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बगदाद में बीच सड़क से अमेरिकी पत्रकार का अपहरण:जबरन गाड़ी में खींचकर ले गए, अमेरिकी दूतावास ने इराक न जाने की सलाह दी थी

बगदाद में बीच सड़क से अमेरिकी पत्रकार का अपहरण:जबरन गाड़ी में खींचकर ले गए, अमेरिकी दूतावास ने इराक न जाने की सलाह दी थी

अमेरिका की फ्रीलांस पत्रकार शैली किटल्सन का मंगलवार को इराक की राजधानी बगदाद में अपहरण कर लिया गया। अज्ञात हमलावरों ने शैली को अल-सादून स्ट्रीट पर स्थित बगदाद होटल के पास से अगवा किया। इस घटना से जुड़ा एक वीडियो भी वायरल हो रहा है जिसमें अपराधी, पत्रकार को जबरन गाड़ी में खींचकर ले जाते नजर आ रहे हैं। इराक के गृह मंत्रालय ने भी घटना की पुष्टि की है, हालांकि उसने पत्रकार की पहचान सार्वजनिक नहीं की। मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि एक विदेशी पत्रकार का अज्ञात लोगों ने अपहरण कर लिया, जिसके बाद सुरक्षा बलों को तुरंत कार्रवाई के लिए भेजा गया। न्यूज वेबसाइट अल-मॉनिटर की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी प्रशासन को पहले से सुरक्षा खतरे की जानकारी थी और उसने पत्रकार को इराक की यात्रा न करने की सलाह भी दी थी। शैली किटल्सन युद्ध क्षेत्रों में रिपोर्टिंग के लिए जानी जाती हैं और उन्हें 2017 में प्रेमियो कारावेला अवॉर्ड मिल चुका है। वह मुख्य रूप से मिडिल ईस्ट, खासकर इराक और सीरिया से जुड़ी रिपोर्टिंग करती रही हैं। एक आरोपी गिरफ्तार लेकिन पत्रकार का सुराग नहीं गृह मंत्रालय के अनुसार सुरक्षा बलों ने खुफिया जानकारी के आधार पर अपहरणकर्ताओं का पीछा किया। इस दौरान अपहरण में इस्तेमाल हो रही एक गाड़ी पलट गई, जिससे एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया और कुछ वाहन भी जब्त किए गए। हालांकि पत्रकार को ले जा रही दूसरी गाड़ी मौके से फरार हो गई और वह बगदाद के दक्षिण की ओर निकल गई। दो इराकी सुरक्षा अधिकारियों ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि अपहरण की शिकार पत्रकार एक अमेरिकी महिला हैं। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें हथियारबंद लोग उनकी गाड़ी रोककर उन्हें जबरन बाहर निकालते दिख रहे हैं। सउदी अरब के चैनल अल-अरबिया ने इस कथित अपहरण का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया है। फिलहाल यह साफ नहीं है कि यह घटना मिडिल ईस्ट में चल रही जंग से जुड़ी है या नहीं। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि इराक में ईरान समर्थित मिलिशिया समूहों द्वारा पहले भी विदेशी नागरिकों और अमेरिकी हितों को निशाना बनाया जाता रहा है। ISIS की हार के बाद की स्टोरी कर चर्चित हुईं शैली अमेरिकी फ्रीलांस पत्रकार शैली किटल्सन उन रिपोर्टर्स में गिनी जाती हैं जो दुनिया के सबसे खतरनाक संघर्ष क्षेत्रों से ग्राउंड रिपोर्टिंग करती हैं। उनका काम मुख्य रूप से मिडिल ईस्ट खासकर इराक और सीरिया पर केंद्रित रहा है। उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए काम किया है। उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य विषय युद्ध और संघर्ष, मिलिशिया समूह, स्थानीय आबादी पर असर और मानवीय संकट रहा है। शैली किटल्सन की सबसे ज्यादा चर्चा उन रिपोर्ट्स को लेकर हुई, जिनमें उन्होंने ISIS के पतन (2017 के बाद) के बाद इराक की स्थिति को ग्राउंड से दिखाया। उस वक्त उन्होंने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि ISIS की हार के बाद जमीनी स्तर पर संघर्ष खत्म नहीं हुआ है और सत्ता का खालीपन बना हुआ है। स्थानीय मिलिशिया इसे भरने की कोशिश में लगे हुए हैं। अमेरिका ने दी थी इराक छोड़ने की सलाह इराक की बिगड़ती सुरक्षा स्थिति को देखते हुए अमेरिका ने अपने नागरिकों को देश छोड़ने की सलाह दी है। बगदाद में अमेरिकी दूतावास ने 29 मार्च को एडवाइजरी जारी करते हुए कहा कि सभी अमेरिकी नागरिक जल्द से जल्द इराक छोड़ दें। दूतावास ने साफ कहा कि इराक में रहना इस समय बहुत खतरनाक है। यहां आतंकवाद, अपहरण और हिंसा का खतरा बढ़ गया है। इससे पहले भी मार्च 2026 की शुरुआत में अमेरिका ने इराक के लिए “Do Not Travel” (लेवल 4) की चेतावनी जारी की थी। इसमें कहा गया था कि किसी भी हाल में इराक की यात्रा न करें। इराक में पहले भी विदेशी नागरिक किडनैप हुए एलिजाबेथ त्सुरकोव- 2023 में बगदाद से लापता हुईं, बाद में एक मिलिशिया समूह के कब्जे में होने की पुष्टि हुई। (2026 तक भी उनकी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है; रिहाई की पुष्टि सार्वजनिक रूप से नहीं हुई है) जिल कैरोल- 2006 में अमेरिकी पत्रकार जिल का रिपोर्टिंग के दौरान अपहरण हुआ। उनके साथ काम करने वाले व्यक्ति की हत्या कर दी गई, हालांकि उन्हें 3 महीने बाद रिहा कर दिया गया। गिउलियाना स्ग्रेना- 2005 में इटली की पत्रकार को उग्रवादियों ने उन्हें बंधक बना लिया, लगभग 1 महीने तक कैद में रखा। बाद में रिहा कर दिया गया। जुनपेई यासुदा- 2004 में जापानी पत्रकार को जासूसी के शक में अगवा किया गया, हालांकि कुछ दिनों में ही छोड़ दिया गया। प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में इराक की स्थिति चिंताजनक अंतरराष्ट्रीय संगठन रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स (RSF) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 के वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में इराक को 180 देशों में 155वां स्थान मिला है। हालांकि यह पिछले सालों के मुकाबले थोड़ा सुधार दिखाता है, लेकिन स्थिति अभी भी चिंता का विषय है। रिपोर्ट में इराक को ‘बहुत गंभीर’ श्रेणी में रखा गया है। इसका मतलब है कि वहां पत्रकारों को काम करते समय कई तरह के खतरे और दबाव का सामना करना पड़ता है।

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बगदाद में बीच सड़क से अमेरिकी पत्रकार का अपहरण:जबरन गाड़ी में खींचकर ले गए, अमेरिकी दूतावास ने इराक न जाने की सलाह दी थी

अमेरिका की फ्रीलांस पत्रकार शैली किटल्सन का मंगलवार को इराक की राजधानी बगदाद में अपहरण कर लिया गया। अज्ञात हमलावरों ने शैली को अल-सादून स्ट्रीट पर स्थित बगदाद होटल के पास से अगवा किया। इस घटना से जुड़ा एक वीडियो भी वायरल हो रहा है जिसमें अपराधी, पत्रकार को जबरन गाड़ी में खींचकर ले जाते नजर आ रहे हैं। इराक के गृह मंत्रालय ने भी घटना की पुष्टि की है, हालांकि उसने पत्रकार की पहचान सार्वजनिक नहीं की। मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि एक विदेशी पत्रकार का अज्ञात लोगों ने अपहरण कर लिया, जिसके बाद सुरक्षा बलों को तुरंत कार्रवाई के लिए भेजा गया। न्यूज वेबसाइट अल-मॉनिटर की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी प्रशासन को पहले से सुरक्षा खतरे की जानकारी थी और उसने पत्रकार को इराक की यात्रा न करने की सलाह भी दी थी। शैली किटल्सन युद्ध क्षेत्रों में रिपोर्टिंग के लिए जानी जाती हैं और उन्हें 2017 में प्रेमियो कारावेला अवॉर्ड मिल चुका है। वह मुख्य रूप से मिडिल ईस्ट, खासकर इराक और सीरिया से जुड़ी रिपोर्टिंग करती रही हैं। एक आरोपी गिरफ्तार लेकिन पत्रकार का सुराग नहीं गृह मंत्रालय के अनुसार सुरक्षा बलों ने खुफिया जानकारी के आधार पर अपहरणकर्ताओं का पीछा किया। इस दौरान अपहरण में इस्तेमाल हो रही एक गाड़ी पलट गई, जिससे एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया और कुछ वाहन भी जब्त किए गए। हालांकि पत्रकार को ले जा रही दूसरी गाड़ी मौके से फरार हो गई और वह बगदाद के दक्षिण की ओर निकल गई। दो इराकी सुरक्षा अधिकारियों ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि अपहरण की शिकार पत्रकार एक अमेरिकी महिला हैं। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें हथियारबंद लोग उनकी गाड़ी रोककर उन्हें जबरन बाहर निकालते दिख रहे हैं। सउदी अरब के चैनल अल-अरबिया ने इस कथित अपहरण का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया है। फिलहाल यह साफ नहीं है कि यह घटना मिडिल ईस्ट में चल रही जंग से जुड़ी है या नहीं। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि इराक में ईरान समर्थित मिलिशिया समूहों द्वारा पहले भी विदेशी नागरिकों और अमेरिकी हितों को निशाना बनाया जाता रहा है। ISIS की हार के बाद की स्टोरी कर चर्चित हुईं शैली अमेरिकी फ्रीलांस पत्रकार शैली किटल्सन उन रिपोर्टर्स में गिनी जाती हैं जो दुनिया के सबसे खतरनाक संघर्ष क्षेत्रों से ग्राउंड रिपोर्टिंग करती हैं। उनका काम मुख्य रूप से मिडिल ईस्ट खासकर इराक और सीरिया पर केंद्रित रहा है। उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए काम किया है। उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य विषय युद्ध और संघर्ष, मिलिशिया समूह, स्थानीय आबादी पर असर और मानवीय संकट रहा है। शैली किटल्सन की सबसे ज्यादा चर्चा उन रिपोर्ट्स को लेकर हुई, जिनमें उन्होंने ISIS के पतन (2017 के बाद) के बाद इराक की स्थिति को ग्राउंड से दिखाया। उस वक्त उन्होंने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि ISIS की हार के बाद जमीनी स्तर पर संघर्ष खत्म नहीं हुआ है और सत्ता का खालीपन बना हुआ है। स्थानीय मिलिशिया इसे भरने की कोशिश में लगे हुए हैं। अमेरिका ने दी थी इराक छोड़ने की सलाह इराक की बिगड़ती सुरक्षा स्थिति को देखते हुए अमेरिका ने अपने नागरिकों को देश छोड़ने की सलाह दी है। बगदाद में अमेरिकी दूतावास ने 29 मार्च को एडवाइजरी जारी करते हुए कहा कि सभी अमेरिकी नागरिक जल्द से जल्द इराक छोड़ दें। दूतावास ने साफ कहा कि इराक में रहना इस समय बहुत खतरनाक है। यहां आतंकवाद, अपहरण और हिंसा का खतरा बढ़ गया है। इससे पहले भी मार्च 2026 की शुरुआत में अमेरिका ने इराक के लिए “Do Not Travel” (लेवल 4) की चेतावनी जारी की थी। इसमें कहा गया था कि किसी भी हाल में इराक की यात्रा न करें। इराक में पहले भी विदेशी नागरिक किडनैप हुए एलिजाबेथ त्सुरकोव- 2023 में बगदाद से लापता हुईं, बाद में एक मिलिशिया समूह के कब्जे में होने की पुष्टि हुई। (2026 तक भी उनकी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है; रिहाई की पुष्टि सार्वजनिक रूप से नहीं हुई है) जिल कैरोल- 2006 में अमेरिकी पत्रकार जिल का रिपोर्टिंग के दौरान अपहरण हुआ। उनके साथ काम करने वाले व्यक्ति की हत्या कर दी गई, हालांकि उन्हें 3 महीने बाद रिहा कर दिया गया। गिउलियाना स्ग्रेना- 2005 में इटली की पत्रकार को उग्रवादियों ने उन्हें बंधक बना लिया, लगभग 1 महीने तक कैद में रखा। बाद में रिहा कर दिया गया। जुनपेई यासुदा- 2004 में जापानी पत्रकार को जासूसी के शक में अगवा किया गया, हालांकि कुछ दिनों में ही छोड़ दिया गया। प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में इराक की स्थिति चिंताजनक अंतरराष्ट्रीय संगठन रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स (RSF) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 के वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में इराक को 180 देशों में 155वां स्थान मिला है। हालांकि यह पिछले सालों के मुकाबले थोड़ा सुधार दिखाता है, लेकिन स्थिति अभी भी चिंता का विषय है। रिपोर्ट में इराक को ‘बहुत गंभीर’ श्रेणी में रखा गया है। इसका मतलब है कि वहां पत्रकारों को काम करते समय कई तरह के खतरे और दबाव का सामना करना पड़ता है।

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