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‘मुसलमान टीएमसी की निजी संपत्ति नहीं’, आसनसोल में कार पर हमले के बाद उग्र बीजेपी उम्मीदवार अग्निमित्रा पॉल

'मुसलमान टीएमसी की निजी संपत्ति नहीं', आसनसोल में कार पर हमले के बाद उग्र बीजेपी उम्मीदवार अग्निमित्रा पॉल

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए अब तक 90 प्रतिशत वोट हो गए हैं। बड़ी संख्या में लोग मतदान करने पोलिंग बूथ तक पहुंच रहे हैं। इस बीच कई जगहों से लेकर हिंसक घटनाएं भी सामने आ रही हैं. कहीं भी भारतीय जनता पार्टी के प्रमुख ने अपने सहयोगियों के साथ गठबंधन पर आरोप लगाए हैं तो कहीं पर भी भाजपा और विपक्षी कांग्रेस के कार्यकर्ता शामिल हो गए हैं। बंगाल में अलग-अलग जगहों से पत्थरबाजी और रेस्तरां के भी मामले सामने आ रहे हैं। इसी कड़ी में भीड़ ने आसनसोल दक्षिण से उम्मीदवार अग्निमित्रा पॉल की कार को मजबूत बनाया। उनकी कारों में टुकड़े-टुकड़े हो गए, जिनमें टुकड़े-टुकड़े हो गए। इस पर उन्होंने पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी पर जोरदार हमला बोला और कहा कि मुस्लिम आवेदकों की निजी संपत्ति नहीं है। कार पर हुए हमलों के बाद अग्निमित्र पॉल ने आईएएनएस को बताया कि वह रहमतनगर इलाके में गई थी। वहां पीछे कार पर पत्थर के टुकड़े कर दिए गए, जिससे शीशा टूट गया। उन्होंने कहा, ‘रहमत नगर अल्पसंख्यक बहुसंख्यक है। हम वहां थे. एक ही इमारत में कई बूथ हैं। वहां निरीक्षण के बाद हम पास की ही एक दूसरी इमारत (रहमत नगर हाई स्कूल) में गए। वहां हमारा निरीक्षण भी पूरा हो गया था. जब हम कार से बाहर निकले तो पीछे से हम पर पत्थर फेंके गए, जिससे कार का शीशा टूट गया।’ यह भी पढ़ें:- पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: मुर्शिदाबाद में पत्थरबाजी, बीरभूम-दिनाजपुर में भाजपा विपक्ष का फोड़ा सिर…, वोटों के बीच बंगाल में तोड़फोड़ अग्निमित्रा पॉल ने आगे कहा, ‘हर चुनाव में दिव्य यही करता है। ये अवास्तविक क्लासिक ने ही की है. साल 2022 में जब पत्थरबाजी हुई थी, तब भी इसी तरह पत्थरबाजी की गई थी और कार को नुकसान हुआ था।’ उन्होंने यह भी बताया कि वह फिर से उस इलाके में मंगठर गए, जहां कार पर हमला हुआ था। समकालीन पर ऐतिहासिक दावा करते हुए अग्निमित्रा पॉल ने कहा, ‘तृणमूल कांग्रेस को लगता है कि मुसलमानों की अपनी निजी संपत्ति है, लेकिन ऐसा नहीं है। ‘बधाई पर भाजपा का भी अधिकार है, क्योंकि वे मेरे भाई हैं, कोई चाल नहीं है।’ यह भी पढ़ें:- ‘सिर्फ बिहारी बाबू ही नहीं, मैं बैलाबबू भी हूं’, आसनसोल में पहली बार मतदान के बाद बोले शत्रुघ्न सिन्हा इस घटना का वीडियो भी सामने आया, जिसमें अग्निमित्रा पॉल की कार का पिछला शीशा दागा हुआ था। वहीं, अग्निमित्र पॉल कार के सामने खड़े होकर नजर डाली, जो घटना के बारे में लोगों से बात कर रही थी। बाद में इस घटना की जानकारी पुलिस को दी गई। अग्निमित्रा पॉल ने आईएएनएस को बताया कि पुलिस में अभी तक कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है। (टैग्सटूट्रांसलेट)हुमायूं कबीर(टी)ममता बनर्जी(टी)पश्चिम बंगाल(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026

राजगढ़ में गेहूं खरीदी अव्यवस्था पर किसानों का हाईवे जाम:स्लॉट-सैंपल विवाद, कम तोलकांटे-हम्माल से देरी; दोबारा जांच के बाद माने

राजगढ़ में गेहूं खरीदी अव्यवस्था पर किसानों का हाईवे जाम:स्लॉट-सैंपल विवाद, कम तोलकांटे-हम्माल से देरी; दोबारा जांच के बाद माने

राजगढ़ में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के अंतिम चरण में किसानों की समस्याएं बढ़ गई हैं। स्लॉट बुकिंग में परेशानी, सैंपल रिजेक्ट होने और तुलाई में देरी से नाराज किसानों ने गुरुवार को जयपुर-जबलपुर नेशनल हाईवे पर चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन किया। दोपहर करीब 12 बजे मोहनपुरा डेम मार्ग स्थित वेयरहाउस खरीदी केंद्र पर पहुंचे किसानों ने अपने ट्रैक्टर-ट्रॉली सड़क पर खड़ी कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। किसानों ने आरोप लगाया कि एक ही खेत के गेहूं के सैंपल में भेदभाव किया गया; एक ट्रॉली का सैंपल पास कर दिया गया, जबकि दूसरी का फेल कर दिया गया। इससे विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। बोले- दो दिन इंतजार करना पड़ रहा किसानों ने यह भी बताया कि उन्हें तुलाई के लिए एक-दो दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई है। किसानों के अनुसार, खरीदी केंद्र पर संसाधनों की भारी कमी है। चार में से केवल दो तोल कांटे ही चालू हैं, जिससे तुलाई की गति धीमी हो गई है। इसके अतिरिक्त, निर्धारित 40 हम्मालों के स्थान पर केवल 18 हम्माल ही मौजूद हैं, जिससे काम प्रभावित हो रहा है और किसानों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। सैंपल की दोबारा जांच कराई गई सूचना मिलने पर एसडीएम निधि भारद्वाज और कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने किसानों से बातचीत की, जिसके बाद सैंपल की दोबारा जांच कराई गई और विवाद को सुलझाया गया। इसके बाद, किसानों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया। एसडीएम निधि भारद्वाज ने बताया कि संबंधित किसानों की समस्या का मौके पर ही समाधान कर दिया गया। उन्होंने खरीदी केंद्र पर व्यवस्थाएं सुधारने के लिए अतिरिक्त तोल कांटे लगाने और हम्मालों की संख्या बढ़ाने के निर्देश भी दिए। भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न हो, इसके लिए कृषि विभाग और पुलिसकर्मियों की ड्यूटी भी लगाई गई है।

‘राका’ में होगा हॉलीवुड स्केल का म्यूजिक:साई ने बताया म्यूजिक को इंटरनेशनल लेवल पर पहचान दिलाने की तैयारी है

‘राका’ में होगा हॉलीवुड स्केल का म्यूजिक:साई ने बताया म्यूजिक को इंटरनेशनल लेवल पर पहचान दिलाने की तैयारी है

अल्लू अर्जुन और दीपिका पादुकोण स्टारर ‘राका’ के म्यूजिक को लेकर म्यूजिक डायरेक्टर साई अभ्यंकर ने खास जानकारी साझा की है। उन्होंने साफ किया है कि एटली निर्देशित इस फिल्म का म्यूजिक सिर्फ भारतीय दर्शकों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे इंटरनेशनल लेवल पर पहचान दिलाने की तैयारी की जा रही है। बता दें कि एटली के निर्देशन में बन रही यह फिल्म अपने स्केल, जॉनर और स्टारकास्ट के चलते पहले ही चर्चा में है। अल्लू और दीपिका जैसे बड़े नामों के साथ यह प्रोजेक्ट ग्लोबल अपील वाला सिनेमा बनेगा। एटली का म्यूजिक को लेकर अप्रोच ट्रेडिशनल नहीं बल्कि एक्सपेरिमेंटल साई ने बताया कि ‘राका’ का म्यूजिक फिलहाल शुरुआती लेकिन अहम फेज में है, जहां कई गाने तैयार किए जा चुके हैं और अब उनके लिरिक्स, अरेंजमेंट और फाइनल प्रोडक्शन पर काम जारी है। एटली का म्यूजिक को लेकर अप्रोच ट्रेडिशनल नहीं बल्कि काफी एक्सपेरिमेंटल है। हर ट्रैक को अलग पहचान दी जा रही है। इंटरनेशनल म्यूजिक चार्ट्स पर जगह बनाए, ऐसा म्यूजिक बनाया जा रहा है ‘राका’ के म्यूजिक को खास बनाने के लिए टीम इंटरनेशनल सिंगर्स, म्यूजिक प्रोड्यूसर्स और लिरिसिस्ट्स के साथ काम कर रही है। साई के मुताबिक, लक्ष्य एक ऐसा ‘इंट्रिकेट साउंडस्केप’ तैयार करना है, जो भारतीय जड़ों से जुड़ा हो लेकिन उसकी प्रस्तुति पूरी तरह ग्लोबल हो। फिल्म के गानों में अलग-अलग म्यूजिक स्टाइल्स और जॉनर्स का फ्यूजन देखने को मिल सकता है, जिससे यह एलबम सिर्फ फिल्म तक सीमित न रहकर इंटरनेशनल म्यूजिक चार्ट्स पर भी जगह बना सके। ‘राका’ के अलावा साई के पास धनुष और सूर्या स्टारर बड़ी फिल्में भी हैं ‘राका’ के अलावा साई कई बड़े प्रोजेक्ट्स से जुड़े हुए हैं, जो उनके म्यूजिक इंडस्ट्री में बढ़ते कद को दर्शाते हैं। वह सूर्या स्टारर ‘करप्पू’ में भी काम कर रहे हैं। इस फिल्म का निर्देशन आर जे बालाजी कर रहे हैं। इसके साथ ही वह धनुष की 55वीं फिल्म में भी म्यूजिक दे रहे हैं, जिसे राजकुमार पेरियासामी निर्देशित कर रहे हैं। साई लगातार बड़े स्केल की फिल्मों से जुड़ रहे हैं। एटली-अर्जुन ने हाल ही में लॉस एंजेलिस के एक VFX स्टूडियोज का दौरा किया, ग्लोबल प्रोजेक्ट के रूप में बन रही है फिल्म फिल्म की भव्यता को ध्यान में रखते हुए एटली और अर्जुन ने लॉस एंजेलिस के प्रमुख VFX स्टूडियोज का दौरा किया है, जहां फिल्म के विजुअल ट्रीटमेंट और टेक्निकल क्वालिटी पर काम किया जा रहा है। टाइटल अनाउंसमेंट के बाद से ही ‘राका’ को एक ग्लोबल सिनेमा प्रोजेक्ट के रूप में देखा जा रहा है। यह भारतीय फिल्मों की इंटरनेशनल मार्केट में मौजूदगी मजबूत करेगी।

जेलर-2 की शूटिंग पूरी, स्ट्रीमिंग राइट्स 160 करोड़ में बिके:निर्माता जल्द ही फिल्म की रिलीज की आधिकारिक घोषणा करने वाले हैं

जेलर-2 की शूटिंग पूरी, स्ट्रीमिंग राइट्स 160 करोड़ में बिके:निर्माता जल्द ही फिल्म की रिलीज की आधिकारिक घोषणा करने वाले हैं

सुपरस्टार रजनीकांत की फिल्म ‘जेलर 2’ की शूटिंग पूरी हो गई है। प्रोडक्शन कंपनी सन पिक्चर्स ने पूरी टीम के साथ केक काटते हुए अभिनेता की तस्वीरें शेयर की हैं। इस मौके पर निर्देशक नेल्सन दिलीप कुमार, रजनीकांत और फिल्म में उनके बेटे का रोल निभाने वाले वसंत रवि भी मौजूद थे। रजनीकांत ने कुछ समय पहले मीडिया से कहा था कि फिल्म जून में रिलीज होगी। हालांकि, निर्माता जल्द ही फिल्म की रिलीज की आधिकारिक घोषणा करेंगे। वहीं अमेजन प्राइम वीडियो ने सिनेमाघरों में रिलीज होने के बाद के स्ट्रीमिंग राइट्स 160 करोड़ रुपए में खरीद लिए हैं। यह तमिल सिनेमा के इतिहास में डिजिटल राइट्स का सबसे बड़ा सौदा है। रजनीकांत की फिल्मों के डिजिटल अधिकारों की कीमत तेजी से बढ़ रही है। 2023 में ‘जेलर’ 75 करोड़ शेड्यूल में बिकी थी। इस सौदे ने तमिल फिल्म इंडस्ट्री में नया रिकॉर्ड बना दिया है। ‘जेलर 2’ का निर्देशन नेल्सन ने किया है।

कृषि भूमि अधिग्रहण पर किसानों को चार गुना मुआवजा:भाजपा ने प्रदेश सरकार के फैसले का बैतूल में किया स्वागत

कृषि भूमि अधिग्रहण पर किसानों को चार गुना मुआवजा:भाजपा ने प्रदेश सरकार के फैसले का बैतूल में किया स्वागत

बैतूल में भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश सरकार के किसान हितैषी फैसलों की जानकारी दी। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता और आमला विधायक डॉ. योगेश पंडाग्रे ने विजय भवन स्थित जिला भाजपा कार्यालय में एक प्रेस ब्रीफिंग आयोजित की। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में किसानों के लिए ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। डॉ. पंडाग्रे ने जानकारी दी कि प्रदेश सरकार वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मना रही है। अब कृषि भूमि के भू-अर्जन पर किसानों को बाजार दर का चार गुना मुआवजा मिलेगा। इस निर्णय से किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और प्रदेश के विकास को गति मिलेगी। तीन वर्षों में 16 हजार करोड़ का मुआवजा उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों में 55 हजार से अधिक किसानों को लगभग 16 हजार करोड़ रुपए का मुआवजा दिया गया है। सरकार का लक्ष्य अब इसे बढ़ाकर हर साल लगभग 20 हजार करोड़ रुपए करना है। इस फैसले से सिंचाई परियोजनाओं, सड़कों, पुलों और रेलवे जैसे अधोसंरचना कार्यों में तेजी आएगी। अधोसंरचना विकास के लिए 33,985 करोड़ की स्वीकृति प्रदेश सरकार ने अधोसंरचना विकास के लिए 33 हजार 985 करोड़ रुपए की स्वीकृति भी प्रदान की है। इससे किसानों को सिंचाई सहित अन्य बुनियादी सुविधाओं का लाभ मिलेगा। कांग्रेस पर साधा निशाना डॉ. पंडाग्रे ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष को किसानों से जुड़े ऐसे फैसलों का स्वागत करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अनावश्यक राजनीति कर रही है और भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि चार गुना मुआवजा किसानों की आय, सम्मान और भविष्य से जुड़ा हुआ है। यह निर्णय उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगा। प्रेस ब्रीफिंग में ये रहे मौजूद इस प्रेस ब्रीफिंग के दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष सुधाकर पंवार, किसान मोर्चा प्रदेश मंत्री अशोक पानसे, किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष महेश्वर सिंह चंदेल और जिला मीडिया प्रभारी सूर्यदीप त्रिवेदी सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

पूरे शरीर को लपेट पर लीवर रोग…फरीदाबाद में ये कैसी आफत, डॉक्टर से जानिए बचने का रास्ता

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Last Updated:April 23, 2026, 16:40 IST Liver Cirrhosis : फरीदाबाद में लिवर सिरोसिस के मरीज बढ़ते जा रहे हैं. ये ऐसा रोग है जो किसी को भी हो सकता है. इस बीमारी का असर सिर्फ लीवर तक सीमित नहीं रहता बल्कि पूरे शरीर पर पड़ता है. सिर्फ दवाइयों से ही इस बीमारी को संभाला नहीं जा सकता. ऐसे में क्या करना होगा? लोकल 18 ने इस बारे में फरीदाबाद के सर्वोदय हॉस्पिटल की डॉ. धीरजा बब्बर से बात की. डॉ. धीरजा बताती हैं कि सिरोसिस के मरीजों में अक्सर मांसपेशियां तेजी से कमजोर होने लगती है. फरीदाबाद. हरियाणा के फरीदाबाद में लीवर से जुड़ी बढ़ती बीमारियों के बीच एक अहम जानकारी सामने आई है. लीवर सिरोसिस से जूझ रहे मरीजों के लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि इस बीमारी का असर सिर्फ लीवर तक सीमित नहीं रहता बल्कि पूरे शरीर पर पड़ता है. इस बारे में लोकल 18 ने फरीदाबाद सर्वोदय हॉस्पिटल की डॉ. धीरजा बब्बर (Group Head – Physiotherapy) से बात की. डॉ. धीरजा कहती हैं कि सिरोसिस के मरीजों में अक्सर मांसपेशियां तेजी से कमजोर होने लगती है. इस स्थिति को मेडिकल भाषा में सारकोपेनिया कहा जाता है. ऐसे मरीजों को अक्सर हाथ-पैरों में कमजोरी महसूस होती है. जल्दी थकान लगती है और कई बार सांस फूलने जैसी समस्या भी होने लगती है. ये सभी लक्षण इस बात का संकेत हैं कि शरीर की मसल्स कमजोर हो रही हैं. डॉ. धीरजा बब्बर कहती हैं कि सिर्फ दवाइयों से ही इस बीमारी को संभाला नहीं जा सकता. मरीज की लाइफ को बेहतर बनाने के लिए फिजियोथैरेपी बहुत बड़ा रोल निभाती है. सही समय पर अगर सही तरीके से फिजियोथैरेपी शुरू की जाए तो मरीज की हालत में काफी सुधार आ सकता है. डॉ. धीरजा के मुताबिक, लीवर सिरोसिस के मरीजों में अक्सर चलने-फिरने में दिक्कत, शरीर में असहायपन और संतुलन बिगड़ने जैसी समस्याएं सामने आती हैं. ऐसे में स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, बैलेंस और को ऑर्डिनेशन एक्सरसाइज काफी मददगार साबित होती हैं. इससे मरीज के गिरने का खतरा भी कम हो जाता है. अमोनिया लेवल डॉ. धीरजा कहती हैं कि हर मरीज की स्थिति अलग होती है इसलिए फिजियोथैरेपी भी उसी हिसाब से कस्टमाइज की जाती है. कौन सी मसल कितनी कमजोर है उसी के अनुसार एक्सरसाइज प्लान किया जाता है. धीरे-धीरे मसल्स को मजबूत किया जाता है जिससे मरीज के लिए रोजमर्रा के काम करना और चलना-फिरना आसान हो जाता है. सही एक्सरसाइज करने से शरीर में बढ़ा हुआ अमोनिया लेवल भी कम करने में मदद मिलती है जो लीवर सिरोसिस के मरीजों के लिए काफी जरूरी होता है. About the Author Priyanshu Gupta प्रियांशु गुप्‍ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Faridabad,Haryana First Published : April 23, 2026, 16:40 IST

Opinion: ब्रिटेन में 2008 के बाद जन्मे लोगों पर लाइफटाइम टोबैको बैन, पर क्या भारत दिखा पाएगा हिम्मत

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Last Updated:April 23, 2026, 16:01 IST Smoke-Free Generation: ब्रिटेन की संसद ने ऐतिहासिक बिल पास करते हुए 2008 के बाद पैदा लिए लोगों पर लाइफटाइम स्मोकिंग बैन कर दिया है. यानी वर्तमान में जो लोग 18 साल के हो चुके हैं और इस उम्र से कम के हैं वे अब कभी भी ब्रिटेन में तंबाकू या तंबाकू जनित चीजों का सेवन नहीं कर सकते हैं. एक तरह से ब्रिटेन स्मोक फ्री जेनरेशन बनना चाहता है. भारत की स्थिति इस मामले में बेहद खराब है. यहां हर साल 13.5 लाख मौतें तंबाकू के कारण हो जाती है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या भारत में इतनी हिम्मत है. ब्रिटेन में 2008 के बाद पैदा लेने वाले लोगों के लिए लाइफटाइम तंबाकू बैन हो गया है. कैसी अजीब बिडंबना है पहले हम जहर बेचकर सौ रुपये कमाते हैं और फिर इसके इलाज पर 816 रुपये खर्च कर देते हैं. तंबाकू की जानलेवा आदत पर हमारे देश की यही स्थिति है. हम तंबाकू पर सिर्फ चेतावनी डाल देते हैं कि इससे कैंसर होता है. दूसरी तरफ इससे पैसा कमाने के लिए हम इस जहर को बेचना बदस्तूर जारी रखते हैं. लाखों जिंदगियां इस धुएं की राख में तबाह हो जाती है. पर इसका हमें कोई गम नहीं. दुनिया भर में यह खेल चल रहा है. युवा वर्ग सिगरेट के छल्ले को निकालने में अपनी शानो-शौकत समझते हैं. और इसमें उनकी जिंदगी तबाह हो रही है. इन सुलगते सवालों के बीच ब्रिटेन ने ऐसा फैसला लिया है जो इतिहास के स्वर्णाक्षरों में अंकित हो जाएगा. ब्रिटेन में 2008 के बाद पैदा लेने वाले सभी लोगों को पूरी जिंदगी तंबाकू या तंबाकू जनित प्रोडक्ट को हाथ भी नहीं लगाने दिया जाएगा. यह पूरी तरह से बैन होगा. यानी ब्रिटेन अगली पीढ़ी को स्मोक जेनरेशन की ओर ले जाने का पुख्ता बंदोवस्त कर लिया है. इससे पहले न्यूजीलैंड मालद्वीव जैसे देशों ने अपने यहां आने वाली पीढ़ियों के लिए स्मोकिंग बैन कर दिया है. पर सबसे बड़ा सवाल यह है कि तंबाकू से सबसे ज्यादा चोट खाने वाले भारत में क्या ऐसा हो सकता है. क्या भारत में इतना दम है. हर साल 13 लाख लोगों की मौत डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट को मानें तो भारत में हर साल 13.5 लाख लोगों की मौत तंबाकू के कारण होती है. तंबाकू से भारत में कई प्रोडक्ट बनते हैं. सिगरेट, वेपिंग तो स्मोकिंग प्रोडक्ट है लेकिन भारत के कोने-कोने में गुटखा पाया जाता है. गुटखा में तंबाकू डालने पर बैन है लेकिन तंबाकू को बेचने पर कोई बैन नहीं है. इसलिए कंपनियां बिना तंबाकू वाले गुटखा को अलग बेचते हैं और तंबाकू को अलग से बेचते हैं. लोग दोनों पाउच एक साथ खरीदते हैं और दोनों को मिलाकर चबाने लगते हैं. यह किलर कॉम्बिनेशन है. इतना ही भारत में कॉरपोरेट कल्चर में सिगरेट पीने की लत सी लग गई है. लड़कियां भी इसमें बहुत आगे रहती हैं. सबको पता है कि सिगरेट कैंसर, सीओपीडी, अस्थमा, लिवर डिजीज, किडनी डिजीज का कारण है, इसके बावजूद तंबाकू जनित प्रोडक्ट की बाढ़ गई है. अब इसे कई रूपों में बेचा जाता है. चिंता की बात यह है कि भारत में तंबाकू सेवन करने वाले लोगों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है. भारत में 15 साल से उपर 26.7 करोड़ लोगों को तंबाकू के सेवन की आदत है. इसका मतलब यह हुआ कि 30 फीसदी वयस्क जनसंख्या तंबाकू की चपेट में है. ऐसा खेल क्यों खेला जा रहा यह तंबाकू भारत की सेहत में घुन की तरह खा रहा है. जो लोग भी तंबाकू का सेवन करते हैं, 35 साल के बाद इनमें से अधिकांश को कुछ न कुछ बीमारी हो ही जाती है. तंबाकू के कारण होने वाली बीमारियों और इससे होने वाली मौतों के कारण हर साल भारत की अर्थव्यवस्था 2000 करोड़ से ज्यादा का नुकसान उठाना पड़ता है. अनुमान के मुताबिक अगर सरकार को तंबाकू पर टैक्स से 100 रुपये की आमदनी होती है तो इससे अर्थव्यवस्था को 816 रुपये का नुकसान उठाना पड़ता है. हर चीज की तरह इसमें भी गरीब आदमी को ज्यादा नुकसान उठाना पड़ता है. इन लोगों को जब तंबाकू के कारण बीमारी होती है तो ये समझ नहीं पाते हैं कि इसकी वजह तंबाकू है. नतीजतन इन्हें सबसे ज्यादा मार झेलने होती है. ऐसे में सवाल उठता है कि ये कौन सी समझदारी है. सरकार को इस तंबाकू पर टैक्स से जितनी आमदनी होती है उससे कहीं ज्यादा वह इसके खिलाफ जागरुकता फैलाने के लिए प्रचार-प्रसार पर खर्च कर देती है. फिर ऐसा खेल क्यों खेला जाता है. यह एक तरह का कुचक्र है जिसमें सरकार रत्ती भर पैसे के लिए फंसती जा रही है. क्या सिगरेट से मिलने वाला टैक्स उन लाखों करोड़ों रुपयों की भरपाई कर सकता है जो भारत सरकार कैंसर के इलाज और मैनपावर लॉस पर खर्च करती है? हमें तत्काल कानून की जरूरत ब्रिटेन में पास हुआ कानून हमारे लिए सबसे बड़ी सबक है. हमारे देश में युवाओं की बहुत बड़ी आबादी ऐसी है जो सिर्फ स्टेट्स सिंबल के लिए सिगरेट की कश में अपनी जिंदगी को बर्बाद कर लेते हैं. टीनएज लड़कियां जिस तरह से स्मोकिंग की ओर आक्रामकता से बढ़ रही है वह और भी चिंताजनक है. कोई देश तभी आगे बढ़ सकता है जब उसके नागरिकों की सेहत दुरुस्त हो. लेकिन हमारे देश में 30 के बाद से ही लोगों को हार्ट डिजीज, मोटापा, डायबिटीज और लिवर की गंभीर बीमारी होने लगी है. ये सारे संकेत इस चिंता को और बढ़ा देती है कि हमें तत्काल ऐसी नीति की जरूरत है जिसमें तंबाकू पूरी तरह से प्रतिबंधित हो. दुनिया के विकसित देश अब स्मोक-फ्री जेनरेशन के मॉडल पर काम कर रहे हैं.भारत जैसे घनी आबादी वाले देश के लिए यह एक उदाहरण है. जिस तरह की मुसीबतें हम झेल रहे हैं, उसमें हमें ऐसे कानून की सख्त आवश्यकता है. About the Author Lakshmi Narayan 18 साल से ज्यादा के लंबे करियर में लक्ष्मी नारायण ने डीडी न्यूज, आउटलुक, नई दुनिया, दैनिक जागरण, हिन्दुस्तान जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। समसामयिक विषयों के विभिन्न मुद्दों, राजनीति, समाज, …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की

जातिवाद पर छलका 'पंचायत' एक्टर का दर्द:विनोद सूर्यवंशी ने कहा- आज भी मंदिर में नहीं मिलती एंट्री; होटल में धोनी पड़ी थीं अपनी प्लेटें

जातिवाद पर छलका 'पंचायत' एक्टर का दर्द:विनोद सूर्यवंशी ने कहा- आज भी मंदिर में नहीं मिलती एंट्री; होटल में धोनी पड़ी थीं अपनी प्लेटें

वेब सीरीज पंचायत में सचिव जी के किरदार से चर्चा में आए विनोद सूर्यवंशी ने हाल ही में बताया कि उनके कर्नाटक स्थित गांव में आज भी उन्हें एक मंदिर में प्रवेश नहीं मिलता है। विनोद सूर्यवंशी ने सिद्धार्थ कनन के साथ बातचीत में कहा कि उनके गांव में आज भी जातिगत आधार पर भेदभाव होता है। उन्होंने बताया कि गांव दो हिस्सों में बंटा हुआ है, जहां एक तरफ उच्च जाति के लोग रहते हैं और दूसरी तरफ दलित जाति के लोग। विनोद ने बताया कि आज भी एक ऐसा मंदिर है जहां हमें जाने (दलित समुदाय) की अनुमति नहीं है। हम मंदिर के अंदर नहीं जा सकते। हमें बाहर ही तेल देना पड़ता है, नारियल चढ़ाना पड़ता है और फिर पुजारी अंदर जाकर चढ़ाते हैं। उन्होंने बताया कि मैं कुछ समय पहले मंदिर में अपने बच्चे का मुंडन कराने के लिए गया था। सोचा था कि अब कुछ चीजें बदल गई होंगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। आज भी वही चीजें अनुमति नहीं हैं। बचपन में होटल में खुद प्लेटें धोनी पड़ीं विनोद सूर्यवंशी ने अपने बचपन का अनुभव शेयर करते हुए बताया कि 7-8 साल की उम्र में जब वह अपने पिता के साथ गांव गए थे, तो होटल में खाना खाने के बाद उन्हें अपनी प्लेटें खुद धोनी पड़ीं, जबकि उन्होंने पूरा बिल चुकाया था। विनोद ने यह भी कहा कि आर्थिक तंगी के कारण उनके परिवार के लिए त्योहार खुशी नहीं, बल्कि दुख का कारण होते थे। उन्होंने बताया कि कई बार उन्होंने अपने माता-पिता को त्योहारों के दौरान रोते देखा। एक्टर ने यह भी दावा किया कि उन्हें इंडस्ट्री में भी भेदभाव का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि डार्क कॉम्प्लेक्शन की वजह से कई बार उन्हें रिजेक्ट किया गया और एक बार सिलेक्ट होने के बाद भी हटा दिया गया।

मंदसौर में 18 दिन कम उम्र पर बाल विवाह रुकवाया:17 साल 11 माह के दूल्हे की शादी टली, टीम ने समझाइश देकर ऑब्जर्वेशन होम भेजा

मंदसौर में 18 दिन कम उम्र पर बाल विवाह रुकवाया:17 साल 11 माह के दूल्हे की शादी टली, टीम ने समझाइश देकर ऑब्जर्वेशन होम भेजा

मंदसौर जिले के ग्राम अरनिया मीणा में गुरुवार को बाल विवाह की सूचना मिलने पर प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई की। इस दौरान एक नाबालिग बालक का विवाह रुकवा दिया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रभारी अधिकारी ने बताया कि सूचना मिलते ही विभागीय टीम और संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच की। जांच में पाया गया कि बालक की आयु लगभग 17 वर्ष 11 माह 28 दिन है, जो कानूनी रूप से निर्धारित विवाह आयु से कम है। अधिकारियों ने मौके पर विवाह की तैयारियों में जुटे बालक के परिजनों को बाल विवाह के कानूनी प्रावधानों और इसके दुष्परिणामों के बारे में समझाया। इसके बाद विवाह की प्रक्रिया को स्थगित कर दिया गया। इस कार्रवाई में महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस प्रशासन, पैरालीगल वॉलंटियर्स और वन स्टॉप सेंटर (OSC) के कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्रवाई के तहत बालक को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। उसे अस्थायी रूप से ऑब्जर्वेशन होम (OSC) में रखा गया है। अधिकारियों ने बालक और उसके माता-पिता को बाल विवाह के दुष्परिणामों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि यह एक दंडनीय अपराध है, जिसमें शामिल व्यक्तियों को दो वर्ष तक का कारावास या एक लाख रुपए तक का जुर्माना अथवा दोनों से दंडित किया जा सकता है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि विवाह के लिए बालिका की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और बालक की 21 वर्ष होना अनिवार्य है। प्रशासन ने आमजन से बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को समाप्त करने में सहयोग की अपील की है, ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके।

‘मैंने इसे खाया, लेकिन टीएमसी को इसकी चुभन महसूस हुई’: पीएम मोदी ने ममता पर झालमुड़ी का तंज कसा, कहा- 4 मई को इसे बांटूंगा | चुनाव समाचार

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आखरी अपडेट:23 अप्रैल, 2026, 13:50 IST पीएम मोदी ने ममता बनर्जी पर तंज कसते हुए बीजेपी की जीत का भरोसा जताया और कहा कि 4 मई को बीजेपी मिठाइयां और झालमुड़ी बांटेगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को बंगाल में भाजपा की जीत पर भरोसा जताया और कहा कि 4 मई को जश्न मनाया जाएगा, मिठाइयां और झालमुड़ी बांटी जाएंगी। कृष्णानगर में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ”4 मई को बंगाल में बीजेपी की जीत का जश्न भी मनाया जाएगा, मिठाइयां बांटी जाएंगी और झालमुड़ी भी बांटी जाएगी.” पीएम मोदी ने ममता बनर्जी की अगुवाई वाली टीएमसी पर हमला बोलते हुए कहा, “वैसे, मैंने सुना है कि झालमुड़ी ने भी कुछ लोगों को तगड़ा झटका दिया है। झालमुड़ी तो मैंने खाई है, लेकिन डंक तो टीएमसी को ही लगा है।” साथ ही पीएम मोदी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में लोकतंत्र की स्थापना के लिए भारत निर्वाचन आयोग की सराहना की और सभी से वोट डालने का अनुरोध किया. पीएम मोदी ने कहा, “मैं सभी से अनुरोध करता हूं कि वे जाएं और मतदान करें, मतदाताओं द्वारा एक नया रिकॉर्ड बनाया जाना चाहिए। 50 वर्षों में यह पहली बार है कि चुनावों में हिंसा बहुत कम है। मैं राज्य में लोकतंत्र स्थापित करने के लिए चुनाव आयोग को धन्यवाद देता हूं। यह चुनाव आयोग की एक बहुत बड़ी उपलब्धि है।” उन्होंने कहा, “मैं राज्य सरकार के कर्मचारियों को बधाई देता हूं और मुझे जानकारी मिल रही है कि मतदान प्रतिशत पिछले चुनावों की तुलना में अधिक है।” इससे पहले सुबह में, पीएम मोदी ने तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के लोगों से अपने राज्यों में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान में “उत्साह” से भाग लेने की अपील की। उन्होंने दोनों राज्यों के युवाओं और महिलाओं से रिकॉर्ड संख्या में मतदान करने का भी आग्रह किया। तमिलनाडु में सभी 234 विधानसभा क्षेत्रों में मतदान शुरू हो गया है, जबकि पश्चिम बंगाल में 294 में से 152 विधानसभा सीटों के लिए आज सुबह मतदान शुरू हुआ। पीएम मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “जैसा कि तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में मतदान कर रहा है, मैं सभी मतदाताओं से लोकतंत्र के इस पवित्र कर्तव्य में उत्साहपूर्वक भाग लेने का आह्वान करता हूं। मैं विशेष रूप से तमिलनाडु के युवाओं और महिलाओं से बाहर आने और रिकॉर्ड संख्या में मतदान करने का आग्रह करता हूं।” प्रधानमंत्री ने एक अन्य पोस्ट में कहा, “पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव का पहला चरण आज है। मैं सभी नागरिकों से लोकतंत्र के इस उत्सव में पूरी ताकत के साथ भाग लेने का आग्रह करता हूं। मैं विशेष रूप से अपने युवा मित्रों और पश्चिम बंगाल की महिलाओं से बड़ी संख्या में मतदान करने की अपील करता हूं।” पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा. असम, केरल और पुडुचेरी सहित दोनों राज्यों में वोटों की गिनती 4 मई को होगी। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : पश्चिम बंगाल, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 23 अप्रैल, 2026, 13:26 IST समाचार चुनाव ‘मैंने इसे खाया, लेकिन टीएमसी को इसकी चुभन महसूस हुई’: पीएम मोदी ने ममता पर झालमुड़ी का तंज कसते हुए कहा, 4 मई को इसे बांटेंगे अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)नरेंद्र मोदी(टी)पश्चिम बंगाल(टी)झालमुरी(टी)ममता बनर्जी(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव