Saturday, 11 Apr 2026 | 05:55 PM

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सोहराब के किरदार पर रणवीर बोले- उसे बस अटेंशन चाहिए:रजत कपूर की फिल्म में असल जिंदगी से जुड़े किरदार, विनय पाठक बोले- बदलाव जरूरी

सोहराब के किरदार पर रणवीर बोले- उसे बस अटेंशन चाहिए:रजत कपूर की फिल्म में असल जिंदगी से जुड़े किरदार, विनय पाठक बोले- बदलाव जरूरी

फिल्म ‘एवरीबडी लव्स सोहराब हांडा’ पर रजत कपूर, विनय पाठक और रणवीर शौरी ने दैनिक भास्कर से बातचीत की। रजत कपूर ने फिल्म में अभिनय के साथ इसे लिखा, डायरेक्ट किया और अपलॉज एंटरटेनमेंट के साथ प्रोड्यूस किया है। उन्होंने बताया कि सोहराब हांडा ऐसा किरदार है जो हर किसी का ध्यान खींचता है। रणवीर शौरी और विनय पाठक ने कहानी और किरदारों की गहराई पर बात की। यह मर्डर मिस्ट्री फिल्म 10 अप्रैल को ZEE5 पर स्ट्रीम हो चुकी है। सवाल: फिल्म का टाइटल ‘एवरीबडी लव्स सोहराब हांडा’ दिलचस्प है। सोहराब में ऐसा क्या है कि हर किरदार उससे जुड़ जाता है? जवाब / रजत कपूर: सोहराब हांडा एक खास इंसान है। कुछ लोग कमरे में आते ही माहौल अपने कब्जे में ले लेते हैं। सोहराब भी वैसा ही है। उसे हर किसी का ध्यान चाहिए और वह ऐसा करने का तरीका ढूंढ लेता है। उसकी पर्सनैलिटी मैग्नेटिक है। सवाल: रणवीर, आप सोहराब हांडा के बारे में क्या कहना चाहेंगे? जवाब / रणवीर शौरी: जैसा रजत सर ने कहा, वह हमेशा ध्यान चाहता है। इंडस्ट्री में ऐसे लोग हैं जिन्हें ज्यादा भाव चाहिए होता है। वह अलग-अलग लोगों से अलग तरीके से जुड़ता है, लेकिन एक बात कॉमन है- उसे अटेंशन चाहिए। सवाल: विनय जी, आप सोहराब हांडा का किरदार निभा रहे हैं। इसके लिए आपको क्या करना पड़ा? जवाब / विनय पाठक: मेरे लिए यह आसान था, क्योंकि स्क्रिप्ट अच्छी तरह लिखी गई थी। रजत बहुत रिसर्च करके लिखते हैं। हर किरदार असल जिंदगी से जुड़ा लगता है। इसलिए निभाना आसान हुआ। सभी किरदारों में गहराई और रोचकता है। सवाल: रजत जी, फिल्म के किरदार असल जिंदगी से प्रभावित हैं। क्या किसी खास व्यक्ति से प्रेरित होकर आपने कहानी लिखी? जवाब / रजत कपूर: किसी एक व्यक्ति को देखकर किरदार नहीं लिखा जाता। हम अनुभवों, दोस्तों और आसपास के लोगों से छोटी-छोटी बातें लेकर किरदार बनाते हैं। फिल्म में सभी किरदार खास हैं, ताकि रिश्ते अच्छे से दिखाए जा सकें। सवाल: क्या लिखते वक्त सारे किरदार आपके दिमाग में साफ होते हैं? जवाब / रजत कपूर: हां, एक आइडिया होता है कि कहानी किस दिशा में जाएगी। बाद में एक्टर्स किरदार को और निखार देते हैं। सवाल: रणवीर, जब आपने कहानी सुनी तो आपका पहला रिएक्शन क्या था? जवाब / रणवीर शौरी: रजत कुछ नया लिखते हैं तो उसे पढ़ने का उत्साह रहता है। उनके साथ काम करके मैंने बहुत कुछ सीखा है। फिल्म ऊपर से साधारण लग सकती है, लेकिन अंदर से अलग और खास है। रजत कपूर:: फिल्म में बेहतरीन कलाकार हैं- हर एक शानदार है। इतने अच्छे एक्टर्स का साथ काम करना खास अनुभव है। सवाल: विनय जी, फिल्म में जिस तरह से पिता-पुत्र का रिश्ता दिखाया गया है। इससे आप कितना जुड़ाव महसूस करते हैं? जवाब / विनय पाठक: किरदार भले काल्पनिक हो, लेकिन उसमें सच्चाई है। कई बार लगेगा कि ये हमारे आसपास के लोग हैं। यही अच्छे किरदार की पहचान है कि वह असली लगे। रजत कपूर: अगर दर्शकों को लगे कि वे इन किरदारों को जानते हैं, तो वही फिल्म की असली सफलता है। सवाल: शूटिंग के दौरान कोई भावनात्मक या मुश्किल पल आया? जवाब / रणवीर शौरी: कई सीन में 15 किरदार एक साथ थे। ऐसे सीन करना मुश्किल और रोमांचक था। रजत कपूर: इतने किरदारों को एक फ्रेम में सही तरीके से दिखाना चुनौतीपूर्ण था, लेकिन यही मजा था। शुरुआत में सब अराजक लगता था, फिर धीरे-धीरे सेट हो जाता था। सवाल: अप्लॉज एंटरटेनमेंट के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? जवाब / रजत कपूर: बहुत अच्छा। उन्होंने स्क्रिप्ट पढ़कर तुरंत हां कहा और पूरे समय सपोर्टिव रहे। उन्होंने काम में दखल नहीं दिया, जिससे काम आसान हो गया। सवाल: इस फिल्म को किस जॉनर में रखेंगे? जवाब / रजत कपूर: यह मर्डर मिस्ट्री है, लेकिन सिर्फ “किसने किया” नहीं, बल्कि “क्यों किया” पर ज्यादा फोकस है। सवाल: विनय जी, कंटेंट और दर्शकों की पसंद में आए बदलाव को कैसे देखते हैं? जवाब / विनय पाठक: यह बदलाव अच्छा है। अब कहानी आधारित फिल्में बन रही हैं। ओटीटी के आने से प्लेटफॉर्म बढ़े हैं, जिससे हर तरह की कहानियों को मौका मिल रहा है। सवाल: आज के कंटेंट-ड्रिवन सिनेमा में इस फिल्म को कहां रखते हैं? जवाब / रजत कपूर: मुझे नहीं लगता कि पूरी तरह कंटेंट-ड्रिवन सिनेमा चल रहा है। हमने एक फिल्म बनानी चाही और बना दी। आगे क्या होगा, यह समय बताएगा। रणवीर शौरी: ऐसी फिल्मों की एक खास ऑडियंस होती है। वह बड़ी नहीं होती, लेकिन मौजूद जरूर है। विनय पाठक: हम उम्मीद करते हैं कि ऐसी फिल्मों की ऑडियंस धीरे-धीरे बढ़े।

सोहराब के किरदार पर रणवीर बोले- उसे बस अटेंशन चाहिए:रजत कपूर की फिल्म में असल जिंदगी से जुड़े किरदार, विनय पाठक बोले- बदलाव जरूरी

सोहराब के किरदार पर रणवीर बोले- उसे बस अटेंशन चाहिए:रजत कपूर की फिल्म में असल जिंदगी से जुड़े किरदार, विनय पाठक बोले- बदलाव जरूरी

फिल्म ‘एवरीबडी लव्स सोहराब हांडा’ पर रजत कपूर, विनय पाठक और रणवीर शौरी ने दैनिक भास्कर से बातचीत की। रजत कपूर ने फिल्म में अभिनय के साथ इसे लिखा, डायरेक्ट किया और अपलॉज एंटरटेनमेंट के साथ प्रोड्यूस किया है। उन्होंने बताया कि सोहराब हांडा ऐसा किरदार है जो हर किसी का ध्यान खींचता है। रणवीर शौरी और विनय पाठक ने कहानी और किरदारों की गहराई पर बात की। यह मर्डर मिस्ट्री फिल्म 10 अप्रैल को ZEE5 पर स्ट्रीम हो चुकी है। सवाल: फिल्म का टाइटल ‘एवरीबडी लव्स सोहराब हांडा’ दिलचस्प है। सोहराब में ऐसा क्या है कि हर किरदार उससे जुड़ जाता है? जवाब / रजत कपूर: सोहराब हांडा एक खास इंसान है। कुछ लोग कमरे में आते ही माहौल अपने कब्जे में ले लेते हैं। सोहराब भी वैसा ही है। उसे हर किसी का ध्यान चाहिए और वह ऐसा करने का तरीका ढूंढ लेता है। उसकी पर्सनैलिटी मैग्नेटिक है। सवाल: रणवीर, आप सोहराब हांडा के बारे में क्या कहना चाहेंगे? जवाब / रणवीर शौरी: जैसा रजत सर ने कहा, वह हमेशा ध्यान चाहता है। इंडस्ट्री में ऐसे लोग हैं जिन्हें ज्यादा भाव चाहिए होता है। वह अलग-अलग लोगों से अलग तरीके से जुड़ता है, लेकिन एक बात कॉमन है- उसे अटेंशन चाहिए। सवाल: विनय जी, आप सोहराब हांडा का किरदार निभा रहे हैं। इसके लिए आपको क्या करना पड़ा? जवाब / विनय पाठक: मेरे लिए यह आसान था, क्योंकि स्क्रिप्ट अच्छी तरह लिखी गई थी। रजत बहुत रिसर्च करके लिखते हैं। हर किरदार असल जिंदगी से जुड़ा लगता है। इसलिए निभाना आसान हुआ। सभी किरदारों में गहराई और रोचकता है। सवाल: रजत जी, फिल्म के किरदार असल जिंदगी से प्रभावित हैं। क्या किसी खास व्यक्ति से प्रेरित होकर आपने कहानी लिखी? जवाब / रजत कपूर: किसी एक व्यक्ति को देखकर किरदार नहीं लिखा जाता। हम अनुभवों, दोस्तों और आसपास के लोगों से छोटी-छोटी बातें लेकर किरदार बनाते हैं। फिल्म में सभी किरदार खास हैं, ताकि रिश्ते अच्छे से दिखाए जा सकें। सवाल: क्या लिखते वक्त सारे किरदार आपके दिमाग में साफ होते हैं? जवाब / रजत कपूर: हां, एक आइडिया होता है कि कहानी किस दिशा में जाएगी। बाद में एक्टर्स किरदार को और निखार देते हैं। सवाल: रणवीर, जब आपने कहानी सुनी तो आपका पहला रिएक्शन क्या था? जवाब / रणवीर शौरी: रजत कुछ नया लिखते हैं तो उसे पढ़ने का उत्साह रहता है। उनके साथ काम करके मैंने बहुत कुछ सीखा है। फिल्म ऊपर से साधारण लग सकती है, लेकिन अंदर से अलग और खास है। रजत कपूर:: फिल्म में बेहतरीन कलाकार हैं- हर एक शानदार है। इतने अच्छे एक्टर्स का साथ काम करना खास अनुभव है। सवाल: विनय जी, फिल्म में जिस तरह से पिता-पुत्र का रिश्ता दिखाया गया है। इससे आप कितना जुड़ाव महसूस करते हैं? जवाब / विनय पाठक: किरदार भले काल्पनिक हो, लेकिन उसमें सच्चाई है। कई बार लगेगा कि ये हमारे आसपास के लोग हैं। यही अच्छे किरदार की पहचान है कि वह असली लगे। रजत कपूर: अगर दर्शकों को लगे कि वे इन किरदारों को जानते हैं, तो वही फिल्म की असली सफलता है। सवाल: शूटिंग के दौरान कोई भावनात्मक या मुश्किल पल आया? जवाब / रणवीर शौरी: कई सीन में 15 किरदार एक साथ थे। ऐसे सीन करना मुश्किल और रोमांचक था। रजत कपूर: इतने किरदारों को एक फ्रेम में सही तरीके से दिखाना चुनौतीपूर्ण था, लेकिन यही मजा था। शुरुआत में सब अराजक लगता था, फिर धीरे-धीरे सेट हो जाता था। सवाल: अप्लॉज एंटरटेनमेंट के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? जवाब / रजत कपूर: बहुत अच्छा। उन्होंने स्क्रिप्ट पढ़कर तुरंत हां कहा और पूरे समय सपोर्टिव रहे। उन्होंने काम में दखल नहीं दिया, जिससे काम आसान हो गया। सवाल: इस फिल्म को किस जॉनर में रखेंगे? जवाब / रजत कपूर: यह मर्डर मिस्ट्री है, लेकिन सिर्फ “किसने किया” नहीं, बल्कि “क्यों किया” पर ज्यादा फोकस है। सवाल: विनय जी, कंटेंट और दर्शकों की पसंद में आए बदलाव को कैसे देखते हैं? जवाब / विनय पाठक: यह बदलाव अच्छा है। अब कहानी आधारित फिल्में बन रही हैं। ओटीटी के आने से प्लेटफॉर्म बढ़े हैं, जिससे हर तरह की कहानियों को मौका मिल रहा है। सवाल: आज के कंटेंट-ड्रिवन सिनेमा में इस फिल्म को कहां रखते हैं? जवाब / रजत कपूर: मुझे नहीं लगता कि पूरी तरह कंटेंट-ड्रिवन सिनेमा चल रहा है। हमने एक फिल्म बनानी चाही और बना दी। आगे क्या होगा, यह समय बताएगा। रणवीर शौरी: ऐसी फिल्मों की एक खास ऑडियंस होती है। वह बड़ी नहीं होती, लेकिन मौजूद जरूर है। विनय पाठक: हम उम्मीद करते हैं कि ऐसी फिल्मों की ऑडियंस धीरे-धीरे बढ़े।

हिमाचल में अप्रैल में सामान्य से 142% ज्यादा बारिश:आज फिर 5 जिलों में तूफान का अलर्ट; 24 घंटे में 3.2 डिग्री बढ़ा टेंपरेचर

हिमाचल में अप्रैल में सामान्य से 142% ज्यादा बारिश:आज फिर 5 जिलों में तूफान का अलर्ट; 24 घंटे में 3.2 डिग्री बढ़ा टेंपरेचर

हिमाचल की राजधानी शिमला समेत प्रदेश के ज्यादातर भागों में आज सुबह से ही आसमान में बादल छाए हुए है। मौसम विभाग (IMD) ने कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, चंबा और शिमला जिला के कुछेक क्षेत्रों में आंधी-तूफान और आसमानी बिजली गिरने का पूर्वानुमान लगाया है। इन पांच जिलों में येलो अलर्ट की चेतावनी जारी की गई है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती है। 12 अप्रैल को भी लाहौल स्पीति, चंबा, कुल्लू, किन्नौर और कांगड़ा के अधिक ऊंचे भागों में हल्की बूंदाबांदी के आसार है। अन्य क्षेत्रों में मौसम साफ रहेगा। 13-14 अप्रैल को पूरी तरह साफ रहेगा मौसम राज्य में 13 और 14 अप्रैल को मौसम पूरी तरह साफ हो जाएगा। इन दो दिनों के दौरान अच्छी धूप खिलेगी और ठंड से राहत मिलेगी। 15 अप्रैल को फिर से वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होगा। इस दिन अधिक ऊंचे क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। 16 अप्रैल को अधिक ऊंचे व मध्यम ऊंचाई वाले इलाकों में भी मौसम खराब रहेगा। बीते 24 घंटे में तापमान में 3.2 डिग्री का उछाल वहीं बीते 24 घंटे के दौरान मौसम साफ रहने के बाद प्रदेश के औसत अधिकतम तापमान में 3.2 डिग्री का उछाल जरूर आया है, लेकिन राज्य का औसत अधिकतम तापमान अभी भी सामान्य से 2.7 डिग्री कम है। कांगड़ा का अधिकतम तापमान सामान्य से 6.1 डिग्री कम के साथ 26.0 डिग्री, नाहन का 5.4 डिग्री कम के साथ 24.3 डिग्री, ऊना का 4.4 डिग्री कम के साथ 28.4 डिग्री और धर्मशाला का अधिकतम तापमान सामान्य से 3.1 डिग्री कम के साथ 22.0 डिग्री सेल्सियस है। एक से 10 अप्रैल तक हुई ज्यादा बारिश प्रदेश में अप्रैल माह के दौरान अब तक सामान्य से 142 फीसदी अधिक बारिश हो चुकी है। मौसम विभाग के अनुसार एक से 10 अप्रैल तक 22.9 मिलीमीटर सामान्य बारिश होती है, लेकिन इस बार 55.4 मिलीमीटर बादल बरस चुके है।

वैभव की सिक्स से फिफ्टी, 15 बॉल पर अर्धशतक:RCB ने 37वीं बार 200+ स्कोर बनाया, बिश्नोई की बॉल पर कोहली बोल्ड; मोमेंट्स-रिकॉर्ड्स

वैभव की सिक्स से फिफ्टी, 15 बॉल पर अर्धशतक:RCB ने 37वीं बार 200+ स्कोर बनाया, बिश्नोई की बॉल पर कोहली बोल्ड; मोमेंट्स-रिकॉर्ड्स

राजस्थान रॉयल्स ने IPL में लगातार चौथी जीत दर्ज की। टीम ने शुक्रवार को डिफेंडिंग चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को 6 विकेट से हरा दिया। गुवाहाटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में रोचक मोमेंट्स देखने को मिले। वैभव सूर्यवंशी ने महज 15 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया और सिक्स लगाकर अपनी फिफ्टी पूरी की। दूसरी ओर, विराट कोहली अच्छी शुरुआत के बाद रवि बिश्नोई की गेंद पर बोल्ड हो गए। रिकॉर्ड्स की बात करें तो RCB ने IPL में 37वीं बार 200 या उससे ज्यादा का स्कोर बनाया और चेन्नई सुपर किंग्स की बराबरी कर ली। RR Vs RCB मैच के टॉप मोमेंट्स-रिकॉर्ड्स… 1. RCB ने CSK की बराबरी की RCB ने IPL में 37वीं बार 200+ का स्कोर बनाकर CSK की बराबरी कर ली है। अब दोनों टीमें इस लिस्ट में संयुक्त रूप से पहले नंबर पर हैं। तीसरे नंबर पर PBKS (33) है, जबकि MI (32) चौथे और KKR (30) पांचवें स्थान पर हैं। 2. संदीप शर्मा के 150 विकेट पूरे संदीप शर्मा ने 140 मैच में 150 विकेट पूरे कर लिए हैं। वह इस लिस्ट में छठे नंबर पर हैं। सबसे तेज 150 विकेट का रिकॉर्ड लसिथ मलिंगा (105 मैच) के नाम है, जबकि दूसरे नंबर पर हर्षल पटेल (117) और तीसरे नंबर पर जसप्रीत बुमराह (124) हैं। 3. रजत के 3 हजार IPL रन पूरे रजत पाटीदार ने 95 पारियों में 3000 T20 रन पूरे कर लिए हैं। वह इस लिस्ट में चौथे नंबर पर हैं। सबसे तेज 3000 रन का रिकॉर्ड तिलक वर्मा (90 पारियां) के नाम है, जबकि दूसरे नंबर पर ऋतुराज गायकवाड़ (91) और तीसरे नंबर पर केएल राहुल (93) हैं। 4. RCB 7 वीं बार 200+ रन बनाकर हारी RCB ने 200+ स्कोर बनाने के बाद 7वीं बार मैच गंवाया, जिससे वह PBKS के साथ संयुक्त रूप से पहले स्थान पर पहुंच गई है। CSK 6 हार के साथ तीसरे नंबर पर है, जबकि KKR (5) चौथे स्थान पर है। यहां से टॉप-7 मोमेंट्स… 1. आर्चर को पहली बॉल पर विकेट, सॉल्ट आउट जोफ्रा आर्चर ने मैच की पहली बॉल पर विकेट हासिल किया। उन्होंने फिल सॉल्ट को विकेटकीपर ध्रुव जुरेल के हाथों कैच कराया। सॉल्ट आर्चर की उछाल लेती लेंथ बॉल को संभाल नहीं सके और बॉल बल्ले के ऊपरी हिस्से में लगकर ऊपर चली गई। जिसे विकेटकीपर जुरेल ने आसानी से कैच किया। 2. बिश्नोई ने कोहली को क्लीन बोल्ड कर दिया बेंगलुरु की पारी के पावरप्ले की 5वीं बॉल पर रवि बिश्नोई ने विराट कोहली को क्लीन बोल्ड कर दिया। उन्होंने गुगली बॉल पर डाली, जिसे कोहली समझ नहीं पाए और बॉल ने स्टंप्स बिखेर दिए। यहां विराट कोहली 32 रन बनाकर आउट हुए। इससे पहले 5वें ओवर में विराट कोहली ने संदीप शर्मा की बॉल पर खूबसूरत कवर ड्राइव लगाकर चौका मारा। 3. कोहली ने आर्चर के ओवर में 3 चौके लगाए तीसरे ओवर में विराट कोहली ने जोफ्रा आर्चर की बॉल पर तीन चौके मारे। उन्होंने पहली बॉल पर शॉर्ट थर्ड मैन, तीसरी बॉल पर फाइन लगे और चौथी बॉल को बैकवर्ड पॉइंट बाउंड्री के बाहर पहुंचाया। 4. हेटमायर ने पडिक्कल और पंड्या के शानदार कैच पकड़े शिमरोन हेटमायर ने बेंगलुरु की पारी में दो शानदार कैच पकड़े। उन्होंने देवदत्त पडिक्कल और क्रुणाल पंड्या को कैच किया। आगे देखिए… 5. जडेजा की बॉल पर बृजेश ने दो प्रयास में कैच पकड़ा 14वें ओवर में बृजेश शर्मा ने दो प्रयास में शेफर्ड का कैच पकड़ा। रवींद्र जडेजा ने ओवर की आखिरी बॉल पर लेग स्टंप के बाहर रखी। इस पर रोमारियो शेफर्ड बड़ा शॉर्ट खेलने चले गए, लेकिन बॉल शार्ट फाइन लेग में हवा में चली गई। बॉल के नीचे बृजेश शर्मा थे। पहले प्रयास में बॉल उनके हाथ से छिटक गई। उन्होंने दूसरे प्रयास में कैच पकड़ा। 6. पाटीदार ने चौके से फिफ्टी पूरी की 16वें ओवर में रजत पाटीदार ने चौके के साथ फिफ्टी पूरी की। संदीप शर्मा ने ऑफ स्टंप के बाहर यॉर्कर बॉल डाली। इस पर पाटीदार ने एक्स्ट्रा कवर की दिशा में शानदार चौका लगाया। 7. वैभव की बैक-टु-बैक सिक्स से फिफ्टी, कैच ड्रॉप भी हुआ राजस्थान की पारी के 5वें ओवर में वैभव ने लगातार दो छक्के लगाकर फिफ्टी पूरी की। भुवनेश्वर कुमार की दूसरी बॉल को वैभव ने मिड ऑन बाउंड्री पर सिक्स मारा। तीसरी बॉल पर वैभव को जीवनदान भी मिला। शॉर्ट गेंद पर टॉप-एज पुल खेला गया, जिसे लॉन्ग लेग पर सॉल्ट ने कैच किया, लेकिन कैच लेते समय उनका पैर कुशन पर चला गया, जिससे छक्का मिल गया और अर्धशतक पूरा हुआ।

वैभव की सिक्स से फिफ्टी, 15 बॉल पर अर्धशतक:RCB ने 37वीं बार 200+ स्कोर बनाया, बिश्नोई की बॉल पर कोहली बोल्ड; मोमेंट्स-रिकॉर्ड्स

वैभव की सिक्स से फिफ्टी, 15 बॉल पर अर्धशतक:RCB ने 37वीं बार 200+ स्कोर बनाया, बिश्नोई की बॉल पर कोहली बोल्ड; मोमेंट्स-रिकॉर्ड्स

राजस्थान रॉयल्स ने IPL में लगातार चौथी जीत दर्ज की। टीम ने शुक्रवार को डिफेंडिंग चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को 6 विकेट से हरा दिया। गुवाहाटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में रोचक मोमेंट्स देखने को मिले। वैभव सूर्यवंशी ने महज 15 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया और सिक्स लगाकर अपनी फिफ्टी पूरी की। दूसरी ओर, विराट कोहली अच्छी शुरुआत के बाद रवि बिश्नोई की गेंद पर बोल्ड हो गए। रिकॉर्ड्स की बात करें तो RCB ने IPL में 37वीं बार 200 या उससे ज्यादा का स्कोर बनाया और चेन्नई सुपर किंग्स की बराबरी कर ली। RR Vs RCB मैच के टॉप मोमेंट्स-रिकॉर्ड्स… 1. RCB ने CSK की बराबरी की RCB ने IPL में 37वीं बार 200+ का स्कोर बनाकर CSK की बराबरी कर ली है। अब दोनों टीमें इस लिस्ट में संयुक्त रूप से पहले नंबर पर हैं। तीसरे नंबर पर PBKS (33) है, जबकि MI (32) चौथे और KKR (30) पांचवें स्थान पर हैं। 2. संदीप शर्मा के 150 विकेट पूरे संदीप शर्मा ने 140 मैच में 150 विकेट पूरे कर लिए हैं। वह इस लिस्ट में छठे नंबर पर हैं। सबसे तेज 150 विकेट का रिकॉर्ड लसिथ मलिंगा (105 मैच) के नाम है, जबकि दूसरे नंबर पर हर्षल पटेल (117) और तीसरे नंबर पर जसप्रीत बुमराह (124) हैं। 3. रजत के 3 हजार IPL रन पूरे रजत पाटीदार ने 95 पारियों में 3000 T20 रन पूरे कर लिए हैं। वह इस लिस्ट में चौथे नंबर पर हैं। सबसे तेज 3000 रन का रिकॉर्ड तिलक वर्मा (90 पारियां) के नाम है, जबकि दूसरे नंबर पर ऋतुराज गायकवाड़ (91) और तीसरे नंबर पर केएल राहुल (93) हैं। 4. RCB 7 वीं बार 200+ रन बनाकर हारी RCB ने 200+ स्कोर बनाने के बाद 7वीं बार मैच गंवाया, जिससे वह PBKS के साथ संयुक्त रूप से पहले स्थान पर पहुंच गई है। CSK 6 हार के साथ तीसरे नंबर पर है, जबकि KKR (5) चौथे स्थान पर है। यहां से टॉप-7 मोमेंट्स… 1. आर्चर को पहली बॉल पर विकेट, सॉल्ट आउट जोफ्रा आर्चर ने मैच की पहली बॉल पर विकेट हासिल किया। उन्होंने फिल सॉल्ट को विकेटकीपर ध्रुव जुरेल के हाथों कैच कराया। सॉल्ट आर्चर की उछाल लेती लेंथ बॉल को संभाल नहीं सके और बॉल बल्ले के ऊपरी हिस्से में लगकर ऊपर चली गई। जिसे विकेटकीपर जुरेल ने आसानी से कैच किया। 2. बिश्नोई ने कोहली को क्लीन बोल्ड कर दिया बेंगलुरु की पारी के पावरप्ले की 5वीं बॉल पर रवि बिश्नोई ने विराट कोहली को क्लीन बोल्ड कर दिया। उन्होंने गुगली बॉल पर डाली, जिसे कोहली समझ नहीं पाए और बॉल ने स्टंप्स बिखेर दिए। यहां विराट कोहली 32 रन बनाकर आउट हुए। इससे पहले 5वें ओवर में विराट कोहली ने संदीप शर्मा की बॉल पर खूबसूरत कवर ड्राइव लगाकर चौका मारा। 3. कोहली ने आर्चर के ओवर में 3 चौके लगाए तीसरे ओवर में विराट कोहली ने जोफ्रा आर्चर की बॉल पर तीन चौके मारे। उन्होंने पहली बॉल पर शॉर्ट थर्ड मैन, तीसरी बॉल पर फाइन लगे और चौथी बॉल को बैकवर्ड पॉइंट बाउंड्री के बाहर पहुंचाया। 4. हेटमायर ने पडिक्कल और पंड्या के शानदार कैच पकड़े शिमरोन हेटमायर ने बेंगलुरु की पारी में दो शानदार कैच पकड़े। उन्होंने देवदत्त पडिक्कल और क्रुणाल पंड्या को कैच किया। आगे देखिए… 5. जडेजा की बॉल पर बृजेश ने दो प्रयास में कैच पकड़ा 14वें ओवर में बृजेश शर्मा ने दो प्रयास में शेफर्ड का कैच पकड़ा। रवींद्र जडेजा ने ओवर की आखिरी बॉल पर लेग स्टंप के बाहर रखी। इस पर रोमारियो शेफर्ड बड़ा शॉर्ट खेलने चले गए, लेकिन बॉल शार्ट फाइन लेग में हवा में चली गई। बॉल के नीचे बृजेश शर्मा थे। पहले प्रयास में बॉल उनके हाथ से छिटक गई। उन्होंने दूसरे प्रयास में कैच पकड़ा। 6. पाटीदार ने चौके से फिफ्टी पूरी की 16वें ओवर में रजत पाटीदार ने चौके के साथ फिफ्टी पूरी की। संदीप शर्मा ने ऑफ स्टंप के बाहर यॉर्कर बॉल डाली। इस पर पाटीदार ने एक्स्ट्रा कवर की दिशा में शानदार चौका लगाया। 7. वैभव की बैक-टु-बैक सिक्स से फिफ्टी, कैच ड्रॉप भी हुआ राजस्थान की पारी के 5वें ओवर में वैभव ने लगातार दो छक्के लगाकर फिफ्टी पूरी की। भुवनेश्वर कुमार की दूसरी बॉल को वैभव ने मिड ऑन बाउंड्री पर सिक्स मारा। तीसरी बॉल पर वैभव को जीवनदान भी मिला। शॉर्ट गेंद पर टॉप-एज पुल खेला गया, जिसे लॉन्ग लेग पर सॉल्ट ने कैच किया, लेकिन कैच लेते समय उनका पैर कुशन पर चला गया, जिससे छक्का मिल गया और अर्धशतक पूरा हुआ। —————————————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… IPL में आज दिल्ली vs चेन्नई:धोनी के बिना खेल रही CSK तीनों मैच हारी, कप्तान अक्षर DC को 2 जीत दिला चुके इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के 19वें सीजन में आज 2 मैच खेले जाएंगे। दिन का दूसरा मैच चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) और राजस्थान रॉयल्स (RR) के बीच चेपॉक स्टेडियम में होगा। मुकाबला शाम 7.30 बजे से खेला जाएगा, जिसका टॉस 7 बजे होगा। पूरी खबर IPL में आज पहला मैच PBKS vs SRH:हैदराबाद ने पंजाब के खिलाफ पिछले 4 मैच जीते, किंग्स ने आखिरी जीत 2023 में दर्ज की IPL में आज दो मैच खेले जाएंगे। दिन का पहला मैच पंजाब किंग्स और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच होगा। मुकाबला PBKS के घरेलू मैच न्यू चंडीगढ़ के महाराजा यादवेंद्र सिंह स्टेडियम में शाम 3:30 बजे से खेला जाएगा। जबकि टॉस शाम 3:00 बजे होगा। पूरी खबर

12 राज्यों-UT में SIR, 6.08 करोड़ लोगों के नाम कटे:UP में सबसे ज्यादा 2.04 करोड़, बंगाल में 91 लाख वोटर फाइनल लिस्ट से बाहर

12 राज्यों-UT में SIR, 6.08 करोड़ लोगों के नाम कटे:UP में सबसे ज्यादा 2.04 करोड़, बंगाल में 91 लाख वोटर फाइनल लिस्ट से बाहर

चुनाव आयोग के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दूसरे फेज के तहत शुक्रवार को उत्तर प्रदेश में फाइनल वोटर लिस्ट जारी की गई। इसके पूरा होने के बाद 9 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों की वोटर लिस्ट में कुल 6.08 करोड़ नाम कम हुए हैं। पिछले साल 27 अक्टूबर को SIR प्रक्रिया शुरू होने से पहले 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कुल मतदाताओं की संख्या करीब 51 करोड़ थी। फाइनल लिस्ट जारी होने के बाद यह संख्या 44.92 करोड़ रह गई है। SIR के दूसरे फेज में उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, राजस्थान, छत्तीसगढ़, केरल, गुजरात, मध्य प्रदेश, गोवा समेत पुडुचेरी, अंडमान-निकोबार, लक्षद्वीप की फाइनल वोटर लिस्ट पब्लिश की गई है। उत्तर प्रदेश में शुक्रवार को जारी हुई SIR की फाइनल लिस्ट में वोटर्स की संख्या 13% घटकर 13.39 करोड़ हो गई है। यानी लिस्ट में से 2.04 करोड़ लोगों के नाम कटे हैं। वहीं पश्चिम बंगाल में करीब 91 लाख वोटर्स के नाम फाइनल लिस्ट से बाहर हुए हैं। अब तक 60 करोड़ वोटर कवर, 39 करोड़ बाकी चुनाव आयोग ने 24 जून 2025 को पूरे देश में SIR कराने का आदेश दिया था। अब तक 10 राज्य और 3 केंद्र शासित प्रदेश कवर हो चुके हैं। SIR के पहले फेज में बिहार, दूसरे फेज में 9 राज्य और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में SIR कराया गया था। वहीं असम में SIR के बजाय 10 फरवरी को स्पेशल रिवीजन पूरा किया गया था। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान कई राज्यों में शेड्यूल में बार-बार बदलाव हुए। तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में राजनीतिक दलों ने इस प्रक्रिया को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। देश के करीब 99 करोड़ मतदाताओं में से 60 करोड़ को इस अभियान में शामिल किया जा चुका है। अब बाकी 39 करोड़ मतदाताओं को SIR के तीसरे फेज 17 राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों में कवर किया जाएगा। इन 22 राज्यों-UT में SIR प्रक्रिया इस महीने पांच विधानसभा चुनावों के बाद शुरू की जाएगी। चुनावी राज्य बंगाल में SIR के बाद 90.83 लाख नाम हटे पश्चिम बंगाल में SIR के दौरान करीब 91 लाख नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। चुनाव आयोग के अनुसार, यह कार्रवाई नवंबर से चल रही प्रक्रिया के तहत की गई है, आयोग के 28 फरवरी तक के आंकड़ों के मुताबिक, SIR शुरू होने के बाद 63.66 लाख नाम हटाए गए थे, जिससे मतदाताओं की संख्या करीब 7.66 करोड़ से घटकर 7.04 करोड़ रह गई। बाद में जांच और प्रक्रिया पूरी होने के साथ कुल हटाए गए नामों की संख्या बढ़कर करीब 90.83 लाख हो गई है। SIR की प्रोसेस को 6 सवाल-जवाब में जानें 1. SIR क्या है? यह चुनाव आयोग की एक प्रक्रिया है। इसमें घर-घर जाकर लोगों से फॉर्म भरवाकर वोटर लिस्ट अपडेट की जाती है। 18 साल से ज्यादा के नए वोटरों को जोड़ा जाता है। ऐसे लोग जिनकी मौत हो चुकी है या जो दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके हैं, उनके नाम हटाए जाते हैं। नाम, पते में गलतियों को भी ठीक किया जाता है। 2. पहले किस राज्य में हुआ? पहले फेज में बिहार में हुआ। फाइनल लिस्ट में 7.42 करोड़ वोटर्स हैं। दूसरे फेज के तहत उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और लक्षद्वीप में SIR की घोषणा हुई। 3. कौन करता है? ब्लॉक लेवल ऑफिसर (BLO) और बूथ लेवल एजेंट (BLA) घर-घर जाकर वोटरों का वेरिफिकेशन करते हैं। 4. SIR में वोटर को क्या करना होगा? SIR के दौरान BLO/BLA वोटर को फॉर्म देंगे। वोटर को उन्हें जानकारी मैच करवानी है। अगर दो जगह वोटर लिस्ट में नाम है तो उसे एक जगह से कटवाना होगा। अगर नाम वोटर लिस्ट में नहीं है तो जुड़वाने के लिए फॉर्म भरना होगा और संबंधित डॉक्यूमेंट्स देने होंगे। 5. SIR के लिए कौन से दस्तावेज मान्य? पेंशनर पहचान पत्र किसी सरकारी विभाग द्वारा जारी पहचान पत्र जन्म प्रमाणपत्र पासपोर्ट 10वीं की मार्कशीट स्थायी निवास प्रमाणपत्र वन अधिकार प्रमाणपत्र जाति प्रमाणपत्र राष्ट्रीय रजिस्टर (NRC) में नाम परिवार रजिस्टर में नाम जमीन या मकान आवंटन पत्र आधार कार्ड 6. SIR का मकसद क्या है? 1951 से लेकर 2004 तक का SIR हो गया है, लेकिन पिछले 21 साल से बाकी है। इस लंबे दौर में मतदाता सूची में कई परिवर्तन जरूरी हैं। जैसे लोगों का माइग्रेशन, दो जगह वोटर लिस्ट में नाम होना। डेथ के बाद भी नाम रहना। विदेशी नागरिकों का नाम सूची में आ जाने पर हटाना। कोई भी योग्य वोटर लिस्ट में न छूटे और कोई भी अयोग्य मतदाता सूची में शामिल न हो।

12 राज्यों-UT में SIR, 6.08 करोड़ लोगों के नाम कटे:UP में सबसे ज्यादा 2.04 करोड़, बंगाल में 91 लाख वोटर फाइनल लिस्ट से बाहर

12 राज्यों-UT में SIR, 6.08 करोड़ लोगों के नाम कटे:UP में सबसे ज्यादा 2.04 करोड़, बंगाल में 91 लाख वोटर फाइनल लिस्ट से बाहर

चुनाव आयोग के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दूसरे फेज के तहत शुक्रवार को उत्तर प्रदेश में फाइनल वोटर लिस्ट जारी की गई। इसके पूरा होने के बाद 9 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों की वोटर लिस्ट में कुल 6.08 करोड़ नाम कम हुए हैं। पिछले साल 27 अक्टूबर को SIR प्रक्रिया शुरू होने से पहले 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कुल मतदाताओं की संख्या करीब 51 करोड़ थी। फाइनल लिस्ट जारी होने के बाद यह संख्या 44.92 करोड़ रह गई है। SIR के दूसरे फेज में उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, राजस्थान, छत्तीसगढ़, केरल, गुजरात, मध्य प्रदेश, गोवा समेत पुडुचेरी, अंडमान-निकोबार, लक्षद्वीप की फाइनल वोटर लिस्ट पब्लिश की गई है। यूपी में शुक्रवार को जारी हुई SIR की फाइनल लिस्ट में वोटर्स की संख्या 13% घटकर 13.39 करोड़ हो गई है। यानी लिस्ट में 2.04 करोड़ नाम कटे हैं। वहीं पश्चिम बंगाल में करीब 91 लाख वोटर्स के नाम फाइनल लिस्ट से बाहर हुए हैं। अब तक 60 करोड़ वोटर कवर, 39 करोड़ बाकी चुनाव आयोग ने 24 जून 2025 को पूरे देश में SIR कराने का आदेश दिया था। अब तक 10 राज्य और 3 केंद्र शासित प्रदेश कवर हो चुके हैं। SIR के पहले फेज में बिहार में SIR कराया गया था। वहीं असम में SIR के बजाय 10 फरवरी को स्पेशल रिवीजन पूरा किया गया था। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान कई राज्यों में शेड्यूल में बार-बार बदलाव हुए। बिहार की तरह तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में भी राजनीतिक दलों ने इस प्रक्रिया को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। देश के करीब 99 करोड़ मतदाताओं में से 60 करोड़ को इस अभियान में शामिल किया जा चुका है। अब बाकी 39 करोड़ मतदाताओं को SIR के तीसरे फेज 17 राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों में कवर किया जाएगा। इन 22 राज्यों-UT में SIR प्रक्रिया इस महीने पांच विधानसभा चुनावों के बाद शुरू की जाएगी। चुनावी राज्य बंगाल में SIR के बाद 90.83 लाख नाम हटे पश्चिम बंगाल में SIR के दौरान करीब 91 लाख नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। चुनाव आयोग के अनुसार, यह कार्रवाई नवंबर से चल रही प्रक्रिया के तहत की गई है, आयोग के 28 फरवरी तक के आंकड़ों के मुताबिक, SIR शुरू होने के बाद 63.66 लाख नाम हटाए गए थे, जिससे मतदाताओं की संख्या करीब 7.66 करोड़ से घटकर 7.04 करोड़ रह गई। बाद में जांच और प्रक्रिया पूरी होने के साथ कुल हटाए गए नामों की संख्या बढ़कर करीब 90.83 लाख हो गई है। SIR की प्रोसेस को 6 सवाल-जवाब में जानें 1. SIR क्या है? यह चुनाव आयोग की एक प्रक्रिया है। इसमें घर-घर जाकर लोगों से फॉर्म भरवाकर वोटर लिस्ट अपडेट की जाती है। 18 साल से ज्यादा के नए वोटरों को जोड़ा जाता है। ऐसे लोग जिनकी मौत हो चुकी है या जो दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके हैं, उनके नाम हटाए जाते हैं। नाम, पते में गलतियों को भी ठीक किया जाता है। 2. पहले किस राज्य में हुआ? पहले फेज में बिहार में हुआ। फाइनल लिस्ट में 7.42 करोड़ वोटर्स हैं। दूसरे फेज के तहत उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और लक्षद्वीप में SIR की घोषणा हुई। 3. कौन करता है? ब्लॉक लेवल ऑफिसर (BLO) और बूथ लेवल एजेंट (BLA) घर-घर जाकर वोटरों का वेरिफिकेशन करते हैं। 4. SIR में वोटर को क्या करना होगा? SIR के दौरान BLO/BLA वोटर को फॉर्म देंगे। वोटर को उन्हें जानकारी मैच करवानी है। अगर दो जगह वोटर लिस्ट में नाम है तो उसे एक जगह से कटवाना होगा। अगर नाम वोटर लिस्ट में नहीं है तो जुड़वाने के लिए फॉर्म भरना होगा और संबंधित डॉक्यूमेंट्स देने होंगे। 5. SIR के लिए कौन से दस्तावेज मान्य? पेंशनर पहचान पत्र किसी सरकारी विभाग द्वारा जारी पहचान पत्र जन्म प्रमाणपत्र पासपोर्ट 10वीं की मार्कशीट स्थायी निवास प्रमाणपत्र वन अधिकार प्रमाणपत्र जाति प्रमाणपत्र राष्ट्रीय रजिस्टर (NRC) में नाम परिवार रजिस्टर में नाम जमीन या मकान आवंटन पत्र आधार कार्ड 6. SIR का मकसद क्या है? 1951 से लेकर 2004 तक का SIR हो गया है, लेकिन पिछले 21 साल से बाकी है। इस लंबे दौर में मतदाता सूची में कई परिवर्तन जरूरी हैं। जैसे लोगों का माइग्रेशन, दो जगह वोटर लिस्ट में नाम होना। डेथ के बाद भी नाम रहना। विदेशी नागरिकों का नाम सूची में आ जाने पर हटाना। कोई भी योग्य वोटर लिस्ट में न छूटे और कोई भी अयोग्य मतदाता सूची में शामिल न हो।

1 करोड़ बरामदगी पर 20 लाख हड़पने का आरोप:गुना पुलिस से हाईकोर्ट ने मांगी स्टेटस रिपोर्ट; पूछा-फरियादी का बयान दर्ज हुआ या नहीं

1 करोड़ बरामदगी पर 20 लाख हड़पने का आरोप:गुना पुलिस से हाईकोर्ट ने मांगी स्टेटस रिपोर्ट; पूछा-फरियादी का बयान दर्ज हुआ या नहीं

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने गुना जिले की पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए नाराजगी जताई है। गुना पुलिस पर गुजरात को कुछ व्यापारियों के एक करोड़ रुपए की बरामदगी के दौरान 20 लाख रुपए हड़पने का आरोप लगा है। गुना पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर लगाई गई याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत ने सख्त रूख अपनाया है। कोर्ट ने राज्य शासन से पूछा है कि फरियादी का बयान दर्ज किया गया है या नहीं। इस संबंध में 20 अप्रैल तक स्टेटस रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने के निर्देश दिए हैं। गुना में 1 करोड़ कैश पकड़कर 20 लाख में डील का आरोप ग्वालियर रेंज के गुना जिले की पुलिस 19-20 मार्च की दरमियानी रात नेशनल हाइवे-46 के टोल नाका रूठियाई पुलिस चौकी के पास वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान गुजरात पासिंग नंबर GJ 05 RK-9351 की एक स्कॉर्पियो को रोका गया, जो किसी जीरा कारोबारी की बताई जा रही थी। गाड़ी की तलाशी के दौरान उसमें नोटों के बंडल मिले। गाड़ी से मिले पैसे की कुल कीमत करीब एक करोड़ रुपए बताई गई। आरोप है कि इतनी बड़ी राशि पकड़े जाने के बाद नियमों के तहत आयकर विभाग या वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना देने के बजाय मौके पर मौजूद पुलिस टीम ने सेटलमेंट का रास्ता चुना। पुलिस और व्यापारी के बीच 20 लाख रुपए में डील फाइनल हुई। पुलिस ने कथित तौर पर 20 लाख रुपए अपने पास रख लिए और बाकी 80 लाख रुपए के साथ कारोबारी को जाने दिया। इस मामले में हंगामा उस समय मचा जब गुजरात के एक आईपीएस अधिकारी का फोन गुना पुलिस के पास पहुंचा। इसके बाद रात को आईजी-डीआईजी व एसपी एक्टिव हुए और तत्काल थाना प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मी सस्पेंड कर दिए गए। याचिका पर सुनवाई में यह निकला निष्कर्ष अधिवक्ता अवधेश सिंह भदौरिया ने बताया कि मामला 19 मार्च 2026 को गुना पुलिस द्वारा गुजरात के व्यापारियों से एक करोड़ रुपए की बरामदगी के दौरान 20 हजार रुपए हड़पने के आरोप से जुड़ा है। इस प्रकरण में खुद को फरियादी बताते हुए नीरज जादौन ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। याचिकाकर्ता का आरोप है कि उसे कथित तौर पर उठाकर थाने लाया गया, जहां पुलिस अधिकारियों ने उसके साथ मारपीट और टॉर्चर किया। आरोप है कि पुलिस ने दबाव बनाकर अपने मुताबिक बयान दर्ज कराए और जबरन हस्ताक्षर करवाए। रिहा होने के बाद उसने मेडिकल परीक्षण (ए) कराया, जिसमें शरीर पर चार गंभीर चोटें पाई गईं। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अवधेश सिंह भदौरिया ने कोर्ट में तर्क दिया कि पुलिस बड़े अधिकारियों को बचाने के लिए मामले में लीपापोती कर रही है और फरियादी का वास्तविक बयान दर्ज नहीं किया गया। उन्होंने मांग की कि बयान दोबारा वकील की मौजूदगी में और वीडियोग्राफी के साथ दर्ज किया जाए। साथ ही दोषी पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई हो। वहीं राज्य शासन की ओर से उपस्थित एडिशनल एडवोकेट जनरल विवेक खेड़कर ने दलील दी कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि फरियादी का बयान दर्ज हुआ भी है या नहीं, ऐसे में याचिका विचार योग्य नहीं है।

1 करोड़ बरामदगी पर 20 लाख हड़पने का आरोप:गुना पुलिस से हाईकोर्ट ने मांगी स्टेटस रिपोर्ट; पूछा-फरियादी का बयान दर्ज हुआ या नहीं

1 करोड़ बरामदगी पर 20 लाख हड़पने का आरोप:गुना पुलिस से हाईकोर्ट ने मांगी स्टेटस रिपोर्ट; पूछा-फरियादी का बयान दर्ज हुआ या नहीं

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने गुना जिले की पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए नाराजगी जताई है। गुना पुलिस पर गुजरात को कुछ व्यापारियों के एक करोड़ रुपए की बरामदगी के दौरान 20 लाख रुपए हड़पने का आरोप लगा है। गुना पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर लगाई गई याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत ने सख्त रूख अपनाया है। कोर्ट ने राज्य शासन से पूछा है कि फरियादी का बयान दर्ज किया गया है या नहीं। इस संबंध में 20 अप्रैल तक स्टेटस रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने के निर्देश दिए हैं। गुना में 1 करोड़ कैश पकड़कर 20 लाख में डील का आरोप ग्वालियर रेंज के गुना जिले की पुलिस 19-20 मार्च की दरमियानी रात नेशनल हाइवे-46 के टोल नाका रूठियाई पुलिस चौकी के पास वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान गुजरात पासिंग नंबर GJ 05 RK-9351 की एक स्कॉर्पियो को रोका गया, जो किसी जीरा कारोबारी की बताई जा रही थी। गाड़ी की तलाशी के दौरान उसमें नोटों के बंडल मिले। गाड़ी से मिले पैसे की कुल कीमत करीब एक करोड़ रुपए बताई गई। आरोप है कि इतनी बड़ी राशि पकड़े जाने के बाद नियमों के तहत आयकर विभाग या वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना देने के बजाय मौके पर मौजूद पुलिस टीम ने सेटलमेंट का रास्ता चुना। पुलिस और व्यापारी के बीच 20 लाख रुपए में डील फाइनल हुई। पुलिस ने कथित तौर पर 20 लाख रुपए अपने पास रख लिए और बाकी 80 लाख रुपए के साथ कारोबारी को जाने दिया। इस मामले में हंगामा उस समय मचा जब गुजरात के एक आईपीएस अधिकारी का फोन गुना पुलिस के पास पहुंचा। इसके बाद रात को आईजी-डीआईजी व एसपी एक्टिव हुए और तत्काल थाना प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मी सस्पेंड कर दिए गए। याचिका पर सुनवाई में यह निकला निष्कर्ष अधिवक्ता अवधेश सिंह भदौरिया ने बताया कि मामला 19 मार्च 2026 को गुना पुलिस द्वारा गुजरात के व्यापारियों से एक करोड़ रुपए की बरामदगी के दौरान 20 हजार रुपए हड़पने के आरोप से जुड़ा है। इस प्रकरण में खुद को फरियादी बताते हुए नीरज जादौन ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। याचिकाकर्ता का आरोप है कि उसे कथित तौर पर उठाकर थाने लाया गया, जहां पुलिस अधिकारियों ने उसके साथ मारपीट और टॉर्चर किया। आरोप है कि पुलिस ने दबाव बनाकर अपने मुताबिक बयान दर्ज कराए और जबरन हस्ताक्षर करवाए। रिहा होने के बाद उसने मेडिकल परीक्षण (ए) कराया, जिसमें शरीर पर चार गंभीर चोटें पाई गईं। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अवधेश सिंह भदौरिया ने कोर्ट में तर्क दिया कि पुलिस बड़े अधिकारियों को बचाने के लिए मामले में लीपापोती कर रही है और फरियादी का वास्तविक बयान दर्ज नहीं किया गया। उन्होंने मांग की कि बयान दोबारा वकील की मौजूदगी में और वीडियोग्राफी के साथ दर्ज किया जाए। साथ ही दोषी पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई हो। वहीं राज्य शासन की ओर से उपस्थित एडिशनल एडवोकेट जनरल विवेक खेड़कर ने दलील दी कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि फरियादी का बयान दर्ज हुआ भी है या नहीं, ऐसे में याचिका विचार योग्य नहीं है।

मुख्य सचिव को कोर्ट की अवमानना से बचाने के निर्देश:GAD ने जारी की गाइडलाइन, स्थायी अधिवक्ताओं की नियुक्ति के लिए कहा

मुख्य सचिव को कोर्ट की अवमानना से बचाने के निर्देश:GAD ने जारी की गाइडलाइन, स्थायी अधिवक्ताओं की नियुक्ति के लिए कहा

मध्य प्रदेश में विभागीय अफसरों की लापरवाही से होने वाली सरकार की फजीहत और मुख्य सचिव को कोर्ट की अवमानना से बचाने के लिए राज्य सरकार ने नई व्यवस्था तय की है। इसमें सरकार की सम्पत्ति की सुरक्षा के साथ मुख्य सचिव को कोर्ट में घसीटने से बचाने पर फोकस किया है। सभी विभाग प्रमुखों और विभागाध्यक्षों से सामान्य प्रशासन विभाग ने कहा है कि कोर्ट के मामले में पक्षकार के रूप में मुख्य सचिव का नाम हटाए जाने की कार्यवाही कराना है क्योंकि मुख्य सचिव किसी विभाग के भारसाधक सचिव नहीं होते हैं। सामान्य प्रशासन विभाग ने इसके लिए जारी ताजा निर्देशों में कहा है कि विभाग के सचिव और कलेक्टर की यह जिम्मेदारी होगी कि वह यह देखें कि जिन मामलों में मुख्य सचिव के माध्यम से पक्षकार बनाकर राज्य शासन के विरुद्ध कोर्ट में केस या याचिका लगाई जाती है उसमें समय पर मुख्य सचिव का नाम हटाने का काम कराया जाए। जीएडी ने इसको लेकर जारी निर्देश में कहा है कि सभी विभागों द्वारा मध्यप्रदेश राज्य मुकदमा प्रबंधन नीति 2018 के अनुरूप कर्मचारियों की सेवा संबंधी शिकायतों के निराकरण के लिए संस्थागत व्यवस्था बनाई जाएगी और सेवा विवादों से संबंधित अभ्यावेदनों का समय पर निराकरण करने का प्रयास किया जाएगा। कोर्ट में पक्ष रखने विधि अधिकारियों, स्थायी अधिवक्ताओं की नियुक्ति करें निर्देशों में यह भी कहा है कि सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में सरकार का पक्ष तेजी से रखने के लिए राज्य के विधि अधिकारियों को तथा सुप्रीम कोर्ट में सरकार का पक्ष रखने स्थायी अधिवक्ताओं की नियुक्ति की जानी चाहिए। अगर किसी मामले में कानूनी जटिलता हो और किसी और को अधिवक्ता नियुक्त किया जाना हो तो ऐसा प्रस्ताव विभागीय मंत्री के प्रशासकीय अनुमोदन के साथ विधि विभाग को भेजा जाएगा। इसमें प्रशासनिक विभाग द्वारा उनके नाम और सेवा शर्तों का साफ तौर पर उल्लेख किया जाएगा। इसके लिए विधि विभाग द्वारा अन्तरविभागीय समिति गठित की गई है जिसमें भारसाधक सचिव वित्त विभाग के होंगे और कमेटी के अध्यक्ष होंगे। सदस्य के रूप में भारसाधक सचिव विधि विभाग तथा संबंधित प्रशासकीय विभाग के भारसाधक सचिव शामिल किए जाएंगे। सरकार को नुकसान तो वसूली अफसर से हो जारी निर्देशों में कहा है कि अगर किसी प्रकरण में विलंब, गलती, चूक और विषय वस्तु से भिन्नता के कारण सरकार के खिलाफ आदेश जारी होता है तो विभाग की यह जिम्मेदारी होगी कि ऐसे मामले में संबंधित अफसर की जिम्मेदारी तय करते हुए कार्यवाही करें और अगर सरकार को क्षति हुई है तो संबंधित अधिकारी से वसूली की जाए। इसके लिए प्रभारी अधिकारी के दायित्व तय किए गए हैं। जीएडी ने सरकारी जमीन से संबंधित मामलों को लेकर भी गाइडलाइन जारी की है। इसमें कहा है कि कलेक्टर और जिला प्राधिकारी अपने क्षेत्र में कोर्ट द्वारा सरकार के खिलाफ दिए गए आदेश के मामले में शासकीय अधिवक्ता से सलाह लेकर अपील पेश करेंगे। जहां कलेक्टर के सक्षम होने की स्थिति न हो, वहां विभाग प्रमुख को निर्णय के लिए प्रस्ताव भेजे जाएंगे। सामान्य प्रशासन विभाग ने अवमानना के मामलों में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरतने के लिए कहा है। प्रशासनिक प्रकरणों के निराकरण के लिए नई कार्यप्रणाली लागू सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) के अनुसार प्रशासनिक प्रकरणों के निस्तारण में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है। विभागों को निर्देशित किया गया है कि वे प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर परीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही समयसीमा में पूरी करें। साथ ही, हर स्तर पर जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका भी निर्धारित की गई है। निर्देशों में कहा गया है कि प्रकरणों के परीक्षण के दौरान सभी आवश्यक दस्तावेजों की जांच अनिवार्य होगी। यदि किसी प्रकरण में जानकारी अधूरी पाई जाती है, तो संबंधित पक्ष से तत्काल जानकारी प्राप्त कर प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। इसके अलावा, प्रकरणों के निराकरण में अनावश्यक विलंब होने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। सभी विभाग लंबित कोर्ट मामलों की नियमित समीक्षा करेंगे सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि अपील, पुनरीक्षण और समीक्षा से जुड़े मामलों के लिए अलग-अलग प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इन मामलों में निर्धारित समय-सीमा का कड़ाई से पालन करना होगा। विशेष रूप से विलंब से प्राप्त प्रकरणों में ‘कंडोनेशन ऑफ डिले’ (विलंब क्षमा) के प्रावधानों का उचित उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि सभी विभाग नियमित रूप से अपने लंबित प्रकरणों की समीक्षा करेंगे और उनकी प्रगति की जानकारी उच्च अधिकारियों को उपलब्ध कराएंगे। साथ ही, रिकॉर्ड संधारण और दस्तावेजों के सुरक्षित रख-रखाव पर भी बल दिया गया है।