लू लगने पर तोड़ें ये फूल, करें ऐसे उपचार, मिनटों में उतर जाएगा बुखार! बब्बा के बाबा का फार्मूला

Last Updated:April 01, 2026, 18:49 IST Heatstorke Remedy: अप्रैल शुरू हो चुका है. सूरज के तेवर तीखे होने लगे हैं.ऐसे में अब लू अपना दुष्प्रभाव दिखाएगी. लू लगने पर शरीर का तापमान तेजी से बढ़ता है. कई बार तो जान का खतरा भी हो जाता है. ऐसे में लोग डॉक्टर के पास भागते हैं. वहीं, छतरपुर के बुजुर्ग अपने बाबा के जमाने का गजब उपचार बताया. इस उपचार से आयुर्वेद चिकित्सक भी सहमत हैं. Summer Health Remedy: गर्मी का सीजन शुरू हो गया है. ऐसे में गर्म हवाएं भी अपना असर दिखाने लगी हैं. छतरपुर में लू से बचने के लिए जिला प्रशासन द्वारा एडवाइजरी भी जारी कर दी गई है. हालांकि, जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी लू से बचने के लिए कुछ घरेलू उपाय किए जाते हैं. ग्रामीणों के मुताबिक सालों से पलाश के फूलों से लू को ठीक किया जाता है. छतरपुर के रहने वाले बुजुर्ग जमुना पाल बताते हैं कि गर्मी के मौसम में पलाश या छ्योल के फूल का महत्व तब और बढ़ जाता है, जब किसी को लपट यानी लू लग जाती है. क्योंकि, पलाश के फूलों से लू भी छूमंतर हो जाती है. इसके अलावा हमारे यहां चना की सूखी भाजी जिसे सुसका कहा जाता है, इस भाजी से भी लू ठीक हो जाती है. लू लगने पर ऐसे करें उपचारजमुना बताते हैं कि पलाश के आधा किलो फूल को मटके के पानी में डाल दें. उसी पानी को कपड़े की सहायता से पूरे शरीर में फेर दें. इसके बाद लपट उतर जाती है, यानी लू लगने पर जो बुखार आता है, वह ठीक हो जाता है. खुद पर आजमा चुका हूं…जमुना बताते हैं कि बाबा-पुरखों से भी यही सुनते और देखते आए हैं कि जब भी किसी को लपट लग जाती थी, तो पलाश के फूलों से ही उसकी लपट उतारी जाती थी. मुझे स्वयं कई बार लपट लगी है, तब मैंने पलाश के फूलों से लपट उतारी है. लू या लपट लगना क्या है?बता दें, लू लगना वो स्थिति है, जो शरीर में गर्मी और बढ़ते तापमान की वजह से उत्पन्न होती है. इस दौरान हमारे शरीर का तापमान तेजी से बढ़ता है. बाहरी तापमान और गर्म हवा की वजह से शरीर ठंडा नहीं हो पाता और शरीर का तापमान 40 डिग्री से ज्यादा हो जाता है. About the Author Rishi mishra एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें Location : Chhatarpur,Madhya Pradesh First Published : April 01, 2026, 18:49 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
भोपाल के गांधीनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आग:8 मरीजों को संतनगर सिविल अस्पताल शिफ्ट किया, दवाएं जलीं

गांधीनगर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बुधवार दोपहर 3 बजे के करीब अचानक आग लग गई। जैसे ही धुआं ओपीडी क्षेत्र और वार्ड में पहुंचा, अस्पताल में हड़कंप का माहौल बन गया। मरीज, परिजन, स्टाफ और डॉक्टर हेल्थ सेंटर के सामने मौजूद खाली स्थान में आकर खड़े हो गए। करीब 30 मिनट में पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने आग पर काबू पा लिया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के स्टाफ ने बताया कि आग सिर्फ एक कमरे तक सीमित रही, इसलिए कोई बड़ी घटना नहीं हुई। हालांकि पूरे परिसर में धुआं भर जाने के चलते 8 मरीजों को संतनगर स्थित सिविल अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया था। स्टोर में लगी थी आग, जली दवाएं स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, अस्पताल की बिल्डिंग पुरानी है। ऐसे में यहां वायरिंग भी पुरानी है, जिसके कारण स्टोर रूम में शॉर्ट सर्किट हुआ और आग लगी। स्टोर में रखे पुराने गद्दों से आग बढ़ गई और पास में रखी 4 गत्ते दवाएं और आईवी फ्लुइड की दर्जनों बोतलें भी इसकी चपेट में आ गईं। मामले में सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा ने कहा कि अभी स्थिति का आकलन कर रहे हैं। कितना नुकसान हुआ है, यह अभी स्पष्ट नहीं है। हालांकि, समय रहते आग पर काबू पा लिया गया था। आग लगने की वजह पता चलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। मरीजों को एंबुलेंस से किया गया शिफ्ट आग की सूचना मिलते ही मौके पर सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए रवाना हो गए थे। वे करीब 4 बजे गांधीनगर पहुंचे। उन्होंने परिसर में आग के बाद फैली गंदगी, गंध और धुएं को देखते हुए मरीजों को संतनगर सिविल अस्पताल शिफ्ट करने का फैसला लिया। दो एंबुलेंस 108 के जरिए मरीजों को शिफ्ट किया गया।
दमोह में 14 साल का बच्चा गड्ढे में डूबा, मौत:महुआ बिनने के लिए घर से निकला था, पिता ने खोजबीन के बाद निकाला शव

दमोह जिले के तेंदूखेड़ा थाना क्षेत्र के सैलवाड़ा गांव में एक 14 साल के बच्चे की कुएं में डूबने से मौत हो गई। वह महुआ बिनने गया था और काफी देर तक घर नहीं लौटा था। खोजबीन के दौरान पिता को कुएं में डूबने की आशंका हुई। पिता ने कुएं में कूदकर बेटे को पानी से बाहर निकाला। उसे तत्काल तेंदूखेड़ा स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। घटना गबुधवार दोपहर की है। महुआ बीनने के लिए घर से निकला था नाबालिग मृतक की पहचान सैलवाड़ा निवासी सुमित रैकवार (14) पुत्र राजकुमार रैकवार के रूप में हुई है। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई पूरी कर शव का पोस्टमार्टम कराया और परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक के पिता राजकुमार रैकवार ने बताया कि बुधवार सुबह परिवार के सभी सदस्य महुआ बीनने गए थे और वापस आ गए थे। सुमित दोपहर करीब 12 बजे फिर से महुआ बीनने की बात कहकर साइकिल लेकर घर से निकला था। पानी से भरे गढ्ढे में डूबा नाबालिग राजकुमार ने बताया कि उन्होंने सुमित को मना किया था कि थोड़े ही महुआ गिरे हैं, लेकिन वह नहीं माना और आधे घंटे में लौटने की बात कहकर चला गया। जब दोपहर 2 बजे तक वह वापस नहीं आया, तो राजकुमार खेतों में देखने गए। वहां सुमित नहीं दिखा, केवल महुआ के पेड़ के पास उसकी साइकिल खड़ी मिली। बेटे के कहीं नजर न आने पर पिता ने पास में बन रहे कुएं के गड्ढे में देखा, जहां सुमित पानी के नीचे था। उसे बाहर निकालकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
Sugarcane Vs Wood Apple: गन्ना या बेल? गर्मी में कौन-सा जूस पीना चाहिए, जानें फायदे और नुकसान

Last Updated:April 01, 2026, 18:22 IST Garmi Me Konsa Juice Pina Chahiye: गर्मी के दिनों में गन्ना और बेल का शरबत पिया जाता है. वैसे तो दोनों ही शरीर को अंदर से ठंडा रखने का काम करते हैं. लेकिन पोषक तत्वों के मामले में दोनों में काफी अंतर देखने के लिए मिलते हैं. ऐसे में यदि गर्मी में बिना किसी नुकसान हेल्दी रहने के लिए कौन-जूस बेहतर है, यहां आप जान सकते हैं- गर्मी के मौसम में बॉडी बहुत तेजी से डिहाइड्रेट होती है. ऐसे में तपती धूप से बेहाल शरीर को एनर्जेटिक बनाए रखने के लिए फ्रूट जूस बहुत फायदेमंद साबित होते हैं. ऐसे में गन्ने और बेल के जूस की डिमांड काफी बढ़ जाती है. गर्मी में शरीर को हाइड्रेट रखने का ये देसी और किफायती तरीका है. गन्ना या बेल कौन-सा जूस पीना चाहिए? जब सामने दो ऑप्शन हो तो दिमाग में ये सवाल जरूर उठता है कि कौन-सा ज्यादा बेस्ट है. गन्ना और बेल दोनों ही विटामिन सी, विटामिन ए, कैल्शियम, आयरन, और मैग्नीशियम, पोटेशियम जैसे पोषक तत्व शामिल होते हैं. बॉडी को हाइड्रेट रखने के लिए बेल और गन्ना दोनों ही फायदेमंद साबित होते हैं. ये नेचुरल एनर्जी ड्रिंक हैं जो बाजार में बिकने वाले पैक्ड फ्रूट जूस, एनर्जी ड्रिंक से ज्यादा सुरक्षित होते हैं. इसका रोजाना नियंत्रित मात्रा में सेवन किया जा सकता है. Add News18 as Preferred Source on Google गन्ना और बेल दोनों में ही नेचुरल शुगर होता है, जिससे इन्हें थकान, कमजोरी होने पर पीने से तुरंत राहत और एनर्जी मिलती है. साथ ही इससे बॉडी भी डिटॉक्स होती रहती है जो कि सेहतमंद रहने के लिए जरूरी है. गर्मी में पेट खराब होने की समस्या बहुत होती है, ऐसे में डायरिया होने पर गन्ने या बेल का शरबत पीना चाहिए. इसमें एंटी बैक्टीरिया गुण होते हैं, जिससे पाचन की अशुद्धियां आसनी से दूर हो जाती है. त्वचा के लिए भी फायदेमंद. गन्ना और बेल का जूस सिर्फ शरीर के अंदर ही नहीं बल्कि ऊपर भी रक्षाकवच की तरह काम करता है. इनमें एंटीऑक्सीडेंट मौजूद होता है जो स्किन को फ्री रेडिकल्स से भी बचाते हैं. यहां तक कि यदि आपको सनबर्न हो गया है तो इनके शरबतों को प्रभावित जगह पर लगा भी सकते हैं. इससे त्वचा जल्दी रिकवर होती है. फायदों के साथ ही दोनों के नुकसान भी हैं. यदि आप ज्यादा मात्रा में गन्ने या बेल का शरबत पीते हैं, तो इससे वजन बढ़ने, दांतों में कैविटी होने और लो ब्लड प्रेशर का खतरा रहता है. आमतौर पर डायबिटीज पेशेंट को गन्ने का शरबत नहीं पिना चाहिए. क्योंकि इसमें शुगर की मात्रा बेल से ज्यादा होती है. इसके साथ ही जूस बनाने के दौरान साफ-सफाई की कमी के कारण इसके सेवन से फूड प्वॉइजिंग हो सकता है. First Published : April 01, 2026, 18:22 IST
रात में बार-बार डरकर उठता है बच्चा? सोने से पहले ये छोटा सा देसी उपाय अपनाएं, सुकून से सोएगा बेबी

Last Updated:April 01, 2026, 18:12 IST अगर आपका बच्चा रात में बार-बार डरकर उठ जाता है या ठीक से सो नहीं पाता, तो यह सिर्फ एक छोटी समस्या नहीं बल्कि उसकी सेहत पर असर डाल सकता है. अक्सर पेरेंट्स समझ नहीं पाते कि इसका कारण क्या है, लेकिन आयुर्वेद में इसके पीछे की वजह और आसान समाधान दोनों बताए गए हैं. एक छोटा सा घरेलू उपाय बच्चे को सुकून भरी और गहरी नींद दिलाने में मदद कर सकता है. बच्चों की नींद के लिए देसी जुगाड़. कई बार छोटे बच्चे दिनभर खेलते हैं, ठीक से खाना भी खाते हैं, लेकिन रात होते ही उनकी नींद बार-बार टूटने लगती है. कुछ बच्चे डरकर उठ जाते हैं, तो कुछ बेचैनी के कारण ठीक से सो नहीं पाते. ऐसे में उनकी नींद पूरी नहीं होती और अगला दिन चिड़चिड़ापन और थकान के साथ बीतता है. यह समस्या धीरे-धीरे उनकी सेहत और मूड दोनों पर असर डाल सकती है. आयुर्वेद के अनुसार, बच्चों की इस तरह की नींद से जुड़ी परेशानी को तंत्रिका तंत्र और स्नायु से जोड़ा जाता है. इसमें बताया गया है कि अगर बच्चा रात में ठीक से नहीं सो पा रहा है, तो उसे सोने से पहले थोड़ा सा घी और गुड़ मिलाकर चटाना फायदेमंद हो सकता है. यह आसान सा उपाय बच्चे को रिलैक्स करने में मदद करता है, जिससे उसे गहरी और सुकून भरी नींद आती है. घी को मन और नसों को शांत करने वाला माना जाता है, जबकि गुड़ शरीर को हल्की ऊर्जा देकर स्थिरता बनाए रखने में सहायक होता है. रात के समय शरीर में वात बढ़ने की संभावना अधिक होती है, जिसका असर नींद पर पड़ता है. घी वात को संतुलित करने में मदद करता है और शरीर को शांत करके नींद लाने में सहायक होता है. इसके साथ ही यह तंत्रिका तंत्र को भी रिलैक्स करता है, जिससे शरीर को आराम महसूस होता है और नींद से जुड़े हार्मोन सही तरीके से काम करते हैं. हालांकि, सिर्फ घरेलू उपाय ही नहीं, बल्कि बच्चे की दिनचर्या पर ध्यान देना भी उतना ही जरूरी है. About the Author Vividha Singh विविधा सिंह न्यूज18 हिंदी (NEWS18) में पत्रकार हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में ये 3 वर्षों से काम कर रही हैं. फिलहाल न्यूज18…और पढ़ें First Published : April 01, 2026, 18:12 IST
छींद में सुबह 4 बजे हनुमान जी की महाआरती:हनुमान प्राकट्योत्सव पर कल सुंदरकांड पाठ; मालपुआ और 56 भोग

रायसेन जिले में कल गुरुवार को हनुमान जी का प्रकटोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। जिलेभर के हनुमान मंदिरों में विशेष धार्मिक आयोजन, शोभायात्राएं और वाहन रैलियां निकाली जाएंगी। सभी हनुमान मंदिरों में विशेष साज-सज्जा और तैयारियां की गई हैं। जिले के प्रसिद्ध बरेली स्थित छींद धाम में सुबह 4 बजे महाआरती की गई। इसके बाद लाखों श्रद्धालु बजरंगबली के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंच रहे हैं। पास ही स्थित हनुमानगढ़ी मंदिर में भी विशेष साज-सज्जा की गई है, जहां दिनभर भक्तों का तांता लगा रहेगा। शहर में शाम के समय एक भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी, जिसमें बजरंगबली की बड़ी प्रतिमा शामिल होगी। इसके अतिरिक्त, विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल द्वारा पाटन देव हनुमान मंदिर से सुबह 11 बजे एक वाहन रैली निकाली जाएगी। इसमें बड़ी संख्या में सनातन धर्म के अनुयायी भगवा झंडे लेकर शामिल होंगे। गंज बाजार स्थित हनुमान मंदिर में सुबह 8 बजे सुंदरकांड पाठ के साथ कार्यक्रमों की शुरुआत हुई। इसके बाद महाआरती की जाएगी और बजरंगबली को 56 भोग के साथ मालपुए का भोग लगाया जाएगा। यह प्रसाद श्रद्धालुओं में वितरित किया जाएगा। पाटन देव हनुमान मंदिर, बावड़ीपुरा स्थित हनुमान मंदिर, रामपुर और गोपालपुर हनुमान मंदिर में भी विशेष आयोजन किए जा रहे हैं। छींद धाम की स्थापना 1967 में स्वर्गीय धनु लाल रघुवंशी ने की थी। उन्होंने पीपल के पेड़ के नीचे एक छोटी मढ़िया बनवाकर हनुमान जी की प्रतिमा स्थापित की थी। शुरुआत में यहां सुबह-शाम आरती होती थी। धीरे-धीरे ग्रामीणों की आस्था बढ़ी और लोग अपनी समस्याएं लेकर आने लगे। मान्यता है कि यहां आने वालों के काम बनने लगे। क्षेत्र में ओलावृष्टि रुकने और फसलों को नुकसान न होने जैसी घटनाओं के बाद इस मंदिर की ख्याति दूर-दूर तक फैल गई। गंगा जी की तर्ज पर होगी महा आरती गंज बाजार हनुमान मंदिर के पुजारी पंडित दुर्गा प्रसाद शर्मा ने बताया कल सुबह 4 बजे हनुमान जी महाराज का अभिषेक,चोला श्रृंगार, उसके बाद आरती 7 बजे सुंदरकांड पाठ, दोपहर 3:00 बजे से महिला संगीत सत्संग, शाम के समय गंगा जी की तर्ज पर महा आरती का आयोजन किया जाएगा। और रात 10:00 बजे तक भंडारे का आयोजन भी मंदिर परिसर में होगा।
जुमानजी 3 पूरी, ड्वेन ने शेयर किए बीटीएस मोमेंट्स:ड्वेन ने लिखा – करियर के सबसे मजेदार और क्रिएटिव अनुभवों में से एक रहा है

हॉलीवुड स्टार ड्वेन जॉनसन, जिन्हें ‘द रॉक’ के नाम से भी जाना जाता है, उनकी अगली फिल्म पूरी हो गई है। ये खुशखबरी उन्होंने अपने फैंस को भी दी है। एडवेंचर फिल्म ‘जुमानजी 3’ के सेट से उन्होंने कुछ बिहाइंड द सीन्स तस्वीरें भी साझा की हैं, जो तेजी से वायरल हो रही हैं। ड्वेन ने तस्वीरें पोस्ट करते हुए लिखा कि यह उनके करियर के सबसे मजेदार और क्रिएटिव अनुभवों में से एक रहा है। उन्होंने पूरी टीम और कास्ट की जमकर तारीफ की और बताया कि पिछले 10 सालों से इस फ्रेंचाइज के साथ काम करना उनके लिए बेहद खास रहा है। फिल्म का निर्देशन जेक कासडन कर रहे हैं, जबकि इसे सोनी पिक्चर्स प्रोड्यूस कर रहा है। ‘जुमानजी’ फ्रेंचाइज की पिछली फिल्मों को दर्शकों से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला था, जिसके बाद तीसरे पार्ट को लेकर एक्साइटमेंट पहले से ही हाई है। रिलीज की बात करें तो पहले यह फिल्म 11 दिसंबर 2026 को आने वाली थी लेकिन अब इसे क्रिसमस के मौके पर 24 दिसंबर 2026 के लिए शिफ्ट कर दिया गया है। मेकर्स इस फिल्म को बड़े फेस्टिव सीजन में रिलीज कर ज्यादा दर्शकों तक पहुंचाना चाहते हैं। फिल्म में डैनी डेविटो, निक जोनास, मारिन हिंकल, बेबे न्यूविर्थ, लैमोर्न मॉरिस और राइस डार्बी जैसे कलाकार एक बार फिर नजर आएंगे। इससे पहले ‘जुमानजी: वेलकम टू द जंगल’ (2017) और ‘जुमानजी: द नेक्स्ट लेवल’ (2019) ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया था।
असम चुनाव: ‘माफियाओं और गिरोहों के दुश्मनों में…’, असम में हिमंता बिस्वा सरमा ने भड़के प्रियंका गांधी पर, कहा- एक ही परिवार है…

कांग्रेस नेता श्रीकांत गांधी ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर बुधवार को अंतिम रूप से आरोप लगाते हुए कहा कि इस स्रोत में ‘केवल एक परिवार सब कुछ लूट रहा है, जबकि आम लोगों के पास कुछ भी नहीं है।’ मैथ्यू ने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार लोगों को डराने-धमकाने का काम कर रही है. नामांकन के नेता और पार्टी के उम्मीदवार डेब्रत सैकिया के समर्थन में नाजिरा में चुनावी रैली को बयान करते हुए प्रियंका गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी पर हमला और संयुक्त राज्य अमेरिका पर काम करने का आरोप लगाया। असम में एक ही परिवार लूट रहा है:प्रियंका गांधी प्रियंका गांधी ने दावा किया, ‘असम में एक परिवार सब कुछ लूट रहा है और जब वे सामान नहीं कर रहे हैं तो मिट्टी, जमीनें और हर संपत्ति बड़े उद्योग उद्यमों को खो दी गई है।’ उन्होंने अलास्का, स्मार्ट सिटी और एनसी हिल्स जैसे कई पुराने होटलों में बड़े पैमाने पर सामान रखने का आरोप लगाया। विपक्षी कांग्रेस ने दावा किया, ‘भाजपा ने कहा था कि वह डबल इंजन वाली सरकार है।’ असल में ये है टॉयलेटरीज़ वाली सरकार. ‘प्रधानमंत्री मोदी अमेरिका की गुलामी में लगे हैं और हिमंता बिस्वा सरमा मोदी की गुलामी कर रहे हैं।’ चाय बाग के अनमोल की नहीं आकर्षक सरदार:प्रियंका प्रियंका गांधी ने दावा किया कि यह सरकार चाय बागानों का दैनिक विकास का वादा पूरा करने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि बागवानों के लोग संघर्ष कर रहे हैं। वायनाड मिनियन ने कहा, ‘विभिन्न मांग जन-जातीय समुदाय के लोग जनजाति जनजाति के अलग-अलग जाने के वर्षों से कर रहे हैं। बीजेपी ने उन्हें ‘ट्रिब्यू’ का दर्जा देने का वादा किया था, लेकिन वे ऐसा करने में विफल रहे।’ उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि असम की महिलाओं को अलग-अलग सरकारी मंजूरी, विशेष रूप से प्रमुख गरीबी मुक्ति योजना ‘अरुणोदय’ से उनके नाम पर खतरनाक पद से हटाने वाले प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की रैली में शामिल होने के लिए मजबूर किया जा रहा है। मैथ्यू ने कहा, ‘प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री हिमंत डर पैदा करके और धमाकियों के बल पर देश और राज्य पर शासन कर रहे हैं।’ हमारी लड़ाई इसी डर के खिलाफ और असम की संस्कृति और संस्कृति की रक्षा के लिए है।’ माफियाओं के कब्जे में है असम: प्रियजन अपनी पार्टी के उम्मीदवार बिपुल गोगोई के समर्थन में तिंगखोंग में अपनी दूसरी रैली को पेश करते हुए कांग्रेस के उम्मीदवार ने कहा कि असम के पास की भूमि, चट्टानें, इतिहास, प्रकृति, वन और हर प्रकार के अन्य स्रोत हैं। उन्होंने वहां मौजूद लोगों से कहा, ‘इस देश ने तुम्हें सब कुछ दिया है, लेकिन फिर भी तुम लोगों के पास कुछ नहीं है।’ असम में केवल एक ही परिवार समृद्ध है।’ नेता कांग्रेस ने आरोप लगाया कि राज्य में ‘माफियाओं और गुंडों’ का कब्जा है और सरकारी लोग धमाकेदार काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि लोकप्रिय संगीतकार जुबिन गर्ग असम की आवाज थे और वे भाईचारे, एकता और प्रेम के गीत गाए थे। गर्ग की पिछले साल सितंबर में सिंगापुर में तैरते समय मृत्यु हो गई थी। प्रियंका गांधी ने कहा, ‘असम सरकार ने अपने परिवार को न्याय नहीं दिया। हम ऐसी सरकार चाहते हैं जो जुबिन गर्ग को 100 दिन के भीतर न्याय दिलाए।’ असम विधानसभा की 126 सीटों के लिए मतदान नौ अप्रैल को होगा और नतीजे चार मई को घोषित किये जायेंगे। (टैग्सटूट्रांसलेट)असम विधानसभा चुनाव(टी)असम(टी)प्रियंका गांधी(टी)हिमंत बिस्वा सरमा(टी)असम न्यूज(टी)असम में कांग्रेस(टी)प्रियंका गांधी रैली(टी)प्रियंका गांधी उपदेशा(टी)असम चुनाव(टी)असम विधानसभा चुनाव(टी)हिमंता बिस्वा सरमा(टी)असम न्यूज(टी)प्रियंका गांधी
चंडीगढ़ BJP दफ्तर के बाहर ब्लास्ट:स्कूटी में हुआ धमाका, कार के शीशे टूटे, ऑफिस खाली कराया गया, इलाका सील

चंडीगढ़ में पंजाब बीजेपी के दफ्तर के बाहर ब्लास्ट हुआ है। इससे पुलिस ने पूरे इलाके को सील कर जांच शुरू की। मौके पर चंडीगढ़ पुलिस की कई टीमें पहुंची हैं। चंडीगढ़ की SSP कंवरदीप कौर ने बताया है कि पंजाब प्रदेश BJP दफ्तर के बाहर शाम करीब 5 बजे धमाका हुआ है। एक एक्टिवा दिखाई दे रही है। धमाके के बाद पार्टी दफ्तर की दीवार पर करीब 70 से 80 छर्रे लगे जैसे निशान हैं। उन्होंने बताया कि पास में खड़ी एक गाड़ी का शीशा भी टूटा हुआ है। मामले की पूरी जांच की जा रही है। पूरे इलाके को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। यह घटना उस समय हुई, जब पूरे शहर में पुलिस की तरफ से स्पेशल नाके लगाए जा रहे हैं। इससे पुलिस की चेकिंग पर भी सवाल उठ रहे हैं। मौके पर पुलिस के सारे सीनियर अधिकार पहुंचे हैं। इस मौके पर बीजेपी के सीनियर नेता व प्रवक्ता विनीत जोशी ने बताया कि यह चिंता का विषय है। जोर की आवाज आई। दीवारों पर काफी सारे निशान हैं। लोग कहते हैं कि ये छर्रे हैं। पुलिस की टीमें मौके पर पहुंची हैं। लो मैग्नीच्यूट का धमाका था, हालांकि कोई नुकसान नहीं हुआ है। जिस समय ब्लास्ट हुआ है, उस समय वहां एक संदिग्ध स्कूटी खड़ी देखी गई। यह स्कूटी BJP ऑफिस के कॉल सेंटर में काम करने वाले एक युवक हर्ष की है। उसने आज सुबह 9 बजे दफ्तर के बाहर यह स्कूटी खड़ी की थी। इसी स्कूटी में ही ब्लास्ट हुआ है। हम इस खबर को अपडेट कर रहे हैं…
बैतूल में जयस ने खोला मोर्चा, कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन:खेड़ीरामोशी विवाद: 15 दिन में जांच न होने पर मुलताई बंद की चेतावनी

बैतूल जिले के मुल्ताई क्षेत्र के ग्राम खेड़ीरामोशी में जमीन सीमांकन विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। कांग्रेस और आदिवासी संगठनों के बाद अब जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) भी आंदोलन में कूद गया है। बुधवार को बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रदर्शन करते हुए एडीएम अनिता जाट को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन का नेतृत्व जिला पंचायत सदस्य एवं जयस जिलाध्यक्ष संदीप धुर्वे ने किया। जयस ने प्रशासन पर एकतरफा कार्रवाई करने का आरोप लगाया है। संगठन ने 15 दिनों के भीतर निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि तय समय सीमा में कार्रवाई नहीं होने पर मुल्ताई बंद किया जाएगा। कब्जे और मारपीट के आरोप ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि 24 मार्च 2026 को कुछ दबंग तत्वों ने आदिवासी परिवारों की जमीन पर कब्जा करने का प्रयास किया। इस दौरान महिलाओं और बुजुर्गों के साथ अभद्रता और मारपीट की गई, साथ ही महिलाओं के साथ झूमा-झटकी के भी आरोप लगाए गए हैं। संगठन का कहना है कि पीड़ितों को सुरक्षा देने के बजाय उन्हीं के खिलाफ कथित रूप से फर्जी एफआईआर दर्ज कर दी गई, जिससे आदिवासी समाज में आक्रोश और असुरक्षा की भावना बढ़ गई है। जमीन रिकॉर्ड में गड़बड़ी का मुद्दा भी उठाया जयस ने बताया कि वर्ष 1919 में आदिवासी परिवारों के पास 37.70 एकड़ जमीन दर्ज थी, लेकिन 1972-73 के रिकॉर्ड में यह घटकर लगभग 19.70 एकड़ रह गई। संगठन ने इसे केवल एक गांव नहीं, बल्कि जिले के करीब 1400 गांवों से जुड़ा बड़ा मुद्दा बताया है। जयस ने मामले की उच्च स्तरीय स्वतंत्र जांच, आदिवासियों पर दर्ज एफआईआर निरस्त करने, दोषियों पर एससी-एसटी एक्ट के तहत कार्रवाई, पीड़ितों को सुरक्षा व मुआवजा देने और पुराने जमीन रिकॉर्ड की जांच कराने की मांग की है। संगठन ने स्पष्ट किया है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।








