दूर रहेंगे, इंग्लैंड-आयरलैंड टेस्ट से भी बाहर; चेन्नई के मैच में चोट लगी थी

IPL में लगातार हार का सामना कर रही मुंबई इंडियंस के लिए एक और बुरी खबर आई है। उनके स्टार ऑलराउंडर और न्यूजीलैंड के वाइट बॉल कप्तान मिचेल सैंटनर चोट की वजह से टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं। सैंटनर को बाएं कंधे में ग्रेड-थ्री ACL इंजरी हुई है। इसके चलते वह कम से कम एक महीने के लिए क्रिकेट से दूर रहेंगे। स्कैन रिपोर्ट आने के बाद न्यूजीलैंड क्रिकेट (NZC) ने शुक्रवार को इसकी पुष्टि की। चेन्नई के खिलाफ मैच में चोटिल हुए थे सैंटनर 23 अप्रैल को चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के खिलाफ खेले गए मुकाबले चोटिल हो गए थे। फील्डिंग के दौरान डाइव लगाते समय उनका बायां कंधा जमीन से टकरा गया था। इसके बावजूद मैच में उन्होंने पूरे 4 ओवर फेंके थे और एक विकेट भी चटकाया। हालांकि वह बल्लेबाजी के लिए मैदान पर नहीं उतर सके। इसी हफ्ते वे इलाज के लिए भारत से स्वदेश लौटे हैं। आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट से भी बाहर न्यूजीलैंड क्रिकेट के मुताबिक, स्पेशलिस्ट डॉक्टरों ने सैंटनर को कम से कम एक महीने तक आराम और रिहैबिलिटेशन की सलाह दी है। इस वजह से वे मई के अंत में आयरलैंड के खिलाफ होने वाले इकलौते टेस्ट से बाहर रहेंगे। इसके अलावा जून की शुरुआत में लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ होने वाले पहले टेस्ट में भी नहीं खेल पाएंगे। दूसरे और तीसरे टेस्ट में उनकी वापसी होगी या नहीं, इसका फैसला उनकी रिकवरी को देखते हुए बाद में लिया जाएगा। मुंबई ने ऑक्शन में 2 करोड़ रुपये में खरीदा था 34 वर्षीय सैंटनर को मुंबई ने ऑक्शन में 2 करोड़ रुपये में खरीदा था। इस IPL में वह शुरूआती मुकाबलों में नहीं खेले थे। उन्होंने वर्ल्ड कप के बाद निजी कारणों से ब्रेक लिया था और फ्रेंचाइजी के साथ देर से जुड़े थे। सैंटनर ने इस सीजन खेले 4 मैच में लगभग 9 की इकोनॉमी से रन देते हुए 5 विकेट लिए। बल्लेबाजी में उन्हें ज्यादा मौका नहीं मिला। ———————————————— स्पोर्ट्स यह खबर भी पढ़ें… पाकिस्तानी बोले- वैभव के बैट में AI चिप लगी है:सूर्यवंशी का जवाब-भगवान ने लगाकर दी है; उन्होंने ऊपर ही कहा था- इसी का इस्तेमाल करना बिहार के 15 साल के वैभव सूर्यवंशी अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से IPL 2026 में धूम मचा रहे हैं। उनकी बैटिंग की चर्चा अब पाकिस्तान तक पहुंच गई है। पाकिस्तान के क्रिकेट एक्सपर्ट नौमान नियाज का मानना है कि वैभव के बैट में AI चिप लगा हुआ है, जिसके कारण वह लंबे-लंबे छक्के लगा रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें…
मिशन 4 मई: टीएमसी ने मतगणना दिवस के लिए कमर कस ली, अभिषेक बनर्जी वर्चुअल रणनीति बैठक आयोजित करेंगे | चुनाव समाचार

आखरी अपडेट:01 मई, 2026, 17:16 IST पश्चिम बंगाल के लिए एग्जिट पोल के अनिश्चित चुनावी अनुमानों के बीच पार्टी आंतरिक एकजुटता और परिचालन अनुशासन बनाए रखना चाहती है नेतृत्व विशेष रूप से यह सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है कि बूथ स्तर के एजेंट और मतगणना प्रतिनिधि पूरे दिन अनुशासित और सतर्क रहें। (फ़ाइल तस्वीर/पीटीआई) एक चुनौतीपूर्ण एग्ज़िट पोल कथा के मद्देनजर, पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेतृत्व मतगणना दिवस से पहले तैयारी तेज कर रहा है। अभिषेक बनर्जी शनिवार शाम 4 बजे मतगणना एजेंटों और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ एक आभासी बैठक करने वाले हैं, जिसका उद्देश्य रणनीति को मजबूत करना और कैडर का मनोबल बढ़ाना है। पार्टी सूत्रों से संकेत मिलता है कि बैठक का उद्देश्य संगठनात्मक पदानुक्रम में एक स्पष्ट संदेश भेजना है: धैर्य बनाए रखें, सतर्क रहें और मतगणना प्रक्रिया के दौरान सटीकता के साथ जिम्मेदारियों को निष्पादित करें। नेतृत्व विशेष रूप से यह सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है कि बूथ स्तर के एजेंट और मतगणना प्रतिनिधि पूरे दिन अनुशासित और सतर्क रहें। बनर्जी मतदाता सत्यापन प्रक्रियाओं से संबंधित मामलों सहित चुनावी रणनीति और संगठनात्मक प्रबंधन दोनों में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं। मतगणना से पहले, उन्होंने जिलों में समन्वय को सुव्यवस्थित करने के लिए कई आंतरिक बैठकों की अध्यक्षता की है। गुरुवार को, ममता बनर्जी ने एक वीडियो संदेश जारी कर सभी पार्टी उम्मीदवारों को उन स्ट्रॉन्ग रूम पर कड़ी निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, जहां ईवीएम रखे गए हैं। यह निर्देश चुनावी अखंडता की सुरक्षा पर पार्टी के जोर को रेखांकित करता है। ममता बनर्जी के भबनीपुर मतगणना केंद्र के दौरे और वहां 3 घंटे से अधिक समय तक रहने की विपरीत राजनीतिक व्याख्याएं निकाली गई हैं। भाजपा के सुकांत मजूमदार ने इस कदम की आलोचना करते हुए कहा कि यह उनकी राजनीतिक स्थिति में बदलाव को दर्शाता है। उन्होंने कहा, “इससे पता चलता है कि उन्होंने नियंत्रण खो दिया है और एक विपक्षी नेता की तरह व्यवहार कर रही हैं। उनका खेल खत्म हो गया है।” जवाब में, तृणमूल नेताओं ने आलोचना को खारिज कर दिया। कुणाल घोष ने कहा कि विपक्ष की कोशिश सफल नहीं होगी. उन्होंने कहा, ”वे हर संभव कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वे असफल होंगे।” टीएमसी के भीतर, ममता बनर्जी के कार्यों को उनकी राजनीतिक शैली के अनुरूप माना जा रहा है। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों ने उन्हें एक “सड़क सेनानी” के रूप में वर्णित किया है, जिससे पता चलता है कि मतगणना केंद्रों जैसे संवेदनशील स्थानों पर उनकी भौतिक उपस्थिति का उद्देश्य संगठनात्मक आत्मविश्वास को मजबूत करना और प्रशासनिक दबाव डालना है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, इस तरह का सीधा हस्तक्षेप दुर्लभ है और यह मतगणना प्रक्रिया पर नेतृत्व के बढ़ते फोकस का संकेत देता है। यह घटनाक्रम एक महत्वपूर्ण मोड़ पर आया है, जहां पार्टी अनिश्चित चुनावी अनुमानों के बीच आंतरिक एकजुटता और परिचालन अनुशासन बनाए रखना चाहती है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना समाचार चुनाव मिशन 4 मई: टीएमसी ने मतगणना दिवस के लिए कमर कस ली, अभिषेक बनर्जी वर्चुअल रणनीति बैठक आयोजित करेंगे अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल(टी)टीएमसी(टी)ममता बनर्जी(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव(टी)भाजपा(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव(टी)एग्जिट पोल(टी)मतगणना का दिन(टी)चुनाव आयोग
कंप्रेशर टंकी फटने से पंचर दुकानदार की मौके पर मौत:सतना में हवा भरते समय धमाका, अधिक दबाव से हादसे की आशंका

सतना जिले के चित्रकूट थाना क्षेत्र के राजौला में शुक्रवार दोपहर एक हादसा हुआ। बाइक में हवा भरते समय कंप्रेशर टंकी फटने से 42 वर्षीय रामकिशोर प्रजापति की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक रामकिशोर प्रजापति राजौला के वार्ड नंबर 12 स्थित हनुमान मंदिर के पास कई सालों से मड़ैया में कंप्रेशर मशीन लगाकर वाहनों के पंचर बनाने का काम करते थे। दोपहर में वह एक बाइक के टायर में हवा भरकर पंचर जांच रहे थे। इसी दौरान, जब वह मड़ैया के अंदर कंप्रेशर मशीन की नॉब बंद करने गए, तो अचानक कंप्रेशर टंकी में जोरदार धमाका हो गया। रामकिशोर की मौके पर ही मौत धमाका इतना तेज था कि कंप्रेशर मशीन के चीथड़े उड़ गए और रामकिशोर की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे में बाइक चालक बाल-बाल बच गया। तेज धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। सूचना मिलने पर पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस ने बाइक चालक के बयान के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि कंप्रेशर टंकी में हवा का दबाव अधिक होने के कारण यह घटना हुई।
राजगढ़ में अनाज उठाव धीमा पड़ने पर कलेक्टर का अल्टीमेटम:दो दिन में काम पूरा नहीं हुआ तो होगी निलंबन की कार्रवाई

राजगढ़ जिले में समर्थन मूल्य पर अनाज खरीदी अब प्रशासन के लिए एक चुनौती बन गई है। खरीदी केंद्रों पर अनाज का उठाव धीमा होने से बिगड़ते हालात को देखते हुए कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा ने कड़ा रुख अपनाया है। शुक्रवार को हुई जिला उपार्जन समिति की बैठक में उन्होंने स्पष्ट अल्टीमेटम दिया कि अगले दो दिनों के भीतर लंबित उठाव हर हाल में पूरा किया जाए, अन्यथा जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने विशेष रूप से खुले खरीदी केंद्रों से कम उठाव पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने डीएम नॉन के खिलाफ निलंबन की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि अब लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और काम में ढिलाई करने वालों को सीधे तौर पर जवाबदेह ठहराया जाएगा। बैठक में राजगढ़, नरसिंहगढ़ और ब्यावरा क्षेत्रों में धीमी परिवहन व्यवस्था को लेकर भी गंभीर चिंता जताई गई। कलेक्टर ने ट्रकों की संख्या बढ़ाने और चालान प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी स्थिति में अनाज खरीदी केंद्रों पर रुका नहीं रहना चाहिए। अनुशासनहीनता पर भी सख्ती बरती गई। बिना सूचना अनुपस्थित रहने पर जिला विपणन अधिकारी और लीड बैंक मैनेजर को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि अब कोई भी अधिकारी बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ेगा। कुल मिलाकर, प्रशासन ने यह साफ संकेत दे दिया है कि उपार्जन कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही पर सीधी कार्रवाई होगी। प्रशासन का मुख्य ध्यान समय पर उठाव, बेहतर परिवहन और किसानों को बिना किसी परेशानी के भुगतान सुनिश्चित करना है।
किसी को छुट्टी का इंतजार तो किसी को सैलरी का:मजदूर दिवस पर पेश है कॉर्पोरेट मजदूरों की जिंदगी, जानने के लिए देखें पूरा वीडियो

मजदूर शब्द सुनते ही पसीने से लथपथ धूप में सीमेंट की बोरियां उठाते, तो कहीं खेतों में कुदाल चलाते श्रमिकों का चेहरा तो सभी को याद आता है। हां, ये वो श्रमिक हैं जिनके पसीने से देश चलता है। लेकिन एक और मजदूर वर्ग है, जिसे शायद खुद ये एहसास काफी देरी से हुआ कि वो मजदूर है। हां, इस मजदूर को पसीना कम आता है, पीठ पर सीमेंट की बोरियों की जगह लैपटॉप का बस्ता है, लेकिन है तो ये भी मजदूर ही। इसकी भी दिहाड़ी लेट आने पर कटती है। तो इस मजदूर दिवस पर देखें कि आखिर एक कॉर्पोरेट मजदूर को क्या चाहिए…
खंडवा में मजदूर दिवस पर MR संगठन का प्रदर्शन:बोलें- केंद्र सरकार ने 29 श्रम कानून खत्म किए, चार नए लेबर कोड में परिवर्तित किया

1 मई को अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर मप्र मेडिकल एंड सेल्स रिप्रेजेंटेटिव (MR) खंडवा के सदस्यों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर श्रम कार्यालय पहुंचकर श्रम अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान बड़ी संख्या में मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव उपस्थित रहे और श्रम कानूनों में किए गए बदलावों पर विरोध जताया। संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा पूर्व के 29 श्रम कानूनों को समाप्त कर उन्हें चार नए लेबर कोड में परिवर्तित किया गया है। उनका आरोप है कि इन नए श्रम कोड्स के लागू होने से मजदूरों के अधिकार कमजोर हो रहे हैं और शोषण की संभावनाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि इन बदलावों से नौकरी की सुरक्षा, कार्य समय, वेतन और सामाजिक सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। ज्ञापन के माध्यम से मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव्स ने सरकार से मांग की कि श्रमिक हितों को ध्यान में रखते हुए इन लेबर कोड्स पर पुनर्विचार किया जाए और मजदूरों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। कार्यक्रम के अंत में सभी सदस्यों ने एकजुट होकर मजदूर हितों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। इस दौरान यूनिट के अध्यक्ष अनूप फुलमाली, सचिव नवीन आरतानी, वरिष्ठ सदस्य देवेंद्रसिंह सोलंकी, सह सचिव अंकित महेश्वरी, उपाध्यक्ष गुलनाज सिद्दीकी, गौरव सोनी, अंजलि महाजन, सुनील गोस्वामी, शक्ति सिंह सोलंकी, अंकित शहापुरकर, मनीष खेतवास, ऋषदीप और चेतन राठौर सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
सत्तू की चटनी रेसिपी: गर्मी में पेट को कूल-कूल रखेगी सत्तू की चटनी, खाने का स्वाद भी हो जाएगा दोगुना; विधि नोट करें

सामग्री: 4 बड़े मसाले का सत्तू, प्याज, 3-4 कलियां लहसुन, 1-2 हरी मिर्च, 1 मसाले का रस, 1 छोटा मसाला मसाले का तेल, हरा धनिया, नमक का स्वाद, ठंडा पानी छवि: फ्रीपिक बनाने की आसान विधि: सबसे पहले एक बाउल में सत्तू डाल लें। इसमें इलेक्ट्रॉनिक कटा प्याज, लहसुन और हरी मिर्च डाली जाती है। छवि: फ्रीपिक अब इसमें नमक, नींबू का रस और सरसों का तेल डालें। धीरे-धीरे-धीरे-धीरे थोड़ा ठंडा पानी डाले इसे अच्छे से मिक्स करें। ध्यान रखें कि मैसाचुसेट्स प्लास्टिक न हो, हल्की गाडी ही जगह। छवि: एआई अंतिम में ऊपर से हरा धनिया स्ट्रक्चर अच्छा मिला लें। आपका स्वादिष्ट और अनोखा-ठंडी सत्तू की चटनी तैयार है। सत्तू शरीर को अंदर से ठंडा करता है। पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है और पेट की गर्मी को कम करता है। छवि: एआई इसमें प्रोटीन और प्रचुर मात्रा में मात्रा होती है। यह खाना जल्दी बन जाता है और लंबे समय तक पेट भरा रहता है। सत्तू की चटनी को आप रोटी, पराठा, लिट्टी या चावल के साथ खा सकते हैं. छवि: फ्रीपिक गर्मी में ये आपके खाने का स्वाद डबल कर देवी। अगर आप रोज-रोज एक जैसा खाना खा गए हैं, तो यह आसान और स्वादिष्ट सत्तू आपकी थाली में नया स्वाद लेकर आएगा। छवि: एआई
मंदसौर में तूफान-कार भिड़ी, दो गंभीर:छह घायल, टक्कर के बाद वाहन पलटा, कार सवार फरार

मंदसौर जिले के अचेरी के पास शुक्रवार दोपहर सड़क हादसे में दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि छह अन्य को मामूली चोटें आईं। यह दुर्घटना प्रतापगढ़ से मंदसौर आ रहे एक तूफान वाहन और सामने से आ रही एक कार के बीच टक्कर से हुई। जानकारी के अनुसार, राजस्थान के प्रतापगढ़ निवासी 65 वर्षीय लक्ष्मण कुमावत अपनी 60 वर्षीय पत्नी मांगी बाई के साथ तूफान वाहन (MP44 TA 0399) में सवार होकर इलाज के लिए मंदसौर आ रहे थे। अचेरी के समीप उनकी गाड़ी की सामने से आ रही एक कार से जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि तूफान वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गया। वहीं, फोर्ड फ्रीस्टाइल कार (MP09 WB 7830) सड़क से नीचे उतर गई। दुर्घटना के तुरंत बाद कार सवार मौके से फरार हो गए। हादसे में लक्ष्मण कुमावत को हाथ, पैर और कमर सहित शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आईं, जबकि उनकी पत्नी मांगी बाई की पसलियों और हाथ में चोट लगी। दोनों को जिला अस्पताल लाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद लक्ष्मण की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें उदयपुर रेफर कर दिया गया है। तुफान में आठ लोग सवार थे तूफान वाहन में कुल आठ लोग सवार थे, जिनमें से छह लोगों को मामूली चोटें आई हैं। इनमें कमलाबाई (60 वर्ष), पेपा बाई (70 वर्ष), नरबादी बाई (30 वर्ष), कशिश (14 वर्ष, पिता कन्हैया लाल), सौम्या (6 वर्ष, पिता राकेश) और मानव (11 वर्ष, पिता मुनेश) शामिल हैं। सभी मामूली रूप से घायल लोगों का उपचार जिला अस्पताल में जारी है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: बंगाल रिजल्ट से पहले फुल एक्शन में ये बीजेपी, चुनावी पोल में जीत का अनुमान के बाद तैयार हुआ मास्टर प्लान

पश्चिम बंगाल में मातृभाषा से पहले बीजेपी पूरी तरह से एक्शन मूड में आ गई है। 4 मई को वाली पार्टी से पहले, 2 मई को कोलकाता में पार्टी की एक अहम बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में उन प्रवासी नेताओं को भी बुलाया गया था, जिनमें पश्चिम बंगाल चुनाव विधानसभा और जोन में प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई थी. इन सभी नेताओं को मातृभाषा के दिन अहम जिम्मेदारी दी जाएगी। इस उच्चस्तरीय विधानसभा में केंद्रीय नेतृत्व की ओर से पश्चिम बंगाल प्रभारी सुनील बैसाही और चुनाव प्रभारी केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव शामिल होंगे. पश्चिम बंगाल में वोटिंग के बाद ज्यादातर एक्जिट पोल बीजेपी की सरकार बनी हुई हैं। अब बीजेपी का पूरा फोकस फोकस पर है। प्रतिपक्षी भाजपा में लगातार बैठकों का दौर जारी है। बंगाल के प्रभारी सुनील बैसाखी और भूपेन्द्र यादव को पश्चिम बंगाल में ही रखा गया है। पहली वोटिंग के बाद 30 अप्रैल को सुनील बैसाखी और भूपेंद्र यादव ने कोलकाता में पार्टी के प्रमुख नेताओं के साथ बैठक कर वोटिंग करके ग्राउंड रिपोर्ट ली। इसके बाद 1 मई को दोनों ही नेताओं ने सिलीगुड़ी में पार्टी के स्थानीय नेताओं और काउंटी एजेंटों के साथ बैठक कर काउंटी केंद्र पर एसोसिएशन के वरिष्ठों की जानकारी दी। उसके बाद 2 मई को पार्टी की ओर से इन्वेस्टमेंट डॉक्युमेंट पर प्रवासी नेताओं को कोलकाता बुलाया गया है। उनके साथ भी बैठक की जाएगी और अपने-अपने विभाग वाले क्षेत्र में स्नातक स्तर की पढ़ाई को बनाए रखने के लिए पार्टी की ओर से निर्देश दिए जाएंगे। यह भी पढ़ें:- एग्जिट पोल 2026: बीजेपी का तूफान, सर्वे में ममता बनर्जी के साथ हो ‘खेला’ इस बैठक का फोकस बिल्कुल स्पष्ट है कि किसी भी स्तर पर कोई गलती न हो। बूथ स्तर से लेकर बैंकिंग सेंटर तक, हर व्यवस्था की शुरुआत से समीक्षा की जाएगी। किस केंद्र पर कौन सा एजेंट रहेगा, एजेंटों की भूमिका क्या होगी और हर राउंड की निगरानी कैसे सुनिश्चित की जाएगी, इस बैठक में इस पर अंतिम रणनीति तय होगी। ये सभी नेता अपने-अपने क्षेत्र की जमीनी रिपोर्ट और आंकड़े भी साझा करेंगे, ताकि जमीनी स्थिति का आकलन किया जा सके। यह भी पढ़ें:- ‘बंगाल में बीजेपी सत्ता में आई तो…’ बांग्लादेश की संसद में विधानसभा चुनाव को लेकर क्या बोला बांग्लादेशी अल्पसंख्यक, मचा हंगामा बिहार, बंगाल के कई क्वार्टर फाइनल मुकाबले बेहद करीबी माने जा रहे हैं। एक ओर ओर बिल्डर अपनी इंजीनियरिंग की दम वापसी पर दावा कर रही है, तो दूसरी ओर भाजपा अपनी ग्राउंड रिपोर्ट और एलेक्टिट पोल्स के उत्साह से उत्साहित होकर अपनी जीत का दावा कर रही है। ऐसे में मातृभाषा के दिन हर राउंड, हर टेबल और हर आंकड़े पर बिजनेस की पैनी नजर रहेगी। 2 मई की इस बैठक में सिर्फ बातचीत की समीक्षा नहीं की गई, बल्कि 4 मई की अंतिम जंग के लिए बीजेपी की अंतिम नींव बाजार में बनी हुई है। (टैग्सटूट्रांसलेट)विधानसभा चुनाव 2026(टी)बीजेपी(टी)टीएमसी(टी)ममता बनर्जी(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)बंगाल चुनाव हिंसा(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम
शुगर कंट्रोल, खून की कमी दूर…बागेश्वर का लाल चावल सेहत के लिए वरदान, बना देगा जिम वाली बॉडी

Last Updated:May 01, 2026, 15:42 IST Red Rice Benefits : बागेश्वर का लाल चावल कपकोट, शामा, रीमा और आसपास के पहाड़ी इलाकों में उगता है. इसे स्थानीय भाषा में जुमरिया धान कहते हैं. स्वाद, सुगंध और पोषण से भरपूर है. लोकल 18 से बागेश्वर के आयुष चिकित्सक डॉ. ऐजल पटेल बताते हैं कि लाल चावल सफेद वाले की तुलना में ज्यादा पौष्टिक माना जाता है. इसमें फाइबर, आयरन, कैल्शियम, मैग्नीशियम और एंटीऑक्सीडेंट तत्व पाए जाते हैं. यह शरीर को ताकत देने, खून की कमी दूर करने और पाचन तंत्र को मजबूत रखने में रामबाण है. बागेश्वर. उत्तराखंड के बागेश्वर में उगने वाला पारंपरिक लाल चावल अपनी खास खूबियों के लिए जाना जाता है. ये जिले के कपकोट, शामा, रीमा और आसपास के पहाड़ी इलाकों में उगता है. इस चावल को स्थानीय भाषा में ‘जुमरिया’ धान के नाम से जाना जाता है. स्वाद, सुगंध और पोषण से भरपूर यह चावल अब जिले की खास पहचान बनता जा रहा है. पहले यह चावल केवल स्थानीय घरों और पर्व-त्योहारों तक सीमित था, लेकिन अब इसकी मांग बाजारों तक पहुंच गई है. लोकल 18 से बागेश्वर के आयुष चिकित्सक डॉ. ऐजल पटेल बताते हैं कि लाल चावल सामान्य सफेद चावल की तुलना में ज्यादा पौष्टिक माना जाता है. इसमें फाइबर, आयरन, कैल्शियम, मैग्नीशियम और एंटीऑक्सीडेंट तत्व अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं. यह शरीर को ताकत देने, खून की कमी दूर करने और पाचन तंत्र को मजबूत रखने में मददगार है. डॉ. पटेल बताते हैं कि इस चावल का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम माना जाता है, जिससे यह मधुमेह रोगियों के लिए भी सफेद चावल की तुलना में अच्छा विकल्प बन रहा है. इसके नियमित सेवन से शरीर को ऊर्जा मिलती है, लंबे समय तक पेट भरा रहने का अहसास होता है. यही वजह है कि फिटनेस पसंद करने वाले लोग भी इसे अपनी डाइट में शामिल कर रहे हैं. शादी और पूजा के लिए स्पेशल बागेश्वर की व्यापारी संतोषी देवी बताती हैं कि लाल चावल की खेती पारंपरिक तरीके से की जाती है. पहाड़ों के सीढ़ीदार खेतों में वर्षा जल और प्राकृतिक संसाधनों के सहारे इसकी खेती होती है. कई किसान रासायनिक खाद और कीटनाशकों का उपयोग नहीं करते, जिससे यह चावल काफी हद तक जैविक माना जाता है. प्राकृतिक खेती से इसकी गुणवत्ता और स्वाद दोनों बेहतर बने रहते हैं. लाल चावल पकने के बाद हल्की सुगंध देता है, खाने में स्वादिष्ट होता है. इससे खीर, मीठे चावल, भात, पुलाव और कई पारंपरिक पहाड़ी व्यंजन तैयार किए जाते हैं. शादी-विवाह, पूजा-पाठ और शुभ अवसरों पर भी इस चावल का उपयोग किया जाता है. ऑनलाइन बाजार ने बढ़ाई कीमत अब यह लाल चावल स्थानीय मंडियों के साथ ऑनलाइन बाजारों में भी जगह बना रहा है. बाहर से आने वाले पर्यटक भी इसे खरीदकर ले जा रहे हैं. इससे किसानों को अच्छी कीमत मिलने लगी है, उनकी आय बढ़ने की उम्मीद जगी है. यदि इस पारंपरिक धान को बेहतर पैकेजिंग, ब्रांडिंग और सरकारी प्रोत्साहन मिले तो बागेश्वर का लाल चावल राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान बना सकता है. स्वाद, सेहत और परंपरा का अनोखा मेल होने के कारण यह चावल भविष्य में जिले की आर्थिक ताकत भी बन सकता है. About the Author Priyanshu Gupta प्रियांशु गुप्ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Bageshwar,Uttarakhand







