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क्या बच्चे भी एंजायटी और डिप्रेशन की दवाएं ले सकते हैं? इस बारे में क्या है एक्सपर्ट की राय

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Last Updated:May 11, 2026, 18:02 IST Anxiety and Depression in Kids: आजकल बच्चों में एंजायटी और डिप्रेशन जैसी मानसिक समस्याएं बढ़ रही हैं. एक्सपर्ट्स के अनुसार जरूरत पड़ने पर बच्चों को एंजायटी और डिप्रेशन की दवाएं दी जा सकती हैं. हालांकि यह फैसला केवल डॉक्टर ही कर सकते हैं. कॉग्निटिव थेरेपी, फैमिली सपोर्ट और हेल्दी लाइफस्टाइल से बच्चों की मेंटल हेल्थ को सुधारा जा सकता है. बच्चों में आजकल मेंटल हेल्थ से जुड़ी प्रॉब्लम्स बढ़ रही हैं. Anxiety and Depression Drugs: आज के जमाने में मेंटल हेल्थ से जुड़ी समस्याएं बढ़ रही हैं. छोटे बच्चों से लेकर टीनएजर्स, युवा, मिडिल एज के लोग और बुजुर्ग सभी मानसिक समस्याओं से परेशान हैं. पढ़ाई का दबाव, सोशल मीडिया, अकेलापन, पारिवारिक तनाव और बदलती लाइफस्टाइल की वजह से कई बच्चे एंजायटी और डिप्रेशन जैसी समस्याओं की चपेट में आ जाते हैं. ऐसे में माता-पिता के मन में अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या बच्चों को भी एंजायटी और डिप्रेशन की दवाएं दी जा सकती हैं? चलिए इस बारे में साइकेट्रिस्ट से हकीकत जानने की कोशिश करते हैं. नई दिल्ली के लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज की प्रोफेसर और साइकेस्ट्रिस्ट डॉ. प्रेरणा कुकरेती ने News18 को बताया बच्चों में एंजायटी और डिप्रेशन का इलाज केवल दवाओं पर निर्भर नहीं होता है. ज्यादातर मामलों में सबसे पहले काउंसलिंग, बिहेवियर थेरेपी और परिवार का सहयोग जरूरी माना जाता है. अगर समस्या हल्की हो, तो थेरेपी और लाइफस्टाइल में बदलाव करने की सलाह दी जाती है. अगर बच्चा लंबे समय तक उदास रहे, पढ़ाई और रोजमर्रा की गतिविधियों में रुचि कम हो जाए, नींद और भूख प्रभावित होने लगे या आत्महत्या जैसे विचार आने लगें, तब दवाओं की जरूरत पड़ सकती है. एक्सपर्ट के अनुसार कुछ एंटीडिप्रेसेंट और एंटी-एंजायटी दवाएं बच्चों और किशोरों के लिए मेडिकल गाइडलाइन के तहत इस्तेमाल की जाती हैं. हर दवा हर बच्चे के लिए सुरक्षित नहीं होती. डॉक्टर बच्चे की उम्र, लक्षणों की गंभीरता, मेडिकल हिस्ट्री और मानसिक स्थिति को ध्यान में रखकर ही दवा तय करते हैं. यही वजह है कि बिना डॉक्टर की सलाह के बच्चों को मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी दवाएं देना खतरनाक माना जाता है. इन दवाओं के कुछ साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं. कुछ मामलों में शुरुआती दिनों में आत्मघाती विचार बढ़ने का खतरा भी देखा गया है, इसलिए दवा शुरू होने के बाद बच्चे की नियमित निगरानी बेहद जरूरी होती है. माता-पिता को बच्चे के व्यवहार में आने वाले किसी भी असामान्य बदलाव पर डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. डॉक्टर का मानना है कि बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर पैरेंट्स को भी जागरूक रहना चाहिए. कई बार माता-पिता बच्चों की चिंता, डर या उदासी को सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन अगर बच्चा लंबे समय तक चुप रहने लगे, दोस्तों से दूरी बनाने लगे, पढ़ाई में गिरावट आए या व्यवहार अचानक बदल जाए, तो इसे गंभीरता से लेना चाहिए. स्वस्थ दिनचर्या भी बच्चों की मानसिक सेहत को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. पर्याप्त नींद, संतुलित आहार, फिजिकल एक्टिविटी, परिवार के साथ समय और स्क्रीन टाइम कम करना एंजायटी और तनाव को कम करने में मदद कर सकता है. बच्चों से खुलकर बातचीत करना और उनकी भावनाओं को समझना भी बेहद जरूरी है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें

सुभेंदु अधिकारी का बड़ा ‘मार्जिकल स्ट्राइक’, सरकार ने कई मदरसों को खत्म किया

सुभेंदु अधिकारी का बड़ा 'मार्जिकल स्ट्राइक', सरकार ने कई मदरसों को खत्म किया

पश्चिम बंगाल सरकार ने बड़ा सार्वभौम निर्णय लेते हुए राज्य के सभी गैर-सांस्कृतिक संगठन, बोर्डों और सार्वजनिक निगमों में नामित सदस्यों, निदेशकों और अध्यक्षों को व्यावसायिक प्रभाव से समाप्त करने का आदेश जारी किया है। इसके साथ ही 60 वर्ष की आयु पार करने के बाद पुनर्नियुक्ति या सेवा विस्तार पर काम कर रहे अधिकारियों की नियुक्तियां भी समाप्त कर दी गई हैं। यह आदेश राज्य के गृह एवं पर्वतीय मामले विभाग (गृह एवं पर्वतीय मामले विभाग) की ओर से जारी किया गया। आदेश के अनुसार इस निर्णय को तत्काल लागू करने पर विचार किया गया है और संबंधित प्रविष्टियों पर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। यूनिवर्सल जर्नलिस्ट में बड़े बदलाव, गृह विभाग का सख्त आदेश नबन्ना से जारी आधिकारिक आदेश (नंबर 861-होम(विपक्ष)) के तहत राज्य सरकार ने सामूहिक व्यवस्था में व्यापक पैमाने पर काम करते हुए कई अहम फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश पर जारी इस आदेश का उद्देश्य प्रशासन में प्लैटफॉर्म और लेज़र लेक्चर बताया जा रहा है। मनोनीत निबंध की छुट्टी राज्य सरकार के विभिन्न बोर्डों, ओहियो, धार्मिक और सार्वजनिक क्षेत्र के निगमों (पीएसयू) में नियुक्त सभी मनोनीत सदस्यों, निदेशकों और चेयरपर्सनों का ई-कॉमर्स प्रभाव समाप्त हो गया है। सेवा विस्तार पर भी कार्रवाई इसके अलावा, 60 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद पुनर्नियुक्ति या सेवा विस्तार को कर्मचारी अधिकारियों के उद्यमों में भी तुरंत समाप्त करने का निर्देश दिया गया है। गृह विभाग ने संबंधित सभी इकाइयों और दुकानों के ऑर्डर का निरंतर रखरखाव सुनिश्चित करने को कहा है। सरकारी दस्तावेज़ के अनुसार राज्य सरकार सामूहिक रूप से व्यापक पैमाने पर फार्म और सीमेंट सुनिश्चित करने की दिशा में कदम उठा रही है। ऐसा माना जा रहा है कि कई बोर्ड और सार्वजनिक निगमों में लंबे समय से सेवा विस्तार के लिए अधिकारियों और राजनीतिक नियुक्तियों को मंजूरी देकर नए नियुक्तियों को हटाने की तैयारी की जा रही है। हालांकि सरकार की ओर से आधिकारिक तौर पर इस फैसले के पीछे विस्तृत कारण उजागर नहीं किए गए हैं, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे आने वाले समय में गठबंधन और राजनीतिक रणनीति से जोड़ा जा रहा है। यह भी पढ़ें: पीएम मोदी की अपील से भड़के राहुल तो समर्थन में उतरे ये दिग्गज मंत्री, क्या है गंभीर आर्थिक खतरे का संकेत? (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल(टी)भारत(टी)सुवेंदु अधिकारी(टी)सुवेंदु अधिकारी सीएम पश्चिम बंगाल(टी)पश्चिम बंगाल सरकार आदेश(टी)डब्ल्यूबी गैर-सांविधिक निकाय बर्खास्तगी(टी)डब्ल्यूबी सेवा विस्तार समाप्त(टी)पश्चिम बंगाल सीएम

आम जितना खाना है खाइए लेकिन इन 5 चीजों के साथ भूलकर भी न खाएं, शरीर में अग्निबंध बनने का खतरा

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Last Updated:May 11, 2026, 17:51 IST Foods to avoid with mango: फलों का राजा आम किसे पसंद नहीं. गर्मी बढ़ते ही बाजार में तरह-तरह के आम गुलजार होने लगती है. आम को लोग बड़े चाव से खाते हैं. लेकिन कुछ चीजें ऐसी हैं जिन्हें आम के साथ नहीं खाना चाहिए. आयुर्वेद के हिसाब से आम और कुछ चीजें विरूद्ध आहार है. अगर इन दोनों चीजों को साथ में खाया जाए तो शरीर में अग्निबंध का खतरा होता है. आम के साथ क्या-क्या नहीं खाना चाहिए. यह मौसम फलों के राजा आम का है. बाजार में हर तरफ तरह-तरह के आम भर गए हैं. जब आम ज्यादा हो जाता है तो लोग आम के साथ कई अन्य चीजों का सेवन भी करने लगते हैं. लेकिन आयुर्वेद में आम के साथ कुछ चीजों का सेवन एकदम वर्जित है. आयुर्वेद में जिन चीजों को विरूद्ध आहार कहा गया है उन्हें साथ में खाने की मनाही है. यहां ऐसी 5 चीजें हैं जिनका संयोजन सेहत के लिए जोखिम भरा हो सकता है. इन 5 चीजों के साथ कभी आम न खाएं. आम और दही – आयुर्वेद में आम और दही का विरुद्ध आहार माना गया है. आम की तासीर गर्म होती है जबकि दही की तासीर ठंडी होती है. इसलिए जब गर्म और ठंडी तासीर वाली चीजें एक साथ मिलती हैं तो यह शरीर की अग्नि यानी पाचन तंत्र को मंद कर देती है. आयुर्वेद के अनुसार ऐसा करने से शरीर में टॉक्सिन्स बनता है. वैज्ञानिक दृष्टि से भी आम और दही का मिश्रण शरीर में अत्यधिक गर्मी और पाचन असंतुलन पैदा कर सकता है. इससे त्वचा संबंधी समस्याएं जैसे कि मुंहासे, एक्जिमा या सोरायसिस हो सकता है. वही इससे पाचन धीमा होने लगता है और पेट फूलना और एसिडिटी की समस्या भी हो सकती है. आम और दूध वाली चाय या कॉफी –आयुर्वेद के अनुसार आम भारी या गरिष्ठ फल है. अगर इसे चाय के साथ पिएंगे तो इससे पाचन पर सीधा असर होगा. चाय या कॉफी जैसे कैफीन युक्त पेय पदार्थ शरीर में पित्त दोष को बढ़ाते हैं. इन दोनों का साथ सेवन शरीर में असंतुलन पैदा करता है जिससे घबराहट और सीने में जलन महसूस हो सकती है.आम में फ्रुक्टोज अधिक होता है और कैफीन के साथ मिलने पर यह मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करता है. चाय या कॉफी का सेवन आम खाने के तुरंत बाद करने से पाचन एंजाइम्स का स्राव रुक सकता है जिससे पेट में ऐंठन और बेचैनी हो सकती है. आम और करेला-आम और करेला भी विरूद्ध आहार माना गया है. एक तरफ आम मीठा और भारी होता है जबकि करेला कड़वा और हल्का होता है. इन विपरीत गुणों के कारण यह पेट में गैस और अपच का कारण बनता है. इसी तरह तीखे मसालों के साथ आम का सेवन रक्त की अशुद्धि का कारण बन सकता है. आम के तुरंत बाद करेला या मिर्च-मसालेदार भोजन करने से मतली और उल्टी की समस्या हो सकती है. आम का शुगर और मिर्च का कैप्साइसिन जब आपस में मिलते हैं तो यह गैस्ट्रिक म्यूकोसा में जलन पैदा करते हैं, जिससे पाचन मार्ग में सूजन आ सकती है. आम और कोल्ड ड्रिंक या सोडा- आयुर्वेद में आम खाने के बाद अत्यधिक ठंडा और गैस युक्त पेय पीना जठराग्नि को पूरी तरह बुझा देता है. यह शरीर के वात्त और पित्त दोषों को बढ़ा देता है. इससे मेटाबॉलिक वेस्ट को शरीर से बाहर निकलने में बाधा पहुंचती है. यानी इससे कब्ज हो सकती है. आम में पहले से ही शुगर की मात्रा बहुत अधिक होती है. कोल्ड ड्रिंक में भी कृत्रिम शुगर और कार्बन डाइऑक्साइड होती है. यह घातक संयोजन ब्लड शुगर लेवल को अचानक बहुत ज्यादा बढ़ा सकता है. यह डायबिटीज के रोगियों के लिए खतरनाक है. यह पेट में भारीपन और तीव्र गैस का कारण भी बनता है. आम और पानी-आयुर्वेद के अनुसार फलों को खाने के बाद तुरंत पानी पीना वर्जित है. आम के मामले में यह जठराग्नि को धीमा कर देता है जिससे आम पेट में पचने के बजाय ‘सड़ने’ लगता है, जो जोड़ों के दर्द और वात रोगों का कारण बन सकता है. आम में काफी मात्रा में फाइबर और पानी होता है. ऊपर से अतिरिक्त पानी पीने से पेट के एसिड का प्रभाव कम हो जाता है. इससे पाचन प्रक्रिया बाधित होती है और बैक्टीरिया को पनपने का मौका मिलता है, जिससे दस्त, पेट दर्द या गैस्ट्रोएंटेराइटिस होने की संभावना बढ़ जाती है. डिस्क्लेमर : यह स्टोरी सामान्य ज्ञान और इंटरनेट पर उपलब्ध जानकारी पर आधारित है. न्यूज 18 इसकी पुष्टि नहीं करता. किसी भी चीज का इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से अवश्य राय ले. About the Author Lakshmi Narayan 18 साल से ज्यादा के लंबे करियर में लक्ष्मी नारायण ने डीडी न्यूज, आउटलुक, नई दुनिया, दैनिक जागरण, हिन्दुस्तान जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। समसामयिक विषयों के विभिन्न मुद्दों, राजनीति, समाज, …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें

गर्मी में AC नहीं, यह नेचुरल चीज देगा राहत! शरीर को रखेगा फ्रिज जैसा ठंडा, एक्सपर्ट से जानें कैसे करें सेवन

गर्मी में AC नहीं, यह नेचुरल चीज देगा राहत! शरीर को रखेगा फ्रिज जैसा ठंडा, एक्सपर्ट से जानें कैसे करें सेवन

Last Updated:May 11, 2026, 17:33 IST Benefits of Consuming Katira in summer: भीषण गर्मी में करौली के ग्रामीण आज भी शरीर को ठंडा रखने के लिए पारंपरिक देसी नुस्खे कतीरा पर भरोसा करते हैं. आयुर्वेद विशेषज्ञों के अनुसार कतीरे की तासीर ठंडी होती है, जो शरीर को ठंडक देने, डिहाइड्रेशन से बचाने और लू के असर को कम करने में मदद करती है. लोग इसे रातभर भिगोकर सुबह दूध, शरबत या मिश्री के साथ सेवन करते हैं. आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. महेश जंगम ने बताया कि कतीरा फायदेमंद है, लेकिन इसका सेवन सीमित मात्रा में और विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार ही करना चाहिए. भीषण गर्मी में शरीर को अंदर से ठंडा रखना बेहद जरूरी हो जाता है. ऐसे मौसम में करौली के ग्रामीण आज भी पारंपरिक देसी नुस्खों पर भरोसा करते हैं. इन्हीं में से एक है कतीरा, जिसे आयुर्वेद में शरीर के लिए बेहद लाभकारी माना गया है. गांवों में लोग सुबह खाली पेट कतीरे का सेवन करते हैं, ताकि शरीर को ठंडक मिले और लू से बचाव हो सके. कतीरा शरीर में पानी की कमी नहीं होने देता और गर्म हवाओं के असर को कम करने में मदद करता है. ग्रामीणों का मानना है कि नियमित सेवन से शरीर तरोताजा रहता है और गर्मी से राहत मिलती है. करौली के आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. महेश जंगम के अनुसार गर्मी के मौसम में कतीरा का सेवन फायदेमंद माना जाता है, लेकिन इसे सीमित मात्रा में ही लेना चाहिए. उनका कहना है कि कतीरा शरीर को ठंडक पहुंचाने, लू से बचाव करने और शरीर में पानी की कमी को संतुलित रखने में मदद करता है. हालांकि जरूरत से ज्यादा सेवन करने पर कुछ लोगों को पेट फूलना, अपच या अन्य पेट संबंधी परेशानियां हो सकती हैं. इसलिए कतीरा का उपयोग हमेशा संतुलित मात्रा में और विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार ही करना चाहिए, ताकि शरीर को इसका पूरा लाभ मिल सके. ग्रामीणों का कहना है कि कतीरा शरीर को फ्रिज की तरह ठंडा रखने का काम करता है. यह एक प्राकृतिक गोंद होता है, जो पेड़ों से प्राप्त किया जाता है. गर्मी के मौसम में गांवों में इसका सेवन काफी लोकप्रिय माना जाता है. कतीरा को रातभर पानी में भिगोकर रखा जाता है, जिससे यह फूलकर जेली जैसा बन जाता है. सुबह लोग इसे दूध, शरबत या ठंडे पानी में मिश्री के साथ मिलाकर पीते हैं. ग्रामीणों के अनुसार इसका सेवन शरीर को ठंडक पहुंचाने, लू से बचाने और दिनभर तरोताजा बनाए रखने में मदद करता है. Add News18 as Preferred Source on Google गर्मियों के मौसम में कतीरे की मांग काफी बढ़ जाती है, क्योंकि यह शरीर को ठंडक देने के साथ ऊर्जा बनाए रखने में भी मदद करता है. आयुर्वेद विशेषज्ञों के अनुसार, कतीरे की तासीर ठंडी होती है, इसलिए इसका सेवन गर्मी में फायदेमंद माना जाता है. यह शरीर की अतिरिक्त गर्मी को कम करने, डिहाइड्रेशन से बचाने और पेट को ठंडा रखने में सहायक होता है. तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण होने वाली लू से बचाव में भी कतीरा असरदार माना जाता है. नियमित और सीमित मात्रा में सेवन करने से शरीर तरोताजा और ठंडा बना रहता है. गांवों में बुजुर्ग आज भी बच्चों और खेतों में काम करने वाले लोगों को नियमित रूप से कतीरा सेवन करने की सलाह देते हैं. उनका मानना है कि यह गर्मी और लू से बचाने में काफी मददगार होता है. विशेषज्ञों के अनुसार कतीरा शरीर में पानी की कमी नहीं होने देता और लंबे समय तक शरीर को ठंडक प्रदान करता है. यही वजह है कि किसान और मजदूरी करने वाले लोग इसका सेवन ज्यादा करते हैं. कई लोग कतीरे को मिश्री और गुलाब शरबत के साथ मिलाकर पीते हैं, जिससे इसका स्वाद बढ़ जाता है और शरीर को तुरंत ठंडक व ताजगी महसूस होती है. गर्मी के मौसम में कतीरा सिर्फ शरीर को ठंडक ही नहीं देता, बल्कि पाचन तंत्र के लिए भी फायदेमंद माना जाता है. इसका सेवन कब्ज, एसिडिटी और पेट की जलन जैसी समस्याओं में राहत पहुंचाने में मदद कर सकता है. कतीरा शरीर को अंदर से ठंडा रखकर पाचन प्रक्रिया को बेहतर बनाने में सहायक माना जाता है. महिलाओं के लिए भी इसे उपयोगी बताया जाता है, क्योंकि यह शरीर को ऊर्जा देने और कमजोरी दूर करने में मदद करता है. गर्मियों में सीमित मात्रा में इसका सेवन लाभकारी माना जाता है. गर्मी के इस मौसम में कतीरा गांवों के लोगों के लिए किसी प्राकृतिक औषधि से कम नहीं माना जाता. करौली के ग्रामीण इलाकों में आज भी लोग इसे पारंपरिक देसी नुस्खे के रूप में इस्तेमाल करते हैं. ग्रामीणों का मानना है कि कतीरा शरीर को अंदर से ठंडा रखने और लू से बचाने में काफी मददगार होता है. यही कारण है कि आधुनिक कोल्ड ड्रिंक्स और बाजारू पेयों की बजाय लोग आज भी कतीरा को ज्यादा महत्व देते हैं. गर्मियों में इसका सेवन स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है और गांवों में इसकी मांग लगातार बढ़ जाती है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

जैकलीन फर्नांडिस के सरकारी गवाह बनने पर ED की आपत्ति:एजेंसी बोली- एक्ट्रेस पीड़ित नहीं, सुकेश के जुर्म पता होने के बाद भी लिए करोड़ों के गिफ्ट

जैकलीन फर्नांडिस के सरकारी गवाह बनने पर ED की आपत्ति:एजेंसी बोली- एक्ट्रेस पीड़ित नहीं, सुकेश के जुर्म पता होने के बाद भी लिए करोड़ों के गिफ्ट

200 करोड़ रुपए के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एक्ट्रेस जैकलीन फर्नांडिस की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने दिल्ली की एक अदालत में जैकलीन की उस याचिका का विरोध किया, जिसमें उन्होंने ‘सरकारी गवाह’ बनने की मांग की थी। ईडी ने कोर्ट में साफ कहा कि जैकलीन को सुकेश चंद्रशेखर के आपराधिक बैकग्राउंड की पूरी जानकारी थी, इसके बावजूद वे उसके साथ लगातार संपर्क में रहीं और अपराध की कमाई से करोड़ों के गिफ्ट्स लेती रहीं। सुकेश के साथ लगातार संपर्क में थीं जैकलीन स्पेशल जज प्रशांत शर्मा के सामने दाखिल अपने जवाब में ईडी ने कहा कि जैकलीन कोई ऐसी मासूम पीड़िता नहीं हैं जिन्हें सुकेश के बारे में कुछ पता न हो। एजेंसी के मुताबिक, एक्ट्रेस सुकेश चंद्रशेखर के आपराधिक रिकॉर्ड को जानने के बाद भी उसके साथ रेगुलर और सस्टेंड कॉन्टैक्ट में थीं। सुकेश ने अपराध के जरिए कमाए गए पैसों से जैकलीन और उनके परिवार के लिए महंगे गिफ्ट्स, लग्जरी सामान और सुविधाओं का इंतजाम किया था। ईडी ने जोर देकर कहा कि जैकलीन का सुकेश के साथ जुड़ाव पूरी तरह सोच-समझकर लिया गया फैसला था। जांच में सहयोग न करने का आरोप एजेंसी ने जैकलीन के व्यवहार पर भी सवाल उठाए हैं। ईडी ने कोर्ट को बताया कि एक्ट्रेस ने जांच के दौरान बिल्कुल भी सहयोग नहीं किया और उनके बयान भ्रामक रहे। रिपोर्ट के मुताबिक, अगस्त 2021 से जून 2022 के बीच दर्ज किए गए जैकलीन के बयानों में कई विरोधाभास थे। ईडी ने आरोप लगाया कि एक्ट्रेस ने अपनी स्क्रिप्ट राइटर अद्वैता काला को किए गए कैश ट्रांजेक्शन, विदेश में रहने वाले भाई-बहनों को भेजे गए फंड और बहरीन में माता-पिता के लिए खरीदी गई कारों जैसी अहम जानकारियां एजेंसी से छिपाईं। ‘खुद को पीड़ित बताना सजा से बचने का पैंतरा’ ईडी ने स्पष्ट किया कि जैकलीन का खुद को ‘विक्टिम’ बताना केवल कानून से बचने का एक तरीका है। एजेंसी ने कहा, जैकलीन इस मनी लॉन्ड्रिंग प्रक्रिया में एक सक्रिय भागीदार थीं और उन्होंने अपराध की कमाई का जमकर आनंद लिया है। उन्हें सरकारी गवाह बनाना न्याय के साथ धोखा होगा और इससे अपराध की गंभीरता कम हो जाएगी। ईडी ने इस अर्जी को कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग बताया है। अब मामले की सुनवाई 12 मई को होगी। 200 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा मामला बता दें कि यह पूरा मामला ठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़ा है, जिसने रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटरों शिविंदर सिंह और मलविंदर सिंह की पत्नियों से 200 करोड़ रुपए ठगे थे। जैकलीन को इस मामले में सप्लीमेंट्री चार्जशीट में आरोपी बनाया गया था। इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने भी उनके खिलाफ मामले को रद्द करने की याचिका खारिज कर दी थी।

पंजाब भाजपा के 2 ऑफिसों पर हमला, VIDEO:लाठी-डंडे लेकर घुसे लोग, तोड़फोड़ की, पथराव किया; दीवारों-पोस्टरों पर इंक फेंकी

पंजाब भाजपा के 2 ऑफिसों पर हमला, VIDEO:लाठी-डंडे लेकर घुसे लोग, तोड़फोड़ की, पथराव किया; दीवारों-पोस्टरों पर इंक फेंकी

पंजाब में सोमवार को भाजपा के दो ऑफिसों में हंगामा और तोड़फोड़ हुई। मोहाली के जीरकपुर में 5 नकाबपोश युवक भाजपा ऑफिस में घुस गए और दीवारों व पोस्टरों पर इंक फेंककर हंगामा किया। आरोप है कि युवकों ने भाजपा नेता गुरदर्शन सैनी की तस्वीर पर भी इंक फेंकी। घटना के दौरान ऑफिस में अफरा-तफरी मच गई और आरोपी कुछ देर बाद मौके से फरार हो गए। वहीं, तरनतारन में भी भाजपा ऑफिस पर हमला हुआ। 15 से 20 लोग अचानक ऑफिस में लाठी-डंडे लेकर दाखिल हुए और तोड़फोड़ की। कुर्सियां और अन्य सामान को नुकसान पहुंचाया व नारेबाजी भी की। इस दौरान कुछ पत्थर फेंकते दिखे। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया। यहां भाजपा जिला प्रधान हरजीत सिंह संधू ने बताया कि वह किसी प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे थे, तभी 15 से 20 लोग ऑफिस में घुस आए। उन्होंने कहा कि हमलावर लगातार नारेबाजी कर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे थे। तरनतारन भाजपा ऑफिस पर हमले की 3 PHOTOS.. तरनतारन भाजपा ऑफिस पर हमला, 1 युवक पकड़ा तरनतारन में भाजपा के ऑफिस पर हमला हुआ। सोमवार दोपहर के वक्त करीब 15 से 20 लोग अचानक ऑफिस में घुस आए और जमकर हंगामा किया। हमलावरों ने कार्यालय में तोड़फोड़ की और नारेबाजी करने लगे। भाजपा नेताओं के अनुसार हमलावरों ने पंजाब एकता जिंदाबाद और भाजपा मुर्दाबाद के पोस्टर भी फेंके। घटना के दौरान भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एक हमलावर को पकड़ लिया। लेकिन उसके अन्य साथी उसे छुड़ाकर वहां से ले जाने में सफल रहे। इसके बाद सभी हमलावर मौके से फरार हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही थाना सिटी पुलिस मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। तरनतारन के SSP सुरेंद्र लांबा ने कहा कि मामले में सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। जल्द आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस आसपास के लोगों से भी पूछताछ कर रही है, ताकि घटना से जुड़े सभी तथ्यों को सामने लाया जा सके। जीरकपुर भाजपा कार्यालय पर हमले की 3 PHOTOS… जीरकपुर भाजपा ऑफिस पर हमला, दीवारों पर इंक फेंकी जीरकपुर में नकाबपोश युवक अचानक भाजपा दफ्तर में दाखिल हुए और अंदर दीवारों पर इंक फेंकना शुरू कर दिया। युवकों ने भाजपा के वरिष्ठ नेता गुरदर्शन सैनी की फोटो पर भी इंक फेंकी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आरोपी कुछ मिनट तक कार्यालय में हंगामा करते रहे और बाद में मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज कब्जे में ले ली है, जिसमें पांच नकाबपोश युवक कार्यालय की ओर आते और जाते दिखाई दे रहे हैं। भाजपा नेताओं ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि पंजाब में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक विरोधियों को डराने का प्रयास किया जा रहा है और रोजाना गुंडागर्दी की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे आम लोगों में भी भय का माहौल बन रहा है।

‘नफ़रत के भाईजान’: समाजवादी पार्टी के सांसद ने पीएम मोदी को दी गाली, बीजेपी ने किया पलटवार | भारत समाचार

Venugopal has emerged as a key contender in the race for Kerala CM

आखरी अपडेट:11 मई, 2026, 17:05 IST भाजपा नेता ने कहा कि विपक्षी नेताओं ने बार-बार पीएम मोदी पर व्यक्तिगत रूप से निशाना साधा है, जिसमें उनकी पृष्ठभूमि, जाति और परिवार के बारे में टिप्पणियां शामिल हैं। भाजपा नेता ने आगे दावा किया कि हालिया चुनावी असफलताओं से विपक्षी दलों में निराशा बढ़ गई है, जिसके कारण ऐसी टिप्पणियां की जा रही हैं। सपा सांसद ने पीएम मोदी को दी गाली: समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद अजेंद्र सिंह लोधी ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधने और उनके खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने के बाद बड़े पैमाने पर विवाद खड़ा कर दिया। पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के बीच ईंधन की खपत कम करने और मितव्ययिता उपाय अपनाने की पीएम मोदी की अपील पर पत्रकारों से बात करते हुए महोबा सांसद ने प्रधानमंत्री पर जमकर निशाना साधा और उन्हें देश का सबसे राष्ट्र-विरोधी व्यक्ति करार दिया। उन्होंने कहा, “वह बहुत दुष्ट और राष्ट्र-विरोधी व्यक्ति हैं। उनके जैसा कोई प्रधानमंत्री नहीं हुआ और आने वाली सरकारों में भी उनके जैसा कोई प्रधानमंत्री नहीं होगा।” समाजवादी पार्टी के प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के लिए समाजवादी पार्टी के प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के लिए हरामी,देशद्रोही शब्द का प्रयोग करना, लोकतंत्र की कामना करना है। इस समय में पूरी तरह से विनाश, निरश, पराजीत का भुगतान किया जा चुका है और उनका कोई भी आरोप जनता स्वीकार नहीं कर रही है। काम के पास अंत… pic.twitter.com/7FIh1TOG1e– तजिंदर बग्गा (@TajinderBagga) 11 मई 2026 बीजेपी का पलटवार भाजपा ने जल्द ही समाजवादी पार्टी नेता पर पलटवार किया, पार्टी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि इस तरह के बयान पार्टी की “राजनीतिक संस्कृति” को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा, “समाजवादी पार्टी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि यह ‘मोहब्बत की दुकान’ के बारे में नहीं है, यह ‘नफ़रत के भाईजान’ और ‘संविधान का अपमान’ के बारे में है।” गाली गलौज की दुकान, नफ़रत के भाईजानसंविधान का एपीएमएन महोबा से न्यूनतम न्यूनतम अजितेंद्र सिंह रामदेव का सिद्धांत वायरलभारत के प्रधानमंत्री को जेल प्रदर्शन के दौरान कैबिनेट में दी गई टिपण्णी pic.twitter.com/LRJPcoI4kx – शहजाद जय हिंद (कांग्रेस पारिस्थितिकी तंत्र के अनुसार चौकीदार) (@Shehzad_Ind) 11 मई 2026 भाजपा नेता ने कहा कि विपक्षी नेताओं ने बार-बार पीएम मोदी पर व्यक्तिगत रूप से निशाना साधा है, जिसमें उनकी पृष्ठभूमि, जाति और परिवार के बारे में टिप्पणियां शामिल हैं। उन्होंने दावा किया कि ओबीसी समुदाय से आने और उनकी साधारण “चायवाला” पृष्ठभूमि के कारण प्रधानमंत्री का अपमान किया गया है। पूनावाला ने विपक्षी दलों पर सनातन धर्म और संवैधानिक संस्थाओं का अपमान करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “वे सनातन को गाली देते हैं, वे संवैधानिक मूल्यों को गाली देते हैं और वे प्रधानमंत्री को बार-बार गाली देते हैं।” भाजपा प्रवक्ता ने आगे आरोप लगाया कि हाल की चुनावी हार से विपक्षी दलों में हताशा बढ़ गई है, जिसके कारण ऐसी टिप्पणियां की जा रही हैं। उन्होंने कहा, “इस देश के लोग उचित जवाब देंगे।” भाजपा नेता तजिंदर बग्गा ने भी इसी तरह की भावना व्यक्त की और कहा कि प्रधानमंत्री के खिलाफ “कमीने” और “गद्दार” जैसे शब्दों का इस्तेमाल विपक्ष की “हताशा” को दर्शाता है। समाजवादी पार्टी के प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के लिए समाजवादी पार्टी के प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के लिए हरामी,देशद्रोही शब्द का प्रयोग करना, लोकतंत्र की कामना करना है। इस समय में पूरी तरह से विनाश, निरश, पराजीत का भुगतान किया जा चुका है और उनका कोई भी आरोप जनता स्वीकार नहीं कर रही है। काम के पास अंत… pic.twitter.com/7FIh1TOG1e– तजिंदर बग्गा (@TajinderBagga) 11 मई 2026 बग्गा ने कहा, “विपक्ष पूरी तरह से हताश, निराश और पराजित है और जनता उनके किसी भी आरोप को स्वीकार नहीं कर रही है। इसलिए, विपक्ष के लिए अंत में केवल गाली और अपशब्द ही बचे हैं।” पीएम मोदी ने क्या कहा? हैदराबाद में तेलंगाना भाजपा द्वारा आयोजित एक रैली को संबोधित करते हुए, पीएम मोदी ने कहा कि केंद्र नागरिकों को पश्चिम एशिया संघर्ष के प्रतिकूल प्रभाव से बचाने की कोशिश कर रहा है और लोगों से आर्थिक लचीलेपन के लिए सामूहिक प्रयास के रूप में भाग लेने का आग्रह किया। पीएम मोदी ने कहा कि संघर्ष के कारण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं पर बढ़ते दबाव ने स्थिति से निपटने के लिए सरकार के विभिन्न प्रयासों के बावजूद पेट्रोल और उर्वरक की कीमतों में वृद्धि की है। प्रधानमंत्री ने कहा, ”इसलिए वैश्विक संकट के दौरान, देश को सर्वोपरि रखते हुए, हमें संकल्प लेना होगा।” उन्होंने नागरिकों से जहां भी उपलब्ध हो मेट्रो रेल सेवाओं का उपयोग करने, कारपूलिंग अपनाने, इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग बढ़ाने, पार्सल परिवहन के लिए रेलवे सेवाओं का उपयोग करने और पेट्रोल और डीजल की खपत को कम करने का आग्रह किया। उन्होंने विदेश यात्रा और सोने की खरीदारी को एक साल के लिए स्थगित करने का आह्वान करते हुए कहा, ”हमें किसी भी तरह से विदेशी मुद्रा बचानी होगी।” पीएम मोदी ने आगे कहा कि जहां भी संभव हो, कोविड-19 महामारी के दौरान अपनाई गई घर से काम करने की प्रणाली को पुनर्जीवित किया जाना चाहिए। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : महोबा, भारत, भारत न्यूज़ इंडिया ‘नफरत के भाईजान’: समाजवादी पार्टी के सांसद ने पीएम मोदी को दी गाली, बीजेपी ने किया पलटवार अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)अजेंद्र सिंह लोधी ने पीएम मोदी को अपशब्द कहे(टी)अजेंद्र सिंह लोधी विवाद(टी)सपा सांसद की मोदी पर टिप्पणी(टी)समाजवादी पार्टी बनाम बीजेपी(टी)एसपी सांसद पर बीजेपी की प्रतिक्रिया(टी)पीएम मोदी की ईंधन खपत अपील(टी)पश्चिम एशिया संकट का भारत पर प्रभाव(टी)मोदी पर विपक्ष के हमले

बिना तेल के सब्जी कैसे बनाएं? कुकिंग ऑयल की खपत कम करने के 5 जबरदस्त तरीके, सुधर जाएगी सेहत

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Tips To Make Oil-Free Vegetables: अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज स्ट्रेट में चल रही तनातनी का असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है. भारत समेत कई एशियाई देशों में क्रूड ऑयल की सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हुई है. इससे पेट्रोल-डीजल, गैस और फर्टिलाइजर समेत कई जरूरी सामानों की किल्लत जैसे हालात हो गए हैं. इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से पेट्रोल-डीजल का इस्तेमाल कम करने, एक साल तक सोना न खरीदने और विदेश यात्रा पर न जाने की अपील की है. पीएम ने कुकिंग ऑयल की खपत कम करने की भी अपील की है. उन्होंने कहा कि अगर कुकिंग ऑयल कम उपयोग करेंगे, तो इससे देश के खजाने का स्वास्थ्य भी सुधरेगा और परिवार के लोगों का भी स्वास्थ्य सुधरेगा. खाने-पीने में कुकिंग ऑयल का इस्तेमाल बहुत जरूरी है. सब्जी बनाने के लिए सभी लोग तेल का उपयोग करते हैं. आजकल लोग हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने की कोशिश कर रहे हैं और इसी वजह से खाने में तेल की मात्रा कम करने पर भी काफी ध्यान दिया जा रहा है. ज्यादा तेल वाला भोजन वजन बढ़ाने, हाई कोलेस्ट्रॉल और दिल से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ा सकता है. ऐसे में कई लोग यह जानना चाहते हैं कि क्या बिना तेल के भी स्वादिष्ट सब्जी बनाई जा सकती है? अच्छी बात यह है कि थोड़ी-सी स्मार्ट कुकिंग अपनाकर आप कम या बिना तेल के भी स्वाद और सेहत दोनों का संतुलन बनाए रख सकते हैं. बिना तेल के सब्जी कैसे पकाएं | How To Cook Vegetables Without Oil पानी में सब्जियां पकाना सबसे आसान तरीका है. आमतौर पर लोग तड़का लगाने के लिए तेल का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन आप इसकी जगह थोड़ा पानी डालकर मसालों और प्याज-टमाटर को धीमी आंच पर पका सकते हैं. इससे मसाले अच्छी तरह गल जाते हैं और स्वाद भी बना रहता है. इसे वॉटर सॉटे तकनीक भी कहा जाता है, जो हेल्दी कुकिंग में लोकप्रिय हो रही है. नॉन-स्टिक पैन का इस्तेमाल भी तेल की खपत कम करने का शानदार तरीका माना जाता है. ऐसे बर्तनों में सब्जियां चिपकती नहीं हैं, इसलिए बहुत कम या बिल्कुल बिना तेल के भी खाना आसानी से बन जाता है. अगर आप सामान्य कड़ाही की जगह अच्छी क्वालिटी का नॉन-स्टिक या सिरेमिक पैन इस्तेमाल करते हैं, तो तेल की जरूरत काफी कम हो सकती है. तीसरा तरीका है स्टीमिंग और उबालकर पकाना. लौकी, तोरी, गाजर, बीन्स, पालक और मिक्स वेज जैसी कई सब्जियां भाप में पकाने के बाद हल्के मसालों के साथ बेहद स्वादिष्ट लगती हैं. इससे सब्जियों के पोषक तत्व भी काफी हद तक सुरक्षित रहते हैं. चाहें तो बाद में नींबू, काली मिर्च और भुना जीरा डालकर स्वाद को और बेहतर बनाया जा सकता है. ग्रेवी वाली सब्जियों में दही, टमाटर प्यूरी या प्याज का पेस्ट इस्तेमाल करना भी अच्छा विकल्प हो सकता है. कई लोग ग्रेवी को गाढ़ा करने के लिए ज्यादा तेल डालते हैं, लेकिन इसकी जगह दही, बेसन, ओट्स पाउडर या नारियल दूध का इस्तेमाल किया जा सकता है. इससे सब्जी क्रीमी भी बनती है और अतिरिक्त तेल की जरूरत भी कम पड़ती है. अगर आप खाना बनाने में थोड़ा तेल इस्तेमाल भी करना चाहते हैं, तो स्प्रे बोतल या माप वाले चम्मच का उपयोग करें. अक्सर लोग अंदाजे से ज्यादा तेल डाल देते हैं, जबकि नियंत्रित मात्रा में तेल इस्तेमाल करने से उसकी खपत काफी कम की जा सकती है. साथ ही डीप फ्राई की जगह ग्रिलिंग, रोस्टिंग या एयर फ्राइंग जैसे विकल्प भी अपनाए जा सकते हैं. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.

पश्चिम बंगाल: बंगाल में 3 अपराधी और 13 दिन की तानाशाही.. शुभेंदु डुके में अब तक क्या-क्या हुआ?

पश्चिम बंगाल: बंगाल में 3 अपराधी और 13 दिन की तानाशाही.. शुभेंदु डुके में अब तक क्या-क्या हुआ?

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ हत्याकांड मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और अब उन्हें बंगाल पुलिस की सी डाटाबेस की कस्टडी में भेजा गया है। मयंक राज मिश्रा, विकी मौर्या और राज सिंह को कोर्ट ने 13 दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा है। अहम ये है कि बंगाल पुलिस के साथ-साथ बिहार पुलिस भी जांच में अभिषेक की बात कर रही थी. पुलिस ने अदालत को बताया कि चार के पास से रिजर्व बैंक की बाकी सीटें हैं। इसके साथ ही कुछ सहयोगी साथियों की भी तलाश चल रही है। पुलिस का कहना है कि उसने इस मार्किट केस की पूरी चेन का पता लगाने में कामयाबी हासिल की है, जिससे पता चला है कि हत्या के लिए कब रेकी की गई और कैसे की गई। पुलिस ने पूरे मामले की जांच की और खुलासा किया कि हत्याकांड को अंजाम दिया गया। इस ग्राउंड पर कोर्ट ने वेस्ट बंगाल पुलिस की सी डाटाबेस को 13 दिन की कस्टडी में रखा है। चार के खिलाफ किस धारा में केस दर्ज किया गया पुलिस ने रविवार को मयंक राज मिश्रा और मोनिका मौर्य को बिहार के मुक्केबाज से हिरासत में ले लिया था। तीसरा बच्चा राज सिंह उत्तर प्रदेश के बलिया से पकड़ा गया था। 10 मई को पूछताछ के आधार पर सोमवार (11 मई) को सुबह आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। इन पर धारा 103(1)/111(2)(a)/126(2)/ 3(5) एवं 61(1) BNS r/w 25/27 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है. चौथे को 13 दिन की पुलिस जज में भेजा गया है। चार तक कैसे जांच पुलिस प्रारंभिक जांच में पता चला है कि शुभेंदु अधिकारी के पीए रथ के वाहन मध्यमग्राम क्रॉसिंग के पास दोहाड़िया इलाके में एक कार में सवार थे और उसी समय एक मोटरसाइकिल भी खड़ी थी। जांच में यह भी पता चला है कि दंगों में इस्तेमाल की गई रिंदा कार हत्या से पहले बाली टोल प्लाजा से गुजरी थी। उस दौरान कार में सवार एक व्यक्ति ने यूपीआई के माध्यम से टोल का भुगतान किया था। दावा किया जा रहा है कि इसी यूपीआई के माध्यम से पुलिस पोस्ट तक की जानकारी दी जा रही है। यह भी पढ़ें : बीएसएफ को जमीन, मासूम का आदेश और ममता बनर्जी की…बंगाल में शुभेंदु कैबिनेट ने लिए ये 6 बड़े फैसले (टैग्सटूट्रांसलेट)इंडिया(टी)पश्चिम बंगाल(टी)सुवेंदु अधिकारी(टी)बंगाल सीएम(टी)सुवेंदु अधिकारी; सुवेंदु अधिकारी पीएम हत्याकांड; सुवेंदु अधिकारी पीएम हत्याकांड के आरोपी पुलिस हिरासत में; पीएम हत्याकांड के आरोपी सुवेंदु अधिकारी सीआईडी ​​की हिरासत में.

मसूढ़ों में दर्द हो या खून की कमी…गूलर का फल रामबाण, बुजुर्गों वाली ये ट्रिक लाखों में एक

मसूढ़ों में दर्द हो या खून की कमी...गूलर का फल रामबाण, बुजुर्गों वाली ये ट्रिक लाखों में एक

Last Updated:May 11, 2026, 16:58 IST Gular fruit benefits : गांवों में लोग गूलर के पेड़ को बहुत उपयोगी मानते हैं. पुराने समय में जब दवाइयां आसानी से उपलब्ध नहीं थीं, तब लोग गूलर का उपयोग घरेलू उपचार में करते थे. आज भी कई बुजुर्गों को इसके फायदों पर अटूट भरोसा है. लोकल 18 ने इस बारे में गोंडा के वैद्य नंदू प्रसाद से बात की. वे बताते हैं कि गूलर का पका फल सीधे खाया जा सकता है. कुछ लोग इसका चूर्ण बनाकर दूध या पानी के साथ लेते हैं. लोग इसकी छाल का काढ़ा बनाकर कुल्ला करते हैं. इससे मुंह के छाले, मसूड़ों की सूजन और दांत दर्द में राहत मिलती है. वैद्य नंदू प्रसाद बताते हैं कि गूलर का पका फल सीधे खाया जा सकता है. कुछ लोग इसका चूर्ण बनाकर दूध या पानी के साथ लेते हैं. इसकी सब्जी भी बनाई जाती है. ग्रामीण लोग गूलर के दूध का सेवन भी करते हैं. इससे पेट से जुड़ी समस्या दूर होती है. इसकी छाल का काढ़ा भी बनाया जाता है, लेकिन किसी भी चीज का जरूरत से ज्यादा सेवन नुकसानदायक हो सकता है, इसलिए सीमित मात्रा में ही इसका भी उपयोग करना चाहिए. यदि आप किसी बड़ी बीमारी की चपेट में हैं तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें. गूलर का फल महिलाओं के लिए रामबाण है. आयुर्वेद में इसे शरीर को अंदर से मजबूत बनाने वाला प्राकृतिक फल बताया गया है. इसके सेवन से शरीर की कमजोरी कम करने में मदद मिलती है. गूलर में मौजूद प्राकृतिक गुण शरीर की ऊर्जा बनाए रखते हैं. गूलर की छाल मुंह से जुड़ी कई समस्याओं में फायदेमंद मानी जाती है. ग्रामीण इलाकों में आज भी लोग इसकी छाल का काढ़ा बनाकर कुल्ला करते हैं. माना जाता है कि इससे मुंह के छाले, मसूड़ों की सूजन और दर्द में राहत मिलती है. गूलर की छाल के प्राकृतिक गुण मुंह को साफ रखने में मदद करते हैं और बैक्टीरिया को कम करने में सहायक हैं. कई लोग इसे मुंह की दुर्गंध दूर करने के लिए भी इस्तेमाल करते हैं. आयुर्वेद में भी गूलर की छाल को औषधीय गुणों से भरपूर बताया गया है. हालांकि, अगर समस्या लंबे समय तक बनी रहे या ज्यादा तकलीफ हो, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है. घरेलू उपाय केवल सामान्य परेशानी में ही उपयोगी है. Add News18 as Preferred Source on Google गूलर का फल देखने में साधारण लगता है, लेकिन इसके अंदर कई औषधीय गुण छिपे होते हैं. इसका फल, छाल, पत्ते और दूध तक कई रोगों में काम आते हैं. गूलर का पेड़ ज्यादातर गांव और जंगल वाले इलाकों में आसानी से मिल जाता है. इसका फल छोटे आकार का होता है और पकने पर लाल या बैंगनी रंग का दिखाई देता है. ग्रामीण इलाकों में आज भी कई लोग गूलर को प्राकृतिक ताकत बढ़ाने वाला फल मानते हैं. आयुर्वेद में भी गूलर को स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद बताया गया है. नियमित और सीमित मात्रा में इसका सेवन शरीर को अंदर से मजबूत बनाने में मदद कर सकता है. हालांकि, किसी भी चीज का अधिक सेवन नुकसानदायक हो सकता है, इसलिए संतुलित मात्रा में ही इसका उपयोग करें. गूलर का फल खून बढ़ाने में भी मददगार है. इसमें आयरन और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो कमजोरी और थकान को दूर करने में सहायक हैं. जिन लोगों को खून की कमी की समस्या रहती है, उनके लिए इसका सेवन लाभकारी है. नियमित और सीमित मात्रा में गूलर खाने से शरीर को ताकत मिलती है. आयुर्वेद में इसे सेहत के लिए उपयोगी फल बताया गया है. गूलर का फल डायबिटीज के मरीजों के लिए भी उपयोगी है. इसके सेवन शरीर में शुगर लेवल को नियंत्रित रखा जा सकता है. हालांकि, डायबिटीज एक गंभीर बीमारी है, इसलिए किसी भी घरेलू उपाय को अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है. सही मात्रा और सही तरीके से इस्तेमाल करने पर गूलर स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है. वैद्य नंदू प्रसाद बताते हैं कि गूलर का फल पेट से जुड़ी कई समस्याओं में बेहद फायदेमंद है. जिन लोगों को कब्ज, अपच, गैस या कमजोर पाचन की परेशानी रहती है, उनके लिए इसका सेवन लाभकारी हो सकता है. यह पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में मदद करता है और पेट को साफ रखने में सहायक माना जाता है. ग्रामीण इलाकों में लोग पके हुए गूलर के फल को सुखाकर उसका चूर्ण तैयार करते हैं और नियमित रूप से इस्तेमाल करते हैं. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।