Sunday, 19 Apr 2026 | 11:44 PM

Trending :

दमोह में युवती का शव फंदे से लटका मिला:व्हाट्सएप हैक होने से तीन दिन से परेशान थी; पुलिस ने मोबाइल जब्त किया बस 2 महीने तक बाजार में मिलती है ये हरी सब्जी, खत्म होने से पहले बना लें सेहत, विटामिन-प्रोटीन से भरपूर छतरपुर के नमकीन गोदाम में भीषण आग:फायर ब्रिगेड की देरी से बढ़ा आक्रोश; 70 लाख तक का नुकसान, लोग खुद बुझाते रहे शरीर के ये 5 अंग होते हैं सबसे गंदे, छिपे होते हैं हजारों बैक्टीरिया, सिर्फ पानी से नहीं होंगे साफ, करें ये काम इंदौर का एबी रोड बीआरटीएस से मुक्त:बस स्टॉप-रेलिंग हटे; बारिश से पहले सफाई के निर्देश नरसिंहपुर जिला अस्पताल में प्रसूता और अजन्मी बेटी की मौत:करेली से रेफर होकर आई थी गर्भवती; मुंह से झाग निकलने के बाद तोड़ा दम
EXCLUSIVE

वर्ल्ड अपडेट्स:ट्रम्प की पत्नी मेलानिया बोलीं- मेरा यौन अपराधी एपस्टीन से कोई रिश्ता नहीं था

वर्ल्ड अपडेट्स:ट्रम्प की पत्नी मेलानिया बोलीं- मेरा यौन अपराधी एपस्टीन से कोई रिश्ता नहीं था

अमेरिका की फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रम्प के एक बयान ने अचानक हलचल बढ़ा दी है। उन्होंने साफ कहा है कि उनका कुख्यात यौन अपराधी जैफ्री एपस्टीन से कभी कोई रिश्ता नहीं रहा। मेलानिया ने कहा, “मैं कभी भी एपस्टीन की दोस्त नहीं रही। मैं कभी उसके प्लेन में नहीं बैठी और न ही उसके प्राइवेट आइलैंड पर गई।” उन्होंने यह भी साफ किया कि उनकी मुलाकात डोनाल्ड ट्रम्प से एपस्टीन के जरिए नहीं हुई थी। उनके मुताबिक, अगर कभी मुलाकात हुई भी तो बस कुछ सामाजिक कार्यक्रमों में ही हुई थी। असल में, जैफ्री एपस्टीन एक बड़ा कारोबारी था, जिस पर नाबालिग लड़कियों के शोषण जैसे गंभीर आरोप लगे थे। 2019 में जेल में उसकी मौत हो गई थी, लेकिन आज भी उसका मामला काफी विवादों में रहता है और कई बड़े नाम इससे जुड़ते रहे हैं। मेलानिया का यह बयान इसलिए चर्चा में है क्योंकि हाल में ऐसा कोई मुद्दा सामने नहीं आया था, फिर भी उन्होंने खुद सामने आकर सफाई दी। इससे सवाल उठ रहे हैं कि आखिर उन्होंने अभी यह बात क्यों कही। खुद डोनाल्ड ट्रम्प ने भी कहा कि उन्हें इस बयान की पहले से कोई जानकारी नहीं थी। जानकारों का मानना है कि हो सकता है आगे किसी तरह का खुलासा होने वाला हो, उससे पहले ही मेलानिया ने अपनी स्थिति साफ कर दी हो। वहीं कुछ लोग इसे इस तरह भी देख रहे हैं कि मौजूदा बड़े अंतरराष्ट्रीय मुद्दों से ध्यान हटाने की कोशिश हो सकती है।

100 फीट ऊंची पानी टंकी पर स्टंट:दतिया में वायरल होने के लिए रील बनाई,,जान जोखिम में डालकर पाइप से उतरा युवक

100 फीट ऊंची पानी टंकी पर स्टंट:दतिया में वायरल होने के लिए रील बनाई,,जान जोखिम में डालकर पाइप से उतरा युवक

दतिया में सोशल मीडिया पर वायरल होने की होड़ अब जानलेवा स्टंट में बदलती जा रही है। बड़ौनी नगर पंचायत क्षेत्र में युवकों द्वारा 100 फीट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़कर रील और वीडियो बनाने का मामला सामने आया है। हैरानी की बात यह रही कि एक युवक पाइप के सहारे टंकी से नीचे खिसकते हुए उतर गया। यदि जरा सी चूक होती तो बड़ा हादसा हो सकता था। पेयजल टंकी की सुरक्षा व्यवस्था फेल गल्ला मंडी के पास बनी यह पानी की टंकी नगर की पेयजल व्यवस्था का अहम हिस्सा है, लेकिन इसकी सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह से लचर नजर आ रही है। टंकी पर चढ़ने से रोकने के लिए न तो पर्याप्त बैरिकेडिंग है और न ही कोई निगरानी व्यवस्था मौजूद है। पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले यह कोई पहली घटना नहीं है। पिछले कुछ समय से लगातार ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जहां युवा सोशल मीडिया पर लाइक और व्यूज पाने के लिए खतरनाक हरकतें कर रहे हैं। स्थानीय लोगों ने कई बार नगर पंचायत को इस बारे में अवगत कराया, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। नतीजा यह है कि अब यह लापरवाही बड़ी दुर्घटना को न्योता दे रही है। बड़े हादसे का बना खतरा सबसे चिंताजनक बात यह है कि इतनी ऊंचाई से गिरने पर किसी की जान भी जा सकती है, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। टंकी के आसपास सुरक्षा गार्ड की तैनाती, सीसीटीवी कैमरे और सख्त निगरानी जैसी जरूरी व्यवस्थाएं अब तक नहीं की गई हैं। सीएमओ ने दिया गोलमोल जवाब नगर पंचायत के सीएमओ से जब इस मामले में बात की गई तो उन्होंने स्पष्ट जवाब देने के बजाय गोलमोल बातें कर जिम्मेदारी से बचने की कोशिश की। यदि समय रहते इस तरह की घटनाओं पर रोक नहीं लगाई गई, तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

मूवी रिव्यू – ‘डकैत एक प्रेम कथा’:प्यार से बदले तक पहुंचने की कहानी है, मृणाल ठाकुर की दमदार एक्टिंग, जानिए कैसी है फिल्म

मूवी रिव्यू – ‘डकैत एक प्रेम कथा’:प्यार से बदले तक पहुंचने की कहानी है, मृणाल ठाकुर की दमदार एक्टिंग, जानिए कैसी है फिल्म

‘डकैत: एक प्रेम कथा’ एक ऐसी फिल्म है जो शुरुआत में लव स्टोरी लगती है, लेकिन धीरे-धीरे इमोशनल और गहरी कहानी में बदल जाती है। डायरेक्टर शनेल देव ने इसमें रिश्तों, हालात और फैसलों के असर को दिखाने की कोशिश की है। फिल्म का ट्रीटमेंट थोड़ा अलग रखने की कोशिश की गई है, जहां कहानी सीधी न होकर परतों में आगे बढ़ती है। हालांकि, यह अंदाज हर दर्शक को पूरी तरह बांध पाए, ऐसा जरूरी नहीं। फिल्म की कहानी कहानी हरि, यानी अदिवि शेष और सरस्वती उर्फ जूलियट, यानी मृणाल ठाकुर के रिश्ते के इर्द-गिर्द घूमती है। यह एक ऐसा रिश्ता है, जो प्यार से शुरू होकर धोखे और हालातों में टूट जाता है। दोनों अलग-अलग बैकग्राउंड से आते हैं और एक-दूसरे से प्यार करते हैं। लेकिन यही रिश्ता उनके लिए परेशानी बन जाता है। एक झूठ और हालातों के दबाव में सरस्वती की गवाही, हरि को जेल पहुंचा देती है। सालों जेल में रहने के बाद हरि बाहर निकलता है। अब उसका मकसद सिर्फ आजादी नहीं है, बल्कि अपने अतीत से हिसाब बराबर करना भी है। इसके लिए वह देश छोड़कर भागने की योजना बनाता है, और उसे पैसों की जरूरत होती है। इसी बीच हरि की मुलाकात फिर से सरस्वती से होती है। अब वह एक अलग जिंदगी जी रही है और खुद भी बड़ी मजबूरी में फंसी हुई है। हालात ऐसे बनते हैं कि दोनों को साथ आना पड़ता है। वे मिलकर एक बड़ा और जोखिम भरा कदम उठाने का फैसला करते हैं। यहीं से कहानी नया मोड़ लेती है। प्यार, बदला और मजबूरी तीनों एक साथ टकराते हैं। फिल्म इसी टकराव के जरिए दिखाती है कि वक्त और हालात कैसे रिश्तों को बदल देते हैं। और कैसे कुछ फैसले पूरी जिंदगी की दिशा बदल देते हैं। फिल्म में एक्टिंग फिल्म में अदिवि शेष हर सीन में पूरी तरह नजर आते हैं। उन्होंने अपने किरदार को अलग बनाने की कोशिश की है। हालांकि, कुछ जगहों पर उनका प्रदर्शन थोड़ा उतार-चढ़ाव वाला लगता है। मृणाल ठाकुर फिल्म की सबसे मजबूत कड़ी हैं। उन्होंने अपने किरदार की भावनाओं को अच्छे तरीके से निभाया है और कई सीन में असर छोड़ती हैं। सपोर्टिंग कास्ट में अनुराग कश्यप, प्रकाश राज और अतुल कुलकर्णी जैसे कलाकार हैं। लेकिन उन्हें ज्यादा स्क्रीन टाइम या गहराई नहीं मिल पाती। फिल्म का डायरेक्शन, स्टोरी और टेक्निकल पहलू फिल्म का डायरेक्शन शनेल देव ने किया है। उन्होंने कहानी को परतों में दिखाने की कोशिश की है। फिल्म का पहला हिस्सा थोड़ा धीमा लगता है। वहीं दूसरा हिस्सा कहानी को बेहतर तरीके से आगे बढ़ाता है। स्क्रीनप्ले में उतार-चढ़ाव है। इसकी वजह से कुछ जगह फिल्म की पकड़ कमजोर पड़ती है। सिनेमैटोग्राफी अच्छी है और विजुअल ट्रीटमेंट काफी प्रभावित करता है। बैकग्राउंड म्यूजिक भी कई सीन में फिल्म को सपोर्ट करता है। हालांकि, कुछ सीन और एक्शन सीक्वेंस उतने असरदार नहीं बन पाते। इसी वजह से फिल्म पूरी तरह से अपना असर नहीं छोड़ पाती। फिल्म का म्यूजिक और बैकग्राउंड स्कोर फिल्म के गाने औसत हैं और ज्यादा देर तक याद नहीं रहते। बैकग्राउंड स्कोर जरूर फिल्म की मजबूती है, जो कई सीन को बेहतर बनाता है। फिल्म को लेकर फाइनल वर्डिक्ट डकैत: एक प्रेम कथा एक ऐसी फिल्म है जो एक अलग अंदाज में रिश्तों और हालातों की कहानी कहने की कोशिश करती है। इसमें अच्छे कलाकार और कुछ प्रभावशाली पल हैं, लेकिन कमजोर पकड़ इसे और बेहतर बनने से रोकती है। कुल मिलाकर, यह एक शांत और साधारण फिल्म है जिसे आप एक बार देख सकते हैं।

गोलीकांड में 10 पर केस, एक गिरफ्तार:वीडियो से जांच में आया नया मोड़; अस्पताल से आरोपी गायब

गोलीकांड में 10 पर केस, एक गिरफ्तार:वीडियो से जांच में आया नया मोड़; अस्पताल से आरोपी गायब

नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव थाना क्षेत्र के मालीवाड़ा गांव में हुए फायरिंग कांड की जांच में तीसरे दिन नया मोड़ आया है। पुलिस ने इस मामले में दोनों पक्षों के कुल 10 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। एक आरोपी शरद पटेल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। यह घटना अब सिर्फ गोलीबारी तक सीमित नहीं रही, बल्कि सोशल मीडिया पर भी दोनों पक्षों के बीच खुलकर टकराव देखने को मिल रहा है। दोनों पक्षों की ओर से आईडी पर तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है, जिससे विवाद और बढ़ गया है। घायल महिला सविता के पति ऋषिराज पटेल ने दूसरे पक्ष के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां पोस्ट की थीं, जिन्हें बाद में हटा लिया गया। वहीं, दूसरे पक्ष के शुभम पटेल ने आईडी से लाइव के जरिए खुद को जान का खतरा बताते हुए पुलिस पर कार्रवाई न करने के आरोप लगाए। पुलिस ने इन वीडियो और पोस्ट्स को जांच में शामिल कर लिया है। इनमें दिख रहे लोगों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है, जिससे मामले की तह तक पहुंचा जा सके। अस्पताल में भर्ती एक पक्ष के कुछ लोग अचानक वहां से गायब हो गए हैं। आशंका जताई जा रही है कि ये लोग गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार हुए हैं। हालांकि, पुलिस ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन इस पहलू पर भी जांच जारी है। एसडीओपी मनीष त्रिपाठी के नेतृत्व में गोटेगांव पुलिस ने मालीवाड़ा गांव में आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी की है। हालांकि, अभी तक कोई हथियार बरामद नहीं हुआ है। पुलिस मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपियों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है। अस्पताल से गायब हुए आरोपी एसडीओपी मनीष त्रिपाठी ने बताया कि मामले की विवेचना जारी है। एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। घायल दोनों पक्षों के आरोपी सविता पटेल और गिरवर पटेल को जबलपुर के एक अस्पताल किया गया था। जहां उनका इलाज चल रहा था। इसी दौरान दोनों वहां से गायब हो गए।

₹10,000 से ज्यादा के ऑनलाइन-पेमेंट पर 1 घंटे का होल्ड:गलत ट्रांजैक्शन कैंसिल करने का मौका मिलेगा, RBI ने 'किल स्विच' का सुझाव भी दिया

₹10,000 से ज्यादा के ऑनलाइन-पेमेंट पर 1 घंटे का होल्ड:गलत ट्रांजैक्शन कैंसिल करने का मौका मिलेगा, RBI ने 'किल स्विच' का सुझाव भी दिया

जल्द ही ऐसा हो सकता है कि ₹10 हजार से ज्यादा के ऑनलाइन ट्रांजैक्शन तुरंत न हो। उनमें 1 घंटे की देरी हो सकती है। इससे ग्राहकों को गलत ट्रांजैक्शन रोकने या कैंसिल करने का मौका मिलेगा। देश में बढ़ते डिजिटल फ्रॉड को रोकने के लिए RBI ने ये प्रस्ताव रखा है। RBI का मानना है कि जालसाज अक्सर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाकर जल्दबाजी में पैसे ट्रांसफर करवाते हैं, यह देरी उस दबाव को खत्म करेगी। फिलहाल ज्यादातर डिजिटल ट्रांजैक्शन तुरंत होते हैं, जिससे यूजर को सोचने या गलती सुधारने का मौका नहीं मिलता। RBI के प्रस्ताव से जुड़ी 3 अन्य बड़ी बातें 1. सीनियर सिटीजंस के लिए ‘ट्रस्टेड पर्सन’ सुविधा 70 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए सुरक्षा और सख्त होगी। 50,000 रुपए से ज्यादा के ट्रांजैक्शन के लिए एक ‘ट्रस्टेड पर्सन’ (भरोसेमंद व्यक्ति) की मंजूरी जरूरी हो सकती है। यह फ्रॉड के खिलाफ सुरक्षा की एक दूसरी लेयर की तरह काम करेगा। 2. भरोसेमंद को ‘व्हाइटलिस्ट’ में शामिल कर सकेंगे अगर आप किसी ऐसे व्यक्ति या मर्चेंट को पैसे भेज रहे हैं जिसे आप जानते हैं, तो आप उसे अपनी ‘व्हाइटलिस्ट’ में शामिल कर सकते हैं। व्हाइटलिस्टेड लोगों को पेमेंट करने पर यह 1 घंटे की देरी लागू नहीं होगी, जिससे नियमित लेन-देन में परेशानी नहीं आएगी। 3. डिजिटल पेमेंट बंद करने के लिए ‘किल स्विच’ RBI ने एक ‘किल स्विच’ का सुझाव भी दिया है। अगर किसी ग्राहक को लगता है कि उसका अकाउंट हैक हो गया है या कोई गलत ट्रांजैक्शन हो रहा है, तो वह एक क्लिक से अपनी सभी डिजिटल पेमेंट सेवाओं को तुरंत बंद कर सकेगा। टेबल में समझिए क्या बदल जाएगा? क्यों पड़ी इसकी जरूरत? पिछले साल देश में डिजिटल फ्रॉड के कारण होने वाला नुकसान 22 हजार करोड़ रुपए के पार पहुंच गया। RBI के अनुसार, 10 हजार रुपए से ऊपर के ट्रांजैक्शन कुल फ्रॉड केस का सिर्फ 45% हैं, लेकिन कुल फ्रॉड वैल्यू में इनकी हिस्सेदारी 98.5% है। इसी को ध्यान में रखते हुए 10 हजार की लिमिट तय की गई है। कब तक लागू हो सकता है नियम? RBI फिलहाल बैंकों और नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के साथ मिलकर इसके तकनीकी पहलुओं पर चर्चा कर रहा है। इसमें मुख्य चुनौती यह है कि डिजिटल पेमेंट की ‘रफ्तार’ और ‘सुरक्षा’ के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए। उम्मीद जताई जा रही है कि अगले कुछ महीनों में इसके लिए विस्तृत गाइडलाइन जारी की जा सकती है और चरणबद्ध तरीके से इसे लागू किया जाएगा। एक्सपर्ट व्यू: सुरक्षा और स्पीड के बीच संतुलन RBI ने माना है कि डिजिटल पेमेंट का मूल सिद्धांत ‘इंस्टेंट’ यानी तुरंत पेमेंट है। अनिवार्य देरी से यूजर्स को कुछ असुविधा हो सकती है, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से यह जरूरी है। RBI ने इस चर्चा पत्र पर 8 मई तक आम जनता और स्टेकहोल्डर्स से सुझाव मांगे हैं।

₹10,000 से ज्यादा के ऑनलाइन-पेमेंट पर 1 घंटे का होल्ड:गलत ट्रांजैक्शन कैंसिल करने का मौका मिलेगा, RBI ने 'किल स्विच' का सुझाव भी दिया

₹10,000 से ज्यादा के ऑनलाइन-पेमेंट पर 1 घंटे का होल्ड:गलत ट्रांजैक्शन कैंसिल करने का मौका मिलेगा, RBI ने 'किल स्विच' का सुझाव भी दिया

जल्द ही ऐसा हो सकता है कि आपका ₹10 हजार से ज्यादा का ऑनलाइन ट्रांजैक्शन तुरंत न हो। उसमें 1 घंटे की देरी हो सकती है। इससे ग्राहकों को गलत ट्रांजैक्शन रोकने या कैंसिल करने का मौका मिलेगा। देश में बढ़ते डिजिटल फ्रॉड को रोकने के लिए RBI ने ये प्रस्ताव रखा है। RBI का मानना है कि जालसाज अक्सर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाकर जल्दबाजी में पैसे ट्रांसफर करवाते हैं, यह देरी उस दबाव को खत्म करेगी। फिलहाल ज्यादातर डिजिटल ट्रांजैक्शन तुरंत होते हैं, जिससे यूजर को सोचने या गलती सुधारने का मौका नहीं मिलता। RBI के प्रस्ताव से जुड़ी 3 अन्य बड़ी बातें 1. सीनियर सिटीजंस के लिए ‘ट्रस्टेड पर्सन’ सुविधा 70 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए सुरक्षा और सख्त होगी। 50,000 रुपए से ज्यादा के ट्रांजैक्शन के लिए एक ‘ट्रस्टेड पर्सन’ (भरोसेमंद व्यक्ति) की मंजूरी जरूरी हो सकती है। यह फ्रॉड के खिलाफ सुरक्षा की एक दूसरी लेयर की तरह काम करेगा। 2. भरोसेमंद को ‘व्हाइटलिस्ट’ में शामिल कर सकेंगे अगर आप किसी ऐसे व्यक्ति या मर्चेंट को पैसे भेज रहे हैं, जिसे आप जानते हैं, तो आप उसे अपनी ‘व्हाइटलिस्ट’ में शामिल कर सकते हैं। व्हाइटलिस्टेड लोगों को पेमेंट करने पर यह 1 घंटे की देरी लागू नहीं होगी, जिससे नियमित लेन-देन में परेशानी नहीं आएगी। 3. डिजिटल पेमेंट बंद करने के लिए ‘किल स्विच’ RBI ने एक ‘किल स्विच’ का सुझाव भी दिया है। अगर किसी ग्राहक को लगता है कि उसका अकाउंट हैक हो गया है या कोई गलत ट्रांजैक्शन हो रहा है, तो वह एक क्लिक से अपनी सभी डिजिटल पेमेंट सेवाओं को तुरंत बंद कर सकेगा। टेबल में समझिए क्या बदल जाएगा? क्यों पड़ी इसकी जरूरत? पिछले साल देश में डिजिटल फ्रॉड के कारण होने वाला नुकसान 22 हजार करोड़ रुपए के पार पहुंच गया। RBI के अनुसार 10 हजार रुपए से ऊपर के ट्रांजैक्शन कुल फ्रॉड केस का सिर्फ 45% हैं, लेकिन कुल फ्रॉड वैल्यू में इनकी हिस्सेदारी 98.5% है। इसी को ध्यान में रखते हुए 10 हजार की लिमिट तय की गई है। कब तक लागू हो सकता है नियम? RBI फिलहाल बैंकों और नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के साथ मिलकर इसके तकनीकी पहलुओं पर चर्चा कर रहा है। इसमें मुख्य चुनौती यह है कि डिजिटल पेमेंट की ‘रफ्तार’ और ‘सुरक्षा’ के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए। उम्मीद जताई जा रही है कि अगले कुछ महीनों में इसके लिए विस्तृत गाइडलाइन जारी की जा सकती है और चरणबद्ध तरीके से इसे लागू किया जाएगा। एक्सपर्ट व्यू: सुरक्षा और स्पीड के बीच संतुलन RBI ने माना है कि डिजिटल पेमेंट का मूल सिद्धांत ‘इंस्टेंट’ यानी तुरंत पेमेंट है। अनिवार्य देरी से यूजर्स को कुछ असुविधा हो सकती है, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से यह जरूरी है। RBI ने इस चर्चा पत्र पर 8 मई तक आम जनता और स्टेकहोल्डर्स से सुझाव मांगे हैं। ————— लोन से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… रेपो रेट में बदलाव नहीं, लोन महंगे नहीं होंगे:RBI ने ब्याज दर 5.25% पर बरकरार रखी; 2025 में चार बार में 1.25% की कटौती नए वित्त वर्ष की पहली मीटिंग में रेपो रेट में बदलाव नहीं किया गया है। इसे 5.25% पर बरकरार रखा है। इससे लोन महंगे नहीं होंगे और EMI नहीं बढ़ेगी। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने 8 अप्रैल को मॉनीटरी पॉलिसी कमेटी के फैसलों की जानकारी दी। पूरी खबर पढ़ें…

हिमाचल में मणिमहेश यात्रा पर प्रतिबंध:परिक्रमा स्थल पर पुलिस की तैनाती, विशेष निगरानी के आदेश; धंछो से आगे जाने पर रोक

हिमाचल में मणिमहेश यात्रा पर प्रतिबंध:परिक्रमा स्थल पर पुलिस की तैनाती, विशेष निगरानी के आदेश; धंछो से आगे जाने पर रोक

हिमाचल प्रदेश के चंबा में ‘मणिमहेश यात्रा’ पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। SDM भरमौर ने पुलिस थाना प्रभारी को आदेश दिए कि परिक्रमा स्थल धंछो, गौरीकुंड और मणिमहेश में पुलिस जवानों की तैनाती कर विशेष निगरानी शुरू की जाए। किसी भी यात्री को धंछो से आगे न जाने दिया जाए। कुछ यात्री प्रशासन को सूचित किए बगैर चोरी-छिपे मणिमहेश जाने लगे हैं, जबकि भरमौर में अभी चार-पांच फीट से भी ज्यादा बर्फ है। दो दिन पहले भी यहां ताजा हिमपात हुआ है। मणिमहेश जाने वाले रास्ते 2025 की भारी बरसात और बादल फटने के कारण बुरी तरह क्षतिग्रस्त हैं। ऐसे में मणिमहेश की यात्रा जानलेवा साबित हो सकती है। कार्तिक स्वामी मंदिर के 14 अप्रैल को खुल रहे कपाट SDM भरमौर ने अपने आदेशों में कहा कि ‘कार्तिक स्वामी मंदिर’ के कपाट 14 अप्रैल को खुल रहे हैं। हर वर्ष की भांति इस बार भी कुछ भक्त अभी से कार्तिक स्वामी मंदिर पहुंचने लगे हैं। इस दौरान कुछ लोग मणिमहेश की ओर जा रहे हैं। किसी को भी परिक्रमा मार्ग (धंछो, गौरीकुंड और मणिमहेश) पर जाने की इजाजत नहीं दी जाएगी। हड़सर के मेन गेट पर गाड़ियों की जांच के निर्देश SDM ने निर्देश दिए कि हडसर मेन गेट पर वाहनों की नियमित जांच की जाए। साथ ही, मणिमहेश जाने वाले श्रद्धालुओं को परिक्रमा मार्ग पर जाने से रोका जाए और उन्हें मार्ग की वास्तविक स्थिति से अवगत कराया जाए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। पंचायतों को सूचना बोर्ड लगाने की हिदायत SDM ने ग्राम पंचायत हडसर और आसपास की पंचायतों को भी निर्देश दिए कि वे सूचना बोर्ड व पोस्टर लगाकर स्थानीय जनता और यात्रियों को मार्ग की स्थिति और संभावित जोखिमों के बारे में जागरूक करें। 25 हजार लोग फंसे, 26 की गई थी जान बता दें कि बीते साल भारी बारिश और बादल फटने से भरमौर यात्रा पर गए 25 हजार से ज्यादा श्रद्धालु फंस गए थे। इस यात्रा के दौरान लगभग 26 यात्रियों की मौत हुई थी। सड़क व रास्तों का नामोनिशान तक मिट गया था। मणिमहेश जाने वाले रास्ते अभी भी पूरी तरह बहाल नहीं हो सके हैं। इसे देखते हुए प्रशासन ने यह फैसला लिया है। मणिमहेश की आधिकारिक यात्रा अगस्त माह में कृष्ण जन्माष्टमी से शुरू होती है और राधाष्टमी पर संपन्न होती है।

रोज़ एक ही खाना खाने से कम होता है वजन! शोध में हुआ खुलासा, मिल गया वेट लूज़ करने का सबसे सिंपल तरीका

ask search icon

Last Updated:April 10, 2026, 09:40 IST Benefits of eating same food daily : आजकल वजन घटाने के लिए लोग नए-नए डाइट प्लान और फैंसी वर्कआउट आजमाते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसका सबसे आसान तरीका आपकी थाली में ही छिपा है? हाल ही में हुए एक दिलचस्प शोध ने सभी को चौंका दिया है. ‘हेल्थ साइकोलॉजी’ (Health Psychology) जर्नल में प्रकाशित इस स्टडी के अनुसार, जो लोग रोजाना एक ही तरह का भोजन (Repeat Meals) करते हैं और अपनी कैलोरी की मात्रा को स्थिर रखते हैं, वे दूसरों की तुलना में तेजी से वजन कम कर पाते हैं. Weight loss tips in Hindi : आजकल वजन घटाने के लिए लोग नए-नए डाइट प्लान और फैंसी वर्कआउट आजमाते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसका सबसे आसान तरीका आपकी थाली में ही छिपा है? हाल ही में हुए एक दिलचस्प शोध ने सभी को चौंका दिया है. ‘हेल्थ साइकोलॉजी’ (Health Psychology) जर्नल में प्रकाशित इस स्टडी के अनुसार, जो लोग रोजाना एक ही तरह का भोजन (Repeat Meals) करते हैं और अपनी कैलोरी की मात्रा को स्थिर रखते हैं, वे दूसरों की तुलना में तेजी से वजन कम कर पाते हैं. इस शोध के दौरान विशेषज्ञों ने 112 वयस्कों के खाने की आदतों का गहराई से विश्लेषण किया. ये सभी प्रतिभागी 12 हफ्तों के एक विशेष वेट लॉस प्रोग्राम का हिस्सा थे. परिणामों में देखा गया कि जिन लोगों ने अपने भोजन में बहुत अधिक बदलाव करने के बजाय एक ही रूटीन को फॉलो किया, उन्होंने उन लोगों के मुकाबले कहीं ज्यादा वजन घटाया जो हर दिन अलग-अलग तरह के पकवान खाते थे. अध्ययन में वजन घटाने की इस सफलता को दो पैमानों पर मापा गया—पहला ‘कैलोरी स्थिरता’ (Caloric Stability) और दूसरा ‘भोजन की पुनरावृत्ति’ (Dietary Repetition). शोधकर्ताओं ने पाया कि जो लोग अपने भोजन को बार-बार दोहराते थे, उनके शरीर के वजन में औसतन 5.9% की कमी आई. वहीं, जो लोग अपनी डाइट में बहुत अधिक वैरायटी रखते थे, वे केवल 4.3% वजन ही कम कर सके. यह अंतर बताता है कि सादगी ही सफलता की कुंजी है. Add News18 as Preferred Source on Google विशेषज्ञों का मानना है कि जब हम रोज एक ही जैसा खाना खाते हैं, तो हमारे दिमाग को ‘फूड चॉइस’ यानी क्या खाएं, इसका फैसला लेने में कम मेहनत करनी पड़ती है. क्लीवलैंड क्लिनिक की डायटीशियन क्रिस्टिन किर्कपैट्रिक का कहना है कि खाने में निरंतरता और पूर्वानुमान (Predictability) होने से लोग बेहतर चुनाव कर पाते हैं. इससे अनहेल्दी जंक फूड या ओवरईटिंग की गुंजाइश काफी कम हो जाती है. स्टडी में एक और अहम बात सामने आई कैलोरी का उतार-चढ़ाव. शोध के अनुसार, रोजाना की कैलोरी में हर 100 कैलोरी का बदलाव वजन घटने की रफ्तार को 0.6% तक कम कर देता है. इसका मतलब है कि अगर आप हफ्ते के दिनों में कम खाते हैं और वीकेंड पर ज्यादा, तो आपकी मेहनत पर पानी फिर सकता है. वजन कम करने के लिए शरीर को एक स्थिर और तय कैलोरी बजट की आदत डालना बहुत जरूरी है. फैमिली मेडिसिन फिजिशियन डॉ. डेविड कटलर कहते हैं कि ज्यादातर लोग वैसे भी हफ्ते भर में घूम-फिरकर वही 20 से 30 खाद्य पदार्थ ही खाते हैं. ऐसे में सफल वेट लॉस करने वाले लोग बस उन विकल्पों को थोड़ा और सीमित और हेल्दी कर देते हैं. जब आप जानते हैं कि आपके खाने में कितनी कैलोरी है, तो उसे मैनेज करना बहुत आसान हो जाता है. यह ‘सिंपल फूड चॉइस’ आपको कठिन माहौल में भी अपने लक्ष्य पर टिकाए रखती है. हालांकि, एक्सपर्ट्स ने एक सावधानी भी साझा की है. किर्कपैट्रिक के अनुसार, यह फॉर्मूला तभी काम करता है जब आपके ‘फिक्स मील’ पोषक तत्वों से भरपूर हों. अगर आप रोज एक ही चीज खा रहे हैं और उसमें जरूरी विटामिन्स या प्रोटीन की कमी है, तो शरीर में पोषण का अभाव हो सकता है. इसलिए, अपना ‘गो-टू मील’ चुनते समय फाइबर और प्रोटीन का खास ख्याल रखना चाहिए ताकि कमजोरी महसूस न हो. यह शोध साबित करता है कि वजन घटाने के सफर में ‘वैरायटी’ से ज्यादा ‘कंसिस्टेंसी’ यानी निरंतरता मायने रखती है. हालांकि यह अध्ययन पूरी तरह से अनुशासन और रूटीन पर आधारित है, लेकिन यह उन लोगों के लिए एक उम्मीद की किरण है जो डाइट प्लान बनाने के झंझट से थक चुके हैं. तो अगर आप भी वजन घटाना चाहते हैं, तो अपनी पसंदीदा हेल्दी डिश चुनें और उसे अपना डेली पार्टनर बना लें! First Published : April 10, 2026, 09:40 IST

रामपाल के जेल से बाहर आने में हो रही देरी:जेल सुपरिटेंडेंट बोले- कोर्ट से नहीं पहुंचे रिहाई डॉक्यूमेंट; काली स्कॉर्पियो में आया परिवार

रामपाल के जेल से बाहर आने में हो रही देरी:जेल सुपरिटेंडेंट बोले- कोर्ट से नहीं पहुंचे रिहाई डॉक्यूमेंट; काली स्कॉर्पियो में आया परिवार

हरियाणा के हिसार के सतलोक आश्रम प्रकरण में उम्रकैद की सजा काट रहा रामपाल 11 साल 4 माह बाद आज जेल से बाहर आएगा। हत्या के 2 मामलों में कोर्ट के आदेश के बाद 5-5 लाख रुपए के बेल बॉन्ड जमा कराए गए। हालांकि दोपहर 1:30 बजे तक कोर्ट से उसके रिहाई दस्तावेज नहीं पहुंचे थे। जेल सुपरिटेंडेंट रमेश कुमार के मुताबिक, कोर्ट से रिहाई दस्तावेज आने में थोड़ा टाइम लग सकता है। उधर, दिल्ली नंबर की एक डिफेंडर गाड़ी जेल में पहुंच गई है। इसके अलावा काले रंग की स्कॉर्पियो भी जेल में पहुंची है, जिसमें रामपाल का परिवार आया है। चर्चा है कि रामपाल यहां से सीधे सोनीपत आश्रम जा सकता है। इसे देखते हुए कई नाकों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। बता दें कि, सतलोक आश्रम मामले में लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने रामपाल को दोषी ठहराया था। इस केस में करीब 425 गवाह बनाए गए थे, जिनमें से 58 की गवाही अहम रही। कोर्ट ने सुनवाई के बाद हत्या सहित अन्य धाराओं में उसे उम्रकैद की सजा सुनाई थी। देशद्रोह से जुड़े मामले में जमानत मिलने के बाद रामपाल की जेल से रिहाई का रास्ता साफ हुआ। पहले जानिए वो मामला, जिसमें रामपाल को मिली जमानत 2014 में हिसार के बरवाला स्थित सतलोक आश्रम में पुलिस और रामपाल समर्थकों के बीच टकराव हुआ था। इस दौरान महिलाओं और बच्चों समेत 6 लोगों की मौत हो गई थी। इसी मामले में रामपाल को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। सतलोक आश्रम मामले में लंबी सुनवाई के बाद कोर्ट ने रामपाल को दोषी ठहराया था। इस केस में करीब 425 गवाह बनाए गए थे, जिनमें से 58 की गवाही अहम रही। कोर्ट ने सुनवाई के बाद हत्या सहित अन्य धाराओं में उसे उम्रकैद की सजा सुनाई थी। अब देशद्रोह के मामले में जमानत मिलने और बेल बॉन्ड जमा होने के बाद उसकी रिहाई संभव हुई। रामपाल की जेल से रिहाई का रास्ता ऐसे हुआ साफ… रामपाल की रिहाई के अपडेट्स के लिए नीचे के ब्लॉग से गुजर जाएं…

दांतों का दर्द और सड़न भूल जाओ! इस पेड़ की टहनी से करें ब्रश, 90 साल की उम्र में भी दांत रहेगा टनाटन!

authorimg

Last Updated:April 10, 2026, 08:11 IST Ranchi Jajali Plant Brush: रांची के पास खूंटी और कांके में लोग जजाली की टहनी से दातुन करते हैं, इसे प्राकृतिक टूथपेस्ट मानते हैं, बुजुर्गों के दांत मजबूत और साफ बताए गए हैं. यहां के विजेंद्र बताते हैं कि इससे आपके दांत 90 साल तक एकदम टनाटन रहेंगे. आइये जानते हैं इसके बारे में. ख़बरें फटाफट रांची: झारखंड की राजधानी रांची के आसपास के जैसे खूंटी और कांके के जंगल के साइड के रहने वाले लोग खासतौर पर जजाली नाम के पौधे का इस्तेमाल करते हैं. इसके इस्तेमाल से 80 साल के बूढ़ों का दांत एकदम टनाटन रहता है. एकदम साफ मोती जैसा चमकता हुआ रहता है. कांके में जंगल के समय से रहने वाले विजेंद्र बताते हैं कि प्राकृतिक रूप से इसकी टहनी एंटीबैक्टीरियल है. आइये जानते हैं इसके बारे  में. विजेंद्र बताते हैं कि इससे दांत में कीड़ा मकोड़ा नहीं लगता और गंदगी को बहुत अच्छे से साफ करता है. ये प्राकृतिक रूप से टूथपेस्ट का काम करता है. खासतौर पर टूथपेस्ट से जो झाग बनता है. बिल्कुल वैसा ही झाग बनता है. अगर आप इससे ब्रश करेंगे तो आपको लगेगा कि नहीं कि आप टूथपेस्ट इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं. मतलब की ये प्राकृतिक टूथपेस्ट जैसा महसूस होता है प्राकृतिक टूथपेस्ट है ये टहनी उन्होंने बताया कि यह एक एकदम प्राकृतिक टूथपेस्ट है. बिल्कुल वैसा ही झाग देखने को मिलता है. इससे खासतौर पर जीभ बहुत बढ़िया से साफ हो जाती है. इसलिए उन्होंने आज तक कभी भी बाजार का ब्रश या फिर टूथपेस्ट इस्तेमाल नहीं किया और आज इस गांव में जितने भी लोग हैं. 80- 90 साल के हैं. उन सभी का दांत एकदम टनाटन रहता है. इसके अलावा ये एंटीबैक्टीरियल के साथ एंटी फंगल भी है. मतलब अगर दांत में या कहीं कोई इंफेक्शन है तो उससे भी बचाता है. यह पूरी तरह प्राकृतिक ह. इसमें एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण भी पाए जाते हैं. मतलब अगर आपके मसूड़े में सूजन जैसा कुछ हो गया है तो आप इससे दातुन करते हैं तो आपको जबरदस्त फायदा मिलेगा. छोटे बच्चों भी दांत में यही करते हैं इस्तेमाल उन्होंने बताया कि हमारे बच्चे अभी 4 साल के हैं. पर बचपन से ही हम उनको इसी के टहनी से दातुन करने का आदत डाल दिए हैं. ताकि बाद में इनको कोई परेशानी ना हो. यहां पर छोटे-छोटे बच्चे आपको इसी का दतुअन करते दिखाई देंगे और दांत ऐसा की रस्सी से ट्रक को खींच लेगा. About the Author Brijendra Pratap Singh बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Ranchi,Jharkhand First Published : April 10, 2026, 07:48 IST