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उत्तराखंड में 984 फीट खाई में गिरी पिकअप,8 की मौत:हरिद्वार से अंतिम संस्कार करके लौट रहे थे, SDRF ने 2 लोगों का रेस्क्यू किया

उत्तराखंड में 984 फीट खाई में गिरी पिकअप,8 की मौत:हरिद्वार से अंतिम संस्कार करके लौट रहे थे, SDRF ने 2 लोगों का रेस्क्यू किया

टिहरी गढ़वाल में 10 लोगों से भरी पिकअप खाई में गिरी गई, जिसमें 8 लोगों की मौत हो गई है, इसकी पुष्टि टिहरी की डीएम नितिका खंडेलवाल ने की है। हादसे में जान गंवाने वाले सभी लोग हरिद्वार में एक परिजन के अंत्येष्टि कार्यक्रम में शामिल होकर लौट रहे थे। लौटते समय अचानक उनका वाहन बेकाबू हुआ और 984 फीट गहरी खाई में गिर गया। हादसे में दो लोग गंभीर रूप से घायल हैं। सूचना मिलते ही पुलिस, SDRF और फायर सर्विस की टीमें तुरंत मौके के लिए रवाना हुईं। दुर्गम इलाके के बावजूद राहत-बचाव कार्य तेजी से शुरू किया गया और घायलों को खाई से निकालकर जिला अस्पताल भेजा गया। सीएम धामी ने एक्स पर पोस्ट कर इस घटना को दुखद बताया है, उन्होंने लिखा- जिला प्रशासन को घायलों के उचित उपचार हेतु निर्देश दिए हैं। बाबा केदार से घायलों के स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं। हादसे से जुड़ी PHOTOS… शाम 4:15 बजे हुआ हादसा, अचानक बेकाबू हुआ वाहन हादसा आज शाम करीब 4:15 बजे हुआ है, जब पिकअप वाहन चंबा-कोटी सड़क पर नैल के पास पहुंचा। इसी दौरान वाहन (UK09 TA1799) अचानक अनियंत्रित हो गया और देखते ही देखते गहरी खाई में जा गिरा। घायल हुए दो लोगों की पहचान अंकित(35) और उत्तम कुमार (30) के रूप में हुई है। उन्हें गंभीर हालत में खाई से निकालकर जिला अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। मृतकों की अभी पहचान नहीं हो सकी है। SDM बोले- सभी आसपास के गांव के रहने वाले उपजिलाधिकारी अलकेश नौटियाल ने बताया कि ये सभी लोग सुबह करीब 6 बजे घर से निकले थे। वाहन में ड्राइवर सहित कुल 11 लोग सवार थे। हरिद्वार से वापसी के दौरान करीब 3 बजे इन लोगों ने रास्ते में खाना खाया। इसके बाद नैल गांव के पास अचानक वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया। उन्होंने बताया कि सभी लोग घनसाली क्षेत्र के महल जामी पट्टी और आसपास के गांवों के रहने वाले हैं। एक घायल के हाथ में फ्रैक्चर है, जबकि दूसरा घायल अभी उपचाराधीन है। मृतकों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है और प्रशासन की टीम मौके पर मौजूद हैं। ——————– ये खबर भी पढ़ें… नैनीताल में बस ओवरटेक करते समय युवक की मौत:ड्यूटी से घर लौट रहा था एकलौता बेटा, अस्पताल पहुंचते ही मां बेसुध ​नैनीताल में बस को ओवरटेक करने की कोशिश में बाइक सवार युवक की मौत हो गई। हादसा आज सुबह कालाढूंगी क्षेत्र में हुआ। युवक रामनगर से हल्द्वानी की ओर जा रहा था। हादसा इतना भिषण था कि युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। (पढ़ें पूरी खबर)

Opinion: ब्रिटेन में 2008 के बाद जन्मे लोगों पर लाइफटाइम टोबैको बैन, पर क्या भारत दिखा पाएगा हिम्मत

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Last Updated:April 23, 2026, 16:01 IST Smoke-Free Generation: ब्रिटेन की संसद ने ऐतिहासिक बिल पास करते हुए 2008 के बाद पैदा लिए लोगों पर लाइफटाइम स्मोकिंग बैन कर दिया है. यानी वर्तमान में जो लोग 18 साल के हो चुके हैं और इस उम्र से कम के हैं वे अब कभी भी ब्रिटेन में तंबाकू या तंबाकू जनित चीजों का सेवन नहीं कर सकते हैं. एक तरह से ब्रिटेन स्मोक फ्री जेनरेशन बनना चाहता है. भारत की स्थिति इस मामले में बेहद खराब है. यहां हर साल 13.5 लाख मौतें तंबाकू के कारण हो जाती है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या भारत में इतनी हिम्मत है. ब्रिटेन में 2008 के बाद पैदा लेने वाले लोगों के लिए लाइफटाइम तंबाकू बैन हो गया है. कैसी अजीब बिडंबना है पहले हम जहर बेचकर सौ रुपये कमाते हैं और फिर इसके इलाज पर 816 रुपये खर्च कर देते हैं. तंबाकू की जानलेवा आदत पर हमारे देश की यही स्थिति है. हम तंबाकू पर सिर्फ चेतावनी डाल देते हैं कि इससे कैंसर होता है. दूसरी तरफ इससे पैसा कमाने के लिए हम इस जहर को बेचना बदस्तूर जारी रखते हैं. लाखों जिंदगियां इस धुएं की राख में तबाह हो जाती है. पर इसका हमें कोई गम नहीं. दुनिया भर में यह खेल चल रहा है. युवा वर्ग सिगरेट के छल्ले को निकालने में अपनी शानो-शौकत समझते हैं. और इसमें उनकी जिंदगी तबाह हो रही है. इन सुलगते सवालों के बीच ब्रिटेन ने ऐसा फैसला लिया है जो इतिहास के स्वर्णाक्षरों में अंकित हो जाएगा. ब्रिटेन में 2008 के बाद पैदा लेने वाले सभी लोगों को पूरी जिंदगी तंबाकू या तंबाकू जनित प्रोडक्ट को हाथ भी नहीं लगाने दिया जाएगा. यह पूरी तरह से बैन होगा. यानी ब्रिटेन अगली पीढ़ी को स्मोक जेनरेशन की ओर ले जाने का पुख्ता बंदोवस्त कर लिया है. इससे पहले न्यूजीलैंड मालद्वीव जैसे देशों ने अपने यहां आने वाली पीढ़ियों के लिए स्मोकिंग बैन कर दिया है. पर सबसे बड़ा सवाल यह है कि तंबाकू से सबसे ज्यादा चोट खाने वाले भारत में क्या ऐसा हो सकता है. क्या भारत में इतना दम है. हर साल 13 लाख लोगों की मौत डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट को मानें तो भारत में हर साल 13.5 लाख लोगों की मौत तंबाकू के कारण होती है. तंबाकू से भारत में कई प्रोडक्ट बनते हैं. सिगरेट, वेपिंग तो स्मोकिंग प्रोडक्ट है लेकिन भारत के कोने-कोने में गुटखा पाया जाता है. गुटखा में तंबाकू डालने पर बैन है लेकिन तंबाकू को बेचने पर कोई बैन नहीं है. इसलिए कंपनियां बिना तंबाकू वाले गुटखा को अलग बेचते हैं और तंबाकू को अलग से बेचते हैं. लोग दोनों पाउच एक साथ खरीदते हैं और दोनों को मिलाकर चबाने लगते हैं. यह किलर कॉम्बिनेशन है. इतना ही भारत में कॉरपोरेट कल्चर में सिगरेट पीने की लत सी लग गई है. लड़कियां भी इसमें बहुत आगे रहती हैं. सबको पता है कि सिगरेट कैंसर, सीओपीडी, अस्थमा, लिवर डिजीज, किडनी डिजीज का कारण है, इसके बावजूद तंबाकू जनित प्रोडक्ट की बाढ़ गई है. अब इसे कई रूपों में बेचा जाता है. चिंता की बात यह है कि भारत में तंबाकू सेवन करने वाले लोगों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है. भारत में 15 साल से उपर 26.7 करोड़ लोगों को तंबाकू के सेवन की आदत है. इसका मतलब यह हुआ कि 30 फीसदी वयस्क जनसंख्या तंबाकू की चपेट में है. ऐसा खेल क्यों खेला जा रहा यह तंबाकू भारत की सेहत में घुन की तरह खा रहा है. जो लोग भी तंबाकू का सेवन करते हैं, 35 साल के बाद इनमें से अधिकांश को कुछ न कुछ बीमारी हो ही जाती है. तंबाकू के कारण होने वाली बीमारियों और इससे होने वाली मौतों के कारण हर साल भारत की अर्थव्यवस्था 2000 करोड़ से ज्यादा का नुकसान उठाना पड़ता है. अनुमान के मुताबिक अगर सरकार को तंबाकू पर टैक्स से 100 रुपये की आमदनी होती है तो इससे अर्थव्यवस्था को 816 रुपये का नुकसान उठाना पड़ता है. हर चीज की तरह इसमें भी गरीब आदमी को ज्यादा नुकसान उठाना पड़ता है. इन लोगों को जब तंबाकू के कारण बीमारी होती है तो ये समझ नहीं पाते हैं कि इसकी वजह तंबाकू है. नतीजतन इन्हें सबसे ज्यादा मार झेलने होती है. ऐसे में सवाल उठता है कि ये कौन सी समझदारी है. सरकार को इस तंबाकू पर टैक्स से जितनी आमदनी होती है उससे कहीं ज्यादा वह इसके खिलाफ जागरुकता फैलाने के लिए प्रचार-प्रसार पर खर्च कर देती है. फिर ऐसा खेल क्यों खेला जाता है. यह एक तरह का कुचक्र है जिसमें सरकार रत्ती भर पैसे के लिए फंसती जा रही है. क्या सिगरेट से मिलने वाला टैक्स उन लाखों करोड़ों रुपयों की भरपाई कर सकता है जो भारत सरकार कैंसर के इलाज और मैनपावर लॉस पर खर्च करती है? हमें तत्काल कानून की जरूरत ब्रिटेन में पास हुआ कानून हमारे लिए सबसे बड़ी सबक है. हमारे देश में युवाओं की बहुत बड़ी आबादी ऐसी है जो सिर्फ स्टेट्स सिंबल के लिए सिगरेट की कश में अपनी जिंदगी को बर्बाद कर लेते हैं. टीनएज लड़कियां जिस तरह से स्मोकिंग की ओर आक्रामकता से बढ़ रही है वह और भी चिंताजनक है. कोई देश तभी आगे बढ़ सकता है जब उसके नागरिकों की सेहत दुरुस्त हो. लेकिन हमारे देश में 30 के बाद से ही लोगों को हार्ट डिजीज, मोटापा, डायबिटीज और लिवर की गंभीर बीमारी होने लगी है. ये सारे संकेत इस चिंता को और बढ़ा देती है कि हमें तत्काल ऐसी नीति की जरूरत है जिसमें तंबाकू पूरी तरह से प्रतिबंधित हो. दुनिया के विकसित देश अब स्मोक-फ्री जेनरेशन के मॉडल पर काम कर रहे हैं.भारत जैसे घनी आबादी वाले देश के लिए यह एक उदाहरण है. जिस तरह की मुसीबतें हम झेल रहे हैं, उसमें हमें ऐसे कानून की सख्त आवश्यकता है. About the Author Lakshmi Narayan 18 साल से ज्यादा के लंबे करियर में लक्ष्मी नारायण ने डीडी न्यूज, आउटलुक, नई दुनिया, दैनिक जागरण, हिन्दुस्तान जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। समसामयिक विषयों के विभिन्न मुद्दों, राजनीति, समाज, …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की

नरसिंहपुर में पोषण पखवाड़ा के तहत जागरूकता कार्यक्रम:रेलवे अस्पताल और स्टेशन परिसर में लगा स्वास्थ्य शिविर

नरसिंहपुर में पोषण पखवाड़ा के तहत जागरूकता कार्यक्रम:रेलवे अस्पताल और स्टेशन परिसर में लगा स्वास्थ्य शिविर

नरसिंहपुर जिले में गुरुवार को पोषण पखवाड़ा के अंतर्गत रेलवे अस्पताल और रेलवे स्टेशन परिसर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान रेलवे चिकित्सक डॉ. आरआर कुर्रे और उनकी टीम ने लोगों को संतुलित आहार, स्वास्थ्य देखभाल तथा पोषण के महत्व के प्रति जागरूक किया। कई स्थानों पर स्वास्थ्य शिविर लगाकर कुपोषित बच्चों की पहचान की गई। इन बच्चों को पोषण आहार और आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई गईं। इसके अतिरिक्त, गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाकर उन्हें उचित आहार और देखभाल संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। डॉ. कुर्रे ने बताया कि शरीर के लिए कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा, विटामिन, खनिज और जल जैसे पोषक तत्व अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्बोहाइड्रेट ऊर्जा प्रदान करता है, प्रोटीन शरीर के निर्माण में सहायक होता है, वसा ऊर्जा का स्रोत है, जबकि विटामिन और खनिज रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करते हैं। पोषण पखवाड़ा का मुख्य विषय जीवन के पहले छह वर्षों में बच्चों के मस्तिष्क विकास को अधिकतम करना था। अभियान के तहत इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि शुरुआती 1000 दिन बच्चे के मस्तिष्क, शारीरिक विकास और संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। वैज्ञानिक तथ्यों के अनुसार, मानव मस्तिष्क का लगभग 85 प्रतिशत विकास पहले छह वर्षों में ही पूरा हो जाता है। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से भी विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। डॉ. कुर्रे ने इस अवसर पर कहा कि ऐसे अभियान सभी के सहयोग से ही सफल हो सकते हैं। उन्होंने टीम वर्क के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि लोगों को जागरूक करने से जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ रह सकेंगे, जिससे एक स्वस्थ समाज और देश का निर्माण संभव होगा।

छतरपुर में ब्रेक लगते ही गिरे बाराती, ड्राइवर की पिटाई:वीडियो में मारपीट कैद, हादसे को लापरवाही मानकर भीड़ ने चालक को पीटा

छतरपुर में ब्रेक लगते ही गिरे बाराती, ड्राइवर की पिटाई:वीडियो में मारपीट कैद, हादसे को लापरवाही मानकर भीड़ ने चालक को पीटा

छतरपुर जिले के किशनगढ़ थाना क्षेत्र में गुरुवार को पिकअप वाहन ड्राइवर के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। घटना का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ लोग ड्राइवर के साथ मारपीट करते दिख रहे हैं। यह घटना देवरा और किशनगढ़ के बीच रायपुरा जंगल की घाटी में हुई। जानकारी के अनुसार, पिकअप वाहन एक बारात से लौट रहा था। वाहन के अंदर कुछ बाराती बैठे थे, जबकि कई लोग छत पर सवार थे। रास्ते में अचानक मिट्टी का ढेर आ जाने के कारण ड्राइवर ने वाहन को नियंत्रित करने के लिए अचानक ब्रेक लगाए। ब्रेक लगते ही छत पर बैठे दो बाराती संतुलन खोकर नीचे गिर गए। दोनों बारातियों के गिरने के बाद, वहां मौजूद अन्य लोगों ने इसे ड्राइवर की लापरवाही माना। इसके बाद गुस्साए बारातियों ने ड्राइवर को गाड़ी से नीचे उतारा और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। इसी दौरान किसी ने घटना का वीडियो बना लिया, जो अब सामने आया है। ड्राइवर को भर्ती कराया मारपीट में ड्राइवर को गंभीर चोटें आई हैं। बताया जा रहा है कि उसके पैर में गहरी चोट लगी है। घायल चालक को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका उपचार जारी है। किशनगढ़ थाना प्रभारी कमलजीत मवई ने बताया कि यह मामला संज्ञान में आया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, अचानक ब्रेक लगाने से दो लोग गिर गए थे, जिसके बाद ड्राइवर के साथ मारपीट की गई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और वायरल वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

‘हताशा में कार्रवाई’: कुमारगंज में मतदान के बीच भाजपा के सुभेंदु सरकार का पीछा किया गया, पिटाई की गई | वीडियो | राजनीति समाचार

JAC 10th Result 2026 LIVE: Jharkhand Board Matric Students can check results at jacresults.com.

आखरी अपडेट:23 अप्रैल, 2026, 15:25 IST सरकार के अलावा, टीएमसी के मौजूदा विधायक तोराफ हुसैन मंडल, सीपीआई (एम) के मोफज्जल हुसैन और कांग्रेस के गुलाम मार्तुजा मंडल भी कुमारगंज से मैदान में हैं। कुमारगंज से भाजपा उम्मीदवार सुभेंदु सरकार ने आरोप लगाया कि उन पर टीएमसी कार्यकर्ताओं ने हमला किया (छवि क्रेडिट: एक्स/@अमित_ठाकुर_बीजेपी) पश्चिम बंगाल में पहले चरण के मतदान के बीच, भाजपा नेता सुभेंदु सरकार ने दावा किया कि बूथ जाम करने का विरोध करने पर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) कार्यकर्ताओं ने उन पर हमला किया। कुमारगंज से भाजपा उम्मीदवार सरकार ने कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र में हुई घटना के दौरान वह घायल हो गए और उनकी कार में तोड़फोड़ की गई। पत्रकारों से बात करते हुए, भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि कई मतदान केंद्रों पर तैनात एजेंटों को “जबरन हटा दिया गया”। #घड़ी | कुमारगंज, पश्चिम बंगाल: कुमारगंज से भाजपा उम्मीदवार सुभेंदु सरकार कहते हैं, “कुमारगंज विधानसभा क्षेत्र में, 8-10 मतदान केंद्रों पर हमारे मतदान एजेंटों को जबरन हटा दिया गया। मैंने व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप किया और सुनिश्चित किया कि उन्हें वापस अंदर जाने दिया जाए। जब ​​मैंने दौरा किया… pic.twitter.com/6CfusME1Kg– एएनआई (@ANI) 23 अप्रैल 2026 “मैंने व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप किया और सुनिश्चित किया कि उन्हें वापस अंदर जाने दिया जाए। जब ​​मैं जमीनी स्थिति का निरीक्षण करने के लिए बूथ नंबर 24 पर गया, तो उन्होंने मेरी पूरी टीम और मुझ पर हमला कर दिया; वे स्पष्ट रूप से डराने-धमकाने और डर का माहौल बनाने पर आमादा थे…”, उन्होंने कहा, जैसा कि समाचार एजेंसी ने उद्धृत किया है एएनआई. ऑनलाइन प्रसारित एक वीडियो में दिखाया गया कि सरकार का पीछा किया जा रहा है और उस पर हमला किया जा रहा है क्योंकि सुरक्षाकर्मी नेता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए घटनास्थल पर पहुंचे थे। दक्षिण दिनाजपुर के कुमारगंज से बीजेपी उम्मीदवार शुभेंदु सरकार पर स्थानीय लोगों ने हमला कर दिया. जब भाजपा नेता अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए घटनास्थल से भाग रहे थे तो एक सुरक्षाकर्मी को उनकी सुरक्षा करते देखा जा सकता है। pic.twitter.com/sKMuxemzjN– पीयूष राय (@Benarasiyaa) 23 अप्रैल 2026 विधानसभा चुनाव 2026 वोटिंग लाइव ‘डर, हताशा से काम कर रहे’ सुभेंदु सरकार ने दावा किया कि टीएमसी ने उन पर और उनकी टीम पर “बेहद हताशा और डर” के कारण हमला किया। उन्होंने कहा, “ममता बनर्जी चुनाव हार गई हैं और तृणमूल कांग्रेस इस क्षेत्र की सभी चार सीटें हार रही है। बेहद हताशा और डर के कारण उन्होंने हम पर हमला किया।” एएनआई. सरकार के अलावा, टीएमसी के मौजूदा विधायक तोराफ हुसैन मंडल, सीपीआई (एम) के मोफज्जल हुसैन और कांग्रेस के गुलाम मरतुजा मंडल भी कुमारगंज विधानसभा क्षेत्र से मैदान में हैं। 2021 के विधानसभा चुनावों में, टीएमसी के मंडल ने 89,763 वोट हासिल किए और बीजेपी के मानस सरकार को 29,367 वोटों के अंतर से हराया। पश्चिम बंगाल में पहले चरण का मतदान जारी है, राज्य में दोपहर एक बजे तक 62.18 प्रतिशत मतदान हुआ। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 23 अप्रैल, 2026, 15:12 IST समाचार राजनीति ‘हताशा में कार्रवाई’: कुमारगंज में मतदान के बीच भाजपा के सुभेंदु सरकार का पीछा किया गया, पिटाई की गई | वीडियो अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल में मतदान हिंसा(टी)शुभेंदु सरकार पर हमला(टी)कुमारगंज विधानसभा क्षेत्र(टी)टीएमसी बनाम बीजेपी झड़प(टी)बूथ जाम करने के आरोप(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)मतदान एजेंटों को हटाया गया(टी)ममता बनर्जी की आलोचना

जातिवाद पर छलका 'पंचायत' एक्टर का दर्द:विनोद सूर्यवंशी ने कहा- आज भी मंदिर में नहीं मिलती एंट्री; होटल में धोनी पड़ी थीं अपनी प्लेटें

जातिवाद पर छलका 'पंचायत' एक्टर का दर्द:विनोद सूर्यवंशी ने कहा- आज भी मंदिर में नहीं मिलती एंट्री; होटल में धोनी पड़ी थीं अपनी प्लेटें

वेब सीरीज पंचायत में सचिव जी के किरदार से चर्चा में आए विनोद सूर्यवंशी ने हाल ही में बताया कि उनके कर्नाटक स्थित गांव में आज भी उन्हें एक मंदिर में प्रवेश नहीं मिलता है। विनोद सूर्यवंशी ने सिद्धार्थ कनन के साथ बातचीत में कहा कि उनके गांव में आज भी जातिगत आधार पर भेदभाव होता है। उन्होंने बताया कि गांव दो हिस्सों में बंटा हुआ है, जहां एक तरफ उच्च जाति के लोग रहते हैं और दूसरी तरफ दलित जाति के लोग। विनोद ने बताया कि आज भी एक ऐसा मंदिर है जहां हमें जाने (दलित समुदाय) की अनुमति नहीं है। हम मंदिर के अंदर नहीं जा सकते। हमें बाहर ही तेल देना पड़ता है, नारियल चढ़ाना पड़ता है और फिर पुजारी अंदर जाकर चढ़ाते हैं। उन्होंने बताया कि मैं कुछ समय पहले मंदिर में अपने बच्चे का मुंडन कराने के लिए गया था। सोचा था कि अब कुछ चीजें बदल गई होंगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। आज भी वही चीजें अनुमति नहीं हैं। बचपन में होटल में खुद प्लेटें धोनी पड़ीं विनोद सूर्यवंशी ने अपने बचपन का अनुभव शेयर करते हुए बताया कि 7-8 साल की उम्र में जब वह अपने पिता के साथ गांव गए थे, तो होटल में खाना खाने के बाद उन्हें अपनी प्लेटें खुद धोनी पड़ीं, जबकि उन्होंने पूरा बिल चुकाया था। विनोद ने यह भी कहा कि आर्थिक तंगी के कारण उनके परिवार के लिए त्योहार खुशी नहीं, बल्कि दुख का कारण होते थे। उन्होंने बताया कि कई बार उन्होंने अपने माता-पिता को त्योहारों के दौरान रोते देखा। एक्टर ने यह भी दावा किया कि उन्हें इंडस्ट्री में भी भेदभाव का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि डार्क कॉम्प्लेक्शन की वजह से कई बार उन्हें रिजेक्ट किया गया और एक बार सिलेक्ट होने के बाद भी हटा दिया गया।

19 साल के जोडर की रैंकिंग में टॉप-50 में एंट्री:राफेल जोडर कमाचो टेनिस की नई सनसनी; स्पेनिश दिग्गज नडाल जैसा नाम होने से तुलना

19 साल के जोडर की रैंकिंग में टॉप-50 में एंट्री:राफेल जोडर कमाचो टेनिस की नई सनसनी; स्पेनिश दिग्गज नडाल जैसा नाम होने से तुलना

स्पेनिश टेनिस की दुनिया में वर्तमान में कार्लोस अल्कारेज का दबदबा है, लेकिन अब 19 वर्षीय राफेल जोडर कमाचो एक नई सनसनी बनकर उभरे हैं। स्पेनिश होने और ‘राफेल’ नाम होने के कारण उनकी तुलना दिग्गज राफेल नडाल से होना स्वाभाविक है, लेकिन जोडर ने बड़ी सादगी से इस समानता को स्पष्ट किया है। जोडर ने बताया, ‘नडाल मेरे आदर्श हैं, लेकिन मेरा नाम उनके नाम पर नहीं रखा गया है। मेरे पिता, दादा और परदादा, तीनों का नाम राफेल था।’ यह नाम उनकी पारिवारिक परंपरा का हिस्सा है, लेकिन कोर्ट पर उनके प्रदर्शन ने नडाल जैसे सुनहरे भविष्य की उम्मीदें जगा दी हैं। राफेल जोडर की यात्रा किसी चमत्कार से कम नहीं है। एक साल पहले जोडर रैंकिंग में शीर्ष 600 से भी बाहर थे। मार्च 2024 में उन्होंने पहली बार शीर्ष-100 में प्रवेश किया। अब वे सीधे 42वें नंबर पर पहुंच गए हैं। मैड्रिड ओपन में डेब्यू से ठीक पहले शीर्ष-50 में जगह बनाना उनकी कड़ी मेहनत का प्रमाण है। इस महीने मोरक्को में अपना पहला टूर-लेवल खिताब जीतने के बाद, उन्होंने बार्सिलोना ओपन के सेमीफाइनल तक का सफर तय किया, जहां उन्होंने अनुभवी खिलाड़ियों को धूल चटाई। जोडर सितंबर 2006 में जन्मे, तब तक नडाल दो ग्रैंड स्लैम जीते चुके थे। जोडर के लिए सबसे यादगार पल पिछले साल दिसंबर में आया, जब जेद्दा में उनकी मुलाकात राफेल नडाल से हुई। जोडर ने बताया, ‘नडाल ने मुझे यूएस ओपन जूनियर जीतने पर बधाई दी। यह जानकर बहुत अच्छा लगा कि वे स्पेनिश युवाओं की प्रगति पर नजर रखते हैं। वे न केवल टेनिस, बल्कि स्पेनिश खेलों के इतिहास के सबसे महान एथलीट हैं।’ जोडर कहते हैं, ‘मेरा लक्ष्य कोई खास रैंकिंग नहीं, बल्कि हर टूर्नामेंट में बेहतर प्रदर्शन करना है। यह मेरा पहला साल है और मैं अभी बहुत कुछ सीख रहा हूं।’ स्पेनिश टेनिस को अब एक ऐसा ‘राफा’ मिल गया है, जो अपनी खुद की पहचान बनाने के लिए तैयार है। फुटबॉल का मैदान छोड़, टेनिस कोर्ट को चुना मैड्रिड के एक शिक्षक परिवार में जन्मे जोडर ने महज चार साल की उम्र में रैकेट थाम लिया था। शुरुआत में वे फुटबॉल के भी शौकीन थे, लेकिन 12 साल की उम्र में उन्होंने एक कठिन फैसला लिया और फुटबॉल छोड़कर पूरी तरह टेनिस को अपना लिया। बचपन में वह मैड्रिड मास्टर्स के मैचों को दर्शक दीर्घा में बैठकर देखा करते थे। उन्हें आज भी 2013 में जोकोविच और दिमित्रोव के बीच हुआ वह ऐतिहासिक मुकाबला याद है, जिसने उन्हें पेशेवर खिलाड़ी बनने के लिए प्रेरित किया।

मंदसौर में 18 दिन कम उम्र पर बाल विवाह रुकवाया:17 साल 11 माह के दूल्हे की शादी टली, टीम ने समझाइश देकर ऑब्जर्वेशन होम भेजा

मंदसौर में 18 दिन कम उम्र पर बाल विवाह रुकवाया:17 साल 11 माह के दूल्हे की शादी टली, टीम ने समझाइश देकर ऑब्जर्वेशन होम भेजा

मंदसौर जिले के ग्राम अरनिया मीणा में गुरुवार को बाल विवाह की सूचना मिलने पर प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई की। इस दौरान एक नाबालिग बालक का विवाह रुकवा दिया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रभारी अधिकारी ने बताया कि सूचना मिलते ही विभागीय टीम और संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच की। जांच में पाया गया कि बालक की आयु लगभग 17 वर्ष 11 माह 28 दिन है, जो कानूनी रूप से निर्धारित विवाह आयु से कम है। अधिकारियों ने मौके पर विवाह की तैयारियों में जुटे बालक के परिजनों को बाल विवाह के कानूनी प्रावधानों और इसके दुष्परिणामों के बारे में समझाया। इसके बाद विवाह की प्रक्रिया को स्थगित कर दिया गया। इस कार्रवाई में महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस प्रशासन, पैरालीगल वॉलंटियर्स और वन स्टॉप सेंटर (OSC) के कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्रवाई के तहत बालक को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। उसे अस्थायी रूप से ऑब्जर्वेशन होम (OSC) में रखा गया है। अधिकारियों ने बालक और उसके माता-पिता को बाल विवाह के दुष्परिणामों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि यह एक दंडनीय अपराध है, जिसमें शामिल व्यक्तियों को दो वर्ष तक का कारावास या एक लाख रुपए तक का जुर्माना अथवा दोनों से दंडित किया जा सकता है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि विवाह के लिए बालिका की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और बालक की 21 वर्ष होना अनिवार्य है। प्रशासन ने आमजन से बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को समाप्त करने में सहयोग की अपील की है, ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके।

फिल्म 'राका' में कम नहीं होगा दीपिका का रोल:मेकर्स ने रिप्लेसमेंट-रोल छोटा करने की खबरों को बताया गलत; प्रेग्नेंसी में शूटिंग जारी रखेंगी

फिल्म 'राका' में कम नहीं होगा दीपिका का रोल:मेकर्स ने रिप्लेसमेंट-रोल छोटा करने की खबरों को बताया गलत; प्रेग्नेंसी में शूटिंग जारी रखेंगी

बॉलीवुड एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण ने हाल ही में अपनी दूसरी प्रेग्नेंसी का ऐलान किया है। इस खबर के सामने आने के बाद से ही उनकी अपकमिंग फिल्म ‘राका’ को लेकर तरह-तरह के दावे किए जा रहे थे। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा था कि प्रेग्नेंसी की वजह से फिल्म में दीपिका का रोल छोटा किया जा सकता है या उन्हें रिप्लेस किया जा सकता है। अब फिल्म की टीम ने इन सभी खबरों को पूरी तरह गलत बताते हुए स्थिति साफ कर दी है। रिप्लेसमेंट की खबरें बेबुनियाद फिल्म ‘राका’ की टीम ने एक बयान जारी कर कहा है कि दीपिका को रिप्लेस करने या उनका रोल छोटा करने की खबरें पूरी तरह बेबुनियाद हैं। टीम के मुताबिक, “सब कुछ तय प्लान के हिसाब से चल रहा है। दीपिका पादुकोण फिल्म ‘राका’ का एक बेहद अहम हिस्सा हैं और सेट पर पूरी एनर्जी के साथ शूटिंग चल रही है।” मेकर्स ने साफ किया है कि फिल्म की स्क्रिप्ट में प्रेग्नेंसी की वजह से कोई बदलाव नहीं किया जा रहा है। प्रेग्नेंसी के दौरान करेंगी एक्शन सीन्स इंडस्ट्री के सूत्रों के मुताबिक, दीपिका अपनी प्रेग्नेंसी के दौरान भी डायरेक्टर एटली की इस फिल्म की शूटिंग जारी रखेंगी। फिल्म में उनके कुछ इंटेंस एक्शन सीक्वेंस भी हैं, जिन्हें वे सावधानी के साथ पूरा करेंगी। बताया जा रहा है कि दीपिका और मेकर्स ने सुरक्षा के सभी जरूरी इंतजाम किए हैं। 2027 में रिलीज होगी फिल्म फिल्म ‘राका’ का निर्देशन मशहूर डायरेक्टर एटली कर रहे हैं और इसे सन पिक्चर्स के बैनर तले बनाया जा रहा है। फिल्म में साउथ सुपरस्टार अल्लू अर्जुन लीड रोल में नजर आएंगे। हाल ही में अल्लू अर्जुन के 44वें जन्मदिन पर मेकर्स ने उनका फर्स्ट लुक रिवील किया था, जिसमें वे बिना बालों (गंजा लुक) के काफी रफ और टफ अवतार में दिखे थे। यह फिल्म साल 2027 में बड़े पर्दे पर दस्तक देगी। दूसरी बार पेरेंट्स बनने वाले हैं दीपिका-रणवीर दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह ने एक जॉइंट इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए फैंस को अपनी दूसरी प्रेग्नेंसी की जानकारी दी थी। दीपिका और रणवीर सिंह ने साल 2018 में इटली के लेक कोमो में शादी की थी। शादी के करीब 6 साल बाद सितंबर 2024 में उन्होंने अपनी पहली बेटी ‘दुआ’ का स्वागत किया था।

7 छक्के मारने वाले मुकुल चौधरी ने कहा- मैं वेजिटेरियन:पंत ने बच्चे को बैट गिफ्ट किया, लखनऊ में ऑस्ट्रेलियाई मिशेल मार्श बोले- कैसे हो

7 छक्के मारने वाले मुकुल चौधरी ने कहा- मैं वेजिटेरियन:पंत ने बच्चे को बैट गिफ्ट किया, लखनऊ में ऑस्ट्रेलियाई मिशेल मार्श बोले- कैसे हो

लखनऊ सुपर जायंट्स के बैटर मुकुल चौधरी ने लखनऊ में बताया है कि वह वेजिटेरियन हैं। मुकुल चौधरी ने हाल ही में कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ 7 छक्के मारकर अपनी टीम को जिताया था। उन्होंने यह बात गुरुवार को होटल द ताज में LSG के लिए एक कार्यक्रम में बताई। कार्यक्रम में LSG के सभी खिलाड़ियों से लखनऊ में आने के बाद क्या सीखा या क्या देखा, इस पर एक्सपीरियंस पूछा गया। इस दौरान मुकुल चौधरी से पूछा गया कि आपने कबाब खाया या नहीं? मुकुल ने कहा- मैं वेजिटेरियन हूं, कबाब नहीं खाया। इस पर उन्हें बताया गया कि कबाब वेजिटेरियन भी मिलता है। तब मुकुल ने कहा कि वह कबाब जरूर चखेंगे। होस्ट के सवाल पर ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर मिशेल मार्श ने हाथ हिलाकर देसी अंदाज में पूछा- कैसे हो? मिशेल मार्श को हिंदी में बोलते सुनकर वहां मौजूद सभी खिलाड़ी हंस पड़े। कार्यक्रम के दौरान पंत ने एक बच्चे को कान में टिप्स देकर उसे ऑटोग्राफ वाला बैट गिफ्ट किया। 3 तस्वीरें देखिए- मुकुल बोले- यहां फैमिली की तरह ट्रीट मिली मुकुल चौधरी ने टीम के सवाल पर कहा कि जब मैं पहली बार आया तो लगा कुछ अलग होगा, लेकिन बतौर फैमिली की तरह यहां पर ट्रीट किया गया है। यह अच्छा है। अर्जुन तेंदुलकर ने कहा कि हमें अपना कैरेक्टर बनाने की जरूरत होती है। हम हर विपरीत परिस्थिति के लिए तैयार रहें। टीम पर कहा कि हमें प्रैक्टिस के लिए जो भी जरूरत होती है। वह टीम की तरफ से पूरा किया जाता है। खिलाड़ियों ने गिफ्ट किया बैट कार्यक्रम में क्विज भी कराई गई। इसमें जवाब देने वाले लोगों को गिफ्ट दिया गया। ऋषभ पंत, मुकुल चौधरी, मिशेल मार्श और अर्जुन तेंदुलकर ने मौके पर लोगों को ऑटोग्राफ वाले बैट देकर सम्मानित किया। इस बीच म्यूजिक की धुन पर ऋषभ पंत और मिशेल मार्श गुनगुना कर हल्के डांस के स्टेप्स करते नजर आए। इस बीच ऋषभ पंत ब्लैक गॉगल्स लगाकर कार्यक्रम में पहुंचे हुए थे। मौके पर फैंस ने खिलाड़ियों को चीयर अप भी किया है। मिशेल मार्श, ऋषभ पंत सहित अन्य खिलाड़ियों ने मौके पर कई फैंस को ऑटो ग्राफ भी दिया है। ‘मैंने पंत को बताया- आपकी तरह विकेटकीपर हूं’ ऋषभ पंत से बैट पाने वाले सोमिल तिवारी ने दैनिक भास्कर को बताया- ऋषभ पंत ने बात की। उन्होंने पूछा आप क्या करते हो। इसपर मैंने कहा- क्रिकेट खेलते हैं। आपकी तरह ही बल्लेबाज और विकेटकीपर हूं। इसप र ऋषभ ने कहा- कीप इट अप। यह मेरे लिए अच्छा रहा है। उन्होंने साइन किया हुआ बैट दिया है। ———————— ये खबर भी पढ़िए- राजस्थान ने लखनऊ को 40 रन से हराया : मिशेल मार्श की फिफ्टी नहीं आई काम, फैन बोले- LSG की हार से टूट गए हैं राजस्थान रॉयल्स ने IPL 2026 में पांचवीं जीत दर्ज करते हुए लखनऊ सुपर जाएंट्स को 40 रन से हरा दिया। इकाना स्टेडियम में राजस्थान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 6 विकेट पर 159 रन बनाए। (पूरी खबर पढ़िए)