अपने बयानों के कारण विवादों में रहने वाले पिछोर से बीजेपी विधायक प्रीतम लोधी फिर चर्चा में हैं। प्रीतम लोधी ने एमपी की पूर्व सीएम उमा भारती और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह को भारत रत्न देने की मांग की है।
भोपाल के जंबूरी मैदान पर राजा हिरदेशाह शौर्य यात्रा के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रीतम लोधी ने कहा- जब हेमा मालिनी के धर्मेन्द्र को भारत रत्न मिल सकता है। तो क्या हमारे कल्याण सिंह बाबू जी को नहीं मिल सकता। प्रीतम बोले: हमारी जवानी ताश के पत्तों और शराब में उलझी प्रीतम लोधी ने कहा कि मैं गाड़ी लेकर निकला, कई मोड़ आए और मैं कई मोड़ छोड़ आया। मैं क्यों निकला? मैं केवल लोधी समाज की जवानी ढूंढने निकला हूं दोस्तों कि लोधी समाज की जवानी कहां है। बहुत लोग मंचों से कहते हैं कि जिस ओर जवानी चलती है, उसी ओर जमाना चलता है। मैंने देखा कि लोधी समाज की जवानी कहां चली गई है, किस बिल में घुस गई है, किस क्षेत्र में खो गई है?
जब मैं जवानी ढूंढने निकला तो दोस्तों, मुझे थोड़ी सी जवानी ताश के पत्तों में उलझी मिली, थोड़ी जवानी धूम्रपान में लगी हुई मिली और जो पूरी जवानी थी, वह मुझे शराब की दुकानों पर मिली। प्रीतम ने कहा- मैं नशे का ज्ञाता हूं
प्रीतम लोधी ने कहा- मैं अपने नौजवान साथियों से कहना चाहता हूं, क्योंकि मैं इसका ज्ञाता हूं। मैं भी पहले बहुत नशा करता था। एक दिन एक बहन ने मुझे नशा करते हुए देखा, तो उसने काली का रूप धारण कर लिया और मुझे इतना डांटा कि मैं कांप गया। उस महिला ने कहा कि लोधी समाज तुमसे आस लगाए बैठा है और तुम इस दलदल में फंसे हो। उस दिन के बाद मैंने मन बना लिया कि कि अब कभी नशा नहीं करूंगा। हमारी जवानी में दो-दो लोधी सीएम थे अब जीरो हैं
जब हम जवान हुआ करते थे, तब दो-दो मुख्यमंत्री हुआ करते थे। मैं हर मंच से कहता हूं कि आज 0 हैं। पूरी जनता आपकी ओर देख रही है कि आप लोग मैदान में आएंगे। हमें देश में एक मुख्यमंत्री जरूर चाहिए दोस्तों। जब एक संविधान, एक विधान, एक निशान, एक मतदान और एक हिंदुस्तान हो सकता है, तो क्या लोधी समाज का एक मुख्यमंत्री नहीं होना चाहिए? उमा-कल्याण को दिया जाए भारत रत्न प्रीतम लोधी ने कहा- तिरंगे के संघर्ष के लिए उमा भारती ने कुर्सी छोड़ दी। ये केवल लोधी कर सकता है दूसरा कोई नहीं। दूसरे नेता कल्याण सिंह जिन्होंने राम मंदिर के लिए कुर्सी त्यागी थी ऐसे नेता समाज में हुए हैं तो आवाज में आवाज मिलाकर देश की आवाज बना दो। हमारी उमा भारती और कल्याण सिंह को भारत रत्न दिला दो। जब हेमा मालिनी के धर्मेन्द्र को भारत रत्न मिल सकता है। तो हमारे कल्याण सिंह बाबू जी को नहीं मिल सकता। तब मिलेगा भाई-बहनों जब आप लोग एक रहोगे। एक रहोगे- नेक रहोगे तो सेफ रहोगे।















































