नेपाल में बालेन शाह सबसे युवा प्रधानमंत्री बने:रैप गाकर दिया पहला मैसेज; मधेश क्षेत्र से आने वाले पहले PM

नेपाल में शुक्रवार को बालेन्द्र (बालेन) शाह ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ले ली है। 35 साल के बालेन देश के सबसे कम उम्र के पीएम बने। उन्होंने सांसद पद की शपथ लेने के बाद अपना पहला संदेश रैप गाने के जरिए जारी किया, जिसमें उन्होंने भ्रष्टाचार, सिस्टम में बदलाव और युवाओं का जिक्र किया। बालेन की पार्टी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) ने 5 मार्च के चुनाव में जीत दर्ज की थी। कार्यवाहक प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने कहा कि देश का भविष्य अब युवाओं के हाथ में है और नई सरकार से भ्रष्टाचार खत्म करने की उम्मीद है। नई सरकार में मंत्रिमंडल का भी गठन शुरू हो गया है। सुधन गुरुंग को गृह मंत्री बनाया गया है, जिन पर देश की आंतरिक सुरक्षा और कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी होगी। वहीं शिशिर खनाल को विदेश मंत्री का पद दिया गया है, जो नेपाल की कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय संबंधों को संभालेंगे। बालेन शाह के शपथ ग्रहण से जुड़ी तस्वीरें… मधेस क्षेत्र से आने वाले देश के पहले पीएम बालेन बालेन पहले काठमांडू के मेयर थे। पिछले साल दिसंबर में उन्होंने पद से इस्तीफा दे दिया था और राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी में शामिल हो गए थे। बालेन मधेस क्षेत्र से आने वाले पहले प्रधानमंत्री बने हैं। मधेश क्षेत्र नेपाल का वह इलाका है जो देश के दक्षिणी हिस्से में भारत की सीमा के साथ फैला हुआ है। इसे तराई क्षेत्र भी कहा जाता है। यहां रहने वाले लोगों को मधेशी कहा जाता है। नेपाल की राजनीति में यह इलाका लंबे समय से प्रतिनिधित्व और पहचान को लेकर चर्चा में रहा है, ऐसे में बालेन का प्रधानमंत्री बनना राजनीतिक संतुलन के नजरिये से भी अहम माना जा रहा है। दो-तिहाई बहुमत से जीती बालेन शाह की पार्टी नेपाल में आमतौर पर गठबंधन सरकारें बनती रही हैं, जहां दो या अधिक दल मिलकर बहुमत बनाते हैं। नेपाल में पिछले चुनावों में नेपाली कांग्रेस और नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (यूनाइटेड मार्क्सवादी-लेनिनवादी) के बीच मुख्य मुकाबला होता था। लेकिन इस बार स्थिति बदलती गईै। रवि लामिछाने के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) ने अकेले बहुमत हासिल कर लिया। RSP 2022 के राष्ट्रीय चुनाव में चौथी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। इस बार RSP को 275 में से 182 सीटें मिली।
अशोकनगर में पेट्रोल पंपों पर अफवाहों से भीड़ उमड़ी:एसोसिएशन ने नागरिकों से जरूरत के हिसाब से ही खरीदने की अपील की

अशोकनगर में शुक्रवार सुबह से पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ देखी जा रही है। लोग अफवाहों के चलते वाहनों में ईंधन भरवाने के साथ-साथ बड़ी टंकियों और छोटे केन में पेट्रोल-डीजल स्टॉक करने के लिए भी पहुंच रहे हैं। जिले के कुछ पेट्रोल पंपों पर केवल पेट्रोल दिया जा रहा है, जबकि कुछ स्थानों पर डीजल-पेट्रोल की बिक्री कमी बताकर फिल्हाल बंद कर दी गई है। कई जगह टोकन बांटकर क्रमबद्ध तरीके से ईंधन दिया जा रहा है, जिससे लोग अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। यह स्थिति जिले में पेट्रोल-डीजल की कमी की अफवाहें फैलने के बाद बनी है। सुबह से ही इस तरह की खबरें सामने आते ही लोग पेट्रोल पंपों पर उमड़ पड़े, जिससे लंबी कतारें लग गईं। अशोकनगर जिला मुख्यालय से लगभग 10 किलोमीटर दूर स्थित कई पेट्रोल पंपों पर पिछले दो दिनों से अचानक भीड़ देखने को मिल रही है। किसान और आम नागरिक लंबी-लंबी लाइनों में खड़े होकर ईंधन भरवा रहे हैं। रात के समय भी कई स्थानों पर भीड़ रही। ‘जिले में ईंधन की कोई कमी नहीं’ हालांकि, पेट्रोल पंप एसोसिएशन के अध्यक्ष अरूण दुबे ने स्पष्ट किया है कि जिले में ईंधन की कोई कमी नहीं है। पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त आपूर्ति लगातार जारी है। उन्होंने बताया कि कुछ अफवाहों के कारण लोग आवश्यकता से अधिक ईंधन का स्टॉक कर रहे हैं, जिससे अनावश्यक भीड़ बढ़ रही है। एसोसिएशन के अनुसार, अशोकनगर जिले में 200 से अधिक पेट्रोल पंप संचालित हैं और सभी पर नियमित रूप से आपूर्ति जारी है। एसोसिएशन ने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल अपनी जरूरत के अनुसार ही ईंधन खरीदें, ताकि सभी को सुचारू रूप से सुविधा मिल सके।
महिलाओं के खिलाफ अपराध ‘सिंडिकेट राज’ के लिए: बीजेपी की 14-सूत्रीय चार्जशीट में ममता के नेतृत्व वाली टीएमसी सरकार पर निशाना | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:मार्च 27, 2026, 13:37 IST पश्चिम बंगाल चुनाव: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के 28 मार्च को पश्चिम बंगाल का दौरा करने की उम्मीद है, जब वह आरोपपत्र पेश कर सकते हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (क्रेडिट: अमित शाह/एक्स) पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में कुछ ही हफ्ते बाकी हैं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शनिवार को एक आरोपपत्र जारी करने वाली है, जिसमें वह ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार के तहत 15 साल के “पतन” का वर्णन करेगी। दस्तावेज़ में अपने आरोपों में अभिषेक बनर्जी का भी नाम है। रिपोर्ट में 14 प्रमुख क्षेत्रों पर प्रकाश डाला गया है, जिनमें भ्रष्टाचार और घोटाले, प्रशासनिक अराजकता और कानून-व्यवस्था का पतन शामिल है। यह पश्चिम बंगाल में महिलाओं के खिलाफ अपराध, लोकतंत्र पर हमले और उद्योग के विनाश पर भी चिंता जताता है। उल्लिखित अन्य मुद्दों में शिक्षा और स्वास्थ्य देखभाल की स्थिति, किसानों के बीच संकट, बंगाली संस्कृति का क्षरण, उत्तर बंगाल की उपेक्षा, चाय बागान श्रमिकों की दुर्दशा, कोलकाता में खराब स्थिति और जिसे भाजपा “सिंडिकेट राज” कहती है उसका प्रसार शामिल है। टीएमसी पर क्या हैं आरोप? भ्रष्टाचार और घोटाले प्रशासनिक अराजकता एवं कुशासन कानून व्यवस्था का पतन महिलाओं के खिलाफ अपराध और सुरक्षा की कमी लोकतंत्र पर हमला पश्चिम बंगाल में उद्योग का विनाश शिक्षा व्यवस्था का विनाश स्वास्थ्य सेवा संकट कृषि और किसानों में संकट बंगाली संस्कृति का क्षरण उत्तर बंगाल की उपेक्षा चाय बागान श्रमिकों की दुर्दशा कोलकाता का बुरा हाल पूरे राज्य में “सिंडिकेट राज” का प्रसार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के 28 मार्च को पश्चिम बंगाल का दौरा करने की उम्मीद है, जब वह आरोप पत्र पेश कर सकते हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि रिपोर्ट को भाजपा की अभियान रणनीति के तहत मतदाताओं के बीच व्यापक रूप से प्रसारित किया जाएगा। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, आरोप पत्र अभियान में केंद्रीय भूमिका निभाएगा। भाजपा अप्रैल की शुरुआत में अपना चुनावी घोषणापत्र जारी करने की भी योजना बना रही है। नेताओं का कहना है कि यह कदम राज्य में शासन की विफलताओं को पार्टी द्वारा देखे जाने को उजागर करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है। पार्टी नेताओं ने कहा कि सभी 294 विधानसभा क्षेत्रों में विस्तृत समीक्षा की गई है, जिसमें प्रत्येक सीट की ताकत, कमजोरियों, अवसरों और खतरों का आकलन शामिल है। वरिष्ठ हस्तियों ने विशेष रूप से उत्तरी जिलों में अपने प्रदर्शन में सुधार के बारे में विश्वास व्यक्त किया, एक नेता ने चुनाव को “भय और विश्वास” के बीच एक प्रतियोगिता बताया। बीजेपी की जमीनी स्तर पर तैयारी चल रही है अभियान की शुरुआत जमीनी स्तर पर बड़े पैमाने पर आरोप पत्र के वितरण के साथ होगी, जिसके बाद घोषणापत्र जारी किया जाएगा। पार्टी के सदस्यों का मानना है कि मौजूदा सरकार के प्रति जनता का असंतोष चुनाव परिणाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इस बीच, संगठनात्मक तैयारियों को मजबूत करने के लिए नितिन नबीन पश्चिम बंगाल के दो दिवसीय दौरे पर हैं। उन्होंने राज्य के नेताओं और संबद्ध समूहों के साथ रणनीति बैठकें कीं, जिसमें बूथ स्तर के संचालन में सुधार और आउटरीच का विस्तार करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। पश्चिम बंगाल के 2026 विधानसभा चुनाव 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को दो चरणों में होने हैं, जिसके परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे। पहले प्रकाशित: मार्च 27, 2026, 13:37 IST समाचार राजनीति महिलाओं के खिलाफ अपराध ‘सिंडिकेट राज’ के लिए: बीजेपी की 14-सूत्रीय चार्जशीट में ममता के नेतृत्व वाली टीएमसी सरकार पर निशाना साधा गया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)बीजेपी की चार्जशीट(टी)बीजेपी ने टीएमसी पर निशाना साधा(टी)बीजेपी की 14 सूत्रीय चार्जशीट(टी)पोल अपडेट(टी)चुनाव(टी)चुनाव समाचार(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव(टी)पश्चिम बंगाल(टी)ईसी(टी)चुनाव आयोग(टी)बंगाल में अगले महीने चुनाव
आयरलैंड में फोन-फ्री बचपन:‘ग्रेस्टोन्स’ कस्बे में पेरेंट्स और शिक्षकों ने लागू किया ‘नो फोन कोड’, 12 साल से पहले बच्चों को मोबाइल नहीं

Hindi News International In The Town Of Greystones, Parents And Teachers Have Implemented A ‘no Phone Code’, Prohibiting Children From Having Mobile Phones Under The Age Of 12. द न्यू यॉर्क टाइम्स. न्यूयॉर्क3 घंटे पहले कॉपी लिंक स्मार्टफोन के ‘डिजिटल चक्रव्यूह’ से बचपन को बचाने के लिए पूरा कस्बा ढाल बन गया है। यूरोपीय देश आयरलैंड के ‘ग्रेस्टोन्स’ कस्बे ने दुनिया को वह रास्ता दिखाया है, जिसकी तलाश आज हर परेशान माता-पिता को है। इस कस्बे के 22 हजार लोगों ने मिलकर तय किया है कि वे अपने बच्चों का बचपन ‘स्मार्टफोन’ की भेंट नहीं चढ़ने देंगे। ‘इट टेक्स ए विलेज’ नाम के इस आंदोलन ने तकनीक के खिलाफ एक सामूहिक दीवार खड़ी कर दी है। फोन की जगह बच्चों के लिए ‘यूथ कैफे’ और खेल गतिविधियां बढ़ाई गई हैं। ‘फोन-फ्री बीच पार्टी’ जैसे आयोजन शुरू हुए हैं। ग्रेस्टोन्स की इस पहल से प्रेरित होकर अब आयरलैंड के अन्य शहरों कॉर्क और डबलिन ने भी ‘नो स्मार्टफोन कोड’ को अपनाया है। देश की सीमा के बाहर ब्रिटेन और स्पेन के बार्सिलोना में भी पेरेंट्स के समूहों ने ऐसी ही पहल शुरू की है। कोविड लॉकडाउन के बाद जब ग्रेस्टोन्स में स्कूल खुले, तो मंजर बदल चुका था। सेंट पैट्रिक स्कूल की प्रिंसिपल रैचल हार्पर ने देखा कि बच्चे क्लास में ध्यान नहीं लगा पा रहे थे। वे रातभर आने वाले मैसेज से परेशान थे। उनकी नींद अधूरी थी और कुछ बच्चे तो ‘कैलोरी काउंटिंग एप्स’ के कारण ‘ईटिंग डिसऑर्डर’ का शिकार हो रहे थे। 12 साल के बॉडी मैंगन गिसलर इस बदलाव के पोस्टर बॉय हैं। वे कहते हैं, ‘मुझे डर है कि अगर फोन की लत लग गई, तो मैं खेल नहीं पाऊंगा। मैं स्वस्थ रहना चाहता हूं।’ ऐसे कई बच्चों में अब एक नई ‘अलर्टनेस’ दिख रही है। वे सुबह स्कूल में ज्यादा सक्रिय रहते हैं और अब वर्चुअल चैट के बजाय आमने-सामने बैठकर खेलने के प्लान बनाते हैं। प्रिंसिपल रैचल हार्पर के मुताबिक, 8 प्राइमरी स्कूलों के 70% माता-पिता ने स्वैच्छिक रूप से ‘नो स्मार्टफोन’ कोड पर साइन किए हैं। उन्होंने कहा कि ‘हम बच्चों को मिडिल स्कूल से पहले मोबाइल फोन नहीं देंगे। क्योंकि हम बच्चों को डिजिटल भविष्य के लिए तैयार करना चाहते हैं, उसमें डुबाना नहीं।’ जहां टेक कंपनियों के हेडक्वार्टर, वहीं ‘नो स्मार्टफोन’ की मुहिम आयरलैंड में गूगल, मेटा और एप्पल जैसी दिग्गज कंपनियों के यूरोपीय मुख्यालय हैं, जहां औसतन 9 साल की उम्र में ही बच्चों को फोन मिल जाता है। ऐसे में ग्रेस्टोन्स की यह पहल ‘चिराग तले अंधेरे’ को दूर करने जैसी है। देश के डिप्टी पीएम साइमन हैरिस, जो खुद इस कस्बे के निवासी हैं, इस मुहिम के सबसे बड़े समर्थक बनकर उभरे हैं। ग्रेस्टोन्स के लोगों को खुशी है कि अब यहां के बच्चे मैदानों में दुनिया ढूंढ रहे हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
बोमन ईरानी पर भड़कीं मंदाना करीमी:कहा- जब ईरानी मर रहे थे, तब आपकी आवाज कहां थी; एक्टर ने ट्रम्प पर तंज कसा था

एक्ट्रेस-मॉडल मंदाना करीमी ने एक्टर बोमन ईरानी के एक इंस्टाग्राम वीडियो पर रिएक्ट करते हुए उन पर निशाना साधा। दरअसल, हाल ही में बोमन ईरानी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ईरानियों से बातचीत वाले बयान पर मजाकिया वीडियो पोस्ट किया था। इस पर मंदाना ने कमेंट करते हुए सवाल उठाए। एक्ट्रेस ने लिखा, “बोमन ईरानी सर… अचानक आपको ईरान के बारे में बहुत कुछ कहने की जरूरत महसूस होने लगी है। समय भी बड़ा दिलचस्प है। कई सालों से ईरान में लोगों को गिरफ्तार किया जा रहा है, उन्हें फांसी दी जा रही है, उनकी आवाज दबाई जा रही है। हजारों लोग मारे गए, परिवार टूट गए और हम जैसे लोगों ने यह सब झेला है, इस पर बात भी की है, लेकिन अब… एक वीडियो आया है, अब चिंता दिख रही है। अब गैस, ट्रम्प और ‘मेरे घर आओ’ जैसी बातों पर मजाक हो रहा है।” एक्ट्रेस ने आगे लिखा, “सर, पूरे सम्मान के साथ, आप और पारसी समुदाय ईरान से जुड़े हैं। आप उस इतिहास और दर्द को अपने साथ रखते हैं, तो जब ईरानी लोग मर रहे थे, तब आपकी आवाज कहां थी? और अब अचानक, क्योंकि यह गैस, राजनीति और दुनिया भर की बातों से जुड़ गया है, तो इस पर टिप्पणी हो रही है? मतलब… पहले चुप्पी और अब मजाक, यह बदलाव बहुत जल्दी हो गया। खैर… बस एक बात नोट की है।” वहीं, बोमन ईरानी ने एक्ट्रेस के इस कमेंट पर रिएक्ट नहीं किया। बोमन ईरानी ने वीडियो में क्या कहा था? बोमन ने बुधवार को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया था। जिसमें उन्होंने कहा, “जैसा कि आप जानते हैं, यह बात वायरल हो रही है कि मिस्टर डोनाल्ड ट्रम्प ईरानियों से बात करना चाहते हैं और तीन लोगों को बुलाया गया है, स्मृति ईरानी, अरुणा ईरानी और मैं यानी बोमन ईरानी। मैं तैयार हूं। हम शांति के लिए कुछ भी कर सकते हैं।” बोमन ने आगे कहा, “मेरी सिर्फ एक शर्त है कि मैं वॉशिंगटन नहीं जाऊंगा। उनकी टीम यहां मुंबई के दादर पारसी कॉलोनी आए। हम उन्हें उनकी पसंद का खाना खिलाएंगे, धानसक और कस्टर्ड खिलाएंगे और अगर ट्रम्प गैस सिलेंडर भी ले आएं, तो मुझे लगता है कि सबके लिए जिंदगी बहुत आसान हो जाएगी।”
Commercial LPG Quota Increased to 70%

Hindi News Business Commercial LPG Quota Increased To 70% | Centre Directs States To Boost Supply For Industries Amid Gas Crisis नई दिल्ली19 मिनट पहले कॉपी लिंक केंद्र सरकार ने देश में जारी गैस संकट के बीच राज्यों को एक बार फिर LPG सप्लाई बढ़ाने का निर्देश दिया है। सरकार ने शुक्रवार (27 मार्च) को कॉमर्शियल LPG सिलेंडर के एलोकेशन यानी कोटा को 50% से बढ़ाकर 70% कर दिया है। इस फैसले का सबसे ज्यादा फायदा उन उद्योगों को मिलेगा जो पूरी तरह LPG पर निर्भर हैं। सरकार ने साफ किया है कि स्टील, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल और केमिकल जैसे ज्यादा लेबर वाले सेक्टर को प्राथमिकता दी जाएगी। मिडल ईस्ट में चल रहे संघर्ष की वजह से भारत में LPG की सप्लाई चेन प्रभावित हुई थी। इससे निपटने के लिए पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव डॉ. नीरज मित्तल ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर इसकी जानकारी दी। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने राज्यों को लेटर भेजा है। मंत्रालय ने कॉमर्शियल और इंडस्ट्रियल इस्तेमाल के लिए सप्लाई बढ़ाने के लिए यह आदेश जारी किया है। पहले यह कोटा केवल 50% था, जिसे अब बढ़ाकर प्री-क्राइसिस लेवल के 70% तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। 6 सेक्टर्स को प्राथमिकता मिलेगी सरकार के आदेश के मुताबिक, उन उद्योगों को पहले LPG दी जाएगी जहां लेबर यानी मजदूरों की संख्या ज्यादा है और जो दूसरे जरूरी उद्योगों को सपोर्ट करते हैं। स्टील ऑटोमोबाइल टेक्सटाइल डाइज केमिकल्स प्लास्टिक्स PNG का विकल्प अपनाना जरूरी होगा सरकार ने इस बढ़े हुए कोटे के साथ एक शर्त भी रखी है। अतिरिक्त 20% LPG का फायदा उठाने के लिए कॉमर्शियलऔर इंडस्ट्रियल ग्राहकों को तेल कंपनियों (OMCs) के पास रजिस्ट्रेशन कराना होगा। साथ ही उन्हें अपने शहर की सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के पास पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) कनेक्शन के लिए आवेदन करना होगा। सरकार चाहती है कि उद्योग धीरे-धीरे LPG से पीएनजी की ओर शिफ्ट हों। स्पेशल हीटिंग वाले उद्योगों को नियमों में छूट आदेश में एक अहम राहत भी दी गई है। अगर किसी प्रोसेस इंडस्ट्री को ऐसी स्पेशल हीटिंग की जरूरत है जिसे नेचुरल गैस (PNG) से पूरा नहीं किया जा सकता, तो उनके लिए पीएनजी आवेदन की शर्त को हटा दिया गया है। यानी ऐसे उद्योगों को बिना किसी शर्त के बढ़ा हुआ LPG कोटा मिलता रहेगा। सरकार की राज्यों को सुधार लागू करने की सलाह केंद्र सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से अपील की है कि वे 10% रिफॉर्म-बेस्ड एलोकेशन का तुरंत लाभ उठाएं। अब तक 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने नॉन-डोमेस्टिक LPG के लिए आदेश जारी कर दिए हैं। जिन राज्यों ने अभी तक ऐसा नहीं किया है, वहां सरकारी तेल कंपनियां सीधे सिलेंडर रिलीज कर रही हैं। रेस्टोरेंट्स-ढाबों को पहले ही मिल चुकी राहत इससे पहले 21 मार्च को सरकार ने जो 20% अतिरिक्त एलोकेशन दिया था, उसमें रेस्टोरेंट्स, ढाबे, होटल, इंडस्ट्रियल कैंटीन और फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स को प्राथमिकता दी गई थी। इसके अलावा कम्युनिटी किचन और प्रवासी मजदूरों के लिए 5 किलो वाले FTL (फ्री-ट्रेड LPG) सिलेंडरों की सप्लाई भी सुनिश्चित की गई है। सरकारी डेटा के मुताबिक, 25 मार्च तक प्रवासी मजदूरों को 37,000 से ज्यादा 5 किलो वाले सिलेंडर बेचे जा चुके हैं। क्या होता है ‘प्री-क्राइसिस लेवल’? ‘प्री-क्राइसिस लेवल’ का मतलब उस समय से है जब देश में गैस संकट शुरू नहीं हुआ था। फिलहाल राज्यों को बहुत कम सप्लाई मिल रही थी, जिसे अब बढ़ाकर अब 70% किया गया है। अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग मिडिल ईस्ट से कच्चे तेल और गैस सप्लाई लगभग रुक गई है। इसके चलते शुरुआत में होटलों जैसे कमर्शियल संस्थानों को होने वाली LPG आपूर्ति में कटौती की गई थी, ताकि घरेलू सिलेंडर की सप्लाई में परेशानी न हो। ईरान-अमेरिका और इजराइल जंग से गैस की कमी ईरान पर 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजराइल ने मिलकर हमला किया। दोनों देशों ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों, मिसाइल साइटों और परमाणु सुविधाओं पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए। इन हमलों में सुप्रीम लीडर अली खामेनी समेत कई बड़े अधिकारी मारे गए। इस अभियान को अमेरिका ने “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” नाम दिया। इस युद्ध के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव बढ़ गया और सप्लाई प्रभावित हुई। यही रास्ता भारत के लिए बहुत अहम है, क्योंकि देश का करीब 80-85% LPG यहीं से आता है। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा LPG आयातक है और 60% से ज्यादा गैस बाहर से मंगाता है। इसी वजह से देश में LPG की कमी जैसी स्थिति बनी। हालांकि, सरकार ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने को कहा और साफ किया कि देश में गैस और तेल की कोई कमी नहीं है। ये खबर भी पढ़ें… LPG संकट-राज्यों को 23 मार्च से 20% ज्यादा गैस मिलेगी: केंद्र बोला- ढाबों-होटलों को प्राथमिकता मिले, प्रवासी मजदूरों को 5kg सिलेंडर दिए जाएं केंद्र ने देश में जारी गैस संकट के बीच राज्यों को LPG सप्लाई बढ़ाने का निर्देश दिया है। 23 मार्च से राज्यों को अब पहले के मुकाबले 20% ज्यादा गैस दी जाएगी। इसके बाद राज्यों को मिलने वाली कुल सप्लाई संकट से पहले के स्तर (प्री-क्राइसिस लेवल) के 50% तक पहुंच जाएगी। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव डॉ. नीरज मित्तल ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर इसकी जानकारी दी। इसमें कहा गया कि सामुदायिक रसोई, रेस्टोरेंट, ढाबों, होटलों और इंडस्ट्रियल कैंटीन को प्राथमिकता दी जाए। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
बिहार के लाल वैभव सूर्यवंशी का जन्मदिन आज:15 साल होते ही सीनियर टीम में डेब्यू का इंतजार खत्म, IPL से लेकर T-20 में मचाएंगे तहलका

आज भारतीय क्रिकेटर और बिहार के लाल वैभव सूर्यवंशी का जन्मदिन है। 27 मार्च 2011 को जन्मे वैभव सूर्यवंशी अब 15 साल के हो गए हैं। इसके साथ ही टीम इंडिया में एंट्री के लिए अब खुल उनका रास्ता खुल गया है। अब वैभव अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने के लिए पूरी तरह एलिजिबल हो चुके हैं। आईपीएल में उनकी टीम राजस्थान रॉयल्स ने एक वीडियो शेयर की है, जिसमें टीम के खिलाड़ी उन्हें जन्मदिन मनाने के लिए बुला रहे हैं। इस बार वैभव IPL में खेलते हुए दिखेंगे। वैभव ने इस सीजन 2-3 हज़ार रन बनाने का रखा लक्ष्य बीते दिनों जब IPL को लेकर एक रिपोर्टर ने वैभव से पूछा था कि आईपीएल 2026 में आपका लक्ष्य क्या है, कितना रन बनाना चाहते हैं और क्या औरेंज कैप जीतना चाहते हैं? इसके जवाब में वैभव ने कहा, ‘ऐसे सवाल पूछेंगे तो मैं दो-तीन हजार रन बोल दूंगा।’ वैभव का यह जवाब सुनकर वहां मौजूद लोग हंसने लगे। IPL में सबसे कम उम्र में शतक लगाने वाले खिलाड़ी हैं वैभव वैभव पिछले साल ही राजस्थान टीम के साथ जुड़े थे और उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया था। वे पिछले सीजन में दूसरे सबसे तेज शतक लगाने वाले खिलाड़ी बने थे। इसके साथ ही वे सबसे कम उम्र में शतक लगाने वाले खिलाड़ी भी बने थे। अब एक बार फिर से राजस्थान को वैभव से काफी उम्मीदें हैं। बीसीसीआई ने नमन अवॉर्ड्स में वैभव ने अपने गोल के बारे में भी बताते हुए कहा कि यही कोशिश है कि अपनी टीम के लिए ट्रॉफी जीतूं। अगर मैं टीम के लिए ट्रॉफी जीतूंगा तो मेरी फ्रेंचाइजी को फायदा होगा और मेरा भी परफॉर्मेंस निखरेगा। ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ और ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ बनने वाले पहले खिलाड़ी 14 साल के वैभव सूर्यवंशी ने अंडर-19 वर्ल्ड कप में 175 रन की पारी खेलकर कई रिकॉर्ड्स बना डाले। वैभव ने 15 चौके और 15 छक्के जमाए, यानी 150 रन तो केवल बाउंड्री से ही बना लिए। उनकी पारी की बदौलत भारत ने 50 ओवर में 411 रन का स्कोर खड़ा किया। फाइनल में 175 रनों की पारी के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया, जबकि पूरे टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन और सबसे ज्यादा छक्के लगाने के चलते प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट भी बने। वैभव सूर्यवंशी अंडर 19 विश्व कप में ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ और ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ दोनों पुरस्कार जीतने वाले पहले खिलाड़ी बन गए हैं। वैभव के एक यूथ वनडे में बाउंड्री से सबसे ज्यादा रन यूथ वनडे क्रिकेट में वैभव सूर्यवंशी ने बाउंड्री हिटिंग के मामले में नया बेंचमार्क सेट कर दिया। वे एक एक यूथ वनडे में बाउंड्री से सबसे ज्यादा रन वाले बैटर बन गए। वैभव ने 175 रन की पारी में 15 चौके और 15 सिक्स की मदद से 150 रन बनाए। उन्होंने श्रीलंका के हसिथा बोयगोदा के 124 रन के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। हसिथा ने केन्या के खिलाफ 2018 U-19 वर्ल्ड कप में 191 रन की पारी खेली थी। वैभव इंडिया U-19 के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बैटर वैभव सूर्यवंशी यूथ वनडे क्रिकेट में भारत अंडर-19 के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए। उन्होंने महज 25 मैचों में 1412 रन बनाकर विजय जोल का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने 36 मैचों में 1404 रन बनाए थे। वैभव ने फाइनल मैच में दूसरा सबसे तेज शतक लगाया वैभव अंडर-19 वर्ल्ड कप में सबसे तेज शतक लगाने वाले दूसरे बैटर बने। उन्होंने 55 बॉल पर सेंचुरी लगाई। ऑस्ट्रेलिया के विल मलाइजचुक इस लिस्ट में टॉप पर हैं। उन्होंने इसी वर्ल्ड कप में जापान के खिलाफ महज 51 गेंदों में शतक ठोक दिया था। अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बैट्समैन वैभव अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ 175 रन की पारी खेली। इससे पहले यह रिकॉर्ड भारत के ही उन्मुक्त चंद के नाम था, जिन्होंने 2012 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नाबाद 111 रन बनाए थे। तीसरे नंबर पर ऑस्ट्रेलिया के ब्रेट विलियम्स हैं। उन्होंने 1988 में पाकिस्तान के खिलाफ 108 रन बनाए थे। इतना ही नहीं, वैभव (175) किसी भी ICC टूर्नामेंट फाइनल (अंडर-19 और सीनियर) में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया की एलिसा हीली के नाम था, जिन्होंने 2022 विमेंस वनडे वर्ल्ड कप फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 170 रन की शानदार पारी खेली थी। एक पारी में सबसे ज्यादा छक्के लगाए वैभव सूर्यवंशी अंडर-19 वर्ल्ड कप की एक पारी में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाज बन गए। उन्होंने अपनी पारी में 15 छक्के जड़कर ऑस्ट्रेलिया के माइकल हिल का रिकॉर्ड तोड़ा। हिल ने 2008 में नामीबिया के खिलाफ 12 सिक्स लगाए थे। वहीं क्रेग सिमंस ने 2002 में केन्या के खिलाफ 11 छक्के लगाए थे। सूर्यवंशी ने इस अंडर-19 वर्ल्ड कप में 30 छक्के लगाए अंडर-19 वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड अब वैभव सूर्यवंशी के नाम दर्ज हो गया है। उन्होंने मौजूदा टूर्नामेंट में 30 छक्के जड़कर एक ही एडिशन में सबसे बड़े सिक्स-हिटर बनने का कारनामा किया। इससे पहले यह रिकॉर्ड साउथ अफ्रीका के डेवाल्ड ब्रेविस के नाम था, जिन्होंने 2022 में 18 छक्के लगाए थे।
Bearded Ram in Odisha, Sri Raghunath Jew Temple, Ram Temple in Odisha, Rama Navami, Nayagarh district.

Hindi News National Bearded Ram In Odisha, Sri Raghunath Jew Temple, Ram Temple In Odisha, Rama Navami, Nayagarh District. प्रियंका साहू. नयागढ़ (ओडिशा)1 घंटे पहले कॉपी लिंक प्रसिद्ध रघुनाथ जीऊ मंदिर में भगवान राम और लक्ष्मण के मुख पर दाढ़ी और मूंछ हैं। ओडिशा के नयागढ़ जिले में प्रसिद्ध रघुनाथ जीऊ मंदिर है। यहां भगवान राम और लक्ष्मण के मुख पर दाढ़ी और मूंछ हैं। दोनों के सिर पर जटा भी है। माता सीता का चेहरा सीधा न होकर थोड़ा सा टेढ़ा है क्योंकि वे किसी और को न देखकर अपने स्वामी श्रीराम के चरणों को देख रही हैं। करीब 263 साल पहले मंदिर निर्माण के समय भगवान राम, लक्ष्मण और माता सीता तीनों की मूर्तियां नीम की लकड़ी से बनाकर स्थापित की गई थीं। तब से आज तक ये मूर्तियां वैसी की वैसी ही हैं। ये अनूठी मूर्तियां न पानी से खराब होती है, न ही किसी शृंगार से। देश में ऐसा अदभुत और अनोखा मंदिर संभवत: और कहीं नहीं है। वरिष्ठ पुजारी रंजन महापात्र करीब 40 साल से यहां पूजा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि नवरात्र के 9 दिन तक भगवान अलग-अलग भेष धारण करते हैं। इनमें वनवासी, चित्रकूट, ताड़का वध, अहिल्या उद्धार और धनुर्धारी भेष आदि प्रमुख हैं। नौंवे दिन रामनवमी पर्व धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन प्रभु सोने के आभूषणों से सज्जित होते हैं। भगवान को रामनवमी समेत साल में 5 बार स्वर्ण शृंगार कराया जाता है। पूजक परिषद के अध्यक्ष प्रफुल्ल महापात्र ने बताया कि यहां पहले अत्रि मुनि का आश्रम था। जब राम, लक्ष्मण और माता सीता वनवास के दौरान यहां रुके थे, तब उनकी वेशभूषा से अत्रि मुनि प्रभावित हुए थे। वे भगवान राम से बोले, “आपका ये वनवासी रूप चकित कर दे रहा है। कृपा कर यहां से न जाएं।’ तब भगवान राम बोले, “ऋषिवर आप 3 शालिग्राम रखिए। जब भी मेरा ये रूप आपको याद आए, तब आप ये शालिग्राम को देख लेना। नयागढ़ जिले में स्थित रघुनाथ जीऊ मंदिर। शिखर पर 15-15 किलो के तीन सुनहरे कलश यह मंदिर कलिंग वास्तुकला शैली में बना है और तीन हिस्सों में बंटा है: भद्र मंडप, नाट मंडप और दर्शन मंडप। तीनों मंडप के शिखर पर 15-15 किलो के सोने के कलश स्थापित हैं। इसीलिए ये स्वर्ण कलश क्षेत्र के नाम से भी जाना जाता है। इस मंदिर के ऊपर पहले सोने के कलश रखे गए हैं। इनके ऊपर चक्र स्थापित है। ऐसा अन्य किसी मंदिर में नहीं है। यह भुवनेश्वर से 112 किमी दूर स्थित है। मंदिर में सुबह से शाम तक विभिन्न तरह की पूजा होती है। सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक कई तरह के प्रसाद का भी भगवान को भोग लगाया जाता है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Gold Silver Price Update; Sona Chandi Ka Bhav Aaj Ka (27 March 2026)

Hindi News Business Gold Silver Price Update; Sona Chandi Ka Bhav Aaj Ka (27 March 2026) | Bhopal Jaipur Gold Rate नई दिल्ली8 घंटे पहले कॉपी लिंक अमेरिका-इजराइल की ईरान से चल रही जंग के बीच सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट जारी है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, शुक्रवार को 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 3,263 रुपए घटकर 1.43 लाख रुपए रहा। इससे पहले बुधवार को यह 1.46 लाख पर था। वहीं, एक किलो चांदी 13,167 रुपए घटकर 2.22 लाख रुपए रह गई, जो 25 मार्च को 2.35 लाख रुपए पर थी। अमेरिका-ईरान जंग के कारण सोना 28 दिन में 16,155 और चांदी 45,053 सस्ती हुई है। अलग-अलग शहरों में सोने के दाम अलग होने की 4 वजहें ट्रांसपोर्टेशन और सिक्योरिटी: एक शहर से दूसरे शहर सोना ले जाने में ईंधन और सुरक्षा खर्च जुड़ता है, जिससे दूरी बढ़ने पर दाम बढ़ते हैं। खरीदारी की मात्रा: दक्षिण भारत में ज्यादा खपत (करीब 40%) के कारण ज्वेलर्स बड़ी खरीद करते हैं, लेकिन छूट का फायदा सीमित रहता है। लोकल ज्वेलरी एसोसिएशन: राज्य और शहर के ज्वेलरी एसोसिएशन स्थानीय मांग-सप्लाई के आधार पर रेट तय करते हैं। पुराना स्टॉक और खरीद मूल्य: ज्वेलर्स का खरीदी रेट तय करता है कि वे ग्राहकों को कितनी कीमत में बेचेंगे। सोना ऑल टाइम हाई से ₹33 हजार सस्ता हुआ साल की शुरुआत में सोने में तेजी थी, लेकिन हाल के हफ्तों में मुनाफावसूली और ईरान जंग से गिरावट आई है। शुरुआती स्तर (31 दिसंबर 2025): ₹1.33 लाख ऑल टाइम हाई (29 जनवरी 2026): ₹1.76 लाख मौजूदा स्थिति: अपने उच्चतम स्तर से सोना अब तक ₹33 हजार सस्ता हो चुका है। चांदी की कीमतों में भारी क्रैश: ₹3.86 लाख से ₹2.22 लाख तक चांदी में सोने के मुकाबले ज्यादा उतार-चढ़ाव रहा और यह ऑल टाइम हाई से तेजी से नीचे आई है। शुरुआती स्तर (31 दिसंबर 2025): ₹2.30 लाख ऑल टाइम हाई (29 जनवरी 2026): ₹3.86 लाख गिरावट का आंकड़ा: पिछले 57 दिन में चांदी ₹1.64 लाख सस्ती हो गई है। गिरावट के मुख्य कारण: कैश पर भरोसा बढ़ा आमतौर पर जंग के माहौल में सोने-चांदी के दाम बढ़ते हैं, लेकिन इस बार स्थिति अलग है: कैश की बचत: मिडिल ईस्ट जंग में निवेशक जोखिम से बचते हुए गोल्ड-सिल्वर बेचकर कैश इकट्ठा कर रहे हैं, ताकि अनिश्चितता में लिक्विडिटी बनी रहे। प्रॉफिट बुकिंग: जनवरी में रिकॉर्ड कीमतों पर बड़े निवेशकों ने होल्डिंग बेची, जिससे सप्लाई बढ़ी और कीमतें गिरीं। ब्याज दरों का असर: अमेरिका के फेडरल रिजर्व के सख्त रुख से कीमती धातुओं की चमक फीकी हुई है। कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया के मुताबिक सोना-चांदी के दाम में आगे भी ये गिरावट जारी रह सकती है। ऐसे में निवेशकों को अभी सोने-चांदी में निवेश से बचना चाहिए। ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान 1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। 2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है। असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके मैग्नेट टेस्ट: असली सिल्वर चुंबक से नहीं चिपकती। अगर चिपक जाए तो फेक है। आइस टेस्ट: सिल्वर पर बर्फ रखें। असली सिल्वर पर बर्फ तेजी से पिघलती है। स्मेल टेस्ट: असली सिल्वर में गंध नहीं होती। फेक में कॉपर जैसी गंध आती है। क्लॉथ टेस्ट: चांदी को सफेद कपड़े से रगड़ें। अगर काला निशान आए तो असली है। ————————————– ये खबर भी पढ़ें… भारतीय घरों में देश की GDP से ज्यादा का सोना: 34,600 टन गोल्ड की कीमत ₹450 लाख करोड़, देश की GDP ₹370 लाख करोड़ भारतीय परिवारों के पास मौजूद कुल सोने की वैल्यू 5 ट्रिलियन डॉलर (₹450 लाख करोड़) के पार निकल गई है। यह आंकड़ा देश की कुल 4.1 ट्रिलियन डॉलर यानी, 370 लाख करोड़ रुपए की GDP से भी ज्यादा है। सोने की कीमतें रिकॉर्ड हाई पर पहुंचने के कारण ऐसा हुआ है। मॉर्गन स्टेनली की एक रिपोर्ट के अनुसार भारतीय घरों में लगभग 34,600 टन सोना जमा है। अभी सोने की वैल्यू 1.38 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के करीब चल रही है। वहीं इंटरनेशनल मार्केट में सोना 4,500 डॉलर प्रति औंस (करीब 28 ग्राम) के पार ट्रेड कर रहा है। रुपए में इसे बदलें तो इसकी वैल्यू 1.30 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के करीब होती है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
सोनिया गांधी के स्वास्थ्य के लिए की विशेष प्रार्थना:मंदसौर में खेड़ापति बालाजी मंदिर में हनुमान चालीसा पाठ हुआ

मंदसौर जिले के मल्हारगढ़ में यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी के स्वास्थ्य संबंधी खबरों के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। गुरुवार रात कचनारा स्थित खेड़ापति बालाजी मंदिर में हनुमान चालीसा का पाठ और पूजा-अर्चना की गई। यह आयोजन प्रदेश कांग्रेस सचिव परशुराम सिसौदिया और मल्हारगढ़ ब्लॉक कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अनिल शर्मा के नेतृत्व में हुआ। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर सोनिया गांधी के सकुशल होने की प्रार्थना की। मंदिर में उपस्थित कार्यकर्ताओं ने सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया और सोनिया गांधी के स्वास्थ्य लाभ के लिए विशेष प्रार्थना की। इस मौके पर बाबू भाई, नगर कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उणियारा, सुभाष पाटीदार, मंडलम अध्यक्ष कैलाश बंगारिया, कन्हैयालाल गुर्जर, कन्हैयालाल पाटीदार (सूपड़ा), अनिल मूलासिया, सुनील भगत, पवन पाटीदार, पर्वतसिंह बोराना और राजेन्द्रसिंह चंगेरी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन एवं आमनागरिक उपस्थित रहे।









