Wednesday, 21 Oct 2026 | 11:13 PM

Trending :

पूरे शरीर को लपेट पर लीवर रोग…फरीदाबाद में ये कैसी आफत, डॉक्टर से जानिए बचने का रास्ता

authorimg

Last Updated:

Liver Cirrhosis : फरीदाबाद में लिवर सिरोसिस के मरीज बढ़ते जा रहे हैं. ये ऐसा रोग है जो किसी को भी हो सकता है. इस बीमारी का असर सिर्फ लीवर तक सीमित नहीं रहता बल्कि पूरे शरीर पर पड़ता है. सिर्फ दवाइयों से ही इस बीमारी को संभाला नहीं जा सकता. ऐसे में क्या करना होगा? लोकल 18 ने इस बारे में फरीदाबाद के सर्वोदय हॉस्पिटल की डॉ. धीरजा बब्बर से बात की. डॉ. धीरजा बताती हैं कि सिरोसिस के मरीजों में अक्सर मांसपेशियां तेजी से कमजोर होने लगती है.

फरीदाबाद. हरियाणा के फरीदाबाद में लीवर से जुड़ी बढ़ती बीमारियों के बीच एक अहम जानकारी सामने आई है. लीवर सिरोसिस से जूझ रहे मरीजों के लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि इस बीमारी का असर सिर्फ लीवर तक सीमित नहीं रहता बल्कि पूरे शरीर पर पड़ता है. इस बारे में लोकल 18 ने फरीदाबाद सर्वोदय हॉस्पिटल की डॉ. धीरजा बब्बर (Group Head – Physiotherapy) से बात की. डॉ. धीरजा कहती हैं कि सिरोसिस के मरीजों में अक्सर मांसपेशियां तेजी से कमजोर होने लगती है. इस स्थिति को मेडिकल भाषा में सारकोपेनिया कहा जाता है. ऐसे मरीजों को अक्सर हाथ-पैरों में कमजोरी महसूस होती है. जल्दी थकान लगती है और कई बार सांस फूलने जैसी समस्या भी होने लगती है. ये सभी लक्षण इस बात का संकेत हैं कि शरीर की मसल्स कमजोर हो रही हैं.

डॉ. धीरजा बब्बर कहती हैं कि सिर्फ दवाइयों से ही इस बीमारी को संभाला नहीं जा सकता. मरीज की लाइफ को बेहतर बनाने के लिए फिजियोथैरेपी बहुत बड़ा रोल निभाती है. सही समय पर अगर सही तरीके से फिजियोथैरेपी शुरू की जाए तो मरीज की हालत में काफी सुधार आ सकता है. डॉ. धीरजा के मुताबिक, लीवर सिरोसिस के मरीजों में अक्सर चलने-फिरने में दिक्कत, शरीर में असहायपन और संतुलन बिगड़ने जैसी समस्याएं सामने आती हैं. ऐसे में स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, बैलेंस और को ऑर्डिनेशन एक्सरसाइज काफी मददगार साबित होती हैं. इससे मरीज के गिरने का खतरा भी कम हो जाता है.

अमोनिया लेवल

डॉ. धीरजा कहती हैं कि हर मरीज की स्थिति अलग होती है इसलिए फिजियोथैरेपी भी उसी हिसाब से कस्टमाइज की जाती है. कौन सी मसल कितनी कमजोर है उसी के अनुसार एक्सरसाइज प्लान किया जाता है. धीरे-धीरे मसल्स को मजबूत किया जाता है जिससे मरीज के लिए रोजमर्रा के काम करना और चलना-फिरना आसान हो जाता है. सही एक्सरसाइज करने से शरीर में बढ़ा हुआ अमोनिया लेवल भी कम करने में मदद मिलती है जो लीवर सिरोसिस के मरीजों के लिए काफी जरूरी होता है.

About the Author

Priyanshu Gupta

प्रियांशु गुप्‍ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…और पढ़ें

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
राजपाल यादव को मिली सलमान खान की फिल्म:शूटिंग भी शुरू; चेक बाउंस केस का मजाक उड़ने पर भाईजान का मिला था सपोर्ट

April 29, 2026/
2:00 pm

राजपाल यादव ने सलमान खान और नयनतारा स्टारर फिल्म SVC63 की शूटिंग शुरू कर दी है। फिल्म में राजपाल सलमान...

NEET Exam Cancelled Dehradun Students Sad

May 12, 2026/
4:20 pm

देहरादून के राजपुर रोड पर स्थित नीट की तैयारी कराने वाला कोचिंग संस्थान। देहरादून में मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET (UG)...

सरकार बोली- पेट्रोल-डीजल की कमी नहीं, LPG चिंता का विषय:रोजाना 75.7 लाख सिलेंडर बुक हो रहे, ईरान जंग से पहले 55.7 लाख होते थे

March 13, 2026/
4:33 pm

पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और ईरान की तरफ से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद किए जाने के कारण ग्लोबल एनर्जी...

google-color.svg

May 4, 2026/
1:22 pm

आमिर खान के निर्देशन में बनी फिल्म “तारे ज़मीन पर” (2007) में दिखाया गया बच्चा इशान अवस्थी किसी मानसिक कमजोरी...

विराट कोहली की जर्सी पाकर खुश हुईं कोरियन कंटेंट क्रिएटर:RCB की जर्सी को किस किया, कहा- मैं कोरियन RCB फैन हूं

April 12, 2026/
12:16 pm

IPL टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की फैन और दक्षिण कोरियाई कंटेंट क्रिएटर मिशेल का एक वीडियो इन दिनों चर्चा...

राजनीति

पूरे शरीर को लपेट पर लीवर रोग…फरीदाबाद में ये कैसी आफत, डॉक्टर से जानिए बचने का रास्ता

authorimg

Last Updated:

Liver Cirrhosis : फरीदाबाद में लिवर सिरोसिस के मरीज बढ़ते जा रहे हैं. ये ऐसा रोग है जो किसी को भी हो सकता है. इस बीमारी का असर सिर्फ लीवर तक सीमित नहीं रहता बल्कि पूरे शरीर पर पड़ता है. सिर्फ दवाइयों से ही इस बीमारी को संभाला नहीं जा सकता. ऐसे में क्या करना होगा? लोकल 18 ने इस बारे में फरीदाबाद के सर्वोदय हॉस्पिटल की डॉ. धीरजा बब्बर से बात की. डॉ. धीरजा बताती हैं कि सिरोसिस के मरीजों में अक्सर मांसपेशियां तेजी से कमजोर होने लगती है.

फरीदाबाद. हरियाणा के फरीदाबाद में लीवर से जुड़ी बढ़ती बीमारियों के बीच एक अहम जानकारी सामने आई है. लीवर सिरोसिस से जूझ रहे मरीजों के लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि इस बीमारी का असर सिर्फ लीवर तक सीमित नहीं रहता बल्कि पूरे शरीर पर पड़ता है. इस बारे में लोकल 18 ने फरीदाबाद सर्वोदय हॉस्पिटल की डॉ. धीरजा बब्बर (Group Head – Physiotherapy) से बात की. डॉ. धीरजा कहती हैं कि सिरोसिस के मरीजों में अक्सर मांसपेशियां तेजी से कमजोर होने लगती है. इस स्थिति को मेडिकल भाषा में सारकोपेनिया कहा जाता है. ऐसे मरीजों को अक्सर हाथ-पैरों में कमजोरी महसूस होती है. जल्दी थकान लगती है और कई बार सांस फूलने जैसी समस्या भी होने लगती है. ये सभी लक्षण इस बात का संकेत हैं कि शरीर की मसल्स कमजोर हो रही हैं.

डॉ. धीरजा बब्बर कहती हैं कि सिर्फ दवाइयों से ही इस बीमारी को संभाला नहीं जा सकता. मरीज की लाइफ को बेहतर बनाने के लिए फिजियोथैरेपी बहुत बड़ा रोल निभाती है. सही समय पर अगर सही तरीके से फिजियोथैरेपी शुरू की जाए तो मरीज की हालत में काफी सुधार आ सकता है. डॉ. धीरजा के मुताबिक, लीवर सिरोसिस के मरीजों में अक्सर चलने-फिरने में दिक्कत, शरीर में असहायपन और संतुलन बिगड़ने जैसी समस्याएं सामने आती हैं. ऐसे में स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, बैलेंस और को ऑर्डिनेशन एक्सरसाइज काफी मददगार साबित होती हैं. इससे मरीज के गिरने का खतरा भी कम हो जाता है.

अमोनिया लेवल

डॉ. धीरजा कहती हैं कि हर मरीज की स्थिति अलग होती है इसलिए फिजियोथैरेपी भी उसी हिसाब से कस्टमाइज की जाती है. कौन सी मसल कितनी कमजोर है उसी के अनुसार एक्सरसाइज प्लान किया जाता है. धीरे-धीरे मसल्स को मजबूत किया जाता है जिससे मरीज के लिए रोजमर्रा के काम करना और चलना-फिरना आसान हो जाता है. सही एक्सरसाइज करने से शरीर में बढ़ा हुआ अमोनिया लेवल भी कम करने में मदद मिलती है जो लीवर सिरोसिस के मरीजों के लिए काफी जरूरी होता है.

About the Author

Priyanshu Gupta

प्रियांशु गुप्‍ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…और पढ़ें

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.