बैतूल में महिला का शव फंदे पर मिला:पानी पीने उठे पति ने देखा शव, 5 बच्चों की थी मां

बैतूल जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत खेड़ी पुलिस चौकी के ग्राम कनारा में शुक्रवार देर रात 46 वर्षीय महिला ने घर के अंदर साड़ी का फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली। महिला का शव रात करीब 11 से 12 बजे के बीच पानी पीने उठे पति ने फंदे से लटका देखा। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा कार्रवाई की। शनिवार को जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। फिलहाल महिला द्वारा यह आत्मघाती कदम उठाने के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है और पुलिस मर्ग कायम कर मामले की जांच कर रही है। रात में पानी पीने उठा था पति, बल्ली से लटक रहा था शव मृतक महिला की पहचान ग्राम कनारा निवासी मिटीया (46) पत्नी फतेह सिंह कवडे के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार रात करीब 11 से 12 बजे के बीच मृतका के पति फतेह सिंह पानी पीने के लिए उठे थे। जब वह घर के अंदर पहुंचे तो उन्होंने अपनी पत्नी को साड़ी के फंदे के सहारे बल्ली से लटका हुआ पाया। घटना के समय घर में अन्य परिजन सो रहे थे। परिजनों ने फंदे से उतारा, पुलिस ने कराया PM पत्नी का शव फंदे पर लटका देख पति ने तत्काल परिजनों को सूचित किया। परिजनों ने मौके पर पहुंचकर महिला को फंदे से नीचे उतारा और खेड़ी पुलिस चौकी को सूचना दी। सूचना मिलते ही चौकी प्रभारी राकेश सरेआम अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और पंचनामा कार्रवाई पूरी की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल बैतूल भेजा गया। मजदूरी करती थी मृतका, 5 बच्चों की है मां शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। परिजनों ने बताया कि महिला मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करती थी। उसके पांच बच्चे हैं, जिनमें चार बेटे और एक बेटी शामिल हैं। बेटी की शादी हो चुकी है, जबकि चारों बेटे बाहर मजदूरी करते हैं। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और आत्महत्या के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए सभी संभावित पहलुओं पर जांच कर रही है।
बजरंगगढ़ में नदी में मिला लापता युवक का शव:हनुमान जयंती के दिन टेकरी पर दर्शन करने का कहकर निकला था; नदी के पास मिली थी बाइक

गुना के बजरंगगढ़ थाना क्षेत्र में लापता युवक का शव मिलने से सनसनी फैल गई। आरोन निवासी 28 वर्षीय कमल साहू, जो 2 अप्रैल से लापता था, उसका शव शनिवार सुबह चौपेट नदी में तैरता हुआ मिला। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा। थाना प्रभारी कृपाल सिंह परिहार के अनुसार, कमल साहू 2 अप्रैल की शाम घर से यह कहकर निकला था कि वह अपनी ससुराल सेमरी और हनुमान टेकरी दर्शन के लिए जा रहा है। लेकिन 3 अप्रैल तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने आरोन थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। शुक्रवार को पुलिस को बजरंगगढ़ के पास चौपेट नदी किनारे एक लॉक लगी बाइक मिली, जिसके बाद परिजनों को सूचना दी गई और आसपास सर्चिंग शुरू की गई। शनिवार सुबह सर्चिंग के दौरान मृतक के ससुर सहित अन्य परिजन भी मौके पर पहुंचे, तभी नदी में युवक का शव उतराता हुआ दिखाई दिया। पुलिस ने शव को बरामद कर पोस्टमार्टम कराया और बाद में परिजनों को सौंप दिया। मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। मृतक के भाई अंकित साहू ने बताया कि कमल ने घर से निकलते समय किसी प्रकार की परेशानी का जिक्र नहीं किया था और न ही उसकी किसी से कोई रंजिश थी। उसका मोबाइल भी अगले दिन से बंद आ रहा था। मृतक के परिवार में पत्नी और दो साल की एक बेटी है। वह परिवार के साथ गल्ले के व्यापार से जुड़ा हुआ था। फिलहाल पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है।
ग्वालियर में पति ने पत्नी में मारे चाकू:नशे की हालत में घर पहुंचा और करने लगा विवाद, बच्चियों ने शोर मचाकर मां को बचाया

ग्वालियर के उपनगर मुरार में मामूली कहासुनी के बाद एक सनकी पति ने अपनी पत्नी पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। घटना के समय मौजूद बेटियों के शोर मचाने पर परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, जिससे महिला की जान बच गई। आरोपी वारदात के बाद फरार हो गया, लेकिन बाद में पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। यह घटना शुक्रवार को पीतल कारखाने के पीछे सिंहपुर रोड इलाके में हुई। घायल महिला सुनीता बाथम अपने परिवार के साथ रहती है और सिलाई का काम कर परिवार का पालन-पोषण करती है। उसका पति कल्लू बाथम नशे का आदी बताया जा रहा है और अक्सर विवाद करता रहता था। शुक्रवार को वह नशे की हालत में घर पहुंचा और पत्नी से विवाद करने लगा। विवाद बढ़ने पर उसने चाकू उठाकर सुनीता पर कई वार कर दिए। इस दौरान उनकी बेटियां भी मौके पर मौजूद थीं, जिन्होंने शोर मचाया। शोर सुनकर परिजन और पड़ोसी मौके पर पहुंचे। हमले में सुनीता को पेट और हाथ में चोट आई है। घायल महिला को तुरंत पड़ोसियों ने मुरार स्थित माधवराव सिंधिया जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उसे वार्ड नंबर-6 में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार उसकी हालत फिलहाल खतरे से बाहर है। घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक आरोपी फरार हो चुका था। पुलिस ने जानकारी जुटाकर उसे पकड़ लिया और मुरार थाना पुलिस के हवाले कर दिया। घटना सुबह की बताई जा रही है, लेकिन घायल की हालत को देखते हुए पुलिस ने रात में जिला अस्पताल पहुंचकर उसके बयान दर्ज किए और देहाती नालसी के आधार पर एफआईआर दर्ज की। मुरार थाना पुलिस के अनुसार आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक जांच में घरेलू विवाद को ही हमले की वजह माना जा रहा है।
CMHO Sanjay Mishra Suspended | Financial Irregularities Jabalpur

जबलपुर में दैनिक भास्कर की खबर का बड़ा असर हुआ है। स्वास्थ्य विभाग के डीपीएमयू में पहले स्टॉक रजिस्टर गायब होने और फिर वित्तीय अनियमितताओं की आंच जब जबलपुर से भोपाल पहुंची, तो आनन-फानन में स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सीएमएचओ डॉ. संजय मि . इस कार्रवाई के बाद जबलपुर संभाग और जिला, दोनों स्तरों पर पद खाली हो गए हैं। सूत्रों के अनुसार, गायब स्टॉक रजिस्टर और खरीदी में पाई गई बड़ी अनियमितताओं के चलते यह कार्रवाई की गई है। इससे पहले गुरुवार को जबलपुर कलेक्टर ने स्टोरकीपर को निलंबित करते हुए डीपीएम को सिहोरा अटैच किया था। कई करोड़ का घोटाला स्वास्थ्य विभाग में हुए फर्जीवाड़े के बाद शुक्रवार रात ज्वाइंट डायरेक्टर और सीएमएचओ डॉ. संजय मिश्रा को निलंबित कर दिया गया। जांच में खुलासा हुआ कि स्टोर में सामान की खरीद-फरोख्त के दौरान सामान पहुंचा ही नहीं, लेकिन कागजों में 1 करोड़ रुपए से अधिक के बिल चढ़ा दिए गए। इनमें से 93 लाख रुपए का भुगतान भी कर दिया गया। इसके साथ ही डीपीएमयू का स्टॉक रजिस्टर, जो अक्टूबर 2025 से गायब था, उसे लेकर पूर्व डीपीएमयू आदित्य तिवारी ने पत्राचार किया था। इसी आधार पर शासन की ओर से यह बड़ी कार्रवाई की गई है। दरअसल, दैनिक भास्कर से बातचीत के दौरान कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने कहा था कि स्वास्थ्य विभाग में खरीदी को लेकर बड़ा फर्जीवाड़ा हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि स्टॉक रजिस्टर गायब होना और उसमें की गई एंट्री को लेकर भी सवाल उठ रहे थे, जिसकी जांच डिप्टी कलेक्टर को सौंपी गई थी। 31 मार्च 2026 को जब जांच टीम स्टोर पहुंची, तो वहां एंट्री तो मिली, लेकिन सामान गायब था। मामले को लेकर ये बातें भी जानिए एंट्री: 17 मार्च को 6 बिल और 24 मार्च को 7 बिल (कुल 13 बिल) रजिस्टर में दर्ज किए गए। कुल रकम: इन 13 बिलों की कुल राशि 1,00,74,998 रुपए थी। भुगतान: नियम विरुद्ध जाकर 12 बिलों का 93,04,998 रुपए का पेमेंट भी कर दिया गया। हकीकत: स्टोर में सामान भौतिक रूप से उपलब्ध ही नहीं था। कलेक्टर के निर्देश पर जब डिप्टी कलेक्टर आरएस मरावी ने जांच की तो जिम्मेदारों के बयान ने उनकी मिलीभगत की पोल खोल दी। जवाहर लोधी (फार्मासिस्ट) ने कहा कि समान नहीं आया था, मैंने सिर्फ DPM आदित्य तिवारी के कहने पर स्टॉक रजिस्टर में एंट्री की थी। नीरज कौरव (स्टोर कीपर) ने कहा कि समान भंडार गृह में है।” (जांच में यह जानकारी पूरी तरह भ्रामक और झूठी निकली)। आदित्य तिवारी (DPM) ने कहा कि सामान आंशिक रूप से मिला है।” (जबकि जांच दल को मौके पर एक भी सामान नहीं मिला)। पर्यवेक्षीय पद पर होते हुए घोर लापरवाही बरती जांच रिपोर्ट के आधार पर डॉ. संजय मिश्रा (CMHO), आदित्य तिवारी (DPM), जवाहर लोधी और नीरज कौरव को इस गंभीर वित्तीय अनियमितता का मुख्य जिम्मेदार माना है। कार्रवाई के दौरान आदेश में कहा कि डॉ. संजय मिश्रा ने पर्यवेक्षीय पद पर होते हुए घोर लापरवाही बरती। उनकी निष्ठा संदिग्ध है और इस कृत्य से शासन की छवि खराब हुई है। बहरहाल डॉ. संजय मिश्रा को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। निलंबन के दौरान उनका मुख्यालय क्षेत्रीय संचालक कार्यालय, भोपाल तय किया गया है। नियमों के तहत उन्हें केवल जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।
193 शराब दुकानों के लिए 30% कम के ऑफर:आबकारी विभाग का फैसला, 13वें चरण की नीलामी होगी; ऑफसेट प्राइस की अधिकतम सीमा 30%

मध्यप्रदेश में 193 दुकानों के लिए आबकारी विभाग को 30 प्रतिशत से कम के ऑफर मिले हैं। सरकार को 1216.34 करोड़ रुपए के ऑफर इन दुकानों में मिले हैं। अब तक 3099 शराब दुकानों की नीलामी से 16,637.85 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हो चुका है। मंत्रिमंडलीय समिति ने तय किया है कि 13वें चरण में ऑफसेट प्राइस की सीमा भी अधिकतम 30% तक ही रखी जाएगी। नीलामी के 13वें चरण में शराब दुकानों की नीलामी केवल ई-टेंडर के माध्यम से होगी, किसी प्रकार का ऑक्शन नहीं किया जाएगा। प्रदेश में शराब दुकानों के आवंटन को लेकर मंत्रिमंडलीय उपसमिति की बैठक शुक्रवार को उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा की अध्यक्षता में हुई। बैठक में स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह भी मौजूद रहे। बैठक में आबकारी विभाग के अफसरों ने जानकारी दी कि नीलामी के 12वें चरण में आरक्षित मूल्य से अधिकतम 30% तक कम ऑफर ई-टेंडर के माध्यम से प्राप्त हुए। इसमें से 193 दुकानों के लिए 1216.34 करोड़ रुपए के ऑफर मिले, जो -30% सीमा के भीतर हैं। अब तक 3099 शराब दुकानों की नीलामी से 16,637.85 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हो चुका है। यह राशि पिछले वर्ष के 12,404.73 करोड़ रुपए की तुलना में 34.13% अधिक है, जबकि आरक्षित मूल्य 16,434.94 करोड़ से भी 1.23% ज्यादा है। आबकारी विभाग के अनुसार, 454 दुकानें अभी भी नीलामी से शेष हैं। इन दुकानों के लिए मिले ऑफर आरक्षित मूल्य से 30% से नीचे होने के कारण होल्ड पर रखे गए हैं। बैठक में यह भी बताया गया कि ठेकेदारों की संख्या 489 से बढ़कर 860 हो गई है, जिससे नई आबकारी नीति के तहत एकाधिकार (मोनोपॉली) पर नियंत्रण स्थापित हुआ है। समिति ने निर्णय लिया है कि आरक्षित मूल्य से 30% से नीचे के ऑफर स्वीकार नहीं किए जाएंगे। साथ ही 13वें चरण में ऑफसेट प्राइस की सीमा भी अधिकतम 30% तक ही रखी जाएगी। नीलामी के 13वें चरण में शराब दुकानों की नीलामी केवल ई-टेंडर के माध्यम से होगी, किसी प्रकार का ऑक्शन नहीं किया जाएगा। मंत्री उदय प्रताप सिंह ने सुझाव दिया कि 30% से नीचे ऑफर वाली दुकानों के संचालन के लिए निगम गठन पर विचार किया जाए। इस प्रस्ताव की जांच के निर्देश दिए गए हैं। 13वें चरण में ऐसे होगी प्रोसेस ई-टेंडर शेड्यूल:
भोपाल में हनुमान जयंती जुलूस पर विवाद गहराया:आपत्तिजनक नारेबाजी के आरोप; कुरैशी समाज ने सख्त कार्रवाई की मांग की

भोपाल में हनुमान जयंती के जुलूस को लेकर विवाद अब और गहरा गया है। ऑल इंडिया जमीयतुल कुरैश (एमपी) की ओर से थाना तलैया पुलिस को दिए गए ज्ञापन में स्पष्ट तौर पर ‘भानु हिंदू’ नामक व्यक्ति पर आरोप लगाया गया है कि उसने जुलूस के दौरान मुस्लिम समुदाय के खिलाफ आपत्तिजनक और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। संगठन के प्रदेश महासचिव मोहम्मद रफीक कुरैशी ने बताया कि 2 अप्रैल 2026 को इस्लामपुरा-बुधवारा क्षेत्र से निकले धार्मिक जुलूस के दौरान यह घटना हुई। आरोप है कि जैसे ही जुलूस मुस्लिम बाहुल्य इलाके में पहुंचा, भानु ने समुदाय विशेष को निशाना बनाते हुए नारेबाजी की और अपमानजनक टिप्पणियां कीं, जिससे कुछ समय के लिए इलाके में तनाव का माहौल बन गया। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि घटना से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। इन वीडियो के जरिए नफरत फैलाने और दो समुदायों के बीच वैमनस्य पैदा करने की कोशिश की जा रही है, जो शहर की गंगा-जमुनी तहजीब के लिए खतरा है। संगठन ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि आरोपी भानु के खिलाफ तत्काल प्रकरण दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही, वायरल वीडियो की जांच कर उन्हें हटाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए सख्त निगरानी व्यवस्था लागू की जाए।
ग्वालियर में बदमाशों की फायरिंग का VIDEO:गली में जाते हुए कहे अपशब्द; पीछे से एक बदमाश बना रहा था वीडियो

ग्वालियर में बदमाशों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। उपनगर ग्वालियर में दो बदमाशों ने फायरिंग की वारदात को अंजाम दिया है। एक बदमाश ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया। घटना शुक्रवार रात राय कॉलोनी की बताई जा रही है। वहीं, वायरल वीडियो पुलिस के पास पहुंचने के बाद मामले की जांच शुरू हो गई है। हाथ में अवैध कट्टा लिए घूमते आए नजर 18 सेकेंड के वीडियो में दो बदमाश एक गली के अंदर हाथ में अवैध कट्टा लेकर जा रहे हैं। गली में जाते-जाते बदमाश फायरिंग कर रहे हैं और गाली-गलौज भी कर रहे हैं। इन दोनों बदमाशों का तीसरा साथी मोबाइल से पूरा घटनाक्रम शूट करता नजर आ रहा है। वीडियो अब पुलिस अधिकारियों तक पहुंच चुका है, जिसके बाद जांच शुरू कर दी गई है। यह वीडियो काली माता मंदिर, राय कॉलोनी इलाके का है। इसमें फायरिंग करने वाले बदमाशों को पुलिस ने चिन्हित कर लिया है। जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी होगी एडिशनल एसपी अनु बेनीवाल का कहना है कि आरोपियों की पहचान कर ली गई है। जल्द ही इस मामले में एफआईआर दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी की जाएगी।
श्योपुर बाढ़ राहत घोटाला, 18 पटवारियों पर चलेगा मुकदमा:कलेक्टर ने दी अभियोजन स्वीकृति; राजस्व रिकॉर्ड में हेराफेरी और धोखाधड़ी की थी

श्योपुर जिले में हुए बहुचर्चित बाढ़ राहत घोटाले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर अर्पित वर्मा ने इस मामले में संलिप्त 18 पटवारियों के खिलाफ अभियोजन (मुकदमा चलाने) की औपचारिक स्वीकृति दे दी है। इस मंजूरी के बाद अब इन राजस्व कर्मचारियों के विरुद्ध न्यायालय में कानूनी कार्यवाही का रास्ता साफ हो गया है। पुलिस ने जांच में पाया था कि राहत राशि के वितरण में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं और फर्जीवाड़ा किया गया है। थाना बड़ौदा में धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार का केस यह पूरा प्रकरण थाना बड़ौदा में अपराध क्रमांक 439/23 के तहत दर्ज है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी), 467, 468 (जालसाजी), 409 (अमानत में ख्यानत) और 120-बी (साजिश) के साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस जांच में राजस्व रिकॉर्ड में फर्जी प्रविष्टियां करने और अपात्रों को लाभ पहुंचाने के पुख्ता प्रमाण मिलने के बाद अभियोजन की मांग की गई थी। इन 18 पटवारियों पर होगी अदालती कार्रवाई प्रशासन द्वारा जिन पटवारियों के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति दी गई है, उनमें मेवाराम गौरछिया, हेमन्त मित्तल, राजकुमार शर्मा, महेन्द्र सिंह जाटव, सुमित देशलेहरा, योगेश जिंदल, विनोद भूषण, अखिलेश जैन, भोलाराम गुप्ता, हुकुमचंद बिसारिया, राजवीर जाटव, बृजराज मीणा, रामनरेश जाटव, रामदयाल जागा, सोनेराम धाकड़, नीतेश मीणा, संजय रावत और शंकरलाल मर्सकोले शामिल हैं। इस घोटाले में पटवारियों के अलावा अन्य कर्मचारियों सहित कुल 110 लोगों को आरोपी बनाया गया है। जल्द दाखिल होगा आरोप पत्र, गिरफ्तारी की संभावना अभियोजन स्वीकृति मिलने के बाद अब पुलिस संबंधित पटवारियों के विरुद्ध न्यायालय में चालान (आरोप पत्र) पेश करेगी। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, आपराधिक मामले के साथ-साथ इन कर्मचारियों पर विभागीय जांच और निलंबन जैसी अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है। जिले के राजस्व विभाग में इसे अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है, जिससे विभाग के अन्य संदिग्ध मामलों की परतें भी खुलने की संभावना है।
विदिशा में गुड फ्राइडे विशेष प्रार्थना सभाएं:रैली भी निकली; प्रभु यीशु के बलिदान को याद कर प्रेम और शांति का संदेश दिया

विदिशा में गुड फ्राइडे के अवसर पर ईसाई समाज ने श्रद्धा और आस्था के साथ विभिन्न धार्मिक आयोजन किए। सुबह से ही चर्चों में विशेष प्रार्थना सभाएं आयोजित की गईं, जहां श्रद्धालुओं ने प्रभु यीशु मसीह को याद करते हुए उपवास रखकर प्रार्थनाएं कीं। शाम करीब 6 बजे चर्च परिसर से अहमदपुर चौराहा तक एक शांतिपूर्ण यात्रा निकाली गई। इस रैली में बड़ी संख्या में ईसाई समाज के लोग शामिल हुए। श्रद्धालु हाथों में धार्मिक ग्रंथ लेकर प्रार्थना करते हुए चल रहे थे, वहीं कई लोग क्रॉस लेकर प्रभु यीशु के प्रति अपनी आस्था व्यक्त कर रहे थे। रैली के दौरान श्रद्धालुओं ने प्रभु यीशु मसीह के बलिदान को स्मरण किया और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। इस दौरान प्रार्थना और भजनों के माध्यम से मानवता, प्रेम, शांति और क्षमा का संदेश दिया गया। श्रद्धालुओं ने बताया कि प्रभु यीशु मसीह ने मानव समाज के उद्धार के लिए क्रूस पर अपने प्राणों का बलिदान दिया था। उन्होंने कष्ट सहते हुए भी अपने विरोधियों को क्षमा किया और पूरी दुनिया को क्षमाशीलता का संदेश दिया। गुड फ्राइडे के इस अवसर पर निकली यह रैली शहर में शांति, सद्भाव और भाईचारे का संदेश देती नजर आई। शहर के अन्य चर्चों में भी विशेष प्रार्थना सभाएं आयोजित की गईं, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
डिंडौरी में शिकारियों पर वन विभाग का शिकंजा, सर्चिंग अभियान:डॉग स्क्वाड ने चार गांवों में ली तलाशी, तार बरामद

डिंडौरी जिले में वन्यजीवों के अवैध शिकार पर अंकुश लगाने के लिए वन विभाग ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। इसी कड़ी में शुक्रवार को डिंडौरी वन परिक्षेत्र के चार गांवों में शहडोल से बुलाए गए डॉग स्क्वाड की मदद से एक व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य शिकारियों की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना था। यह तलाशी अभियान सारस ताल, कुई, रामगुडा और त्यागपुर गांवों के संदिग्ध ठिकानों पर केंद्रित रहा। सर्चिंग के दौरान वन अमले को लगभग दो किलोग्राम जीआई तार और लकड़ी के खूंटे बरामद हुए। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इन सामग्रियों का उपयोग आमतौर पर जंगली जानवरों के शिकार में किया जाता है। विभाग कुछ संदिग्ध शिकारियों की तलाश भी कर रहा है। वन विभाग की यह कार्रवाई हाल ही में हुई एक गिरफ्तारी के बाद और अधिक सक्रिय हो गई है। दो दिन पहले कुई मॉल गांव से आरोपी दरबार सिंह मरकाम को गिरफ्तार किया गया था। उसके घर से जंगली सुअर का कटा हुआ सिर और शिकार में इस्तेमाल की गई सामग्री जब्त की गई थी, जिसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। रेंजर अतुल सिंह बघेल ने बताया कि वन्यजीव संरक्षण सुनिश्चित करने के लिए इस तरह के अभियान भविष्य में भी लगातार जारी रहेंगे। इस पूरी कार्रवाई में परिक्षेत्र सहायक ईश्वर सिंह परस्ते, वनरक्षक सुनील कोरी, संजय मार्को, मान सिंह, उदय सिंह, अनीता धुर्वे, गीता और आलोक यादव ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।









