Tuesday, 21 Apr 2026 | 04:57 AM

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विदिशा में गुड फ्राइडे विशेष प्रार्थना सभाएं:रैली भी निकली; प्रभु यीशु के बलिदान को याद कर प्रेम और शांति का संदेश दिया

विदिशा में गुड फ्राइडे विशेष प्रार्थना सभाएं:रैली भी निकली; प्रभु यीशु के बलिदान को याद कर प्रेम और शांति का संदेश दिया

विदिशा में गुड फ्राइडे के अवसर पर ईसाई समाज ने श्रद्धा और आस्था के साथ विभिन्न धार्मिक आयोजन किए। सुबह से ही चर्चों में विशेष प्रार्थना सभाएं आयोजित की गईं, जहां श्रद्धालुओं ने प्रभु यीशु मसीह को याद करते हुए उपवास रखकर प्रार्थनाएं कीं। शाम करीब 6 बजे चर्च परिसर से अहमदपुर चौराहा तक एक शांतिपूर्ण यात्रा निकाली गई। इस रैली में बड़ी संख्या में ईसाई समाज के लोग शामिल हुए। श्रद्धालु हाथों में धार्मिक ग्रंथ लेकर प्रार्थना करते हुए चल रहे थे, वहीं कई लोग क्रॉस लेकर प्रभु यीशु के प्रति अपनी आस्था व्यक्त कर रहे थे। रैली के दौरान श्रद्धालुओं ने प्रभु यीशु मसीह के बलिदान को स्मरण किया और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। इस दौरान प्रार्थना और भजनों के माध्यम से मानवता, प्रेम, शांति और क्षमा का संदेश दिया गया। श्रद्धालुओं ने बताया कि प्रभु यीशु मसीह ने मानव समाज के उद्धार के लिए क्रूस पर अपने प्राणों का बलिदान दिया था। उन्होंने कष्ट सहते हुए भी अपने विरोधियों को क्षमा किया और पूरी दुनिया को क्षमाशीलता का संदेश दिया। गुड फ्राइडे के इस अवसर पर निकली यह रैली शहर में शांति, सद्भाव और भाईचारे का संदेश देती नजर आई। शहर के अन्य चर्चों में भी विशेष प्रार्थना सभाएं आयोजित की गईं, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।

डिंडौरी में शिकारियों पर वन विभाग का शिकंजा, सर्चिंग अभियान:डॉग स्क्वाड ने चार गांवों में ली तलाशी, तार बरामद

डिंडौरी में शिकारियों पर वन विभाग का शिकंजा, सर्चिंग अभियान:डॉग स्क्वाड ने चार गांवों में ली तलाशी, तार बरामद

डिंडौरी जिले में वन्यजीवों के अवैध शिकार पर अंकुश लगाने के लिए वन विभाग ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। इसी कड़ी में शुक्रवार को डिंडौरी वन परिक्षेत्र के चार गांवों में शहडोल से बुलाए गए डॉग स्क्वाड की मदद से एक व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य शिकारियों की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना था। यह तलाशी अभियान सारस ताल, कुई, रामगुडा और त्यागपुर गांवों के संदिग्ध ठिकानों पर केंद्रित रहा। सर्चिंग के दौरान वन अमले को लगभग दो किलोग्राम जीआई तार और लकड़ी के खूंटे बरामद हुए। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इन सामग्रियों का उपयोग आमतौर पर जंगली जानवरों के शिकार में किया जाता है। विभाग कुछ संदिग्ध शिकारियों की तलाश भी कर रहा है। वन विभाग की यह कार्रवाई हाल ही में हुई एक गिरफ्तारी के बाद और अधिक सक्रिय हो गई है। दो दिन पहले कुई मॉल गांव से आरोपी दरबार सिंह मरकाम को गिरफ्तार किया गया था। उसके घर से जंगली सुअर का कटा हुआ सिर और शिकार में इस्तेमाल की गई सामग्री जब्त की गई थी, जिसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। रेंजर अतुल सिंह बघेल ने बताया कि वन्यजीव संरक्षण सुनिश्चित करने के लिए इस तरह के अभियान भविष्य में भी लगातार जारी रहेंगे। इस पूरी कार्रवाई में परिक्षेत्र सहायक ईश्वर सिंह परस्ते, वनरक्षक सुनील कोरी, संजय मार्को, मान सिंह, उदय सिंह, अनीता धुर्वे, गीता और आलोक यादव ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

युवक की ट्रेन की चपेट में आया युवक, मौत:शाजापुर के बेरछा स्टेशन के पास हादसा, ट्रेन से गिरने की जताई आशंका

युवक की ट्रेन की चपेट में आया युवक, मौत:शाजापुर के बेरछा स्टेशन के पास हादसा, ट्रेन से गिरने की जताई आशंका

शाजापुर के बेरछा रेलवे स्टेशन के पास शुक्रवार को एक युवक की ट्रेन की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। घटना सुबह करीब 11 से 12 बजे के बीच हुई। सोनकच्छ का रहने वाला था मृतक सूचना मिलने पर बेरछा थाना पुलिस और रेलवे पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू की। मृतक की पहचान दौलतपुर, थाना सोनकच्छ निवासी गोपाल पिता हिम्मत सिंह के रूप में हुई है। मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए शाजापुर जिला अस्पताल भेजा गया। आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। ट्रेन से गिरकर मौत की आशंका बेरछा थाना प्रभारी भरत किरण ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मृतक दो दिन पहले बारात में शामिल होने के लिए इलाहाबाद प्रयागराज गया था। पुलिस को आशंका है कि वापस आते समय ट्रेन से गिरने के कारण उसकी मौत हुई है। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और मामले की विस्तृत जांच जारी है। घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है।

दतिया में आंधी-बारिश के बाद निकली तेज धूप:रात को बारिश, दिन में 38॰ पहुंचा पारा; बारिश से गेहूं फसल को नुकसान की आशंका

दतिया में आंधी-बारिश के बाद निकली तेज धूप:रात को बारिश, दिन में 38॰ पहुंचा पारा; बारिश से गेहूं फसल को नुकसान की आशंका

अप्रैल की शुरुआत के साथ ही मौसम ने अपने कई रंग दिखाने शुरू कर दिए हैं। गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात दतिया जिले में तेज हवा के साथ बारिश हुई, जिससे रात का मौसम अचानक बदल गया। तेज आंधी के कारण कई जगह धूल उड़ती नजर आई, वहीं सुबह करीब 4 बजे हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। सुबह होते ही आसमान में बादल छा गए और मौसम सुहावना बना रहा, लेकिन यह राहत ज्यादा देर तक टिक नहीं पाई। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, बादल छंटने लगे और तेज धूप निकल आई। दोपहर तक सूरज की तपिश इतनी बढ़ गई कि लोगों को उमस और गर्मी का अहसास होने लगा। मौसम विभाग के अनुसार दिन का अधिकतम तापमान करीब 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है। जिससे गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही है। न्यूनतम तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज मौसम में आए इस बदलाव के बीच न्यूनतम तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। तापमान में 1.2 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हुई है और यह 1.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जो सामान्य से करीब 3.5 डिग्री अधिक है। इससे रात में भी हल्की गर्मी का असर महसूस किया जा रहा है। बारिश के आंकड़ों की बात करें तो एयरपोर्ट क्षेत्र में 0.7 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जबकि दतिया जिले के सेवड़ा क्षेत्र में राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार 15 मिमी बारिश हुई है। अलग-अलग क्षेत्रों में हुई इस असमान बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों के अनुसार, आंधी और बूंदाबांदी का असर गेहूं की फसल पर पड़ सकता है। कटाई के लिए तैयार फसल को नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। तेज हवा से फसल गिरने और बारिश से दाने खराब होने का खतरा बना हुआ है।

छिंदवाड़ा में टाइगर अटैक के बाद दहशत में ग्रामीण:महुआ बीनने जाने पर जान का खतरा, अब भी बाघ का बना हुआ मूवमेंट

छिंदवाड़ा में टाइगर अटैक के बाद दहशत में ग्रामीण:महुआ बीनने जाने पर जान का खतरा, अब भी बाघ का बना हुआ मूवमेंट

छिंदवाड़ा के पेंच नेशनल पार्क के कुंभपानी वन परिक्षेत्र के बीट रमपुरी के पास टाइगर अटैक में युवक की मौत के बाद वन विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। जिस स्थान पर बाघ ने हमला किया था, उसी इलाके में अब भी उसकी मूवमेंट बनी हुई है। इससे आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। वन विभाग की टीम लगातार गश्त कर रही है। साथ ही ग्रामीणों के बीच पहुंचकर “बाघ चौपाल” के माध्यम से जागरूक किया जा रहा है। अधिकारियों ने खासतौर पर महुआ तोड़ने जाने वाले ग्रामीणों को अकेले जंगल न जाने, छोटे बच्चों को साथ न ले जाने और समूह में शोर करते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है। इन क्षेत्रों में ज्यादा खतरा जानकारी के मुताबिक सफेद पाठा, घुरलाह टेकरी और आसपास के जंगलों में बाघ की लगातार मूवमेंट देखी जा रही है। इसके अलावा खमरा और जमतरा क्षेत्र में भी बाघ के सक्रिय होने के संकेत मिले हैं। इन इलाकों में ग्रामीणों का रोजाना आना-जाना रहता है, जिससे वन विभाग के सामने घटनाओं को रोकना बड़ी चुनौती बन गई है। वन विभाग लगातार निगरानी कर रहा है, लेकिन बाघ की मौजूदगी से इलाके में स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। ग्रामीणों को सतर्क रहने और जंगल में जाते समय विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है।

समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी 15 अप्रैल से शुरू:सिवनी में बारदानों की कमी बनी समस्या; किसानों परेशान

समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी 15 अप्रैल से शुरू:सिवनी में बारदानों की कमी बनी समस्या; किसानों परेशान

सिवनी जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी इस साल चुनौतियों के कारण देरी से शुरू होगी। प्रशासन ने पहली बार खरीदी की तारीख बढ़ाई है। पहले 7 अप्रैल से खरीदी शुरू होनी थी, जिसे अब बढ़ाकर 15 अप्रैल कर दिया गया है। जिले में गेहूं खरीदी के लिए लगभग 8 हजार गठान बारदाने की आवश्यकता है, जिसमें एक गठान में 500 बारदाने होते हैं। इस प्रकार कुल 40 लाख बारदानों की जरूरत है। हालांकि, बारदानों की आपूर्ति की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है, जिससे खरीदी प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका है। विभाग के अनुसार, लगभग 3 हजार गठान बारदाना उपलब्ध है, लेकिन इसे पर्याप्त नहीं माना जा रहा। गेहूं खरीदी के लिए कुल 78 केंद्र स्थापित स्थिति इसलिए भी जटिल हो गई है क्योंकि समर्थन मूल्य पर खरीदी गई धान की मिलिंग समय पर नहीं हो पा रही है। इस कारण पुराने बारदाने दोबारा उपयोग के लिए उपलब्ध नहीं हो सके हैं। यदि मिलिंग कार्य सुचारु रूप से होता, तो बारदानों की कमी कुछ हद तक कम हो सकती थी। जिले में गेहूं खरीदी के लिए कुल 78 केंद्र स्थापित किए गए हैं। इस वर्ष 54 हजार से अधिक किसानों ने पंजीयन कराया है। खरीदी केंद्रों के निर्धारण के बाद ही स्लॉट बुकिंग प्रक्रिया शुरू होगी, जिसका किसान इंतजार कर रहे हैं। स्लॉट देरी से किसान निजी व्यापारियों को गेहूं बेचने लगे अधिकांश किसानों की फसल कट चुकी है और वे गेहूं बेचने के लिए तैयार हैं। स्लॉट बुकिंग में देरी के कारण कई किसान निजी व्यापारियों को गेहूं बेचने लगे हैं। किसानों का कहना है कि व्यापारी खेत या घर से ही गेहूं तौलकर खरीद रहे हैं, जिससे उन्हें तत्काल भुगतान मिल जाता है। इस वर्ष सरकार ने गेहूं का समर्थन मूल्य 2585 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। हालांकि, बोनस को लेकर अभी स्पष्ट निर्देश जारी नहीं हुए हैं। जिले में इस बार गेहूं की बंपर आवक की संभावना है, जिससे किसानों को बाजार में बेहतर दाम मिलने की उम्मीद भी है। पिछले वर्ष भी किसानों को समर्थन मूल्य और भुगतान संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। इस बार भी शुरुआती व्यवस्थाओं में कमी के कारण वैसी ही स्थिति दोहराने की आशंका व्यक्त की जा रही है।

बड़वानी में कार खाई में गिरी, दो युवकों की मौत:दो गंभीर घायल; बिलियापानी घाट पर ड्राइवर को झपकी आने से हुआ हादसा

बड़वानी में कार खाई में गिरी, दो युवकों की मौत:दो गंभीर घायल; बिलियापानी घाट पर ड्राइवर को झपकी आने से हुआ हादसा

बड़वानी के पाटी थाना क्षेत्र के गोलगांव में शुक्रवार सुबह एक सड़क हादसा हुआ। बिलियापानी घाट पर बड़वानी से सेमलेट जा रही एक इको वाहन गहरी खाई में गिर गई। हादसे में दो युवकों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। 600 मीटर गहरी खाई में गिरी कार पुलिस के अनुसार, वाहन चालक को नींद आने के कारण गाड़ी अनियंत्रित होकर करीब 600 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में सकरीया पिता रजान की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि वाहन चालक इकराम पिता रुलसिंग ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। बड़वानी अस्पताल से वापस लौट रहे थे जानकारी के मुताबिक, सेमलेट गांव के चार युवक रात में एक गंभीर बीमार व्यक्ति को इलाज के लिए पाटी लाए थे। मरीज की गंभीर हालत को देखते हुए उसे जिला अस्पताल बड़वानी रेफर किया गया था। बीमार व्यक्ति को अस्पताल छोड़कर ये युवक वापस अपने घर लौट रहे थे। स्थानीय लोगों ने हादसे की सूचना परिजनों और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर प्रभारी एसडीओपी महेश सुनैया के नेतृत्व में पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस और ग्रामीणों ने मिलकर रेस्क्यू अभियान चलाया और कड़ी मशक्कत के बाद खाई से मृतकों और घायलों को बाहर निकाला। हादसे में दो की मौत, दो घायल पुलिस ने बताया कि सकरीया पिता रजान की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी, जबकि इकराम पिता रुलसिंग की मौत अस्पताल में हुई। बियालाल पिता भीमसिंग और भंगा पिता रजान गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल बड़वानी भेजा गया है। पुलिस ने दोनों मृतकों का मर्ग कायम कर शवों का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है।

ससुरालवालों को फंसाने स्पीकर बम बनाया, मंदिर परिसर में रखा:ब्लास्ट में तीन लोग घायल, पुजारी को किए मैसेज से पकड़ में आया आरोपी

ससुरालवालों को फंसाने स्पीकर बम बनाया, मंदिर परिसर में रखा:ब्लास्ट में तीन लोग घायल, पुजारी को किए मैसेज से पकड़ में आया आरोपी

पत्नी मायके गई थी। उसके भाई और परिवार के लोग उसे वापस नहीं आने दे रहे थे। मैं उन्हें फंसाना चाहता था, इसलिए स्पीकर बम बनाया। बम बूढ़ी रानगिर मंदिर के पास रखा था, जिससे यह आतंकी ब्लास्ट लगे और पत्नी के मायके वाले बुरी तरह से फंस जाएं। यह कबूलनामा उस व्यक्ति का है, जिसने 16 मार्च को सागर के रानगिर देवी धाम मंदिर परिसर में स्पीकर बम रखा था। विस्फोट में 11 साल की बच्ची समेत तीन लोग घायल हुए थे। बच्ची की हालत गंभीर होने पर उसका इलाज भोपाल में चल रहा है। आरोपी ने वारदात से पहले एक मैसेज रानगिर मंदिर के पंडित को भेजा था, इसी से पुलिस आरोपी तक पहुंची। कैसे, पढ़िए रिपोर्ट… दुकान के बाहर रखकर गया था स्पीकर बम 16 मार्च को एक व्यक्ति बूढ़ी रानगिर माता मंदिर पहुंचा। थोड़ी देर रुका और फिर राधेश्याम रैकवार की प्रसाद की दुकान के सामने ब्लूटूथ स्पीकर छोड़कर चला गया। रात को दुकान बंद करते समय राधेश्याम को लगा कि कोई गलती से स्पीकर छोड़ गया है, इसे व्यवस्थित रख लेता हूं ताकि जब वो लौटे तो वापस कर सकूं। उन्होंने इसे उठाकर घर के भीतर रख लिया। राधेश्याम पत्नी अशोकरानी और 11 वर्षीय नातिन संजना के साथ रहते हैं। रात में खाना खाने के बाद संजना ने स्पीकर चालू किया। मोबाइल से कनेक्ट कर जैसे ही उसे ऑन किया, जोरदार धमाका हुआ। इससे तीनों घायल हो गए। आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और तीनों को अस्पताल पहुंचाया। संजना को घुटने, चेहरे, सिर, हाथ और पैर में गंभीर चोट आईं। भोपाल में उसकी सर्जरी की गई। राधेश्याम और अशोकरानी का इलाज सागर में चला। जांच में बारूद से ब्लास्ट की पुष्टि हो गई पुलिस-प्रशासन की शुरुआती जांच में मोबाइल की बैटरी फटने की बात कही गई। रहली तहसीलदार ने भी इसकी पुष्टि करते हुए किसी भी प्रकार के बम ब्लास्ट से इनकार कर दिया। संजना की हालत काफी गंभीर थी। डॉक्टरों ने मोबाइल ब्लास्ट से ऐसी चोट आना असंभव बताया। इससे संदेह हुआ तो एसपी और एडिशनल एसपी मौके पर पहुंचे। जांच में उन्हें कुछ वायर और दूसरे इलेक्ट्रिक सबूत मिले। बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वाड (बीडीडीएस) और फोरेंसिक टीम को बुलाया गया। पता चला कि विस्फोट में बारूद का उपयोग हुआ है। पुजारी को किए मैसेज से आरोपी तक पहुंची पुलिस पुलिस को पड़ताल में पता चला कि वारदात से पहले मंदिर के पुजारी विनोद शास्त्री के मोबाइल पर एक मैसेज आया था। इसमें लिखा था- विनोद दुबे जी, मेरा हाथ जोड़कर निवेदन है कि आप मंदिर में बम ब्लास्ट होने से बचा लें। बाहर के 6 लोग हैं। उनके नाम फिरोज, रमजान, हसन्ने, मन्ने, रफी खान और सोनू सुने हैं। उनका गांव चिंगीटोला है। रानगिर सरपंच अनिरुद्ध भी इसमें शामिल है। एफआईआर करोगे तो गवाही भी देंगे। इसकी सूचना पुजारी विनोद शास्त्री ने रहली थाने में दी थी, लेकिन तब पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया था। 11 साल बड़ी महिला से शादी की, विवाद के बाद मायके गई इसके बाद पुलिस, मैसेज भेजने वाले मोबाइल नंबर की लोकेशन ट्रेस कर पाटई गांव में रहने वाले गोलू उर्फ इमारत पटेल तक पहुंची। शुरुआत में वह गुमराह करता रहा, लेकिन सख्ती के बाद टूट गया। पूछताछ में सामने आया कि गोलू की शादी नहीं हो रही थी। इसी दौरान विदिशा में रहने वाले उसके परिचित ने बताया कि सिंगरौली जिले में एक महिला है, उससे शादी हो सकती है। रिश्ते की बात करने गोलू सिंगरौली के चिंगीटोला गांव पहुंचा। शादी की बात पक्की हो गई। जून 2025 में गोलू ने परिवार और समाज के खिलाफ जाकर खुद से 11 साल बड़ी नूरजहां से शादी कर ली और उसे पाटई ले आया। शादी में करीब 70 हजार रुपए खर्च भी किए। गोलू को कुछ समय बाद पता चला कि नूरजहां पहले से शादीशुदा है। उसके 4 बच्चे हैं। पैसों के लालच में उसने गोलू से शादी की थी। इस बात को लेकर दंपती में विवाद होने लगे। झगड़ा इतना बढ़ा कि फरवरी 2026 में नूरजहां मायके में रह रहे बच्चों के पास लौट आई थी। गोलू ने बार-बार नूरजहां के परिवार वालों को उसे वापस भेजने का बोला, मगर वह नहीं लौटी। ससुरालवालों को ब्लास्ट मामले में फंसाना चाहता था आरोपी पत्नी को वापस नहीं भेजने को लेकर गोलू, ससुरालवालों से नाराज था। उसने ससुरालवालों को फंसाने के लिए अपने दोस्त नीलेश के साथ मिलकर ब्लूटूथ स्पीकर बम तैयार करने की योजना बनाई। गोलू पहले माइंस में काम कर चुका है, इसलिए वह बारूद का उपयोग करना अच्छे से जानता था। उसने स्पीकर बम बनाने के लिए देवरी से डेटोनेटर खरीदा। एक सुतली बम लेकर उसका बारूद निकाला। यू-ट्यूब की मदद से नीलेश की मदद से ब्लूटूथ स्पीकर बम बना लिया। इसे उसने इलेक्ट्रिक सर्किट से असेंबल किया था। वह बूढ़ी रानगिर मंदिर परिसर में स्पीकर बम रखकर इसे आतंकी घटना दिखाना चाहता था, जिससे पत्नी के भाई और परिवार वाले इस प्रकार से फंसे कि फिर बाहर न निकल पाएं। एडिशनल एसपी लोकेश सिन्हा ने बताया कि दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।

भगवान महाकाल को आज से ठंडे पानी की जलधारा अर्पित:11 कलशों से बह रही शीतल धारा, गंगा-नर्मदा के जल से महाकाल का 29 जून तक होगा अभिषेक

भगवान महाकाल को आज से ठंडे पानी की जलधारा अर्पित:11 कलशों से बह रही शीतल धारा, गंगा-नर्मदा के जल से महाकाल का 29 जून तक होगा अभिषेक

श्री महाकालेश्वर मंदिर में गर्मी की शुरुआत के साथ ही बाबा महाकाल को शीतलता प्रदान करने की परंपरा शुरू हो गई है। शुक्रवार से भगवान महाकाल पर सतत शीतल जलधारा अर्पित करने का क्रम प्रारंभ हुआ, जो 29 जून (ज्येष्ठ पूर्णिमा) तक निरंतर चलेगा। परंपरा अनुसार प्रतिदिन भस्म आरती के बाद यह अभिषेक शुरू होता है और शाम की पूजा तक जारी रहता है। सुबह 6 बजे से शाम 5 बजे तक भगवान महाकाल पर लगातार जलधारा अर्पित की जाएगी, जिससे उन्हें भीषण गर्मी में शीतलता प्रदान की जाती है। 11 कलशों से गंगा-नर्मदा सहित पवित्र नदियों का आव्हान इस विशेष अनुष्ठान में 11 मिट्टी के कलशों के माध्यम से जलधारा चढ़ाई जाती है। इन कलशों में गंगा, यमुना, नर्मदा, गोदावरी, कावेरी, सरयू, क्षिप्रा सहित प्रमुख पवित्र नदियों का मंत्रोच्चार के साथ स्मरण कर जल स्थापित किया जाता है, जो निरंतर भगवान महाकाल पर प्रवाहित होता है। ‘गलंतिका’ बांधकर किया जाता है विशेष अभिषेक मंदिर की प्राचीन परंपरा के तहत रजत अभिषेक पात्र के साथ ‘गलंतिका’ बांधकर यह जलधारा चढ़ाई जाती है। यह परंपरा वैशाख कृष्ण प्रतिपदा से ज्येष्ठ पूर्णिमा तक हर वर्ष निभाई जाती है। पुजारी आशीष के अनुसार इस बार अधिक मास होने के कारण जलधारा अर्पण की अवधि एक माह तक और बढ़ाई गई है, जिससे भगवान महाकाल को अधिक समय तक शीतलता प्रदान की जाएगी।

MP में 5,600 फैक्ट्रियां बंद होने की कगार पर:20 हजार कर्मचारी निकाले, 30 हजार की सैलरी आधी; 3 शिफ्ट का काम एक में चल रहा

MP में 5,600 फैक्ट्रियां बंद होने की कगार पर:20 हजार कर्मचारी निकाले, 30 हजार की सैलरी आधी; 3 शिफ्ट का काम एक में चल रहा

ईरान और इजराइल-अमेरिका के युद्ध का असर मध्य प्रदेश के ‘डेट्रॉयट’ कहे जाने वाले औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर पर बढ़ता जा रहा है। पहले एक्सपोर्ट ठप हुआ, तो अब कर्मचारियों-मजदूरों की नौकरी पर संकट खड़ा हो गया है। उद्योग संचालकों का कहना है कि हालात जल्द नहीं सुधरे तो मुश्किलें और बढ़ जाएंगी। पीथमपुर औद्योगिक संगठन के अध्यक्ष डॉ. गौतम कोठारी के मुताबिक, यहां से होने वाला एक्सपोर्ट लगभग पूरी तरह रुक गया है। कच्चे माल के महंगे होने और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग संकट के चलते उद्योगपति प्रोडक्शन घटा रहे हैं। इसका असर रोजगार पर भी पड़ा है। फैक्ट्रियों में शिफ्ट कम हो रही हैं। कई जगह शट-डाउन की स्थिति बन गई है। सबसे ज्यादा असर अस्थायी मजदूरों पर पड़ा है। अनुमान है कि करीब 20 हजार कॉन्ट्रैक्ट वर्कर काम से बाहर हो चुके हैं। कई कंपनियों ने स्थायी कर्मचारियों को भी ले-ऑफ (छंटनी) पर डालकर आधी सैलरी देना शुरू कर दिया है। इनकी संख्या करीब 30 हजार है। साढ़े पांच हजार से ज्यादा फैक्ट्रियां बंद होने की कगार पर पहुंच गई हैं। कम पेमेंट में 300 की गैस कैसे भरवाएं लेबर कांट्रैक्टर सद्दाम पटेल ने बताया कि पीथमपुर में लेबर बाहर से आते हैं, उन्हें गैस की छोटी-छोटी बॉटल लेना पड़ती हैं। पिछले दिनों गैस की सप्लाई प्रभावित होने से उन्हें गैस महंगी मिल रही थी। लेबर को अब 300 रुपए की गैस भरवाने में दिक्कत होती है, क्योंकि उनकी इतनी पेमेंट नहीं है। पांच दिन से काम बंद, हमारी छुट्‌टी कर दी गई सेज सेक्टर की एक फार्मा कंपनी में काम करने वाले लेबर नीतेश बघेल ने बताया- मैं प्लास्टिक फैक्ट्री में काम करता हूं। कंपनी में प्लास्टिक दाना महंगा होने से 5 दिन से काम बंद है, इसलिए हमारी भी छुट्‌टी कर दी गई। हां, घर की महिलाएं कपड़ा फैक्ट्री में पैकिंग का काम करने जाती हैं, उन्हें जरूर 10 अप्रैल तक काम पर बुलाया जा रहा है, उनका काम बंद होने के बाद हम गांव चले जाएंगे। सरकार अपने पैर पर कुल्हाड़ी मार रही पीथमपुर औद्योगिक संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि ऐसी क्राइसिस में हम सरकार का मुंह देखते हैं। बाकी समय तो सरकार हमारा मुंह देखती है, क्योंकि हम उन्हें टैक्स देते हैं। उन्हें जीडीपी में योगदान देते हैं, अगर आपने गैस कम कर दी तो यह कोई क्राइसिस मैनेजमेंट नहीं है। मैनेजमेंट तो तब होता, जब इंडस्ट्री की आवश्यकता के अनुसार हर चीज का निर्धारण होता है। सरकार समस्या को नकारते हुए बाहरी रूप से अगर उसे मैनेज कर रही है तो यह क्राइसिस मैनेजमेंट नहीं, बल्कि अपने पैर पर कुल्हाड़ी मारना है। SEZ से हर महीने करोड़ों डॉलर का एक्सपोर्ट पीथमपुर को मध्य प्रदेश का औद्योगिक इंजन कहा जाता है। यहां ऑटो कंपोनेंट्स, फार्मा, प्लास्टिक, टेक्सटाइल और इंजीनियरिंग सेक्टर की 5,600 से ज्यादा इकाइयां हैं। SEZ से हर महीने करोड़ों डॉलर का एक्सपोर्ट होता था। अमेरिका, यूरोप और मिडिल ईस्ट के बाजारों में पीथमपुर के पुर्जे, दवाएं और पैकेजिंग सामग्री पहुंचती थी। हॉर्मुज स्ट्रेट और स्वेज कैनाल पर तनाव से फ्रेट चार्ज पांच गुना बढ़ गए। बीमा प्रीमियम आसमान छू रहा है। …………………………………. यह खबर भी पढ़ें… शुगर-बीपी, बुखार सहित इन्फेक्शन की दवाएं महंगी मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के कारण चीन से आने वाले एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रेडिएंट्स की सप्लाई बाधित होने और गैस की कीमतों में बढ़ोतरी से मध्यप्रदेश की फार्मा इंडस्ट्री में शटडाउन का खतरा मंडरा रहा है। फार्मा इंडस्ट्री में लगने वाले रॉ मटेरियल के रेट में 30% से लेकर 50% तक की बढ़ोत्तरी हुई है। पूरी खबर पढ़ें