Sachin Tendulkar Chhattisgarh Stadium Photos Update; Dantewada Kids

सचिन के कार्यक्रम के लिए स्कूली बच्चों को बसों में ठूंसकर लाया गया। सचिन तेंदुलकर आज बुधवार को छत्तीसगढ़ दौरे पर हैं। वे प्राइवेट जेट से अपने परिवार के साथ जगदलपुर एयरपोर्ट पर उतरे। यहां से वे सीधे दंतेवाड़ा के छिंदनार पहुंचे। जहां आदिवासी बच्चों और खेल में रुचि रखने वाले बच्चों से मुलाकात की। . सचिन तेंदुलकर ने जगदलपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से कहा कि दंतेवाड़ा में 50 से ज्यादा खेल मैदान का 5 हजार बच्चों को फायदा मिलेगा। वहीं, कार्यक्रम के लिए स्कूली बच्चे सुबह 9 बजे से पहुंच गए थे। यहां भीषण गर्मी में बच्चों को अलग-अलग गांव से कार्यक्रम स्थल तक लाया गया। टीचर ने बताया कि एक बस में 100 से ज्यादा बच्चों को बैठाकर लाया गया। जबकि बस 50 सीटर है। सचिन तेंदुलकर से जुड़ी तस्वीरें देखिए… सचिन तेंदुलकर अपने परिवार संग जगदलपुर पहुंचे। जगदलपुर में सचिन ने बच्चों को बल्ले पर ऑटोग्राफ दिया। छिंदनार में बच्चों के बीच पहुंचे सचिन तेंदुलकर। DEO ने कहा- बाद में बताएंगे दंतेवाड़ा जिला शिक्षा अधिकारी प्रमोद ठाकुर ने कहा कि, स्कूली बच्चों को सचिन तेंदुलकर के कार्यक्रम में लाया जा रहा है। जब उनसे पूछा गया कि इतनी भीषण गर्मी में लंबी दूरी तय करवा कर बस में ठूंस-ठूंसकर क्यों ला रहे? तो उन्होंने कहा कि मैं एक VC में हूं बाद में बात करता हूं। 50 सीटर स्कूली बस में 100 से ज्यादा बच्चे लाए गए। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का दौरा रद्द जानकारी के मुताबिक, सचिन का टोटल 3 जगह कार्यक्रम तय था, लेकिन गीदम ऑडिटोरियम में शिक्षकों-बच्चों से मुलाकात और पनेड़ा क्रिकेट ग्राउंड का उद्घाटन दौरा रद्द हो गया है। सचिन तेंदुलकर के साथ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी आने वाले थे, लेकिन किसी कारण से उनका दौरा कैंसिल हो गया है। बता दें कि मांदेशी फाउंडेशन और जिला प्रशासन का यह संयुक्त कार्यक्रम है। मास्टर-ब्लास्टर के दौरे को लेकर सुरक्षा के लिहाज से भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। मैदान में टेंट लगाए गए हैं, जहां सचिन तेंदुलकर बच्चों से बातचीत करेंगे। क्या-क्या रहेगा कार्यक्रम, किन-किन जगहों पर जाएंगे सचिन तेंदुलकर छिंदनार में बच्चों से सीधे बातचीत करेंगे। इससे बच्चों को उनसे जुड़ने और प्रेरणा लेने का अच्छा मौका मिलेगा। वे खेल प्रतिभाओं को देखेंगे और उन्हें आगे बढ़ने के लिए मार्गदर्शन देंगे। यहां छात्र-छात्राएं खो-खो, कबड्डी और वॉलीबॉल जैसे खेलों का प्रदर्शन करेंगे। सचिन तेंदुलकर की संस्था दंतेवाड़ा में खेलों को बढ़ावा देने के लिए काम कर रही है। सचिन फाउंडेशन के 15 खेल मैदान, 25 स्कूलों में गतिविधियां सचिन तेंदुलकर की संस्था सचिन फाउंडेशन दंतेवाड़ा में खेलों को बढ़ावा देने के लिए काम कर रही है। जिले में 15 खेल मैदान तैयार किए जा चुके हैं। 25 स्कूलों, आश्रमों और पोटाकेबिन में खेल गतिविधियां लगातार संचालित हो रही हैं। सीमित जगह में मल्टी-यूज ग्राउंड विकसित किए गए हैं, जहां क्रिकेट के साथ अन्य खेल भी खेले जा सकते हैं। गीदम ब्लॉक के छिंदनार, कासोली, गुमड़ा, कारली, बांगापाल समेत कई स्कूलों में मैदान तैयार हो चुके हैं, जबकि दंतेवाड़ा ब्लॉक के चितालूर, मेंडोली, गोडरे, भांसी सहित अन्य स्थानों पर भी काम जारी है। सचिन तेंदुलकर के दौरे को लेकर बच्चों ने दीवार को पेंट कर आकर्षक बनाया। कोच को मुंबई में ट्रेनिंग, बच्चों को मिल रही प्रोफेशनल कोचिंग सचिन फाउंडेशन ने सिर्फ मैदान बनाने तक खुद को सीमित नहीं रखा है। जिले के 15 से ज्यादा खेल कोच को मुंबई में प्रोफेशनल कोचिंग दी गई है। बच्चों को क्रिकेट के साथ-साथ अन्य खेलों की तकनीकी ट्रेनिंग भी दी जा रही है। इससे ग्रामीण और आदिवासी अंचल के बच्चों को पहली बार प्रोफेशनल खेल माहौल मिल रहा है। ………………… इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… सचिन तेंदुलकर परिवार का सीक्रेट बिलासपुर दौरा: अचानकमार के आदिवासी गांव पहुंचे, पत्नी अंजलि, बेटी सारा और बहू सानिया ने बच्चों संग बिताया समय भारत रत्न और पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर का परिवार मंगलवार सुबह साढ़े 5 बजे बिलासपुर पहुंचा। यह दौरा पूरी तरह गोपनीय रखा गया, जिससे परिवार ने बिना किसी सार्वजनिक सूचना के शहर और ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा किया। सचिन की पत्नी डॉ. अंजलि तेंदुलकर, बेटी सारा और बहू सानिया चंडोक तेंदुलकर ग्रामीणों से मिलीं। पढ़ें पूरी खबर…
Tilak Verma Century Seals Mumbai Indians Victory Over Gujarat Titans

25 मिनट पहले कॉपी लिंक IPL 2026 में सोमवार रात मुंबई इंडियंस के तिलक वर्मा ने गुजरात टाइटंस के खिलाफ 45 गेंदों में नाबाद 101 रन बनाए। उन्होंने मुंबई को 99 रन से जिताया और टीम को सबसे निचले पायदान से सातवें स्थान पर पहुंचाया। गुजरात की टीम 100 रन पर ढेर हो गई, जो तिलक से एक रन कम था। खराब शुरुआत, दबाव में संघर्ष तिलक की पारी की शुरुआत निराशाजनक थी। पहले 5.5 ओवर में मुंबई के तीन विकेट गिर चुके थे। दबाव में तिलक संघर्ष कर रहे थे और 22 गेंदों में 19 रन पर थे। वे रन के लिए बेचैन थे और गलत शॉट पर बल्ला पैड पर मार रहे थे। इस मैच से पहले आईपीएल 2026 में उनका सर्वोच्च स्कोर 20 था और उन्होंने कोई छक्का नहीं लगाया था। हालात ऐसे थे कि कोच महेला जयवर्धने उन्हें ‘रिटायर्ड आउट’ बुलाने पर विचार कर सकते थे। हार्दिक की सलाह ने बदला मैच स्ट्रेटेजिक टाइम-आउट में कप्तान हार्दिक पंड्या ने उनसे बात की। मैच के बाद हार्दिक ने बताया, ‘तिलक के पास गजब की प्रतिभा है, उन्हें ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है। उसके बल्ले से गेंद काफी खूबसूरती से निकलती है। मैंने बस उनसे इतना कहा कि सिर्फ गेंद को देखो और हिट करो।’ इस सलाह से तिलक के दिमाग से आउट होने का डर निकल गया। 22 गेंदों तक एक चौका भी नहीं था, अगली 23 में जड़ी 22 गेंदों तक तिलक ने एक भी बाउंड्री नहीं लगाई। अगली 23 गेंदों में उन्होंने 15 बाउंड्री के साथ 82 रन बनाए। शुरुआती 20 गेंद के बाद उनके स्ट्राइक रेट में 251 का उछाल आया, जो आईपीएल इतिहास में सर्वाधिक है। —————————– स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… अभिषेक ने कोहली की बराबरी की:9वां टी-20 शतक लगाया, राहुल-नीतीश का कैच पकड़कर मैच पलटा, क्लासन के 100 सिक्स पूरे; मोमेंट्स-रिकॉर्ड्स सनराइजर्स हैदराबाद ने IPL 2026 के 31वें मैच में दिल्ली कैपिटल्स को 47 रन से हरा दिया। राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में अभिषेक शर्मा ने 9वां टी-20 शतक लगाकर विराट कोहली की बराबरी कर ली। मंगलवार को अभिषेक ने फील्डिंग में भी कमाल दिखाया। उन्होंने केएल राहुल और नीतीश राणा के कैच पकड़कर मैच का रुख पलट दिया। हेनरिक क्लासन ने 100 IPL सिक्स पूरे किए। पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Tilak Verma Century Seals Mumbai Indians Victory Over Gujarat Titans

3 घंटे पहले कॉपी लिंक IPL 2026 में सोमवार रात मुंबई इंडियंस के तिलक वर्मा ने गुजरात टाइटंस के खिलाफ 45 गेंदों में नाबाद 101 रन बनाए। उन्होंने मुंबई को 99 रन से जिताया और टीम को सबसे निचले पायदान से सातवें स्थान पर पहुंचाया। गुजरात की टीम 100 रन पर ढेर हो गई, जो तिलक से एक रन कम था। खराब शुरुआत, दबाव में संघर्ष तिलक की पारी की शुरुआत निराशाजनक थी। पहले 5.5 ओवर में मुंबई के तीन विकेट गिर चुके थे। दबाव में तिलक संघर्ष कर रहे थे और 22 गेंदों में 19 रन पर थे। वे रन के लिए बेचैन थे और गलत शॉट पर बल्ला पैड पर मार रहे थे। इस मैच से पहले आईपीएल 2026 में उनका सर्वोच्च स्कोर 20 था और उन्होंने कोई छक्का नहीं लगाया था। हालात ऐसे थे कि कोच महेला जयवर्धने उन्हें ‘रिटायर्ड आउट’ बुलाने पर विचार कर सकते थे। हार्दिक की सलाह ने बदला मैच स्ट्रेटेजिक टाइम-आउट में कप्तान हार्दिक पंड्या ने उनसे बात की। मैच के बाद हार्दिक ने बताया, ‘तिलक के पास गजब की प्रतिभा है, उन्हें ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है। उसके बल्ले से गेंद काफी खूबसूरती से निकलती है। मैंने बस उनसे इतना कहा कि सिर्फ गेंद को देखो और हिट करो।’ इस सलाह से तिलक के दिमाग से आउट होने का डर निकल गया। 22 गेंदों तक एक चौका भी नहीं था, अगली 23 में जड़ी 22 गेंदों तक तिलक ने एक भी बाउंड्री नहीं लगाई। अगली 23 गेंदों में उन्होंने 15 बाउंड्री के साथ 82 रन बनाए। शुरुआती 20 गेंद के बाद उनके स्ट्राइक रेट में 251 का उछाल आया, जो आईपीएल इतिहास में सर्वाधिक है। —————————– स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… अभिषेक ने कोहली की बराबरी की:9वां टी-20 शतक लगाया, राहुल-नीतीश का कैच पकड़कर मैच पलटा, क्लासन के 100 सिक्स पूरे; मोमेंट्स-रिकॉर्ड्स सनराइजर्स हैदराबाद ने IPL 2026 के 31वें मैच में दिल्ली कैपिटल्स को 47 रन से हरा दिया। राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में अभिषेक शर्मा ने 9वां टी-20 शतक लगाकर विराट कोहली की बराबरी कर ली। मंगलवार को अभिषेक ने फील्डिंग में भी कमाल दिखाया। उन्होंने केएल राहुल और नीतीश राणा के कैच पकड़कर मैच का रुख पलट दिया। हेनरिक क्लासन ने 100 IPL सिक्स पूरे किए। पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
बंगाल चुनाव को लेकर ECI की सख्ती, 20 साल में पहली बार चुनाव अधिकारी ने किया हवाई सर्वेक्षण

पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर चुनाव आयोग (ईसीआई) ने सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। चुनाव आयोग के दस्तावेज़ के अनुसार सभी बूथों के प्रधान अधिकारी को यह सुनिश्चित करना है कि दस्तावेज़ पर सभी बूथों के बटन स्पष्ट रूप से दिखाई दें। किसी भी अभ्यर्थी के बटन को टेप, गोंद या किसी अन्य सामग्री से ढका नहीं जाना चाहिए। म्युचुअल से चुराया हुआ महंगा- इलेक्शन कमीशनचुनाव आयोग द्वारा जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि बैलेट यूनिट के उम्मीदवार बटन पर वोट की गोपनीयता बनाए रखें और किसी भी तरह का कोई रंग, हिस्सेदारी, पर फोम या अन्य रासायनिक पदार्थ का उपयोग न करें। ऐसे किसी भी इवेंट पर प्रीसाइडिंग ऑफिसर, तत्काल सेक्टर ऑफिस या रिटर्निंग ऑफिसर को सूचित किया जाएगा। स्टॉक में आगे कहा गया है कि ऐसे सभी मामलों को स्टॉक से स्टॉक / हेस्टस्कैप की श्रेणी में माना जा सकता है, जो एक स्टॉकअप अपराध है। ऐसे किसी भी मामले में ई.सी.आई. पुनर्मतदान का आदेश दिया गया जिसमें आपराधिक कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा। 20 साल में पहली बार चुनाव अधिकारी का हवाई सर्वेक्षणराज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने मालदा, उत्तर दिनाजपुर, कुश बिहार और मेदिनीपुर का हवाई सर्वेक्षण के लिए एयरफोर्स के हेलीकॉप्टरों का चुनाव किया। बता दें कि पिछले 20 सागरों में यह पहली बार है जब मुख्य चुनाव अधिकारी ने इस तरह का हवाई निरीक्षण किया है। मार्च कर रहे हैं अर्धसैनिक सेनाओं के जवानउन्होंने स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक कर निर्वाचनों की समीक्षा की। चुनाव के दौरान पर्यवेक्षण को मजबूत करने के लिए फ्लाइंग स्क्वाड की तस्वीरों में कैमरे लगाए गए हैं, प्रोटोटाइप लाइव स्टूडियो सीधे नियंत्रण कक्ष में जारी किया जा रहा है। अर्धसैनिक आतंकवादियों के जवान बख्तरबंद टिकटें पूरे राज्य में टाइगर मार्च कर रहे हैं, इसलिए मतदान के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी न हो सके। पश्चिम बंगाल की 152 विधानसभा सीटों पर 23 अप्रैल को मतदान होना है, जबकि चुनाव प्रचार 21 अप्रैल को हुआ था। चुनाव आयोग के अनुसार राज्य में अधिसूचना पर प्रतिबंध लागू किया गया है। पहले चरण में 20 अप्रैल से ही राज्य में शराब की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। ये भी पढ़ें पहलगाम हमले की सालगिरह: ‘भारत आतंकवादियों के आगे कभी नहीं झुकेगा’, पहलगाम हमलों की घंटी पर पीएम मोदी ने पाकिस्तान को दिया अल्टीमेटम (टैग्सटूट्रांसलेट)ईसीआई(टी)दिशानिर्देश(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव(टी)मतदान(टी)विधानसभा सीटें(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव(टी)ई सीआई(टी)विधानसभा चुनाव(टी)मतदान(टी)मतदान(टी)हवाई सर्वेक्षण(टी) सुरक्षा
गर्मी में सुबह-सुबह चाय पीनी चाहिए या नहीं? अगर ऐसा करेंगे तो क्या होगा, डाइटिशियन से समझ लीजिए

Last Updated:April 22, 2026, 08:35 IST Morning Tea in Summer: गर्मी के मौसम में कई लोग चाय अवॉइड करते हैं, जबकि कुछ लोग सुबह-सुबह चाय पीना पसंद करते हैं. चाय को लेकर अक्सर लोग अजमंजस में रहते हैं. डाइटिशियन कामिनी सिन्हा के अनुसार गर्मियों में सुबह खाली पेट चाय नहीं पीनी चाहिए. इससे शरीर में डिहाइड्रेशन, एसिडिटी और पाचन समस्याएं हो सकती हैं. सुबह-सुबह सबसे पहले पानी पिएं, फिर हेल्दी नाश्ता करें और इसके बाद ही चाय पिएं. अगर चाय अवॉइड कर सकें, तो इसकी जगह हेल्दी ड्रिंक पिएं. एक्सपर्ट के मुताबिक गर्मी में सुबह खाली पेट चाय पीने से परहेज करना चाहिए. Summer Health Tips: गर्मी का मौसम आते ही खानपान में बदलाव करना बेहद जरूरी हो जाता है. सर्दी में अधिकतर लोग दिन की शुरुआत गर्मागर्म चाय के साथ करते हैं, लेकिन गर्मी में यह आदत बदलना जरूरी होता है. सुबह की शुरुआत किस चीज से की जाए, यह फैसला हमारे पूरे दिन की सेहत और एनर्जी पर असर डालता है. ज्यादातर लोगों की आदत होती है कि वे दिन की शुरुआत चाय से करते हैं, लेकिन गर्मियों में यही आदत कई बार शरीर पर नकारात्मक प्रभाव भी डाल सकती है. डाइटिशियन से जान लेते हैं कि गर्मी में सुबह-सुबह चाय पीना सही है या नहीं. अगर ऐसा करेंगे, तो शरीर पर क्या असर होगा. नोएडा के डाइट मंत्रा क्लीनिक की डाइटिशियन कामिनी सिन्हा ने News18 को बताया सुबह खाली पेट चाय पीना किसी भी मौसम में फायदेमंद नहीं माना जाता है. खासतौर से गर्मियों में खाली पेट चाय बिल्कुल अवॉइड करनी चाहिए. चाय में मौजूद कैफीन शरीर को तुरंत एनर्जी देने का काम करता है, लेकिन यह शरीर में डिहाइड्रेशन भी बढ़ा सकता है. रातभर सोने से शरीर में पानी की कमी हो जाती है और सुबह उठने के बाद सबसे पहले एक गिलास पानी पीना चाहिए. सुबह खाली पेट चाय पीने से एसिडिटी और गैस की समस्या भी हो सकती है. गर्मी के मौसम में पाचन तंत्र थोड़ा सेंसिटिव हो जाता है. चाय में मौजूद टैनिन्स पेट में एसिड का स्तर बढ़ा सकते हैं. इससे सीने में जलन, अपच और पेट दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. एक्सपर्ट ने बताया कि अगर आप चाय के बिना दिन की शुरुआत नहीं कर पा रहे हैं, तो कुछ सावधानियां अपनाना जरूरी है. चाय पीने से पहले हल्का नाश्ता कर लें. आप चाय में चीनी की मात्रा कम रखें और दिन में 1-2 कप से ज्यादा चाय न पिएं. इससे शरीर पर इसके नेगेटिव असर कम किए जा सकते हैं. गर्मियों में चाय के बेहतर विकल्प भी मौजूद हैं, जो शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ हाइड्रेट भी रखते हैं. नारियल पानी, नींबू पानी, छाछ या हर्बल ड्रिंक्स का सेवन गर्मी में फायदेमंद हो सकता है. ये चीजें शरीर को ठंडा रखती हैं, बल्कि जरूरी मिनरल्स और इलेक्ट्रोलाइट्स भी देती हैं, जिससे आप तरोताजा महसूस करते हैं. कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि गर्मियों में सुबह-सुबह चाय पीना पूरी तरह से गलत नहीं है, लेकिन इसे सही तरीके और मात्रा में लेना जरूरी है. सबसे अच्छा तरीका यही है कि आप अपने शरीर की जरूरतों को समझें और उसी के अनुसार अपनी आदतों में बदलाव करें. एक संतुलित दिनचर्या और सही खान-पान ही आपको गर्मी के मौसम में हेल्दी रख सकता है. अगर आपको पहले से कोई स्वास्थ्य समस्या है, तो चाय पीने से पहले डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह जरूर लें. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें First Published : April 22, 2026, 08:35 IST
World Bank Ajay Banga & Nikhil Kamath Discuss Youth DQ Success Mantra India

Hindi News Business World Bank Ajay Banga & Nikhil Kamath Discuss Youth DQ Success Mantra India नई दिल्ली12 मिनट पहले कॉपी लिंक वर्ल्ड बैंक के प्रेसिडेंट अजय बंगा ने कहा कि विकासशील देशों में गरीबी मिटानी है तो नौकरियां देनी होंगी। उन्होंने पीपल बाय डब्ल्यूटीएफ पर ब्रोकरेज फर्म जीरोधा के सीईओ निखिल कामथ के साथ बातचीत में ग्लोबल इकोनॉमी, भारत की प्रगति और युवाओं के भविष्य को लेकर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर में आए बदलावों की तारीफ की, तो वहीं देश में पर्यटन की कम संख्या पर चिंता भी जताई। बंगा ने अपने करियर के अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि कैसे एक ‘आर्मी ब्रैट’ से लेकर वर्ल्ड बैंक के शीर्ष पद तक का उनका सफर लचीलेपन और सही फैसलों पर टिका रहा। पढ़िए इस बातचीत के संपादित अंश… सवाल: आप भारत की वर्तमान आर्थिक स्थिति और भविष्य को कैसे देखते हैं? जवाब: मैं भारत के भविष्य को लेकर बहुत आशावादी हूं। पिछले 20-25 सालों में भारत का इंफ्रास्ट्रक्चर-चाहे वो सड़कें हों, पोर्ट्स हों या बिजली-पानी-पूरी तरह बदल गया है। जब लोगों के पास बुनियादी सुविधाएं होती हैं और वे भविष्य को लेकर सकारात्मक होते हैं, तो खपत बढ़ती है। भारत अभी उसी दौर में है जहां मध्यम वर्ग का दायरा बढ़ रहा है। समृद्धि के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य और शिक्षा ही सबसे मजबूत स्तंभ हैं और भारत सही दिशा में है। सवाल: भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए टूरिज्म सेक्टर की क्या भूमिका हो सकती है? जवाब: भारत के पास पहाड़ों से लेकर समुद्र तट, बेहतरीन खाना और समृद्ध संस्कृति है। इसके बावजूद यहां साल भर में 2 करोड़ (20 मिलियन) से भी कम पर्यटक आते हैं। यह भारत की असली क्षमता के मुकाबले बहुत कम है। अगर हम टूरिज्म पर सही से फोकस करें, तो यह अर्थव्यवस्था के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है। सवाल: आपने सफलता के लिए IQ और EQ के साथ DQ की बात की है, यह ‘DQ’ क्या है? जवाब: पहले लोग सिर्फ बुद्धिमानी (IQ) को देखते थे, फिर टीम वर्क और भावनाओं (EQ) को समझने का दौर आया। लेकिन आज के दौर में ‘DQ’ यानी Decency Quotient (शालीनता का स्तर) सबसे जरूरी है। इसका मतलब है कि आप कितने शालीन और ईमानदार इंसान हैं। क्या लोग आपके साथ काम करना चाहते हैं? क्या आप दूसरों को आगे बढ़ने का फेयर चांस देते हैं? सादगी और दूसरों के प्रति सम्मान ही आज की सबसे बड़ी लीडरशिप स्किल है। सवाल: नौकरी को लेकर आपके पास क्या आंकड़े हैं? जवाब: यह एक गंभीर चुनौती है। अगले 15 सालों में उभरते बाजारों में करीब 120 करोड़ युवा कामकाजी उम्र (18 साल) के हो जाएंगे। लेकिन, वर्तमान स्थिति के हिसाब से हम सिर्फ 40 करोड़ नौकरियां ही पैदा कर पाएंगे। यह 80 करोड़ नौकरियों का जो गैप है, वह दुनिया में अस्थिरता और हिंसा का कारण बन सकता है। इसीलिए वर्ल्ड बैंक का पूरा फोकस अब ‘आशा और अवसर’ पैदा करने पर है। सवाल: वर्ल्ड बैंक कैसे काम करती है? जवाब: वर्ल्ड बैंक सिर्फ पैसे देने वाला बैंक नहीं, बल्कि एक ‘नॉलेज बैंक’ है जिसके पास 80 साल का अनुभव है। इसके पांच मुख्य अंग हैं। IBRD मध्यम आय वाले देशों को लोन देता है, जबकि IDA सबसे गरीब देशों को अनुदान देता है। IFC प्राइवेट सेक्टर में निवेश बढ़ाता है और MIGA राजनीतिक जोखिमों का बीमा करता है। हम हर साल लगभग 120 बिलियन डॉलर बाजार में लगाते हैं। हमारी ‘ट्रिपल-A’ रेटिंग की वजह से हम बाजार से सस्ता पैसा जुटा पाते हैं। सवाल: गरीबी दूर करने के लिए आप किस मॉडल को सबसे प्रभावी मानते हैं? जवाब: गरीबी को खत्म करने का सबसे अचूक हथियार ‘नौकरी’ है। मेरा मानना है कि अमीरों से छीनकर गरीबों को देने के बजाय हमें ‘नदी का जल स्तर’ बढ़ाना चाहिए ताकि सभी नावें ऊंची उठ सकें। सरकार का काम सही नियम और इंफ्रास्ट्रक्चर बनाना है, जबकि नौकरियां पैदा करना प्राइवेट सेक्टर, खासकर छोटे और मध्यम उद्योगों का काम है। नौकरी से सिर्फ पैसा नहीं आता, व्यक्ति में आत्मविश्वास और उम्मीद भी जगती है। सवाल: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के आने से क्या नौकरियों पर खतरा मंडरा रहा है? जवाब: विकसित देशों में ‘Big AI’ सर्विस सेक्टर और कोडिंग के लिए चुनौती हो सकता है, लेकिन भारत जैसे देशों के लिए ‘स्माॉल AI’ वरदान बनेगा। ऐसा AI जो फोन पर बिना इंटरनेट के किसान को कीटनाशक की जानकारी दे सके या डॉक्टर को बीमारी पहचानने में मदद करे, वह असली बदलाव लाएगा। अगर हम युवाओं को सही स्किल्स दें, तो तकनीक बोझ नहीं, बल्कि तरक्की का रास्ता बनेगी। सवाल: भारतीय मूल के CEO दुनिया की बड़ी कंपनियों को लीड कर रहे हैं, इसका राज क्या है? जवाब: इसके तीन मुख्य कारण हैं। पहला- विविधता: भारत में हम अलग-अलग धर्मों और संस्कृतियों के बीच पलते हैं, जिससे हम हर तरह के लोगों के साथ काम करना सीख जाते हैं। दूसरा- जुगाड़ (लचीलापन): इंफ्रास्ट्रक्चर की कमियों के बीच हमने हमेशा ‘प्लान-बी’ और ‘प्लान-सी’ तैयार रखना सीखा है। तीसरा- रिस्क लेने की क्षमता: सफलता 50% किस्मत है और 50% इस पर निर्भर है कि आप मिले हुए मौके पर कितना बड़ा रिस्क लेते हैं। सवाल: युवाओं के लिए आपकी क्या विशेष सलाह है? जवाब: हमेशा फ्लेक्सिबल और अडॉप्टेबल रहें। कभी भी ‘आर्मचेयर क्रिटिक’ न बनें, यानी बाहर बैठकर सिर्फ बुराई न करें, बल्कि मैदान में उतरकर बदलाव का हिस्सा बनें। और सबसे जरूरी बात-हमेशा आशावादी रहें। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
महाकाल की शरण में सांसद-एक्टर रवि किशन:भस्म आरती के बाद किए दिव्य दर्शन, गोरखपुर की खुशहाली की मांगी कामना

भोजपुरी और हिन्दी सिनेमा के प्रसिद्ध अभिनेता एवं गोरखपुर से सांसद रवि किशन ने बुधवार सुबह श्री महाकालेश्वर मंदिर में भगवान महाकाल के दर्शन किए। वे भस्म आरती के पश्चात मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर पहुंचने के बाद रवि किशन ने सबसे पहले नंदी हॉल में पूजा-अर्चना की और फिर चांदी द्वार से भगवान महाकाल के दर्शन किए। इस दौरान उन्होंने जल अर्पित कर भगवान का स्मरण किया और लगातार महाकाल का जाप करते नजर आए। करीब 15 मिनट तक मंदिर परिसर में रहकर उन्होंने श्रद्धा के साथ दर्शन किए और देश-प्रदेश के कल्याण की कामना की। दर्शन के बाद रवि किशन ने कहा कि जब भी बाबा महाकाल के दिव्य दर्शन का अवसर मिलता है, जीवन धन्य हो जाता है। उन्होंने गोरखपुर की जनता के लिए विशेष रूप से भगवान महाकाल के चरणों में प्रार्थना की और सभी के स्वास्थ्य एवं समृद्धि की कामना की।
महाकाल की शरण में सांसद-एक्टर रवि किशन:भस्म आरती के बाद किए दिव्य दर्शन, गोरखपुर की खुशहाली की मांगी कामना

भोजपुरी और हिन्दी सिनेमा के प्रसिद्ध अभिनेता एवं गोरखपुर से सांसद रवि किशन ने बुधवार सुबह श्री महाकालेश्वर मंदिर में भगवान महाकाल के दर्शन किए। वे भस्म आरती के पश्चात मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर पहुंचने के बाद रवि किशन ने सबसे पहले नंदी हॉल में पूजा-अर्चना की और फिर चांदी द्वार से भगवान महाकाल के दर्शन किए। इस दौरान उन्होंने जल अर्पित कर भगवान का स्मरण किया और लगातार महाकाल का जाप करते नजर आए। करीब 15 मिनट तक मंदिर परिसर में रहकर उन्होंने श्रद्धा के साथ दर्शन किए और देश-प्रदेश के कल्याण की कामना की। दर्शन के बाद रवि किशन ने कहा कि जब भी बाबा महाकाल के दिव्य दर्शन का अवसर मिलता है, जीवन धन्य हो जाता है। उन्होंने गोरखपुर की जनता के लिए विशेष रूप से भगवान महाकाल के चरणों में प्रार्थना की और सभी के स्वास्थ्य एवं समृद्धि की कामना की।
Datia CCTV Camera Theft | Marriage Garden Day Light Burglary

दतिया के सेवढ़ा स्थित एक मैरिज गार्डन में दिनदहाड़े चोरी हो गई। यहां 20 अप्रैल की सुबह शादी समारोह के दौरान स्टेज पर सो रहे एक कैमरामैन का कैमरा अज्ञात चोर चुरा ले गया। यह पूरी वारदात गार्डन में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में कैद हो गई है। . पीड़ित कैमरामैन ने पुलिस को घटना की मौखिक सूचना दे दी है और लिखित शिकायत देने की तैयारी है, जिसके बाद पुलिस फुटेज के आधार पर आरोपी की तलाश शुरू करेगी। विदाई से पहले थकान के चलते स्टेज पर लेटा था कैमरामैन जानकारी के अनुसार, कस्बा सेवढ़ा में लहार तिराहा स्थित शहनाई गार्डन में शादी समारोह चल रहा था। 20 अप्रैल की सुबह कैमरामैन विदाई की रस्म से पहले थकान के चलते स्टेज पर ही थोड़ी देर आराम करने के लिए लेट गया था। इसी दौरान उसकी आंख लग गई और वह गहरी नींद में सो गया। मौका पाकर कैमरा ले उड़ा चोर, सामान्य चाल में निकला कैमरामैन को सोता देख पहले से घात लगाए बैठे एक अज्ञात युवक ने मौके का फायदा उठाया। चोर ने बिना किसी हड़बड़ी के कैमरामैन के पास रखा हुआ कैमरा उठाया और बिल्कुल सामान्य चाल चलते हुए गार्डन से बाहर निकल गया। नींद खुली तो गायब था कैमरा, CCTV में आया नजर कुछ देर बाद जब कैमरामैन की नींद खुली तो उसने अपना कैमरा गायब पाया। उसने तत्काल अपने हेल्पर से पूछताछ की, लेकिन तब तक चोर वहां से फरार हो चुका था। इसके बाद जब गार्डन में लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज खंगाले गए, तो उसमें एक युवक कैमरा ले जाते हुए साफ नजर आ रहा है। पुलिस के मुताबिक, कैमरामैन ने घटना की मौखिक जानकारी दी है और लिखित शिकायत मिलने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
Kashmir Pahalgam Terror Attack Anniversary; Baisaran Valley

Hindi News National Kashmir Pahalgam Terror Attack Anniversary; Baisaran Valley | Indian Army Vs Pakistan नई दिल्ली30 मिनट पहलेलेखक: रमेश पाल कॉपी लिंक आज पहलगाम आतंकी हमले को एक साल हो गया। इससे पहले ही कश्मीर के सभी टूरिस्ट स्पॉट्स पर सुरक्षा बढ़ा दी गई। सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। घाटी में काम करने वाले हर पोनी, सर्विस प्रोवाइडर, लोकल गाइड के लिए QR कोड बेस्ड स्पेशल चेकिंग सिस्टम बनाया गया है। 22 अप्रैल 2025 को हुए हमले में आतंकियों ने बैसरन घाटी में घूमने आए सैलानियों पर अंधाधुंध गोलीबारी की थी। इस गोलीबारी में 26 लोगों की मौत हुई थी। इधर, आतंकी हमले को याद करते हुए पीएम मोदी ने एक पोस्ट में लिखा है- पिछले साल आज ही के दिन पहलगाम में हुए भयानक आतंकी हमले में जान गंवाने वाले निर्दोष लोगों को याद कर रहा हूं। उन्हें कभी भुलाया नहीं जाएगा। एक राष्ट्र के तौर पर, हम दुख और संकल्प में एकजुट हैं। भारत आतंकवाद के किसी भी रूप के आगे कभी नहीं झुकेगा। आतंकवादियों के नापाक मंसूबे कभी कामयाब नहीं होंगे।” आतंकी हमले की बरसी पर भारतीय सेना के 2 बयान… पहला बयान: कुछ हदें कभी नहीं लांघनी चाहिए। भारत कुछ नहीं भूला। जब इंसानियत की हदें पार की जाती हैं, तो मुंहतोड़ जवाब दिया जाता है। न्याय हो चुका है। भारत एकजुट है। दूसरा बयान: भारत के खिलाफ किए गए हर कृत्य का जवाब मिलना तय है। न्याय जरूर मिलेगा। हमेशा मिलेगा। ऑपरेशन सिंदूर जारी है। बैसरन में बना स्मारक… बैसरन घाटी में बना मेमोरियल। इस पर उन लोगों के नाम हैं, जिन्हें आतंकियों ने गोलियों से भून दिया था। अब पढ़िए उन 4 घरों की दास्तान जहां सन्नाटा आज भी चीखता है… 1. लेफ्टिनेंट विनय नरवाल वक्त गुजरा है, पर मानो दर्द वहीं ठहरा है पहलगाम में जान गंवाने वाले हरियाणा के करनाल निवासी 26 साल लेफ्टिनेंट विनय नरवाल की 6 दिन पहले शादी हुई थी। वे पत्नी हिमांशी के साथ कश्मीर गए थे। माता-पिता के इकलौते बेटे थे। तीन साल पहले ही नौसेना में भर्ती हुए थे। ‘बेटा देवदूत की तरह आया और चला गया… अब तो बस उसकी यादों का अंतहीन सफर बाकी है।’ करनाल के सेक्टर-7 में जब राजेश नरवाल अपने शहीद बेटे नेवी लेफ्टिनेंट विनय नरवाल का जिक्र करते हैं, तो गला रुंध जाता है और शब्द आंसुओं में ढलने लगते हैं। वे बताते हैं- शादी की तैयारियों के बीच विनय, उनके मामा और मैं शॉपिंग के लिए दिल्ली जा रहे थे। तब विनय ने रास्ते में फ्यूचर प्लान बताया था। उसने कहा था कि उसने तय किया हुआ है कि बच्चों के नाम क्या होंगे। इन्वेस्टमेंट का क्या प्लान है। 50 साल की उम्र के बाद जिंदगी कैसी होगी…। उसने घर को भी दोबारा से बनाने की बात कही थी। हमारा दर्द तो मानो उसी मंजर में ठहर गया है, रह-रहकर दिल रो उठता है। इस गहरे दुख के बीच श्रीमद्भागवत गीता का पाठ ही हमारा एकमात्र संबल है। पिता को गर्व है कि सरकार ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब दिया, पर उनकी एक टीस बाकी है। वे चाहते हैं, विनय की स्मृति में किसी मेडिकल कॉलेज या यूनिवर्सिटी का नाम रखा जाए, ताकि उसकी सेवा भावना अमर रहे। 1 मई को विनय के जन्मदिन पर परिवार रक्तदान शिविर लगाकर अपने ‘देवदूत’ को याद करेगा। 2. बितान अधिकारी के घर में अब मिठाइयां नहीं बनाई जातीं कोलकाता के रहने वाले 40 साल के बितान अधिकारी सॉफ्टवेयर इंजीनियर थे। वे अमेरिका के फ्लोरिडा में टीसीएस में कार्यरत थे। पत्नी और 3 साल के बेटे के साथ छुट्टियां मनाने कश्मीर गए थे। पत्नी व बच्चे के सामने उन्हें गोली मारी गई। ‘अब किसके लिए बनाऊं? जो खाने का शौकीन था, वही चला गया…’ दक्षिण कोलकाता के सूने घर में 75 वर्षीय माया अधिकारी के ये शब्द उनके दर्द को बयां करते हैं। 22 अप्रैल 2025 को बेटे बितान अधिकारी की मौत की खबर ने परिवार को तोड़ दिया। अमेरिका से लौटे बितान ने 15 अप्रैल को ‘पोइला बैसाख’ पर मां से मिलकर आने का वादा किया था, लेकिन घर लौटा उसका शव। एक साल बाद भी मां का दुख कम नहीं हुआ है। वे कहती हैं कि अब न दूध पीती हैं, न मिठाई बनाती हैं—क्योंकि खाने वाला ही नहीं रहा। 2016 में अमेरिका गए बितान ने 2018 में यह घर बनवाया था और घर की हर चीज उसी ने खरीदी थी। उनकी कोई तस्वीर घर में नहीं रखी गई, क्योंकि उसे देखना मां के लिए असहनीय है। माया अधिकारी बहू से फोन पर बात करती हैं, जो पति को खोने के बाद छोटे बच्चे की जिम्मेदारी संभाल रही है। वे अपने गुरुदेव की पूजा कर इस दुख से उबरने की कोशिश कर रही हैं और 22 अप्रैल को बेटे की याद में घर पर पूजा करेंगी। 3. शुभम द्विवेदी का परिवार हर महीने 22 तारीख को भोज कराता है कानपुर के रहने वाले 30 साल के कारोबारी शुभम द्विवेदी और ऐशन्या की दो महीने पहले ही शादी हुई थी। परिवार के 11 लोगों के साथ वे पहलगाम गए थे। आतंकियों ने पहले उनका नाम पूछा, फिर सिर में गोली मारकर हत्या कर दी। ‘लाइफ पार्टनर के सामने उसके हसबैंड को मार दिया जाए, तो उसे कोई कभी नहीं भूल सकता। ये जिंदगीभर का दुख है।’ कानपुर की ऐशन्या कहती हैं, ‘मुझे नहीं लगता कि मैं कोई एक पल आपको बता पाऊंगी, क्योंकि जब आप किसी को खो देते हो तो हर दिन मुश्किल हो जाता है। चाहे त्योहार हो या एनिवर्सरी। हमारी शादी के दो महीने ही हुए थे। मैंने उसके साथ कोई एनिवर्सरी नहीं मनाई, न ही कोई त्योहार। जब कभी कुछ अच्छा काम करती हूं, तो बताने का मन होता है, फिर लगता है किससे बताऊं। सबसे ज्यादा 26 फरवरी को शुभम के जन्मदिन और 12 फरवरी को जिस दिन हमारी शादी हुई थी, उस दिन उसकी बहुत ज्यादा याद आई।’ वहीं, पिता संजय द्विवेदी ऑफिस में बेटे की तस्वीर निहारने के बाद ही काम शुरू करते हैं। वे हर महीने की 22 तारीख को शुभम की याद में गांव में भोज कराते हैं। वे कहते हैं- 22 अप्रैल को कानपुर में शुभम को









