Sunday, 08 Nov 2026 | 02:59 PM

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DGCA VVIP Flights Rules 2026 Update; Pilot Political Leaders

DGCA VVIP Flights Rules 2026 Update; Pilot Political Leaders

Hindi News National DGCA VVIP Flights Rules 2026 Update; Pilot Political Leaders | Ajit Pawar Plane Crash नई दिल्ली2 दिन पहले कॉपी लिंक यह तस्वीर 28 जनवरी की है जब प्लेन हादसे में अजित पवार की मौत हो गई थी। प्लेन का अगला हिस्सा पूरी तरह जल गया था। VIP और VVIP (जैसे मुख्यमंत्री, राज्यपाल आदि) को ले जाने वाले नॉन-शेड्यूल्ड विमान और हेलिकॉप्टर ऑपरेटर्स के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। DGCA ने साफ कहा है कि फ्लाइट क्रू पर किसी भी तरह का दबाव नहीं डाला जाए, ताकि सुरक्षा से समझौता न हो। DGCA के मुताबिक वीआईपी की जरूरत के नाम पर आखिरी वक्त में होने वाले बदलाव सीधे क्रू से नहीं, सिर्फ ऑपरेटर्स मैनेजमेंट के जरिए ही कराए जाएं। मौसम से जुड़े नियमों का पालन करना होगा। क्रू के फैसले का सम्मान करना होगा। नई गाइडलाइन में ध्यान रखा गया है कि वीआईपी मूवमेंट के चक्कर में पायलट थकावट का शिकार न हों। अब अगर कोई नेता दबाव डालता है, तो पायलट सीधे मना कर सकता है और उसकी जवाबदेही ‘मैनेजमेंट’ की होगी, न कि व्यक्तिगत पायलट की। दरअसल, 28 जनवरी को बारामती एयरपोर्ट पर प्लेन क्रैश में अजित पवार समेत 5 लोगों की मौत हुई थी। जिसके बाद से DGCA ने वीआईपी मूवमेंट्स को लेकर नियमों में बदलाव किया है। अजित पवार प्लेन हादसे में बेंगलुरु में जीरो FIR दर्ज की गई महाराष्ट्र के बारामती में हुए विमान हादसे में डिप्टी सीएम अजित पवार की मौत के मामले में बेंगलुरु में जीरो FIR दर्ज की गई है। FIR उनके भतीजे और एनसीपी (एसपी) विधायक रोहित पवार की शिकायत पर दर्ज हुई है। उन्होंने हादसे को आपराधिक साजिश बताया है। उन्होंने FIR में 5 मुख्य आरोप लगाए हैं। रोहित ने कहा कि उन्होंने मुंबई के मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन, बारामती पुलिस और महाराष्ट्र CID से संपर्क किया, लेकिन कहीं भी FIR दर्ज नहीं की गई। इसके बाद उन्होंने 23 मार्च को बेंगलुरु में जीरो पर FIR दर्ज कराई। जहां अपराध हुआ है उसे छोड़कर देश के किसी भी थाने में उस अपराध की FIR दर्ज कराई जाती है तब उसे जीरो FIR कहते हैं। इसे फिर संबंधित थाने में ट्रांसफर कर दिया जाता है। कर्नाटक पुलिस ने केस दर्ज कर इसे महाराष्ट्र पुलिस को ट्रांसफर कर दिया है। रोहित ने FIR में 5 आरोप लगाए… आधिकारिक लॉग में विमान का रन टाइम 4,915 उड़ान घंटे दर्ज हैं, जबकि दावा है कि विमान ने 8,000 घंटे से ज्यादा उड़ान भरी है। कम विजिबिलिटी के बावजूद विजुअल फ्लाइट रूल्स के तहत विमान को लैंडिंग की अनुमति दी गई। आखिरी समय पर क्रू बदला गया और पायलट सुमित कपूर को शामिल किया गया। हादसे से कुछ समय पहले VSR वेंचर्स ने पायलट सुमित कपूर के नाम पर लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी ली थी। पायलट सुमित कपूर पहले शराब से जुड़े मामलों में निलंबित रह चुके हैं। CBI जांच में देरी पर सवाल जांच में अब तक क्या-क्या सामने आया… दावा-अजित का प्लेन क्रैश लैंडिंग से पहले पेड़ों से टकराया एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने बारामती प्लेन क्रैश पर 22 पेज की प्राइमरी रिपोर्ट जारी की थी। AAIB ने क्रैश साइट के पास के गांव में लगे CCTV फुटेज का हवाला देते हुए कहा कि हादसे से पहले प्लेन दायीं ओर मुड़ा, पेड़ों और फिर जमीन से टकराया। इससे उसमें आग लग गई और पूरा कॉकपिट, केबिन जल गया। पोस्ट-फ्लाइट चेक में कोई गड़बड़ी नहीं मिली थी AAIB की रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 27 जनवरी को प्लेन एक उड़ान पूरी करके मुंबई लौटा था। पोस्ट-फ्लाइट चेक के बाद टेक्नीशियन को उसमें कोई गड़बड़ी नहीं मिली। दरअसल, 26 जनवरी को VSR वेंचर्स के एयरक्राफ्ट VT-SSK ने मुंबई-सूरत-मुंबई सेक्टर के लिए एक चार्टर फ्लाइट ऑपरेट की थी। यह 27 जनवरी की रात 12.20 बजे मुंबई वापस आई। अगले दिन यानी 28 जनवरी को इसी एयरक्राफ्ट को सुबह करीब 8.09 बजे टेक ऑफ क्लियरेंस दिया गया था। पुणे ATC के बाद, प्लेन सुबह 8.19 बजे बारामती टावर के संपर्क में आया। बाद में कंट्रोलर ने पायलटों को बताया कि विजिबिलिटी 3 किलोमीटर थी। हालांकि, एयरक्राफ्ट ने अप्रोच जारी रखा और बाद में गो-अराउंड किया। दूसरे अप्रोच के दौरान एयरक्राफ्ट ने फील्ड इन साइट की रिपोर्ट दी। बाद में बारामती टावर ने रनवे 11 के लिए लैंडिंग क्लियरेंस दिया। लियरजेट 45 वीएसआर वेंचर्स का जेट, मुख्यालय दिल्ली में VSR वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड नई दिल्ली स्थित एक नॉन-शेड्यूल्ड एयर ऑपरेटर कंपनी है। यह कंपनी प्राइवेट जेट चार्टर्ड, मेडिकल इवेक्युएशन (एयर एम्बुलेंस) और एविएशन कंसल्टेंसी का काम करती है। जिस लियरजेट 45XR विमान का बारामती में एक्सीडेंट हुआ, उसे 1990 के दशक में ‘सुपर-लाइट’ बिजनेस कैटेगरी के तहत बनाया गया था। इसे लग्जरी और तेज रफ्तार कॉर्पोरेट उड़ानों के लिए जाना जाता है। ———— ये खबर भी पढ़ें… अजित पवार प्लेन क्रैश मामला:भतीजे रोहित का सवाल- CID ने VSR के मालिक से पूछताछ की या मेहमाननवाजी की, अभी तक FIR क्यों नहीं महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार के प्लेन क्रैश मामले में अजित के भतीजे रोहित पवार ने महाराष्ट्र सीआईडी की जांच पर सवाल खड़े किए। उन्होंने X पोस्ट में लिखा, ‘CID ने विमान कंपनी VSR के मालिक सिंह से पूछताछ की या उनकी मेहमाननवाजी की है।’ पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Singapore Court Rules Accident, Not Murder

Singapore Court Rules Accident, Not Murder

2 घंटे पहले कॉपी लिंक 19 सितंबर 2025 को सिंगापुर में जुबीन गर्ग की मौत हो गई थी। सिंगापुर की एक अदालत ने असम के फेमस सिंगर जुबीन गर्ग की मौत पर फैसला सुनाया है। बुधवार को वहां की स्टेट कोरोनर कोर्ट ने पुलिस की जांच रिपोर्ट को सही ठहराते हुए कहा कि सिंगर की मौत एक दर्दनाक हादसा थी। इसमें किसी भी तरह की साजिश नहीं पाई गई है। पिछले साल सितंबर में एक आइलैंड के पास जुबीन की डूबने से मौत हो गई थी, जिसके बाद उनकी पत्नी और परिवार ने जांच पर सवाल उठाए थे। अदालत में पेश की गई रिपोर्ट के मुताबिक, 52 साल के जुबीन गर्ग घटना के समय भारी नशे में थे। उनकी टॉक्सिकोलॉजी रिपोर्ट में ब्लड अल्कोहल की मात्रा 333 मिलीग्राम पाई गई, जो सिंगापुर की कानूनी सीमा (80 मिलीग्राम) से चार गुना से भी ज्यादा थी। जुबीन अपने दोस्तों के साथ लाजरस आइलैंड के पास एक यॉट पर पार्टी कर रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। नशे की वजह से डूबे जुबीन कोरोनर ने कहा कि इतने नशे की वजह से वे सही फैसला नहीं ले पा रहे थे। उन्होंने पहले तो लाइफ जैकेट पहनी थी, लेकिन पहली बार तैरने के बाद उसे उतार दिया। दूसरी बार जब वे पानी में उतरे, तो कैप्टन और दूसरे साथियों के टोकने के बावजूद उन्होंने लाइफ जैकेट पहनने से साफ मना कर दिया था। पत्नी के आरोपों को कोर्ट ने किया खारिज जुबीन की पत्नी ने शक जताया था कि सिंगर को पानी में धक्का दिया गया होगा। इस पर कोरोनर नाखोडा ने साफ किया कि पुलिस ने बहुत बारीकी से जांच की है। ऐसा कोई सबूत नहीं मिला जिससे लगे कि किसी ने उन्हें मजबूर किया या धक्का दिया। यहां तक कि उन्हें बचाने की कोशिश करने वाले लोगों ने भी पूरी जान लगाई थी। कोर्ट ने कहा कि जुबीन अपनी मर्जी से तैरने के लिए पानी में उतरे थे और डूबने के दौरान किसी ने भी उनका चेहरा जानबूझकर पानी के नीचे नहीं दबाया था। पिछले साल सितंबर में मौत हुई थी यह घटना 19 सितंबर 2025 की है। जुबीन गर्ग सिंगापुर में भारत और सिंगापुर के बीच 60 साल के कूटनीतिक रिश्तों के जश्न में शामिल होने गए थे। उन्हें वहां ‘नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल’ में परफॉर्म करना था। वे असम और पूरे उत्तर-पूर्व भारत के सबसे चहेते गायकों में से एक थे। सिंगर की मौत की खबर मिलते ही उस बड़े आयोजन को रद्द कर दिया गया था। जुबीन अपने दोस्तों के साथ लाजरस आइलैंड के पास एक यॉट पर पार्टी कर रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। भारत में फास्ट-ट्रैक कोर्ट में मामला दूसरी तरफ गुवाहाटी हाईकोर्ट ने असम के सिंगर जुबीन गर्ग की मौत के मामले की हर दिन सुनवाई के लिए एक विशेष फास्ट-ट्रैक सेशन कोर्ट बनाई है। बक्सा जिले की जिला जज शर्मिला भुइयां इस फास्ट-ट्रैक कोर्ट की अध्यक्षता करेंगी। गुवाहाटी हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस ने ये नियुक्ति की है। असम पुलिस की CID की विशेष जांच टीम (SIT) ने इस मामले की जांच की और स्थानीय कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की, जिसमें सात लोगों को आरोपी बनाया गया है। असम के तिनसुकिया में जन्मे, अभिनेता और निर्देशक रहे जुबीन का जन्म 18 नवंबर 1972 को असम के तिनसुकिया जिले में हुआ था। वे असमिया और हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में गायक, संगीतकार, गीतकार, अभिनेता और निर्देशक रहे। उन्होंने असमिया, हिंदी, बांग्ला और अंग्रेजी में गाना गाए। इसके अलावा सिंगर ने बिष्णुप्रिया मणिपुरी, आदि, बोरो, अंग्रेजी, गोलपारिया, कन्नड़, कार्बी, खासी, मलयालम, मराठी, मिसिंग, नेपाली, उड़िया, संस्कृत, सिंधी, तमिल, तेलुगु, तिवा सहित 40 भाषाओं और बोलियों में 38 हजार से ज्यादा गाना गए। जुबीन असम के हाईएस्ट पेड सिंगर थे। ——————————- ये खबर भी पढ़ें जुबीन गर्ग केस की सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाई:बक्सा जिला जज अध्यक्षता करेंगी, हर दिन सुना जाएगा मामला गुवाहाटी हाईकोर्ट ने असम के सिंगर जुबीन गर्ग की मौत के मामले की हर दिन सुनवाई के लिए एक विशेष फास्ट-ट्रैक सेशन कोर्ट बनाई है। बक्सा जिले की जिला जज शर्मिला भुइयां इस फास्ट-ट्रैक कोर्ट की अध्यक्षता करेंगी। पूरी खबर पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Gas Pipeline Rules 2026; LPG Cylinder Crisis Vs PNG Connection

Gas Pipeline Rules 2026; LPG Cylinder Crisis Vs PNG Connection

Hindi News Business Gas Pipeline Rules 2026; LPG Cylinder Crisis Vs PNG Connection | Iran War नई दिल्ली1 दिन पहले कॉपी लिंक देश में LPG कनेक्शन करीब 33.2 करोड़ हैं, वहीं PNG अभी 1.65 करोड़ घरों तक ही पहुंची है। अगर आपके घर के पास गैस पाइपलाइन आ गई है और आपने PNG कनेक्शन नहीं लिया है, तो अगले 3 महीने में आपके घर आने वाला LPG सिलेंडर बंद कर दिया जाएगा। मिडिल-ईस्ट में जारी युद्ध और गैस की किल्लत को देखते हुए केंद्र सरकार ने ‘नेचुरल गैस और पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स डिस्ट्रीब्यूशन ऑर्डर 2026’ लागू किया है। इसके तहत अब पाइप वाली गैस (PNG) का कनेक्शन लेना अनिवार्य होगा। हालांकि, इसके लिए पहले नोटिस दिया जाएगा। सूचना मिलने के बाद भी अगर कोई कनेक्शन नहीं लेता, तो 90 दिन बाद उसकी LPG सप्लाई रोक दी जाएगी। साथ ही सोसाइटियों को 3 दिन में पाइपलाइन की मंजूरी भी देनी होगी। सरकार के गजट नोटिफिकेशन के 7वें पॉइंट में PNG कनेक्शन के लिए बनाए गए नियम बताए गए हैं। नए नियम की 4 बड़ी बातें 1. सोसाइटी को 3 दिन के अंदर मंजूरी देनी होगी कई बार हाउसिंग सोसायटियों या RWA (रेसिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन) के विरोध की वजह से पाइपलाइन का काम रुक जाता था। अब ऐसा नहीं होगा। अगर कोई कंपनी पाइपलाइन के लिए रास्ता मांगती है, तो सोसाइटी को 3 दिन के अंदर मंजूरी देनी होगी। अगर सोसाइटी ने मना किया या देरी की, तो वहां रहने वाले सभी घरों की LPG सप्लाई पर रोक लगाई जाएगी। 2. छोटे इलाकों को 10 दिन में मंजूरी मिलेगी पाइपलाइन बिछाने के लिए अब सरकारी विभागों को फाइलों को अटकाने की इजाजत नहीं है। छोटे नेटवर्क के लिए 10 दिन और बड़ी लाइनों के लिए 60 दिन में मंजूरी देना अनिवार्य है। अगर विभाग तय समय में जवाब नहीं देता, तो उसे ‘डीम्ड क्लियरेंस’ यानी ‘ऑटोमैटिक मंजूरी’ मान लिया जाएगा और काम शुरू कर दिया जाएगा। 3. पाइपलाइन के लिए जमीन मालिक को दोगुना मुआवजा अगर पाइपलाइन किसी की निजी जमीन से गुजर रही है, तो अब मुआवजे को लेकर सालों तक केस नहीं चलेंगे। सरकार ने इसके लिए एक फिक्स फॉर्मूला बना दिया है: जमीन के कमर्शियल सर्किल रेट का 30% हिस्सा मालिक को मुआवजे के तौर पर दिया जाएगा। जमीन मालिक अगर आवेदन मिलने के 24 घंटे में मंजूरी दे देता है, तो उसे दोगुना यानी 60% मुआवजा मिलेगा। अगर जमीन मालिक मंजूरी नहीं देता है, तो ‘डेजिग्नेटेड अथॉरिटी’ (कलेक्टर या अन्य अधिकारी) फैसला लेंगे। 4. क्या यह आपकी सुरक्षा और बचत के लिए है? सरकार ने नया आदेश ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम’ के तहत जारी किया है, ताकि युद्ध जैसे हालात में भी आपको रसोई गैस की कमी न पड़े। फायदा: आपको सिलेंडर बुकिंग या खत्म होने की टेंशन नहीं रहेगी। नुकसान: जो लोग अपनी मर्जी से सिलेंडर इस्तेमाल करना चाहते हैं, उनके पास अब विकल्प सीमित हो जाएंगे। PNG कनेक्शन वालों को नहीं मिलेगा LPG सिलेंडर सरकार ने 14 मार्च को ही PNG कनेक्शन को लेकर नए नियम जारी किए थे। इसके तहत अगर आपके घर में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन है, तो अब आपको अपना LPG सिलेंडर को सरेंडर करना होगा। नए आदेश के मुताबिक, PNG यूजर्स को न तो नया LPG कनेक्शन मिलेगा और न ही पुराना सिलेंडर रिफिल होगा। सरकार इससे पहले LPG सिलेंडर की सप्लाई को लेकर 4 बार नए नियम जारी कर चुकी है। किराएदार के लिए क्या प्रोसेस होगी? नोटिफिकेशन में लिखा है कि PNG कनेक्शन के लिए आवेदन घर का ‘कानूनी कब्जाधारी’ या ‘मालिक’ कर सकता है। यानी आप किराएदार के तौर पर खुद भी आवेदन कर सकते हैं। आपके पास PNG कनेक्शन लगाने का नोटिस आने पर दो रास्ते हैं मकान मालिक के जरिए: मकान मालिक से बात करके उनके नाम पर कनेक्शन लगवा सकते हैं। यह सबसे आसान तरीका है क्योंकि पाइपलाइन फिक्स्ड प्रॉपर्टी का हिस्सा बन जाती है। किराएदार के नाम पर: गैस कंपनियां किराएदारों को भी कनेक्शन देती हैं। इसके लिए आमतौर पर रेंट एग्रीमेंट और मकान मालिक से एक NOC (अनापत्ति प्रमाणपत्र) की जरूरत होगी। अगर आपके नाम पर पहले से LPG कनेक्शन है तो उसे सरेंडर करना होगा। मकान मालिक PNG लगाने से मना करें तब भी LPG सप्लाई बंद होगी अगर मकान मालिक पाइपलाइन फिटिंग के लिए मना कर देता है, तो भी 90 दिन बाद उस पते पर LPG सप्लाई बंद हो जाएगी। सरकार का नया नियम पते पर आधारित है, व्यक्ति पर नहीं। अगर उस पते पर पाइपलाइन संभव है, तो तेल कंपनियां वहां सिलेंडर देना बंद कर देंगी। घर बदलते समय PNG कनेक्शन सरेंडर कर सकते हैं अगर आप घर बदलते हैं, तो PNG कनेक्शन वहीं रहेगा । घर छोड़ने से पहले गैस कंपनी को इसकी जानकारी देनी होगी। कंपनी अकाउंट बंद कर सिक्योरिटी डिपॉजिट वापस दे देगी। नए घर में अगर PNG नहीं लगी है तो जाकर फिर से वही प्रक्रिया दोहरानी होगी। अगर उस घर के आस-पास पाइपलाइन सुविधा नहीं है, तो फिर से LPG सिलेंडर ले सकते हैं। यूजर्स के लिए 3 बड़े सवाल सवाल: क्या मुझे अभी सिलेंडर लौटाना होगा? जवाब: अभी नहीं। आपके घर तक पाइपलाइन पहुंचने के बाद कंपनी नोटिस देगी, तब आपको 3 महीने का समय मिलेगा। कनेक्शन लेने के बाद ही सिलेंडर लौटाना होगा। सवाल: क्या PNG, सिलेंडर से सस्ती है? जवाब: हां, इसमें आपको सिर्फ इस्तेमाल की गई गैस का पैसा देना होता है और कोई फालतू चार्ज नहीं लगता। यह सुरक्षित भी ज्यादा है। सवाल: अगर मेरे घर तक पाइपलाइन तकनीकी रूप से संभव न हो तो? जवाब: ऐसी स्थिति में आपकी LPG सप्लाई बंद नहीं की जाएगी। यह नियम सिर्फ उन घरों के लिए है जहां पाइपलाइन पहुंचना संभव है। ————— ये खबर भी पढ़ें… रसोई-गैस का विकल्प बनेगा एथेनॉल: सरकार बना रही खास एथेनॉल-चूल्हे; LPG की किल्लत दूर करने के लिए फैसला किया भारत में अब रसोई गैस (LPG) की निर्भरता कम करने के लिए एथेनॉल का इस्तेमाल करने की तैयारी चल रही है। सरकार एथेनॉल बेस्ड कुकिंग स्टोव (चूल्हे) बनाने पर काम रही है। मंगलवार को फूड एंड पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सेक्रेटरी संजीव चोपड़ा ने दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एथेनॉल न

Swiggy Platform Fee Hike & Railway Ticket Refund Rules Update

Swiggy Platform Fee Hike & Railway Ticket Refund Rules Update

नई दिल्ली45 मिनट पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर रेलवे से जुड़ी रही। भारतीय रेलवे ने टिकट कैंसिल करने के नियम सख्त कर दिए हैं। अब अगर कोई यात्री ट्रेन छूटने से 8 घंटे पहले तक टिकट रद्द करता है, तभी उसे रिफंड मिलेगा। वहीं ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो के बाद अब स्विगी से भी खाना मंगाना महंगा हो गया है। कंपनी ने हर ऑर्डर पर प्लेटफॉर्म फीस में 17% की बढ़ोतरी की है। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… शेयर बाजार में आज तेजी देखने को मिल सकती है। पेट्रोल-डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है। अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें… 1. रेलवे टिकट 8 घंटे पहले कैंसिल करने पर ही रिफंड: 4 घंटे का नियम खत्म; ट्रेन छूटने के 30 मिनट पहले बोर्डिंग स्टेशन बदल सकेंगे भारतीय रेलवे ने टिकट कैंसिल करने के नियम सख्त कर दिए हैं। अब अगर कोई यात्री ट्रेन छूटने से 8 घंटे पहले तक टिकट रद्द करता है, तभी उसे रिफंड मिलेगा। पहले यह समय 4 घंटे था, जिसे बढ़ाकर अब 8 घंटे कर दिया गया है। हालांकि, 24 से 8 घंटे के बीच टिकट कैंसिल करने पर अभी भी 50% पैसा ही वापस मिलेगा। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. जोमैटो के बाद स्विगी से भी खाना मंगवाना महंगा हुआ: प्लेटफॉर्म फीस 17% बढ़ाई, हर ऑर्डर पर ₹14 की जगह ₹17.58 देने होंगे ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो के बाद अब स्विगी से भी खाना मंगाना महंगा हो गया है। कंपनी ने आज 24 मार्च से हर ऑर्डर पर प्लेटफॉर्म फीस में 17% की बढ़ोतरी की है। यूजर्स को हर ऑर्डर पर 14 रुपए के बजाय अब 17.58 (GST सहित) यानी ₹3.58 ज्यादा प्लेटफॉर्म फीस देनी होगी। यह बढ़ोतरी डिलीवरी ऑपरेशंस की लागत बढ़ने के कारण की गई है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3. रसोई-गैस का विकल्प बनेगा एथेनॉल: सरकार बना रही खास एथेनॉल-चूल्हे; LPG की किल्लत दूर करने के लिए फैसला किया भारत में अब रसोई गैस (LPG) की निर्भरता कम करने के लिए एथेनॉल का इस्तेमाल करने की तैयारी चल रही है। सरकार एथेनॉल बेस्ड कुकिंग स्टोव (चूल्हे) बनाने पर काम रही है। मंगलवार को फूड एंड पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सेक्रेटरी संजीव चोपड़ा ने दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में इसकी जानकारी दी। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. गोल्डमैन सैक्स ने भारत का GDP ग्रोथ अनुमान घटाया: 2026 में 7% की जगह 5.9% रह सकती है; तेल सप्लाई रुकने से खतरा बढ़ा ग्लोबल इन्वेस्टमेंट बैंक गोल्डमैन सैक्स ने साल 2026 के लिए भारत की इकोनॉमिक ग्रोथ (GDP) का अनुमान घटा दिया है। बैंक की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, भारत की जीडीपी ग्रोथ अब 5.9% रहने की उम्मीद है। ईरान युद्ध से पहले इसके 7% रहने का अनुमान लगाया गया था। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 5. सोना ₹851 बढ़कर ₹1.40 लाख पर पहुंचा: चांदी में ₹5,285 की तेजी, दाम 2.25 लाख रुपए प्रति किलो पहुंचे सोने-चांदी की कीमतों में आज यानी 24 मार्च को तेजी रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 851 रुपए बढ़कर 1.40 लाख रुपए पहुंच गया। वहीं, चांदी में 5,285 रुपए की तेजी रही और ये 2.25 लाख रुपए प्रति किलो पर पहुंच गई। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… कल दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… कल के शेयर बाजार और सोना-चांदी का हाल जान लीजिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Swiggy Platform Fee Hike & Railway Ticket Refund Rules Update

Swiggy Platform Fee Hike & Railway Ticket Refund Rules Update

नई दिल्ली2 घंटे पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर रेलवे से जुड़ी रही। भारतीय रेलवे ने टिकट कैंसिल करने के नियम सख्त कर दिए हैं। अब अगर कोई यात्री ट्रेन छूटने से 8 घंटे पहले तक टिकट रद्द करता है, तभी उसे रिफंड मिलेगा। वहीं ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो के बाद अब स्विगी से भी खाना मंगाना महंगा हो गया है। कंपनी ने हर ऑर्डर पर प्लेटफॉर्म फीस में 17% की बढ़ोतरी की है। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… शेयर बाजार में आज तेजी देखने को मिल सकती है। पेट्रोल-डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है। अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें… 1. रेलवे टिकट 8 घंटे पहले कैंसिल करने पर ही रिफंड: 4 घंटे का नियम खत्म; ट्रेन छूटने के 30 मिनट पहले बोर्डिंग स्टेशन बदल सकेंगे भारतीय रेलवे ने टिकट कैंसिल करने के नियम सख्त कर दिए हैं। अब अगर कोई यात्री ट्रेन छूटने से 8 घंटे पहले तक टिकट रद्द करता है, तभी उसे रिफंड मिलेगा। पहले यह समय 4 घंटे था, जिसे बढ़ाकर अब 8 घंटे कर दिया गया है। हालांकि, 24 से 8 घंटे के बीच टिकट कैंसिल करने पर अभी भी 50% पैसा ही वापस मिलेगा। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. जोमैटो के बाद स्विगी से भी खाना मंगवाना महंगा हुआ: प्लेटफॉर्म फीस 17% बढ़ाई, हर ऑर्डर पर ₹14 की जगह ₹17.58 देने होंगे ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो के बाद अब स्विगी से भी खाना मंगाना महंगा हो गया है। कंपनी ने आज 24 मार्च से हर ऑर्डर पर प्लेटफॉर्म फीस में 17% की बढ़ोतरी की है। यूजर्स को हर ऑर्डर पर 14 रुपए के बजाय अब 17.58 (GST सहित) यानी ₹3.58 ज्यादा प्लेटफॉर्म फीस देनी होगी। यह बढ़ोतरी डिलीवरी ऑपरेशंस की लागत बढ़ने के कारण की गई है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3. रसोई-गैस का विकल्प बनेगा एथेनॉल: सरकार बना रही खास एथेनॉल-चूल्हे; LPG की किल्लत दूर करने के लिए फैसला किया भारत में अब रसोई गैस (LPG) की निर्भरता कम करने के लिए एथेनॉल का इस्तेमाल करने की तैयारी चल रही है। सरकार एथेनॉल बेस्ड कुकिंग स्टोव (चूल्हे) बनाने पर काम रही है। मंगलवार को फूड एंड पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सेक्रेटरी संजीव चोपड़ा ने दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में इसकी जानकारी दी। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. गोल्डमैन सैक्स ने भारत का GDP ग्रोथ अनुमान घटाया: 2026 में 7% की जगह 5.9% रह सकती है; तेल सप्लाई रुकने से खतरा बढ़ा ग्लोबल इन्वेस्टमेंट बैंक गोल्डमैन सैक्स ने साल 2026 के लिए भारत की इकोनॉमिक ग्रोथ (GDP) का अनुमान घटा दिया है। बैंक की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, भारत की जीडीपी ग्रोथ अब 5.9% रहने की उम्मीद है। ईरान युद्ध से पहले इसके 7% रहने का अनुमान लगाया गया था। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 5. सोना ₹851 बढ़कर ₹1.40 लाख पर पहुंचा: चांदी में ₹5,285 की तेजी, दाम 2.25 लाख रुपए प्रति किलो पहुंचे सोने-चांदी की कीमतों में आज यानी 24 मार्च को तेजी रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 851 रुपए बढ़कर 1.40 लाख रुपए पहुंच गया। वहीं, चांदी में 5,285 रुपए की तेजी रही और ये 2.25 लाख रुपए प्रति किलो पर पहुंच गई। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… कल दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… कल के शेयर बाजार और सोना-चांदी का हाल जान लीजिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Indian Railways Ticket Cancellation Refund Rules Change From April 1

Indian Railways Ticket Cancellation Refund Rules Change From April 1

नई दिल्ली16 मिनट पहले कॉपी लिंक अब आप ट्रेन छूटने के 30 मिनट पहले तक अपना बोर्डिंग स्टेशन बदल सकेंगे। इसके साथ ही कंफर्म टिकट कैंसिल कराने पर मिलने वाले रिफंड के स्लैब में भी बदलाव किया गया है। इसके तहत अब ट्रेन के डिपार्चर टाइम से 8 घंटे पहले टिकट कैंसिल कराने पर 50% रिफंड मिलेगा। इसकी जानकारी केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी। उन्होंने बताया कि रेलवे ने टिकटों की कालाबाजारी रोकने के लिए कैंसिलेशन और बोर्डिंग नियमों में बदलाव किए हैं। नए नियम 1 से 15 अप्रैल 2026 के बीच अलग-अलग फेज में लागू होंगे। रेल मंत्री ने बताया क्यों जरूरी था यह फैसला रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि टिकट दलालों के पैटर्न को देखते हुए यह बदलाव किया गया है। दलाल अक्सर एक्स्ट्रा टिकट बुक कर लेते थे और ग्राहक न मिलने पर ट्रेन छूटने से ठीक पहले उन्हें कैंसिल कर रिफंड ले लेते थे। रिफंड के नियमों को सख्त करने से दलालों द्वारा टिकटों की ‘कॉर्नरिंग’ (टिकट दबाकर रखना) कम होगी और आम यात्रियों को कंफर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ट्रेन टिकट कैंसिलेशन और बोर्डिंग से जुड़े रेलवे के नए नियमों की जानकारी दी। अब चार्ट बनने के बाद भी बदल सकेंगे स्टेशन रेल मंत्रालय ने बोर्डिंग स्टेशन बदलने की समय सीमा बढ़ा दी है। अब यात्री ट्रेन के शेड्यूल डिपार्चर टाइम से 30 मिनट पहले तक अपना बोर्डिंग पॉइंट बदल सकेंगे। अभी तक यह सुविधा सिर्फ चार्ट तैयार होने से पहले तक ही मिलती थी। यह नियम उन बड़े शहरों में बहुत मददगार साबित होगा जहां एक से ज्यादा रेलवे स्टेशन हैं, यात्री अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी नजदीकी स्टेशन से ट्रेन पकड़ सकेंगे। यात्री IRCTC की वेबसाइट, एप या रेलवे काउंटर के जरिए अपना बोर्डिंग स्टेशन बदल सकते हैं। हालांकि एक बार बोर्डिंग पॉइंट बदलने के बाद आप पुराने स्टेशन से ट्रेन नहीं पकड़ पाएंगे। 4 घंटे पहले तक मिलता था आधा रिफंड पुराने नियमों की तुलना में नए नियम यात्रियों के लिए थोड़े सख्त हुए हैं। अब रिफंड की राशि इस बात पर निर्भर करेगी कि आप ट्रेन छूटने से कितने समय पहले टिकट कैंसिल कर रहे हैं। पहले, ट्रेन छूटने से 48 घंटे पहले तक फ्लैट चार्ज कटता था। 48 से 12 घंटे के बीच 25% और 12 से 4 घंटे पहले तक टिकट कैंसिल करने पर 50% रिफंड मिल जाता था। अब 50% रिफंड के लिए कम से कम 8 घंटे पहले टिकट कैंसिल करना जरूरी होगा। वेटिंग और RAC टिकटों के लिए फिलहाल पुराने चार्ज (₹20 + GST) ही प्रभावी रहेंगे। ट्रेन 3 घंटे से ज्यादा लेट होने पर पूरा रिफंड मिलेगा रेलवे ने स्पष्ट किया है कि कुछ खास परिस्थितियों में रिफंड के पुराने नियम जारी रहेंगे। अगर ट्रेन पूरी तरह कैंसिल हो जाती है या अपने तय समय से 3 घंटे से ज्यादा लेट होती है, तो यात्री TDR फाइल करके पूरा रिफंड क्लेम कर सकते हैं। इसके अलावा, अगर चार्ट बनने के बाद भी टिकट पूरी तरह वेटिंग में रह जाता है, तो वह ऑटोमैटिक कैंसिल हो जाएगा और पूरा पैसा वापस मिलेगा। ———————– रेलवे से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… आज से बिना आधार सुबह 8-12 रेल टिकट बुकिंग नहीं: नियम रिजर्व बुकिंग खुलने के पहले दिन पर लागू; 12 जनवरी से सिर्फ रात में बुकिंग आज यानी, 29 दिसंबर से बिना आधार लिंक वाले IRCTC यूजर्स सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक टिकट बुक नहीं कर पाएंगे। ये नियम केवल रिजर्व रेल टिकट बुकिंग खुलने के पहले दिन पर लागू होगा। रिजर्व टिकट की बुकिंग ट्रेन डिपार्चर की तारीख के 60 दिन पहले खुलती है। रेलवे इस नियम को तीन फेज में लागू कर रहा है। पहला फेज आज से लागू हो चुका है। वहीं दूसरे फेज में 5 जनवरी से और तीसरा फेज 12 जनवरी से लागू होगा। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

IPO Rules Change | Min Public Shareholding Cut 5% to 2.5%; Jio Platforms NSE Listing Path Clear

IPO Rules Change | Min Public Shareholding Cut 5% to 2.5%; Jio Platforms NSE Listing Path Clear

Hindi News Business IPO Rules Change | Min Public Shareholding Cut 5% To 2.5%; Jio Platforms NSE Listing Path Clear मुंबई3 घंटे पहले कॉपी लिंक वित्त मंत्रालय के तहत आने वाले डिपार्टमेंट ऑफ इकोनॉमिक अफेयर्स (DEA) ने शुक्रवार को देश में इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग यानी IPO से जुड़े नियमों में बदलाव किए हैं। सरकार ने सिक्योरिटीज कॉन्ट्रैक्ट्स (रेगुलेशन) नियम-1957 में बदलवा करते हुए बड़ी कंपनियों के लिए मिनिमम पब्लिक शेयरहोल्डिंग की लिमिट को 5% से घटाकर 2.5% कर दिया है। 13 मार्च को जारी इस नोटिफिकेशन के बाद अब रिलायंस की जियो प्लेटफॉर्म्स और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) जैसी बड़ी कंपनियों के लिए अपना IPO लाना आसान हो जाएगा। सेबी ने पिछले साल सितंबर में इन बदलावों को मंजूरी दी थी, जिसे अब सरकार ने फाइनल अप्रूवल दिया है। कंपनी की वैल्यू के आधार पर तय होगा कितना हिस्सा बेचना जरूरी नए नियमों के मुताबिक, कंपनियों को उनकी लिस्टिंग के बाद की वैल्यू के आधार पर अलग-अलग कैटेगरी में बांटा गया है। इसके लिए एक टियर स्ट्रक्चर तैयार किया गया है… ₹1,600 करोड़ तक की कंपनियां: ऐसी कंपनियों को कम से कम 25% शेयर पब्लिक के लिए जारी करने होंगे। ₹1,600 करोड़ से ₹4,000 करोड़ तक: ऐसी कंपनियों को कम से कम ₹400 करोड़ की वैल्यू के बराबर शेयर ऑफर करने होंगे। ₹4,000 करोड़ से ₹50,000 करोड़ तक: ऐसी कंपनियों को कम से कम 10% शेयर जारी करने होंगे। हालांकि, लिस्टिंग के 3 साल के भीतर इन्हें अपनी पब्लिक शेयरहोल्डिंग बढ़ाकर 25% करनी होगी। ₹50,000 करोड़ से ₹1 लाख करोड़ तक: इतनी वैल्यूएशन वाली कंपनियों को कम से कम ₹1,000 करोड़ या 8% शेयर ऑफर करने होंगे। इन्हें भी 3 साल में पब्लिक शेयरहोल्डिंग 25% तक ले जानी होगी। ₹5 लाख करोड़ से बड़ी कंपनियों को मिली राहत नोटिफिकेशन के मुताबिक, बहुत बड़ी कंपनियों के लिए नियमों को काफी सरल बनाया गया है… ₹1 लाख करोड़ से ₹5 लाख करोड़ तक: इन कंपनियों को लिस्टिंग के वक्त कम से कम 2.75% शेयर पब्लिक करने होंगे। ₹5 लाख करोड़ से ज्यादा की वैल्यू: अगर किसी कंपनी की वैल्यू ₹5 लाख करोड़ से ऊपर है, तो वह महज 1% हिस्सा बेचकर भी लिस्ट हो सकती है। ऐसी कंपनियों को 5 साल के भीतर अपनी पब्लिक शेयरहोल्डिंग 15% और 10 साल के भीतर 25% तक ले जाने की छूट दी गई है। भारत का सबसे बड़ा IPO लाएगी जियो प्लेटफॉर्म्स रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और MD मुकेश अंबानी ने पिछले साल अगस्त में संकेत दिया था कि जियो की लिस्टिंग 2026 की पहली छमाही में हो सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स और ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, नियमों में इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा रिलायंस इंडस्ट्रीज को होगा। मुकेश अंबानी की लीडरशिप वाले ग्रुप की कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स को शेयर बाजार में उतारने की तैयारी कर रहा है। रिलायंस की किसी यूनिट की यह करीब 20 साल बाद पहली लिस्टिंग होगी। माना जा रहा है कि जियो का IPO भारत के इतिहास का सबसे बड़ा IPO साबित हो सकता है। सूत्र बताते हैं कि कंपनी अप्रैल तक ड्राफ्ट प्रोस्पेक्टस (DRHP) फाइल कर सकती है। सरकार के इस कदम से बड़ी कंपनियों की लिस्टिंग का रास्ता खुलेगा साल 2025 में IPO मार्केट में आई तेजी के बाद फिलहाल बाजार थोड़ा सुस्त नजर आ रहा था। जानकारों का कहना है कि सरकार के इस कदम से बड़ी कंपनियों की लिस्टिंग का रास्ता खुलेगा, जिससे बाजार में लिक्विडिटी बढ़ेगी और निवेशकों को नए निवेश के मौके मिलेंगे। NSE जो लंबे समय से अपनी लिस्टिंग का इंतजार कर रहा है, उसे भी इन नए नियमों से राहत मिलेगी। ये खबर भी पढ़ें… एअर इंडिया-इंडिगो के बाद अकासा की भी टिकटें महंगी: घरेलू और इंटरनेशनल फ्लाइट्स पर कल से ₹1300 तक फ्यूल सरचार्ज लगेगा, वजह- जेट फ्यूल महंगा एअर इंडिया-इंडिगो के बाद अब अकासा एयर की फ्लाइट्स भी कल से महंगी हो जाएंगी। एयरलाइन कंपनी ने रविवार से सभी घरेलू और इंटरनेशनल फ्लाइट्स पर फ्यूल सरचार्ज लगाने की घोषणा की है। अकासा एयर ने कहा कि 15 मार्च को रात 12:01 बजे के बाद बुक किए जाने वाले टिकटों पर 199 रुपए से लेकर 1,300 रुपए तक का एडिशनल सरचार्ज वसूला जाएगा। मिडिल ईस्ट तनाव और अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग की वजह से जेट फ्यूल (ATF) की कीमतों में भारी बढ़ोतरी के कारण यह कदम उठाना पड़ रहा है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

CBSE 10th, 12th New Rules: No Pass on Additional Subject

CBSE 10th, 12th New Rules: No Pass on Additional Subject

Hindi News Career CBSE 10th, 12th New Rules: No Pass On Additional Subject | Compartment Exam 7 घंटे पहले कॉपी लिंक CBSE यानी सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन बोर्ड अब छात्रों को छठे या 7वें एडिशनल सब्जेक्ट के आधार पर पास नहीं करेगा। बोर्ड ने 10वीं और 12वीं क्लास की बोर्ड परीक्षाओं को लेकर नए नियम लागू किए हैं। ये नियम खास तौर से उन स्टूडेंट्स के लिए है, जो परीक्षा के दौरान नकल या किसी अनुचित व्यवहार की वजह से बाहर कर दिए गए हों। ऐसे स्टूडेंट्स को कंपार्ट्मेंट एग्जाम देना होगी। CBSE के नए नियमों के अनुसार अब स्टूडेंट्स को पास होने के लिए अपने मेन सब्जेक्ट में ही निर्धारित मार्क्स हासिल करने होंगे। अगर किसी छात्र का किसी विषय का रिजल्ट अनुचित साधनों या अन्य कारणों से रोका जाता है, तो उसे एडिशनल सब्जेक्ट के मार्क्स के आधार पर पास नहीं माना जाएगा। CBSE के नए नियमों के अनुसार, अगर कोई छात्र नकल करते पकड़ा गया तो उसे कंपार्टमेंट परीक्षा देकर पास करना होगा। (तस्वीर- CBSE हेडक्वार्टर, नई दिल्ली) एडिशनल सब्जेक्ट के सहारे पास हो जाते थे छात्र बोर्ड के पुराने नियमों के अनुसार, अगर कोई स्टूडेंट किसी मेन सब्जेक्ट में मिनिमम मार्क्स हासिल नहीं कर पाता था, लेकिन उसने एडिशनल सब्जेक्ट में अच्छे मार्क्स पाए होते थे, तो उस सब्जेक्ट के आधार पर उसे पास किया जा सकता था। अब बोर्ड ने इस व्यवस्था को खत्म करने का फैसला लिया है। बोर्ड के अनुसार, कुछ मामलों में छात्र एडिशनल सब्जेक्ट के सहारे पास हो रहे थे, जिससे एग्जाम सिस्टम की निष्पक्षता प्रभावित हो रही थी। इसलिए बोर्ड ने मूल्यांकन प्रक्रिया को ज्यादा ट्रांसपेरेंट और सख्त बनाने के लिए यह निर्णय लिया है। एडिशनल सब्जेक्ट केवल स्किल और नॉलेज के लिए इस बदलाव के बाद छात्रों को अपने मुख्य विषयों पर ज्यादा ध्यान देना होगा। इस नियम के बाद एडिशनल सब्जेक्ट अब केवल आपके स्किल और नॉलेज के लिए होंगे। नंबर्स बढ़ाने में इनकी भूमिका नहीं होगी। 10वीं में 388 और 12वीं में 132 छात्र पास हुए थे बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार साल 2025 की परीक्षाओं में 10वीं के 608 छात्रों को अनुचित साधनों के तहत पकड़ा गया था, जिनमें से 388 छात्रों को छठे या 7वें सब्जेक्ट के मार्क्स के आधार पर पास कर दिया गया। वहीं, 12वीं कक्षा में 577 छात्रों में से 132 छात्र इसी व्यवस्था के चलते पास हो गए। नई व्यवस्था के तहत 2026 से यह छूट खत्म कर दी गई है। बोर्ड का मानना है कि इस कदम से परीक्षाओं की ट्रांसपरेंसी बढ़ेगी और नकल पर अंकुश लगेगा। —————– ये खबर भी पढ़ें… CBSE 12वीं के पेपर में डांस वीडियो का QR कोड:बोर्ड ने कहा- पेपर पूरी तरह सुरक्षित; फर्जी क्वेश्चन पेपर्स बांटे जाने की अफवाह फैली सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंड्री एजुकेशन यानी CBSE ने आज स्पष्ट कर दिया है कि 12वीं मैथ्स का पेपर असली है। क्वेश्चन पेपर पूरी तरह से सुरक्षित है और इसकी सुरक्षा में कोई कॉम्प्रोमाइज नहीं हुआ है। इससे पहले सोमवार, 9 मार्च को हुई 12वीं CBSE बोर्ड की मैथ्स की परीक्षा में बोर्ड की बड़ी चूक सामने आई थी। पेपर के पहले पेज पर लगे QR को स्कैन करने के बाद डांस का वीडियो प्ले हो रहा था। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

India Eases FDI Rules for China & Neighbouring Countries: Press Note 3 Amended

India Eases FDI Rules for China & Neighbouring Countries: Press Note 3 Amended

Hindi News Business India Eases FDI Rules For China & Neighbouring Countries: Press Note 3 Amended नई दिल्ली11 मिनट पहले कॉपी लिंक केंद्र सरकार ने चीन सहित भारत के साथ जमीनी सीमा यानी बॉर्डर शेयर करने वाले देशों से आने वाले फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (FDI) के नियमों में ढील दी है। PM मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार (10 मार्च) को हुई कैबिनेट मीटिंग में प्रेस नोट 3 यानी FDI पॉलिसी के प्रावधानों में संशोधन यानी बदलाव को मंजूरी दी गई। नए नियमों के तहत अब उन निवेश प्रस्तावों को ‘ऑटोमैटिक रूट’ से मंजूरी मिल जाएगी, जिनमें पड़ोसी देश के निवेशक की हिस्सेदारी 10% से कम हो और उसका कंपनी पर कोई कंट्रोल न हो। इसके साथ ही, स्ट्रैटेजिक मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में निवेश के लिए 60 दिनों की समय सीमा तय कर दी गई है। स्टार्टअप्स और डीप टेक कंपनियों को फायदा मिलेगा सरकार के इस फैसले का सबसे बड़ा असर भारतीय स्टार्टअप्स और डीप टेक सेक्टर पर पड़ेगा। सरकार का कहना है कि इन बदलावों का उद्देश्य ग्लोबल फंड्स से निवेश हासिल करना और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा देना है। अब तक प्रेस नोट 3 की वजह से कई ग्लोबल प्राइवेट इक्विटी (PE) और वेंचर कैपिटल (VC) फंड्स को निवेश करने में परेशानी हो रही थी, क्योंकि उनमें पड़ोसी देशों के निवेशकों का छोटा हिस्सा भी शामिल होता था। अब 10% की सीमा तय होने से फंड का फ्लो आसान हो जाएगा। FDI के नियमों में क्या-क्या बदला पुराने नियम नए नियम पड़ोसी देशों से हर निवेश के लिए सरकारी मंजूरी जरूरी थी। 10% से कम ‘बेनिफिशियल ओनरशिप’ पर निवेश को ऑटोमैटिक अनुमति। अप्रूवल मिलने में महीनों का समय लगता था, कोई डेडलाइन नहीं थी। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए 60 दिन की समय सीमा तय की गई है। ‘बेनिफिशियल ओनर’ की परिभाषा को लेकर अस्पष्टता थी। PMLA एक्ट के तहत 10% की लिमिट और स्पष्ट परिभाषा लागू की। ‘बेनिफिशियल ओनर’ की परिभाषा साफ हुई सरकार ने निवेश के नियमों में पारदर्शिता लाने के लिए ‘बेनिफिशियल ओनर’ की परिभाषा को अब प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA) रूल्स, 2005 के समान कर दिया है। अगर किसी निवेश में लैंड बॉर्डर वाले देश के निवेशक की हिस्सेदारी 10% से कम है और वह कंपनी के फैसलों को प्रभावित नहीं करता है, तो उसे सरकारी मंजूरी लेने की जरूरत नहीं होगी। ऐसी स्थिति में भारतीय कंपनी को सिर्फ डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड (DPIIT) यानी उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग को इसकी जानकारी देनी होगी। 60 दिन में निवेश पर फैसला, जॉइंट वेंचर बनाना आसान कैबिनेट ने मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए एक ‘फास्ट ट्रैक’ अप्रूवल सिस्टम को भी हरी झंडी दी है। अब स्पेशल मैन्युफैक्चरिंग सेक्टरों में निवेश के प्रस्तावों पर सरकार को 60 दिनों के भीतर फैसला लेना होगा। इससे भारतीय कंपनियों को विदेशी कंपनियों के साथ मिलकर टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप करने और जॉइंट वेंचर बनाने में मदद मिलेगी। सरकार का मानना है कि इससे भारत को ग्लोबल सप्लाई चेन का हिस्सा बनने में आसानी होगी। इलेक्ट्रॉनिक और सोलर सेक्टर को सबसे ज्यादा फायदा होगा सरकार ने साफ किया है कि इन बदलावों से विशेष रूप से तीन सेक्टरों को सबसे ज्यादा फायदा होगा… इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स: मोबाइल-लैपटॉप के पार्ट्स बनाने वाली कंपनियों को विदेशी निवेश और तकनीक मिल सकेगी। कैपिटल गुड्स: भारी मशीनरी और इंडस्ट्रियल इक्विपमेंट के प्रोडक्शन में तेजी आएगी। सोलर सेल्स: रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी। सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं, भारतीय कंट्रोल जरूरी नियमों में ढील के बावजूद सरकार ने सुरक्षा को बरकरार रखा है। संवेदनशील सेक्टर में फास्ट-ट्रैक अप्रूवल तभी मिलेगा, जब उस कंपनी की मेजोरिटी शेयरहोल्डिंग और कंट्रोल भारतीय नागरिकों या भारतीय कंपनियों के पास ही रहे। यह सुनिश्चित किया गया है कि किसी भी निवेश से देश की सुरक्षा को खतरा न हो और कंपनी का कमांड भारतीय हाथों में ही रहे। FDI पॉलिसी को 2020 में लागू किया गया था अप्रैल 2020 में कोविड-19 महामारी के दौरान केंद्र सरकार ने प्रेस नोट 3 यानी FDI पॉलिसी को लागू किया था। उस समय भारतीय कंपनियों की वैल्यूएशन काफी गिर गई थी। सरकार को डर था कि चीन जैसे पड़ोसी देश की कंपनियां इस मौके का फायदा उठाकर भारतीय कंपनियों का ‘अवसरवादी अधिग्रहण’ कर सकती हैं। इसी को रोकने के लिए नियम बनाया गया था कि पड़ोसी देशों से आने वाले हर छोटे-बड़े निवेश के लिए सरकार की मंजूरी अनिवार्य होगी। ये खबर भी पढ़ें… भारतीय एयरलाइंस ने इंटरनेशनल फ्लाइट्स का किराया 15% बढ़ाया: कच्चे तेल के रेट बढ़ने से जेट फ्यूल के दाम दोगुने, ईरान जंग का असर मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब सीधे आम आदमी की जेब पर भी पड़ते दिखाई दे रहा है। भारतीय एयरलांइस ने इंटरनेशनल फ्लाइट्स के किराए में करीब 15% की बढ़ोतरी की है। ब्लूमबर्ग ने अपनी एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ती जंग और होर्मुज रूट प्रभावित होने के कारण कच्चे तेल की कीमतों और जेट फ्यूल के दाम में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। जिसका असर ग्लोबल एविएशन इंडस्ट्री पर भी दिखने लगा है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

India Eases FDI Rules for China & Neighbouring Countries: Press Note 3 Amended

India Eases FDI Rules for China & Neighbouring Countries: Press Note 3 Amended

Hindi News Business India Eases FDI Rules For China & Neighbouring Countries: Press Note 3 Amended नई दिल्ली12 मिनट पहले कॉपी लिंक सरकार ने स्ट्रैटेजिक मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में निवेश के लिए 60 दिनों की समय सीमा तय की है। केंद्र सरकार ने चीन समेत भारत के साथ बॉर्डर शेयर करने वाले यानी पड़ोसी देशों से आने वाले फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (FDI) के नियमों में ढील दी है। PM मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार (10 मार्च) को हुई कैबिनेट मीटिंग में प्रेस नोट 3 यानी FDI पॉलिसी के नियमों में बदलाव को मंजूरी दी गई। नए नियमों के तहत अब उन निवेश प्रस्तावों को ऑटोमैटिक मंजूरी मिल जाएगी, जिनमें पड़ोसी देश के निवेशक की हिस्सेदारी 10% से कम हो और उसका कंपनी पर कोई कंट्रोल न हो। इसके साथ ही, स्ट्रैटेजिक मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में निवेश के लिए 60 दिनों की समय सीमा तय कर दी गई है। दरअसल जब कोई विदेशी कंपनी या व्यक्ति भारत में किसी कंपनी, फैक्ट्री, बिजनेस या प्रोजेक्ट में सीधे पैसा लगाता है, तो उसे FDI कहते हैं। स्टार्टअप्स और डीप टेक कंपनियों को फायदा मिलेगा सरकार के इस फैसले का सबसे बड़ा असर भारतीय स्टार्टअप्स और डीप टेक सेक्टर पर पड़ेगा। सरकार का कहना है कि इन बदलावों का उद्देश्य ग्लोबल फंड्स से निवेश हासिल करना और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा देना है। अब तक प्रेस नोट 3 की वजह से कई ग्लोबल प्राइवेट इक्विटी (PE) और वेंचर कैपिटल (VC) फंड्स को निवेश करने में परेशानी हो रही थी, क्योंकि उनमें पड़ोसी देशों के निवेशकों का छोटा हिस्सा भी शामिल होता था। अब 10% की सीमा तय होने से फंड का फ्लो आसान हो जाएगा। ‘बेनिफिशियल ओनर’ की परिभाषा साफ हुई सरकार ने निवेश के नियमों में पारदर्शिता लाने के लिए ‘बेनिफिशियल ओनर’ की परिभाषा को अब प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA) रूल्स, 2005 के समान कर दिया है। अगर किसी निवेश में लैंड बॉर्डर वाले देश के निवेशक की हिस्सेदारी 10% से कम है और वह कंपनी के फैसलों को प्रभावित नहीं करता है, तो उसे सरकारी मंजूरी लेने की जरूरत नहीं होगी। ऐसी स्थिति में भारतीय कंपनी को सिर्फ डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड (DPIIT) यानी उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग को इसकी जानकारी देनी होगी। 60 दिन में निवेश पर फैसला, जॉइंट वेंचर बनाना आसान कैबिनेट ने मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए एक ‘फास्ट ट्रैक’ अप्रूवल सिस्टम को भी हरी झंडी दी है। अब स्पेशल मैन्युफैक्चरिंग सेक्टरों में निवेश के प्रस्तावों पर सरकार को 60 दिनों के भीतर फैसला लेना होगा। इससे भारतीय कंपनियों को विदेशी कंपनियों के साथ मिलकर टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप करने और जॉइंट वेंचर बनाने में मदद मिलेगी। सरकार का मानना है कि इससे भारत को ग्लोबल सप्लाई चेन का हिस्सा बनने में आसानी होगी। इलेक्ट्रॉनिक और सोलर सेक्टर को सबसे ज्यादा फायदा होगा सरकार ने साफ किया है कि इन बदलावों से विशेष रूप से तीन सेक्टरों को सबसे ज्यादा फायदा होगा… इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स: मोबाइल-लैपटॉप के पार्ट्स बनाने वाली कंपनियों को विदेशी निवेश और तकनीक मिल सकेगी। कैपिटल गुड्स: भारी मशीनरी और इंडस्ट्रियल इक्विपमेंट के प्रोडक्शन में तेजी आएगी। सोलर सेल्स: रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी। सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं, भारतीय कंट्रोल जरूरी नियमों में ढील के बावजूद सरकार ने सुरक्षा को बरकरार रखा है। संवेदनशील सेक्टर में फास्ट-ट्रैक अप्रूवल तभी मिलेगा, जब उस कंपनी की मेजोरिटी शेयर-होल्डिंग और कंट्रोल भारतीय नागरिकों या भारतीय कंपनियों के पास ही रहे। यह सुनिश्चित किया गया है कि किसी भी निवेश से देश की सुरक्षा को खतरा न हो और कंपनी का कमांड भारतीय हाथों में ही रहे। ———————– ये खबर भी पढ़ें… भारतीय एयरलाइंस ने इंटरनेशनल फ्लाइट्स का किराया 15% बढ़ाया: कच्चे तेल के रेट बढ़ने से जेट फ्यूल के दाम दोगुने, ईरान जंग का असर मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब सीधे आम आदमी की जेब पर भी पड़ते दिखाई दे रहा है। भारतीय एयरलांइस ने इंटरनेशनल फ्लाइट्स के किराए में करीब 15% की बढ़ोतरी की है। ब्लूमबर्ग ने अपनी एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ती जंग और होर्मुज रूट प्रभावित होने के कारण कच्चे तेल की कीमतों और जेट फ्यूल के दाम में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। जिसका असर ग्लोबल एविएशन इंडस्ट्री पर भी दिखने लगा है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…