Wednesday, 21 Oct 2026 | 06:05 PM

Trending :

19 साल के जोडर की रैंकिंग में टॉप-50 में एंट्री:राफेल जोडर कमाचो टेनिस की नई सनसनी; स्पेनिश दिग्गज नडाल जैसा नाम होने से तुलना

19 साल के जोडर की रैंकिंग में टॉप-50 में एंट्री:राफेल जोडर कमाचो टेनिस की नई सनसनी; स्पेनिश दिग्गज नडाल जैसा नाम होने से तुलना

स्पेनिश टेनिस की दुनिया में वर्तमान में कार्लोस अल्कारेज का दबदबा है, लेकिन अब 19 वर्षीय राफेल जोडर कमाचो एक नई सनसनी बनकर उभरे हैं। स्पेनिश होने और ‘राफेल’ नाम होने के कारण उनकी तुलना दिग्गज राफेल नडाल से होना स्वाभाविक है, लेकिन जोडर ने बड़ी सादगी से इस समानता को स्पष्ट किया है। जोडर ने बताया, ‘नडाल मेरे आदर्श हैं, लेकिन मेरा नाम उनके नाम पर नहीं रखा गया है। मेरे पिता, दादा और परदादा, तीनों का नाम राफेल था।’ यह नाम उनकी पारिवारिक परंपरा का हिस्सा है, लेकिन कोर्ट पर उनके प्रदर्शन ने नडाल जैसे सुनहरे भविष्य की उम्मीदें जगा दी हैं। राफेल जोडर की यात्रा किसी चमत्कार से कम नहीं है। एक साल पहले जोडर रैंकिंग में शीर्ष 600 से भी बाहर थे। मार्च 2024 में उन्होंने पहली बार शीर्ष-100 में प्रवेश किया। अब वे सीधे 42वें नंबर पर पहुंच गए हैं। मैड्रिड ओपन में डेब्यू से ठीक पहले शीर्ष-50 में जगह बनाना उनकी कड़ी मेहनत का प्रमाण है। इस महीने मोरक्को में अपना पहला टूर-लेवल खिताब जीतने के बाद, उन्होंने बार्सिलोना ओपन के सेमीफाइनल तक का सफर तय किया, जहां उन्होंने अनुभवी खिलाड़ियों को धूल चटाई। जोडर सितंबर 2006 में जन्मे, तब तक नडाल दो ग्रैंड स्लैम जीते चुके थे। जोडर के लिए सबसे यादगार पल पिछले साल दिसंबर में आया, जब जेद्दा में उनकी मुलाकात राफेल नडाल से हुई। जोडर ने बताया, ‘नडाल ने मुझे यूएस ओपन जूनियर जीतने पर बधाई दी। यह जानकर बहुत अच्छा लगा कि वे स्पेनिश युवाओं की प्रगति पर नजर रखते हैं। वे न केवल टेनिस, बल्कि स्पेनिश खेलों के इतिहास के सबसे महान एथलीट हैं।’ जोडर कहते हैं, ‘मेरा लक्ष्य कोई खास रैंकिंग नहीं, बल्कि हर टूर्नामेंट में बेहतर प्रदर्शन करना है। यह मेरा पहला साल है और मैं अभी बहुत कुछ सीख रहा हूं।’ स्पेनिश टेनिस को अब एक ऐसा ‘राफा’ मिल गया है, जो अपनी खुद की पहचान बनाने के लिए तैयार है। फुटबॉल का मैदान छोड़, टेनिस कोर्ट को चुना मैड्रिड के एक शिक्षक परिवार में जन्मे जोडर ने महज चार साल की उम्र में रैकेट थाम लिया था। शुरुआत में वे फुटबॉल के भी शौकीन थे, लेकिन 12 साल की उम्र में उन्होंने एक कठिन फैसला लिया और फुटबॉल छोड़कर पूरी तरह टेनिस को अपना लिया। बचपन में वह मैड्रिड मास्टर्स के मैचों को दर्शक दीर्घा में बैठकर देखा करते थे। उन्हें आज भी 2013 में जोकोविच और दिमित्रोव के बीच हुआ वह ऐतिहासिक मुकाबला याद है, जिसने उन्हें पेशेवर खिलाड़ी बनने के लिए प्रेरित किया।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
Rs 30,000 Cr OFS Likely

June 18, 2026/
10:36 am

मुंबई1 मिनट पहले कॉपी लिंक नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी NSE ने IPO के लिए सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया...

मणिपुर में प्रदर्शनकारियों-सुरक्षा बलों में झड़प, आंसू गैस छोड़ी:मशाल रैली रोकने पर टकराव हुआ; सगोलबंद हिंसा में 21 गिरफ्तार

April 20, 2026/
12:07 pm

मणिपुर में शटडाउन के बीच रविवार रात कई इलाकों में प्रदर्शन हुए। इंफाल ईस्ट के कोईरेंगेई, इंफाल वेस्ट के उरिपोक...

BC Police Station Threat Gangs 1000 Shooters Ready

May 29, 2026/
9:15 am

गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई व कनाडा में फायरिंग करते हुए गैंगस्टर। कनाडा में चल रही जबरन वसूली और हिंसक वारदातों के...

धुरंधर 2 की सफलता से इंडस्ट्री में खलबली मची:बॉलीवुड से साउथ तक आधा दर्जन फिल्मों ने बदली रिलीज डेट, अक्षय की भूत बंगला भी टली

March 28, 2026/
6:01 pm

‘धुरंधर 2’ की बॉक्स ऑफिस सुनामी ने बॉलीवुड से साउथ तक पूरा रिलीज कैलेंडर उलट-पलट दिया है। अब अक्षय कुमार जैसे...

मानव मर्डर केस, ट्रांसपोर्टर और एक्स्ट्रा मैरिटल एंगल सामने आया:जिसे पत्नी बता रहे, वह भी लिव-इन पार्टनर; मां को एजेंट हैप्पी पर शक

May 21, 2026/
5:00 am

हरियाणा के करनाल के मानव हत्याकांड की जांच अब दिल्ली पुलिस के हाथ में पहुंच गई हैं। पुलिस मामले को...

MI vs PBKS Live Cricket Score, IPL 2026: Stay updated with Mumbai Indians vs Punjab Kings Match Updates and Live Scorecard from Mumbai. (Picture Credit: AFP)

April 16, 2026/
6:39 pm

आखरी अपडेट:16 अप्रैल, 2026, 18:39 IST केटीआर ने कहा कि तेलंगाना का गठन हजारों लोगों, विशेषकर युवाओं के वर्षों के...

राजनीति

19 साल के जोडर की रैंकिंग में टॉप-50 में एंट्री:राफेल जोडर कमाचो टेनिस की नई सनसनी; स्पेनिश दिग्गज नडाल जैसा नाम होने से तुलना

19 साल के जोडर की रैंकिंग में टॉप-50 में एंट्री:राफेल जोडर कमाचो टेनिस की नई सनसनी; स्पेनिश दिग्गज नडाल जैसा नाम होने से तुलना

स्पेनिश टेनिस की दुनिया में वर्तमान में कार्लोस अल्कारेज का दबदबा है, लेकिन अब 19 वर्षीय राफेल जोडर कमाचो एक नई सनसनी बनकर उभरे हैं। स्पेनिश होने और ‘राफेल’ नाम होने के कारण उनकी तुलना दिग्गज राफेल नडाल से होना स्वाभाविक है, लेकिन जोडर ने बड़ी सादगी से इस समानता को स्पष्ट किया है। जोडर ने बताया, ‘नडाल मेरे आदर्श हैं, लेकिन मेरा नाम उनके नाम पर नहीं रखा गया है। मेरे पिता, दादा और परदादा, तीनों का नाम राफेल था।’ यह नाम उनकी पारिवारिक परंपरा का हिस्सा है, लेकिन कोर्ट पर उनके प्रदर्शन ने नडाल जैसे सुनहरे भविष्य की उम्मीदें जगा दी हैं। राफेल जोडर की यात्रा किसी चमत्कार से कम नहीं है। एक साल पहले जोडर रैंकिंग में शीर्ष 600 से भी बाहर थे। मार्च 2024 में उन्होंने पहली बार शीर्ष-100 में प्रवेश किया। अब वे सीधे 42वें नंबर पर पहुंच गए हैं। मैड्रिड ओपन में डेब्यू से ठीक पहले शीर्ष-50 में जगह बनाना उनकी कड़ी मेहनत का प्रमाण है। इस महीने मोरक्को में अपना पहला टूर-लेवल खिताब जीतने के बाद, उन्होंने बार्सिलोना ओपन के सेमीफाइनल तक का सफर तय किया, जहां उन्होंने अनुभवी खिलाड़ियों को धूल चटाई। जोडर सितंबर 2006 में जन्मे, तब तक नडाल दो ग्रैंड स्लैम जीते चुके थे। जोडर के लिए सबसे यादगार पल पिछले साल दिसंबर में आया, जब जेद्दा में उनकी मुलाकात राफेल नडाल से हुई। जोडर ने बताया, ‘नडाल ने मुझे यूएस ओपन जूनियर जीतने पर बधाई दी। यह जानकर बहुत अच्छा लगा कि वे स्पेनिश युवाओं की प्रगति पर नजर रखते हैं। वे न केवल टेनिस, बल्कि स्पेनिश खेलों के इतिहास के सबसे महान एथलीट हैं।’ जोडर कहते हैं, ‘मेरा लक्ष्य कोई खास रैंकिंग नहीं, बल्कि हर टूर्नामेंट में बेहतर प्रदर्शन करना है। यह मेरा पहला साल है और मैं अभी बहुत कुछ सीख रहा हूं।’ स्पेनिश टेनिस को अब एक ऐसा ‘राफा’ मिल गया है, जो अपनी खुद की पहचान बनाने के लिए तैयार है। फुटबॉल का मैदान छोड़, टेनिस कोर्ट को चुना मैड्रिड के एक शिक्षक परिवार में जन्मे जोडर ने महज चार साल की उम्र में रैकेट थाम लिया था। शुरुआत में वे फुटबॉल के भी शौकीन थे, लेकिन 12 साल की उम्र में उन्होंने एक कठिन फैसला लिया और फुटबॉल छोड़कर पूरी तरह टेनिस को अपना लिया। बचपन में वह मैड्रिड मास्टर्स के मैचों को दर्शक दीर्घा में बैठकर देखा करते थे। उन्हें आज भी 2013 में जोकोविच और दिमित्रोव के बीच हुआ वह ऐतिहासिक मुकाबला याद है, जिसने उन्हें पेशेवर खिलाड़ी बनने के लिए प्रेरित किया।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.