Wednesday, 23 Sep 2026 | 10:38 AM

Trending :

बाघों के लिए क्यों छोटा पड़ने लगा रणथंभौर टाइगर रिजर्व:9 साल में 9 की जान गई; एक-दूसरे के खून के प्यासे हुए बाघ-बाघिन

बाघों के लिए क्यों छोटा पड़ने लगा रणथंभौर टाइगर रिजर्व:9 साल में 9 की जान गई; एक-दूसरे के खून के प्यासे हुए बाघ-बाघिन

राजस्थान के रणथंभौर टाइगर रिजर्व में अब बाघों के लिए ‘घर’ छोटा पड़ने लगा है। अपनी सल्तनत (टेरिटरी) कायम करने की होड़ में बाघ एक-दूसरे के खून के प्यासे हो रहे हैं। आलम यह है कि पिछले 9 साल में आपसी भिड़ंत के कारण 9 बाघ अपनी जान गंवा चुके हैं। नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी (NTCA) ने भी इस बढ़ते संघर्ष पर चिंता जताई है। 1980 में नेशनल पार्क का दर्जा मिला
देश में टाइगर प्रोजेक्ट की शुरुआत साल 1973 में हुई थी। इसी साल रणथम्भौर राजस्थान का पहला टाइगर रिजर्व बना। साल 1980 में रणथम्भौर टाइगर रिजर्व को नेशनल पार्क का दर्जा मिला। क्षमता से ज्यादा बाघ, कुनबा बढ़ा तो सिमट गया इलाका
वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की 2015-16 की रिपोर्ट के मुताबिक, रणथंभौर का क्षेत्रफल और ग्रासलैंड अधिकतम 45 से 55 बाघों के लिए उपयुक्त है। वर्तमान में यहां 77 बाघ, बाघिन और शावक मौजूद हैं। संख्या बढ़ने से जंगल का कोना-कोना बाघों से भर गया है, जिससे अक्सर संघर्ष की घटनाएं हो रही हैं। टेरिटरी का गणित… 40 की जगह सिर्फ 22 किमी
NTCA की गाइडलाइन कहती है कि एक टाइगर को 40 से 50 वर्ग किमी का इलाका चाहिए। रणथंभौर में एक टाइगर के हिस्से महज 22 वर्ग किमी का इलाका आ रहा है। हर बाघ की टेरिटरी औसतन 18 से 28 किमी तक घट गई है। मां का साथ छोड़ते ही शुरू होती है मौत की रेस
वन्यजीव एक्सपट्‌र्स के अनुसार, शावक 2 साल की उम्र तक मां के साथ रहते हैं। इसके बाद शुरू होती है अपनी जमीन तलाशने की जद्दोजहद। इस दौरान युवा बाघ अक्सर बुजुर्ग बाघों पर हमला करते हैं। ताकतवर युवा बाघ पुरानी टेरिटरी पर कब्जा कर लेते हैं और बुजुर्ग बाघों को या तो जंगल छोड़कर बाहर भागना पड़ता है या वे इस खूनी संघर्ष में दम तोड़ देते हैं। डीएफओ बोले- क्षमता से अधिक हैं बाघ
रणथंभौर (डिविजन फर्स्ट) के डीएफओ मानस सिंह बताते हैं- रणथंभौर में वर्तमान में करीब 21 बाघ, 20 बाघिन और 16 से अधिक शावक हैं। रणथंभौर के दूसरे डिवीजन में भी 10 से अधिक बाघ-बाघिन और शावक हैं।
क्षमता से अधिक बाघ होने के कारण वे अब नए इलाकों की तलाश में जंगल की सीमाओं से बाहर निकल रहे हैं। जोन 1 से 5 में सबसे ज्यादा बाघ रहते हैं, जो आपसी टकराव का मुख्य केंद्र बना हुआ है। जब तक बाघों के सुरक्षित मूवमेंट के लिए कॉरिडोर या शिफ्टिंग पर ठोस काम नहीं होता, यह संघर्ष थमना मुश्किल है। ————– बाघों की मौत से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए… सरिस्का के जंगल में बाघ से भिड़ी बाघिन, मौत:5 साल की टाइग्रेस के शरीर पर मिले बड़े घाव सरिस्का के जंगल में टेरिटरी को लेकर बाघ-बाघिन में लड़ाई हो गई। इसमें बाघिन ST-28 की मौत हो गई। बाघिन का 24 घंटे पुराना शव ग्रामीणों ने देखा तो सूचना दी। (पढ़ें पूरी खबर) मगरमच्छ का शिकार करने वाली बाघिन की मौत, ‘एरोहेड’ को ब्रेन ट्यूमर था; बेटी ‘कनकटी’ को मुकंदरा शिफ्ट किया, 2 लोगों को मार चुकी सवाई माधोपुर के रणथंभौर नेशनल पार्क में बाघिन एरोहेड की मौत हो गई। उसे ब्रेन ट्यूमर था। पिछले दिनों एरोहेड(टी-84) ने तालाब में मगरमच्छ का शिकार किया था, जिसका वीडियो भी सामने अया था। (पढ़ें पूरी खबर)

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
तस्वीर का विवरण

April 22, 2026/
6:28 pm

तड़का छाछ सिर्फ प्यास ही नहीं दबती, बल्कि पाचन क्रिया भी बेहतर होती है। डाले जाने वाले प्रोटोटाइप जैसे जीरा,...

authorimg

April 8, 2026/
3:28 pm

होमताजा खबरदेश इस योगासन ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड, ABR में हुआ दर्ज, कौन सा है आसन? Last Updated:April 08, 2026,...

CSK Nath Ellis IPL 2026 Out Injury; No Replacement Yet

March 19, 2026/
8:04 pm

स्पोर्ट्स डेस्क50 मिनट पहले कॉपी लिंक 5 बार की चैंपियन चेन्नई सुपर किंग्स के तेज गेंदबाज नाथन एलिस हैमस्ट्रिंग इंजरी...

जोकोविच विंबलडन के तीसरे दौर में पहुंचे:सितसिपास को 98 मिनट में सीधे सेटों में हराया; डिफेंडिंग चैंपियन सिनर की भी अगले राउंड में एंट्री

July 2, 2026/
9:37 am

लंदन के सेंटर कोर्ट पर खेले गए विंबलडन के एक मुकाबले में 39 साल के नोवाक जोकोविच ने ग्रीस के...

मंदसौर में कल 4.30 घंटे बिजली कटौती:मेंटेनेंस के कारण कलेक्ट्रेट समेत कॉलोनियों में सप्लाई प्रभावित रहेगी

April 4, 2026/
10:41 pm

मंदसौर शहर के कई इलाकों में कल (रविवार) बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। विद्युत विभाग के सहायक यंत्री ने बताया कि...

मोदी ने यूपी के सबसे लंबे एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन किया:हरिद्वार से भी जुड़ेगा; PM बोले- बंगाल जैसी बंपर वोटिंग दशकों में नहीं देखी

April 29, 2026/
7:47 am

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को हरदोई से यूपी के सबसे लंबे गंगा एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन किया। जनसभा को संबोधित...

गुब्बारा रोटी: रोटी बनाने का सही तरीका जान लें, मेघना की रसोई के इन टिप्स से फूली जैसी रोटी बनाने का तरीका

March 12, 2026/
12:27 pm

12 मार्च 2026 को 12:27 IST पर अपडेट किया गया गुब्बारा रोटी: अक्सर लोगों को लगता है कि एकाएक में...

अमेरिका की पूर्व प्रथम महिला मिशेल ओबामा का लेख:मां होने का अर्थ बच्चों को मुश्किलों से बचाना नहीं, उनसे लड़ना सिखाना है

May 10, 2026/
1:30 pm

मैंने नहीं सोचा था कि मां बनना मुझे एक साथ सबसे मजबूत और सबसे संवेदनशील दोनों महसूस कराएगा। बेटियों के...

authorimg

March 12, 2026/
5:38 pm

होमताजा खबरDelhi क्या ILBS अस्पताल में अब सबको फ्री मिलेगा ल‍िवर का इलाज? हाईकोर्ट में PIL दायर Last Updated:March 12,...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

बाघों के लिए क्यों छोटा पड़ने लगा रणथंभौर टाइगर रिजर्व:9 साल में 9 की जान गई; एक-दूसरे के खून के प्यासे हुए बाघ-बाघिन

बाघों के लिए क्यों छोटा पड़ने लगा रणथंभौर टाइगर रिजर्व:9 साल में 9 की जान गई; एक-दूसरे के खून के प्यासे हुए बाघ-बाघिन

राजस्थान के रणथंभौर टाइगर रिजर्व में अब बाघों के लिए ‘घर’ छोटा पड़ने लगा है। अपनी सल्तनत (टेरिटरी) कायम करने की होड़ में बाघ एक-दूसरे के खून के प्यासे हो रहे हैं। आलम यह है कि पिछले 9 साल में आपसी भिड़ंत के कारण 9 बाघ अपनी जान गंवा चुके हैं। नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी (NTCA) ने भी इस बढ़ते संघर्ष पर चिंता जताई है। 1980 में नेशनल पार्क का दर्जा मिला
देश में टाइगर प्रोजेक्ट की शुरुआत साल 1973 में हुई थी। इसी साल रणथम्भौर राजस्थान का पहला टाइगर रिजर्व बना। साल 1980 में रणथम्भौर टाइगर रिजर्व को नेशनल पार्क का दर्जा मिला। क्षमता से ज्यादा बाघ, कुनबा बढ़ा तो सिमट गया इलाका
वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की 2015-16 की रिपोर्ट के मुताबिक, रणथंभौर का क्षेत्रफल और ग्रासलैंड अधिकतम 45 से 55 बाघों के लिए उपयुक्त है। वर्तमान में यहां 77 बाघ, बाघिन और शावक मौजूद हैं। संख्या बढ़ने से जंगल का कोना-कोना बाघों से भर गया है, जिससे अक्सर संघर्ष की घटनाएं हो रही हैं। टेरिटरी का गणित… 40 की जगह सिर्फ 22 किमी
NTCA की गाइडलाइन कहती है कि एक टाइगर को 40 से 50 वर्ग किमी का इलाका चाहिए। रणथंभौर में एक टाइगर के हिस्से महज 22 वर्ग किमी का इलाका आ रहा है। हर बाघ की टेरिटरी औसतन 18 से 28 किमी तक घट गई है। मां का साथ छोड़ते ही शुरू होती है मौत की रेस
वन्यजीव एक्सपट्‌र्स के अनुसार, शावक 2 साल की उम्र तक मां के साथ रहते हैं। इसके बाद शुरू होती है अपनी जमीन तलाशने की जद्दोजहद। इस दौरान युवा बाघ अक्सर बुजुर्ग बाघों पर हमला करते हैं। ताकतवर युवा बाघ पुरानी टेरिटरी पर कब्जा कर लेते हैं और बुजुर्ग बाघों को या तो जंगल छोड़कर बाहर भागना पड़ता है या वे इस खूनी संघर्ष में दम तोड़ देते हैं। डीएफओ बोले- क्षमता से अधिक हैं बाघ
रणथंभौर (डिविजन फर्स्ट) के डीएफओ मानस सिंह बताते हैं- रणथंभौर में वर्तमान में करीब 21 बाघ, 20 बाघिन और 16 से अधिक शावक हैं। रणथंभौर के दूसरे डिवीजन में भी 10 से अधिक बाघ-बाघिन और शावक हैं।
क्षमता से अधिक बाघ होने के कारण वे अब नए इलाकों की तलाश में जंगल की सीमाओं से बाहर निकल रहे हैं। जोन 1 से 5 में सबसे ज्यादा बाघ रहते हैं, जो आपसी टकराव का मुख्य केंद्र बना हुआ है। जब तक बाघों के सुरक्षित मूवमेंट के लिए कॉरिडोर या शिफ्टिंग पर ठोस काम नहीं होता, यह संघर्ष थमना मुश्किल है। ————– बाघों की मौत से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए… सरिस्का के जंगल में बाघ से भिड़ी बाघिन, मौत:5 साल की टाइग्रेस के शरीर पर मिले बड़े घाव सरिस्का के जंगल में टेरिटरी को लेकर बाघ-बाघिन में लड़ाई हो गई। इसमें बाघिन ST-28 की मौत हो गई। बाघिन का 24 घंटे पुराना शव ग्रामीणों ने देखा तो सूचना दी। (पढ़ें पूरी खबर) मगरमच्छ का शिकार करने वाली बाघिन की मौत, ‘एरोहेड’ को ब्रेन ट्यूमर था; बेटी ‘कनकटी’ को मुकंदरा शिफ्ट किया, 2 लोगों को मार चुकी सवाई माधोपुर के रणथंभौर नेशनल पार्क में बाघिन एरोहेड की मौत हो गई। उसे ब्रेन ट्यूमर था। पिछले दिनों एरोहेड(टी-84) ने तालाब में मगरमच्छ का शिकार किया था, जिसका वीडियो भी सामने अया था। (पढ़ें पूरी खबर)

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.