जमीन के लालच में पिता को नशा मुक्ति केंद्र भेजा:शिवपुरी में कोर्ट की तारीख से पहले बेटों पर साजिश का आरोप; 17 बीघा जमीन का विवाद है

शिवपुरी में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां जमीन के लालच में दो बेटों ने अपने ही पिता को नशे का आदी बताकर नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती करा दिया। मामला तब उजागर हुआ जब पीड़ित का चचेरा भाई तलाश करते हुए केंद्र पहुंचा और उसे मिलने नहीं दिया गया, इसके बाद शुक्रवार को उसने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। जानकारी के मुताबिक गुना जिले के श्यामपुर निवासी जगदीश रघुवंशी ने बताया कि उनके चचेरे भाई गंगाराम रघुवंशी को उनके ही बेटों ने साजिश के तहत नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती करा दिया। बेटे 20 साल पहले अलग रहने लगे थे बताया जा रहा है कि गंगाराम की पत्नी और उनके दो बेटे सतीश और विक्की करीब 20 साल पहले अलग रहने लगे थे। इसी दौरान उन्होंने चालाकी से गंगाराम के नाम की करीब 17 बीघा जमीन अपने नाम करा ली थी, जिसकी कीमत करीब एक करोड़ रुपए बताई जा रही है। अब जब जमीन के नामांतरण की प्रक्रिया चल रही थी, तब गंगाराम ने इस पर आपत्ति दर्ज करा दी। यह मामला एसडीएम न्यायालय में विचाराधीन है। 16 अप्रैल को केस की तारीख लगी थी और अगली सुनवाई 30 अप्रैल को तय थी। आरोप- बेटों ने अगवा करवाकर भर्ती किया आरोप है कि 20 अप्रैल को जब गंगाराम एक शादी समारोह में शामिल होने गुना आए थे, तभी उनके बेटों ने उन्हें अगवा कर लिया और शिवपुरी के एक नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती करा दिया। आरोप है कि बेटों का मकसद था कि गंगाराम 30 अप्रैल की कोर्ट तारीख पर उपस्थित न हो सकें, जिससे वे जमीन पर कब्जा कर सकें। जगदीश रघुवंशी ने गंगाराम की गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। जब वह तलाश करते हुए नशा मुक्ति केंद्र पहुंचे तो उन्हें मिलने नहीं दिया गया, जिससे शक और गहरा गया। इसके बाद उन्होंने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। केंद्र मैनेजर बोले- नशे की हालत में लाए गए थे मामले में नशा मुक्ति केंद्र प्रबंधन की लापरवाही भी सामने आई है। केंद्र के मैनेजर ब्रजेश पाठक का कहना है कि गंगाराम को उनके बेटे लेकर आए थे और वह नशे की हालत में थे। दस्तावेजों की जांच के बाद ही उन्हें भर्ती किया गया था। हालांकि बाद में परिजनों की आपत्ति पर गंगाराम को उनकी इच्छा अनुसार छोड़ दिया गया। वहीं नशा मुक्ति केंद्र से बाहर आने के बाद गंगाराम रघुवंशी ने आरोप लगाया कि उनके बेटे उनकी जमीन हड़पना चाहते हैं और इसी वजह से उन्हें जबरन वहां भर्ती कराया गया।
पन्ना में अंधे हत्याकांड का खुलासा:दोस्त ने ही की की चाकू मारकर हत्या, पैसों को लेकर था विवाद

पन्ना पुलिस ने ग्राम बम्हौरी में हुए एक हत्याकांड का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने पुराने पैसों के लेनदेन के विवाद में अपने दोस्त अनिल दहायत की चाकू मारकर हत्या करने वाले आरोपी आलोक सिंह राजपूत को गिरफ्तार किया है। यह घटना 28 अप्रैल की शाम को सामने आई थी, जब ग्राम बम्हौरी के पास ‘भटवा की तलैया’ में अनिल दहायत का खून से लथपथ शव मिला था। मृतक के पिता बैजू दहायत की शिकायत पर अमानगंज थाने में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ हत्या का मामला (धारा 103(1) BNS) दर्ज किया गया था। थाना प्रभारी अमानगंज रवि सिंह जादौन के नेतृत्व में पुलिस टीम ने 30 अप्रैल को जांच शुरू की। जांच के दौरान गांव के ही आलोक सिंह राजपूत पर संदेह गहराया। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस को पता चला कि आलोक सिंह, जो पैर से लंगड़ाकर चलता है, घायल अवस्था में कुदरा मोड़ के पास भागने की फिराक में था। पुलिस ने घेराबंदी कर उसे हिरासत में ले लिया। पूछताछ में आरोपी आलोक सिंह राजपूत ने बताया कि मृतक अनिल दहायत के साथ उसका पैसों को लेकर पुराना विवाद चल रहा था। 28 अप्रैल की शाम इसी बात पर दोनों के बीच कहासुनी हुई, जिसके बाद आलोक ने एक घरेलू चाकू से अनिल पर कई वार किए। इन वारों से अनिल की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त चाकू झरकुआ मोड़ पुलिया के पास से बरामद कर लिया है। इस अज्ञात कत्ल का पर्दाफाश करने में थाना प्रभारी रवि सिंह जादौन, सउनि राघवेन्द्र प्रधान, प्र.आर. शिवम शर्मा, गणेश सिंह, देवनारायण शुक्ला, आरक्षक तुलसी, मेहरवान सिंह, विश्वास शुक्ला, अखिलेश पाल और मुनेन्द्र सिंह का विशेष योगदान रहा।
नीमच में बड़े भाई ने छोटे भाई को मारा चाकू:युवक की मौत, आरोपी भी घायल; जमीनी विवाद में किया वार

नीमच जिले की जीरण तहसील के ग्राम पावड़ा खुर्द में जमीन विवाद को लेकर हुए झगड़े में एक बड़े भाई ने अपने छोटे भाई की चाकू मारकर हत्या कर दी। गंभीर रूप से घायल छोटे भाई ने अस्पताल ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। यह घटना चिंताखेड़ा चौकी क्षेत्र में सामने आई है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पावड़ा खुर्द निवासी नरूलाल और उसके छोटे भाई भेरूलाल (30 वर्ष), पिता कचरूलाल मीणा के बीच लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। बुधवार रात करीब 10 बजे दोनों भाई घर पर थे। इसी दौरान किसी बात पर उनके बीच फिर से कहासुनी शुरू हो गई। विवाद बढ़ने पर बड़े भाई नरूलाल ने घर में रखा चाकू उठाकर भेरूलाल के पेट पर कई वार कर दिए। चाकू के गहरे घाव के कारण भेरूलाल मौके पर ही लहूलुहान होकर गिर पड़ा। परिजन उसे तुरंत जिला चिकित्सालय ले जाने लगे, लेकिन उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। जिला चिकित्सालय पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना में आरोपी बड़ा भाई नरूलाल भी घायल हुआ है, जिसे उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना की सूचना मिलते ही चिंताखेड़ा चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में विवाद का कारण जमीन की पुरानी रंजिश सामने आई है। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
गुना में गर्लफ्रेंड की शादी के दिन प्रेमी का सुसाइड:5 साल से था अफेयर, प्रेमिका की शर्त पर 2 साल पहले छोड़ी थी पत्नी

गुना के धरनावदा इलाके में एक 25 वर्षीय युवक ने जहर खाकर सुसाइड कर लिया। मंगलवार रात बमोरी में उसकी गर्लफ्रेंड की शादी थी, जिससे आहत होकर उसने हाईवे किनारे सल्फास की 10 गोलियां खा लीं। जहर खाने के बाद वह खुद भागकर रूठियाई पुलिस चौकी पहुंचा, जहां से पुलिस ने उसे तत्काल जिला अस्पताल भेजा। इलाज के दौरान बुधवार अलसुबह युवक ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है और पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। प्रेमिका के कहने पर 2 साल पहले छोड़ी थी पत्नी मृतक की पहचान पुरानी रूठियाई निवासी प्रद्युम्न सिंह सहरिया (25) पुत्र मांगीलाल सहरिया के रूप में हुई है। पिता मांगीलाल ने बताया कि प्रद्युम्न की शादी करीब 5 साल पहले हुई थी, लेकिन वह पिछले 5 वर्षों से एक अन्य लड़की से प्यार करता था। लड़की ने शर्त रखी थी कि वह पत्नी को छोड़ने के बाद ही उसके साथ रहेगी। इस वजह से प्रद्युम्न ने 2 साल पहले अपनी पत्नी को छोड़ दिया था। पिता के अनुसार, इसके बाद भी लड़की साथ रहने को राजी नहीं हुई और केवल पैसे लेती रही। हाईवे किनारे खाया जहर, खुद पुलिस चौकी पहुंचा मंगलवार को बमोरी इलाके में प्रद्युम्न की गर्लफ्रेंड की शादी हो रही थी। यह बात वह सहन नहीं कर पाया और शाम को रूठियाई में नेशनल हाईवे किनारे पहुंच गया। यहां किनारे बैठकर उसने सल्फास की लगभग 10 गोलियां खा लीं। जब उसके पिता उसे ढूंढते हुए वहां पहुंचे, तो वह भागकर रूठियाई चौकी चला गया। वहां उसने पुलिस को खुद जहर खाने की जानकारी दी। अस्पताल में तोड़ा दम, पुलिस ने मर्ग कायम किया युवक की बात सुनकर पुलिस ने उसे आनन-फानन में जिला अस्पताल भिजवाया। अस्पताल में इलाज के बाद बुधवार अलसुबह प्रद्युम्न ने दम तोड़ दिया। बुधवार सुबह बमोरी इलाके में उसकी प्रेमिका की विदाई हुई। इधर जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने प्रद्युम्न का शव परिवार वालों को सौंप दिया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
अनूपपुर में कुएं में मिला शख्स का शव:बच्चियों ने देखा, पुलिस ने रात में बाहर निकाला; पहचान नहीं हो पाई

अनूपपुर जिले के करनपठार थाना क्षेत्र के पडरीखार गांव में मंगलवार दोपहर एक शख्स की लाश कुएं में मिली। गांव के बहादुर सिंह ने इसकी सूचना पुलिस को दी। थाना प्रभारी वीरेंद्र कुमार बडकरे ने बताया कि गांव में एक शादी का कार्यक्रम था। दोपहर करीब 2-3 बजे कुछ लड़कियां नहाने के लिए गांव के सरकारी कुएं पर गई थीं। कुएं के अंदर लाश देखकर वे डर गईं और घर भागकर परिवार को इसके बारे में बताया। देर रात कुएं से निकाली गई लाश शाम करीब 6:30 बजे ग्रामीणों ने थाने पहुंचकर पुलिस को घटना की जानकारी दी। पुलिस ने मामला दर्ज किया और रात करीब 10 बजे शव को कुएं से बाहर निकाला। पानी में रहने की वजह से शरीर फूल गया था और अंधेरा होने के कारण ग्रामीण उसकी पहचान नहीं कर सके, हालांकि कुछ लोगों का कहना है कि व्यक्ति आसपास के इलाके का ही रहने वाला है। पोस्टमार्टम के बाद होगी पहचान पुलिस ने शव को बेनीबारी स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया है। बुधवार सुबह शव का पंचनामा और पोस्टमार्टम किया जाएगा, जिसके बाद ही व्यक्ति की पहचान साफ हो पाएगी।
धामनोद में युवक पर चाकू हमला:बीच-बचाव करने पर वार, परिवार का आरोप- पुलिस ने आरोपियों को बनाया फरियादी

धार जिले के धामनोद थाना क्षेत्र के ग्राम सेमल्दा में 19 अप्रैल की रात एक युवक पर चाकू से जानलेवा हमला किया गया। घायल युवक का इलाज इंदौर के एक अस्पताल में चल रहा है, जहां वह आईसीयू में भर्ती है। पीड़ित परिवार ने आज (मंगलवार) को पुलिस पर शिकायत दर्ज न करने का गंभीर आरोप लगाया है। परिजनों के अनुसार, सुरेंद्र कुशवाह अपने घर के बाहर बैठे थे। इसी दौरान पास ही रहने वाले कुछ लोगों के घर से विवाद की आवाजें आने लगीं। बताया जा रहा है कि जब सुरेंद्र बीच-बचाव करने के लिए वहां पहुंचे, तो आरोपियों ने उनके साथ गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। चाकू से पेट में वार किया परिजनों के मुताबिक, इसी दौरान दुर्गेश पिता शांतिलाल कुशवाहा ने सुरेंद्र पर चाकू से हमला कर दिया और उनके पेट में वार किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। आरोप है कि हमले के बाद युवक को एक कमरे में बंद कर दिया गया था। किसी तरह युवक ने फोन कर परिजनों को सूचना दी, जिसके बाद परिजन मौके पर पहुंचे और उसे तत्काल धामनोद अस्पताल ले जाया गया। घायल की हालत गंभीर होने पर उसे पहले धार और फिर इंदौर रेफर किया गया, जहां उसका उपचार जारी है। 5-6 लोगों ने मिलकर मारपीट की पीड़ित परिवार का आरोप है कि इस घटना में 5-6 लोगों ने मिलकर मारपीट की, लेकिन कई बार थाने के चक्कर लगाने के बावजूद उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। युवक की बहन अर्चना कुशवाहा ने आरोप लगाया कि पुलिस ने आरोपी पक्ष को ही फरियादी बना दिया है, जबकि वास्तविक पीड़ित उनका भाई है। उनका कहना है कि इस तरह मामले को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। घटना से आक्रोशित परिजन पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने आवेदन सौंपकर निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
दंपती बोले-बेटी ने जहर देकर मारने की कोशिश की:तीन ऑडियो सामने आए; प्रेमी से नाबालिग कह रही- आज मौका है, चूहामार दवा ले आओ

बेटी पर प्रेम इस कदर हावी है कि वह रात में छत से कूदकर प्रेमी के पास जाती है। हद तब हुई, जब उसने माता-पिता को खाने में जहर देकर मारने की कोशिश की। ये मुरैना के पोरसा में रहने वाले 47 वर्षीय मोहन (परिवर्तित नाम) और उनकी 40 वर्षीय पत्नी की कहानी है। उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनकी नाबालिग बेटी प्रेमी के साथ मिलकर उनकी हत्या की साजिश रच डालेगी। जहर मिली रोटी का स्वाद अजीब लगा और समय पर इलाज से उनकी जान बच गई। अब वे बेटी से डरते हैं। नाबालिग प्रेमी के साथ वह फरार है। पुलिस दोनों की तलाश कर रही है। पूरे घटनाक्रम पर माता-पिता और पुलिस से बात की गई। पिता ने कुछ ऑडियो क्लिप दिए, जिनमें लड़की प्रेमी से जहर मंगवाती सुनाई दे रही है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… सबसे पहले ये दो तस्वीरें देखिए… सबसे पहले ऑडियो के दौरान हुई वो बातचीत, जिसमें जहर देकर मारने की बात का खुलासा हुआ…। ऑडियो – 1 लड़की : हेलो, तुमको चूहा मार दवाई नहीं मिल रही। लड़का : नहीं क्यों। लड़की : अटेर रोड पर मिलती है। लड़का : @@@ को भेज कर मंगवा लो। लड़की : बच्ची को नहीं देंगे। बड़ों को ही देते हैं, अटेर रोड पर मिल जाएगी। लड़का : अटेर रोड पर कहां? लड़की : जहां तीन-चार खाद की दुकानें हैं। मौका आज ही है। लड़का : क्यों। लड़की : मैं कह रही हूं। इन लोगों का कोई भरोसा नहीं है। लड़का : कल कहां गई थी। लड़की : कल ले गए थे, गाड़ी में डाल कर सांकल से बंद कर, फिर लौट आए। लड़का : तू निकल वहां से। आज अगर चार बीघा पर नहीं आई तो मैं बोलूंगा नहीं, कल सूरत चला जाऊंगा। लड़की : मैं जो कह रही हूं, वह सुनो, जाओ दवा ले आओ। मैं आज रोटी बना रही हूं। लड़का : रोटी अब तू ही बनाती है क्या? लड़की : नहीं, आज पहली बार बना रही हूं। आज मौका है, जल्दी ले आओ। लड़का : ठीक है। ऑडियो – 2 लड़का : हैलो, गल्ला मंडी में हूं। लड़की : पुलिया पर आ गई हूं। लड़का : गल्ला मंडी होकर आ जाओ। लड़का : चूहा मार दवा और दीमक मारने की दवा है। लड़की : मम्मी को भूख नहीं लग रही, डोकरा (पिता) भूखा है। लड़का : काली पॉलीथिन में रखी है, उसे फेंक देना। लड़का : गल्ला मंडी आ जा टीन शेड में, जहां गेहूं की ट्रॉली लगती है। सब्जी लगती है। ऑडियो – 3 लड़का : कहां है? लड़का : घर @@@ आ गया है। लड़का : खाना खा लिया। लड़की : नहीं अभी नहीं, सब कुछ मिला कर रख दिया है, खाने वाले हैं। तुमने खाना खा लिया। लड़का : हमने नहीं खाया। लड़की : एक आद रोटी खा लेते। लड़का : अभी निकल आ मौका देखकर। लड़की : अभी आंगन में बैठे हैं। लड़का : फिर ताला डाल देंगे। लड़की : सब गली वाले यहीं पर बात कर रहे हैं। लड़का : दूसरी छत पर कूद कर आ जा। लड़की : उस दिन तुम आए थे, देखा था। लड़का : अगर नहीं निकल पाई तो। लड़की : (गाली देते हुए…) बाहर से कुंडी डालकर आंगन में सभी को बंद कर भागूंगी। तुम 10 तारीख तक नौकरी पर मत जाओ। लड़का : मैं जाऊंगा, मेरा तीन दिन से दिमाग खराब है। लड़की : तुम मुझे बता देना, रोटी देने जा रही हूं। लड़का : क्या-क्या मिलाया है। लड़की : मैंने तो काली वाली पूरी दवा मिला दी है। लड़का : वो वाली नहीं मिलाई क्या। लड़की : मैंने तो पूरी मिला दी है। लड़का : खाना खाने के बाद कुछ नहीं हुआ फिर… लड़की : होगा, कुछ तो होगा… उल्टी वगैरह। !@#$$ ये सब %^** करवा रहा है। लड़का : नहीं आई तो समझना। लड़की : मरू या कुछ करू… आऊंगी जरूर। माता-पिता ने सुनाई पूरी कहानी अस्पताल में 5 दिन तक जिंदगी की जंग लड़े पिता ने बताया कि वे पोरसा के पास गांव के रहने वाले हैं। पहले जमीन थी, लेकिन बिक गई। वे परिवार के साथ पोरसा में किराए के मकान में रहते हैं। उनके तीन बच्चे हैं—17 साल की बेटी और दो बेटे 12 व 9 साल के। बेटी के प्रेम संबंध के कारण परेशानी थी और उसने जहर दे दिया। तबीयत बिगड़ने पर पोरसा, मुरैना और फिर ग्वालियर में इलाज हुआ। 5 दिनों तक जिंदगी की जंग लड़ी और डॉक्टरों ने बचा लिया। अब वे बेटी और उसके प्रेमी से डरते हैं। केस वापस लेने की धमकी भी मिल रही है। बेटी ने पहली बार रोटी बनाने की जिद की थी पिता बताते हैं कि 29 मार्च को बेटी ने पहली बार रोटी बनाने की जिद की थी। रात में खाना परोसा। अंधेरा होने पर आंगन में खाना खाया। रोटी का स्वाद अजीब लगा, फिर भी खा ली। टॉर्च की रोशनी में देखा तो रोटियां काली थीं। कुछ देर बाद चक्कर और उल्टी शुरू हुई। साला घर आया हुआ था। तबीयत खराब होता देख उसने तत्काल डाॅयल 112 बुलाई। पुलिसवालों ने हमसे जानकारी चाही। मैंने उन्हें रोटी दिखाते हुए कुछ बात बताई, इसके बाद बेहोश हो गया। अचानक पत्नी को भी उल्टियां होने लगीं। पुलिस पहले थाने, फिर पोरसा, मुरैना और ग्वालियर अस्पताल ले गई। 5 दिन इलाज चला और 2 अप्रैल को छुट्टी मिली। कुछ दिन रिश्तेदारी में बिताने के बाद अपने घर लौटे। बेटी छत से कूदकर प्रेमी से मिलने जाती थी नाबालिग की मां ने कहा कि बेटी काबू में नहीं है। इसलिए धौलपुर में रिश्ता तय किया था। 30 मार्च को सगाई के लिए जाना था। हमने किराए से कार भी कर ली थी। लड़के का परिवार अच्छा है, इसीलिए हम यह रिश्ता करना चाहते थे। बेटी को भी इसके बारे में बताया था। सगाई रोकने के लिए उसने प्रेमी सुदामा के साथ मिलकर जहर देने की साजिश रची। पहले भी भागी, पुलिस ने वन स्टॉप सेंटर भेजा था मां का कहना कि 2025 में भी बेटी प्रेमी के साथ भाग गई थी। पुलिस ने पकड़कर वन स्टॉप सेंटर भेजा और प्रेमी जेल गया। बाद में दोनों फिर मिलने लगे। वह
बारात के बीच गाड़ी निकालने पर विवाद:सतना में साइड मांगने पर 24 वर्षीय युवक को मारी गोली; कट्टे से किया फायर

सतना शहर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में सोमवार देर रात करीब 12 बजे बारात के बीच से वाहन निकालने के विवाद में एक 24 वर्षीय युवक को कट्टे से गोली मार दी गई। घटना पतेरी स्थित क्रिस्टकुला चौराहे के पास की है। गोली युवक के पैर में लगी है, जिसे उपचार के लिए तत्काल जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सोमवार रात महदेवा चौराहे के पास क्रिस्टकुला स्कूल से एक बारात मिलन मैरिज गार्डन की ओर जा रही थी। पूरी बारात सड़क के बीच में चल रही थी। इसी दौरान जवाहर निवासी राहुल उर्फ अनुराग द्विवेदी (24) अपने एक साथी के साथ वहां से गुजर रहा था। अपने वाहन को निकालने के लिए राहुल ने बारातियों को किनारे हटने को कहा था। कहासुनी के बाद मारपीट, फिर कट्टे से किया फायर रास्ता मांगने की बात पर राहुल का बारातियों में शामिल कुछ युवकों के साथ विवाद हो गया। कहासुनी का मामला इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच सड़क पर ही मारपीट शुरू हो गई। इसी दौरान भीड़ में से किसी अज्ञात व्यक्ति ने कट्टे से फायर कर दिया। गोली सीधा राहुल के पैर में जाकर लगी, जिससे वह मौके पर ही घायल हो गया। अस्पताल पहुंचा दो थानों का बल, जांच जारी गोली चलने की सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और घायल को अस्पताल पहुंचाया। घटना के बाद सिविल लाइन टीआई योगेन्द्र सिंह और सिटी कोतवाली टीआई रावेन्द्र द्विवेदी सहित भारी पुलिस बल जिला अस्पताल पहुंच गया। कार्रवाई को लेकर सिविल लाइन टीआई योगेन्द्र सिंह परिहार ने बताया कि, “घायल के बयान के आधार पर घटना की विस्तृत जांच की जा रही है।”
सतना के वन स्टॉप सेंटर से 3 नाबालिग फरार:9 माह पहले हुआ था सिक्योरिटी ऑडिट, फिर भी हुई सुरक्षा में चूक

सतना के वन स्टॉप सेंटर से रविवार रात तीन नाबालिग लड़कियां फरार हो गईं। लड़कियां खिड़की की ग्रिल निकालकर और तार की साढ़े पांच फीट ऊंची बाड़ी फांदकर भागी हैं। इस घटना ने सेंटर की सुरक्षा व्यवस्था और लोक निर्माण विभाग (PIU) द्वारा किए गए भवन निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि 9 महीने पहले ही इस सेंटर का सिक्योरिटी ऑडिट किया गया था। नाबालिग लड़कियों ने भागने के लिए सेंटर की सुरक्षा खामियों का सीधा फायदा उठाया। वन स्टॉप सेंटर और जिला कल्याण समिति (CWC) के बीच कंक्रीट की दीवार के बजाय सिर्फ साढ़े पांच फीट ऊंची तार की बाड़ी लगी हुई है। इसी बाड़ी के पास एक पुराना पेड़ गिरा हुआ था। आशंका जताई जा रही है कि लड़कियों ने इसी गिरे हुए पेड़ का इस्तेमाल कर बाड़ी को पार किया और भागने में सफल रहीं। 9 महीने पहले ही हुआ था सिक्योरिटी ऑडिट महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी राजीव सिंह ने जुलाई में सतना का कार्यभार संभालने के बाद सेंटर का सिक्योरिटी ऑडिट कराया था। सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से उन्होंने वन स्टॉप सेंटर की चहारदीवारी के ऊपर कंटीले तारों की फेंसिंग भी करवाई थी, लेकिन सुरक्षा के ये सभी उपाय नाकाफी साबित हुए। भवन निर्माण की गुणवत्ता की खुली पोल वन स्टॉप सेंटर का निर्माण लोक निर्माण विभाग की प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटेशन यूनिट (PIU) ने कराया था। चार साल पहले यह भवन महिला एवं बाल विकास विभाग को सौंपा गया था। लड़कियों ने भागने के लिए जिस खिड़की की ग्रिल को दीवार से अलग किया, उसका हुक दीवार में ठीक से फिक्स ही नहीं किया गया था। इस खुलासे ने भवन निर्माण की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। तीन साल पहले भी भागी थी एक लड़की सेंटर से लड़कियों के भागने का यह पहला मामला नहीं है। करीब तीन साल पहले भी यहां से एक लड़की फरार हुई थी। उस घटना के बाद सुरक्षा के लिहाज से खिड़कियों में जाली लगवाई गई थी, लेकिन 27 अप्रैल की घटना में यह उपाय भी काम नहीं आया। सूत्रों के मुताबिक, मैहर की ‘पिपरा सेवा दल बिरादरी संस्थान’ वन स्टॉप सेंटर को मानव संसाधन (स्टाफ) उपलब्ध कराने का काम करती है।
RTO दलाली के नेटवर्क की ‘सरगना मैडम’ कौन?:सामने नहीं आतीं, स्टाफ करता है पैकेज की डील; रकम मैडम ही तय करती हैं

राजगढ़ जिले के खिलचीपुर आरटीओ चेक पॉइंट पर वसूली का नेक्सस चल रहा है, जिसकी कमान एक ‘मैडम’ के हाथ में है। यहां खाकी वर्दी पहने सिपाही मोहरे हैं। असली डील और फाइनल अप्रूवल ‘मैडम’ देती हैं। डिस्काउंट और सख्ती भी उन्हीं के आदेश पर होती है। भास्कर की स्टेट इन्वेस्टिगेशन टीम ने नेटवर्क की पड़ताल की, जिसमें लगातार ‘मैडम’ का जिक्र हुआ। सामने आया कि इस चेक पॉइंट पर प्रभारी अनामिका कोली समेत 5 महिलाएं तैनात हैं, जिनमें से किसी एक पर नेटवर्क चलाने की आशंका है। 15 दिन पहले भास्कर ने दलाली नेटवर्क का खुलासा किया था, जिसके बाद कॉन्स्टेबल आरपी सिंह हनोतिया और अमित झरबड़े का ट्रांसफर हुआ। इसके बावजूद अब खुलेआम के बजाय छिपकर वसूली जारी है। आखिर कौन हैं ‘मैडम’? और कैसे चलता है यह नेटवर्क, पढ़िए रिपोर्ट… वॉट्सएप से शुरू हुआ ‘मैडम’ का नेटवर्क वसूली नेटवर्क के खुलासे के लिए भास्कर रिपोर्टर ने खिलचीपुर चेक पॉइंट के कर्मचारियों और अफसरों से संपर्क किया। इसी दौरान प्रभारी अनामिका कोली का नंबर मिला और वॉट्सएप पर बातचीत हुई। उन्होंने रिपोर्टर को दोपहर 12 से शाम 6 बजे के बीच ऑफिस आने को कहा, लेकिन बार-बार पुष्टि पर नाराजगी जताई। अगले दिन उन्होंने कहा कि उनका स्टाफ बात करेगा। इसके बाद कर्मचारी अमित झरबड़े का फोन आया, जिसने रिपोर्टर को मिलने बुलाया। चेकपोस्ट का ‘रेट कार्ड’: ₹700 से ₹60,000 तक खिलचीपुर चेकपोस्ट पर रिपोर्टर के पहुंचने पर रिश्वत के तय रेट सामने आए। कॉन्स्टेबल अमित और आरपी सिंह हनोतिया ने 15 गाड़ियों की सूची देखकर वसूली का ‘रेट कार्ड’ बताया। सिपाही ने कहा कि भुगतान होते ही गाड़ियों के नंबर वॉट्सएप ग्रुप में डाल दिए जाएंगे और ड्राइवरों को नहीं रोका जाएगा। जब ‘मैडम’ ने ठुकराया छूट का प्रस्ताव 15 गाड़ियों के लिए ₹60,000 मासिक वसूली तय थी। रिपोर्टर ने ₹40,000 का प्रस्ताव दिया। सिपाही ने ₹50,000 तक की बात कही, लेकिन अंतिम निर्णय ‘मैडम’ पर छोड़ा। बाद में बताया कि ‘मैडम’ ₹50,000 पर सहमत नहीं हैं और ₹4000 प्रति गाड़ी, यानी ₹60,000 ही लेना होगा। अनामिका कोली की सफाई: “कौन सी मैडम, मुझे नहीं पता” स्टिंग में ‘मैडम’ शब्द पर सवाल पूछने पर प्रभारी अनामिका कोली ने खुद को अलग बताया। उन्होंने कहा कि मेरे साथ 3-4 महिलाएं और हैं। सिपाही किस मैडम की बात कर रहे थे। मुझे जानकारी नहीं है। समराथल ट्रांसपोर्ट के प्रतिनिधि से मुलाकात न करने पर बोलीं- संबंधित लोगों को ऑफिस बुलाया था। मीटिंग में व्यस्त होने के कारण बात नहीं हो सकी। उनसे पूछा गया कि उनके अंडर वाले चेक पॉइंट पर क्या मंथली सिस्टम है। उन्होंने इनकार किया और कहा कि यहां कोई मंथली सिस्टम नहीं है। हर वाहन का चालान काटकर रसीद दी जाती है। ……………….. यह खबर भी पढ़ें… RTO के वसूलीबाज अफसरों को चेक पॉइंट से हटाया एमपी में सरकारी अफसर रिश्वत और वसूली की डील करते हुए कैमरे में कैद हो जाएं, लेकिन सरकार को इससे फर्क नहीं पड़ता। इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती। भास्कर ने मप्र के परिवहन चेक पॉइंट्स पर तैनात कर्मचारियों और अफसरों से अवैध वसूली की डील की थी। पढ़ें पूरी खबर









