Wednesday, 15 Jul 2026 | 06:48 PM

Trending :

EXCLUSIVE

Indias $10 Trillion Economy Needs Law, Not Just Capital: CJI Surya Kant

Indias $10 Trillion Economy Needs Law, Not Just Capital: CJI Surya Kant

नई दिल्ली35 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

CJI सूर्यकांत ने कहा कि भारत को 10 ट्रिलियन डॉलर की इकॉनॉमी बनाने के लिए सिर्फ पूंजी और पॉलिसी काफी नहीं होंगी। इसके लिए मजबूत और भरोसेमंद कानूनी व्यवस्था भी उतनी ही जरूरी होगी। निवेशकों का भरोसा इसी पर टिका होता है।

जस्टिस सूर्यकांत शनिवार को बार एसोसिएशन ऑफ इंडिया के ‘रूल ऑफ लॉ कन्वेंशन 2026’ में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक लक्ष्य नहीं, बल्कि देश के भविष्य से जुड़ा बड़ा सवाल है और इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता।

उन्होंने भरोसा जताया कि देश इस चुनौती को पूरा करेगा, लेकिन इसके लिए कानून की गुणवत्ता, स्थिरता और पारदर्शिता जरूरी होगी, क्योंकि इसी पर आर्थिक वादों और निवेश का आधार टिका होता है।

भारत को लंबी अवधि के निवेश की जरूरत CJI ने कहा कि अब भारत को ऐसे निवेश की जरूरत है जो जल्दी मुनाफा कमाने के लिए नहीं, बल्कि लंबे समय तक टिके रहने वाले हों और भरोसे पर आधारित हों। जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर में पेंशन फंड का पैसा लगाना, टेक कंपनियों का अपना ज्ञान साझा करना या बड़ी विदेशी कंपनियों का सप्लाई चेन बनाना- ये सब लंबे समय की जिम्मेदारियां होती हैं।

उन्होंने कहा कि निवेशक सबसे पहले ये देखते हैं कि जिस देश में वे पैसा लगा रहे हैं, वहां का कानून आगे भी ईमानदार, स्थिर और भरोसेमंद रहेगा या नहीं। उनके मुताबिक असली बात सिर्फ कॉन्ट्रैक्ट निभाने की नहीं है, बल्कि पूरे रिश्ते में भरोसा बनाए रखने की है।

उन्होंने ये भी बताया कि पिछले 20 साल में बिजनेस विवादों का नेचर बदल गया है। पहले झगड़े आम तौर पर पेमेंट या सामान की सप्लाई जैसे सीधे मुद्दों पर होते थे, लेकिन अब ये लंबे और जटिल कारोबारी रिश्तों से जुड़े होते हैं, क्योंकि अर्थव्यवस्था भी बड़ी और जटिल हो गई है।

सीजेआई ने कहा कि अब कानून की जिम्मेदारी सिर्फ समझौते के वक्त तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि पूरे कारोबारी रिश्ते के दौरान भी न्याय बना रहना चाहिए।

कानून विवादों के लिए तीन अहम जरूरतें

  • कानून में स्थिरता ताकि अलग-अलग हालात में भी एक जैसे सिद्धांत लागू हों।
  • विवाद होने से पहले ही उन्हें रोकने की संस्कृति, जिसमें ‘गुड फेथ’ यानी ईमानदारी से अनुबंध निभाने की भावना हो। उन्होंने कहा कि अगर मध्यस्थता को बढ़ावा दिया जाए और विवादों को पहले ही सुलझाने की संस्कृति बने, तो इससे भारत की आर्थिक प्रतिस्पर्धा को बहुत फायदा होगा। इससे मुकदमे आखिरी विकल्प बनेंगे, न कि पहला कदम।
  • स्पेशलाइजेनश (विशेषज्ञता) बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि आज के व्यापारिक विवाद इतने जटिल हो गए हैं कि सामान्य कानूनी प्रशिक्षण पर्याप्त नहीं है। इंफ्रास्ट्रक्चर, फाइनेंस और डिजिटल सेक्टर जैसे मामलों के लिए खास ज्ञान जरूरी है।

तकनीक का उद्देश्य सिर्फ प्रक्रिया को आसान और तेज बनाना

CJI ने यह भी कहा कि जजों के लिए समय-समय पर प्रशिक्षण जरूरी है, ताकि वे आर्थिक व्यवस्था की बारीकियों को समझ सकें। इसके लिए डोमेन एक्सपर्ट्स के साथ बातचीत जैसे कदम उठाने की जरूरत है।

तकनीक की भूमिका पर बात करते हुए CJI ने कहा कि इसे कानूनी सिस्टम का हिस्सा माना जाना चाहिए, न कि सिर्फ एक अतिरिक्त सुविधा। डिजिटल केस मैनेजमेंट, AI आधारित रिसर्च और इलेक्ट्रॉनिक प्रक्रियाएं न्याय की गति और लागत को सीधे प्रभावित करती हैं।

हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि तकनीक के बावजूद इंसानी निर्णय ही न्याय का केंद्र रहेगा। तकनीक का उद्देश्य सिर्फ प्रक्रिया को आसान और तेज बनाना है।

अंत में उन्होंने बार (वकीलों) की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि देश की आर्थिक प्रगति में उनकी भी अहम जिम्मेदारी है। उन्हें खुद को सिर्फ सेवा प्रदाता नहीं, बल्कि देश के आर्थिक भविष्य का भागीदार मानना होगा।

उन्होंने कहा कि जो पीढ़ी भारत की 10 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लिए कमर्शियल कानून को आकार देगी, उसे उसी तरह याद किया जाएगा, जैसे संविधान बनाने वाली पीढ़ी को याद किया जाता है।

————————————————-

ये खबर भी पढ़ें:

CJI बोले- AI ज्यूडीशियरी को मजबूत करने में मदद करे:डेटा-रिकॉर्ड संभाले, पैटर्न पहचाने लेकिन फैसले सुनाने के काम में दखल न दे

CJI जस्टिस सूर्यकांत ने कहा है कि AI (आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस) को ज्यूडिशियल सिस्टम में इस तरह से शामिल किया जाना चाहिए जिससे यह हमारी व्यवस्था को मजबूत करे, न कि उसके असली काम को ही कमजोर कर दे। पढ़ें पूरी खबर…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
JAC 10th Result 2026 LIVE: Jharkhand Board Matric Students can check results at jacresults.com.

April 23, 2026/
11:24 am

आखरी अपडेट:23 अप्रैल, 2026, 11:24 IST केरल चुनाव 9 अप्रैल, 2026 को आयोजित किए गए थे। वोटों की गिनती की...

अक्षय तृतीया पर भिंड में गरीब कन्याओं के सामूहिक विवाह:माता-पिता ने बेटियों के हाथ पीले कर कन्यादान की रस्म निभाई, समाजजनों ने दिए उपहार

April 19, 2026/
8:08 pm

भिंड में अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर आदर्श प्रजापति समाज सुधार समिति ने तृतीय सामूहिक विवाह सम्मेलन किया। शहर...

जबलपुर के बघौड़ा गांव में अनोखी परंपरा:इस दिन घर में नहीं बाहर बनता है खाना, हैजा से हुई मौतों का डर आज भी

April 15, 2026/
12:38 am

भले ही आज हम 21वीं सदी में जी रहे हो,पर अभी भी पुरानी परंपरा या फिर अंध विश्वास कहे, वो...

PM मोदी ने किया शाहरुख की फिल्म का जिक्र:'कुछ कुछ होता है' से समझाए भारत-इंडोनेशिया के रिश्ते; करण जौहर ने जताई खुशी

July 8, 2026/
3:03 pm

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने तीन देशों के दौरे के पहले पड़ाव पर इंडोनेशिया पहुंचे हैं। जकार्ता में भारतीय समुदाय को...

खरगोन में गेहूं खरीदी केंद्रों पर अव्यवस्था:तौलकांटे-हम्माल की कमी से तुलाई में देरी, किसान परेशान

April 29, 2026/
10:10 am

खरगोन जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के दौरान किसान परेशानियों का सामना कर रहे हैं। खरीदी केंद्रों पर...

Kuldeep Yadav's wedding is expected to be a star-studded affair. (Picture Credit: IG/kuldeep_18)

March 14, 2026/
4:27 pm

आखरी अपडेट:मार्च 14, 2026, 16:27 IST समाजवादी पार्टी का ब्राह्मण मुद्दों पर नए सिरे से ध्यान उस समय आया है...

‘वो सुबह हम से ही आएगी’ पर बोले महेश भट्ट:रंगमंच आज भी जोड़ता है इंसान से इंसान को, अनु मलिक ने बताई चुनौती

June 27, 2026/
5:29 pm

मुंबई में जल्द मंचित होने जा रहे नाटक ‘वो सुबह हम से ही आएगी’ को लेकर फिल्ममेकर महेश भट्ट और...

राजनीति

Indias $10 Trillion Economy Needs Law, Not Just Capital: CJI Surya Kant

Indias $10 Trillion Economy Needs Law, Not Just Capital: CJI Surya Kant

नई दिल्ली35 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

CJI सूर्यकांत ने कहा कि भारत को 10 ट्रिलियन डॉलर की इकॉनॉमी बनाने के लिए सिर्फ पूंजी और पॉलिसी काफी नहीं होंगी। इसके लिए मजबूत और भरोसेमंद कानूनी व्यवस्था भी उतनी ही जरूरी होगी। निवेशकों का भरोसा इसी पर टिका होता है।

जस्टिस सूर्यकांत शनिवार को बार एसोसिएशन ऑफ इंडिया के ‘रूल ऑफ लॉ कन्वेंशन 2026’ में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक लक्ष्य नहीं, बल्कि देश के भविष्य से जुड़ा बड़ा सवाल है और इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता।

उन्होंने भरोसा जताया कि देश इस चुनौती को पूरा करेगा, लेकिन इसके लिए कानून की गुणवत्ता, स्थिरता और पारदर्शिता जरूरी होगी, क्योंकि इसी पर आर्थिक वादों और निवेश का आधार टिका होता है।

भारत को लंबी अवधि के निवेश की जरूरत CJI ने कहा कि अब भारत को ऐसे निवेश की जरूरत है जो जल्दी मुनाफा कमाने के लिए नहीं, बल्कि लंबे समय तक टिके रहने वाले हों और भरोसे पर आधारित हों। जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर में पेंशन फंड का पैसा लगाना, टेक कंपनियों का अपना ज्ञान साझा करना या बड़ी विदेशी कंपनियों का सप्लाई चेन बनाना- ये सब लंबे समय की जिम्मेदारियां होती हैं।

उन्होंने कहा कि निवेशक सबसे पहले ये देखते हैं कि जिस देश में वे पैसा लगा रहे हैं, वहां का कानून आगे भी ईमानदार, स्थिर और भरोसेमंद रहेगा या नहीं। उनके मुताबिक असली बात सिर्फ कॉन्ट्रैक्ट निभाने की नहीं है, बल्कि पूरे रिश्ते में भरोसा बनाए रखने की है।

उन्होंने ये भी बताया कि पिछले 20 साल में बिजनेस विवादों का नेचर बदल गया है। पहले झगड़े आम तौर पर पेमेंट या सामान की सप्लाई जैसे सीधे मुद्दों पर होते थे, लेकिन अब ये लंबे और जटिल कारोबारी रिश्तों से जुड़े होते हैं, क्योंकि अर्थव्यवस्था भी बड़ी और जटिल हो गई है।

सीजेआई ने कहा कि अब कानून की जिम्मेदारी सिर्फ समझौते के वक्त तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि पूरे कारोबारी रिश्ते के दौरान भी न्याय बना रहना चाहिए।

कानून विवादों के लिए तीन अहम जरूरतें

  • कानून में स्थिरता ताकि अलग-अलग हालात में भी एक जैसे सिद्धांत लागू हों।
  • विवाद होने से पहले ही उन्हें रोकने की संस्कृति, जिसमें ‘गुड फेथ’ यानी ईमानदारी से अनुबंध निभाने की भावना हो। उन्होंने कहा कि अगर मध्यस्थता को बढ़ावा दिया जाए और विवादों को पहले ही सुलझाने की संस्कृति बने, तो इससे भारत की आर्थिक प्रतिस्पर्धा को बहुत फायदा होगा। इससे मुकदमे आखिरी विकल्प बनेंगे, न कि पहला कदम।
  • स्पेशलाइजेनश (विशेषज्ञता) बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि आज के व्यापारिक विवाद इतने जटिल हो गए हैं कि सामान्य कानूनी प्रशिक्षण पर्याप्त नहीं है। इंफ्रास्ट्रक्चर, फाइनेंस और डिजिटल सेक्टर जैसे मामलों के लिए खास ज्ञान जरूरी है।

तकनीक का उद्देश्य सिर्फ प्रक्रिया को आसान और तेज बनाना

CJI ने यह भी कहा कि जजों के लिए समय-समय पर प्रशिक्षण जरूरी है, ताकि वे आर्थिक व्यवस्था की बारीकियों को समझ सकें। इसके लिए डोमेन एक्सपर्ट्स के साथ बातचीत जैसे कदम उठाने की जरूरत है।

तकनीक की भूमिका पर बात करते हुए CJI ने कहा कि इसे कानूनी सिस्टम का हिस्सा माना जाना चाहिए, न कि सिर्फ एक अतिरिक्त सुविधा। डिजिटल केस मैनेजमेंट, AI आधारित रिसर्च और इलेक्ट्रॉनिक प्रक्रियाएं न्याय की गति और लागत को सीधे प्रभावित करती हैं।

हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि तकनीक के बावजूद इंसानी निर्णय ही न्याय का केंद्र रहेगा। तकनीक का उद्देश्य सिर्फ प्रक्रिया को आसान और तेज बनाना है।

अंत में उन्होंने बार (वकीलों) की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि देश की आर्थिक प्रगति में उनकी भी अहम जिम्मेदारी है। उन्हें खुद को सिर्फ सेवा प्रदाता नहीं, बल्कि देश के आर्थिक भविष्य का भागीदार मानना होगा।

उन्होंने कहा कि जो पीढ़ी भारत की 10 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लिए कमर्शियल कानून को आकार देगी, उसे उसी तरह याद किया जाएगा, जैसे संविधान बनाने वाली पीढ़ी को याद किया जाता है।

————————————————-

ये खबर भी पढ़ें:

CJI बोले- AI ज्यूडीशियरी को मजबूत करने में मदद करे:डेटा-रिकॉर्ड संभाले, पैटर्न पहचाने लेकिन फैसले सुनाने के काम में दखल न दे

CJI जस्टिस सूर्यकांत ने कहा है कि AI (आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस) को ज्यूडिशियल सिस्टम में इस तरह से शामिल किया जाना चाहिए जिससे यह हमारी व्यवस्था को मजबूत करे, न कि उसके असली काम को ही कमजोर कर दे। पढ़ें पूरी खबर…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.