Wednesday, 06 May 2026 | 12:33 PM

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बंगाल के प्रमुख मुद्दे: ममता राज के 5 बड़े मुद्दे, बीजेपी की बड़ी समस्या! डबल इंजन सरकार ने यूपी के लिए तय किया बंगाल बनेगा

बंगाल के प्रमुख मुद्दे: ममता राज के 5 बड़े मुद्दे, बीजेपी की बड़ी समस्या! डबल इंजन सरकार ने यूपी के लिए तय किया बंगाल बनेगा

पश्चिम बंगाल में 15 साल बाद सत्ता परिवर्तन ने सिर्फ सरकार ने बदलाव नहीं किया, बल्कि उन पांच बड़ी मस्जिदों को भी केंद्र में ला दिया है जो ममता बनर्जी के राजशाही में शामिल होने के बजाय और उलझे हुए थे। इस चुनाव में बीजेपी ने 207वीं बार नामांकन हासिल किया है. ये मुद्दे हैं, जो 15 सागरों से बंगाल में डूबते जा रहे थे। अब उम्मीद है कि सूरत-ए-हाल बदल जाएगा। आइए इन 5 बड़े सिद्धांतों को समझें, बीजेपी के सिद्धांत और ‘डबल इंजन सरकार’ के 5 बड़े सिद्धांत। 1. अवैध घुसपैठ और आकर्षण परिवर्तन ममता राज में स्थिति: बांग्लादेश और रोहिंग्या घुसपैठियों को लेकर टीएमसी पर मुस्लिम तुष्टिकरण के आरोप लगाए जा रहे हैं। बीजापुर जिले के सबसे बड़े प्रमाण हैं। बांग्लादेश से अवैध यात्राओं की वजह से मालदा, मुर्शिदाबाद और उत्तर दिनाजपुर जैसे बांग्लादेश में मुस्लिम आबादी में भारी वृद्धि देखी गई। कुछ क्षेत्र में यह जनसंख्या घनत्व 55% से 60% तक पहुंच गया। बीजेपी का वादा: अवैध घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें बाहरी सामान और सीमा सुरक्षा को चक-चौबंद करना। डबल इंजन का फ़ायदा: केंद्र और राज्य के उद्यमों के खिलाफ एक हो रही है सीमा पर प्रतिबंध, एनआरसी लागू करना घुसपैठियों और के कठोर कार्रवाई अब राजनीतिक अंतर्विरोधों के बिना तेजी से हो सकती है गिरफ्तारी। 2. कानून-व्यवस्था एवं महिला सुरक्षा ममता राज में स्थिति: आरजी कर मेडिकल कॉलेज कांड और मैसेजखाली जैसी छवि ने राज्य की राष्ट्रीय स्तर पर धूम मचा दी। चुनाव में महिलाओं ने असुरक्षा को बड़ा लाभ पहुंचाया। संदेशखाली आंदोलन का चेहरा बनीं रेखा पात्रा को हिंगलगंज सीट से और आरजी कर सितारा की मां रत्ना देबनाथ को पनिहत्थी सीट से बीजेपी ने उम्मीदवार बनाया। चुनाव में रेखा पात्रा ने 5,421 सीट से जीत दर्ज की, जबकि रत्ना देबनाथ ने 28,836 सीट से जीत दर्ज की। बीजेपी का वादा: राज्य में ‘यूपी मॉडल’ लागू करना और टीएमसी वकीलों की गुंडागर्दी पर लगाम कसना। डबल इंजन का फ़ायदा: मध्य और राज्य पुलिस की अपराध पर सबसे अच्छी स्थिति। चुनाव में 2,40,000 से अधिक बड़े पैमाने पर सेंट बलों के भूकंप के बाद (कुछ हिंसा को खत्म करने के लिए) मतदान का प्रतीक है। 3. कारीगर और सिंडिकेट संस्कृति ममता राज में स्थिति: सुप्रीम कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट में 25,000 से अधिक नियुक्तियों को रद्द कर दिया। कट-मनी और सिंडिकेट राज व्यवस्था का हिस्सा बन गया था। आलोचकों का आरोप है कि ये सिंडीकेट इंस्टीट्यूटी दल के संरक्षण में फलते-फूलते हैं, जिससे आधार और अनुपात को बढ़ावा मिलता है। बीजेपी का वादा: सत्य में आये सभी सिंडिकेट को ख़त्म करना और टोकरे पर कड़ी कार्रवाई करना। डबल इंजन का फ़ायदा: ईडी और सीबीआई संयुक्त केंद्रीय सचिवालय को राज्य स्तर पर पूर्ण सहयोग बैठक से बड़े घोटालों की जांच तेज होगी और सिस्टम ढांचा तैयार होगा। 4. बेरोजगारी और पलायन उद्योग ममता राज में स्थिति: इस प्रकार, सांस्कृतिक हिंसा और अशांति के कारण गरीबों के लिए युवा बेरोजगारी और पलायन बड़ी बर्बादी बनी हुई है। पीएलएफएस (अक्टूबर-दिसंबर 2025) के अनुसार, बंगाल में बेरोजगारी दर 3.6% है, जो राष्ट्रीय औसत 4.8% से कम है। वहीं, कुछ अन्य रिपोर्ट्स में यह दर उठापटक 10.6% तक पहुंचने की बात कही गई है। बीजेपी का वादा: बिजनेसमैन ने फिर से शुरू किया निवेश, निवेश लाना और युवा-महिलाओं के लिए 3,000 रुपये की प्रतिमाह की स्थापना। डबल इंजन का फ़ायदा: केंद्र का औद्योगिक उद्यम सीधे बंगाल पर लागू होता है। व्यापार जगत को एक स्थिर नीतिगत राक्षसी नियति, जिससे रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ेंगे। 5. पात्रता का अधूरा लाभ ममता राज में स्थिति: केंद्र के आवास, आभूषण और किसान सम्मान जैसी पात्रता को राज्य स्तर पर अनिवार्य रूप से लागू नहीं किया गया था, जिससे लोग नवाचार रह जाते थे। बीजेपी का वादा: केंद्र की सभी मान्यताएं 100% वैज्ञानिक प्रमाण पत्र। डबल इंजन का फ़ायदा: केंद्र और राज्य के बीच समन्वय से सीधे लोग जुड़ेंगे, जिससे विकास में तेजी आएगी। गौर करने वाली बात है कि बंगाल में बीजेपी को 2021 में 38% वोट मिले थे. यह 2026 में 45.64% हो गया, जबकि टीएमसी 48% से 40.80% पर पहुंच गया। यह वोट विकास की कार्यप्रणाली और स्थिरता का पक्ष है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि बीजेपी इन वादों को पूरा कैसे करें? इसका जवाब आने वाला समय ही रहेगा, लेकिन केंद्र और राज्य में एक ही पार्टी की सरकार बनने से नीतिगत परिवर्तन खत्म हो जाएगा और निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज होगी। यही कारण है कि वैज्ञानिकों का मानना ​​है कि ‘डबल इंजन सरकार’ बंगाल के इन पांच उद्योगों को पूरा करने की असली बुनियाद है।

चावल दही सूजी कटलेट रेसिपी: रात के बचे चावल को फाँके नहीं, दही-सूजी में तय कटलेट; स्वाद और स्वास्थ्य का प्रभाव संयोजन है

तस्वीर का विवरण

आवश्यक सामग्री: 1 कप पके हुए चावल, ½ कप सूजी, ½ कप ताजा दही, 1 गोल आलू, 1 छोटा प्याज, 1-2 हरी मिर्च, 2 बड़ा हरा धनियां, ½ छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, ½ छोटा चम्मच जीरा, नमक का स्वाद, तेल छवि: फ्रीपिक बनाने की विधि: सबसे पहले पुराने पके हुए चावल को एक बाउल में प्लास्टर सा मैश कर लें। अब इसमें सूजी और दही डेस्टिनेशन महानतम से मिक्स करें। इसके बाद आलू, प्याज, हरी मिर्च और हरा धनियां डालें। छवि: एआई अब सभी प्रयोगशाला मिश्रणों को अच्छी तरह मिला लें। इस मिक्स को 10-15 मिनट के लिए पकड़ कर रख लें, ताकि सूजी बढ़िया से फूल जाए। अब हाथों में थोड़ा सा तेल लगाकर रखें छोटे-छोटे कटलेट का आकार। छवि: एआई तवे पर लिटिल ऑयल मैनुअल कटलेट को दोनों तरफ से सोना और क्रिस्पी होने तक सेक लें। गरमा-गरम कटलेट को हरी चटनी या टमाटर मसाला के साथ गर्म बेचें। यह अनहोनी, टिफ़िन या शाम के बस्ट के लिए बिल्कुल सही प्रभाव है। छवि: एआई अगर मिश्रण में ज्यादा नमक लगे तो थोड़ा और सूजी मिला लें। अधिकतर क्रिस्पी बनाने के लिए आप व्हाइट क्रैम्ब्स दाल का उपयोग कर सकते हैं। अपनी पसंद का आधार जैसे गाजर, मीठी मिर्च भी जोड़ सकते हैं। छवि: फ्रीपिक अब पके हुए चावल को क्रिएशन की जगह ये आसान और स्वादिष्ट रेसिपी जरूर ट्राई कर सकते हैं. चावल दही सूजी कटलेट आपके उम्मीदवारों को बनाएगें खास, स्वादिष्ट और मजेदार। छवि: फ्रीपिक (टैग्सटूट्रांसलेट)चावल दही सूजी कटलेट रेसिपी(टी)हेल्दी कटलेट रेसिपी(टी)बचे हुए चावल कटलेट(टी)कटलेट कैसे बनाएं(टी)सूजी कटलेट रेसिपी(टी)दही कटलेट रेसिपी(टी)ब्रेकफास्ट रेसिपी(टी)टिफिन रेसिपी

Range Rover SV Price Drop

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Hindi News Tech auto Range Rover SV Price Drop | India UK Trade Deal Impact; Sports Model Cheaper नई दिल्ली2 मिनट पहले कॉपी लिंक जगुआर लैंड रोवर (JLR) इंडिया ने ब्रिटेन से इंपोर्ट होने वाली अपनी सबसे प्रीमियम SUV रेंज रोवर SV की कीमत 75 लाख रुपए कम कर दी है, जिसके बाद अब इसकी एक्स-शोरूम कीमत 3.5 करोड़ रुपए हो गई है। पहले इसकी कीमत 4.25 करोड़ रुपए थी। यह कटौती भारत और ब्रिटेन के बीच हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के लागू होने से पहले की गई है। कंपनी ने रेंज रोवर स्पोर्ट SV एडिशन टू की कीमत में भी 40 लाख रुपए की कटौती की है, जो अब 2.35 करोड़ रुपए में मिलेगी। नई कीमतें तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं। 27 जनवरी को PM मोदी, यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा (बीच) और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन (बाएं) की मौजूदगी में भारत- EU FTA पर साइन हुए। इंपोर्ट ड्यूटी 110% से घटकर 30% रह जाएगी भारत और ब्रिटेन के बीच 24 जुलाई 2025 को व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते (CETA) पर हस्ताक्षर किए गए थे। इस समझौते के तहत ब्रिटेन से पूरी तरह बनकर आने वाली (CBU) बड़ी कारों पर इंपोर्ट ड्यूटी को 110% से घटाकर पहले साल में 30% कर दिया जाएगा। 5वें साल तक यह ड्यूटी घटकर सिर्फ 10% रह जाएगी। यह नियम 3,000cc से ऊपर के पेट्रोल और 2,500cc से ऊपर के डीजल इंजन वाले मॉडल पर लागू होगा। कीमतों में बदलाव की 3 बड़ी बातें: लगातार दूसरी कटौती: GST 2.0 सुधारों के बाद सितंबर 2025 में भी कीमतों में 30.4 लाख रुपए तक की कमी की गई थी। यह एक साल के भीतर दूसरा बड़ा बदलाव है। पेंट स्कीम में अपडेट: रेंज रोवर SV में अब अल्ट्रा मैटेलिक पेंट (ग्लॉस और सैटिन फिनिश) स्टैंडर्ड तौर पर मिलेगा। नया वेरिएंट जल्द: सूत्रों के मुताबिक, कंपनी जल्द ही रेंज रोवर स्पोर्ट का एक नया स्टैंडर्ड SV वेरिएंट भी लाएगी, जिसकी कीमत करीब 2.05 करोड़ रुपए होगी। डिफेंडर और डिस्कवरी के दाम नहीं बदलेंगे कंपनी ने स्पष्ट किया है कि भारत में असेंबल (Locally Assembled) होने वाले मॉडल्स जैसे रेंज रोवर स्टैंडर्ड, स्पोर्ट, इवोक और वेलार की कीमतों में कोई बदलाव नहीं होगा। इसके अलावा ‘डिफेंडर’ और ‘डिस्कवरी’ की कीमतें भी वैसी ही रहेंगी, क्योंकि इनका निर्माण स्लोवाकिया में होता है और ये भारत-UK ट्रेड डील के दायरे में नहीं आते। हालांकि, कंपनी डिफेंडर की लोकल असेंबली पर विचार कर रही है। पावरफुल इंजन: 635hp की ताकत जेनरेट करती है कार रेंज रोवर के इन दोनों SV वेरिएंट्स में 4.4-लीटर का ट्विन-टर्बो V8 पेट्रोल इंजन दिया गया है। रेंज रोवर SV में यह इंजन 540hp की पावर देता है, जबकि रेंज रोवर स्पोर्ट SV में यह 635hp की पावर और 800Nm का टॉर्क जनरेट करता है। इन ब्रांड्स को भी मिलेगा फायदा ब्रिटेन के साथ हुई इस डील का फायदा केवल JLR को ही नहीं, बल्कि बेंटले, रोल्स-रॉयस, एस्टन मार्टिन और मैकलारेन जैसे अन्य ब्रिटिश लग्जरी ब्रांड्स को भी मिलेगा। हालांकि, इसके लिए एक सालाना कोटा (पहले साल 20,000 गाड़ियां) तय किया गया है, जिसे सभी ब्रिटिश ब्रांड्स के बीच शेयर किया जाएगा। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

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Hindi News Tech auto Range Rover SV Price Drop | India UK Trade Deal Impact; Sports Model Cheaper नई दिल्ली21 मिनट पहले कॉपी लिंक जगुआर लैंड रोवर (JLR) इंडिया ने ब्रिटेन से इंपोर्ट होने वाली अपनी सबसे प्रीमियम SUV रेंज रोवर SV की कीमत 75 लाख रुपए कम कर दी है, जिसके बाद अब इसकी एक्स-शोरूम कीमत 3.5 करोड़ रुपए हो गई है। पहले इसकी कीमत 4.25 करोड़ रुपए थी। यह कटौती भारत और ब्रिटेन के बीच हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के लागू होने से पहले की गई है। कंपनी ने रेंज रोवर स्पोर्ट SV एडिशन टू की कीमत में भी 40 लाख रुपए की कटौती की है, जो अब 2.35 करोड़ रुपए में मिलेगी। नई कीमतें तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं। 27 जनवरी को PM मोदी, यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा (बीच) और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन (बाएं) की मौजूदगी में भारत- EU FTA पर साइन हुए। इंपोर्ट ड्यूटी 110% से घटकर 30% रह जाएगी भारत और ब्रिटेन के बीच 24 जुलाई 2025 को व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते (CETA) पर हस्ताक्षर किए गए थे। इस समझौते के तहत ब्रिटेन से पूरी तरह बनकर आने वाली (CBU) बड़ी कारों पर इंपोर्ट ड्यूटी को 110% से घटाकर पहले साल में 30% कर दिया जाएगा। 5वें साल तक यह ड्यूटी घटकर सिर्फ 10% रह जाएगी। यह नियम 3,000cc से ऊपर के पेट्रोल और 2,500cc से ऊपर के डीजल इंजन वाले मॉडल पर लागू होगा। कीमतों में बदलाव की 3 बड़ी बातें: लगातार दूसरी कटौती: GST 2.0 सुधारों के बाद सितंबर 2025 में भी कीमतों में 30.4 लाख रुपए तक की कमी की गई थी। यह एक साल के भीतर दूसरा बड़ा बदलाव है। पेंट स्कीम में अपडेट: रेंज रोवर SV में अब अल्ट्रा मैटेलिक पेंट (ग्लॉस और सैटिन फिनिश) स्टैंडर्ड तौर पर मिलेगा। नया वेरिएंट जल्द: सूत्रों के मुताबिक, कंपनी जल्द ही रेंज रोवर स्पोर्ट का एक नया स्टैंडर्ड SV वेरिएंट भी लाएगी, जिसकी कीमत करीब 2.05 करोड़ रुपए होगी। डिफेंडर और डिस्कवरी के दाम नहीं बदलेंगे कंपनी ने स्पष्ट किया है कि भारत में असेंबल (Locally Assembled) होने वाले मॉडल्स जैसे रेंज रोवर स्टैंडर्ड, स्पोर्ट, इवोक और वेलार की कीमतों में कोई बदलाव नहीं होगा। इसके अलावा ‘डिफेंडर’ और ‘डिस्कवरी’ की कीमतें भी वैसी ही रहेंगी, क्योंकि इनका निर्माण स्लोवाकिया में होता है और ये भारत-UK ट्रेड डील के दायरे में नहीं आते। हालांकि, कंपनी डिफेंडर की लोकल असेंबली पर विचार कर रही है। पावरफुल इंजन: 635hp की ताकत जेनरेट करती है कार रेंज रोवर के इन दोनों SV वेरिएंट्स में 4.4-लीटर का ट्विन-टर्बो V8 पेट्रोल इंजन दिया गया है। रेंज रोवर SV में यह इंजन 540hp की पावर देता है, जबकि रेंज रोवर स्पोर्ट SV में यह 635hp की पावर और 800Nm का टॉर्क जनरेट करता है। इन ब्रांड्स को भी मिलेगा फायदा ब्रिटेन के साथ हुई इस डील का फायदा केवल JLR को ही नहीं, बल्कि बेंटले, रोल्स-रॉयस, एस्टन मार्टिन और मैकलारेन जैसे अन्य ब्रिटिश लग्जरी ब्रांड्स को भी मिलेगा। हालांकि, इसके लिए एक सालाना कोटा (पहले साल 20,000 गाड़ियां) तय किया गया है, जिसे सभी ब्रिटिश ब्रांड्स के बीच शेयर किया जाएगा। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

काला या हरा, कौन सा अंगूर है बेहतर, किसमे है असली सुपरफूड, खरीदने से पहले जान लें सच

काला या हरा, कौन सा अंगूर है बेहतर, किसमे है असली सुपरफूड, खरीदने से पहले जान लें सच

Last Updated:May 05, 2026, 16:55 IST Black Grapes vs Green grapes: तरबूज पर हो रहे हो हल्ला के कारण लोग दूसरे फलों पर भाग रहे हैं. गर्मी में अंगूर भी खूब आते हैं. वैसे तो हमेशा लोग हरा अंगूर ही खाते हैं लेकिन आजकल काले अंगूर भी मार्केट में खूब उतर रहे हैं. पर असली सवाल यह है कि कौन से अंगूर में ज्यादा पोषक तत्व होता है, काला या हरा. आइए इसके बारे में जानते हैं. गर्मी में रसीले फलों की भरमार होने लगती है. किसी को कुछ पसंद है तो किसी को कुछ पसंद है. फलों की दुकान पर जब हम पहुंचते हैं तो वहां काले और हरे अंगूर को देखकर कंफ्यूज हो जाते हैं. इस कश्मकश को दूर करने के लिए हमें क्या करना चाहिए. सोशल मीडिया पर आपको तरह-तरह के ज्ञान दिए जाएंगे. कोई कहेगा भूलकर भी काला अंगूर न खाएं, कोई कहेगा काले अंगूर से हार्ट अटैक नहीं होगा. ध्यान रखिए सोशल मीडिया पर क्या सही है और क्या गलत है यानी कौन क्या कह रहा है इसकी सत्यता की कोई गारंटी नहीं. इसलिए आपको एक्सपर्ट की बात माननी चाहिए. आइए हरे और काले अंगूर के बारे में विस्तार से जानते हैं. गर्मियों में डिहाइड्रेशन की समस्या कम करने के लिए अंगूर को अच्छा विकल्प माना जाता है. अंगूरों का रंग केवल दिखने में अलग नहीं होता बल्कि इनमें मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट्स और फाइटोकेमिकल्स का स्तर भी अलग-अलग होता है. काले अंगूरों में एंटी-एजिंग गुण होता है. इसके साथ ही यह हार्ट के लिए फायदेमंद होता है.  ये न सिर्फ मीठे और स्वादिष्ट होते हैं, बल्कि शरीर को पर्याप्त पानी देने में भी मदद करते हैं. वैज्ञानिक तौर पर देखा जाए तो काले अंगूर में ज्यादा एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जिससे ये सेहत के लिए थोड़ा ज्यादा फायदेमंद माने जाते हैं. लेकिन गर्मियों में शरीर को नमी देने के लिए हरे और काले दोनों तरह के अंगूर फायदेमंद हैं. आप अपनी पसंद और जरूरत के हिसाब से कोई भी चुन सकते हैं. 

‘मेरा लक्ष्य स्पष्ट है’: ममता ने कहा कि भारतीय नेता ‘पूरी तरह से मेरे साथ’ हैं, गठबंधन को मजबूत करने का संकल्प लिया | भारत समाचार

Kerala Lottery Result Today: The first prize winner of Sthree Sakthi SS-518 will take home Rs 1 crore. (Image: Shutterstock)

आखरी अपडेट:05 मई, 2026, 16:52 IST एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए, टीएमसी सुप्रीमो ने कहा कि नतीजों के बाद कई विपक्षी नेता समर्थन और एकजुटता व्यक्त करते हुए उनके पास पहुंचे थे। पश्चिम बंगाल की निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव: पश्चिम बंगाल की निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को कहा कि उनका “लक्ष्य बहुत स्पष्ट है” क्योंकि उन्होंने राज्य में टीएमसी की करारी चुनावी हार के बाद विपक्ष के भारतीय राष्ट्रीय विकासात्मक समावेशी गठबंधन (INDIA) को मजबूत करने का संकल्प लिया। एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए, टीएमसी सुप्रीमो ने कहा कि नतीजों के बाद कई विपक्षी नेता समर्थन और एकजुटता व्यक्त करते हुए उनके पास पहुंचे थे। लाइव अपडेट का पालन करें उन्होंने कहा, “सोनिया जी, राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल, उद्धव ठाकरे, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव, हेमंत सोरेन ने मुझे फोन किया। भारतीय गठबंधन के सभी सहयोगियों ने मुझे बताया कि वे पूरी तरह से मेरे साथ हैं।” #घड़ी | कोलकाता: पश्चिम बंगाल की निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का कहना है, “सोनिया जी, राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल, उद्धव ठाकरे, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव, हेमंत सोरेन ने मुझे फोन किया। इंडिया एलायंस के सभी सहयोगियों ने मुझे बताया कि वे पूरी तरह से मेरे साथ हैं। मुझे लगता है कि हमारे… pic.twitter.com/W8ZRWMP1d2– एएनआई (@ANI) 5 मई 2026 उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में गठबंधन भर के नेताओं के उनसे मिलने आने की उम्मीद है, कल अखिलेश यादव के आने की संभावना है। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि हमारी एकजुटता अगले दिनों तक एकजुट और मजबूत रहेगी। मेरा लक्ष्य बहुत स्पष्ट है। मैं एक छोटे व्यक्ति की तरह भारतीय टीम को मजबूत करूंगी।” और पढ़ें: ‘नैतिक रूप से टीएमसी जीत गई’: ममता बनर्जी ने इस्तीफा देने से इनकार किया, कहा कि वह चुनाव नहीं हारी हैं बनर्जी ने आगे कहा कि उनके पास अब कोई आधिकारिक पद नहीं है. उन्होंने कहा, ”अब मेरे पास कोई कुर्सी नहीं है, मैं एक आम आदमी हूं… एक स्वतंत्र पक्षी हूं।” उन्होंने कहा कि वह कार्यालय के बाहर के लोगों के लिए काम करना जारी रखना चाहती हैं। बनर्जी ने सार्वजनिक सेवा के प्रति अपनी व्यक्तिगत प्रतिबद्धता को भी रेखांकित किया और कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान कोई वेतन या पेंशन नहीं ली है। उन्होंने कहा, ”मैंने अपना पूरा जीवन लोगों की सेवा में लगा दिया है।” उन्होंने आगे कहा कि वह इस्तीफा नहीं देंगी और इस बात पर जोर दिया कि नतीजों के बावजूद वह चुनाव नहीं हारी हैं। पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम उनकी यह टिप्पणी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा द्वारा निर्णायक जीत हासिल करने, दो-तिहाई बहुमत के आंकड़े को पार करते हुए 206 सीटें जीतने और ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के 15 साल के शासन का अंत करने के एक दिन बाद आई है। चुनाव आयोग के मंगलवार सुबह के आंकड़ों के अनुसार, अंतिम आंकड़ों में भगवा पार्टी 206 सीटें जीत रही है, जबकि टीएमसी 80 सीटों और एक निर्वाचन क्षेत्र में मामूली बढ़त के साथ पिछड़ गई है। और पढ़ें: ‘गंदे गंदे खेल’: बंगाल चुनाव में हार के बाद ममता का पोल बॉडी पर बड़ा आरोप 294 सदस्यीय सदन में बहुमत का आंकड़ा 148 है। परिणाम राज्य की राजनीतिक दिशा और वैचारिक संतुलन में एक निर्णायक बदलाव का संकेत देता है। दशकों में पहली बार, पश्चिम बंगाल उसी पार्टी द्वारा शासित होने की ओर अग्रसर है जो केंद्र में सत्ता रखती है, इस विकास के दूरगामी प्रशासनिक और राजनीतिक परिणाम होने की संभावना है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया ‘मेरा लक्ष्य स्पष्ट है’: ममता ने कहा कि भारतीय नेता ‘पूरी तरह मेरे साथ’ हैं, गठबंधन को मजबूत करने का संकल्प लिया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव(टी)ममता बनर्जी की हार(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम(टी)बीजेपी की जीत पश्चिम बंगाल(टी)टीएमसी 15 साल का शासन(टी)भारत गठबंधन विपक्ष(टी)अखिलेश यादव समर्थन(टी)सोनिया गांधी एकजुटता

‘मैं हारी नहीं तो क्यों छोड़ दूं’, बंगाल रिजल्ट के बाद ममता बनर्जी, EC से बोले बड़ा विलेन

'मैं हारी नहीं तो क्यों छोड़ दूं', बंगाल रिजल्ट के बाद ममता बनर्जी, EC से बोले बड़ा विलेन

पश्चिम बंगाल चुनाव में मिली करारी छात्रावास के बाद नामांकन प्रमुख ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग को मुख्य विलेन को बताया। उन्होंने कहा, ‘मैं क्यों छोड़ता हूं जब तक मैं हारी नहीं हूं। मुझे बाउंड नहीं किया जा सकता है कि मैं खाली जाऊं। नैतिक तौर पर मैं कह रही हूं कि मैं मुखर्जी हूं। ‘मैं लोकभवन का त्यागकर्ता नहीं हूं।’ भारत गठबंधन के मित्र मेरे साथ: ममता बनर्जी सीएम ममता बनर्जी ने कहा, ‘सोनिया गांधी, राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव, स्टालिन सोरेन ने मुझे फोन किया। इंडिया अलायंस के सभी साथियों ने कहा कि वे पूरी तरह से मेरे साथ हैं। मुझे लगता है कि आने वाले दिनों में हमारी एकजुटता और मजबूत बनी रहेगी। एलओजेआई ने मुझसे कहा कि वह आज ही आ सकते हैं, लेकिन मैंने उनसे कहा था कि वह कल आएंगे। एक-एक करके सब निकलेगा. मेरा लक्ष्य बहुत साफ है.’ अब मैं एक आजाद पंछी हूं: ममता उन्होंने कहा, ‘मैं भारत गठबंधन को मजबूत करुंगा।’ बिल्कुल एक आम आदमी की तरह. अब मेरे पास कोई कुर्सी नहीं है इसलिए मैं एक आम आदमी हूं। आप यह नहीं कह सकते कि मैं अपनी कुर्सी का इस्तेमाल कर रही हूं। मैं अब एक आज़ाद पंछी हूं। मैंने अपनी पूरी जिंदगी लोगों की सेवा में लगा दी। इन 15 प्राचीन में मैंने पेंशन का एक पैसा भी नहीं देखा। मैं तनख्वाह का एक पैसा भी नहीं ले रहा हूं। लेकिन अब, मैं एक आज़ाद पंछी हूं।’ चुनाव आयोग पर बरेली ममता बनर्जी टीएमसी अध्यक्ष ममता बनर्जी ने कहा, ‘दुख की बात है कि सीईसी इस चुनाव में लोगों की संवैधानिक शक्तियों को लूटने और ईवीएम को लूटने के वाला खलनायक बन गया।’ क्या आप मुझे बता सकते हैं कि ईवीएम में 80-90 प्रतिशत वोटिंग का आरोप है? यह कैसे हो सकता है? चुनाव से दो दिन पहले उन्होंने हमारे लोगों को गिरफ़्तार करना शुरू कर दिया था. उन्होंने हर जगह स्मार्टफोन बनाना शुरू कर दिया है। उन्होंने सभी आईपीएस और आईएएस अधिकारियों को बदल दिया।’ ममता बनर्जी ने कहा, ‘हमने अपनी पार्टी से लोगों को चुना और बीजेपी ने सीधे चुनाव आयोग के साथ मिलकर खेल खेला। यह भाजपा और चुनाव आयोग के बीच एक दांव है। हमने बैटल गर्ल के खिलाफ पूरी तरह से वैज्ञानिक तरीके अपनाए। प्रधानमंत्री और गृह मंत्री भी शामिल हैं और स्थिर यात्री दे रहे हैं। उन्होंने सर में 90 लाख नाम हटा दिए। जब हम कोर्ट गए तो 32 लाख नाम शामिल थे… उन्होंने खेला सस्ता और सस्ता गेम. मैंने अपनी जिंदगी में इस तरह का चुनाव कभी नहीं देखा।’ यह भी पढ़ें: बंगाल हिंदुत्व राजनीति: RSS की 2 जुलाई की बैठक में अमित शाह ने दिए ये सुझाव… 83 साल बाद बंगाल में कैसे लौटी युवाओं की राजनीति? (टैग्सटूट्रांसलेट)ईसीआई(टी)ममता बनर्जी(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम 2026(टी)भवानीपुर से कौन जीता(टी)बंगाल में किसकी सरकार बनी है(टी)भवानीपुर विधानसभा परिणाम 2026(टी)ममता बनर्जी प्रेस कॉन्फ्रेंस(टी)ममता बनर्जी प्रेस कॉन्फ्रेंस लाइव(टी)ममता बनर्जी न्यूज(टी)ममता बनर्जी सीएम(टी)ममता बनर्जी का इस्तीफा(टी)ममता बनर्जी का इस्तीफा समाचार

1230 Posts Apply From May 7

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पटना7 मिनट पहले कॉपी लिंक बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने 72वीं संयुक्त (प्रीलिम्स) प्रतियोगिता परीक्षा का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस नोटिफिकेशन के अनुसार कुल 1230 पदों पर भर्ती होगी। आयोग की ओर से जारी सूचना के अनुसार, ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 7 मई 2026 से शुरू होगी, जबकि आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 मई 2026 निर्धारित की गई है। कैंडिडेट आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे। किन-किन पदों पर होगी भर्ती इस भर्ती प्रक्रिया के तहत कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक और विभागीय पद शामिल हैं। इनमें सबसे ज्यादा पद राजस्व अधिकारी (RO) के लिए 365 हैं। इसके अलावा सहकारिता प्रसार पदाधिकारी के 130 पद, अनुमंडल कल्याण पदाधिकारी (केवल महिलाओं के लिए) 101 पद, SDM/SDO के 100 पद और BDO के 65 पद शामिल हैं। अन्य प्रमुख पदों में DSP (22), नगर कार्यपालक पदाधिकारी (54), श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी (56), आपूर्ति निरीक्षक (31), CDPO (20), ईंख पदाधिकारी (44) और वित्तीय प्रशासनिक पदाधिकारी (32) जैसे पद भी शामिल हैं। पदों का कैटेगरी वाइज बंटवारा 1230 पदों में से 1077 पद सामान्य श्रेणी के हैं, जिनमें 344 पद महिलाओं के लिए आरक्षित रखे गए हैं। वहीं 153 पद विशेष श्रेणी के हैं, जिनमें 15 पद महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। आयोग के अनुसार, यह परीक्षा जुलाई महीने में आयोजित की जा सकती है। आवेदन से पहले अभ्यर्थियों को विस्तृत विज्ञापन और दिशा-निर्देश ध्यान से पढ़ने की सलाह दी गई है। आयोग ने जारी किया जरूरी निर्देश आवेदन करने से पहले अभ्यर्थियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके पास सभी आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध हों। ऑनलाइन आवेदन के दौरान किसी भी प्रकार की गलती से बचने के लिए आयोग ने सावधानी बरतने की अपील की है। BPSC की यह परीक्षा बिहार की सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। इस भर्ती के जरिए प्रशासनिक सेवा, पुलिस सेवा, राजस्व और विकास से जुड़े कई अहम पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी, जो राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

India Retains ICC T20 Top Ranking After World Cup Win

India Retains ICC T20 Top Ranking After World Cup Win

दुबई2 मिनट पहले कॉपी लिंक भारत ने 8 मार्च को अहमदाबाद में न्यूजीलैंड को 96 रनों से हराकर लगातार दूसरी बार टी-20 वर्ल्ड कप जीता। सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में इस साल टी-20 वर्ल्ड कप जीतकर इतिहास रचने वाली भारतीय टीम ने ICC की टी-20 टीम रैंकिंग में भी अपना पहला स्थान बरकरार रखा है। मंगलवार को ICC ने सालाना अपडेट जारी किया है। अपडेशन के बाद टी-20 में टीम इंडिया 275 अंकों के साथ पहले पायदान पर काबिज है, जबकि इंग्लैंड (262 अंक) दूसरे और ऑस्ट्रेलिया (258 अंक) तीसरे स्थान पर है। पिछले एक साल के डेटा को 100% वेटेज मिलता है ICC रैंकिंग में तीन साल के डेटा होते हैं। पिछले 12 महीनों में हुए मुकाबलों का वेटेज 100% होता है। उससे पहले के 2 साल के डेटा का वेटेज 50% होता है। मौजूदा रैंकिंग में मई 2023 से अप्रैल 2024 और मई 2024 से अप्रैल 2025 तक हुए मैचों को 50-50% दिया गया है। वहीं, मई 2025 के बाद के मैचों का वेटेज 100% है। यहां से अप्रैल 2026 तक होने वाले मैचों को भी 100% वेटेज मिलेगा। यानी जब अगले साल मई में नया अपडेट होगा तो उसमें से 2023 से 2024 तक हुए मैचों को रैंकिंग गणना से बाहर कर दिया जाएगा। फिर 2024 से 2025 और 2025 से 2026 तक के मैचों का वेटेज 50% हो जाएगा और 1 मई 2026 के बाद हुए मैचों को ही 100% वेटेज मिलेगा। अपडेशन के बाद टी-20 रैंकिंग के टॉप-7 पायदानों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। श्रीलंका को नुकसान, बांग्लादेश और अमेरिका की लंबी छलांग श्रीलंका को 6 रेटिंग अंकों का नुकसान हुआ है, जिससे वे फिसलकर 9वें स्थान पर आ गए हैं। इसका फायदा बांग्लादेश को मिला है, जो अब 8वें नंबर पर पहुंच गया है। वहीं, उत्तर अमेरिका में क्रिकेट की उभरती ताकत ‘यूएसए’ (USA) ने 6 अंकों के फायदे के साथ 13वां स्थान हासिल कर लिया है। अमेरिका ने नीदरलैंड और स्कॉटलैंड जैसी अनुभवी टीमों को पीछे छोड़ दिया है। इटली ने चौंकाया, 4 टीमें रैंकिंग से बाहर हुईं टी20 वर्ल्ड कप में पहली बार शामिल हुई इटली की टीम ने शानदार प्रदर्शन के दम पर रैंकिंग में तीन पायदान की छलांग लगाई है। नेपाल को 10 विकेट से हराने वाली इतालवी टीम अब 23वें स्थान पर पहुंच गई है। दूसरी ओर, ICC रैंकिंग में शामिल टीमों की संख्या 102 से घटकर 98 रह गई है। फिजी, गाम्बिया, ग्रीस और इज़राइल को रैंकिंग से बाहर कर दिया गया है क्योंकि उन्होंने पिछले तीन वर्षों में न्यूनतम 8 टी20 मैच नहीं खेले थे। विमेंस कैटेगरी में ऑस्ट्रेलिया की बादशाहत बरकरार विमेंस टी-20 रैंकिंग में ऑस्ट्रेलियाई टीम ने अपना नंबर-1 स्थान बरकरार रखा है। ताजा रैंकिंग में ऑस्ट्रेलिया 287 पॉइंट्स हैं। इंग्लैंड 275 पॉइंट्स लेकर दूसरे और भारतीय टीम 264 पॉइंट्स के साथ तीसरे नंबर पर काबिज है। रैंकिंग के टॉप-16 पोजीशन में कोई बदलाव नहीं हुआ है। —————————————- भारतीय क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… विमेंस टी-20 वर्ल्डकप के लिए टीम इंडिया का ऐलान BCCI ने विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप के लिए भारतीय महिला टीम का ऐलान कर दिया है। पिछले साल वनडे वर्ल्डकप जिताने वालीं कप्तान हरमनप्रीत कौर को ही टीम की कप्तानी सौंपी गई है, जबकि स्मृति मंधाना को ही वाइस कैप्टन बनाया गया है। पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

क्या क्रिएटिन पीने से झड़ते हैं बाल? जिम जाने वाले हो जाएं सावधान, जान लें सच

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Last Updated:May 05, 2026, 16:30 IST जिम जाने वाले लोग अपनी ताकत और परफॉर्मेंस बढ़ाने के लिए अक्सर क्रिएटिन का सहारा लेते हैं, लेकिन इसके साथ एक आम डर भी जुड़ा हुआ है. क्या इससे बाल झड़ सकते हैं? सोशल मीडिया और अधूरी जानकारी के कारण यह कन्फ्यूजन और बढ़ गया है. ऐसे में जरूरी है कि इस मुद्दे को सही तथ्यों के साथ समझा जाए, ताकि आप बिना किसी भ्रम के अपनी फिटनेस जर्नी जारी रख सकें. ख़बरें फटाफट क्रिएटिन का हेयर फॉल से क्या कनेक्शन. क्रिएटिन एक नेचुरल कंपाउंड है, जो हमारे शरीर में भी बनता है और मांसपेशियों को ऊर्जा देने में अहम भूमिका निभाता है. खासतौर पर हाई-इंटेंसिटी वर्कआउट जैसे वेट ट्रेनिंग या स्प्रिंट के दौरान यह शरीर को तुरंत ऊर्जा उपलब्ध कराता है. यही वजह है कि जिम जाने वाले लोग इसे सप्लीमेंट के रूप में लेते हैं, ताकि उनकी ताकत, स्टैमिना और ओवरऑल परफॉर्मेंस बेहतर हो सके. हेल्थलाइन की रिपोर्ट के अनुसार, क्रिएटिन और हेयर फॉल के बीच संबंध की चर्चा एक छोटे से रिसर्च के बाद शुरू हुई थी. इस अध्ययन में यह पाया गया कि क्रिएटिन लेने से शरीर में DHT (डाइहाइड्रोटेस्टोस्टेरोन) नामक हार्मोन का स्तर बढ़ सकता है. DHT को Androgenetic Alopecia यानी पैटर्न बाल्डनेस से जोड़ा जाता है. हालांकि, इस रिसर्च में कहीं भी सीधे तौर पर यह साबित नहीं हुआ कि क्रिएटिन लेने से बाल झड़ने लगते हैं. क्या सच में क्रिएटिन से होता है हेयर फॉल?अब तक के ज्यादातर वैज्ञानिक शोध इस बात की पुष्टि नहीं करते कि क्रिएटिन सीधे तौर पर बाल झड़ने का कारण बनता है. हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अगर किसी व्यक्ति में पहले से ही जेनेटिक हेयर लॉस की समस्या है, तो DHT का बढ़ा हुआ स्तर इस प्रक्रिया को थोड़ा तेज कर सकता है. लेकिन यह हर व्यक्ति के साथ नहीं होता. यानी जिन लोगों में बाल झड़ने की पारिवारिक समस्या नहीं है, उनमें क्रिएटिन से हेयर फॉल होने की संभावना काफी कम होती है. क्रिएटिन के फायदे भी जान लेंक्रिएटिन सिर्फ एक सप्लीमेंट नहीं, बल्कि फिटनेस के लिहाज से काफी असरदार माना जाता है. यह मसल्स रिकवरी को तेज करता है, वर्कआउट के दौरान एनर्जी लेवल बढ़ाता है और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग में बेहतर रिजल्ट देने में मदद करता है. यही कारण है कि यह दुनियाभर में सबसे ज्यादा इस्तेमाल किए जाने वाले सप्लीमेंट्स में शामिल है. क्रिएटिन लेने का सही तरीका क्या हैकई लोग क्रिएटिन लेने के समय और तरीके को लेकर कन्फ्यूज रहते हैं. कुछ लोग इसे खाली पेट वर्कआउट से पहले ले लेते हैं, जो हर किसी के लिए सही नहीं होता. बेहतर यह है कि इसे किसी मील के साथ या वर्कआउट के बाद लिया जाए, ताकि शरीर इसे आसानी से एब्जॉर्ब कर सके. इसके साथ ही पर्याप्त मात्रा में पानी पीना बेहद जरूरी है, क्योंकि क्रिएटिन शरीर में पानी की जरूरत बढ़ा सकता है. About the Author Vividha SinghSub Editor विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi