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भारत 2023 के बाद पहली बार ICC इवेंट में हारा:बुमराह हाईएस्ट विकेट टेकर, टी-20 में भारत की दूसरी सबसे बड़ी हार; रिकॉर्ड्स

भारत 2023 के बाद पहली बार ICC इवेंट में हारा:बुमराह हाईएस्ट विकेट टेकर, टी-20 में भारत की दूसरी सबसे बड़ी हार; रिकॉर्ड्स

अहमदाबाद में भारत 2023 के बाद पहली बार किसी ICC इवेंट में मैच हार गया। टी-20 वर्ल्ड कप के सुपर-8 स्टेज में साउथ अफ्रीका ने टीम इंडिया को 76 रन से हराकर उसके 12 मैचों के जीत के सिलसिले पर ब्रेक लगा दिया। यह हार रन के लिहाज से टी-20 इंटरनेशनल में भारत की दूसरी सबसे बड़ी हार भी है। टूर्नामेंट में शानदार फॉर्म में चल रहे जसप्रीत बुमराह ने 3 विकेट लेकर भारत के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड अपने नाम किया। अफ्रीका के लिए बल्लेबाजी में डेविड मिलर ने 63 रन बनाए। उन्होंने 26 बॉल पर फिफ्टी लगा दी। पढ़िए IND Vs SA मैच के टॉप रिकॉर्ड्स… 1. टी-20 वर्ल्ड कप में भारत की सबसे बड़ी हार टी-20 वर्ल्ड कप में भारत को सबसे बड़ी हार झेलनी पड़ी। इससे पहले 2010 में ऑस्ट्रेलिया (49 रन) और 2016 में न्यूजीलैंड (47 रन) ने भारत को बड़े अंतर से हराया था। यह भारत की टी-20 इंटरनेशनल में दूसरी सबसे बड़ी हार भी है। सबसे बड़ी हार 80 रन से न्यूजीलैंड के खिलाफ वेलिंगटन 2019 में हुई थी। 2. भारत का टी-20 वर्ल्ड कप में तीसरा लोएस्ट टोटल साउथ अफ्रीका के खिलाफ 111 रन पर ऑलआउट होना भारत का टी-20 वर्ल्ड कप इतिहास का तीसरा सबसे कम स्कोर है। सबसे कम स्कोर 79 (न्यूजीलैंड, 2016) है, जबकि 2021 में दुबई में भी न्यूजीलैंड ने भारत को 110/7 तक रोका था। 3. भारत 2023 के बाद पहली बार ICC इवेंट में हारा 2023 वनडे वर्ल्ड कप फाइनल में ऑस्ट्रेलिया से हार के बाद भारत ICC टूर्नामेंट में 18 मैचों तक अजेय रहा था। यह शानदार सिलसिला अहमदाबाद में साउथ अफ्रीका के खिलाफ मिली हार के साथ टूट गया। वहीं, मल्टी-नेशन टी-20 इंटरनेशनल टूर्नामेंट की बात करें तो भारत 2022 टी-20 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में इंग्लैंड से हारने के बाद पहली बार हारा। इस दौरान टीम ने 23 मैच खेले, जिसमें 21 जीते (एक जीत सुपर ओवर में), 1 मैच हारा और 1 बेनतीजा रहा। इसके अलावा, टी-20 वर्ल्ड कप में भी भारत का लगातार जीत का क्रम टूटा। टीम को 12 लगातार मैच जीतने के बाद हार का सामना करना पड़ा। 4. बुमराह टी-20 वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले इंडियन जसप्रीत बुमराह टी-20 वर्ल्ड कप इतिहास में भारत के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बन गए। उन्होंने 33 विकेट लेकर अर्शदीप सिंह और रविचंद्रन अश्विन (32-32 विकेट) को पीछे छोड़ा। हार्दिक पंड्या 29 विकेट के साथ चौथे और रवींद्र जडेजा 22 विकेट के साथ पांचवें स्थान पर हैं। 5. वरुण ने सबसे ज्यादा बार लगातार मैचों में विकेट लिए वरुण चक्रवर्ती ने टी-20 इंटरनेशनल में लगातार 18 पारियों में विकेट लेकर भारत के लिए नया रिकॉर्ड बना दिया है। उन्होंने अर्शदीप सिंह (17) का रिकॉर्ड तोड़ा। इस सूची में आशीष नेहरा (13), वॉशिंगटन सुंदर (11) भी शामिल है। यानी लगातार मैचों में विकेट लेने के मामले में वरुण अब भारत के नंबर-1 गेंदबाज बन गए हैं। 6. मिलर ने भारत के खिलाफ सबसे ज्यादा सिक्स लगाए डेविड मिलर भारत के खिलाफ टी-20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाज बन गए। उन्होंने 26 पारियों में 39 छक्के जड़कर ग्लेन मैक्सवेल (38) को पीछे छोड़ दिया। निकोलस पूरन 35 छक्कों के साथ तीसरे स्थान पर हैं। 7. मिलर ने 26 बॉल पर फिफ्टी लगाई डेविड मिलर ने 26 गेंदों में अर्धशतक लगाकर भारत के खिलाफ चौथी सबसे तेज फिफ्टी लगा दी। हालांकि उनसे पहले लिटन दास (21), हेनरिक क्लासन (23) और ट्रैविस हेड (24) तेज फिफ्टी लगा चुके हैं। दिलचस्प बात यह है कि इन पहले तीनों मुकाबलों में भारत ने मैच जीता था, लेकिन मिलर की फिफ्टी वाला मैच भारत हार गया।

पुलिस अभिरक्षा में मौतों पर उठे सवाल:मानव अधिकार आयोग पहुंचेगी मुस्लिम त्योहार कमेटी, करेंगे निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग

पुलिस अभिरक्षा में मौतों पर उठे सवाल:मानव अधिकार आयोग पहुंचेगी मुस्लिम त्योहार कमेटी, करेंगे निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग

प्रदेश में कथित रूप से बढ़ती पुलिस अभिरक्षा में मौतों और कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए ऑल इंडिया मुस्लिम त्यौहार कमेटी ने मानव अधिकार आयोग को ज्ञापन सौंपने की घोषणा की है। कमेटी का आरोप है कि मध्यप्रदेश में कानून व्यवस्था चरमराई हुई है और पुलिस पर लगाए जा रहे गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच नहीं हो रही है। कमेटी के संरक्षक शमशुल हसन का कहना है कि आम नागरिक के खिलाफ हत्या के मामलों में धारा 302 के तहत प्रकरण दर्ज किए जाते हैं, लेकिन यदि किसी व्यक्ति की मौत पुलिस अभिरक्षा में होती है तो जांच के नाम पर लीपापोती की जाती है। उन्होंने इसे “एक प्रदेश में दो कानून” जैसी स्थिति बताया है। ऑल इंडिया मुस्लिम त्यौहार कमेटी ने मांग की है कि पुलिस अभिरक्षा में हुई मौतों की अविलंब निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज किए जाएं। कमेटी के अनुसार, 23 फरवरी 2026 को सुबह 11:30 बजे मानव अधिकार आयोग परिसर में एकत्र होकर आयोग को ज्ञापन सौंपा जाएगा।

दिल्ली में अरुणाचल की 3 महिलाओं पर नस्लीय कमेंट:पड़ोसियों ने धंधेवाली कहा, आरोपी महिला बोली- मेरे पति के साथ बेडरूम में सो जा

दिल्ली में अरुणाचल की 3 महिलाओं पर नस्लीय कमेंट:पड़ोसियों ने धंधेवाली कहा, आरोपी महिला बोली- मेरे पति के साथ बेडरूम में सो जा

दिल्ली के मालवीय नगर में किराए पर रहने वाली अरुणाचल प्रदेश की 3 महिलाओं पर नस्लीय कमेंट और गाली-गलौज किया गया। घटना 20 फरवरी की है, जानकारी अब सामने आई है। दरअसल पूरा विवाद गंदगी फैलाने को लेकर हुआ था। जिसके बाद पड़ोसियों ने नॉर्थईस्ट की महिलाओं को ‘मोमो’ कहा। यही नहीं एक आरोपी महिला ने पीड़ितों को धंधेवाली भी कहा और मसाज पार्लर चलाने का आरोप लगाया। घटना का वीडियो भी सामने आया है। जिसमें आरोपी महिला कहती है कि, उसका पति कितना जवान है अगर ये जानना है तो मेरे पति के साथ बेडरूम में चली जा। पीड़ितों की शिकायत पर पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है। उधर मेघालय के सीएम के संगमा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि नॉर्थईस्ट के लोगों के साथ भेदभाव बंद होना चाहिए। घटना से जुड़ दो तस्वीरें… अब समझिए पूरा मामला क्या है दरअसल अरुणाचल प्रदेश की तीन महिलाएं दिल्ली के मालवीय नगर में किराए पर रहती हैं। इनका फ्लैट चौथी मंजिल पर है। 20 फरवरी को महिलाओं ने दोपहर करीब 3.30 बजे अपने फ्लैट में एयर कंडीशनर लगवाने के लिए एक इलेक्ट्रीशियन को बुलाया था। इस दौरान बाहरी दीवार पर ड्रिलिंग करते समय धूल और मलबा नीचे फर्स्ट फ्लोर में रहने वाले हर्ष सिंह और उनकी पत्नी रूबी की बालकनी में गिर गया। मलबा गिरने को लेकर शुरू हुई बहस जल्द ही बिगड़ गई। महिलाओं ने आरोप लगाया कि कपल ने गालियां दीं और उन्हें और नॉर्थईस्ट समुदाय को टारगेट करते हुए अपमानजनक और नस्लीय टिप्पणियां कीं। इस घटना का एक कथित वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में, आरोपी महिला पीड़ित से कहती है कि वह 500 रुपए में मसाज पार्लर में काम करने वाली धंधेवाली है। जब झगड़ा हो रहा था, तब एक पुलिस ऑफिसर मौके पर मौजूद था। वीडियो में, पुलिसवाला बीच-बचाव करते और हालात को शांत करने की कोशिश करते हुए भी दिख रहा है। इस बीच आरोपी हर्ष सिंह महिलाओं से गाली-गलौज करने लगा। तब पीड़ित ने कहा कि इस बुड्ढे को समझा लो। इस पर पत्नी कहती है कि जिस आदमी से वह बात कर रही है वह एक “बड़े पॉलिटिशियन” का बेटा है। तुम उसको बुड्ढा कैसे कह सकती हो। फिर आरोपी महिला कहती है कि तुम (पीड़ित) उसके साथ क्यों नहीं सोती? मेरे बेडरूम में जाओ। तुम्हें पता चल जाएगा कि वह कितने साल का है।” पुलिस ने केस दर्ज किया, अभी तक गिरफ्तारी नहीं पुलिस ने कहा कि हर्ष सिंह और उसकी पत्नी रूबी जैन के खिलाफ मालवीय नगर पुलिस स्टेशन में BNS सेक्शन 79 (महिला की अपमान करने के लिए इस्तेमाल किया गया शब्द), 351(2) (आपराधिक धमकी), 3(5) (कॉमन इंटेंशन) और 196 (धर्म, जाति, जन्म स्थान, रहने की जगह, भाषा, वगैरह के आधार पर दुश्मनी बढ़ाना) के तहत FIR दर्ज की गई है। हालांकि, इस मामले में अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। सीनियर ऑफिसर ने कहा, “किसी भी तरह की फिजिकल चोट की खबर नहीं है। हालांकि, शिकायत करने वालों ने मेंटल हैरेसमेंट और बेइज्जती का आरोप लगाया है।” महिलाओं ने आरोपी से फॉर्मल माफी की मांग की है, और कहा है कि कमेंट्स सिर्फ पर्सनल नहीं थे बल्कि नॉर्थईस्ट कम्युनिटी की इज्जत को टारगेट करते थे।

मातृभाषा दिवस पर गूंजा अपनी जड़ों से जुड़ने का संदेश:इंदौर में विविध भाषाओं का भव्य उत्सव, भारतीय भाषा पर्व में वक्ताओं ने जताई चिंता

मातृभाषा दिवस पर गूंजा अपनी जड़ों से जुड़ने का संदेश:इंदौर में विविध भाषाओं का भव्य उत्सव, भारतीय भाषा पर्व में वक्ताओं ने जताई चिंता

अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर शहर में ‘भारतीय भाषा पर्व’ का भव्य आयोजन हुआ। डॉक्टर हेडगेवार स्मारक समिति एवं भारतीय भाषा संवर्धन समिति के संयुक्त तत्वावधान में नूतन स्कूल (चिमन बाग) के फुटबॉल ग्राउंड पर आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न भाषाई समाजों ने अपनी संस्कृति, साहित्य और पारंपरिक व्यंजनों के माध्यम से भारत की विविधता में एकता का जीवंत संदेश दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। मुख्य अतिथि पी. नरहरि, प्रमुख सचिव, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक एकता उसकी भाषाई विविधता में निहित है। उन्होंने कहा कि बच्चों के बौद्धिक और मानसिक विकास के लिए मातृभाषा में शिक्षा अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने श्री कृष्ण देव राय का उदाहरण देते हुए भाषाओं के संरक्षण और संवर्धन को राष्ट्र निर्माण से जोड़ा। विशिष्ट अतिथि सेवानिवृत्त मेजर जनरल सरबजीत सिंह ने कहा कि मातृभाषा हमें परिवार से विरासत में मिलती है और यह हमारी पहचान का आधार है। सेना केवल देश की सीमाओं की रक्षा नहीं करती, बल्कि संस्कृति और मूल्यों की भी सुरक्षा करती है। उन्होंने युवाओं से अपनी ऊर्जा को राष्ट्रहित में लगाने का आह्वान किया। मुख्य वक्ता क्षेत्र संपर्क प्रमुख प्रवीण गुप्त ने भाषा के प्रति घटती संवेदनशीलता पर चिंता जताई। उन्होंने दैनिक जीवन में मातृभाषा के अधिकाधिक उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि भावनाओं की अभिव्यक्ति है। हस्ताक्षर भी अपनी मातृभाषा में करने की अपील की गई। कार्यक्रम संयोजक रवींद्र देशपांडे के अनुसार, इस पर्व में संस्कृत, निमाड़ी, मालवी, भीली, मैथिली, भोजपुरी, मलयालम, तेलुगु, कन्नड़, तमिल, मराठी, पंजाबी, मारवाड़ी, सिंधी, गुजराती, नेपाली और गढ़वाली सहित अनेक भाषाई समाजों ने सहभागिता की। विभिन्न राज्यों के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां, पारंपरिक व्यंजनों और साहित्य के स्टॉल आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम के अंत में समिति के उपाध्यक्ष रुपेश पाल ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। आयोजन ने मातृभाषा के संरक्षण और संवर्धन के लिए समाज को एकजुट होने का संदेश दिया।

ग्वालियर में बुजुर्ग किसान की मौत:समधी और उसके बेटों ने दो दिन पहले बेरहमी से पीटा था, रविवार रात हुई मौत

ग्वालियर में बुजुर्ग किसान की मौत:समधी और उसके बेटों ने दो दिन पहले बेरहमी से पीटा था, रविवार रात हुई मौत

ग्वालियर में पिटाई से एक बुजुर्ग किसान की मौत हो गई। दो दिन पहले किसान राजेंद्र सिंह गुर्जर निवासी डबका हस्तिनापुर जब बाइक से अपने गांव लौट रहा था तो बोलेरो सवार समधी पुलंदर गुर्जर ने ओवरटेक कर उसे रोका। इसके बाद पुरानी रंजिश पर समधी, उसके बेटों रामू, सुनील व तीन अज्ञात युवकों ने उसे लात-घूसों व डंडे से बेरहमी से पीटा था। शरीर में कई जगह गंभीर चोट आई थी। घटनाक्रम 20 फरवरी दोपहर 12.30 बजे मोहनपुर पुल से 50 मीटर पहले बेहट रोड का है। घायल ने मुरार थाना में घटना की सूचना दी थी। पुलिस ने मेडिकल भी कराया था। उस समय तो बुजुर्ग किसान की हालत ठीक नजर आ रही थी, लेकिन रविवार को अचानक हालत बिगड़ने पर परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे थे, जहां रविवार रात बुजुर्ग की मौत हो गई है। बुजुर्ग की मौत की खबर मिलते ही पुलिस ने तत्काल स्थिति को संभाला है। सोमवार को शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। शॉर्ट पीएम रिपोर्ट के बाद हत्या का मामला दर्ज किया जा सकता है। सड़क पर पटक कर लात-घूंसों से भी पीटा ग्वालियर के हस्तिनापुर डबका गांव निवासी राजेंद्र सिंह पिता रतन सिंह गुर्जर (64) किसान थे। वे शुक्रवार (20 फरवरी) अपनी बाइक से ग्वालियर के लिए निकले थे। दोपहर 12 बजे मोहनपुर पुल से 50 मीटर पहले बेहट रोड पर पहुंचे ही थे कि एक बोलेरो गाड़ी उसकी बाइक को ओवरटेक कर कुछ आगे जाकर रूक गई। बोलेरो से उनके समधी पुलंदर ने हाथ देकर रोक लिया। बाइक रोकी तो बोलेरो से समधी के बेटे रामू गुर्जर, सुनील गुर्जर हाथ में डंडे लेकर उतरे और गालियां देने लगे। जब किसान ने गालियां देने से मना किया तो समधी और उसके लड़कों ने मारपीट शुरू कर दी। इतना ही नहीं सड़क पर पटक कर लात-घूंसों से भी पीटा। इसी समय बोलेरो गाड़ी से तीन अनजान युवक और उतरे और उन्होंने भी बेरहमी से पीटा है। इसके बाद सभी बोलेरो से ही भाग गए। घायल ने बेटे को सूचना दी। बेटा अरविंद गुर्जर के आ जाने के बाद घायल मुरार थाना पहुंचा और शिकायत की। पुलिस ने पुलंदर, रामू, सुनील और तीन अन्य समेत 6 लोगों पर मारपीट का मामला दर्ज किया था। रविवार रात अस्पताल में तोड़ा दम घटना के समय घायल को इतनी गंभीर चोट नजर नहीं आ रही थीं। मेडिकल के बाद परिजन के साथ वह घर चला गया था, लेकिन अंदरूनी चोट से हालत बिगड़ी तो रविवार को बुजुर्ग को मुरार स्थित जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां रविवार रात 11 बजे घायल किसान ने दम तोड़ दिया है। बुजुर्ग की मौत के बाद परिजन ने हत्या का मामला दर्ज करने की मांग के साथ हंगामा खड़ा कर दिया। सूचना मिलते ही सीएसपी मुरार अतुल सोनी, थाना प्रभारी मुरार मैना पटेल पुलिस फोर्स के साथ पहुंची और हालात पर नियंत्रण किया है। अब पुलिस को पीएम रिपोर्ट का इंतजार रविवार रात बुजुर्ग किसान की मौत के बाद परिजन हत्या का मामला दर्ज करने पर अड़ गए। सीएसपी मुरार अतुल कुमार सोनी ने मौके पर पहुंचकर उनको समझाया है। पुलिस ने हालात पर नियंत्रण पाया और शव को डेड हाउस में रखवा दिया है। पुलिस अफसरों ने परिजन को समझाया है कि मारपीट के दो दिन बाद मौत हुई है। इसलिए सोमवार को शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। शॉर्ट पीएम रिपोर्ट से पुष्टि होने के बाद आगे की कार्रवाई की जा सकेगी।

sugar control tips| डायबिटीज में आलू या शकरकंद: ब्लड शुगर कंट्रोल के लिए क्या बेहतर?

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Last Updated:February 22, 2026, 23:41 IST Diabetes Control Tips: डायबिटीज में आलू खाएं या शकरकंद यदि आप भी इस सवाल से उलझन में पड़ गए हैं, तो ये लेख आपके लिए है. आलू और शकरकंद दोनों की सेहतमंद गुणों से भरपूर है, लेकिन ज्यादा मात्रा या गलत तरीके से खाने पर ये ब्लड शुगर को बढ़ा सकते हैं. डायबिटीज में खानपान का ध्यान रखना इसे कंट्रोल करने की पहली शर्त होती है. डाइट में शुगर ट्रिगर करने वाली एक चीज भी डायबिटीज के लक्षणों को गंभीर बना सकती है. देश में करोड़ों लोग या तो डायबिटीज से जूझ रहे हैं या फिर उनका ब्लड शुगर कंट्रोल में नहीं रहता. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल ये है कि रोज की थाली में क्या खाया जाए और क्या नहीं. खासतौर पर आलू और शकरकंद जैसी आम सब्जियों को लेकर लोगों के मन में दुविधा बनी रहती है. कोई कहता है आलू जहर है, तो कोई शकरकंद को चमत्कारी मानता है. लेकिन सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि डायबिटीज में खाने का मतलब किसी चीज को पूरी तरह छोड़ देना नहीं होता. ब्लड शुगर इस बात पर निर्भर करता है कि खाना कितनी जल्दी पचकर ग्लूकोज में बदलता है और खून में जाता है. इसी को ग्लाइसेमिक इंडेक्स कहा जाता है. जितना ज्यादा जीआई, उतनी जल्दी शुगर बढ़ेगी. यही वजह है कि आलू और शकरकंद की तुलना जरूरी हो जाती है. डायबिटीज में आलू खाना चाहिए? आलू को अक्सर डायबिटीज का दुश्मन मान लिया जाता है, लेकिन हर आलू एक जैसा नहीं होता. भारत में आलू की कई किस्में उगाई जाती हैं और हर किस्म का शरीर पर असर अलग हो सकता है. कुछ किस्मों में ऐसा स्टार्च होता है जो धीरे-धीरे टूटता है, जिससे शुगर तेजी से नहीं बढ़ती. रिसर्च बताती है कि सही किस्म और सही तरीके से पकाया गया आलू सीमित मात्रा में नुकसानदेह नहीं होता. समस्या तब होती है जब आलू को तलकर या ज्यादा मसाले के साथ खाया जाता है. उबला आलू भी अगर जरुरत से ज्यादा खाया जाए तो शुगर बढ़ा सकता है, क्योंकि इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स हाई होता है. हालांकि उबालकर ठंडा किया गया आलू थोड़ा बेहतर माना जाता है, क्योंकि उसमें मौजूद स्टार्च का लेवल बदल जाता है. शकरकंद खाने से ब्लड शुगर बढ़ता है?अब बात करें शकरकंद की, जिसे लोग अक्सर डायबिटीज के लिए सुरक्षित मानते हैं. शकरकंद मीठा जरूर होता है, लेकिन उसकी मिठास का असर शरीर पर अलग तरह से पड़ता है. इसमें फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है, जो शुगर को धीरे-धीरे खून में जाने देता है. यही वजह है कि इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स आलू की तुलना में कम रहता है. इसके अलावा, शकरकंद में विटामिन ए, विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो शरीर की कोशिकाओं को नुकसान से बचाते हैं और इंसुलिन के असर को बेहतर बना सकते हैं. आयुर्वेद में भी शकरकंद को ऊर्जा देने वाला और पाचन के लिए अपेक्षाकृत संतुलित माना गया है, बशर्ते मात्रा सही हो. वैज्ञानिक शोधों के अनुसार, अगर किसी व्यक्ति की प्राथमिकता ब्लड शुगर को नियंत्रित रखना है, तो शकरकंद थोड़ा बेहतर विकल्प साबित हो सकता है. लेकिन ज्यादा मात्रा में खाने पर यह कार्बोहाइड्रेट शुगर बढ़ा सकता है. वहीं आलू को पूरी तरह छोड़ देना भी जरूरी नहीं है. अगर आलू उबला हुआ हो, तो उसे सब्जियों व दाल के साथ संतुलित मात्रा में खाया जा सकता है. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें First Published : February 22, 2026, 23:41 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

फेफड़ों की बीमारी में जेनेटिक कारण और परिवार का इतिहास क्यों है जरूरी.

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Last Updated:February 22, 2026, 22:59 IST फेफड़ों की बीमारियों को अक्सर धूम्रपान, प्रदूषण या संक्रमण से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इसके पीछे आनुवंशिक कारण भी हो सकते हैं. अगर परिवार में किसी को अस्थमा, सीओपीडी या अन्य सांस से जुड़ी समस्या रही है, तो जोखिम बढ़ सकता है. ख़बरें फटाफट फेफड़े हमारे शरीर का बेहद अहम हिस्सा हैं, क्योंकि यही हमें सांस लेने और शरीर को ऑक्सीजन पहुंचाने का काम करते हैं. अक्सर लोग फेफड़ों की बीमारी को सिर्फ प्रदूषण, धूम्रपान या संक्रमण से जोड़कर देखते हैं, लेकिन कई मामलों में इसके पीछे जेनेटिक कारण भी हो सकते हैं. अगर परिवार में किसी को अस्थमा, सीओपीडी या अन्य फेफड़ों से जुड़ी बीमारी रही है, तो सतर्क रहना और भी जरूरी हो जाता है. खास बात यह है कि फेफड़ों की समस्या हमेशा सिर्फ खांसी से ही शुरू नहीं होती, बल्कि इसके कई और संकेत भी हो सकते हैं जिन्हें नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है. मेडिकल रिसर्च के मुताबिक कुछ फेफड़ों की बीमारियों में जेनेटिक रोल भी होता है. मतलब अगर परिवार में पहले से किसी को लंग डिजीज रही है, तो उसका असर अगली पीढ़ी पर भी पड़ सकता है. उदाहरण के तौर पर अल्फा-1 एंटीट्रिप्सिन की कमी एक ऐसी जेनेटिक कंडीशन है, जो माता-पिता से बच्चों में ट्रांसफर हो सकती है और अगर समय पर जांच न हो तो फेफड़ों को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है. इसी तरह विश्व स्वास्थ्य संगठन भी मानता है कि अस्थमा जैसी बीमारियां सिर्फ प्रदूषण या एलर्जी से नहीं होतीं, बल्कि इसमें जेनेटिक और एनवायरनमेंट दोनों फैक्टर काम करते हैं. यानी अगर घर में किसी को अस्थमा है तो परिवार के बाकी सदस्यों को भी सतर्क रहने की जरूरत है. वहीं मेडिकल जर्नल द लैंसेट रेस्पिरेटरी मेडिसिन में छपी स्टडीज बताती हैं कि क्रॉनिक लंग डिजीज में फैमिली हिस्ट्री एक बड़ा रिस्क फैक्टर हो सकता है, खासकर तब जब इसके साथ धूम्रपान या प्रदूषण जैसे ट्रिगर भी मौजूद हों. सांस फूलना और सीने में जकड़नअगर बिना ज्यादा मेहनत के ही सांस फूलने लगे या सीने में बार-बार जकड़न महसूस हो, तो इसे सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज न करें. अमेरिकन लंग एसोसिएशन की रिपोर्ट के अनुसार, सांस फूलना फेफड़ों की कार्यक्षमता में कमी का शुरुआती संकेत हो सकता है. खासकर अगर यह लक्षण बार-बार दिखे, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है. बार-बार संक्रमण और बलगमअगर आपको या परिवार के किसी सदस्य को बार-बार सीने में संक्रमण, निमोनिया या लंबे समय तक बलगम की शिकायत रहती है, तो यह भी चेतावनी हो सकती है. द लैंसेट रेस्पिरेटरी मेडिसिन में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, क्रॉनिक लंग डिजीज वाले लोगों में संक्रमण का खतरा अधिक रहता है. लंबे समय तक चलने वाला बलगम या रंग में बदलाव भी गंभीर संकेत हो सकता है. About the Author Vividha Singh विविधा सिंह न्यूज18 हिंदी (NEWS18) में पत्रकार हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में ये 3 वर्षों से काम कर रही हैं. फिलहाल न्यूज18…और पढ़ें First Published : February 22, 2026, 22:57 IST

न्यू मार्केट में ‘संकल्प दिवस’ पर चला हस्ताक्षर अभियान:संसद के 1994 के प्रस्ताव की दिलाई याद, राष्ट्र की अखंडता के समर्थन में हस्ताक्षर

न्यू मार्केट में ‘संकल्प दिवस’ पर चला हस्ताक्षर अभियान:संसद के 1994 के प्रस्ताव की दिलाई याद, राष्ट्र की अखंडता के समर्थन में हस्ताक्षर

राजधानी के न्यू मार्केट में रविवार को ‘संकल्प दिवस’ के अवसर पर जम्मू कश्मीर अध्ययन केंद्र, मध्यप्रदेश की भोपाल इकाई ने हस्ताक्षर अभियान चलाया। अभियान में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने भाग लेकर राष्ट्र की अखंडता के समर्थन में हस्ताक्षर किए। अभियान के दौरान आम नागरिकों को जम्मू कश्मीर और लद्दाख के भारतीय क्षेत्रों पर चीन और पाकिस्तान के अवैध कब्जे के विषय में जानकारी दी गई। साथ ही 22 फरवरी 1994 को भारतीय संसद द्वारा पारित सर्वसम्मत संकल्प का उल्लेख करते हुए उसके ऐतिहासिक महत्व से अवगत कराया गया। कार्यक्रम में भरत शर्मा, गीत धीर, डॉ. दीपक द्विवेदी, शशांक जैन, विभोर श्रीवास्तव, डॉ. जितेंद्र गुप्ता, डॉ. आर. डी. माण्डवकर और आदर्श कुमार सहित कई नागरिक मौजूद रहे। उपस्थित लोगों ने कहा कि संसद का संकल्प केवल दस्तावेज नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्वाभिमान का प्रतीक है। केंद्र के मध्यप्रदेश संयोजक डॉ. विश्वास चौहान ने बताया कि यह अभियान एक सप्ताह तक चलेगा। इसके अंतर्गत प्रदेश के सभी सांसदों को संसद के ऐतिहासिक प्रस्ताव का स्मरण कराया जाएगा। साथ ही विभिन्न कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में व्याख्यान व संवाद कार्यक्रम आयोजित कर युवाओं को विषय की ऐतिहासिक, संवैधानिक और सामरिक पृष्ठभूमि से जोड़ा जाएगा।

बॉडी डिटॉक्स: फैट से भी हो सकता है फुल बॉडी डिटॉक्स, बस गुनगुने पानी में इन 3 बॉडी डिटॉक्स को डाइट में शामिल करें फुट सोक

बॉडी डिटॉक्स: फैट से भी हो सकता है फुल बॉडी डिटॉक्स, बस गुनगुने पानी में इन 3 बॉडी डिटॉक्स को डाइट में शामिल करें फुट सोक

बॉडी डिटॉक्स: रात को सोने से पहले आदिवासियों को गुनगुने पानी में डुबोकर रखना बेहद अजीब आदत मानी जा रही है। यह केवल दांतों की थकान दूर करने का उपाय नहीं है, बल्कि पूरे शरीर और दिमाग को आराम देने की अद्भुत औषधि है। इसे एक तरह की वेबसाइट रिलैक्सेशन और डिटॉक्स रिचुअल भी कहा जा सकता है। इसे फॉलो करने से फुल बॉडी डिटॉक्स हो जाता है। आदिवासियों में हजारों नर्व एंडिंग्स मौजूद होते हैं, जो सीधे शरीर के अलग-अलग अंगों से जुड़े होते हैं। जब दांतों को पानी में डुबोया जाता है तो शरीर में ब्लड सर्कोलन बेहतर होता है और तत्वों को आराम मिलता है। सही तरीके से किए गए फ़ुट सोक स्ट्रेस को कम करने से, ब्रेन फ़ॉग से पीड़ित और नींद की समस्या में मदद मिल सकती है। रोजाना 20 से 30 मिनट का फुट सोक दिमाग को शांत करता है और फोकस बढ़ाने में मदद करता है। इससे शरीर पर असर महसूस होता है और थकान कम होती है। गुणगुणा पानी वैज्ञानिक सार्कटोकन को सक्रिय करता है, जिससे शरीर की सफाई की सुविधा बेहतर होती है। एप्सम सॉल्ट- गुनगुने पानी में आधा कप एप्सम सॉल्ट कुल मिलाकर 20 से 30 मिनट तक, मसाले को जोड़ने से तनाव कम होता है। इसमें मौजूद मैग्नीशियम शरीर को रिलेक्स करने में मदद करता है और सूजन को कम करने में भी मदद कर सकता है। एप्पल साइडर सिरका- एक कप साइडर सिरका को गुनगुने पानी में संपूर्ण अनुपात को जोड़ने से त्वचा का तरल पदार्थ बराबर रहता है। यह त्वचा की सफाई में मदद करता है और त्वचा की सफाई को कम करने में भी मदद मिल सकती है। रोज़मेरी, लैवेंडर या अदरक- गुनगुने पानी में रोजमेरी या लैवेंडर की दोस्त या ताज़ा कटा हुआ मगरमच्छ के पैर सोक करने से सरकुलेशन बेहतर होता है। इन इनसाइड की दिलचस्प बात दिमाग को शांत कर देती है और शरीर को ताजगी का अहसास करा देती है। दोस्ती को लागू करने के बाद ड्रू ब्रूसिंग की जा सकती है। बसों को हृदय की दिशा से ऊपर की ओर यात्रा करनी चाहिए। इससे ब्लड फ़्लो बेहतर होता है और शरीर को अधिक आराम मिलता है। (टैग्सटूट्रांसलेट)पैर भिगोने के फायदे(टी)एप्सम नमक पैर भिगोने(टी)एप्पल साइडर विनेगर डिटॉक्स(टी)रात्रि विश्राम युक्तियाँ(टी)प्राकृतिक रूप से नींद में सुधार(टी)तनाव राहत घरेलू उपाय(टी)प्राकृतिक डिटॉक्स थेरेपी(टी)लसीका जल निकासी(टी)मैग्नीशियम लाभ(टी)पैर की देखभाल की दिनचर्या

ट्रम्प के रिजॉर्ट में घुस रहे युवक को गोली मारी,मौत:गन और फ्यूल केन लेकर अंदर घुसने की कोशिश कर रहा था

ट्रम्प के रिजॉर्ट में घुस रहे युवक को गोली मारी,मौत:गन और फ्यूल केन लेकर अंदर घुसने की कोशिश कर रहा था

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के मार-ए-लागो रिसोर्ट में रविवार को घुसने की कोशिश करने वाले एक युवक को सुरक्षाकर्मियों ने गोली मार दी। उसकी मौके पर ही मौत हो गई है। राष्ट्रपति की सुरक्षा करने वाली एजेंसी सीक्रेट सर्विस ने बताया कि एक शख्स गैरकानूनी तरीके से अंदर घुसने की कोशिश कर था। जब उसने सुरक्षित इलाके में घुसने की कोशिश की, तो सीक्रेट सर्विस के एजेंट ने उसे गोली मार दी। सीक्रेट सर्विस के मुताबिक, युवक शॉटगन जैसी बंदूक और फ्यूल कैन लेकर आया था। मारे गए युवक की उम्र 20 साल थी, हालांकि उसकी पहचान अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। मामले की जांच जारी है। घटना के वक्त राष्ट्रपति ट्रम्प वॉशिंगटन डीसी में व्हाइट हाउस में मौजूद थे। आमतौर पर वह वीकेंड पर मार-ए-लागो में समय बिताते हैं। ट्रम्प की सुरक्षा में पहले भी चूक हुई ट्रम्प की सुरक्षा में पहले भी चूक हो चुकी है। 13 जुलाई 2024 में ट्रम्प को एक रैली के दौरान एक हमलावर ने गोली मार दी थी। उस वक्त वे राष्ट्रपति नहीं थे। उन पर यह हमला राष्ट्रपति चुनाव से ठीक 4 महीने पहले हुआ था। 20 साल के हमलावर ने 400 फीट की दूरी से ट्रम्प पर असॉल्ट राइफल से गोली चलाई थी। यह गोली उनके कान को छूते हुए गुजरी थी। इसके बाद ट्रम्प की सुरक्षा में तैनात सीक्रेट सर्विस के स्नाइपर्स ने हमलावर को तुरंत ढेर कर दिया था। ट्रम्प के रिसोर्ट में एंट्री के लिए मेंबरशिप जरूरी ट्रम्प के रिसॉर्ट में बिना कार्ड यहां एंट्री नहीं होती है। इसकी लाइफटाइम मेंबरशिप फीस 8.50 करोड़ रुपए है। पैसा होने पर भी सभी को मेंबरशिप नहीं मिलती है। इसके लिए पहले उसकी हिस्ट्री चेक होती है। मसलन बैंक अकाउंट डिटेल, सोशल स्टेट्स और फैमिली बैकग्राउंड। न्यूज एजेंसी AFP के मुताबिक हर साल बड़ी संख्या में दुनिया भर के अमीर लोग इसके लिए अप्लाई करते हैं, लेकिन कुछ को ही मेंबरशिप मिलती है। खबर लगातार अपडेट हो रही है…