डिंडौरी जिले में वन्यजीवों के अवैध शिकार पर अंकुश लगाने के लिए वन विभाग ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। इसी कड़ी में शुक्रवार को डिंडौरी वन परिक्षेत्र के चार गांवों में शहडोल से बुलाए गए डॉग स्क्वाड की मदद से एक व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य शिकारियों की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना था। यह तलाशी अभियान सारस ताल, कुई, रामगुडा और त्यागपुर गांवों के संदिग्ध ठिकानों पर केंद्रित रहा। सर्चिंग के दौरान वन अमले को लगभग दो किलोग्राम जीआई तार और लकड़ी के खूंटे बरामद हुए। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इन सामग्रियों का उपयोग आमतौर पर जंगली जानवरों के शिकार में किया जाता है। विभाग कुछ संदिग्ध शिकारियों की तलाश भी कर रहा है। वन विभाग की यह कार्रवाई हाल ही में हुई एक गिरफ्तारी के बाद और अधिक सक्रिय हो गई है। दो दिन पहले कुई मॉल गांव से आरोपी दरबार सिंह मरकाम को गिरफ्तार किया गया था। उसके घर से जंगली सुअर का कटा हुआ सिर और शिकार में इस्तेमाल की गई सामग्री जब्त की गई थी, जिसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। रेंजर अतुल सिंह बघेल ने बताया कि वन्यजीव संरक्षण सुनिश्चित करने के लिए इस तरह के अभियान भविष्य में भी लगातार जारी रहेंगे। इस पूरी कार्रवाई में परिक्षेत्र सहायक ईश्वर सिंह परस्ते, वनरक्षक सुनील कोरी, संजय मार्को, मान सिंह, उदय सिंह, अनीता धुर्वे, गीता और आलोक यादव ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।















































