ईएसबी और पीएससी के भर्ती नियमों में बदलाव करेगी सरकार:दोनों ही एजेंसियों के लिए ड्राफ्ट तैयार, 5 जून तक लिए जाएंगे सुझाव

राज्य सरकार प्रदेश में सरकारी नौकरी के लिए भर्ती करने वाली दो एजेंसियों के भर्ती नियमों में बदलाव करने जा रही है। सामान्य प्रशासन विभाग ने इसके लिए मप्र लोक सेवा आयोग और मप्र कर्मचारी चयन मंडल के भर्ती नियमों में बदलाव का ड्राफ्ट तैयार किया है और पांच जून से इसको लेकर प्रदेश के लोगों से सुझाव मांगे हैं। प्रस्तावित नियमों के अनुसार अब मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग को छोड़कर सभी सरकारी भर्तियां कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) के माध्यम से होंगी। नए नियम 1 अक्टूबर 2026 से लागू होंगे और 2013 के पुराने नियमों की जगह लेंगे। सरकार ने 5 जून 2026 तक आम जनता से सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं। पात्रता परीक्षा और स्कोर कार्ड पर होगी भर्ती नियमों में बदलाव के लिए तैयार ड्राफ्ट में कहा गया है कि अब भर्ती प्रक्रिया “पात्रता परीक्षा” और “स्कोर कार्ड सिस्टम” पर आधारित होगी। ईएसबी हर साल तीन प्रकार की पात्रता परीक्षाएं आयोजित करेगा जो सामान्य पात्रता परीक्षा, तकनीकी पात्रता परीक्षा और शिक्षक पात्रता परीक्षा के रूप में होंगी। पात्रता परीक्षा में तय न्यूनतम अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को ही स्कोर कार्ड जारी किया जाएगा, जिसका उपयोग विभिन्न सरकारी नौकरियों में आवेदन के लिए किया जा सकेगा। सामान्य और तकनीकी पात्रता परीक्षा का स्कोर कार्ड रिजल्ट जारी होने वाले वर्ष के बाद अगले दो वर्षों की 31 दिसंबर तक वैध रहेगा, शिक्षक पात्रता परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवार जीवनभर पात्र माने जाएंगे, लेकिन नौकरी आवेदन के लिए उनका स्कोर कार्ड भी सीमित अवधि तक ही मान्य रहेगा। एक स्कोर से कई भर्तियों में आवेदन नई व्यवस्था के तहत अभ्यर्थियों को बार-बार प्रारंभिक परीक्षाएं नहीं देनी पड़ेंगी। एक बार अच्छा स्कोर आने पर उसी स्कोर कार्ड के आधार पर कई विभागों की भर्तियों में आवेदन किया जा सकेगा। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी, जिससे भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सरल बनाने का दावा किया गया है। ऐसा होगा परीक्षा पैटर्न सामान्य पात्रता परीक्षा में 100 प्रश्न होंगे, जिन्हें चार हिस्सों में बांटा जाएगा। इसमें सामान्य ज्ञान, करंट अफेयर्स, मध्यप्रदेश सामान्य ज्ञान एवं योजनाएं, गणित, तार्किक क्षमता, डेटा विश्लेषण और कंप्यूटर ज्ञान से प्रश्न पूछे जाएंगे। तकनीकी पात्रता परीक्षा में भी 100 प्रश्न होंगे, जिनमें 25 प्रश्न सामान्य विषयों से और 75 प्रश्न संबंधित तकनीकी विषय से होंगे। पीएससी परीक्षा के नियम तैयार, लागू करने से पहले मांगे सुझाव उधर राज्य शासन ने मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की भर्ती परीक्षाओं को संचालित करने के लिए नए प्रारूप नियमों को तैयार किया है और इन्हें लागू करने से पहले 5 जून 2026 तक सुझाव मांगे गए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग के अपर सचिव अजय कटेसरिया ने बताया कि राज्य शासन द्वारा “मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग परीक्षा नियम 2026” अधिसूचित किया जाना प्रस्तावित है। प्रस्तावित नियमों के प्रारूप विभाग की वेबसाइट gad.mp.gov.in पर उपलब्ध है। प्रस्तावित नियमों के संबंध में यदि किसी व्यक्ति, संस्था या हितधारक को कोई आपत्ति या सुझाव देना हो तो वे 5 जून 2026 तक लिखित रूप में अपने सुझाव ई-मेल sogad1@mp.gov.in पर प्रेषित कर सकते हैं। साथ ही सुझाव gad.mp.gov.in पर उपलब्ध लिंक के माध्यम से भी विभाग को दिए जा सकते हैं। समयावधि के बाद प्राप्त होने वाले सुझावों पर विचार नहीं किया जाएगा।
Actress Twisha Sharma Death | AIIMS Report Multiple Injuries; Sasural Questions

भोपाल2 मिनट पहले कॉपी लिंक भोपाल की एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा सुसाइड केस में एम्स भोपाल की शॉर्ट पीएम रिपोर्ट में बॉडी पर मल्टीपल चोटों के निशानों का जिक्र हुआ है। ट्विशा के परिजन शुरुआत से हत्या की आशंका जता रहे हैं। वहीं, मृतका की सास गिरीबाला सिंह और उनके एडवोकेट इनोश जार्ज कार्लो ने भी रिपोर्ट पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि रिपोर्ट केवल सेंसेशन फैलाने के इरादे से तैयार की गई है। रिपोर्ट में चोटों का जिक्र है, लेकिन कहां और कितनी चोट हैं, यह स्पष्ट नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि सेकंड पीएम या किसी भी एजेंसी से जांच कराने पर उन्हें कोई एतराज नहीं है और वे जांच में सहयोग करेंगे। ट्विशा और समर्थ की शादी 12 दिसंबर 2025 को हुई थी। पुलिस ने यहां की थी चूक ट्विशा शर्मा सुसाइड मामले में पुलिस जांच पर सवाल उठ रहे हैं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार, जिस बेल्ट से फांसी लगाने की बात कही गई थी, उसे जांच अधिकारी पोस्टमार्टम के समय एम्स भोपाल नहीं ले गए थे। बाद में बेल्ट जांच के लिए सौंपी गई, लेकिन डॉक्टर कथित फांसी के साधन और गर्दन के निशानों का वैज्ञानिक परीक्षण नहीं कर सके। रिटायर्ड जिला जज गिरिबाला सिंह की बहू ट्विशा शर्मा की मौत की जांच विवादों में घिर गई है। पोस्टमॉर्टम में हुई चूक के बाद परिजनों ने मामले की जांच मध्य प्रदेश से बाहर किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराने और दिल्ली एम्स में दोबारा पोस्टमॉर्टम की मांग की है। इसी वजह से मौत के आठ दिन बाद भी परिजन बॉडी लेने और अंतिम संस्कार के लिए तैयार नहीं हैं। परिजनों का कहना है कि बेल्ट उपलब्ध नहीं होने से डॉक्टर यह तय नहीं कर सके कि फांसी किस चीज से लगाई गई थी। गर्दन के लिगेचर मार्क्स का सही मिलान और माप भी नहीं हो पाया। इस बीच, पति समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका सोमवार को खारिज कर दी गई। ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा ने हाथ जोड़कर बेटी के लिए न्याय मांगा। पुलिस बोली- आरोपी समर्थ की तलाश में 6 टीमें जुटीं एसीपी रजनीश कश्यप कौल ने बताया कि फांसी में इस्तेमाल की गई बेल्ट जब्त कर ली गई थी, लेकिन पोस्टमॉर्टम के समय उसे एम्स नहीं भेजा जा सका। आरोपी समर्थ की गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित है। उसकी तलाश में 6 टीमें जुटी हैं। जल्द गिरफ्तारी कर ली जाएगी। बेल्ट नहीं मिलने से अधूरी रह गई फोरेंसिक जांच विशेषज्ञों के अनुसार पोस्टमॉर्टम के दौरान बेल्ट उपलब्ध होती तो यह जांच हो सकती थी कि फांसी उसी बेल्ट से लगाई गई थी या नहीं। गर्दन के निशान बेल्ट से मेल खाते हैं या नहीं और बेल्ट पर डीएनए या अन्य जैविक साक्ष्य हैं या नहीं। मीडिया से बातचीत करते हुए फफक कर रो पड़ीं सास दहेज मृत्यु मामले के आरोपी समर्थ सिंह की अग्रिम बेल सोमवार को भोपाल कोर्ट ने खारिज कर दी। इसके बाद उनकी मां और पूर्व जज गिरीबाला सिंह पहली बार मीडिया के सामने आईं। उन्होंने मृत बहू और उसके परिजनों को लेकर कई दावे किए। गिरिबाला सिंह ने बताया कि बहू ट्विशा शर्मा ने स्वेच्छा से गर्भपात कराया था। इसके बाद वह अवसाद में आ गई थी। उन्होंने कहा कि वह रोज 6 से 7 घंटे कंज्यूमर फोरम में रहती हैं और बेटा समर्थ सिंह भी कोर्ट में प्रैक्टिस करता है, इसलिए बहू घर में अकेली रहती थी। उन्होंने बताया कि ट्विशा की मां रेखा से कई बार भोपाल आकर बेटी के साथ रहने की बात कही गई, लेकिन वह कभी नहीं आईं। केवल एक बार वह बेटे के साथ भोपाल आई थीं, जब ट्विशा नाराज होकर मायके चली गई थी। भोपाल में सीएम हाउस के बाहर ट्विशा के परिजन-रिश्तेदारों ने नारेबाजी की। खुद प्रपोजल लेकर भोपाल आई थी ट्विशा गिरिबाला सिंह ने बताया कि ट्विशा शर्मा पिछले साल पहली बार उनके घर आई थी। उसने खुद समर्थ से शादी की बात रखी थी और बताया था कि दोनों के बीच प्रेम संबंध है। उन्होंने कहा कि शुरुआत में ट्विशा और उसका परिवार संस्कारी लगा। बाद में उन्हें लगा कि ट्विशा केवल संस्कारी होने का एक्ट कर रही थी, क्योंकि वह पहले से ग्लैमरस फील्ड से जुड़ी थी। शादी के महीनेभर पता चला ड्रग एडिक्ट है गिरिबाला सिंह ने दावा किया कि शादी के एक महीने के भीतर उन्हें लगा कि बहू किसी नशे की आदी है। उन्होंने कहा कि उसके हाथ कांपते थे, स्वभाव चिड़चिड़ा हो जाता था और वह दिल्ली जाने की जिद करती थी, क्योंकि वहां उसे आसानी से गांजा मिल जाता था। उन्होंने कहा कि इसके बाद भी परिवार ने उसका साथ दिया, काउंसलिंग कराई और नशा छुड़ाने का प्रयास किया। ना जीते जी सुकून मिला ना मौत के बाद शांति लेने दे रहे हैं परिजन रिटायर्ड जज ने कहा कि ट्विशा ग्लैमर और नौकरी से कमाई रकम का बड़ा हिस्सा अपने मां-बाप पर खर्च करती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि जीते जी उसे सुकून नहीं मिला और मौत के बाद भी परिजन बॉडी रखकर मामले से माइलेज लेने की कोशिश कर रहे हैं। गिरिबाला बोलीं-शाहिद की विधवा का अपमान कर रहे परिजन गिरिबाला सिंह ने कहा कि उनका परिवार देश सेवा से जुड़ा है। एक बेटा विंग कमांडर और दूसरा क्रिमिनल लॉयर है। उन्होंने बताया कि उनके पति देश सेवा के दौरान शहीद हुए थे। उन्होंने कहा कि मजबूरी में उन्हें मीडिया के सामने आना पड़ा। उन्होंने कहा कि रसूख उनका नहीं, बल्कि ट्विशा का परिवार दिखा रहा है। कोर्ट में आर्मी के साथ आकर उन्हें धमकाया जाता है और उन पर आरोप लगाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि परिवार जहां चाहे बॉडी का दोबारा पीएम कराए और सरकार किसी भी एजेंसी से जांच कराए, उन्हें न्याय व्यवस्था पर भरोसा है। भाभी का आरोप- जेठानी को भी दहेज के लिए प्रताड़ित किया ट्विशा की भाभी राशि ने बताया कि ट्विशा ने कई बार कहा था कि उसकी जेठानी को भी ससुराल में प्रताड़ित किया गया था। इसी कारण वह घर छोड़कर चली गई थी और दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज कराया था। राशि के मुताबिक, ट्विशा अनवांटेड प्रेग्नेंसी के कारण गर्भपात कराना चाहती थी। राशि ने कहा कि एक महिला
Bhopal Driver Suicide LIVE Video

भोपालकुछ ही क्षण पहले कॉपी लिंक वीडियो में शख्स अपना गला काटते, पेट में चाकू मारते दिखाई दे रहा। भोपाल के सोनागिरी में रविवार सुबह एक शख्स ने अपने लिव-इन पार्टनर के सिर पर हथौड़े से हमला कर दिया। महिला को मरा समझकर खुद सुसाइड कर लिया। शख्स ने चाकू से 2 बार अपना गला रेता, फिर पेट में 11 बार चाकू घोंप लिया। करीब 5 मिनट तड़पने के बाद मौत हो गई। घटना का वीडियो भी सामने आया है। जानकारी के मुताबिक, मृतक की पहचान लक्ष्मण प्रसाद रिछारिया (50) के रूप में हुई है। वह सोनागिरी इलाके में एक महिला के साथ लिव-इन में रहता था। हथौड़े से हमला होने के कारण महिला की हालत गंभीर है। अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। वारदात से जुड़ी तस्वीरें देखिए… सड़क किनारे दुकान के पास चाकू लेकर घूमते दिख रहा शख्स। लिव-इन पार्टनर का सिर फोड़ा, इसके बाद चाकू से 2 बार गला रेता। शख्स खुद के पेट पर चाकू से 11 बार हमला करते दिख रहा। खुद पर हमले के बाद लहूलुहान हालत में जमीन पर बैठ जाता है शख्स। राहगीर ने मोबाइल से रिकॉर्ड किया वीडियो वारदात का वीडियो एक राहगीर ने मोबाइल फोन से रिकॉर्ड किया। वीडियो में आसपास मौजूद लोग पुलिस को फोन करने की बात करते सुनाई दे रहे हैं। हालांकि, किसी ने आरोपी को रोकने या उससे चाकू छीनने की हिम्मत नहीं दिखाई। मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक, सबकुछ इतनी तेजी से हुआ कि लोग समझ नहीं पाए कि क्या हो रहा है। कुछ लोग दूर खड़े होकर देखते रहे, जबकि आरोपी लगातार खुद को चाकू मारता रहा। पत्नी की मौत के बाद लिव-इन में रह रहा था लक्ष्मण एडिशनल डीसीपी गौतम सोलंकी के मुताबिक, लक्ष्मण प्रसाद रिछारिया सोनागिरी के सी सेक्टर झुग्गी बस्ती का रहने वाला था। वह पेशे से ड्राइवर था। करीब पांच साल पहले उसकी पत्नी की मौत हो चुकी थी, तभी से वह कल्पना के साथ लिव-इन में रह रहा था। वहीं कल्पना भी सोनागिरी मोहल्ले में रहती थी, लेकिन लंबे समय से अपने पति से अलग रह रही थी। वह घरों में साफ-सफाई और खाना बनाने का काम करती थी। इसी दौरान उसकी लक्ष्मण से दोस्ती हुई। बाद में वह पति को छोड़कर लक्ष्मण के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगी। करीब 5 मिनट तड़पने के बाद शख्स ने दम तोड़ दिया। चरित्र पर शक करता था, अक्सर झगड़े होते थे एडिशनल डीसीपी के मुताबिक, पड़ोसियों ने पुलिस को बताया कि लक्ष्मण अक्सर कल्पना के चरित्र पर शक करता था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच आए दिन विवाद होता था। हथौड़े और चाकू बरामद कर लिए गए हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। …………………………………………….. यह खबर भी पढ़ें… भोपाल में हथौड़े से फोड़ा लिव-इन पार्टनर महिला का सिर भोपाल के पिपलानी थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति ने अपनी लिव-इन पार्टनर पर हथौड़े से हमला कर उसका सिर फोड़ दिया। घटना सोनागिरि सी-सेक्टर में रविवार सुबह 11 बजे की है। इसके बाद महिला को मरा हुआ समझकर अपने गले और पेट पर चाकू से वार कर आत्महत्या कर ली। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Twisha Sharma Suicide Mystery; Husband Bhopal House

फराज शेख। भोपाल46 मिनट पहले कॉपी लिंक सोमवार को भोपाल पुलिस ने रिटायर्ड जज के घर से CCTV फुटेज जब्त किया है। भोपाल में मॉडल और एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा (31) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में सोमवार को CCTV फुटेज सामने आया है। मौत से पहले वह घर की छत पर जाती दिखाई दी है। कुछ देर बाद उसके शव को तीन लोग नीचे लाते दिख रहे हैं। ट्विशा की वॉट्सएप चैट भी वायरल हुई है। इसमें उसने लिखा “मुझे बहुत घुटन हो रही है मां… ये लोग न रोने देंगे, न हंसने की वजह देंगे।” भोपाल के कटारा हिल्स स्थित बागमुगालिया एक्सटेंशन में रिटायर्ड महिला जज गिरीबाला की बहू ट्विशा शर्मा की मंगलवार को मौत हो गई थी। वह प्रेग्नेंट थी। ससुराल वालों ने फांसी लगाकर मौत की बात कही थी, जबकि मायके पक्ष ने पति समर्थ सिंह और ससुराल वालों पर हत्या का आरोप लगाया था। घटना के बाद से पति फरार है। ट्विशा के आखिरी CCTV फुटेज… CCTV फुटेज में ट्विशा शाम 7.20 बजे सीढ़ियों से ऊपर जाती दिखी। सीढ़ियों पर पीले रंग की टी-शर्ट पहने एक युवक घुटनों के बल बैठा दिख रहा है। ट्विशा की सास गिरीबाला सिंह इन्हीं सीढ़ियों के बगल वाला गेट खोलकर जाती दिखीं। गिरिबाला के बाद नीले रंग की शर्ट में एक युवक सीढ़ियों से ऊपर जाता दिखा। तीन युवक ट्विशा की बॉडी लेकर सीढ़ियों से नीचे उतरते दिखे। नोएडा की ट्विशा की 6 महीने पहले शादी ट्विशा मूल रूप से यूपी के नोएडा की रहने वाली थी। उसकी शादी करीब एक साल पहले भोपाल निवासी वकील समर्थ शर्मा से हुई थी। ट्विशा का भाई हर्षित शर्मा भारतीय सेना में मेजर है। ट्विशा ने मॉडलिंग से करियर शुरू किया था। वह चार तेलुगु फिल्मों और कई विज्ञापनों में काम कर चुकी थी। दोनों की डेटिंग एप से मुलाकात हुई बाद में परिवार की सहमति से 12 दिसंबर 2025 को शादी की थी। समर्थ जिला कोर्ट में वकालत करता है, जबकि उसकी मां गिरिबाला सिंह रिटायर्ड जिला जज हैं। मां से फोन पर बात करते छत पर गई ट्विशा मौत से पहले घर में लगे CCTV कैमरे में कैद हुई थी। फुटेज में वह रात के समय अकेले सीढ़ियां चढ़कर छत पर जाती दिखाई दी। 11 मई की शाम ट्विशा ब्यूटी पार्लर से घर लौटी थी। टीवी देखते समय उसकी मां का फोन आया। बात करते हुए वह छत पर चली गई। कुछ देर बाद कॉल डिस्कनेक्ट हो गया। रात करीब साढ़े दस बजे ट्विशा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। ट्विशा और समर्थ की शादी की तस्वीर। 4 चैट वायरल, इसमें दो स्क्रीनशॉट सहेली के और एक मां और एक बहन के साथ बातचीत के हैं… ट्विशा शर्मा की उसकी सहेली, मां और बहन के बीच हुई व्हाट्सएप चैट भी सामने आई है। इसमें उसने शादी, परिवार और अपने मानसिक तनाव को लेकर कई बातें लिखीं। मां से कहा- बुरी तरह फंस गई हूं ट्विशा: “इन सबको लगता है कि मैं ड्रग्स लेती हूं, इसलिए मेरा मूड खराब रहता है।” ट्विशा: “एक बार भी इनके दिल में यह नहीं आता कि इनका बेटा मुझे छोड़कर बैठा है। मेरा मूड इस वजह से भी खराब हो सकता है।” ट्विशा: “मुझे बहुत ज्यादा घुटन हो रही है मां।” ट्विशा: “ये लोग न रोने देंगे, न हंसने की वजह देंगे।” ट्विशा: मैं तो बहुत बुरी तरह फंस गई हूं। ट्विशा की मां के साथ चैट। बहन से कहा- हर चीज के लिए तैयार हूं ट्विशा: “देखते हैं, ये सब कहां तक करेगा।” ट्विशा: “उम्मीद है सब ठीक हो जाएगा पापा।” ट्विशा: “लेकिन मैं हर चीज के लिए तैयार हूं।” ट्विशा: “अब आगे जो भी हो, मैं चाहती हूं उसे धैर्य और संयम के साथ संभाला जाए।” ट्विशा: “कम से कम हम अपना धैर्य नहीं खोएंगे।”जवाब में परिजन ने लिखा- “शांत रहो, घबराओ मत, समझदारी से व्यवहार करो, ये सभी बुनियादी बातें जरूरी हैं।” ट्विशा की बहन के साथ चैट। सहेली से कहा- जल्दी में शादी मत करना ट्विशा: “मैं घर पर बैठी हूं, इसलिए बहुत ज्यादा एंग्जायटी में हूं।” ट्विशा: “मैं अपनी जिंदगी में कुछ करना चाहती हूं।” सहेली: “तुम्हें करना चाहिए और तुम करोगी भी।” ट्विशा: “शादी परिवार बनाती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि इंसान खुद पर काम करना छोड़ दे। जहां भी रहो, अपने लिए आगे बढ़ते रहना चाहिए।” ट्विशा: “सोच-समझकर आगे बढ़ना।” ट्विशा: “फिलहाल बस यही कहूंगी।” ट्विशा: “तुमसे जल्द बात करूंगी।” ट्विशा: “उम्मीद है तुम ठीक हो?” सहेली: “हां।” ट्विशा: “शादी की जल्दी में शादी मत करना।” सहेली: “मुझे अभी जल्दी शादी नहीं करनी।” सहेली के साथ की चैट। पति समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत खारिज मामले में फरार पति समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका पर सोमवार को सुनवाई हुई। कोर्ट ने उसकी अग्रिम बेल खारिज कर दी। पुलिस पहले ही समर्थ सिंह पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित कर चुकी है। उसकी विदेश यात्रा रोकने के लिए पासपोर्ट संबंधी प्रक्रिया भी शुरू की गई है। पुलिस की 6 टीमें उसकी तलाश में जुटी हैं। सास की जमानत अर्जी में ट्विशा को बताया ड्रग एडिक्ट इसी बीच आरोपी सास और रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह की ओर से कोर्ट में दाखिल जमानत आवेदन के कुछ हिस्से सामने आए हैं। आवेदन में ट्विशा को ड्रग एडिक्ट बताया गया है। गिरिबाला सिंह ने कोर्ट में दावा किया कि ट्विशा को नशे की लत थी। जब उसे नशा नहीं मिलता था तो उसके हाथ कांपने लगते थे और वह चिड़चिड़ा व्यवहार करने लगती थी। आवेदन में यह भी कहा गया कि ट्विशा का मनोचिकित्सक डॉ. सत्यकांत त्रिवेदी के पास इलाज चल रहा था और उसे काउंसलर काकोली राय के पास भी भेजा गया था। ट्विशा का शव अभी भी मॉर्चुरी में रखा गया है। ‘12 घंटे लापता रही थी ट्विशा’ गिरिबाला सिंह की बेल एप्लीकेशन में दावा किया गया है कि 17 अप्रैल 2026 को ट्विशा दिल्ली गई थी और करीब 12 घंटे तक लापता रही। पूछने पर उसने नहीं बताया कि वह कहां थी। ससुराल पक्ष ने कोर्ट में यह भी कहा कि ट्विशा गर्भवती थी, लेकिन बाद में उसका अबॉर्शन हो गया था। आवेदन में दहेज प्रताड़ना के आरोपों को भी गलत बताया गया है।
भोपाल में टाॅवर पर चढ़ा युवक,रात में कांग्रेस का धरना:सुबह मानस भवन के पीछे से हटेंगी 27 झुग्गी; 8 SDM-तहसीलदार समेत 95 की ड्यूटी लगाई

भोपाल में पॉलिटेक्निक चौराहा स्थित मानस भवन की बस्ती हटाने के विरोध में एक युवक पॉलिटेक्निक चौराहे पर टावर पर चढ़ गया। वहीं, झुग्गियों को हटाने के विरोध में कांग्रेस मैदान में उतर गई है। रात में ही लोगों के साथ पूर्व मंत्री पीसी शर्मा, नगर निगम ने नेता प्रतिपक्ष शाबिस्ता जकी समेत कई कांग्रेसी धरने पर बैठे हैं। जकी ने बताया कि झुग्गियां हटाए जाने को लेकर हम प्रदर्शन कर रहे हैं। दरअसल, यहां बसे 27 झुग्गी परिवारों को शनिवार सुबह हटाया जा सकता है। इसके लिए एडीएम सुमित कुमार पांडेय ने 4-4 एसडीएम, तहसीलदार समेत कुल 95 अधिकारी-कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है। एक बार कार्रवाई कैंसिल हो चुकी है। कांग्रेस के विरोध के चलते यहां भारी-भरकम पुलिस अमला भी तैनात होगा। करीब चार महीने भी इन झुग्गियों को हटाने की कवायद हुई थी, लेकिन कांग्रेस हाईकोर्ट से स्टे ले आई थी। इसके बाद यहां जश्न मना था। इनकी ड्यूटी लगी बैरागढ़ एसडीएम रविशंकर राय, एमपी नगर एसडीएम एलके खरे, शहर वृत्त एसडीएम दीपक पांडे और टीटी नगर एसडीएम अर्चना शर्मा की ड्यूटी लगाई गई है। इसके अलावा तहसीलदार यशवर्धन सिंह, करुणा दंडोतिया, सौरभ वर्मा, अनुराग त्रिपाठी समेत 9 नायब तहसीलदार, 10 राजस्व निरीक्षक और 68 पटवारियों को भी तैनात किया गया है। जीतू पटवारी भी जा चुके बस्ती में बता दें कि पूर्व में जिला प्रशासन का परिवारों को मालीखेड़ी में शिफ्ट करने का प्लान था। 25 दिसंबर 2025 को इन्हें एसडीएम ने बेदखली के आदेश जारी किए थे। इस मुद्दे पर कांग्रेस भी मैदान में उतर गई थी। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी बस्ती में पहुंचे और उन्हें कार्रवाई का विरोध जताया था। यहां होना है कार्रवाई यहां पर खसरा नंबर-1413/1 रकबा 31.5130 हेक्टेयर नोईयत वन अंशभाग 5613 वर्ग फीट के अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई होना है। यह इस साल की बड़ी कार्रवाई होगी। पूर्व सीएम, प्रदेश अध्यक्ष तक उतर चुके मैदान में मानस भवन के पीछे झुग्गी में रहने वाले परिवारों की शिफ्टिंग को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, प्रदेश अध्यक्ष पटवारी, पूर्व मंत्री पीसी शर्मा समेत कांग्रेस सवाल खड़े कर चुकी हैं। कांग्रेस ने कार्रवाई का विरोध जताया था। प्रदेश अध्यक्ष पटवारी ने एडीएम को खरी-खोटी सुनाई थी। तीन जगहों पर शिफ्टिंग का अनुमान इन परिवारों को भौंरी, कलखेड़ा, और मालीखेड़ी में बने आवासों में शिफ्ट किया जाएगा। यहां पर लोगों को निशुल्क, यानी बिना राशि लिए, ये आवास उपलब्ध कराए जाएंगे। आवास की राशि 2 लाख प्रति परिवार मानस भवन प्रबंधन उठाएगा। राशि पूर्व में ही जमा की जा चुकी है। 70 साल पुरानी है ये बस्ती यह बस्ती लगभग 70 साल पुरानी है। यहां 27 से अधिक आदिवासी और कुछ गैर-आदिवासी परिवार रहते हैं। शासन ने 25 अगस्त-25 को नोटिस जारी किया और कहा गया कि सात दिन में जगह खाली करें। यहां 27 परिवारों के 200 से ज्यादा लोग रहते हैं। दीवाली के दौरान शिफ्टिंग का विरोध भी हुआ था। कार्याध्यक्ष शर्मा ने कहा-हमने राशि भी जमा करवा दी पूर्व में जब कार्रवाई स्थगित हुई थी, तब मानस भवन के कार्याध्यक्ष रघुनंदन शर्मा ने कहा भास्कर से चर्चा में कहा था कि 27 परिवार में से आधे भी आदिवासी नहीं है। भार्गव, साहू, दांगी जैसे गोत्र वाले आदिवासी कैसे हो गए? हमने तो बस्ती वालों की मदद और उन्हें मकान का मालिकाना हक दिलाने के लिए प्रशासन को 54 लाख रुपए जमा करा दिए। हमारी जमीन पर अनाधिकृत कब्जा है। वो हमें दी जाए। झुग्गियां हटे या नहीं, इसे लेकर हमें कोई लेना-देना नहीं है। जिस बिल्डिंग में मानस भवन, उसका लोकार्पण दिग्विजय ने किया तुलसी मानस प्रतिष्ठान का लोकार्पण 30 मार्च 2003 को हुआ था। महामंडलेश्वर स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी, राज्यपाल डॉ. भाई महावीर मुख्य अतिथि थे, जबकि अध्यक्षता पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने की थी। विशिष्ठ अतिथि के रूप में विधानसभा अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद शुक्ल, तत्कालीन संस्कृति मंत्री अजय सिंह थे। अध्यक्ष शर्मा ने कहा कि मानस भवन संस्था गरीबों के हितों में काम करती है।
डिप्टी सीएम बोले:पत्रकारों की मांगों पर सरकार करेगी निर्णय:पटवारी बोले: यह सरकार नहीं सुनेगी तो हमारी पार्टी समाधान करेगी

अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर मध्य प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ द्वारा राजधानी के समन्वय भवन में एक विशाल प्रांतीय सम्मेलन और रैली का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में संघ के प्रांताध्यक्ष शलभ भदौरिया ने उप-मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर पत्रकार सुरक्षा कानून को तत्काल लागू करने की मांग की। डिप्टी सीएम बोले- समस्याओं का होगा समाधान मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद उप-मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार पत्रकारों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने पत्रकार सुरक्षा कानून पर अब तक कमेटी न बन पाने के विषय में मुख्यमंत्री से चर्चा करने का आश्वासन दिया। शुक्ल ने कहा, “लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए पत्रकारिता का सशक्त होना जरूरी है। आपकी मांगों पर चरणबद्ध तरीके से विचार कर उन्हें पूरा किया जाएगा।” पटवारी बोले- सरकार नहीं सुनेगी तो हमारी पार्टी समाधान करेगी कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने पत्रकारों की मांगों का समर्थन किया। उन्होंने देश भर में पत्रकारों पर हो रहे हमलों के आंकड़े पेश करते हुए कहा कि आज पत्रकारों को सुरक्षा की मांग करनी पड़ रही है, जो चिंताजनक है। पटवारी ने तंज कसते हुए कहा कि यदि वर्तमान सरकार मांगें पूरी नहीं करती है, तो भविष्य में उनकी पार्टी इन्हें प्राथमिकता से पूरा करेगी। लिफ्ट हादसे के बावजूद डटे रहे पत्रकार कार्यक्रम के दौरान एक लिफ्ट गिरने की घटना भी हुई, जिसमें आयोजन समिति के संयोजक रिजवान अहमद सिद्दीकी सहित कुछ अन्य साथी घायल हुए। इसके बावजूद, घायलों ने कार्यक्रम में उपस्थिति दर्ज कराई। मध्या एडवरटाइजिंग के सुशील अग्रवाल ने घायल पत्रकारों के उपचार का जिम्मा उठाया।
कोलार फिल्टर प्लांट की बिजली गुल, सप्लाई ठप:भोपाल के 75 इलाकों में आज जलप्रदाय नहीं; 25 में बिजली कटौती होगी

भोपाल के करीब 75 इलाकों में शुक्रवार को जलप्रदाय नहीं होगा। ये इलाके कोलार लाइन से जुड़े हैं। गुरुवार को कोलार फिल्टर प्लांट की बिजली सप्लाई व्यवस्था प्रभावित हुई। इस वजह से इन इलाकों में गुरुवार को पानी की सप्लाई नहीं हो सकी। इधर, शुक्रवार को करीब 25 इलाकों में 2 से 4 घंटे तक बिजली कटौती होगी। जानकारी के अनुसार, कोलार फिल्टर प्लांट में बिजली सप्लाई ठप होने और मनुआभान फिल्टर प्लांट वॉल्व खराब होने के कारण गुरुवार को जलप्रदाय प्रभावित रहा। इस वजह से शुक्रवार को सुबह के समय इन इलाकों में पानी नहीं पहुंचेगा। 800 एमएम व्यास का वॉल्व इसी तरह मनुआभान टेकरी स्थित फिल्टर प्लांट पर जीएसआर के 800 एमएम व्यास के वॉल्व में खराबी हो जाने के कारण जोन नंबर-16 एवं 17 के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में भी शुक्रवार को पानी नहीं मिलेगा। इन इलाकों में पानी नहीं मिलेगा यहां बिजली कटौती भी होगी
भोपाल में जीएसटी नियमों में सख्ती:सिर्फ नंबर या नाम के आधार पर नहीं रोके जाएंगे मालवाहक वाहन; जानकारी देना होगी

मध्यप्रदेश में अब व्यापारियों के माल से भरे वाहनों को मनमाने ढंग से रोकना आसान नहीं होगा। कमर्शियल टैक्स विभाग ने नया सर्कुलर जारी कर स्पष्ट किया है कि जीएसटी एक्ट के तहत कार्रवाई का अधिकार मुख्य रूप से उसी विभाग के पास रहेगा। अब यदि पुलिस या कोई अन्य विभाग किसी वाहन को रोकता है, तो उसे पूरी प्रक्रिया का रिकॉर्ड रखना होगा। केवल गाड़ी का नंबर, ड्राइवर का नाम या अधूरी जानकारी के आधार पर कार्रवाई नहीं की जा सकेगी। संबंधित अधिकारी को यह स्पष्ट करना होगा कि वाहन को किस सूचना के आधार पर, कब और क्यों रोका गया। साथ ही, पहले की तरह वाहन रोककर बाद में कमर्शियल टैक्स विभाग को सूचना देकर कार्रवाई करने का दबाव बनाने की प्रक्रिया भी अब खत्म कर दी गई है। इनफार्मर पर भी सख्ती नई व्यवस्था में सूचना देने वाले (इनफार्मर) की जवाबदेही भी तय की गई है। यदि जांच में सूचना गलत पाई जाती है, तो संबंधित व्यक्ति को दस्तावेजों के साथ बुलाया जा सकता है। इससे विभाग को उम्मीद है कि झूठी या अपुष्ट सूचनाओं में कमी आएगी। कारोबारियों को राहत अब टैक्स चोरी की सूचना पर छापा या जब्ती की कार्रवाई करने से पहले संबंधित सर्किल प्रभारी को वेब पोर्टल पर इसकी जानकारी दर्ज करनी होगी। इस व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ेगी और व्यापारियों को अनावश्यक परेशानियों से राहत मिलेगी।
दादाजी धाम मंदिर में नरसिंह भगवान की संध्या पूजा:कल मनाया जाएगा बुद्ध जन्मोत्सव, हवन व महाआरती में उमड़े श्रद्धालु

पटेल नगर, रायसेन रोड स्थित जागृत एवं दर्शनीय तीर्थ स्थल दादाजी धाम मंदिर में गुरुवार को भगवान विष्णु के उग्र एवं करुणामय अवतार भगवान नरसिंह का संध्या काल में विशेष पूजन वैदिक विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ। यह पूजन उस पवित्र संधि-क्षण में किया गया, जिसे शास्त्रों में न दिन और न ही रात्रि का समय माना गया है। इस अवसर पर मंदिर परिसर में धार्मिक वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से पुरुष सूक्त और नरसिंह स्तोत्र का पाठ किया। इसके बाद हवन एवं महाआरती आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में भक्तों ने भाग लेकर भगवान की आराधना की। कार्यक्रम के अंत में प्रसाद वितरण किया गया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी, चतुर्दशी और पूर्णिमा तिथियां अत्यंत पुण्यदायी मानी जाती हैं, जिन्हें ‘पुष्करिणी’ कहा जाता है। मान्यता है कि इन तिथियों में अमृत प्रकट हुआ था। द्वादशी को भगवान विष्णु ने उसकी रक्षा की, त्रयोदशी को देवताओं को अमृत पान कराया, चतुर्दशी को दैत्यों का संहार किया और पूर्णिमा को देवताओं को पुनः उनका साम्राज्य प्राप्त हुआ। इसी क्रम में मंदिर के गर्भगृह परिक्रमा में विराजमान भगवान बुद्ध का जन्मोत्सव शुक्रवार को सुबह 10 बजे से पूजन, हवन और आरती के साथ मनाया जाएगा। आयोजन के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया जाएगा।
भोपाल के ऋषिपुरम में शराब दुकान का विरोध:26 दिन से धरना दे रहे; कहा- 5 दिन में दुकान नहीं हटी तो उग्र प्रदर्शन करेंगे

भोपाल के अवधपुरी स्थित ऋषिपुरम में शराब दुकान की शिफ्टिंग का मामला तूल पकड़ रहा है। रहवासी 80 फीट स्थित पेट्रोल पंप पर ठेके का विरोध पिछले 26 दिन से कर रहे हैं। अब उन्होंने उग्र प्रदर्शन की चेतावनी दी है। कहा कि 5 दिन में यदि शराब दुकान नहीं हटी तो हजारों लोग सड़क पर उतरकर विरोध जताएंगे। रहवासियों का कहना था कि दुकान के कारण इलाके का माहौल बिगड़ रहा है और आए दिन आपराधिक घटनाएं बढ़ रही हैं। रहवासी रमन तिवारी ने बताया कि मोहल्ले के लोग लंबे समय से इस दुकान को हटाने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि शराब दुकान के आसपास असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे क्षेत्र में असुरक्षा का माहौल बन गया है। रहवासियों ने आरोप लगाया कि यहां से गुजरने वाली महिलाओं के साथ छेड़छाड़ की घटनाएं सामने आती रहती हैं। इसके अलावा झगड़े और अन्य अपराध भी बढ़ गए हैं। जिससे आम लोगों का रहना मुश्किल हो गया है। पहले भी विरोध जता चुके रहवासियों ने बताया कि पिछले एक वर्ष से यह शराब की दुकान यहां चल रही है। जिसका तब भी विरोध किया था, लेकिन आबकारी विभाग अब दुकान हटाने की बजाय फिर से यहीं पर संचालित करने दे रहा है। लगातार 26 दिन से प्रदर्शन कर रहे हैं। बावजूद कोई जिम्मेदार अधिकारी सुनवाई के लिए नहीं पहुंचा। इसलिए अब उग्र प्रदर्शन करेंगे। कानून व्यवस्था बिगड़ी तो प्रशासन जिम्मेदार होगा शराब दुकान को लेकर गुरुवार को रहवासियों ने मीडिया के सामने अपनी बात रखी। कहा कि 5 दिन में ठेके को अन्य जगह पर शिफ्ट करने की मांग की गई है। यदि ऐसा नहीं हुआ तो क्षेत्र के करीब 10 हजार लोग सड़क पर उतरकर उग्र प्रदर्शन करेंगे।









