Vinesh Phogat Returns to Wrestling

Hindi News Sports Vinesh Phogat Returns To Wrestling | Gonda Open Ranking Tournament स्पोर्ट्स डेस्क25 मिनट पहले कॉपी लिंक विनेश पेरिस ओलिंपिक के बाद पहली बार टूर्नामेंट खेलेंगी। विनेश फोगाट 20 महीने बाद किसी रेसलिंग टूर्नामेंट में हिस्सा लेंगी। उन्होंने मंगलवार को उत्तर प्रदेश की नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट के लिए रजिस्ट्रेशन कराया। विनेश ने X पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। हालांकि विनेश ने पहले आरोप लगाया था कि रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) उन्हें टूर्नामेंट में हिस्सा लेने से रोक रहा है। विनेश ने सोशल मीडिया पर लिखा- ‘आज सुबह मेरा रजिस्ट्रेशन पूरा हो गया। कल लिंक बंद होने की वजह से मैं रजिस्ट्रेशन नहीं कर पाई थी। सबके सपोर्ट के लिए शुक्रिया।’ रजिस्ट्रेशन में देरी पर WFI ने सफाई दी विनेश के रजिस्ट्रेशन में हुई देरी पर WFI ने बताया कि पोर्टल में तकनीकी दिक्कत आई थी। इसकी वजह से सिर्फ विनेश नहीं, बल्कि कई पहलवानों का रजिस्ट्रेशन अटका हुआ था। बाद में लिंक खुलने पर एंट्री सबमिट हुई है। फेडरेशन ने कहा कि विनेश का रजिस्ट्रेशन सोमवार रात 10:29 बजे पूरा हो गया था, जबकि विनेश ने अपनी पोस्ट में मंगलवार सुबह इसका जिक्र किया है। पेरिस ओलिंपिक के बाद संन्यास लिया था पेरिस ओलिंपिक 2024 में विनेश ने 50 किलोग्राम फ्री-स्टाइल कुश्ती में हिस्सा लिया था। उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में जगह बना ली थी, लेकिन मुकाबले से पहले उनका वजन लगभग 100 ग्राम ज्यादा पाया गया। इसके बाद ओलिंपिक नियमों के तहत उन्हें टूर्नामेंट से डिसक्वालिफाई कर दिया गया। इससे दुखी होकर विनेश ने 8 अगस्त को संन्यास लेने की घोषणा की थी। हालांकि दिसंबर 2024 में उन्होंने अपना रिटायरमेंट वापस ले लिया। विनेश को फाइनल से पहले ओवरवेट की वजह से डिस्क्वालिफाई कर दिया गया था। एशियन गेम्स और 2028 ओलंपिक पर निगाहें विनेश 57 किलो कैटेगरी में 10 से 12 मई तक गोंडा में होने वाले टूर्नामेंट में हिस्सा लेंगी। अब उनका लक्ष्य आने वाले एशियन गेम्स और 2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक पर है। विनेश हरियाणा विधानसभा चुनाव 2024 में कांग्रेस के टिकट पर विधायक भी चुनी गई हैं। —————————————————————- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… थॉमस कप क्वार्टर फाइनल में भारत:ऑस्ट्रेलिया को 5-0 से हराया, विमेंस टीम का ग्रुप स्टेज में खत्म हुआ अभियान भारतीय पुरुष बैडमिंटन टीम ने थॉमस कप 2026 में शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
कथावाचक ने पशु बलि को बताया अंधविश्वास:रायपुरिया के मातापाड़ा में कृष्ण जन्मोत्सव, 'जय कन्हैया लाल की' गूंज

रायपुरिया क्षेत्र के ग्राम माता पाड़ा में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन कृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया। वासुदेव के भगवान कृष्ण को टोकरी में लेकर पंडाल में प्रवेश करते ही पूरा वातावरण ‘नंद घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने इस अवसर पर नृत्य कर अपनी खुशी व्यक्त की। व्यास पीठ से अंतरराष्ट्रीय कथावाचक बालकृष्ण नागर ने समाज में व्याप्त कुरीतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बेजुबान पशुओं की बलि देने से माता प्रसन्न नहीं होतीं; यह केवल एक अंधविश्वास है। नागर ने तर्क दिया कि कोई भी माता अपने बच्चों की बलि स्वीकार नहीं कर सकती। ईश्वर को प्रसन्न करने के लिए सच्चे मन और निर्मल भाव की आवश्यकता होती है, जिससे वे भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। नागर ने जातिवाद के भेदभाव को समाप्त करने का संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में सभी हिंदू समान हैं। उन्होंने मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम का उदाहरण देते हुए बताया कि प्रभु ने माता शबरी के झूठे बेर खाकर समाज को समानता का पाठ पढ़ाया था। ईश्वर की दृष्टि में कोई ऊंच-नीच नहीं है और उनकी कृपा सभी भक्तों पर एक समान होती है। जन्मोत्सव के अवसर पर सारंगी, पेटलावद और आसपास के ग्रामीण अंचलों से आए श्रद्धालुओं ने भजनों पर नृत्य कर अपनी खुशी व्यक्त की। कार्यक्रम का समापन भगवान की आरती और माखन-मिश्री के प्रसाद वितरण के साथ हुआ।
लू का जानलेवा अटैक! 40 पार हो चुका पारा, शरीर दे ये संकेत तो तुरंत अपनाएं सरकारी गाइडलाइन, वरना…

Last Updated:April 28, 2026, 18:49 IST दिल्ली समेत कई राज्यों में तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच चुका है और हीटवेव का खतरा तेजी से बढ़ रहा है. ऐसे में जरा सी लापरवाही भी सेहत पर भारी पड़ सकती है. इसलिए जानिए गर्मी से बचने के जरूरी फर्स्ट एड टिप्स, जो आयुष मंत्रालय ने शेयर किए हैं… हीटवेव के दौरान शरीर का तापमान तेजी से बढ़ने लगता है. राजधानी दिल्ली सहित देश के कई राज्यों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच चुका है, जिसके कारण हीटवेव का खतरा लगातार बढ़ रहा है. ऐसे मौसम में स्वास्थ्य का खास ध्यान रखना बेहद जरूरी है, क्योंकि छोटी सी लापरवाही भी गंभीर परेशानी पैदा कर सकती है. इसी को ध्यान में रखते हुए आयुष मंत्रालय ने लोगों के लिए कुछ जरूरी और आसान फर्स्ट एड टिप्स साझा किए हैं, ताकि तेज गर्मी के असर से बचा जा सके. आयुष मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि हीटवेव के दौरान शरीर का तापमान तेजी से बढ़ने लगता है और पानी की कमी होने लगती है. इस वजह से चक्कर आना, कमजोरी महसूस होना, सिर दर्द, ज्यादा पसीना आना और कुछ मामलों में बेहोशी जैसी स्थिति भी बन सकती है. ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत सतर्क हो जाना चाहिए. अगर किसी व्यक्ति को चक्कर, घबराहट या बेचैनी महसूस हो रही हो, तो सबसे पहले उसे ठंडी या छायादार जगह पर ले जाना चाहिए. तेज धूप में रहने से स्थिति और खराब हो सकती है. इसके बाद व्यक्ति को आराम करने दें और तंग कपड़ों की जगह ढीले कपड़े पहनाएं, ताकि शरीर को हवा मिल सके. साथ ही शरीर में पानी की कमी न हो, इसके लिए लगातार पानी पीते रहें. ओआरएस, नींबू पानी और नारियल पानी जैसे पेय पदार्थ भी काफी फायदेमंद साबित हो सकते हैं. यदि किसी को अत्यधिक गर्मी महसूस हो रही हो, तो उसके शरीर पर गीले कपड़े या पानी से हल्का स्पंज करना राहत दे सकता है. इससे शरीर का तापमान धीरे-धीरे सामान्य होने लगता है. हालांकि अगर व्यक्ति बेहोश हो जाए, तो उसे जबरदस्ती पानी या कोई भी चीज खाने-पीने के लिए न दें. मंत्रालय ने सलाह दी है कि गर्मियों में दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच बाहर निकलने से बचना चाहिए, क्योंकि इस समय तापमान सबसे अधिक रहता है. अगर बाहर जाना जरूरी हो, तो सिर ढककर निकलें और हल्के रंग के ढीले कपड़े पहनें. इसके अलावा खानपान का भी विशेष ध्यान रखना जरूरी है. हल्का, ताजा और पौष्टिक भोजन करें. ज्यादा तला-भुना या भारी खाना खाने से बचें. साथ ही चाय, कॉफी और शराब जैसी चीजों का सेवन कम करना चाहिए, क्योंकि ये शरीर में पानी की कमी बढ़ा सकती हैं. About the Author Vividha SinghSub Editor विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi First Published : April 28, 2026, 18:49 IST
अब शराब दुकानों पर क्यूआर कोड लगाना जरूरी:आबकारी आयुक्त के निर्देश- जो ठेकेदार नहीं लगाएंगे, उनके लाइसेंस निरस्त होंगे

मध्य प्रदेश में अब एमआरपी से ज्यादा और एमएसपी से कम कीमत पर शराब नहीं बिक सकेगी। इस व्यवस्था को प्रभावी करने के लिए आबकारी विभाग ने प्रदेश की सभी शराब दुकानों पर ई-आबकारी पोर्टल द्वारा जनरेटेड क्यूआर कोड लगाना अनिवार्य कर दिया है। इसे स्कैन करते ही उपभोक्ता के मोबाइल पर संबंधित जिले की शराब की रेट लिस्ट खुल जाएगी। प्रदेश की शराब दुकानों पर हो रही मनमानी वसूली को रोकने आबकारी विभाग ने सख्ती करने का फैसला किया है। विभाग ने यह फैसला जिलों में शराब की दुकानों पर एमआरपी से अधिक दाम में शराब बेचने के साथ एमएसपी से कम कीमत पर बिक्री करने के मामलों में किया है। विभाग ने इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए अब हर मदिरा दुकान पर ‘क्यूआर कोड’ चस्पा करना अनिवार्य कर दिया है। उपभोक्ता खुद करेंगे ब्रांड की कीमत का सत्यापन आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना ने कहा है कि यह व्यवस्था उपभोक्ताओं को सशक्त बनाएगी, जिससे वे मौके पर ही अपने स्मार्टफोन से स्कैन कर ब्रांड की वास्तविक और कानूनी दरों का सत्यापन कर सकेंगे। इसके लिए ही तय किया है कि अब हर शराब दुकान पर ई-आबकारी पोर्टल द्वारा जनरेटेड क्यूआर कोड लगाना होगा। इसे स्कैन करते ही उपभोक्ता के मोबाइल पर संबंधित जिले की रेट लिस्ट खुल जाएगी। कोई दुकान संचालक यदि निर्धारित एमएसपी से कम या एमआरपी से ज्यादा पर बिक्री करता है, तो आबकारी नियमों के अंतर्गत उसके विरुद्ध लाइसेंस निरस्त करने जैसी कड़ी कार्यवाही की जाएगी। इसका फायदा यह होगा कि उपभोक्ता अब सीधे मौके पर ही शराब की कीमत का मिलान कर सकेंगे। शराब दुकान में प्रमुख स्थानों पर लगेंगे क्यू आर कोड विभाग ने कहा है कि यह कदम उपभोक्ताओं को पारदर्शी सेवाएं देने की दिशा में एक बड़ा बदलाव है। ई-आबकारी पोर्टल के माध्यम से जिला अधिकारियों को विशेष क्यूआर कोड उपलब्ध कराए गए हैं, जिन्हें दुकानों के प्रमुख हिस्सों पर लगाना होगा। कोई लायसेंसी ठेकेदार अगर इन नियमों की अनदेखी करता है या निर्धारित मूल्य से अलग बिक्री करता पाया जाता है, तो उसे भारी दंड का सामना करना पड़ेगा। इस मामले में सख्ती के लिए प्रदेश भर में 28 अप्रैल 2026 से 7 मई 2026 तक एक विशेष 10 दिवसीय जांच अभियान चलाया जा रहा है, जिसकी रिपोर्ट 11 मई तक अनिवार्य रूप से सभी जिलो से तलब की गई है। ऐसे लगेंगे क्यूआर कोड
जोमैटो का मुनाफा 346% बढ़कर ₹174 करोड़ रहा:चौथी तिमाही में रेवेन्यू भी 196% बढ़ा, कंपनी का शेयर एक साल में 14% चढ़ा

फूड डिलीवरी करने वाली कंपनी इटरनल यानी जोमैटो ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में 17,634 करोड़ रुपए की कुल कमाई की। यह पिछले साल के मुकाबले 184% बढ़ी है। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी ने 6,201 करोड़ रुपए की कमाई की थी। कुल कमाई में से सैलरी, टैक्स, कच्चे माल की कीमत जैसे खर्चे निकाल दें तो कंपनी के पास 174 करोड़ रुपए शुद्ध मुनाफे (नेट प्रॉफिट) के रूप में बचे। यह 2025 की जनवरी-मार्च तिमाही से 346% ज्यादा रहा है। पिछले साल कंपनी को 39 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ था। रेवेन्यू 196% बढ़कर ₹17,292 करोड़ रहा चौथी तिमाही में कंपनी का राजस्व यानी रेवेन्यू 17,292 करोड़ रुपए रहा। सालाना आधार पर यह 196% बढ़ा है। जनवरी-मार्च 2025 में कंपनी ने 5,833 करोड़ रुपए का रेवेन्यू जनरेट किया था। वस्तुओं और सेवाओं को बेचने से मिलने वाली राशि को रेवेन्यू या राजस्व कहा जाता है। जोमैटो का शेयर एक साल में 14% चढ़ा चौथी तिमाही के नतीजों के बाद जोमैटो का शेयर आज 1.09 % चढ़कर 258.28 रुपए पर बंद हुआ। बीते 6 महीने में कंपनी का शेयर 22% गिरा है। वहीं, इस साल यानी 1 जनवरी से अब तक कंपनी का शेयर 9% गिरा है। वहीं बीते एक साल में कंपनी का शेयर 14% चढ़ा है। जोमैटो का मार्केट कैप 2.30 लाख करोड़ रुपए है। कंसॉलिडेटेड मुनाफा मतलब पूरे ग्रुप का प्रदर्शन कंपनियों के रिजल्ट दो भाग में आते हैं- स्टैंडअलोन और कंसॉलिडेटेड। स्टैंडअलोन में केवल एक यूनिट का वित्तीय प्रदर्शन दिखाया जाता है, जबकि कॉन्सोलिडेटेड या समेकित फाइनेंशियल रिपोर्ट में पूरी कंपनी की रिपोर्ट दी जाती है। यहां, जोमैटो की ब्लिंकिट समेत 21 सब्सिडियरी और 1 ट्रस्ट है। इन सभी के फाइनेंशियल रिपोर्ट को मिलाकर कॉन्सोलिडेटेड कहा जाएगा। वहीं, ब्लिंकिट के अलग रिजल्ट को स्टैंडअलोन कहा जाएगा। दीपिंदर ने 2008 में बनाई थी फूडीबे, फिर नाम बदल कर जोमैटो किया
जोमैटो का मुनाफा 346% बढ़कर ₹174 करोड़ रहा:चौथी तिमाही में रेवेन्यू भी 196% बढ़ा, कंपनी का शेयर एक साल में 14% चढ़ा

फूड डिलीवरी करने वाली कंपनी इटरनल यानी जोमैटो ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में 17,634 करोड़ रुपए की कुल कमाई की। यह पिछले साल के मुकाबले 184% बढ़ी है। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी ने 6,201 करोड़ रुपए की कमाई की थी। कुल कमाई में से सैलरी, टैक्स, कच्चे माल की कीमत जैसे खर्चे निकाल दें तो कंपनी के पास 174 करोड़ रुपए शुद्ध मुनाफे (नेट प्रॉफिट) के रूप में बचे। यह 2025 की जनवरी-मार्च तिमाही से 346% ज्यादा रहा है। पिछले साल कंपनी को 39 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ था। रेवेन्यू 196% बढ़कर ₹17,292 करोड़ रहा चौथी तिमाही में कंपनी का राजस्व यानी रेवेन्यू 17,292 करोड़ रुपए रहा। सालाना आधार पर यह 196% बढ़ा है। जनवरी-मार्च 2025 में कंपनी ने 5,833 करोड़ रुपए का रेवेन्यू जनरेट किया था। वस्तुओं और सेवाओं को बेचने से मिलने वाली राशि को रेवेन्यू या राजस्व कहा जाता है। जोमैटो का शेयर एक साल में 14% चढ़ा चौथी तिमाही के नतीजों के बाद जोमैटो का शेयर आज 1.09 % चढ़कर 258.28 रुपए पर बंद हुआ। बीते 6 महीने में कंपनी का शेयर 22% गिरा है। वहीं, इस साल यानी 1 जनवरी से अब तक कंपनी का शेयर 9% गिरा है। वहीं बीते एक साल में कंपनी का शेयर 14% चढ़ा है। जोमैटो का मार्केट कैप 2.30 लाख करोड़ रुपए है। कंसॉलिडेटेड मुनाफा मतलब पूरे ग्रुप का प्रदर्शन कंपनियों के रिजल्ट दो भाग में आते हैं- स्टैंडअलोन और कंसॉलिडेटेड। स्टैंडअलोन में केवल एक यूनिट का वित्तीय प्रदर्शन दिखाया जाता है, जबकि कॉन्सोलिडेटेड या समेकित फाइनेंशियल रिपोर्ट में पूरी कंपनी की रिपोर्ट दी जाती है। यहां, जोमैटो की ब्लिंकिट समेत 21 सब्सिडियरी और 1 ट्रस्ट है। इन सभी के फाइनेंशियल रिपोर्ट को मिलाकर कॉन्सोलिडेटेड कहा जाएगा। वहीं, ब्लिंकिट के अलग रिजल्ट को स्टैंडअलोन कहा जाएगा। दीपिंदर ने 2008 में बनाई थी फूडीबे, फिर नाम बदल कर जोमैटो किया
‘एट नो पॉइंट’: शशि थरूर ने कांग्रेस को ‘महिला विरोधी’ कहने से इनकार किया, रिजिजू के दावे को खारिज किया | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:28 अप्रैल, 2026, 18:18 IST थरूर ने अपना बचाव करते हुए कहा कि बातचीत के दौरान उनके पास “सात गवाह” मौजूद थे जो उनके बयान की पुष्टि कर सकते हैं। कांग्रेस सांसद शशि थरूर | फ़ाइल छवि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने मंगलवार को केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू के इस दावे को खारिज कर दिया कि वह इस बात से सहमत थे कि कांग्रेस “महिला विरोधी” है, उन्होंने कहा कि “मैंने कभी भी उनकी पार्टी के बारे में ऐसी कोई टिप्पणी नहीं की या उसका संकेत नहीं दिया”। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में, थरूर ने अपना बचाव करते हुए कहा कि बातचीत के दौरान उनके पास “सात गवाह” मौजूद थे जो उनके बयान की पुष्टि कर सकते थे, उन्होंने यह भी कहा कि वह उनके द्वारा की जा रही व्याख्या से किसी भी तरह से सहमत नहीं हैं। हमारे मंत्री का कहना है, ””उनका यही मतलब था”। नहीं सर, मेरा मतलब यह नहीं था। उन्होंने आगे कहा, ”कांग्रेस महिला विरोधी हो सकती है…वह एक तरह से सहमत थे।” मुझे खेद है लेकिन मैं किसी भी तरह से सहमत नहीं था।” मुझे खेद है, लेकिन अत्यंत सम्मान के साथ @किरेनरिजिजूमैंने कभी भी ऐसी कोई बात नहीं कही या इसका संकेत नहीं दिया – और मेरे पास तस्वीर में सात गवाह हैं जो इसकी पुष्टि कर सकते हैं! हमारे मंत्री कहते हैं, “उनका यही मतलब था”। नहीं सर, मेरा मतलब यह नहीं था। “वह कांग्रेस हो सकती है… https://t.co/hkUsYgOY7a – शशि थरूर (@ShashiTharoor) 28 अप्रैल 2026 थरूर ने महिला आरक्षण विधेयक पर अपनी पिछली पहलों की ओर इशारा करते हुए आगे कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने लगातार महिलाओं के अधिकारों और आरक्षण का समर्थन किया है। यह भी पढ़ें: ‘उन्होंने स्वीकार किया कि कांग्रेस महिला विरोधी है’: किरण रिजिजू की शशि थरूर पर बड़ी टिप्पणी तिरुवनंतपुरम के सांसद ने कहा, “सोनिया गांधी जैसी मजबूत महिला अध्यक्ष के नेतृत्व में कांग्रेस महिलाओं के अधिकारों और महिला आरक्षण के लिए खड़ी हुई है… हम पूरी तरह से महिला आरक्षण के पक्ष में हैं और इसे परिसीमन से जोड़े बिना अभी लागू करने के लिए तैयार हैं।” रिजिजू की कथित टिप्पणियां 18 अप्रैल को संसद की तीन दिवसीय विशेष बैठक की समाप्ति के बाद थरूर के साथ हुई बातचीत का विवरण देते हुए आईं, जिसके दौरान 2029 में विधायिकाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने और लोकसभा सीटों की संख्या 816 तक बढ़ाने के लिए संविधान (131वां संशोधन) विधेयक लोकसभा में हार गया था। थरूर ने 18 अप्रैल को लोकसभा अनिश्चित काल के लिए स्थगित होने के बाद संसदीय कार्य मंत्री रिजिजू के साथ अपनी बातचीत का एक अंश साझा किया था और कहा था कि भाजपा नेता ने स्वीकार किया कि “कोई भी मुझे कभी भी महिला विरोधी नहीं कह सकता”। थरूर ने कहा था कि महिलाएं अब तक ‘मानव 2.0’ प्रजाति का बेहतर हिस्सा हैं और संसद और हर संस्थान में प्रतिनिधित्व की हकदार हैं। उन्होंने एक्स पर कहा था, “उनकी प्रगति को शरारती और संभावित रूप से खतरनाक परिसीमन से न जोड़ें जो हमारे लोकतंत्र को तबाह कर सकता है।” थरूर ने लोकसभा में रिजिजू के साथ खड़े कुछ विपक्षी सांसदों की तस्वीर साझा करते हुए कहा था, “हमारे आकर्षक संसदीय कार्य मंत्री के साथ लोकसभा में विपक्षी सांसदों की एक छोटी सभा। “जब किरण रिजिजू ने बताया कि वह और उनकी पार्टी विपक्ष को ‘महिला विरोधी’ क्यों कह रहे हैं, तो उन्हें बताया गया कि कोई भी मुझे कभी भी महिला विरोधी नहीं कह सकता! उन्होंने बात मान ली…” जहां 298 सदस्यों ने विधेयक के समर्थन में मतदान किया, वहीं 230 सांसदों ने इसके खिलाफ मतदान किया। मतदान करने वाले 528 सदस्यों में से, विधेयक को दो-तिहाई बहुमत के लिए 352 वोटों की आवश्यकता थी। विधेयक में 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन अभ्यास के बाद, 2029 के संसदीय चुनावों से पहले महिला आरक्षण कानून को “परिचालित” करने के लिए लोकसभा सीटों की संख्या मौजूदा 543 से बढ़ाकर 816 करने का प्रस्ताव है। महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण को समायोजित करने के लिए राज्य और केंद्रशासित प्रदेश विधानसभाओं में भी सीटें बढ़ाई जानी थीं। विधेयक को संसद की मंजूरी दिलाने के लिए 16 से 18 अप्रैल तक तीन दिवसीय विशेष बैठक बुलाई गई थी। विधेयक गिरने के बाद, कांग्रेस ने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के “खतरनाक परिसीमन प्रस्तावों” को महिला आरक्षण से जोड़ने का “नापाक प्रयास” लोकसभा में निर्णायक रूप से हार गया था, इसे लोकतंत्र और संविधान की जीत बताया। (पीटीआई से इनपुट्स के साथ) चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 28 अप्रैल, 2026, 18:18 IST समाचार राजनीति ‘एट नो पॉइंट’: शशि थरूर ने कांग्रेस को ‘महिला विरोधी’ कहने से इनकार किया, रिजिजू के दावे को खारिज किया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)शशि थरूर महिला आरक्षण(टी)कांग्रेस महिला अधिकार(टी)किरेन रिजिजू का दावा(टी)महिला विरोधी आरोप(टी)महिला आरक्षण बिल(टी)33 प्रतिशत आरक्षण(टी)परिसीमन विवाद(टी)लोकसभा विशेष बैठक
Ranveer Singhs Don 3 Exit Costs Rs 40 Cr; Farhan Akhtar Speaks Out

17 मिनट पहले कॉपी लिंक फिल्म ‘डॉन 3’ को लेकर एक्टर रणवीर सिंह और डायरेक्टर फरहान अख्तर के बीच चल रहे विवाद पर अब फरहान ने खुलकर अपनी बात रखी है। फरहान ने इसे अपने करियर का एक ‘मुश्किल’ चैप्टर बताया है। हॉलिवुड इंडिया रिपोर्टर को दिए इंटरव्यू में फरहान अख्तर ने कहा, कुछ भी हल्के में नहीं लिया जा सकता। मैंने इस वाकये से सीखा है कि आपको हमेशा अनहोनी के लिए तैयार रहना चाहिए। जब तक फिल्म की शूटिंग पूरी न हो जाए, किसी भी चीज को पक्का नहीं माना जा सकता। फरहान ने आगे कहा कि उनके करियर में कई अच्छे अनुभव रहे हैं, इसलिए वे एक-दो चुनौतियों से परेशान नहीं हैं और इसे सहजता से ले रहे हैं। मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक रणवीर के फिल्म के हटने के फैसले से प्रोडक्शन हाउस ‘एक्सेल एंटरटेनमेंट’ को करीब 40 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। क्यों शुरू हुआ विवाद? रणवीर और फरहान के बीच अनबन की शुरुआत दिसंबर 2025 में हुई। फिल्म ‘धुरंधर’ की रिलीज के बाद रणवीर सिंह ने अचानक ‘डॉन 3’ से वॉकआउट कर लिया। फरहान और उनके पार्टनर रितेश सिधवानी ने इस मामले को ‘प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ इंडिया’ के सामने रखा। मीटिंग में बताया गया कि फिल्म के प्री-प्रोडक्शन पर 40 करोड़ रुपए पहले ही खर्च हो चुके थे और रणवीर ने हर स्टेज पर स्क्रिप्ट को अपनी मंजूरी दी थी। रणवीर सिंह का पक्ष और समझौते की कोशिश दूसरी तरफ, रणवीर सिंह के करीबी सूत्रों का कहना था कि जब रणवीर का करियर थोड़ा धीमा चल रहा था, तब फरहान ने ‘डॉन 3’ को ठंडे बस्ते में डाल दिया था। इसी वजह से रणवीर ने फिल्म छोड़ने का मन बनाया। इसके बाद रणवीर ने 10 करोड़ की साइनिंग अमाउंट लौटाने और अपनी अगली फिल्म ‘प्रलय’ में हिस्सा देने की पेशकश की है ताकि नुकसान की भरपाई हो सके। हालांकि, प्रोडक्शन हाउस के सूत्रों ने अभी किसी भी अंतिम समझौते से इनकार किया है। शाहरुख की जगह रणवीर को मिल था रोल बता दें कि जब फरहान अख्तर ने ‘डॉन 3’ की घोषणा की थी, तब शाहरुख खान की जगह रणवीर सिंह को कास्ट करने पर सोशल मीडिया पर काफी विरोध हुआ था। फैंस शाहरुख को ही ‘डॉन’ के रूप में देखना चाहते थे। उस वक्त फरहान ने रणवीर का पूरा साथ दिया था। अब रणवीर के हटने के बाद फिल्म का भविष्य अधर में लटका हुआ है। फिलहाल दोनों पक्षों के बीच बातचीत जारी है, लेकिन कोई ठोस रास्ता नहीं निकल पाया है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Ranveer Singhs Don 3 Exit Costs Rs 40 Cr; Farhan Akhtar Speaks Out

32 मिनट पहले कॉपी लिंक फिल्म ‘डॉन 3’ को लेकर एक्टर रणवीर सिंह और डायरेक्टर फरहान अख्तर के बीच चल रहे विवाद पर अब फरहान ने खुलकर अपनी बात रखी है। फरहान ने इसे अपने करियर का एक ‘मुश्किल’ चैप्टर बताया है। हॉलिवुड इंडिया रिपोर्टर को दिए इंटरव्यू में फरहान अख्तर ने कहा, कुछ भी हल्के में नहीं लिया जा सकता। मैंने इस वाकये से सीखा है कि आपको हमेशा अनहोनी के लिए तैयार रहना चाहिए। जब तक फिल्म की शूटिंग पूरी न हो जाए, किसी भी चीज को पक्का नहीं माना जा सकता। फरहान ने आगे कहा कि उनके करियर में कई अच्छे अनुभव रहे हैं, इसलिए वे एक-दो चुनौतियों से परेशान नहीं हैं और इसे सहजता से ले रहे हैं। मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक रणवीर के फिल्म के हटने के फैसले से प्रोडक्शन हाउस ‘एक्सेल एंटरटेनमेंट’ को करीब 40 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। क्यों शुरू हुआ विवाद? रणवीर और फरहान के बीच अनबन की शुरुआत दिसंबर 2025 में हुई। फिल्म ‘धुरंधर’ की रिलीज के बाद रणवीर सिंह ने अचानक ‘डॉन 3’ से वॉकआउट कर लिया। फरहान और उनके पार्टनर रितेश सिधवानी ने इस मामले को ‘प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ इंडिया’ के सामने रखा। मीटिंग में बताया गया कि फिल्म के प्री-प्रोडक्शन पर 40 करोड़ रुपए पहले ही खर्च हो चुके थे और रणवीर ने हर स्टेज पर स्क्रिप्ट को अपनी मंजूरी दी थी। रणवीर सिंह का पक्ष और समझौते की कोशिश दूसरी तरफ, रणवीर सिंह के करीबी सूत्रों का कहना था कि जब रणवीर का करियर थोड़ा धीमा चल रहा था, तब फरहान ने ‘डॉन 3’ को ठंडे बस्ते में डाल दिया था। इसी वजह से रणवीर ने फिल्म छोड़ने का मन बनाया। इसके बाद रणवीर ने 10 करोड़ की साइनिंग अमाउंट लौटाने और अपनी अगली फिल्म ‘प्रलय’ में हिस्सा देने की पेशकश की है ताकि नुकसान की भरपाई हो सके। हालांकि, प्रोडक्शन हाउस के सूत्रों ने अभी किसी भी अंतिम समझौते से इनकार किया है। शाहरुख की जगह रणवीर को मिल था रोल बता दें कि जब फरहान अख्तर ने ‘डॉन 3’ की घोषणा की थी, तब शाहरुख खान की जगह रणवीर सिंह को कास्ट करने पर सोशल मीडिया पर काफी विरोध हुआ था। फैंस शाहरुख को ही ‘डॉन’ के रूप में देखना चाहते थे। उस वक्त फरहान ने रणवीर का पूरा साथ दिया था। अब रणवीर के हटने के बाद फिल्म का भविष्य अधर में लटका हुआ है। फिलहाल दोनों पक्षों के बीच बातचीत जारी है, लेकिन कोई ठोस रास्ता नहीं निकल पाया है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
उमा-कल्याण सिंह को भारत रत्न दिया जाए:प्रीतम लोधी ने कहा: हेमा मालिनी के धर्मेन्द्र को मिल सकता है तो हमारे नेताओं को क्यों नहीं

अपने बयानों के कारण विवादों में रहने वाले पिछोर से बीजेपी विधायक प्रीतम लोधी फिर चर्चा में हैं। प्रीतम लोधी ने एमपी की पूर्व सीएम उमा भारती और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह को भारत रत्न देने की मांग की है। भोपाल के जंबूरी मैदान पर राजा हिरदेशाह शौर्य यात्रा के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रीतम लोधी ने कहा- जब हेमा मालिनी के धर्मेन्द्र को भारत रत्न मिल सकता है। तो क्या हमारे कल्याण सिंह बाबू जी को नहीं मिल सकता। प्रीतम बोले: हमारी जवानी ताश के पत्तों और शराब में उलझी प्रीतम लोधी ने कहा कि मैं गाड़ी लेकर निकला, कई मोड़ आए और मैं कई मोड़ छोड़ आया। मैं क्यों निकला? मैं केवल लोधी समाज की जवानी ढूंढने निकला हूं दोस्तों कि लोधी समाज की जवानी कहां है। बहुत लोग मंचों से कहते हैं कि जिस ओर जवानी चलती है, उसी ओर जमाना चलता है। मैंने देखा कि लोधी समाज की जवानी कहां चली गई है, किस बिल में घुस गई है, किस क्षेत्र में खो गई है? जब मैं जवानी ढूंढने निकला तो दोस्तों, मुझे थोड़ी सी जवानी ताश के पत्तों में उलझी मिली, थोड़ी जवानी धूम्रपान में लगी हुई मिली और जो पूरी जवानी थी, वह मुझे शराब की दुकानों पर मिली। प्रीतम ने कहा- मैं नशे का ज्ञाता हूं प्रीतम लोधी ने कहा- मैं अपने नौजवान साथियों से कहना चाहता हूं, क्योंकि मैं इसका ज्ञाता हूं। मैं भी पहले बहुत नशा करता था। एक दिन एक बहन ने मुझे नशा करते हुए देखा, तो उसने काली का रूप धारण कर लिया और मुझे इतना डांटा कि मैं कांप गया। उस महिला ने कहा कि लोधी समाज तुमसे आस लगाए बैठा है और तुम इस दलदल में फंसे हो। उस दिन के बाद मैंने मन बना लिया कि कि अब कभी नशा नहीं करूंगा। हमारी जवानी में दो-दो लोधी सीएम थे अब जीरो हैं जब हम जवान हुआ करते थे, तब दो-दो मुख्यमंत्री हुआ करते थे। मैं हर मंच से कहता हूं कि आज 0 हैं। पूरी जनता आपकी ओर देख रही है कि आप लोग मैदान में आएंगे। हमें देश में एक मुख्यमंत्री जरूर चाहिए दोस्तों। जब एक संविधान, एक विधान, एक निशान, एक मतदान और एक हिंदुस्तान हो सकता है, तो क्या लोधी समाज का एक मुख्यमंत्री नहीं होना चाहिए? उमा-कल्याण को दिया जाए भारत रत्न प्रीतम लोधी ने कहा- तिरंगे के संघर्ष के लिए उमा भारती ने कुर्सी छोड़ दी। ये केवल लोधी कर सकता है दूसरा कोई नहीं। दूसरे नेता कल्याण सिंह जिन्होंने राम मंदिर के लिए कुर्सी त्यागी थी ऐसे नेता समाज में हुए हैं तो आवाज में आवाज मिलाकर देश की आवाज बना दो। हमारी उमा भारती और कल्याण सिंह को भारत रत्न दिला दो। जब हेमा मालिनी के धर्मेन्द्र को भारत रत्न मिल सकता है। तो हमारे कल्याण सिंह बाबू जी को नहीं मिल सकता। तब मिलेगा भाई-बहनों जब आप लोग एक रहोगे। एक रहोगे- नेक रहोगे तो सेफ रहोगे।








