भिंड में पत्थर खदान में कर्मचारी की मौत:गोहद के डिरमन पाली स्थित अंजनी क्रेशर की खदान में मिला शव, पुलिस ने शुरू की जांच

भिंड जिले के गोहद थाना क्षेत्र में स्थित अंजनी क्रेशर की पत्थर खदान में कार्यरत एक कर्मचारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार ड्रिल मशीन की चपेट में आने से हादसा हुआ है। घटना गोहद थाना क्षेत्र के डिरमन पाली गांव स्थित अंजनी क्रेशर की खदान की है। मृतक की पहचान विनोद यादव (21) पुत्र राजलाल यादव निवासी सीधी जिले के रूप में हुई है, जो लंबे समय से क्रेशर पर काम कर रहा था। बताया जा रहा है कि रविवार शाम वह ड्रिल एलएनटी मशीन के पास काम कर रहा था, तभी हादसा हो गया। प्रथम दृष्टया सिर में गंभीर चोट लगने से मौत होना बताया जा रहा है। हालांकि सिर में चोट किस परिस्थिति में आई, यह जांच का विषय बना हुआ है। सुरक्षा इंतजामों में लापरवाही की आशंका भी जताई जा रही है। सूचना मिलते ही गोहद थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है। गोहद टीआई अभिषेक गौतम ने बताया कि पुलिस एक्सीडेंट और अन्य संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
दिल्ली: वजीराबाद से लापता 16 वर्षीय लड़की चार दिन में मिली

होमताजा खबरक्राइम खत्म हुए आंसुओं से भरे दिन, परिवार की दुनिया फिर से हुई रोशन, मिली लापता बेटी Last Updated:February 22, 2026, 19:35 IST वजीराबाद में 17 फरवरी 2026 को 16 साल की नाबालिग लड़की लापता हो गई. दिल्ली पुलिस AHTU की टीम ने चार दिन की मेहनत के बाद इंदरपुरी मेन मार्केट में उसे खोज निकाला. Missing Girls: दिल्ली जैसे तेज रफ्तार शहर में हर दिन हजारों कहानियां जन्म लेती हैं. इसमें कुछ कहानियां उम्मीद की होती हैं और कुछ डर की. लेकिन जब किसी घर की 16 साल की बेटी अचानक लापता हो जाए, तो वह सिर्फ एक परिवार की नहीं, पूरे मोहल्ले और शहर की बेचैनी बन जाती है. वजीराबाद इलाके में 17 फरवरी 2026 को ऐसा ही हुआ, जब एक नाबालिग लड़की के अचानक गायब होने की खबर ने परिवार की दुनिया ही बदल दी. जिस घर में कुछ दिन पहले तक हंसी गूंजती थी, वहां सन्नाटा पसरा हुआ था. मां की आंखें दरवाजे पर टिक गई थीं और पिता हर फोन कॉल पर चौंक उठते थे. पड़ोसी भी रात-रात भर जागकर परिवार को दिलासा दे रहे थे. दिल्ली वालों के लिए यह सिर्फ एक खबर नहीं थी, बल्कि हर उस माता-पिता का डर था, जो रोज अपने बच्चों को स्कूल या बाहर भेजते हैं. मामले की गंभीरता को देखते हुए वजीराबाद थाने में एफआईआर दर्ज की गई. बच्ची की तलाश के लिए बनाई गई स्पेशल टीम चूंकि लड़की नाबालिग थी, इसलिए यह मामला तुरंत संवेदनशील श्रेणी में आ गया. दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) ने इसे प्राथमिकता पर लिया. इंस्पेक्टर मुकेश कुमार, एएसआई अजय कुमार झा और महिला हेड कांस्टेबल मोनिका की टीम ने एसीपी सुरेश कुमार की निगरानी में जांच शुरू की. दिल्ली जैसे विशाल शहर में किसी एक व्यक्ति को ढूंढना आसान नहीं होता. हर गली, हर बाजार और हर भीड़ में अनगिनत चेहरे होते हैं. चार दिन की कवायद लाई रंग, पुलिस को मिली बच्ची लेकिन पुलिस टीम ने हार नहीं मानी. उन्होंने लड़की के परिवार, दोस्तों और पड़ोसियों से लगातार बातचीत की, हर छोटी जानकारी को सुराग बनाया और तकनीकी निगरानी के जरिए उसकी लोकेशन तलाशने में जुटे रहे. दिन-रात की मेहनत आखिर रंग लाई. गुप्त सूचना और तकनीकी सर्विलांस के आधार पर टीम ने इंदरपुरी के मेन मार्केट में लड़की को ट्रेस कर लिया. जैसे ही यह खबर परिवार तक पहुंची, घर में कई दिनों बाद राहत की सांस सुनाई दी. मां की आंखों से आंसू रुके नहीं, लेकिन इस बार डर के नहीं, सुकून के थे. About the Author Anoop Kumar MishraAssistant Editor Anoop Kumar Mishra is associated with News18 Digital for the last 6 years and is working on the post of Assistant Editor. He writes on Health, aviation and Defence sector. He also covers development related to …और पढ़ें First Published : February 22, 2026, 19:35 IST
दिन में धूप-रात में ठंड, ऐसे रखें अपनी सेहत का ख्याल नहीं पड़ेगी डॉक्टर की जरूरत, बड़ा ही कारगर है उपाय

X दिन में धूप-रात में ठंड, ऐसे रखें सेहत का ख्याल तो नहीं पड़ेगी डॉक्टर की जरूरत सर्दियों का मौसम अंतिम चरण में है और तापमान में उतार-चढ़ाव से बीमारियां बढ़ रही हैं. दिन की धूप और रात की ठंड शरीर की प्रतिरोधक क्षमता पर असर डालती है, जिससे सर्दी, खांसी और वायरल संक्रमण तेजी से फैलते हैं. जमुई जिला के आयुष चिकित्सक डॉ. रास बिहारी तिवारी (बीएएमएस) के अनुसार यह समय कफ और वात असंतुलन का होता है. वे सुबह गुनगुना पानी, शहद-नींबू का सेवन और तुलसी, अदरक, काली मिर्च का काढ़ा लेने की सलाह देते हैं. संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और नियमित दिनचर्या से रोगों से बचाव संभव है.
कांग्रेस नेताओं ने लगाए कटनी पुलिस पर आरोप:कहा- अपराध बढ़े, अफसर शराब पकड़ने और चालान काटने में लगे

कटनी में बढ़ते अपराधों और पुलिस की निष्क्रियता को लेकर कांग्रेस ने प्रदेश सरकार और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया है। शहर और ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्षों ने एक संयुक्त प्रेस वार्ता में पुलिस की कार्यप्रणाली को पूरी तरह विफल बताया। शहर जिला अध्यक्ष अमित शुक्ला ने पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा पर निशाना साधते हुए कहा कि पुलिस केवल छोटी-मोटी कार्रवाई जैसे शराब पकड़ना या चालान काटना में ही अपनी पीठ थपथपाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि शहर में बड़ी बैंक डकैतियां हुईं, कई बड़े अपराधी महीनों से फरार हैं और कई हत्या के मामले अनसुलझे पड़े हैं। इन गंभीर मुद्दों पर पुलिस अधीक्षक कोई जवाब नहीं देते, जिससे अपराधियों में पुलिस का खौफ खत्म हो गया है। शुक्ला ने पुलिस-राजनीतिक सांठगांठ पर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि थानों में निष्पक्ष अधिकारियों के बजाय ‘सेटअप’ वाले लोग बैठे हैं और स्थानीय विधायकों के चहेतों का दखल है। इस हस्तक्षेप के कारण अपराधियों के मन से पुलिस का डर पूरी तरह समाप्त हो गया है। स्टेशन चौराहा, अस्पताल चौराहा और यहां तक कि थानों के भीतर भी दिन-रात गुंडागर्दी का आलम है। जीतू पटवारी ने की थी एसपी से बात कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी 13 फरवरी को कटनी प्रवास के दौरान एसपी अभिनय विश्वकर्मा को फोन कॉल कर आरोप लगाया था कि पुलिस पैसे लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर झूठे मुकदमे दर्ज कर रही है। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। पिछले चार महीने जिले के लिए अपराध के लिहाज से चुनौतीपूर्ण रहे हैं। ट्रिपल मर्डर और कैमोर में नाबालिग के साथ सामूहिक दुष्कर्म जैसी बड़ी वारदातों ने आम जनता में असुरक्षा की भावना बढ़ा दी है।
गांधी नगर मार्केट में कैरी बैग से नकदी चोरी, दो गिरफ्तार

होमताजा खबरक्राइम दहशत में थे गांधी नगर के कारोबारी, बार-बार टटोलनी पड़ रही थी अपनी जेब, क्यों? Last Updated:February 22, 2026, 18:52 IST गांधी नगर मार्केट में कैरी बैग से नकदी चोरी की घटनाओं के बाद दिल्ली पुलिस ने सनी और हनी को गिरफ्तार कर 83 हजार रुपये बरामद किए, जिससे व्यापारियों को राहत मिली है. Delhi Crime News: दिल्ली के सबसे व्यस्त और नकदी आधारित बाजारों में शामिल गांधी नगर मार्केट में पिछले कुछ दिनों से कारोबारियों और ग्राहकों के बीच एक अजीब डर का माहौल था. लोग खरीदारी तो कर रहे थे, लेकिन उनका ध्यान अपने बैग और जेबों पर ही टिका रहता था. किसी अनहोनी के डर से वे बार-बार अपनी जेब टटोलने को मजबूरे थे. वजह थी लगातार हो रही कैरी बैग से नकदी चोरी की घटनाएं. अब दिल्ली पुलिस की कार्रवाई के बाद राहत की सांस जरूर मिली है, क्योंकि शातिर चोरों के इस गैंग को गिरफ्तार कर लिया है. शाहदरा जिले की गांधी नगर थाना पुलिस की क्रैक टीम ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर बाजार में सनसनी फैलाने वाली चोरी की वारदातों का खुलासा किया है. पुलिस ने आरोपियों के पास से कुल 83 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं, जिसमें दो अलग-अलग वारदातों को अंजाम देकर हासिल किए गए 65 हजार और 18 हजार रुपये शामिल हैं. पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी कैरी बैग में नकदी लेकर चलने वाले लोगों को निशाना बनाते थे. आपको बता दें कि गांधी नगर मार्केट सिर्फ एक बाजार नहीं, बल्कि हजारों छोटे कारोबारियों की रोजी-रोटी का केंद्र है. यहां रोजाना लाखों रुपये का कैश लेन-देन होता है. ऐसे में जब 12 और 14 फरवरी को दो अलग-अलग मामलों में 1.50 लाख रुपये और 78 हजार रुपये चोरी होने की खबर फैली, तो व्यापारियों और ग्राहकों की घबराहट बढ़ गई. कई दुकानदारों ने तो अपने कर्मचारियों को कैश लेकर अकेले बाहर भेजना भी बंद कर दिया था. घटनाओं के बाद पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें आरोपियों की स्पष्ट तस्वीरें सामने आईं. एसएचओ गांधी नगर के निर्देश पर एसआई विकास के नेतृत्व में क्रैक टीम गठित की गई. 17 फरवरी को पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि आरोपी मंगलवार बाजार में फिर वारदात को अंजाम देने आने वाले हैं. पुलिस ने तुरंत जाल बिछाया और दोनों आरोपियों—सनी (34) और हनी (32), निवासी उत्तम नगर—को दबोच लिया. पूछताछ में सामने आया कि दोनों सगे भाई जल्दी पैसा कमाने के लालच में चोरी की राह पर उतर आए थे. वे खासतौर पर उन लोगों को टारगेट करते थे जो सिर या पीठ पर बैग लेकर चलते थे और सामान संभालने में व्यस्त रहते थे. सनी चुपके से बैग की चेन खोलकर नकदी निकालता और तुरंत हनी को थमा देता, ताकि वह मौके से फरार हो सके. इसी तरीके से उन्होंने दो बड़ी वारदातों को अंजाम दिया. About the Author Anoop Kumar MishraAssistant Editor Anoop Kumar Mishra is associated with News18 Digital for the last 6 years and is working on the post of Assistant Editor. He writes on Health, aviation and Defence sector. He also covers development related to …और पढ़ें First Published : February 22, 2026, 18:52 IST
दिल्ली में ठांय-ठांय, तिहाड़ से निकलते ही 2 गैंगस्टर ने मचाया था कोहराम, पुलिस ने ठोक दी गोली | delhi crime branch encounter nandu gang vinod vicky sanyasi bharat manni kapil sangwan arrested shooting extortion tihar jail

Last Updated:February 22, 2026, 18:42 IST Delhi Enconter News: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने बिंदापुर फायरिंग मामले में वांछित दो खतरनाक अपराधियों को एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार किया है. कपिल सांगवान उर्फ नंदू गैंग से जुड़े इन बदमाशों ने एक कारोबारी को धमकाने के लिए दफ्तर पर गोलियां चलाई थीं. मुठभेड़ के दौरान एक आरोपी के पैर में गोली लगी है. दिल्ली पुलिस का एनकाउंटर. नई दिल्ली. देश की राजधानी दिल्ली में गैंगस्टरों और उनके गुर्गों के खिलाफ दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बड़ा और सफल ऑपरेशन अंजाम दिया है. कपिल सांगवान उर्फ नंदू गैंग से जुड़े और जेल में बंद गैंगस्टर विनोद उर्फ विक्की संन्यासी के दो सक्रिय गुर्गों को एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार कर लिया गया है. यह मुठभेड़ द्वारका के पास हुई. इस पूरे मामले की शुरुआत 20 फरवरी 2026 को हुई थी, जब आरोपियों ने बिंदापुर इलाके में एक बड़े कारोबारी के दफ्तर पर फायरिंग की थी. यह फायरिंग किसी जमीन विवाद को गैंगस्टर के हक में सुलझाने और रंगदारी वसूलने के मकसद से की गई थी. बिंदापुर थाने में मामला दर्ज होने के बाद क्राइम ब्रांच की एजीएस टीम को इन अपराधियों को पकड़ने का जिम्मा सौंपा गया. डीसीपी क्राइम हर्ष इंदोरा के नेतृत्व में इंस्पेक्टर पवन कुमार और उनकी टीम को गुप्त सूचना मिली कि आरोपी भरत उर्फ मन्नी और वीराज उर्फ विरोधी किसी नई सुरक्षित जगह की तलाश में कुतुब विहार की ओर जाने वाले हैं. रात करीब 2:10 बजे पुलिस ने एक संदिग्ध स्कूटी को आते देखा जिसकी नंबर प्लेट टूटी हुई थी. दोनों का एनकाउंटर कैसे हुआ? पुलिस ने जब उन्हें रुकने का इशारा किया, तो आरोपियों ने भागने की कोशिश की और अंधेरे का फायदा उठाकर झाड़ियों की ओर दौड़ते हुए पुलिस टीम पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं. आरोपी भरत उर्फ मन्नी ने हेड कांस्टेबल अमित कुमार पर सीधी फायरिंग की, जिसमें वे बाल-बाल बचे. जवाबी कार्रवाई और आत्मरक्षा में पुलिस ने 3 राउंड फायरिंग की, जिसमें एक गोली भरत के दाहिने पैर में लगी. दूसरा आरोपी वीराज भी पकड़ा गया, जिसकी पिस्तौल पुलिस पर फायरिंग के दौरान जाम हो गई थी. तिहाड़ में बनी थी खूनी साजिश जांच में खुलासा हुआ कि मुख्य आरोपी भरत उर्फ मन्नी (23 साल) पर पहले से ही चोरी, झपटमारी और आर्म्स एक्ट के 15 से ज्यादा मामले दर्ज हैं. वह इसी साल 21 जनवरी को तिहाड़ जेल से बाहर आया था. जेल में ही उसकी मुलाकात कुख्यात गैंगस्टर विक्की संन्यासी से हुई थी. विक्की ने ही भरत को उत्तम नगर के एक प्लॉट विवाद में कारोबारी को धमकाने का काम सौंपा था. आरोपी वीराज उर्फ विरोधी, जो पहले बच्चों को ट्यूशन पढ़ाता था, नशे की लत के कारण भरत के साथ जुड़ गया और अपराध की दुनिया में कदम रख दिया. पुलिस ने इस मुठभेड़ के बाद 2 पिस्तौल 4 खाली कारतूस और 3 जिंदा कारतूस के साथ 1 होंडा एक्टिवा स्कूटी बरामद किया है. घायल आरोपी भरत को तुरंत द्वारका के इंदिरा गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. क्राइम ब्रांच अब इस मामले में बड़ी साजिश के एंगल से जांच कर रही है कि कैसे जेल में बंद अपराधी स्थानीय अपराधियों को हायर कर शहर में दहशत फैला रहे हैं. About the Author रविशंकर सिंहचीफ रिपोर्टर भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाले रविशंकर सिंह सहारा समय न्यूज चैनल, तहलका, पी-7 और लाइव इंडिया न्यूज चैनल के अलावा फर्स्टपोस्ट हिंदी डिजिटल साइट में भी काम कर चुके हैं. राजनीतिक खबरों के अलावा…और पढ़ें Location : Delhi Cantonment,New Delhi,Delhi First Published : February 22, 2026, 18:42 IST
अमिताभ बच्चन को साउथ सिनेमा का पहला अवॉर्ड मिला:कल्कि के लिए बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर चुने गए, प्रभाष स्टारर इस फिल्म में अश्वस्थामा बने

70वें फिल्मफेयर अवॉर्ड्स साउथ का आयोजन शनिवार को केरल के कोच्चि स्थित एडलक्स कन्वेंशन सेंटर में हुआ। इस सेरेमनी में तेलुगु, तमिल, मलयालम और कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री की बेहतरीन फिल्मों और कलाकारों को सम्मानित किया गया। अमिताभ बच्चन ने फिल्म कल्कि 2898 AD के लिए बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर (तेलुगु) का अवॉर्ड जीता। यह उनका पहला साउथ फिल्मफेयर अवॉर्ड रहा। प्रभास स्टारर फिल्म में अमिताभ बच्चन ने अश्वत्थामा का रोल निभाया था। इधर फिल्म पुष्पा 2 ने तेलुगु कैटेगरी में पांच अवॉर्ड जीते, जिनमें बेस्ट फिल्म, बेस्ट डायरेक्टर (सुकुमार) और बेस्ट एक्टर (अल्लू अर्जुन) शामिल रहे। तमिल कैटेगरी में फिल्म अमरन ने सात अवॉर्ड अपने नाम किए, जिनमें बेस्ट फिल्म, बेस्ट एक्टर (सिवकार्तिकेयन) और बेस्ट एक्ट्रेस (साई पल्लवी) शामिल हैं। मलयालम सिनेमा से सुपरस्टार ममूटी को ब्रमायुगम के लिए बेस्ट एक्टर चुना गया। लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड दिवंगत एक्टर-फिल्ममेकर श्रीनिवासन को मरणोपरांत दिया गया। सेरेमनी में सान्या मल्होत्रा, निधि अग्रवाल, अपर्णा बालमुरली और प्रणिता सुभाष ने लाइव परफॉर्मेंस दी। अमिताभ बच्चन सेरेमनी में शामिल नहीं हुए फिल्म कल्कि 2898 एडी 27 जून 2024 को रिलीज हुई थी। इसने बॉक्स ऑफिस पर शानदार सफलता हासिल करते हुए दुनियाभर में ₹1,000 करोड़ से ज्यादा की कमाई की थी। फिल्मफेयर अवॉर्ड्स साउथ (तेलुगु) 2026 में फिल्म ने दो अवॉर्ड्स जीते, बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर (मेल) का अवॉर्ड अमिताभ बच्चन ने जीता। बेस्ट प्रोडक्शन डिजाइन का अवॉर्ड नितिन जियानी चौधरी को मिला। हालांकि, अमिताभ बच्चन इस सेरेमनी में शामिल नहीं हुए। फिल्मफेयर अवॉर्ड्स साउथ 2026 के विनर्स की पूरी लिस्ट फिल्मफेयर अवॉर्ड्स साउथ का इतिहास फिल्मफेयर अवॉर्ड्स साउथ टाइम्स ग्रुप की फिल्मफेयर मैगजीन द्वारा प्रस्तुत किए जाते हैं। फिल्मफेयर अवॉर्ड्स की शुरुआत 1954 में हुई थी, शुरुआत में केवल हिंदी फिल्मों के लिए यह सेरेमनी होती थी। फिर 1964 में दक्षिण भारतीय भाषाओं (तमिल-तेलुगु) के लिए अवॉर्ड्स की शुरुआत हुई। वहीं, मलयालम 1967 में और कन्नड़ भाषा की फिल्में 1970 में शामिल हुईं। समय के साथ हर इंडस्ट्री के लिए अलग सेरेमनी आयोजित होने लगी। पहले ये सेरेमनी मुंबई में हिंदी फिल्मों के अवॉर्ड्स के साथ होती थी, लेकिन 1976 के बाद साउथ सेगमेंट को अलग कर चेन्नई और हैदराबाद में शिफ्ट किया गया। फिल्मफेयर साउथ की बात करें तो कमल हासन के नाम सबसे ज्यादा इंडिविजुअल अवॉर्ड (19) और सबसे ज्यादा बेस्ट एक्टर अवॉर्ड्स (17) का रिकॉर्ड है। बेस्ट डायरेक्टर कैटेगरी में के. विश्वनाथ और के. बालाचंदर ने सबसे अधिक 8-8 अवॉर्ड्स जीते हैं। म्यूजिक में एआर. रहमान 18 अवॉर्ड्स के साथ टॉप पर हैं। वहीं, प्लेबैक सिंगिंग में के. एस. चित्रा और श्रेया घोषाल को 10 अवॉर्ड्स मिले हैं। फिल्मों के रिकॉर्ड की बात करें तो नुव्वोस्तानंते नेनोड्दांताना और आरआरआर ने एक फिल्म के लिए सबसे ज्यादा 9 अवॉर्ड्स जीते हैं। वहीं, अन्नियन, बाहुबली 2, सूररई पोट्रु और अमरन जैसी फिल्मों ने 8-8 अवॉर्ड्स हासिल किए। ————————
कौन है बांग्लादेशी हैंडलर शब्बीर शाह, जो हाफिज सईद और लखवी के संपर्क में था? जानें कैसे हुई गिरफ्तारी | delhi police special cell lashkar module bangladesh handler shabbir ahmed lone with 8 terrorist arrest from kolkata

होमताजा खबरDelhi कौन है बांग्लादेशी हैंडलर शब्बीर शाह, जो हाफिज सईद और लखवी के संपर्क में था? Last Updated:February 22, 2026, 17:56 IST दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने लश्कर-ए-तैयबा के एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है. बांग्लादेश से संचालित इस गिरोह ने दिल्ली के कश्मीरी गेट मेट्रो स्टेशन पर देश विरोधी पोस्टर लगाए थे. पुलिस ने कोलकाता और तमिलनाडु से 8 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है, जो फिदायीन हमले की फिराक में थे. गिरफ्तार आतंकी में 6 बांग्लादेशी हैं. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 8 आतंकी को गिरफ्तार किया. नई दिल्ली. पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा दिल्ली सहित देश के कई बड़े शहरों को दहलाने की साजिश रच रहा है. भारतीय एजेंसियां इसको लेकर हाई अलर्ट पर है. इस बीच रविवार को दिल्ली पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के एक ऐसे मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है, जिसे बांग्लादेश में बैठा एक पुराना आतंकी हैंडलर संचालित कर रहा था. इस मॉड्यूल के तार दिल्ली से लेकर कोलकाता और तमिलनाडु तक फैले हुए थे. स्पेशल सेल की पूछताछ में पता चला है कि जिन 8 आतंकियों की गिरफ्तारी हुई है, उस मॉड्यूल का हैंडलर शब्बीर शाह पाकिस्तान में बैठे हाफिज सईद और 26/11 हमलों का मास्टरमाइंड जकीउर रहमान लखवी के संपर्क में था. एडिशनल सीपी स्पेशल सेल प्रमोद कुमार कुशवाहा ने इस पूरे ऑपरेशन की जानकारी देते हुए बताया कि कैसे एक पोस्टर से शुरू हुई जांच ने देशव्यापी आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश किया. दिल्ली पुलिस के मुताबिक, साजिश का खुलासा 7 फरवरी 2026 को हुआ, जब दिल्ली के कश्मीरी गेट मेट्रो स्टेशन और आसपास के कुछ अन्य स्टेशनों के पिलरों पर देश विरोधी और आतंकी विचारधारा को बढ़ावा देने वाले पोस्टर चिपके पाए गए. सीआईएसएफ की नजर इन पोस्टरों पर पड़ी, जिसके बाद दिल्ली पुलिस की मेट्रो यूनिट और स्पेशल सेल को अलर्ट किया गया. जांच शुरू हुई तो पता चला कि यह किसी शरारती तत्व का काम नहीं, बल्कि एक सुनियोजित आतंकी मनोवैज्ञानिक युद्ध का हिस्सा था. कोलकाता में गिरफ्तारी और मुख्य हैंडलर का खुलासा स्पेशल सेल की टीम ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी सर्विलांस के आधार पर कोलकाता में छापेमारी की. वहां स्थानीय पुलिस की मदद से दो संदिग्धों उमर फारूक और एक बांग्लादेशी नागरिक रोबिल उल इस्लाम को गिरफ्तार किया गया. पूछताछ में खुलासा हुआ कि इन दोनों को निर्देश बांग्लादेश में बैठा शब्बीर अहमद लोन दे रहा था. #WATCH | Delhi | Additional CP, Special Cell, Pramod Kumar Kushwaha says, “A total of eight people have been arrested in this case. Seven of them are Bangladeshi nationals. The arrest of the initial two persons was done on the 15th. On the 7th of February, anti-national posters… https://t.co/XDJ6DLwqpW pic.twitter.com/pRdIOgM4e2
नई वेब सीरीज:दिव्या दत्ता की 'चिरैया' का टीजर आउट, घरों में महिलाओं पर होने वाले अन्याय पर बेस्ड है स्टोरी

दिव्या दत्ता की नई वेब सीरीज ‘चिरैया’ का टीजर आ गया है। यह टीजर भारतीय घरों में होने वाले अन्याय पर सवाल उठाता है। इस टीजर की शुरुआत एक शादी के खुशी भरे मंजर से होती है। एक नई दुल्हन, पूजा, बेहतर जिंदगी की उम्मीद के साथ नया जीवन शुरू करती दिखती है, लेकिन अचानक एक डरावना मोड़ सामने आता है, जिसमें दुल्हन को छत पर उदास और सदमे में दिखाया जाता है। उसके चेहरे पर आंसू हैं और शरीर पर चोट के निशान दिखते हैं। सीरीज की कहानी शादी के जश्न के पीछे एक कड़वी सच्चाई के बारे में है। यह सीरीज सवाल उठाती है कि क्या शादी के बाद अगर पति अपनी पत्नी पर किसी भी तरह का दबाव डाले, तो क्या यह सही है? शादी कोई लाइसेंस नहीं है और हर बार चुप रहना का मतलब हां नहीं होता। 20 सेकेंड का टीजर इतना बताने के लिए काफी है कि इस सीरीज में कितना गंभीर और सेंसिटिव सब्जेक्ट उठाया गया है। ‘चिरैया’ का टीजर इस बात पर विचार करने का आग्रह करता है कि शादी कोई लाइसेंस नहीं है और चुप्पी को सहमति नहीं समझना चाहिए। संजय मिश्रा और टीनू आनंद का भी रोल दिव्या ने ‘चिरैया’ को लेकर कहा, ‘हम अक्सर रिश्ते बचाने या शांति बनाए रखने के नाम पर खुद को चुप कर लेते हैं। शादी को बिना सवाल किए सहमति मान लिया जाता है और त्याग को इतना रोमांटिक बना दिया जाता है कि दर्द गायब हो जाता है।’ वेब सीरीज शशांत शाह के निर्देशन में बनी है। इसमें संजय मिश्रा, सिद्धार्थ शॉ, प्रसन्ना बिष्ट, फैसल राशिद, टीनू आनंद और सरिता जोशी भी हैं।
उज्जैन पुलिस ने त्योहारों से पहले की बलवा ड्रिल:उज्जैन में भीड़ नियंत्रण और त्वरित कार्रवाई का अभ्यास किया

उज्जैन पुलिस ने आगामी त्योहारों के मद्देनजर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एक विशेष बलवा ड्रिल का आयोजन किया। इस अभ्यास का उद्देश्य भीड़ नियंत्रण और आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की क्षमता को सुदृढ़ करना था। इस ड्रिल का मुख्य मकसद पुलिस बल को आपातकालीन परिस्थितियों में प्रभावी ढंग से प्रतिक्रिया देने, समन्वित कार्रवाई करने और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए तैयार करना था। यह सुनिश्चित किया गया कि पुलिसकर्मी किसी भी अप्रत्याशित स्थिति से निपटने में सक्षम हों। अभ्यास के दौरान पुलिस जवानों को हथियारों के उपयोग से पहले उनकी दिशा, सीमा और लक्ष्य की सही पहचान करने का प्रशिक्षण दिया गया। उन्हें यह भी सिखाया गया कि फायरिंग की स्थिति में गोलियों की संख्या और प्रकार का निर्णय परिस्थितियों के अनुसार कैसे लिया जाए। ड्रिल में यह भी शामिल था कि किसी भी कार्रवाई से पहले भीड़ को स्पष्ट चेतावनी दी जाए और उन्हें कानून का उल्लंघन न करने तथा शांति बनाए रखने के लिए समझाया जाए। पत्थरबाजी जैसी स्थितियों से संयम और रणनीति के साथ निपटने का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया। घायल व्यक्तियों को तत्काल सहायता पहुंचाने की प्रक्रिया का भी अभ्यास किया गया। आपातकालीन सेवा 112 के माध्यम से घायलों को तुरंत अस्पताल भेजने की व्यवस्था का पूर्वाभ्यास कराया गया, ताकि वास्तविक घटना में किसी भी प्रकार की देरी से बचा जा सके। अभ्यास के दौरान नारेबाजी और भीड़ के उग्र रूप की काल्पनिक स्थितियां बनाई गईं। इससे पुलिस बल को मौके पर त्वरित निर्णय लेने और विभिन्न इकाइयों के बीच समन्वय बनाए रखने का अवसर मिला। उज्जैन पुलिस ने इस अवसर पर स्पष्ट किया कि वह आमजन की सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। पुलिस प्रशासन आगामी त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।








