Sunday, 17 May 2026 | 08:45 AM

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Relationship Hot And Cold Behavior Explained; Avoidance

Relationship Hot And Cold Behavior Explained; Avoidance

15 मिनट पहले कॉपी लिंक सवाल- मेरी उम्र 28 साल है। मैं पिछले कुछ महीनों से एक लड़की को डेट कर रहा हूं। उसका व्यवहार बहुत अजीब है। कभी तो वो खूब बातें करती है, ढेरों प्लान बनाती है, फोन करती है, मिलती है, हम साथ घूमते हैं। कभी अचानक कई-कई दिनों के लिए गायब हो जाती है। फोन नहीं उठाती, मैसेज का जवाब नहीं देती। क्या ये बिहेवियर नॉर्मल है? क्या वो इस रिलेशनशिप को लेकर सीरियस है? मैं इस बिहेवियर को कैसे समझूं, क्या करूं? एक्सपर्ट- डॉ. जया सुकुल, क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट, नोएडा जवाब- सवाल पूछने के लिए शुक्रिया। रिलेशनशिप की शुरुआत में उतार-चढ़ाव आना सामान्य है। लेकिन अगर किसी व्यक्ति का व्यवहार लगातार ऐसा ही बना हुआ है तो इसे मनोविज्ञान में ‘हॉट-एंड-कोल्ड बिहेवियर’ कहा जाता है। हालांकि, आपने अपने सवाल में ये नहीं स्पष्ट किया है कि- क्या ये रिलेशनशिप दोतरफा है? कहीं आप अपने दिमाग में अकेले डेट तो नहीं कर रहे? कहीं ये दूसरे व्यक्ति के लिए सिर्फ दोस्ती तो नहीं है? हम इन संभावनाओं के बारे में इसलिए पूछ रहे हैं, क्योंकि आपके सवाल से ये क्लियर नहीं है कि आपको लेकर डेटिंग पार्टनर का नजरिया क्या है? हालांकि, अगर दोनों ओर से प्यार-मोहब्बत का एहसास नहीं भी है, इसके बावजूद किसी रिश्ते में ऐसी कंडीशन हेल्दी नहीं है। प्यार कोई ‘लुका-छिपी’ का खेल नहीं किसी भी रिलेशनशिप में स्थिरता नींव की तरह होती है। इसी के आधार पर रिश्ते का भविष्य तय होता है। यह कोई ‘लुका-छिपी’ का खेल नहीं है कि कुछ दिन साथ में हैं और कुछ दिनों के लिए अचानक गायब हो गए। इस तरह की कंडीशंस रिलेशनशिप को टॉक्सिक बना सकती हैं। ग्राफिक में देखिए, टॉक्सिक रिलेशनशिप के संकेत- पार्टनर ऐसा कब बिहेव करता है? आमतौर पर पार्टनर ऐसा व्यवहार तब करता है, जब वह रिलेशनशिप को लेकर अनिश्चितता में होता है। मुमकिन है कि वह आपको पसंद तो करती हो, लेकिन भविष्य को लेकर श्योर न हो। आपने बताया कि आप अभी डेटिंग फेज में हैं। इसका मतलब है कि रिश्ते को लेकर कमिटमेंट नहीं है। ऐसी स्थिति में संभव है कि वह आपके अलावा अन्य विकल्प भी एक्सप्लोर कर रही हो। इसे अवॉइडेंट बिहेवियर कहते हैं। इसके सभी कारण ग्राफिक में देखिए- लड़की का नजरिया भी समझें जरूरी नहीं है कि लड़की जानबूझकर आपका दिल दुखा रही हो। कुछ लोग रिश्तों में ज्यादा करीब आने से घबराते हैं। जब भावनाएं बहुत तीव्र हो जाती हैं, तो वे थोड़ी दूरी बनाने लगते हैं। कभी-कभी पुराने रिश्तों के बुरे अनुभव, जिम्मेदारी से डर या जिंदगी की दूसरी परेशानियां भी वजह हो सकती हैं। इसलिए कोई फैसला लेने से पहले खुलकर बात करना जरूरी है। ब्रेन का ‘डोपामिन लूप’ में फंसना अगर कोई व्यक्ति किस्तों में प्यार करता है तो इससे दिमाग ‘डोपामिन लूप’ में फंस जाता है। जब पार्टनर अच्छे से बात करता है तो हाई महसूस होता है और जब वो गायब होता है तो बेचैनी महसूस होती है। Gen-Z इसे ‘बेडक्रंबिंग’ भी कहते हैं। इसका मतलब है कि व्यक्ति को सिर्फ उतने ही प्यार के टुकड़े देना, जिससे वह रिश्ता छोड़कर न जाए, लेकिन उसे पूरा हक भी न मिले। अब आपको यह पता करना होगा कि कहीं आप भी ‘डोपामिन लूप’ में तो नहीं फंस गए हैं। इसे नीचे दिए ग्राफिक में देखिए- रिलेशनशिप में जिम्मेदारी भी जरूरी रिलेशनशिप सिर्फ एक शख्स के हिसाब से नहीं चलता है। इसमें दोनों की अपनी-अपनी मौजूदगी मायने रखती है। इसमें दोनों लोगों के बराबर के इन्वेस्टमेंट्स होते हैं। इसके साथ दोनों की अपनी-अपनी जिम्मेदारियां भी होती हैं। आपको क्या करना चाहिए? जिस स्थिति में अभी आप फंसे हुए हैं, उसमें कोई भी जल्दबाजी का फैसला आपको गिल्ट में डाल सकता है। इसलिए कुछ बातों का खास ख्याल रखें- स्पष्ट बातचीत करें सही समय चुनकर आप अपनी फीलिंग्स शेयर करें। पार्टनर को स्पष्ट तौर पर बताएं कि “जब तुम कई दिनों तक गायब होती हो तो मैं कन्फ्यूज और इनसिक्योर महसूस करता हूं।” इस तरह के वाक्य स्थिति को बेहतर ढंग से बयां कर सकते हैं। साथ ही रिश्ते की दिशा और उम्मीदों पर खुलकर बात करना जरूरी है। कम्युनिकेशन की अपेक्षाएं तय करें यह साफ करें कि कितनी बातचीत या अपडेट आपके लिए जरूरी है। अगर पार्टनर को स्पेस चाहिए तो वह पहले से बताए। ऐसा एक बेसिक नियम बनाना रिलेशनशिप को स्थिर बना सकता है। इमोशनल बाउंड्री बनाएं अपनी खुशियों और मूड को सिर्फ एक व्यक्ति की उपलब्धता पर निर्भर न होने दें। यह किसी भी रिलेशनशिप के लिए हेल्दी नहीं है। दोस्तों, काम और हॉबीज पर फोकस रखने से भावनात्मक संतुलन बना रहता है। समयसीमा तय करें रिश्ते को समझने के लिए खुद को एक तय समय दें। अगर इस दौरान भी व्यवहार में निरंतरता नहीं आती तो यह संकेत है कि सामने वाला अपना 100 प्रतिशत नहीं दे रहा है। सम्मान को प्राथमिकता दें याद रखें, जहां आपकी मौजूदगी की कद्र नहीं होती, वहां स्वस्थ और लंबे समय तक चलने वाला प्यार बन पाना मुश्किल होता है। अंतिम सलाह जो रिश्ता बार-बार आपको खुद की वैल्यू पर सवाल करने को मजबूर करे, वह लंबे समय में खुशी नहीं दे सकता। प्यार में उत्साह जरूरी है, लेकिन स्थिरता उससे भी ज्यादा जरूरी है। अगर कोई व्यक्ति आपकी मौजूदगी को सहजता से स्वीकार नहीं कर पा रहा है तो यह भी उसका एक जवाब हो सकता है। ……………… ये खबर भी पढ़िए रिलेशनशिप एडवाइज- गर्लफ्रेंड अपनी जरूरतें सीधे नहीं बताती:इनडायरेक्ट ताने देती है, मैं इमोशनल स्ट्रेस में हूं, क्या करूं? रिलेशनशिप में अपनी बात रखना हर किसी का हक है, लेकिन उसे कहने का तरीका स्पष्ट होना चाहिए। बार-बार बातों को घुमाना और खुद को ‘बेचारा’ दिखाना इमोशनल मैनिपुलेशन है। यह स्थिति धीरे-धीरे रिश्ते की सहजता को खत्म कर सकती है। आगे पढ़िए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Emotional Manipulation: Relationship Stress Advice

Emotional Manipulation: Relationship Stress Advice

Hindi News Lifestyle Emotional Manipulation: Relationship Stress Advice | Psychologist Jaya Sukul Tips 41 मिनट पहले कॉपी लिंक सवाल- मैं एक सरकारी बैंक में कैशियर हूं। कुछ महीनों से एक लड़की के साथ रिलेशनशिप में हूं। हमारे बीच सब अच्छा है, लेकिन वो अपनी जरूरतें सीधे बोलने की बजाय इशारों में कहती है। जैसे- ‘मेरे पास बाहर जाने के लिए अच्छे कपड़े नहीं हैं।’ ‘उस लड़की की वॉच कितनी अच्छी है।’ ‘उस लड़की का बैग कितना प्यारा लग रहा है।’ कई बार वो अपने फाइनेंशियल या पर्सनल स्ट्रेस भी ऐसे ही बताती है, ताकि मैं खुद मदद की पेशकश करूं। शुरू में मैंने किया भी, लेकिन अब मैं मेंटली थक गया हूं। क्या वह जानबूझकर ऐसा करती है ताकि मैं गिल्ट महसूस करूं? क्या ये इमोशनल इंफ्लुएंस है? मुझे क्या करना चाहिए? एक्सपर्ट: डॉ. जया सुकुल, क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट, नोएडा जवाब- सबसे पहले तो शुक्रिया कि आपने इतने स्पष्ट शब्दों में सवाल पूछा। इसी तरह हेल्दी रिलेशनशिप के लिए भी स्पष्ट संवाद जरूरी है। आपने लिखा कि आपकी पार्टनर हर बात इशारों में कहती है। ऐसी स्थिति में थकान महसूस होना स्वाभाविक है। चलिए आपकी सिचुएशन को समझते हैं और प्रैक्टिकल सॉल्यूशन पर बात करते हैं। पार्टनर बता रहा है या पहेली बुझा रहा है? रिलेशनशिप में अपनी बात रखना हर किसी का हक है, लेकिन उसे कहने का तरीका स्पष्ट होना चाहिए। बार-बार बातों को घुमाना और खुद को ‘बेचारा’ दिखाना इमोशनल मैनिपुलेशन है। यह स्थिति धीरे-धीरे रिश्ते की सहजता को खत्म कर सकती है। ग्राफिक में दिए उदाहरणों से समझें कि ‘मैनिपुलेशन’ और ‘हेल्दी कम्युनिकेशन’ में क्या फर्क है- मैनिपुलेशन की साइकोलॉजी अगर किसी रिलेशनशिप में एक पार्टनर हर बार इशारों में बात कहता है, तो दूसरा ‘डिकोडिंग मोड’ में चला जाता है। इसे ‘डिसीजन फटीग’ भी कहते हैं, जहां व्यक्ति हर वक्त यह सोचकर तनाव में रहता है कि सामने वाले की किस बात का क्या मतलब है। आपने लिखा कि आपकी गर्लफ्रेंड अपनी डिमांड्स इसी तरह रखती है। इसके बावजूद अगर आप सभी डिमांड्स पूरी कर रहे हैं तो आपको सेल्फ-एसेसमेंट करना चाहिए। कहीं आप ‘गिल्ट ट्रिप’ के शिकार तो नहीं, अपना सेल्फ-एसेसमेंट करें रिश्तों में कभी-कभी हम वह सब भी करने लगते हैं, जो नहीं करना चाहते। इसकी वजह ‘गिल्ट’ हो सकती है। नीचे दिए एसेसमेंट टेस्ट से समझिए कि कहीं आप ‘गिल्ट ट्रिप’ में तो नहीं जा रहे हैं। कैसे करें? नीचे ग्राफिक में 7 सवाल दिए गए हैं। हर सवाल को ध्यान से पढ़ें और अपनी स्थिति के अनुसार खुद को 0 से 3 के बीच नंबर दें- 0: बिल्कुल नहीं 1: कभी-कभार 2: अक्सर 3: हमेशा/हर बार फिर स्कोर एनालिसिस करें- सभी सवालों के नंबरों को जोड़ लें और अपना टोटल स्कोर देखें। अगर स्कोर 15 से ऊपर है, तो यह ‘क्रॉनिक गिल्ट ट्रिप’ का संकेत है। इसका मतलब है कि आपको अपनी बाउंड्रीज तय करने और खुद पर काम करने की सख्त जरूरत है। अगर स्कोर 6-14 के बीच है तो सतर्क हो जाएं और सुधार करें। अगर स्कोर 1-5 के बीच है तो कोई समस्या नहीं है। प्रेम का मतलब अटकलें लगाना नहीं है आपने लिखा कि वह अपनी पर्सनल बातें शेयर करते समय भी यही तरीका फॉलो करती है। साइकोलॉजी के मुताबिक, कुछ लोग ऐसा इसलिए करते हैं, ताकि ‘ना’ की गुंजाइश खत्म हो जाए। उन्हें लगता है कि चीजें सीधे मांगने पर मना किया जा सकता है। इसलिए वे अपनी बात कहने के लिए इशारों का सहारा लेते हैं। लेकिन किसी भी रिश्ते में यह तरीका हेल्दी नहीं है। रिलेशनशिप में यह तरीका टॉक्सिक है कभी-कभी लोग अनजाने में भी इस तरह बिहेव करते हैं। ऐसा हो सकता है कि उन्होंने बचपन से इसी तरह अपनी बातें मनवाई हों। इसे ‘लर्न्ड बिहेवियर’ कहते हैं। लेकिन एडल्ट रिलेशनशिप में यह तरीका ‘टॉक्सिक’ है। आपको भी यह समझना होगा कि हेल्दी और टॉक्सिक बिहेवियर में क्या फर्क है- समझदार आदमी को क्या करना चाहिए? नीचे दिए 6 पॉइंट्स से समझें कि इस सिचुशन में क्या करना चाहिए- बाउंड्री सेट करें: अपनी आर्थिक और मानसिक सीमाओं को स्पष्ट करें। बताएं कि आप क्या कर सकते हैं और क्या आपकी क्षमता से बाहर है। खुलकर बातचीत करें: जब वह इशारों में बात करे तो बहुत ही सौम्यता से कहें, “मैं समझ नहीं पा रहा कि तुम क्या कहना चाह रही हो, क्या तुम खुलकर बताओगी?” पार्टनर को अपनी बात सीधे कहने के लिए प्रोत्साहित करें। पैसे का दिखावा न करें: रिश्ते में गिफ्ट्स से ज्यादा अहमियत समय और इमोशनल सपोर्ट को दें। शर्मिंदगी महसूस न करें: अगर आप कोई डिमांड पूरी नहीं कर पाते तो उसे अपनी असफलता न मानें। गर्लफ्रेंड को ‘क्राउन’ न समझें: उसे अपना पार्टनर मानें। एक साथी अपनी जरूरतों के लिए दूसरे पर दबाव नहीं डालता, बल्कि मिलकर समाधान निकालता है। शोशेबाजी न करें: बाहरी चमक-धमक की बजाय रिश्ते की गहराई और सच्चाई पर ध्यान दें। अंतिम सलाह कोई रिश्ता ‘माइंड रीडिंग’ से नहीं, बल्कि ‘स्पष्ट संवाद’ से सुंदर बनता है। अगर पार्टनर की बातें पहेली बन जाएं, तो उन्हें सुलझाने की बजाय खुलकर बात करें। विनम्रता से अपनी बाउंड्रीज बताएं और खुद को भी अनावश्यक गिल्ट से मुक्त रखें। ……………… ये खबर भी पढ़िए रिलेशनशिप एडवाइज- कहीं मुझे प्यार तो नहीं हो गया: हमेशा बस उसका ही ख्याल, न देखूं तो बेचैनी, ये प्यार है या सिर्फ अट्रैक्शन आप जीवन के उस पड़ाव पर हैं, जहां भावनाएं बहुत तीव्र होती हैं। इस उम्र में किसी की तरफ अट्रैक्ट होना, हर वक्त उसके बारे में सोचना, बेचैनी होना बहुत स्वाभाविक है। ये अच्छी बात है कि आप अपनी भावनाओं को लेकर अवेयर हैं और जल्दबाजी में किसी फैसले से पहले इसे समझना चाहते हैं। आगे पढ़िए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Anita Advani on Rajesh Khanna Relation

Anita Advani on Rajesh Khanna Relation

48 मिनट पहले कॉपी लिंक बॉम्बे हाई कोर्ट के राजेश खन्ना के साथ अनीता आडवाणी के रिश्ते को शादी मानने से इनकार करने के बाद अब अनीता ने अपनी नाराजगी जाहीर की है। एक हालिया इंटरव्यू में उन्होंने कोर्ट के फैसले को ‘न्याय का घोर मजाक’ बताया है। अनीता ने साफ कर दिया है कि वह इस कानूनी लड़ाई से पीछे नहीं हटेंगी और अपनी गरिमा के लिए संघर्ष जारी रखेंगी। उन्होंने कहा कि वह उन लोगों में से नहीं हैं जो डरकर घर बैठ जाएं। दरअसल अनीता आडवाणी ने दावा किया था कि वह 10 साल से ज्यादा समय तक राजेश खन्ना के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में थीं। उन्होंने इस रिश्ते को ‘वैध विवाह’ की मान्यता देने के लिए बॉम्बे हाई कोर्ट में अपील की थी। हालांकि, 1 अप्रैल 2026 को कोर्ट ने उनकी अर्जी खारिज कर दी। ‘बिना मुकदमे के फैसला कैसे हो सकता है’ अनीता आडवाणी ने कोर्ट के रुख पर निराशा जताई। उन्होंने कहा, “मैं थकी नहीं हूं और कभी नहीं थकूंगी। मैं कायर या बिना रीढ़ वाले लोगों में से नहीं हूं जो अन्याय के खिलाफ चुप रहें।” उन्होंने सवाल उठाया कि 14 साल बीत जाने के बाद भी उन्हें अपना पक्ष साबित करने का मौका क्यों नहीं मिला? अनीता के मुताबिक, बिना किसी प्रॉपर ट्रायल या गवाही के दीवानी मामले का फैसला सुना देना गलत है। घरेलू हिंसा कानून में पत्नी जैसा हक मांगा इंटरव्यू के दौरान अनीता ने अपनी कानूनी स्थिति को साफ किया। उन्होंने कहा, “मैंने एक शादीशुदा के रूप में पत्नी बनने का हक मांगा था, न कि शादी का अधिकार। दोनों में अंतर है।” उनके तर्क के मुताबिक, घरेलू हिंसा अधिनियम में लिव-इन रिलेशनशिप को पत्नी के बराबर मान्यता दी गई है। उन्होंने दावा किया कि अगर दो एडल्ट पति-पत्नी की तरह साथ रहते हैं, तो उन्हें विवाह के स्वरूप वाले संबंध में माना जाना चाहिए। ‘अस्पताल में मिलने नहीं दिया, वसीयत भी गायब हो गई’ अनीता ने राजेश खन्ना के आखिरी दिनों का दर्द भी साझा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सुपरस्टार के परिवार ने उन्हें अस्पताल में उनसे मिलने तक नहीं दिया। परिवार की ओर से दावा किया गया था कि राजेश खन्ना खुद उनसे नहीं मिलना चाहते, जिसे अनीता ने सरासर झूठ बताया। उन्होंने एक और बड़ा दावा करते हुए कहा कि राजेश खन्ना ने एक वसीयत बनाई थी, जिसमें उनका हक था, लेकिन वह गायब हो गई। प्राइवेट सेरेमनी में पहनाया था मंगलसूत्र अपने पुराने दावों को दोहराते हुए अनीता ने कहा कि सुपरस्टार के साथ उनका रिश्ता कोई छिपाने वाली बात नहीं थी। उन्होंने बताया कि घर के मंदिर में एक छोटी और निजी रस्म हुई थी, जिसमें राजेश खन्ना ने उन्हें सिंदूर लगाया और मंगलसूत्र पहनाया था। अनीता ने भावुक होते हुए कहा कि वह राजेश खन्ना के साथ उनके पैसे के लिए नहीं, बल्कि प्यार की वजह से थीं। उन्होंने कहा कि उनके साथ हुआ दुर्व्यवहार बहुत दर्दनाक था और वह सिर्फ अपना सम्मान वापस चाहती हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Anita Advani on Rajesh Khanna Relation

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2 घंटे पहले कॉपी लिंक बॉम्बे हाई कोर्ट के राजेश खन्ना के साथ अनीता आडवाणी के रिश्ते को शादी मानने से इनकार करने के बाद अब अनीता ने अपनी नाराजगी जाहीर की है। एक हालिया इंटरव्यू में उन्होंने कोर्ट के फैसले को ‘न्याय का घोर मजाक’ बताया है। अनीता ने साफ कर दिया है कि वह इस कानूनी लड़ाई से पीछे नहीं हटेंगी और अपनी गरिमा के लिए संघर्ष जारी रखेंगी। उन्होंने कहा कि वह उन लोगों में से नहीं हैं जो डरकर घर बैठ जाएं। दरअसल अनीता आडवाणी ने दावा किया था कि वह 10 साल से ज्यादा समय तक राजेश खन्ना के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में थीं। उन्होंने इस रिश्ते को ‘वैध विवाह’ की मान्यता देने के लिए बॉम्बे हाई कोर्ट में अपील की थी। हालांकि, 1 अप्रैल 2026 को कोर्ट ने उनकी अर्जी खारिज कर दी। ‘बिना मुकदमे के फैसला कैसे हो सकता है’ अनीता आडवाणी ने कोर्ट के रुख पर निराशा जताई। उन्होंने कहा, “मैं थकी नहीं हूं और कभी नहीं थकूंगी। मैं कायर या बिना रीढ़ वाले लोगों में से नहीं हूं जो अन्याय के खिलाफ चुप रहें।” उन्होंने सवाल उठाया कि 14 साल बीत जाने के बाद भी उन्हें अपना पक्ष साबित करने का मौका क्यों नहीं मिला? अनीता के मुताबिक, बिना किसी प्रॉपर ट्रायल या गवाही के दीवानी मामले का फैसला सुना देना गलत है। घरेलू हिंसा कानून में पत्नी जैसा हक मांगा इंटरव्यू के दौरान अनीता ने अपनी कानूनी स्थिति को साफ किया। उन्होंने कहा, “मैंने एक शादीशुदा के रूप में पत्नी बनने का हक मांगा था, न कि शादी का अधिकार। दोनों में अंतर है।” उनके तर्क के मुताबिक, घरेलू हिंसा अधिनियम में लिव-इन रिलेशनशिप को पत्नी के बराबर मान्यता दी गई है। उन्होंने दावा किया कि अगर दो एडल्ट पति-पत्नी की तरह साथ रहते हैं, तो उन्हें विवाह के स्वरूप वाले संबंध में माना जाना चाहिए। ‘अस्पताल में मिलने नहीं दिया, वसीयत भी गायब हो गई’ अनीता ने राजेश खन्ना के आखिरी दिनों का दर्द भी साझा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सुपरस्टार के परिवार ने उन्हें अस्पताल में उनसे मिलने तक नहीं दिया। परिवार की ओर से दावा किया गया था कि राजेश खन्ना खुद उनसे नहीं मिलना चाहते, जिसे अनीता ने सरासर झूठ बताया। उन्होंने एक और बड़ा दावा करते हुए कहा कि राजेश खन्ना ने एक वसीयत बनाई थी, जिसमें उनका हक था, लेकिन वह गायब हो गई। प्राइवेट सेरेमनी में पहनाया था मंगलसूत्र अपने पुराने दावों को दोहराते हुए अनीता ने कहा कि सुपरस्टार के साथ उनका रिश्ता कोई छिपाने वाली बात नहीं थी। उन्होंने बताया कि घर के मंदिर में एक छोटी और निजी रस्म हुई थी, जिसमें राजेश खन्ना ने उन्हें सिंदूर लगाया और मंगलसूत्र पहनाया था। अनीता ने भावुक होते हुए कहा कि वह राजेश खन्ना के साथ उनके पैसे के लिए नहीं, बल्कि प्यार की वजह से थीं। उन्होंने कहा कि उनके साथ हुआ दुर्व्यवहार बहुत दर्दनाक था और वह सिर्फ अपना सम्मान वापस चाहती हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Rajpal Yadav: Wife Radha is Backbone of My Journey

Rajpal Yadav: Wife Radha is Backbone of My Journey

20 मिनट पहले कॉपी लिंक बॉलीवुड एक्टर राजपाल यादव ने हाल ही में अपनी निजी जिंदगी और पत्नी राधा यादव के साथ अपने रिश्ते पर खुलकर बात की है। राजपाल अपनी पत्नी को सिर्फ जीवनसाथी नहीं, बल्कि अपनी सबसे बड़ी ताकत और ‘सफर की रीढ़’ मानते हैं। शुभांकर मिश्रा के पॉडकास्ट उन्होंने बताया कि उनके ससुर ने सबसे पहले फिल्म ‘जंगल’ में राजपाल की फोटो देखी थी, जिसमें वे खड़े बाल और हाथ में बंदूक लिए डरावने लुक में थे। मौसी कहती थीं ‘लंगूर को मिली हूर’ इंटरव्यू के दौरान राजपाल ने एक मजाकिया किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया कि उनकी मौसी अक्सर उनके और राधा के रिश्ते पर कहती थीं, ‘लंगूर को हूर मिल गई’। उन्होंने अपने ससुर के पहले रिएक्शन के बारे में भी बताया। उनके ससुर ने सबसे पहले फिल्म ‘जंगल’ में राजपाल की फोटो देखी थी, जिसमें वे खड़े बाल और हाथ में बंदूक लिए डरावने लुक में थे। हालांकि, असल में मिलने के बाद वे समझ गए कि राजपाल एक नॉर्मल इंसान हैं। कनाडा में हुई थी पहली मुलाकात राजपाल ने अपनी प्रेम कहानी को याद करते हुए एक बार बताया था कि उनकी मुलाकात राधा से कनाडा के कैलगरी में हुई थी। उस समय वे अपनी फिल्म ‘द हीरो: लव स्टोरी ऑफ अ स्पाइ’ की शूटिंग के लिए वहां गए थे। राजपाल ने कहा था, आज भी मुझे समझ नहीं आता कि यूपी के एक आदमी ने वहां अपना पार्टनर कैसे ढूंढ लिया। दोनों एक कॉमन फ्रेंड के जरिए मिले थे। लगभग 10 महीने तक लॉन्ग-डिस्टेंस रिलेशनशिप में रहने के बाद उन्होंने 2003 में परिवार की सहमति से शादी कर ली। हिसाब-किताब और खर्च पत्नी ही संभालती हैं राजपाल ने बताया कि राधा सिर्फ घर ही नहीं, बल्कि उनके काम को लेकर भी काफी बेबाक हैं। उन्हें चापलूसी पसंद नहीं है। कई बार फिल्म प्रीमियर से लौटते समय फिल्मों के चुनाव को लेकर दोनों के बीच बहस भी हो जाती है। राजपाल अपनी पत्नी की पसंद पर इतना भरोसा करते हैं कि उनके कपड़ों की शॉपिंग से लेकर घर का सारा हिसाब-किताब और खर्च भी राधा ही संभालती हैं। एक्टर ने कहा कि उनके बीच उम्र का करीब 13 साल का अंतर है, लेकिन उनका आपसी सम्मान बहुत मजबूत है। गांव की परंपराओं को सहजता से अपनाया राधा को पांच भाषाओं का ज्ञान है, लेकिन उन्होंने राजपाल के गांव की संस्कृति को बहुत खूबसूरती से अपनाया है। राजपाल ने बताया कि राधा गांव जाकर वहां की भाषा में बात करती हैं और परंपरा के अनुसार घूंघट भी करती हैं। उन्हें देखकर कोई नहीं कह सकता कि वे विदेश में पली-बढ़ी हैं। वे हर साल होली-दिवाली पर गांव जरूर जाती हैं और परिवार के साथ समय बिताती हैं। पहली पत्नी के निधन के बाद हुई दूसरी शादी राजपाल यादव की निजी जिंदगी में एक दुखद दौर भी रहा है। राधा उनकी दूसरी पत्नी हैं। राजपाल की पहली शादी महज 18-20 साल की उम्र में उनके परिवार ने करवा दी थी। हालांकि, प्रसव के दौरान उनकी पहली पत्नी का निधन हो गया था। उस शादी से उनकी एक बड़ी बेटी है। साल 2003 में राधा से शादी की। राधा और राजपाल की दो बेटियां और एक बेटा है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Relationship Vs Physical Intimacy; Girlfriend Consent

Relationship Vs Physical Intimacy; Girlfriend Consent

53 मिनट पहले कॉपी लिंक सवाल- मेरी उम्र 24 साल है। मैं मास्टर्स की पढ़ाई कर रही हूं। एक साल से रिलेशनशिप में हूं। हमारे बीच बहुत अच्छी बॉन्डिंग है। प्रॉब्लम ये है कि मेरा बॉयफ्रेंड इंटीमेट होना चाहता है, लेकिन अभी मैं इसके लिए तैयार नहीं हूं। वो अलग-अलग तरीकों से कहता है, इंसिस्ट करता है और मुझे कन्विंस करने की कोशिश करता है। मैं ‘हां’ बोलने के लिए तैयार नहीं हूं और खुलकर ‘ना’ भी नहीं बोल पा रही हूं। मैं उसे कैसे समझाऊं? इस सिचुएशन से कैसे डील करूं? प्लीज गाइड मी। एक्सपर्ट- डॉ. जया सुकुल, क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट, नोएडा जवाब- सबसे पहले तो शुक्रिया, आपने जरूरी सवाल पूछा है। इससे बहुत लोगों को डिसीजन मेकिंग में मदद मिलेगी। रिलेशनशिप में अच्छी बॉन्डिंग पॉजिटिव इंटेंट है, लेकिन फिजिकल इंटीमेसी पूरी तरह आपकी सहजता और मानसिक तैयारी पर निर्भर है। इंटीमेसी कोई ‘रिलेशनशिप टेस्ट’ नहीं है, जिसे पास करना जरूरी ही है। एक हेल्दी रिश्ते में ‘ना’ का सम्मान, ‘हां’ से भी ज्यादा जरूरी है। अगर आप तैयार नहीं हैं तो दबाव में लिया गया कोई भी फैसला आपकी मेंटल हेल्थ और रिश्ते, दोनों को नुकसान पहुंचा सकता है। आइए आपकी सिचुएशन को समझते हैं और सॉल्यूशन पर बात करते हैं। सबसे पहले ‘NO’ का मतलब समझिए- ‘NO’ का मतलब सिर्फ ‘NO’ है बॉलीवुड की एक फिल्म है, ‘पिंक।’ फिल्म के आखिरी सीन में अमिताभ बच्चन बतौर लॉयर कोर्ट में दलील देते हुए कहते हैं, “NO का मतलब सिर्फ NO होता है।” दुनिया के हर शख्स, खासतौर पर पुरुषों को यह बात समझने की बहुत जरूरत है। NO का मतलब ‘शायद’ नहीं होता। NO का मतलब ‘फिर कभी’ नहीं होता। NO का मतलब ‘बाद में’ नहीं होता। NO का मतलब ‘कल, परसों’ नहीं होता। NO का मतलब सिर्फ ‘NO’ होता है। सहमति- इंटीमेसी की पहली और सबसे जरूरी शर्त किसी भी रिश्ते में कंसेंट यानी सहमति को सही तरीके से समझना बहुत जरूरी है। यह सिर्फ एक बार ‘हां’ कहने तक सीमित नहीं होता। इसमें अपनी मर्जी, सहजता और कभी भी फैसला बदलने का हक शामिल है। आइए ग्राफिक के जरिए समझते हैं कि कंसेंट का असली मतलब क्या है। ‘NO’ कहने पर मैनिपुलेट कर सकता है पार्टनर ऐसी कंडीशन में पार्टनर अक्सर ‘इमोशनल मैनिपुलेशन’ का सहारा लेते हैं। आपने लिखा भी है कि पार्टनर तरह-तरह से इंसिस्ट करता है। यह प्यार नहीं, बल्कि कंट्रोलिंग का एक तरीका है। अगर किसी शर्त या दवाब के बाद पार्टनर ‘हां’ कहे तो उसका मतलब ‘ना’ ही होता है। इसे दोनों को समझना होगा। ‘बात मानने’ और ‘कंसेंट’ में बड़ा फर्क रिश्ते में किसी की बात मान लेना और मन से राजी होना, दोनों में बड़ा फर्क है। फीमेल पार्टनर झगड़ा टालने या सामने वाले की खुशी के लिए ‘हां’ कह देती हैं, लेकिन असल में तैयार नहीं होतीं। ऐसी मजबूरी में दी गई सहमति धीरे-धीरे रिश्ते में कड़वाहट घोल सकती है। ग्राफिक से समझिए कि किस ‘हां’ का मतलब कंसेंट नहीं है- सिर्फ पार्टनर की खुशी के लिए ‘हां’ न करें अगर आप अपने मन और मूल्यों के खिलाफ जाकर पार्टनर की खुशी के लिए समझौता करती हैं तो यह ‘सेल्फ-बिट्रेयल’ (स्वयं को धोखा देना) है। इसका आपके व्यक्तित्व पर गहरा असर पड़ता है। इससे कई तरह के नुकसान हो सकते हैं। ग्राफिक में देखिए- पार्टनर वो जो ‘NO’ का सम्मान करे अगर पार्टनर आपकी ‘ना’ सुनने के बाद भी बार-बार वही बात दोहराता है या नाराज होता है तो संभल जाएं। यह संकेत है कि वह आपकी भावनाओं से ज्यादा अपनी जरूरतों को अहमियत दे रहा है। अच्छा पार्टनर ‘NO’ का सम्मान करता है। अपने साथ समझौता न करें रिलेशनशिप में अपनी सीमाएं तय करना स्वार्थ नहीं, बल्कि सेल्फ-रिस्पेक्ट है। जो पार्टनर आपकी ‘ना’ का सम्मान नहीं कर सकता, उससे भविष्य में हेल्दी रिलेशनशिप की उम्मीद करना मुश्किल है। इस स्थिति से कैसे निपटें? अगर आप ऐसी दुविधा में हैं तो इन 4 स्टेप्स की मदद से स्थिति को संभाल सकती हैं- 1. आमने-सामने बैठकर बात करें- इशारों में बात करने की बजाय पार्टनर के साथ बैठकर बात करें। उसे स्पष्ट शब्दों में कहें- मैं तुमसे बहुत प्यार करती हूं और हमारे रिश्ते की कद्र करती हूं, लेकिन अभी मैं इंटीमेसी के लिए मेंटली तैयार नहीं हूं। अगर आपके बीच वाकई अच्छी बॉन्डिंग है तो वह आपकी ईमानदारी का सम्मान करेगा, न कि आप पर दबाव बनाएगा। 2. अपनी प्राथमिकता तय करें अमूमन लोग सोचते हैं कि ‘ना’ कहने से रिश्ता टूट जाएगा, लेकिन याद रखें कि खुद की मर्जी के खिलाफ जाकर कुछ करना प्यार नहीं, समझौता है। आपका मानसिक सुकून और आत्म-सम्मान सबसे ऊपर होना चाहिए। जो रिश्ता आपकी सहजता की कीमत मांगे, वह लंबे समय तक खुशी नहीं दे सकता। 3. पार्टनर की प्रतिक्रिया को नोटिस करें ‘ना’ कहने के बाद यह जरूर देखें कि आपके पार्टनर का व्यवहार कैसा है। क्या वह आपकी बात मानकर आपको समय दे रहा है? या फिर नाराज हो रहा है, इमोशनल ब्लैकमेल कर रहा है या नजरअंदाज कर रहा है? उसकी यह प्रतिक्रिया आपको बताएगी कि वो आपसे प्यार करता है या सिर्फ अपनी जरूरतें पूरी करना चाहता है। 4. गिल्ट से पूरी तरह बाहर निकलें कई बार लड़कियां ‘ना’ कहने के बाद खुद को दोषी महसूस करने लगती हैं। उन्हें लगता है कि उन्होंने पार्टनर का दिल दुखाया है। यह समझना जरूरी है कि अपनी बॉडी और लाइफ पर आपका पूरा अधिकार है। ‘ना’ कहना आपका बुनियादी हक है। खुद को यह बताएं कि आपने कोई गलती नहीं की है। ……………… ये खबर भी पढ़िए रिलेशनशिप एडवाइज- कहीं मुझे प्यार तो नहीं हो गया: हमेशा बस उसका ही ख्याल, न देखूं तो बेचैनी, ये प्यार है या सिर्फ अट्रैक्शन आप जीवन के उस पड़ाव पर हैं, जहां भावनाएं बहुत तीव्र होती हैं। इस उम्र में किसी की तरफ अट्रैक्ट होना, हर वक्त उसके बारे में सोचना, बेचैनी होना बहुत स्वाभाविक है। आगे पढ़िए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Shefali Bagga Denies Yuzvendra Chahal Dating Rumors

Shefali Bagga Denies Yuzvendra Chahal Dating Rumors

13 मिनट पहले कॉपी लिंक इंडियन क्रिकेट युजवेंद्र चहल के साथ अफेयर की खबरों पर अब स्पोर्ट्स एंकर शेफाली बग्गा ने चुप्पी तोड़ी है। दरअसल धनश्री वर्मा से अलग होने के बाद चहल का नाम लगातार शेफाली के साथ जोड़ा जा रहा है। हाल ही में एक पॉडकास्ट में शेफाली ने इन अफवाहों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि लोग बहुत जल्दी किसी भी मुलाकात को गलत नाम दे देते हैं। डिनर करने का मतलब डेटिंग नहीं होता फिल्मीज्ञान के पॉडकास्ट में शेफाली बग्गा ने कहा कि वे डेटिंग की खबरों से अब परेशान हो चुकी हैं। उन्होंने कहा, मुझे हैरानी होती है कि लोगों की सोच कितनी छोटी है। अगर आप किसी के साथ डिनर पर जाते हैं, तो लोग उसे डेटिंग समझ लेते हैं। यह बहुत अजीब है। बता दें कि कुछ समय पहले चहल और शेफाली एक साथ नजर आए थे, जिसके बाद से ही सोशल मीडिया पर उनके अफेयर की चर्चा शुरू हो गई थी। क्रिकेटर से शादी करने के सवाल पर दिया जवाब पॉडकास्ट के दौरान जब शेफाली से पूछा गया कि क्या वे किसी क्रिकेटर से शादी करेंगी? इस पर उन्होंने साफ मना कर दिया। शेफाली ने कहा, क्रिकेट मेरा प्रोफेशन है। मैं अपनी पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ को मिक्स नहीं करना चाहती। इसलिए मैं किसी क्रिकेटर से शादी नहीं करना चाहूंगी। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें अब इन अफवाहों से फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि उन्हें और उनके परिवार को सच पता है। विराट कोहली जैसा पार्टनर चाहती हैं शेफाली शादी और लाइफ पार्टनर के सवाल पर शेफाली ने कहा कि वे भविष्य में विराट कोहली जैसा पार्टनर चाहती हैं। उन्हें विराट कोहली और अनुष्का शर्मा की जोड़ी परफेक्ट लगती है। शेफाली के मुताबिक, वे विराट जैसी पर्सनैलिटी और कमिटमेंट वाला इंसान अपनी जिंदगी में चाहती हैं। बिग बॉस से मिली थी पहचान शेफाली बग्गा स्पोर्ट्स एंकरिंग की दुनिया में चर्चित नाम हैं। वे ‘बिग बॉस 13’ में बतौर कंटेस्टेंट नजर आई थीं, जहां से उन्हें काफी लोकप्रियता मिली। शेफाली के करियर की बात करें तो वे कई बड़े क्रिकेट इवेंट्स होस्ट कर चुकी हैं और सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव रहती हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Shefali Bagga Denies Yuzvendra Chahal Dating Rumors

Shefali Bagga Denies Yuzvendra Chahal Dating Rumors

41 मिनट पहले कॉपी लिंक इंडियन क्रिकेट युजवेंद्र चहल के साथ अफेयर की खबरों पर अब स्पोर्ट्स एंकर शेफाली बग्गा ने चुप्पी तोड़ी है। दरअसल धनश्री वर्मा से अलग होने के बाद चहल का नाम लगातार शेफाली के साथ जोड़ा जा रहा है। हाल ही में एक पॉडकास्ट में शेफाली ने इन अफवाहों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि लोग बहुत जल्दी किसी भी मुलाकात को गलत नाम दे देते हैं। डिनर करने का मतलब डेटिंग नहीं होता फिल्मीज्ञान के पॉडकास्ट में शेफाली बग्गा ने कहा कि वे डेटिंग की खबरों से अब परेशान हो चुकी हैं। उन्होंने कहा, मुझे हैरानी होती है कि लोगों की सोच कितनी छोटी है। अगर आप किसी के साथ डिनर पर जाते हैं, तो लोग उसे डेटिंग समझ लेते हैं। यह बहुत अजीब है। बता दें कि कुछ समय पहले चहल और शेफाली एक साथ नजर आए थे, जिसके बाद से ही सोशल मीडिया पर उनके अफेयर की चर्चा शुरू हो गई थी। क्रिकेटर से शादी करने के सवाल पर दिया जवाब पॉडकास्ट के दौरान जब शेफाली से पूछा गया कि क्या वे किसी क्रिकेटर से शादी करेंगी? इस पर उन्होंने साफ मना कर दिया। शेफाली ने कहा, क्रिकेट मेरा प्रोफेशन है। मैं अपनी पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ को मिक्स नहीं करना चाहती। इसलिए मैं किसी क्रिकेटर से शादी नहीं करना चाहूंगी। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें अब इन अफवाहों से फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि उन्हें और उनके परिवार को सच पता है। विराट कोहली जैसा पार्टनर चाहती हैं शेफाली शादी और लाइफ पार्टनर के सवाल पर शेफाली ने कहा कि वे भविष्य में विराट कोहली जैसा पार्टनर चाहती हैं। उन्हें विराट कोहली और अनुष्का शर्मा की जोड़ी परफेक्ट लगती है। शेफाली के मुताबिक, वे विराट जैसी पर्सनैलिटी और कमिटमेंट वाला इंसान अपनी जिंदगी में चाहती हैं। बिग बॉस से मिली थी पहचान शेफाली बग्गा स्पोर्ट्स एंकरिंग की दुनिया में चर्चित नाम हैं। वे ‘बिग बॉस 13’ में बतौर कंटेस्टेंट नजर आई थीं, जहां से उन्हें काफी लोकप्रियता मिली। शेफाली के करियर की बात करें तो वे कई बड़े क्रिकेट इवेंट्स होस्ट कर चुकी हैं और सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव रहती हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

‘गिन्नी वेड्स सनी 2’ में हंसी, प्यार और ट्विस्ट:मेधा बोलीं- रिश्ते में साथ होना सबसे खूबसूरत, अविनाश बोले- शादी से जीवन का मकसद मिलता है

‘गिन्नी वेड्स सनी 2’ में हंसी, प्यार और ट्विस्ट:मेधा बोलीं- रिश्ते में साथ होना सबसे खूबसूरत, अविनाश बोले- शादी से जीवन का मकसद मिलता है

बॉलीवुड एक्टर अविनाश तिवारी और एक्ट्रेस मेधा शंकर की फिल्म ‘गिन्नी वेड्स सनी 2’ जल्द रिलीज होगी। यह सिर्फ लव स्टोरी नहीं, बल्कि रिश्तों, परिवार और आज के दौर की उलझनों को हल्के-फुल्के अंदाज में दिखाती है। दैनिक भास्कर से बातचीत में मेधा शंकर ने कहा कि स्क्रिप्ट सुनते ही वह कहानी से जुड़ गईं। गिन्नी का किरदार उन्हें बेहद रिलेटेबल लगा, जिसकी जिंदगी, प्यार और परिवार असली जैसे हैं। अविनाश तिवारी ने कहा कि शुरुआत में वह कंफ्यूज थे, लेकिन कहानी की ताजगी और ह्यूमर ने उन्हें बांध लिया। दोनों का कहना है कि फिल्म में कॉमेडी के साथ मजबूत इमोशन भी हैं, जो दर्शकों को हंसाने के साथ छूएंगे। रिश्तों की सच्चाई, शादी का दबाव और प्यार की उलझनें फिल्म को खास बनाते हैं। अविनाश तिवारी और मेधा शंकर ने पर्सनल लाइफ, रिश्तों और एक-दूसरे की खूबियों-कमियों पर बात की। पेश हैं कुछ खास अंश। सवाल : ‘गिन्नी वेड्स सनी 2’ आपके लिए क्या है? स्क्रिप्ट में ऐसा क्या था, जिससे आपने इसे चुना? जवाब (मेधा शंकर): यह स्क्रिप्ट राइटर और डायरेक्टर प्रशांत वर्मा ने सुनाई थी। मैं बहुत कम बार इतनी जोर से हंसी हूं जितनी इसे सुनते वक्त हंसी। तभी लगा कि यह फिल्म खास है। मुझे गिन्नी का किरदार अपने जैसा लगा। उसकी लव स्टोरी और परिवार बहुत रिलेटेबल हैं। फिल्म का परिवार थोड़ा पागलपन भरा लेकिन असली लगता है। हर किरदार असली है और प्यार की कहानी दिल छूने वाली है। फिल्म में मजा और कॉमेडी है। स्क्रिप्ट सुनकर ही मैं तैयार हो गई थी। सवाल : अविनाश, आपको फिल्म में क्या खास लगा? जवाब (अविनाश तिवारी): जब प्रशांत ने कहानी सुनाई, तो मैं हर 3-4 मिनट में हंस रहा था। सच बताऊं, शुरू में मन था कि फिल्म मना कर दूं, क्योंकि मैं कुछ अलग करना चाहता था। लेकिन जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ी, लगा कि मैं यही तलाश कर रहा था। यह शादी वाली फिल्म है, लेकिन अलग और ताजा तरीके से बनाई गई है। सवाल : कहानी में आपको क्या सबसे ज्यादा रिलेटेबल लगा? जवाब (अविनाश तिवारी): इसमें दो लोगों की कहानी है, जिनकी शादी नहीं हो रही। क्यों नहीं हो रही, यही दिलचस्प है। रिश्ते की उलझनें और परिवार के ताने असली लगते हैं। लगा जैसे मेरे घर के लोग ऐसी बातें करते हैं। रिश्तों की आज की समस्याएं इसमें साफ दिखती हैं। इसलिए लगा कि लोग इस कहानी से जुड़ पाएंगे। सवाल : क्या इस फिल्म ने आपको भावनात्मक रूप से प्रभावित किया? जवाब (अविनाश तिवारी): हां, इस कहानी ने मुझे हंसाया और रुलाया। पहली बार सुनकर सभी भावनाएं महसूस हुईं। बाद में स्क्रिप्ट पढ़ी और पता चला कि गिन्नी के लिए मेधा को लिया जा रहा है, तो यह और खास हो गया। साथ ही निर्माता विनोद बच्चन जुड़े थे, जिनका मैं सम्मान करता हूं। इन वजहों से मैंने फिल्म करने का फैसला किया। सवाल : क्या आपने रिश्ते में कोई मजेदार झूठ बोला है, जिससे बड़ी स्थिति बनी हो? जवाब (मेधा शंकर): नहीं, मैंने झूठ नहीं बोला। लेकिन रिश्तों में उलझनें और हल्का कन्फ्यूजन हुआ है। अविनाश तिवारी: मुझमें इतनी हिम्मत नहीं हुई कि रिश्ते में झूठ बोलूं। लेकिन फिल्म की तरह अलग और जोखिम भरा प्यार खूबसूरत होता है। सवाल: आपको आपका एक्शन अवतार पसंद किया जाता है, क्या इसमें कुछ ऐसा देखने को मिलेगा? जवाब (अविनाश तिवारी): इस फिल्म में भी मैंने एक्शन किया है। लोगों को उठाकर पटका भी है। अब दर्शक देखेंगे कि किसे किसने पटका! सवाल : शादी करने और न करने के तीन-तीन फायदे क्या हैं? जवाब (अविनाश तिवारी): शादी के फायदे हैं कि जीवन में उद्देश्य मिलता है, अनुशासन आता है और जिंदगी साझा करने का मौका मिलता है। न करने के फायदे हैं कि जवाब नहीं देना पड़ता, अपनी मर्जी से जी सकते हैं और कोई टोकने वाला नहीं होता। मेधा शंकर: मेरे लिए शादी और रिश्ता लगभग एक जैसे हैं। सही इंसान के साथ हों, तो जिंदगी में ज्यादा फर्क नहीं पड़ता। सबसे खूबसूरत बात है कि कोई आपकी जिंदगी का गवाह बनता है, खुशियां और तकलीफें साझा होती हैं। सवाल : रिश्ते में किन चीजों का नहीं होना चाहिए? जवाब (अविनाश तिवारी): व्यक्ति को डिफेंसिव नहीं होना चाहिए। गलती बताने पर उसे स्वीकार कर सुधार करना चाहिए। साथ ही वैल्यू सिस्टम मिलना चाहिए और हास्य भाव होना चाहिए। सवाल : आदर्श साथी में कौन-सी खूबियां होनी चाहिए? जवाब (मेधा शंकर): मेरे लिए यह बेसिक चीजें हैं- प्यार, ईमानदारी और वफादारी। कोई ऐसा हो जो जिंदगी समझे, साथ खड़ा रहे और खुशी-दुख का हिस्सा बने। सवाल : रिश्ते से आपकी क्या उम्मीदें हैं? जवाब (अविनाश तिवारी): मुझे साफ नहीं है कि क्या उम्मीद करनी चाहिए। लगता है सच्चा प्यार होगा, तभी मैं सामने वाले को समझूंगा और खुद को बेहतर बना पाऊंगा। सवाल: आप दोनों एक-दूसरे की दो अच्छी बातें और एक कमी बताएं? जवाब (मेधा शंकर): अविनाश समझदार हैं और अच्छी बातें करते हैं। कविता भी अच्छी करते हैं। वह संवेदनशील इंसान हैं। कमी यह है कि कभी-कभी डिफेंसिव हो जाते हैं। अविनाश तिवारी: मेधा मुश्किल समय में भी अपनी कोमलता बनाए रखती हैं। वह अपने विचारों पर मजबूती से खड़ी रहती हैं और जहां जाती हैं, वहां खुशी का माहौल बनाती हैं। जहां तक कमी की बात है, मुझे उनकी कोई कमी नहीं दिखी।

‘गिन्नी वेड्स सनी 2’ में हंसी, प्यार और ट्विस्ट:मेधा बोलीं- रिश्ते में साथ होना सबसे खूबसूरत, अविनाश बोले- शादी से जीवन का मकसद मिलता है

‘गिन्नी वेड्स सनी 2’ में हंसी, प्यार और ट्विस्ट:मेधा बोलीं- रिश्ते में साथ होना सबसे खूबसूरत, अविनाश बोले- शादी से जीवन का मकसद मिलता है

बॉलीवुड एक्टर अविनाश तिवारी और एक्ट्रेस मेधा शंकर की फिल्म ‘गिन्नी वेड्स सनी 2’ जल्द रिलीज होगी। यह सिर्फ लव स्टोरी नहीं, बल्कि रिश्तों, परिवार और आज के दौर की उलझनों को हल्के-फुल्के अंदाज में दिखाती है। दैनिक भास्कर से बातचीत में मेधा शंकर ने कहा कि स्क्रिप्ट सुनते ही वह कहानी से जुड़ गईं। गिन्नी का किरदार उन्हें बेहद रिलेटेबल लगा, जिसकी जिंदगी, प्यार और परिवार असली जैसे हैं। अविनाश तिवारी ने कहा कि शुरुआत में वह कंफ्यूज थे, लेकिन कहानी की ताजगी और ह्यूमर ने उन्हें बांध लिया। दोनों का कहना है कि फिल्म में कॉमेडी के साथ मजबूत इमोशन भी हैं, जो दर्शकों को हंसाने के साथ छूएंगे। रिश्तों की सच्चाई, शादी का दबाव और प्यार की उलझनें फिल्म को खास बनाते हैं। अविनाश तिवारी और मेधा शंकर ने पर्सनल लाइफ, रिश्तों और एक-दूसरे की खूबियों-कमियों पर बात की। पेश हैं कुछ खास अंश। सवाल : ‘गिन्नी वेड्स सनी 2’ आपके लिए क्या है? स्क्रिप्ट में ऐसा क्या था, जिससे आपने इसे चुना? जवाब (मेधा शंकर): यह स्क्रिप्ट राइटर और डायरेक्टर प्रशांत वर्मा ने सुनाई थी। मैं बहुत कम बार इतनी जोर से हंसी हूं जितनी इसे सुनते वक्त हंसी। तभी लगा कि यह फिल्म खास है। मुझे गिन्नी का किरदार अपने जैसा लगा। उसकी लव स्टोरी और परिवार बहुत रिलेटेबल हैं। फिल्म का परिवार थोड़ा पागलपन भरा लेकिन असली लगता है। हर किरदार असली है और प्यार की कहानी दिल छूने वाली है। फिल्म में मजा और कॉमेडी है। स्क्रिप्ट सुनकर ही मैं तैयार हो गई थी। सवाल : अविनाश, आपको फिल्म में क्या खास लगा? जवाब (अविनाश तिवारी): जब प्रशांत ने कहानी सुनाई, तो मैं हर 3-4 मिनट में हंस रहा था। सच बताऊं, शुरू में मन था कि फिल्म मना कर दूं, क्योंकि मैं कुछ अलग करना चाहता था। लेकिन जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ी, लगा कि मैं यही तलाश कर रहा था। यह शादी वाली फिल्म है, लेकिन अलग और ताजा तरीके से बनाई गई है। सवाल : कहानी में आपको क्या सबसे ज्यादा रिलेटेबल लगा? जवाब (अविनाश तिवारी): इसमें दो लोगों की कहानी है, जिनकी शादी नहीं हो रही। क्यों नहीं हो रही, यही दिलचस्प है। रिश्ते की उलझनें और परिवार के ताने असली लगते हैं। लगा जैसे मेरे घर के लोग ऐसी बातें करते हैं। रिश्तों की आज की समस्याएं इसमें साफ दिखती हैं। इसलिए लगा कि लोग इस कहानी से जुड़ पाएंगे। सवाल : क्या इस फिल्म ने आपको भावनात्मक रूप से प्रभावित किया? जवाब (अविनाश तिवारी): हां, इस कहानी ने मुझे हंसाया और रुलाया। पहली बार सुनकर सभी भावनाएं महसूस हुईं। बाद में स्क्रिप्ट पढ़ी और पता चला कि गिन्नी के लिए मेधा को लिया जा रहा है, तो यह और खास हो गया। साथ ही निर्माता विनोद बच्चन जुड़े थे, जिनका मैं सम्मान करता हूं। इन वजहों से मैंने फिल्म करने का फैसला किया। सवाल : क्या आपने रिश्ते में कोई मजेदार झूठ बोला है, जिससे बड़ी स्थिति बनी हो? जवाब (मेधा शंकर): नहीं, मैंने झूठ नहीं बोला। लेकिन रिश्तों में उलझनें और हल्का कन्फ्यूजन हुआ है। अविनाश तिवारी: मुझमें इतनी हिम्मत नहीं हुई कि रिश्ते में झूठ बोलूं। लेकिन फिल्म की तरह अलग और जोखिम भरा प्यार खूबसूरत होता है। सवाल: आपको आपका एक्शन अवतार पसंद किया जाता है, क्या इसमें कुछ ऐसा देखने को मिलेगा? जवाब (अविनाश तिवारी): इस फिल्म में भी मैंने एक्शन किया है। लोगों को उठाकर पटका भी है। अब दर्शक देखेंगे कि किसे किसने पटका! सवाल : शादी करने और न करने के तीन-तीन फायदे क्या हैं? जवाब (अविनाश तिवारी): शादी के फायदे हैं कि जीवन में उद्देश्य मिलता है, अनुशासन आता है और जिंदगी साझा करने का मौका मिलता है। न करने के फायदे हैं कि जवाब नहीं देना पड़ता, अपनी मर्जी से जी सकते हैं और कोई टोकने वाला नहीं होता। मेधा शंकर: मेरे लिए शादी और रिश्ता लगभग एक जैसे हैं। सही इंसान के साथ हों, तो जिंदगी में ज्यादा फर्क नहीं पड़ता। सबसे खूबसूरत बात है कि कोई आपकी जिंदगी का गवाह बनता है, खुशियां और तकलीफें साझा होती हैं। सवाल : रिश्ते में किन चीजों का नहीं होना चाहिए? जवाब (अविनाश तिवारी): व्यक्ति को डिफेंसिव नहीं होना चाहिए। गलती बताने पर उसे स्वीकार कर सुधार करना चाहिए। साथ ही वैल्यू सिस्टम मिलना चाहिए और हास्य भाव होना चाहिए। सवाल : आदर्श साथी में कौन-सी खूबियां होनी चाहिए? जवाब (मेधा शंकर): मेरे लिए यह बेसिक चीजें हैं- प्यार, ईमानदारी और वफादारी। कोई ऐसा हो जो जिंदगी समझे, साथ खड़ा रहे और खुशी-दुख का हिस्सा बने। सवाल : रिश्ते से आपकी क्या उम्मीदें हैं? जवाब (अविनाश तिवारी): मुझे साफ नहीं है कि क्या उम्मीद करनी चाहिए। लगता है सच्चा प्यार होगा, तभी मैं सामने वाले को समझूंगा और खुद को बेहतर बना पाऊंगा। सवाल: आप दोनों एक-दूसरे की दो अच्छी बातें और एक कमी बताएं? जवाब (मेधा शंकर): अविनाश समझदार हैं और अच्छी बातें करते हैं। कविता भी अच्छी करते हैं। वह संवेदनशील इंसान हैं। कमी यह है कि कभी-कभी डिफेंसिव हो जाते हैं। अविनाश तिवारी: मेधा मुश्किल समय में भी अपनी कोमलता बनाए रखती हैं। वह अपने विचारों पर मजबूती से खड़ी रहती हैं और जहां जाती हैं, वहां खुशी का माहौल बनाती हैं। जहां तक कमी की बात है, मुझे उनकी कोई कमी नहीं दिखी।